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खेल

रायपुर : अंडर-18 एशिया कप विजेता हॉकी खिलाड़ी अवि मानिकपुरी ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से की सौजन्य भेंट

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युवा खिलाडि़यों की उपलब्धियां बढ़ा रही हैं छत्तीसगढ़ का गौरव – मुख्यमंत्री साय

अंडर-18 एशिया कप विजेता हॉकी खिलाड़ी अवि मानिकपुरी ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय से की सौजन्य भेंट

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में भारतीय अंडर-18 हॉकी टीम के एशिया कप विजेता सदस्य अवि मानिकपुरी ने सौजन्य मुलाकात की। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री अरुण साव उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अवि मानिकपुरी को अंडर-18 एशिया कप में भारत की ऐतिहासिक विजय में महत्वपूर्ण योगदान के लिए हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के युवा खिलाड़ी अपनी प्रतिभा, अनुशासन और कड़ी मेहनत के बल पर राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन कर प्रदेश और देश का नाम रोशन कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने अवि मानिकपुरी को उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि वे इसी समर्पण और लगन के साथ आगे बढ़ते रहें तथा आने वाले समय में भारतीय हॉकी को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं। उन्होंने कहा कि अवि की उपलब्धि प्रदेश के युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है और यह साबित करती है कि अवसर और संकल्प मिलने पर छत्तीसगढ़ की प्रतिभाएं विश्व मंच पर अपनी पहचान बना सकती हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार खेल और खिलाडि़यों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। प्रदेश में खेल अधोसंरचना के विकास और खिलाडि़यों को आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने के प्रयासों से युवाओं को अपनी प्रतिभा निखारने के नए अवसर मिल रहे हैं।

उल्लेखनीय है कि बिलासपुर निवासी अवि मानिकपुरी भारत के उभरते हुए हॉकी खिलाडि़यों में शामिल हैं। उन्होंने हाल ही में जापान में आयोजित अंडर-18 एशिया कप प्रतियोगिता में भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व करते हुए उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। भारतीय टीम ने पूरे टूर्नामेंट में शानदार खेल का प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किया, जिसमें अवि मानिकपुरी की महत्वपूर्ण भूमिका रही। इस अवसर पर  छत्तीसगढ़ हॉकी संघ के अध्यक्ष फिरोज अंसारी, महासचिव डॉ. मनीष श्रीवास्तव तथा अंतरराष्ट्रीय हॉकी खिलाड़ी मृणाल चौबे उपस्थित थे।

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खेल

विनोद कांबली वृद्धाश्रम में दिखे:बोले- यहां अच्छी सुविधाएं हैं, ऐसा महसूस नहीं होता कि घर से दूर हूं

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मुंबई, एजेंसी। पूर्व भारतीय क्रिकेटर विनोद कांबली का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में कांबली ठाणे के वृद्धाश्रम ‘निदान सेंटर फॉर एल्डरली केयर’ में नजर आ रहे हैं।

वीडियो में कांबली कहते दिखे कि यहां अच्छी सुविधाएं हैं। यहां लोगों से बहुत प्यार और सम्मान मिल रहा है। ऐसा महसूस ही नहीं होता कि अपने घर से दूर हूं। हालांकि, कांबली वृद्धाश्रम में रहने गए हैं या नहीं, इस बात की पुष्टि नहीं हुई है।

कांबली को स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतें

विनोद कांबली काफी समय से बीमारी, पैसों की कमी और अपनी निजी जिंदगी की परेशानियों की वजह से लगातार खबरों में रहे हैं। इससे पहले भी उनके ऐसे वीडियो वायरल हुए थे, जिनमें वे बिना किसी के सहारे चल भी नहीं पा रहे थे।

कांबली के करीबी दोस्त मार्कस कूटो ने बताया था कि उनकी मानसिक स्थिति काफी नाजुक है। उनकी याददाश्त इतनी कमजोर हो गई है कि वे अक्सर भूल जाते हैं कि उन्हें क्या करना है और क्या नहीं। उन्होंने शराब छोड़ दी है, लेकिन वे अक्सर भूल जाते हैं कि उन्हें स्मोकिंग नहीं करना है। वे घर के नीचे जाकर राहगीरों या ऑटो वालों से सिगरेट मांग लेते हैं।

कांबली साल 1993 से 2000 तक भारत के लिए खेले ​​​​​​

कांबली ने भारत के लिए 17 टेस्ट मैच और 104 वनडे मैच खेले हैं। उन्होंने वनडे क्रिकेट में 2477 रन बनाए, जिसमें 2 शतक और 14 अर्धशतक शामिल है। टेस्ट में 4 शतक के साथ उनके 1084 रन हैं। वे भारत के लिए 1993 से 2000 तक खेले।

वे घरेलू क्रिकेट में आखिरी बार साल 2004 में नजर आए। कांबली ने फर्स्ट क्लास क्रिकेट में 9665 रन बनाए। इसमें उनका हाईएस्ट स्कोर 262 रन है।

सचिन के साथ वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया था

कांबली और सचिन तेंदुलकर के बचपन के दोस्त हैं। दोनों ने मुंबई की मशहूर कांगा लीग में एकसाथ डेब्यू किया था। तेंदुलकर-कांबली ने स्कूल में वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया था। दोनों ने शारदाश्रम स्कूल की तरफ से खेलते हुए 664 रनों की साझेदारी निभाई थी।

इस साझेदारी में कांबली ने नॉटआउट 349 रन बनाए थे। यहीं से दोनों चर्चा में आए। तेंदुलकर ने 1988 में रणजी में डेब्यू किया था, जबकि कांबली को ये मौका एक साल बाद 1989 में मिला।

सचिन तेंदुलकर और विनोद कांबली एक ही स्कूल में पढ़ते थे। दोनों को कोच रमाकांत आचरेकर ने क्रिकेट की बारीकियां सिखाई थीं।

सचिन तेंदुलकर और विनोद कांबली एक ही स्कूल में पढ़ते थे। दोनों को कोच रमाकांत आचरेकर ने क्रिकेट की बारीकियां सिखाई थीं।

1996 वर्ल्ड कप में मैदान पर रोए

13 मार्च 1996 को कोलकाता के ईडन गार्डन्स में भारत और श्रीलंका के बीच वर्ल्ड कप का सेमीफाइनल खेला गया। श्रीलंका ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 251 रन बनाए। जवाब में भारतीय टीम ने एक समय 98 रन पर सिर्फ एक विकेट गंवाया था और अच्छी स्थिति में थी। लेकिन सचिन तेंदुलकर के आउट होते ही भारतीय पारी लड़खड़ा गई। टीम इंडिया ने 120 रन तक पहुंचते-पहुंचते 8 विकेट गंवा दिए।

35वां ओवर शुरू होना था और भारत को 89 गेंदों में 132 रन चाहिए थे। विनोद कांबली 10 रन और अनिल कुंबले बिना खाता खोले क्रीज पर थे। तभी दर्शकों ने मैदान पर बोतलें फेंकना शुरू कर दिया। स्टेडियम के एक हिस्से में आग भी लगा दी गई। हालात बिगड़ने के बाद मैच रोक दिया गया और श्रीलंका को विजेता घोषित कर दिया गया।

मैच खत्म होने के बाद जब भारतीय खिलाड़ी मैदान से बाहर लौट रहे थे, तब विनोद कांबली अपने आंसू नहीं रोक सके। वह मैदान पर ही रो पड़े

मैच खत्म होने के बाद नाबाद रहे कांबली मैदान पर ही रोने लगे थे।

मैच खत्म होने के बाद नाबाद रहे कांबली मैदान पर ही रोने लगे थे।

कांबली ने कीं दो शादियां

कांबली की निजी जिंदगी भी कुछ खास सफल नहीं रही। उन्होंने 1998 में नोएला लुईस से पहली शादी की थी। बाद में दोनों का डिवोर्स हो गया।

इसके बाद कांबली ने फैशन मॉडल एंड्रिया हेविट से शादी की और अब तक साथ हैं। जून 2010 में एंड्रिया ने कांबली के बेटे जीसस क्रिस्टियानो को जन्म दिया।

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कोरबा

कोरबा की बेटी संजू देवी ने एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक जीतकर बढ़ाया देश-प्रदेश का गौरव – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

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मुख्यमंत्री ने भारतीय महिला कबड्डी टीम की सदस्य संजू देवी से फोन पर की आत्मीय बातचीत, स्वर्णिम सफलता के लिए दी बधाई

मुख्यमंत्री ने कहा – संजू देवी की उपलब्धि प्रदेश की बेटियों और युवा खिलाड़ियों के लिए बनेगी प्रेरणा

एशियन गेम्स 2026 में भारतीय महिला कबड्डी टीम ने ईरान को पराजित कर जीता स्वर्ण पदक

भारतीय टीम की ऐतिहासिक जीत में कोरबा की संजू देवी ने निभाई महत्वपूर्ण भूमिका

कोरबा, 26 सितंबर 2026। जापान के आइची-नागोया में आयोजित एशियन गेम्स 2026 में भारतीय महिला कबड्डी टीम ने स्वर्ण पदक अपने नाम किया। इस स्वर्णिम सफलता में कोरबा जिले के ग्राम केराकछार की रहने वाली भारतीय महिला कबड्डी खिलाड़ी संजू देवी (संजू यादव) ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। भारत ने फाइनल मुकाबले में ईरान को पराजित कर स्वर्ण पदक हासिल किया।

भारतीय महिला कबड्डी टीम की इस ऐतिहासिक सफलता पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कोरबा की बेटी संजू देवी से फोन पर आत्मीय बातचीत की और उन्हें स्वर्ण पदक जीतने पर बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री ने संजू के उत्कृष्ट प्रदर्शन की सराहना करते हुए कहा कि उनकी उपलब्धि से पूरा छत्तीसगढ़ गौरवान्वित है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि संजू देवी ने अपनी प्रतिभा, कड़ी मेहनत और खेल कौशल के बल पर न केवल छत्तीसगढ़, बल्कि पूरे देश का नाम रोशन किया है। एशियन गेम्स जैसे प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारतीय महिला कबड्डी टीम की स्वर्णिम सफलता में छत्तीसगढ़ की बेटी की भागीदारी प्रदेश के लिए विशेष गौरव का विषय है। उन्होंने कहा कि संजू की सफलता प्रदेश की उन बेटियों और युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा बनेगी, जो खेल के क्षेत्र में आगे बढ़कर देश और प्रदेश का नाम रोशन करने का सपना देखते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ की बेटियां आज शिक्षा, खेल सहित विभिन्न क्षेत्रों में अपनी प्रतिभा और सामर्थ्य का परिचय दे रही हैं। कोरबा के छोटे से गांव केराकछार से निकलकर राष्ट्रीय टीम तक पहुंचने और अब एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक जीतने वाली टीम का हिस्सा बनना संजू देवी की मेहनत और संघर्ष का परिणाम है। प्रदेश सरकार राज्य की खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए बेहतर प्रशिक्षण, सुविधाएं और अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है, ताकि गांवों, आदिवासी अंचलों और छोटे शहरों की प्रतिभाएं राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना सकें।
संजू देवी का जन्म 19 दिसंबर 2002 को हुआ। उनके पिता रामजी यादव ड्राइवर एवं दैनिक मजदूरी का कार्य करते हैं, जबकि माता श्रीमती अमरिका बाई गृहिणी हैं। उनका मूल निवास ग्राम केराकछार, पाली ब्लॉक, जिला कोरबा है। साधारण पारिवारिक पृष्ठभूमि से आने वाली संजू ने अपने खेल के जुनून और निरंतर मेहनत के बल पर अंतरराष्ट्रीय स्तर तक का सफर तय किया है।
संजू ने कक्षा पांचवीं से अपने गांव के स्कूल में कबड्डी खेलना शुरू किया था। उनकी प्रतिभा को जिला कबड्डी संघ के कोच अनुज प्रताप सिंह ने पहचाना और उन्हें प्रशिक्षण एवं मार्गदर्शन दिया। इसके बाद संजू ने कबड्डी में लगातार बेहतर प्रदर्शन करते हुए राष्ट्रीय स्तर पर अपनी जगह बनाई। वर्तमान में वे बहतराई बालिका आवासीय खेल अकादमी, बिलासपुर में प्रशिक्षण प्राप्त कर रही हैं।
शिक्षा के क्षेत्र में भी संजू ने अपनी पढ़ाई जारी रखी। उन्होंने शासकीय महाविद्यालय, कटघोरा से उच्च शिक्षा प्राप्त की तथा आईटीआई की पढ़ाई भी पूरी की है। कबड्डी में वे मुख्य रूप से रेडर की भूमिका निभाती हैं।
संजू देवी के अंतरराष्ट्रीय करियर में वर्ष 2025 भी महत्वपूर्ण रहा। ढाका, बांग्लादेश में आयोजित महिला कबड्डी वर्ल्ड कप में उन्होंने भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व किया और टीम की स्वर्ण पदक जीत में योगदान दिया। वे 2025 की विश्व कप विजेता भारतीय टीम की सदस्य रहीं और टूर्नामेंट में उनके प्रदर्शन को भी विशेष रूप से सराहा गया। एशियन गेम्स 2026 के लिए भारतीय महिला टीम की घोषित 12 सदस्यीय टीम में भी संजू देवी शामिल रहीं।
एशियन गेम्स 2026 में संजू ने प्रतियोगिता के शुरुआती मुकाबलों में भी भारतीय टीम के आक्रमण में अहम भूमिका निभाई। बांग्लादेश के खिलाफ भारत की 42-21 की जीत में उनके सफल रेड निर्णायक रहे। सेमीफाइनल में नेपाल के खिलाफ भारत की 48-24 की जीत में भी संजू देवी ने लगातार प्रभावी रेड कर टीम की जीत में योगदान दिया।
संजू देवी की यह उपलब्धि कोरबा सहित पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गौरव का विषय है। गांव के स्कूल से कबड्डी का सफर शुरू करने वाली संजू ने अंतरराष्ट्रीय खेल मंच पर अपनी पहचान बनाई है। एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक जीतकर उन्होंने अपने परिवार, कोरबा और छत्तीसगढ़ का मान बढ़ाया है।

इस अवसर पर छत्तीसगढ़ ओलिंपिक संघ के महासचिव विक्रम सिसोदिया भी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री श्री साय ने भारतीय महिला कबड्डी टीम के सभी खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों एवं सहयोगी स्टाफ को भी स्वर्णिम सफलता के लिए बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

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खेल

भारत को एक दिन में कबड्डी के दो गोल्ड:एशियन गेम्स में महिला और पुरुष टीमें चैंपियन, दोनों ने फाइनल में ईरान को हराया

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नागोया/नई दिल्ली, एजेंसी। भारत ने एशियन गेम्स में एक ही दिन कबड्डी के दोनों गोल्ड जीत लिए। महिला टीम ने फाइनल में ईरान को 37-34 से हराया। इसके बाद पुरुष टीम ने भी ईरान को 40-34 से हराकर गोल्ड अपने नाम किया।

शनिवार को पुरुष टीम ने एशियन गेम्स में लगातार 10वीं बार मेडल जीता। महिला टीम ने लगातार 5वें एशियाड में मेडल हासिल किया।

कबड्डी के अलावा तजिंदरपाल सिंह तूर ने पुरुषों के शॉटपुट में सिल्वर मेडल जीता। वहीं, स्क्वॉश में 18 साल की अनाहत सिंह विमेंस सिंगल्स के फाइनल में पहुंचीं। अभय सिंह ने मेंस सिंगल्स के फाइनल में जगह बनाई। यह पहली बार है जब एशियन गेम्स में भारत के दो खिलाड़ी सिंगल्स कैटेगरी के फाइनल में पहुंचे हैं।

भारत की मेंस और विमेंस कबड्डी टीम ने ईरान को हराया।

भारत की मेंस और विमेंस कबड्डी टीम ने ईरान को हराया।

हाफटाइम में पीछे था भारत, दूसरे हाफ में पलटा मैच

ईरान ने पहले हाफ के आखिर में बढ़त बना ली और ब्रेक तक स्कोर 18-17 उसके पक्ष में था। दूसरे हाफ की शुरुआत में भी ईरान ने दबाव बनाए रखा, लेकिन भारत ने धीरे-धीरे मैच का रुख बदल दिया। सुमित ने डिफेंस में लगातार अहम टैकल किए, जबकि अर्जुन देशवाल ने रेडिंग में अंक जुटाए। भारत ने 21-21 की बराबरी के बाद बढ़त बनानी शुरू की।आखिर में भारत ने 40-34 से जीत दर्ज कर गोल्ड मेडल अपने नाम कर लिया।

महिला टीम ने भी ईरान को हराया

महिला कबड्डी टीम ने ईरान को 37-34 से हराकर गोल्ड जीता था। भारत ने मुकाबले में कई मौकों पर बढ़त बनाई, लेकिन ईरान ने वापसी की कोशिश जारी रखी। आखिरी मिनटों में भारतीय डिफेंस ने बढ़त बनाए रखी और मैच 37-34 से अपने नाम किया।

स्क्वॉश में भी दो फाइनलिस्ट

अनाहत सिंह ने जापान की वर्ल्ड नंबर-6 खिलाड़ी सातोमी वतनाबे को 3-2 से हराकर विमेंस सिंगल्स के फाइनल में जगह बनाई। अनाहत एक समय 2-0 से पीछे थीं और तीसरे गेम में भी उन्हें दो मैच पॉइंट बचाने पड़े। इसके बाद उन्होंने लगातार वापसी करते हुए मैच जीत लिया।

वहीं अभय सिंह ने पाकिस्तान के मुहम्मद इरफान को 3-0 से हराकर मेंस सिंगल्स फाइनल में प्रवेश किया। उन्होंने 11-3, 12-10, 11-6 से मुकाबला जीता।

मैराथन में 44 साल बाद मेडल

एथलेटिक्स में सावन बरवाल ने पुरुष मैराथन में सिल्वर मेडल जीता। उन्होंने 2 घंटे 11 मिनट 37 सेकंड का समय निकाला। एशियन गेम्स की पुरुष मैराथन में भारत को 44 साल बाद मेडल मिला है। इससे पहले 1982 के दिल्ली एशियन गेम्स में भारत ने इस इवेंट में ब्रॉन्ज जीता था।

मैराथन दौड़ 42 किलोमीटर की होती है, जबकि हाफ मैराथन 21.097 किलोमीटर होती है।

शूटिंग में टीम सिल्वर

महिलाओं की 50 मीटर राइफल 3 पोजिशन टीम इवेंट में आशी चौकसे, तिलोत्तमा सेन और विदार्शा विनोद की भारतीय टीम ने सिल्वर मेडल जीता। चीन की टीम पहले स्थान पर रही। भारत के लिए तिलोत्तमा सेन और विदार्शा विनोद ने व्यक्तिगत फाइनल में भी जगह बनाई, जहां वे क्रमशः चौथे और पांचवें स्थान पर रहीं।

हॉकी में सेमीफाइनल में पहुंचा भारत

डिफेंडिंग चैंपियन भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने मेजबान जापान को 2-0 से हराकर सेमीफाइनल में जगह बना ली। भारत ने ग्रुप स्टेज में इससे पहले इंडोनेशिया को 13-1, श्रीलंका को 16-1 और दक्षिण कोरिया को 8-2 से हराया था। जापान के खिलाफ जीत उसकी लगातार चौथी जीत रही।

भारत के लिए दिन में कई और अहम नतीजे

  • बैडमिंटन में उन्नति हुड्डा ने इंडोनेशिया की वर्ल्ड नंबर-6 पुत्री कुसुमा वारदानी को 21-19, 21-13 से हराकर क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई। वहीं ट्रीसा जॉली और गायत्री गोपीचंद ने जापान की वर्ल्ड नंबर-3 जोड़ी को हराकर महिला डबल्स के क्वार्टर फाइनल में प्रवेश किया।
  • बॉक्सिंग में प्रिया घंघास ने दक्षिण कोरिया की ओह येओन-जी को 5-0 से हराकर क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई। कपिल पोखरिय ने भी ईरान के सैम एस्ताकी को 5-0 से हराकर अंतिम-8 में प्रवेश किया।
  • इस तरह एशियन गेम्स के 7वें दिन कबड्डी के दो गोल्ड, मैराथन और शूटिंग के सिल्वर, स्क्वॉश के फाइनल और हॉकी के सेमीफाइनल में पहुंचने से भारत के लिए दिन बेहद अहम रहा।

इंडिया मेडल टैली के 10वें स्थान पर पहुंचा

भारत ने अब तक 4 गोल्ड, 11 सिल्वर और 13 ब्रॉन्ज सहित 28 मेडल जीत लिए हैं। टीम 10वें स्थान पर है।

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