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NCR के लिए क्षेत्रीय योजना-2041 के तहत चार ग्रीनफील्ड शहर विकसित किए जाएंगे

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नई दिल्ली, एजेंसी। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) के लिए क्षेत्रीय योजना-2041 के तहत समूचे क्षेत्र में संतुलित क्षेत्रीय विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से उच्च गति परिवहन नेटवर्क से जुड़े चार ग्रीनफील्ड शहर विकसित किए जाएंगे। यह फैसला केंद्रीय आवास एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल खट्टर की अध्यक्षता में राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र योजना बोर्ड (एनसीआरपीबी) की मंगलवार को हुई बैठक में लिया गया। मसौदा योजना में उत्तर प्रदेश, हरियाणा और राजस्थान में नए आर्थिक और आवासीय केंद्र विकसित कर विकेंद्रीकृत शहरी विकास को बढ़ावा देने की दीर्घकालिक रणनीति का खाका प्रस्तुत किया गया। 

अधिकारियों ने बताया कि राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) को तीन जोन में विभाजित किए जाने की संभावना है। इसके तहत प्रदूषण संबंधी और अन्य प्रतिबंध केवल दिल्ली तथा उससे सटे केंद्रीय एनसीआर क्षेत्रों में लागू होंगे, जबकि राजधानी से अपेक्षाकृत दूर स्थित जिलों को इन प्रतिबंधों से छूट मिलेगी। एनसीआरपीबी ने हरियाणा के उस प्रस्ताव को स्वीकार नहीं किया जिसमें करनाल, जींद, पानीपत, महेंद्रगढ़ और भिवानी जैसे पांच बाहरी जिलों को एनसीआर से बाहर करने की मांग की गई थी। बैठक के बाद लाल ने पत्रकारों को बताया, ”बैठक में चार ग्रीनफील्ड शहर विकसित करने का फैसला किया गया। इन शहरों को ‘नमो नोड्स’ कहा जाएगा।” 

‘सिटी नोड’ एक ऐसा नियोजित शहरी केंद्र होता है, जो परिवहन नेटवर्क के माध्यम से अन्य शहरों से जुड़ा होता है और जहां आवास, रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं तथा व्यावसायिक गतिविधियों के लिए आवश्यक बुनियादी ढांचा उपलब्ध कराया जाता है। उन्होंने कहा कि इन शहरों के लिए 5,000 करोड़ रुपये जारी किए जाएंगे। मंत्री ने कहा कि राज्य अपने प्रस्ताव सौंपेंगे और प्रतिस्पर्धी प्रक्रिया के माध्यम से इन चार शहरों का चयन किया जाएगा। मंत्री ने बताया कि एनसीआर की मौजूदा आबादी 7.5 करोड़ है और अगले 15 साल में इसके बढ़कर 15 करोड़ होने की उम्मीद है। आने वाले दशकों में यह इलाका अत्यधिक शहरीकृत हो जाएगा; 2031 तक शहरी आबादी लगभग 57 प्रतिशत और 2041 तक लगभग 67 प्रतिशत हो जाएगी। लाल ने कहा कि बैठक में राज्यों ने क्षेत्रीय योजना 2041 के हर पहलू पर चर्चा की। उन्होंने यह भी कहा कि दो महीने बाद एक और बैठक होगी जिसमें इसे अंतिम रूप से घोषित किया जाएगा। 

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और राजस्थान तथा उत्तर प्रदेश के शहरी विकास मंत्रियों ने बैठक में हिस्सा लिया। अधिकारियों के मुताबिक, दिल्ली में भीड़ कम करने और तेजी से बढ़ती आबादी की जरूरतों को पूरा करने के दोहरे मकसद को ध्यान में रखते हुए उत्पादक आर्थिक गतिविधियों पर आधारित चार नए ग्रीनफील्ड उपनगर विकसित किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि एनसीआरपीबी ने छह पड़ोसी राज्यों में फैले नौ काउंटर मैग्नेट एरिया (सीएमए) की भी पहचान की है। इनमें हिसार, अंबाला, कोटा, जयपुर, पटियाला-राजपुरा, कानपुर-लखनऊ, बरेली, ग्वालियर और देहरादून शामिल हैं। सीएमए ऐसे शहरी केंद्र होते हैं जिन्हें महानगरीय क्षेत्रों पर आबादी के पलायन और आर्थिक दबाव को कम करने के लिए विकसित किया जाता है। 

अधिकारियों ने बताया कि पिछले कुछ सालों में यह इलाका भारत के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में आठ प्रतिशत का योगदान देने वाला सबसे बड़ा क्षेत्र बनकर उभरा है। यह देश का एकमात्र और दुनिया के उन चुनिंदा इलाकों में से एक है, जहां मेट्रो रेल, रैपिड रेल और कई एक्सप्रेसवे मौजूद हैं। ये साधन बड़े पैमाने पर लोगों की आवाजाही को बढ़ावा देते हैं और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को गति प्रदान करते हैं। अधिकारियों ने कहा कि इस क्षेत्रीय योजना का मकसद एक नए और जीवंत भारत के लिए भविष्य के अनुकूल एनसीआर का विकास करना है। इसके लिए नागरिकों पर केंद्रित ऐसा बुनियादी ढांचों को तैयार किया जाएगा जो सामंजस्यपूर्ण, पर्यावरण के अनुकूल, स्मार्ट और डिजिटल तकनीक पर आधारित हों। साथ ही, इसका लक्ष्य टिकाऊ विकास लक्ष्यों को ध्यान में रखते हुए एक आर्थिक रूप से समृद्ध क्षेत्र का निर्माण करना है। 

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चुनाव आयुक्तों ने शिकायत की, लेकिन अफसर पर एक्शन नहीं:RTI दस्तावेज में खुलासा, आरोप- डिप्टी कमिश्नर ने आयोग को बिना बताए अधिकारियों का कामकाज बदला

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नई दिल्ली, एजेंसी। चुनाव आयोग के अफसर मनीष गर्ग के कामकाज के विवाद पर अब नई जानकारी सामने आई है। RTI से खुलासा हुआ है कि दो चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने कैबिनेट सचिव टीवी सोमनाथन को अलग-अलग लेटर लिखकर उनके कामकाज की शिकायत की थी। लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई।

RTI जवाब में बताया गया, कैबिनेट सचिवालय ने ये शिकायतें चुनाव आयोग की ओर से आधिकारिक नहीं मानीं। सचिवालय का मानना था कि इस स्तर पर कार्रवाई करना उचित नहीं होगा। इसे संवैधानिक संस्था के काम में दखल माना जा सकता है।

यह जानकारी RTI एक्टिविस्ट लोकेश के. बत्रा को दी गई। गर्ग पर आरोप है कि उन्होंने चुनाव आयोग या संबंधित अधिकारियों से चर्चा किए बिना वरिष्ठ अधिकारियों के कामकाज को बदलने वाला आदेश जारी किया था। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, दोनों आयुक्तों ने उनके आदेश को पलट दिया था।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, 30 जुलाई को दोनों चुनाव आयुक्तों ने मनीष गर्ग के काम के बंटवारे से जुड़ा आदेश रद्द कर दिया। साथ ही, निर्देश दिया कि आयोग में किसी बदलाव पर सहमति बनने तक पुरानी व्यवस्था जारी रहेगी।

गर्ग 2024 में चुनाव आयुक्त में नियुक्त हुए

मनीष गर्ग 1996 बैच के हिमाचल प्रदेश कैडर के आईएएस अधिकारी हैं। अगस्त 2024 में केंद्र सरकार की कैबिनेट नियुक्ति समिति (एसीसी) ने उन्हें चुनाव आयोग में उप चुनाव आयुक्त बनाने की मंजूरी दी थी। उन्होंने 2 सितंबर 2024 को पद संभाला। इससे पहले वे हिमाचल प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी थे।

पहले भी विवादों में आया मनीष गर्ग का नाम

मनीष गर्ग का नाम मतदाता सूची के आईटी सिस्टम के संचालन और अधिकारियों को उसकी पहुंच मिलने से जुड़े विवाद में भी सामने आया था। द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू ने ERONet सॉफ्टवेयर पर निर्वाचन अधिकारियों की पहुंच को लेकर सवाल उठाए थे। उनका कहना था कि कई निर्वाचन अधिकारियों को सिस्टम का पूरा एक्सेस नहीं मिल रहा था, जिससे मतदाता सूची से जुड़े उनके वैधानिक काम प्रभावित हो सकते थे।

दो चुनाव आयुक्तों ने 14 बार आपत्ति जताई थी

25 सितंबर: इंडियन एक्सप्रेस ने रिपोर्ट किया था कि दो चुनाव आयुक्तों ने 10 महीनों में कम-से-कम 14 बार आयोग के फैसलों और प्रक्रियाओं पर आपत्ति जताई थी। इसमें मतदाता सूची के डेटा पर नियंत्रण और अधिकारियों को जानकारी नहीं दिए जाने के मुद्दे भी शामिल थे।

26 सितंबर: चुनाव आयोग ने अपने बयान में कहा कि मनीष गर्ग के काम के बंटवारे संबंधी आदेश लागू नहीं किए गए थे और IT विभाग की निगरानी वास्तव में नहीं हटाई गई थी।

3 अक्टूबर: कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने मनीष गर्ग की भूमिका और आयोग के IT सिस्टम से जुड़े कामकाज पर सवाल उठाए थे।

21 अक्टूबर: RTI से मिली जानकारी के मुताबिक दोनों आयुक्तों के पत्र कैबिनेट सचिवालय पहुंचे थे और आगे संबंधित अधिकारियों को भेजे गए। पत्रों में क्या था, यह सामने नहीं आया था।

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अमिताभ बच्चन का बंगला उड़ाने की धमकी:दिलजीत दोसांझ को जान से मारने का मेल; 5 दिन पहले टाइगर श्रॉफ पर हुई थी फायरिंग

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मुंबई, एजेंसी। अमिताभ बच्चन और पंजाबी सिंगर दिलजीत दोसांझ को शुक्रवार को जान से मारने की धमकी दी गई है। मुंबई की मेयर रितु तावड़े को यह धमकी भरा ई-मेल भेजा गया।

इसमें अमिताभ बच्चन के बंगले ‘जलसा’ को बम से उड़ाने की बात लिखी गई। कहा गया कि 31 अक्टूबर से 27 नवंबर के बीच कभी भी बंगले को निशाना बनाया जा सकता है। हमला 1984 के ‘ऑपरेशन ब्लू स्टार’ का बदला होगा।

इसी मेल में गायक दिलजीत दोसांझ को भी आत्मघाती हमले में मारने की धमकी दी गई है। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। यह मेल तब आया है, जब 5 दिन पहले रविवार को एक्टर टाइगर श्रॉफ पर मुंबई में फायरिंग की गई। इस हमले की जिम्मेदारी लॉरेंस गैंग ने ली थी।

ई-मेल में खालिस्तान समर्थक नारे लिखे

मुंबई मेयर को भेजे गए मेल में खालिस्तान समर्थक नारे लिखे गए हैं। इसमें 1984 के सिख-विरोधी दंगों का भी जिक्र है। मेल में कहा गया कि दिलजीत ने अमिताभ बच्चन के पैर छूए थे इसलिए उस पर हमला किया जाएगा। मेल में लिखा है कि 27 नवंबर को दिलजीत को महालक्ष्मी रेस कोर्स में आत्मघाती हमले में मारना है। धमकी भरा ईमेल मिलने के बाद मुंबई पुलिस, पुलिस की डॉग स्क्वॉड और बम स्क्वॉड की टीमें बीएमसी मुख्यालय पहुंचीं। मेयर और डिप्टी मेयर कार्यालय सहित विभिन्न चैंबर्स की भी तलाशी ली। मुंबई पुलिस और साइबर सेल ईमेल की जांच में जुटे हैं।

बीएमसी में मेयर के ऑफिस की जांच करती हुईं जांच टीमें ।

बीएमसी में मेयर के ऑफिस की जांच करती हुईं जांच टीमें ।

रविवार को टाइगर श्रॉफ पर हुई थी फायरिंग

शूटर्स ने टाइगर श्रॉफ की कार को निशाना बनाकर 5 राउंड फायरिंग की थी।

शूटर्स ने टाइगर श्रॉफ की कार को निशाना बनाकर 5 राउंड फायरिंग की थी।

मुंबई में 18 अक्टूबर को टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग की घटना हुई। टाइगर फुटबॉल खेलने के बाद जुहू इलाके से निकल रहे थे, तभी उनकी कार पर गोलियां चलाई गईं। इस घटना में टाइगर को गोली नहीं लगी, लेकिन उनके ड्राइवर और एक अन्य व्यक्ति घायल हो गए थे।

इस मामले में अब तक 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें हरियाणा के 7 आरोपी, उत्तर प्रदेश की दो महिलाएं और बिहार का एक युवक शामिल है।

मुंबई के कई स्कूलों को भी मिले धमकी भरे मेल

इसके साथ ही मुंबई के दादर स्थित कई प्रमुख स्कूलों को भी धमकी भरे ईमेल मिले हैं। जानकारी के मुताबिक शुक्रवार सुबह दादर के करीब 4 स्कूलों को ये ईमेल मिले। सूचना मिलते ही मुंबई पुलिस ने तुरंत स्कूलों की तलाशी ली।

तलाशी अभियान के दौरान पुलिस को कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला। हालांकि, इन धमकी भरे ईमेल के कारण कुछ समय के लिए स्कूल परिसर में तनाव का माहौल रहा। पुलिस फिलहाल ईमेल भेजने वालों की तलाश कर रही है और मामले की जांच जारी है।

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बिहार की पटाखा फैक्ट्री में ब्लास्ट,पति-पत्नी समेत 7 की मौत:मकान के बाहर बिखरे शव, डेढ़ घंटे तक होते रहे धमाके

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सीवान, एजेंसी। बिहार के सीवान में पटाखा बनाने के दौरान हुए ब्लास्ट में पति-पत्नी और उनकी बेटी समेत 7 की मौत हो गई।

जामो थाना क्षेत्र के अलमापुर गांव के एक मकान में पटाखे बनाए जा रहे थे। इसी दौरान अचानक धमाके होने लगे। इस धमाके में पूरा मकान उड़ गया। लोगों के शव सड़क पर बिखर गए।

स्थानीय लोगों के मुताबिक, करीब डेढ़ घंटे तक रुक-रुककर धमाके होते रहे।

धमाके के बाद क्षतिग्रस्त मकान।

धमाके के बाद क्षतिग्रस्त मकान।

दमकल की गाड़ियां की मदद से आग बुझाने की कोशिश

घटना की सूचना मिलने के बाद सदर एसडीओ आशुतोष गुप्ता, महाराजगंज एसडीपीओ अमन और बड़हरिया, जामो, गोरेयाकोठी समेत कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंची है। अधिकारी घटनास्थल की जायजा ले रहे हैं।

एसडीपीओ ने बताया कि दमकल की गाड़ियां की मदद से आग बुझाने की कोशिश की जा रही है। आग पर काबू पाने के बाद मामले की जांच की जाएगी।

एसपी भारत सोनी ने बताया कि अब तक शवों की पहचान नहीं हो सकी है। जिस मकान में पटाखे बनाए जा रहे थे, वह घनी आबादी वाले इलाके में है।

हादसे की तस्वीरें

धमाके के बाद मकान के बाहर बिखरे शव।

धमाके के बाद मकान के बाहर बिखरे शव।

धमाके के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई।

धमाके के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई।

घटना की सूचना मिलने के बाद DM और SP मौके पर पहुंचे।

घटना की सूचना मिलने के बाद DM और SP मौके पर पहुंचे।

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