Connect with us

विदेश

बांग्लादेश में कट्टरपंथियों ने 81 फुट ऊंची श्रीराम प्रतिमा का निर्माण रोका, विरोध में सड़कों पर उतरे हजारों हिंदू

Published

on

ढाका,एजेंसी। बांग्लादेश की राजधानी ढाका में शुक्रवार रात हजारों हिंदू सड़कों पर उतर आए। प्रदर्शनकारियों ने मशाल जुलूस निकालकर उत्तरी बांग्लादेश के गैबांधा जिले में प्रस्तावित विशाल श्रीराम प्रतिमा परियोजना को रोकने के फैसले का विरोध किया। शाहबाग से नेशनल प्रेस क्लब तक निकाले गए मार्च में “जय श्रीराम” के नारे गूंजे। प्रदर्शन में विभिन्न हिंदू संगठनों, छात्रों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया। विवाद का केंद्र गैबांधा जिले के पलाशबाड़ी क्षेत्र में बन रही 81 फुट ऊंची भगवान श्रीराम की प्रतिमा है। परियोजना में 53 फुट ऊंची भगवान कृष्ण और 30 फुट ऊंची भगवान शिव की प्रतिमा भी प्रस्तावित थी।करीब 22 करोड़ बांग्लादेशी टका की लागत वाले इस प्रोजेक्ट की शुरुआत 2025 में निजी फंडिंग से की गई थी। परियोजना का संचालन स्थानीय मंदिर समिति द्वारा किया जा रहा था।

Fresh tensions in Bangladesh as Hindu community protests in Dhaka over alleged desecration of religious symbol and idol controversy. pic.twitter.com/MH0ApvDabc

— News Arena India (@NewsArenaIndia) June 19, 2026

मंदिर समिति का आरोप है कि कुछ कट्टरपंथी इस्लामी संगठनों ने परियोजना का विरोध किया और निर्माण कार्य रोकने के लिए दबाव बनाया। हिंदू संगठनों का यह भी दावा है कि विरोध प्रदर्शन के दौरान भगवान राम की तस्वीर का अपमान किया गया और उसे नुकसान पहुंचाया गया। प्रदर्शनकारियों ने सरकार को 72 घंटे का अल्टीमेटम देते हुए मांग की है कि दोषियों को तुरंत गिरफ्तार किया जाए। राम प्रतिमा परियोजना को फिर से शुरू कराया जाए। हिंदू धार्मिक स्थलों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।  धार्मिक अल्पसंख्यकों के अधिकारों की रक्षा की जाए।

Large protests were held in Dhaka as members of the Hindu community demanded justice over the reported desecration of an image of Bhagwan Shri Ram.

Protesters also called for the continuation of the halted 81-foot Ram Murti project in Gaibandha. pic.twitter.com/wFj67kP5a9

— Deep Dive Analysis (@DDAnalysis_) June 20, 2026

संगठनों ने चेतावनी दी है कि मांगें पूरी नहीं होने पर देशव्यापी आंदोलन चलाया जाएगा। विरोध कर रहे कुछ इस्लामी संगठनों, जिनमें इमाम-उलमा परिषद का नाम भी सामने आया है, ने परियोजना की फंडिंग पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने मांग की है कि इसकी वित्तीय जांच कराई जाए और यह पता लगाया जाए कि धन कहां से आया। यह विवाद ऐसे समय सामने आया है जब बांग्लादेश में हिंदू और अन्य अल्पसंख्यक समुदायों की सुरक्षा को लेकर पहले से चिंता व्यक्त की जाती रही है। विभिन्न अल्पसंख्यक संगठनों ने पिछले वर्षों में मंदिरों, धार्मिक स्थलों और समुदाय के लोगों पर हमलों के मामलों को लेकर कई बार सरकार का ध्यान आकर्षित किया है।

Continue Reading

विदेश

फिलीपींस में 2 ट्रेनी विमान टकराए:चारों पायलटों की मौत, इस साल हवा में विमान टकराने का यह पांचवां बड़ा हादसा

Published

on

मनीला, एजेंसी। फिलीपींस में शुक्रवार को ट्रेनिंग के दौरान वायुसेना के दो विमान टकरा गए। हादसे में दोनों विमानों में सवार चारों पायलटों की मौत हो गई।

हादसा दोपहर 3:51 बजे मनीला के दक्षिण में लीपा शहर स्थित फर्नांडो एयर बेस के पास हुआ। दोनों SF-260 विमान कम ऊंचाई पर उड़ रहे थे। एक विमान के टुकड़े सैन्यकर्मियों के बैरक के पास गिरे।

फिलीपीन वायुसेना ने SF-260 विमानों की उड़ान पर रोक लगा दी है। जांच पूरी होने तक ये विमान उड़ान नहीं भरेंगे। इस साल हवा में विमानों के टकराने का यह दुनिया का पांचवां बड़ा हादसा है।

दोनों विमान हवा में टकराने के बाद एयर बेस के अंदर गिरे।

दोनों विमान हवा में टकराने के बाद एयर बेस के अंदर गिरे।

फिलीपींस ने 18 विमान खरीदे थे

SF-260 इटली में बने ट्रेनिंग विमान हैं। फिलीपींस ने 2010-11 के दौरान ऐसे 18 विमान इटली की कंपनी से खरीदे थे। इनका इस्तेमाल वायुसेना के पायलटों को उड़ान की ट्रेनिंग देने के लिए किया जाता है।

फिलीपींस की सेना लंबे समय से अपने सैन्य साजो-सामान को आधुनिक बनाने की कोशिश कर रही है, लेकिन इसके लिए जरूरी बजट जुटाना चुनौती रहा है। देश को वायुसेना के विमानों के साथ-साथ नौसेना और थलसेना की क्षमता भी बढ़ानी है।

दक्षिण चीन सागर में चीन के साथ बढ़ते क्षेत्रीय तनाव के बीच यह जरूरत और अहम हो गई है। सैन्य आधुनिकीकरण की कई योजनाओं में फंड की कमी और उन्हें पूरा करने में देरी जैसी दिक्कतें भी सामने आई हैं।

Continue Reading

खेल

बस हार ही गए थे, तिलक-नीतीश ने जिता दिया:40 मिनट, 30 बॉल और 69 रन, न्यूजीलैंड के खिलाफ टीम इंडिया की 2-0 की बढ़त

Published

on

क्राइस्टचर्च, एजेंसी। भाई बच गए। लोग या तो टीवी-मोबाइल बंद कर चुके थे या बस सिर झुकाए देखे जा रहे थे। कुछ बचा ही नहीं था। 31 बॉल में 69 रन बनाने थे। 6 विकेट गिर गए थे। क्या ही होता।

लेकिन तिलक और नीतीश मैदान पर थे। बस इन्हीं दोनों को लग रहा होगा कि चलो कुछ तूफानी करते हैं। और फिर अगले 40 मिनट क्रीज पर रहे, 30 बॉल में 69 रन बना डाले। बस एक बॉल बची थी मैच की और दौड़कर दो रन ले लिए। नीतीश ने आधी पिच से ही भींची हुई बाईं मुट्‌ठी ऊपर कर बता दिया कि जीत गए हम।

सामने न्यूजीलैंड की टीम थी। फील्ड क्राइस्टचर्च का था। लक्ष्य 181 रन का था। भारतीय टीम 14.5 ओवर में 112 रन पर 6 विकेट गंवा चुकी थी। तिलक और नीतीश ने यहीं से मोर्चा संभाला। तिलक ने 26 गेंदों में 51 और नीतीश ने 13 गेंदों पर 26 रन बनाए। न्यूजीलैंड को 4 विकेट से हराया। बढ़त 2-0 की हो गई है। कुल 5 टी-20 होने हैं।

आखिरी ओवर में जीता भारत

भारत को आखिरी ओवर में जीत के लिए 11 रन चाहिए। जैकब डफी के 20वें ओवर में तिलक वर्मा ने चौका लगाया और 25 गेंदों पर अपनी फिफ्टी पूरी की। आखिरी ओवर की पांचवीं बॉल पर नीतीश कुमार रेड्डी ने 2 रन लेकर भारत को जीत दिलाई। जैकब डफी की पांचवीं गेंद वाइड रही, जिसके बाद भारत को 2 गेंदों पर 2 रन चाहिए थे। तिलक वर्मा ने 26 गेंदों पर नाबाद 51 रन बनाए।

Continue Reading

देश

अपराधी एपस्टीन और मंत्री हरदीप पुरी की फोटो वायरल:मंत्री ने कहा था- कभी अकेले नहीं मिला; कांग्रेस का सवाल- फिर तस्वारें कहां से आईं

Published

on

नई दिल्ली, एजेंसी। अमेरिकी यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन के साथ पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी की कई तस्वीरें वायरल हैं। ये तस्वीरे इसलिए अहम मानी जा रही हैं, क्योंकि पुरी लगातार कहते रहे हैं वे एपस्टीन से केवल प्रतिनिधिमंडल के साथ मिले, अलग से कभी मुलाकात नहीं हुई।

तस्वीरें सामने आने के बाद कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा- जब पुरी ने कहा था कि वे एपस्टीन से कभी अकेले नहीं मिले, तो इन तस्वीरों के क्या मायने हैं?

TMC सांसद महुआ मोइत्रा ने कहा- पुरी कहते थे कि वे एपस्टीन से तीन-चार बार डेलिगेशन के साथ मिले थे, दोनों तस्वीरों में बाकी सदस्य कहां थे।

दैनिक भास्कर ने ऑनलाइन तस्वीर को रिवर्स सर्च किया, तो अमेरिकी जस्टिस डिपार्टमेंट की साइट पर यह फोटो मिला।

इन तस्वीरों को जस्टिस डिपार्टमेंट की तरफ जारी जारी दस्तावेजों के नौवें सेट में रखा गया था। इस सेट में कम से कम 11 तस्वीरें हैं। मंगलवार को यह तस्वीर सोशल मीडिया पर चर्चा में आई।

इन तस्वीरों में दोनों लगभग एक ही स्थिति में बैठे दिखाई देते हैं। तस्वीरों के कोण में मामूली अंतर है।

अमेरिकी जस्टिस डिपार्टमेंट की वेबसाइट का लिंक- https://www.justice.gov/epstein/files/DataSet%209/EFTA01191294.pdf

राहुल गांधी के आरोपों को खारिज किया था

इस साल फरवरी में हरदीप सिंह पुरी ने लोकसभा में राहुल गांधी की ओर से एपस्टीन फाइलों को लेकर लगाए गए आरोपों को खारिज किया था।

पुरी ने बताया था कि वह संयुक्त राष्ट्र में भारत के राजदूत का पद छोड़ने के बाद और 2017 में केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल होने से पहले एपस्टीन से मिले थे। उन्होंने इन मुलाकातों को पूरी तरह पेशेवर बताया था और कहा था कि उनका एपस्टीन के खिलाफ लगे आपराधिक आरोपों से कोई संबंध नहीं था।

पुरी ने फरवरी में एक इंटरव्यू में कहा था कि वह इंटरनेशनल पीस इंस्टीट्यूशन (IPI) से जुड़े एक डेलिगेशन के रूप में गए थे। उसी दौरान एपस्टीन से मिले। वे सार्वजनिक जीवन में कई तरह के लोगों से मिलते हैं, जिनमें से कुछ का आपराधिक रिकॉर्ड भी हो सकता है। पुरी के मुताबिक IPI में उनके बॉस टेर्जे रोड-लार्सन एपस्टीन को जानते थे।

पुरी ने कहा-

QuoteImage

पहली बार मुलाकात के दौरान मुझे नहीं पता था कि एपस्टीन कौन हैं। हमने उनके बारे में गूगल पर सर्च किया। फिर हमने आपस में भी चर्चा की कि हमें उनसे मिलना चाहिए या नहीं?QuoteImage

नवंबर 2025 में पहली बार सामने आया नाम

  • निगरानी समिति की ईमेल में जिक्र: हरदीप सिंह पुरी और जेफ्री एपस्टीन के संपर्क का मामला पहली बार नवंबर 2025 में सार्वजनिक चर्चा में आया था। उस समय हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स की निगरानी समिति की ओर से जारी एक ईमेल में एपस्टीन और पुरी के बीच की बातचीत का जिक्र हुआ था।
  • ईमेल कब के हैं: इसके बाद अमेरिकी न्याय विभाग (DoJ) ने 30 जनवरी को एपस्टीन से जुड़े लाखों पन्नों के दस्तावेज जारी किए थे। इनमें जून 2014 से जून 2017 के बीच के ईमेल शामिल हैं।
  • तीन मुलाकातों का जिक्र: ईमेल के मुताबिक पुरी 4 फरवरी 2015, 6 जनवरी 2016 और 19 मई 2017 को न्यूयॉर्क में एपस्टीन के घर गए थे।
  • एपस्टीन यौन अपराधी साबित हो चुका था: 2008 में एपस्टीन यौन अपराध के मामले में दोषी ठहराया जा चुका था। यानी पुरी की बताई गई मुलाकातें उस समय हुईं, जब एपस्टीन का आपराधिक रिकॉर्ड पहले से मौजूद था।
  • ‘एक्जॉटिक आइलैंड’ का जिक्र: एक ईमेल में पुरी ने एपस्टीन के ‘एक्जॉटिक आइलैंड’ यानी अनोखे द्वीप का जिक्र किया और उसे ‘हैव फन’ कहा, जिसका मतलब है ‘मौज करो’। पुरी ने बाद में कहा कि ‘हैव फन’ उनके बोलने का आम तरीका है।

हरदीप सिंह पुरी और एपस्टीन से जुड़ा ईमेल

यह ईमेल हरदीप सिंह पुरी ने 24 दिसंबर 2014 को जेफ्री एपस्टीन को भेजा था।

यह ईमेल हरदीप सिंह पुरी ने 24 दिसंबर 2014 को जेफ्री एपस्टीन को भेजा था।

इसमें लिखा है- प्रिय जेफ, त्योहारों की शुभकामनाएं। जब आप अपने द्वीप से वापस आएं, तो मुझे जरूर बताइएगा।मैं आपसे बातचीत करने के लिए मिलना चाहूंगा। साथ ही, भारत में रुचि जगाने के लिए आपको कुछ किताबें भी देना चाहूंगा।

करोड़पति फाइनेंसर था यौन अपराधी एपस्टीन

जेफ्री एपस्टीन न्यूयॉर्क का करोड़पति फाइनेंसर था। उसकी बड़े नेताओं और सेलिब्रिटीज से दोस्ती थी।

उस पर 2005 में नाबालिग लड़की के साथ यौन उत्पीड़न का आरोप लगा। 2008 में उसे नाबालिग से सेक्स की मांग करने का दोषी ठहराया गया।

उसे 13 महीने की जेल हुई। 2019 में जेफ्री को सेक्स ट्रैफिकिंग के आरोपों में गिरफ्तार किया गया। लेकिन मुकदमे से पहले ही उसने जेल में आत्महत्या कर ली।

उसकी पार्टनर घिसलीन मैक्सवेल को 2021 में उसकी मदद करने के आरोपों में दोषी करार दिया गया। वह 20 साल की सजा काट रही है।

Continue Reading
Advertisement

Trending

Copyright © 2020 Divya Akash | RNI- CHHHIN/2010/47078 | IN FRONT OF PRESS CLUB TILAK BHAVAN TP NAGAR KORBA 495677