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छत्तीसगढ़

रायपुर : युवाओं को ‘जॉब सीकर’ नहीं, ‘जॉब क्रिएटर’ बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा छत्तीसगढ़: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

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वर्ल्ड लीडर्स फोरम में छत्तीसगढ़ ने रखा युवा-केंद्रित अर्थव्यवस्था का रोडमैप

6 लाख विद्यार्थियों को एआई प्रशिक्षण, वर्ष 2030 तक 5 हजार स्टार्टअप का लक्ष्य

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने वैश्विक मंच से निवेशकों को दिया छत्तीसगढ़ में निवेश का आमंत्रण

नई औद्योगिक नीति के बाद प्रदेश को मिले 8 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव

एआई, सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स, डेटा सेंटर, ग्रीन एनर्जी और फार्मा बनेंगे नई अर्थव्यवस्था के ग्रोथ इंजन

बस्तर में शांति के साथ खुल रहे विकास, पर्यटन, निवेश और रोजगार के नए द्वार

रायपुर, 21 अगस्त 2026। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज नई दिल्ली में आयोजित दो दिवसीय वर्ल्ड लीडर्स फोरम में वैश्विक आर्थिक जगत की प्रमुख हस्तियों के समक्ष छत्तीसगढ़ की तेजी से बदलती आर्थिक तस्वीर, निवेश की व्यापक संभावनाओं और भविष्य के विकास का रोडमैप प्रस्तुत किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ अब अपनी पारंपरिक औद्योगिक और खनिज आधारित पहचान से आगे बढ़कर युवा शक्ति, नवाचार, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, स्टार्टअप, ग्रीन एनर्जी और आधुनिक विनिर्माण पर आधारित नई अर्थव्यवस्था की ओर तेजी से कदम बढ़ा रहा है। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य केवल बड़े निवेश आकर्षित करना नहीं है, बल्कि निवेश को रोजगार, उद्यमिता, बेहतर आय और युवाओं के उज्ज्वल भविष्य से जोड़ना है। छत्तीसगढ़ के युवा केवल रोजगार तलाशने वाले न रहें, बल्कि अपने नवाचार और उद्यमिता के बल पर दूसरों के लिए रोजगार के अवसर पैदा करें, इसी सोच के साथ राज्य की नीतियों और योजनाओं को नया स्वरूप दिया जा रहा है। फोरम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, विदेश मंत्री एस. जयशंकर, भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर, ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन सहित भारत और विश्व की अनेक प्रमुख हस्तियां शामिल हो रही हैं।

6.31 लाख करोड़ की अर्थव्यवस्था, 11.57 प्रतिशत की विकास दर
मुख्यमंत्री श्री साय ने छत्तीसगढ़ की आर्थिक प्रगति का उल्लेख करते हुए बताया कि वर्ष 2025-26 में राज्य की अर्थव्यवस्था का आकार लगभग 6.31 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है और आर्थिक वृद्धि दर 11.57 प्रतिशत रही है। प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय भी बढ़कर 1 लाख 79 हजार 244 रुपये हो गई है। उन्होंने कहा कि राज्य के आर्थिक विकास का लाभ समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचाने के लिए विकास और जनकल्याण को समान प्राथमिकता दी गई है।

उन्होंने बताया कि वर्ष 2026-27 के 1.72 लाख करोड़ रुपये के बजट में अधोसंरचना निर्माण, पूंजीगत व्यय और सामाजिक कल्याण पर विशेष ध्यान दिया गया है। सड़क, रेल, ऊर्जा, डिजिटल कनेक्टिविटी और औद्योगिक अधोसंरचना को मजबूत कर छत्तीसगढ़ को देश के प्रमुख निवेश गंतव्यों में स्थापित करने की दिशा में योजनाबद्ध तरीके से काम किया जा रहा है।

नई औद्योगिक नीति के बाद 8 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में निवेश के लिए अनुकूल और पारदर्शी वातावरण तैयार करना सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। नई औद्योगिक विकास नीति 2024-30, वन क्लिक सिंगल विंडो सिस्टम 2.0 और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस से जुड़े सुधारों के माध्यम से निवेश प्रक्रियाओं को सरल और समयबद्ध बनाया गया है। उन्होंने कहा कि पिछले दो वर्षों में 450 से अधिक प्रक्रियाओं का सरलीकरण किया गया है। इन सुधारों का सकारात्मक परिणाम सामने आया है और नई औद्योगिक नीति लागू होने के बाद प्रदेश को 8 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में अब स्टील, सीमेंट और खनिज आधारित उद्योगों के साथ-साथ सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा सेंटर, फार्मास्यूटिकल, टेक्सटाइल, लॉजिस्टिक्स, ग्रीन एनर्जी और फूड प्रोसेसिंग जैसे भविष्य के क्षेत्रों में निवेश के लिए नई संभावनाएं तैयार हुई हैं।

2030 तक 5 हजार स्टार्टअप, युवा बनेंगे रोजगार सृजक

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की नई अर्थव्यवस्था के केंद्र में युवा हैं। सरकार चाहती है कि प्रदेश के युवा केवल नौकरी की प्रतीक्षा करने वाले ‘जॉब सीकर’ नहीं, बल्कि ‘जॉब क्रिएटर’ बनें। उन्होंने कहा कि प्रदेश में वर्ष 2030 तक 5 हजार स्टार्टअप विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है। नए उद्यमियों को अपने अभिनव विचारों को व्यवसाय में बदलने के लिए 10 लाख रुपये तक सीड फंड सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूत करने के साथ युवाओं को तकनीक, नवाचार, कौशल और बाजार से जोड़ने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि युवा उद्यमियों को प्रोत्साहन मिलने से न केवल नए व्यवसाय खड़े होंगे, बल्कि स्थानीय स्तर पर बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर भी निर्मित होंगे।

6 लाख विद्यार्थियों को एआई प्रशिक्षण, 50 से अधिक एआई आधारित सेवाएं

मुख्यमंत्री श्री साय ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को छत्तीसगढ़ के भविष्य के विकास का महत्वपूर्ण माध्यम बताते हुए कहा कि प्रदेश में 6 लाख विद्यार्थियों और 1.5 लाख शासकीय कर्मचारियों को एआई प्रशिक्षण देने की योजना है। इसके साथ ही नागरिकों को बेहतर और त्वरित सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए 50 से अधिक एआई आधारित सरकारी सेवाएं विकसित की जाएंगी।

उन्होंने कहा कि एआई का उद्देश्य केवल तकनीकी बदलाव नहीं है। इसका वास्तविक उद्देश्य शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाना, युवाओं के लिए भविष्य के रोजगार और उद्यमिता के अवसर तैयार करना तथा सरकारी सेवाओं को अधिक प्रभावी और नागरिक-केंद्रित बनाना है।

500 करोड़ का एआई मिशन, नवा रायपुर में एआई डेटा सेंटर पार्क

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में 500 करोड़ रुपये के राज्य एआई मिशन पर काम किया जा रहा है। इसके अंतर्गत 100 एआई डेटा लैब और 5 सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किए जाएंगे तथा 300 से अधिक एआई स्टार्टअप्स को सहयोग देने का लक्ष्य है। नवा रायपुर में करीब 1,000 करोड़ रुपये की लागत से एआई डेटा सेंटर पार्क विकसित किया जा रहा है। इससे छत्तीसगढ़ को देश के उभरते डिजिटल और एआई इकोसिस्टम में महत्वपूर्ण स्थान मिलेगा तथा युवाओं के लिए नई पीढ़ी के रोजगार के अवसर सृजित होंगे।

बस्तर बनेगा छत्तीसगढ़ की नई अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बदलता हुआ बस्तर छत्तीसगढ़ की विकास यात्रा का सबसे महत्वपूर्ण अध्याय है। सुरक्षा की स्थिति में तेजी से हुए सुधार के बाद अब बस्तर में विकास, निवेश, रोजगार और उद्यमिता के लिए नए अवसर तैयार हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि बस्तर सहित प्रदेश के करीब 10 लाख परिवारों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से 4,824 करोड़ रुपये की आजीविका उन्नयन योजना तैयार की जा रही है। बस्तर में 421 बंद स्कूलों को पुनः शुरू किया गया है। स्वास्थ्य सेवाओं को तकनीक से जोड़ते हुए 34 लाख से अधिक लोगों की डिजिटल हेल्थ प्रोफाइल तैयार की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि 3,513 करोड़ रुपये की जगदलपुर-रावघाट रेल परियोजना बस्तर के आर्थिक विकास में मील का पत्थर साबित होगी। इससे बस्तर की औद्योगिक और व्यापारिक कनेक्टिविटी बढ़ने के साथ स्थानीय उत्पादों को बड़े बाजारों तक पहुंचाने में सहायता मिलेगी।

बस्तर में पर्यटन और स्थानीय उत्पाद बनेंगे रोजगार का बड़ा माध्यम

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक सुंदरता, जनजातीय संस्कृति और ऐतिहासिक विरासत में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। चित्रकोट, तीरथगढ़, कांगेर घाटी और सिरपुर जैसे प्रमुख पर्यटन स्थलों के साथ बस्तर की समृद्ध जनजातीय संस्कृति को विश्वस्तरीय पर्यटन मानचित्र से जोड़ने की दिशा में काम किया जा रहा है। राज्य में पर्यटन को उद्योग का दर्जा दिए जाने से इस क्षेत्र में निजी निवेश के साथ होटल, हॉस्पिटैलिटी, परिवहन, स्थानीय हस्तशिल्प और अन्य सेवाओं में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर सहित प्रदेश के वनांचलों में मिलने वाले लघु वनोपज, औषधीय पौधों, मिलेट और कृषि उत्पादों की स्थानीय स्तर पर प्रोसेसिंग और वैल्यू एडिशन को बढ़ावा दिया जा रहा है। लक्ष्य यह है कि छत्तीसगढ़ केवल कच्चे माल का उत्पादक न रहे, बल्कि यहीं तैयार उत्पाद बनें और उनकी अधिकतम आर्थिक मूल्य स्थानीय लोगों को मिले।

ग्रीन एनर्जी से जुड़ेगा छत्तीसगढ़ का विकास

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ ऊर्जा उत्पादन में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है। अब पारंपरिक ऊर्जा में अपनी मजबूत स्थिति बनाए रखते हुए राज्य तेजी से ग्रीन एनर्जी ट्रांजिशन की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

आने वाले वर्षों में प्रदेश में करीब 4 हजार मेगावाट अतिरिक्त सौर ऊर्जा क्षमता विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है। प्रदेश के 90 हजार से अधिक घर सौर ऊर्जा से जुड़ चुके हैं। भिलाई में प्रदेश का पहला फ्लोटिंग सोलर प्लांट भी स्थापित किया गया है। उन्होंने कहा कि ग्रीन एनर्जी का विस्तार राज्य की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के साथ नए निवेश और ग्रीन जॉब्स के लिए भी महत्वपूर्ण आधार बनेगा।

कच्चे माल से आगे बढ़कर वैल्यू एडिशन पर फोकस

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध है, लेकिन राज्य की नई आर्थिक नीति का लक्ष्य केवल इन संसाधनों का दोहन नहीं, बल्कि प्रदेश के भीतर ही उनका अधिकतम वैल्यू एडिशन करना है। इसी दिशा में नवा रायपुर और राजनांदगांव में इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग से जुड़ी अधोसंरचना विकसित की जा रही है। राजनांदगांव में प्रस्तावित स्पेस मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर, 142 एकड़ का फार्मा पार्क तथा टेक्सटाइल और रेडीमेड गारमेंट पार्क भविष्य के औद्योगिक विकास को नई गति देंगे। कोरबा में लिथियम की खोज से प्रदेश में बैटरी निर्माण, ऊर्जा भंडारण और न्यू एनर्जी सेक्टर में भी नई संभावनाएं खुली हैं।

ईज ऑफ डूइंग बिजनेस अधिनियम से निवेश प्रक्रिया होगी और आसान

मुख्यमंत्री ने कहा कि उद्योगों के लिए प्रक्रियाओं को सरल, पारदर्शी और समयबद्ध बनाने के उद्देश्य से ईज ऑफ डूइंग बिजनेस अधिनियम-2026 लागू किया गया है। कम जोखिम वाले उद्योगों के प्रकरणों में निर्धारित समय में निर्णय नहीं होने पर स्वतः अनुमति का प्रावधान किया गया है। इसके अंतर्गत आठ विभागों की 43 सेवाओं को शामिल किया गया है। इससे प्रदेश के लगभग 15 लाख एमएसएमई को लाभ मिलने की संभावना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का प्रयास है कि निवेशकों को अनुमति और प्रक्रियाओं में अनावश्यक समय न लगे और वे अपना ध्यान उद्योग तथा रोजगार सृजन पर केंद्रित कर सकें।

संसाधन से नवाचार तक – नए छत्तीसगढ़ का निवेश मॉडल

मुख्यमंत्री श्री साय ने वैश्विक निवेशकों के समक्ष छत्तीसगढ़ को ऐसे राज्य के रूप में प्रस्तुत किया, जहां प्राकृतिक संसाधन, पर्याप्त ऊर्जा, भूमि, कुशल और युवा मानव संसाधन, बेहतर होती कनेक्टिविटी, आधुनिक अधोसंरचना और निवेश-अनुकूल नीतियां एक साथ उपलब्ध हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की विकास यात्रा का अगला चरण संसाधन आधारित अर्थव्यवस्था से आगे बढ़कर ज्ञान, तकनीक, नवाचार और उद्यमिता आधारित अर्थव्यवस्था के निर्माण का है। निवेश इस परिवर्तन का माध्यम है, जबकि इसका अंतिम उद्देश्य प्रदेश के युवाओं को बेहतर रोजगार, उद्यमिता और आय के अवसर उपलब्ध कराकर उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव लाना है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के सलाहकार आर. कृष्णा दास, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव पी. दयानंद एवं राहुल भगत, विशेष सचिव एवं जनसम्पर्क आयुक्त रजत बंसल, आवासीय आयुक्त श्रीमती श्रुति सिंह सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।

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NSUI में नई नियुक्तियां, 9 नेताओं को मिली अहम जिम्मेदारी:4 विधानसभा और 5 जिलों में नए अध्यक्ष बनाए गए

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रायपुर, एजेंसी। छत्तीसगढ़ NSUI ने संगठन में बड़ा फेरबदल करते हुए 9 नए अध्यक्षों की नियुक्ति की है। प्रदेश अध्यक्ष नीरज पांडेय ने राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ की अनुशंसा पर ये नियुक्तियां की हैं। इनमें 4 विधानसभा अध्यक्ष और 5 जिला अध्यक्ष शामिल हैं। सभी नियुक्तियां तत्काल प्रभाव से लागू होंगी।

पाटन से कांकेर तक नई टीम

4 विधानसभा और 5 जिलों को मिले नए अध्यक्ष

विधानसभा स्तर पर डेविड बघेल को पाटन, नंद कुमार नेताम को भानुप्रतापपुर, विक्रम मलिक को अंतागढ़ और नूतन पटेल को कांकेर विधानसभा अध्यक्ष बनाया गया है।

वहीं जिला स्तर पर दुष्यंत आर्या को मुंगेली, उस्मान रजा को बालोद, रोशन सिंह ठाकुर को खैरागढ़-छुईखदान-गंडई, रंजेश सिंह क्षत्री को बिलासपुर ग्रामीण और समर्थ मिरानी को बिलासपुर शहर की जिम्मेदारी दी गई है।

यूथ कांग्रेस चुनाव के बीच हुई नई नियुक्तियां

NSUI में ये नियुक्तियां ऐसे समय हुई हैं, जब छत्तीसगढ़ युवा कांग्रेस के संगठनात्मक चुनाव को लेकर विवाद चल रहा है। चुनाव प्रक्रिया और कथित अनियमितताओं को लेकर कार्यकर्ताओं की शिकायतों के बीच युवा कांग्रेस की प्रदेश प्रभारी स्मृति रंजन लेंका ने 17 से 19 अगस्त तक छत्तीसगढ़ का दौरा किया था।

इस दौरान प्रभावित कार्यकर्ताओं से बातचीत कर उनकी शिकायतें सुनी गईं। इसके बाद भी विवाद पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। इसी बीच NSUI की नई नियुक्तियों को संगठनात्मक गतिविधियों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

छात्र हितों और संगठन को मजबूत करने की जिम्मेदारी

NSUI ने नवनियुक्त पदाधिकारियों से संगठन की रीति-नीति और संविधान के अनुरूप काम करने की अपेक्षा जताई है। उन्हें छात्र हितों की रक्षा के साथ संगठन को मजबूत, सक्रिय और जमीनी स्तर पर प्रभावी बनाने के निर्देश दिए गए हैं।

इन नियुक्तियों के जरिए NSUI ने विधानसभा और जिला स्तर पर अपनी संगठनात्मक टीम को और मजबूत करने की कोशिश की है।

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मनेंद्रगढ़ की गोहड़ारी नदी में बनी पुलिया क्षतिग्रस्त:50 साल पुराना स्ट्रक्चर तेज बहाव से टूटा, उत्तर-मध्य छत्तीसगढ़ में भारी बारिश का अलर्ट

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रायपुर, एजेंसी। छत्तीसगढ़ के अधिकांश इलाकों में लगातार बारिश हो रही है, जिससे कई जगह हालात बिगड़े हुए हैं। मनेंद्रगढ़ जिले में जनकपुर के पास गोहड़ारी नदी में बना करीब 50 साल पुरानी पुलिया क्षतिग्रस्त हो गया। पानी के तेज बहाव से पुलिया के पियर (खंभे) टूट गए और करीब 70% हिस्से को नुकसान पहुंचा है। भारी वाहनों की आवाजाही रोक दी गई है।

मौसम विभाग के मुताबिक आज भी उत्तर और मध्य छत्तीसगढ़ में कुछ जगहों पर मध्यम से भारी बारिश हो सकती है। प्रदेश में बारिश का दौर अगले 7 दिन तक जारी रहने की संभावना है। गुरुवार को सरगुजा, बिलासपुर और दुर्ग संभाग में कई जगह बारिश हुई, जबकि कुछ जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश दर्ज की गई।

मनेंद्रगढ़ के गोहड़ारी नदी में बनी पुलिया में भारी वाहनों की आवाजाही रोक दी गई है।

मनेंद्रगढ़ के गोहड़ारी नदी में बनी पुलिया में भारी वाहनों की आवाजाही रोक दी गई है।

पुलिया के करीब 70% हिस्से को नुकसान पहुंचा है।

पुलिया के करीब 70% हिस्से को नुकसान पहुंचा है।

खारुन नदी में बहे ग्रामीण का शव मिला

कोरबा के पाली थाना क्षेत्र में बुधवार सुबह खारुन नदी में बहा 45 वर्षीय गेंदलाल का शव करीब 24 घंटे बाद गुरुवार सुबह मिला। वह नदी किनारे गुड़ाखू करने गया था, तभी पैर फिसलने से तेज बहाव में बह गया। करीब 500 मीटर दूर झाड़ियों में उसका शव मिला।

वहीं, रायगढ़ के धरमजयगढ़ ब्लॉक के पुटूकछार गांव में नदी का जलस्तर बढ़ने से रपटा पुल चार दिनों से डूबा है। इससे खम्हार-पुटूकछार मार्ग पर लोगों का आना-जाना बंद है। स्कूली बच्चे स्कूल नहीं जा पा रहे हैं और ग्रामीणों को भी गांव से बाहर निकलने में परेशानी हो रही है।

कोरबा में खारुन नदी में बहे ग्रामीण का शव निकालते गोताखोर की टीम।

कोरबा में खारुन नदी में बहे ग्रामीण का शव निकालते गोताखोर की टीम।

कोरबा में खारुन नदी में बहा ग्रामीण का दूसरे दिन शव मिला।

कोरबा में खारुन नदी में बहा ग्रामीण का दूसरे दिन शव मिला।

सीजन में अब सिर्फ 6% कम बारिश

प्रदेश में 1 जून से अब तक हुई बारिश का आंकड़ा सामान्य के करीब पहुंच गया है। मौसम विभाग के अनुसार छत्तीसगढ़ में सीजन की औसत बारिश सामान्य से सिर्फ 6% कम है। इसे सामान्य बारिश की कैटेगरी में माना जा रहा है।

पिछले 24 घंटे में प्रदेश का सबसे ज्यादा अधिकतम तापमान जगदलपुर में 30.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं सबसे कम न्यूनतम तापमान पेंड्रा रोड में 21.2 डिग्री सेल्सियस रहा।

रायपुर में गरज-चमक के साथ पड़ेंगी बौछारें

रायपुर शहर में आज (21 अगस्त) गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। शहर का अधिकतम तापमान करीब 30 डिग्री और न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है।

1 जून से 20 अगस्त तक प्रदेश में 771.8 एमएम बारिश

छत्तीसगढ़ में 1 जून से 20 अगस्त तक औसतन 771.8 एमएम (30.4 इंच) बारिश हुई है, जबकि इस अवधि में सामान्य बारिश 818.7 एमएम (32.2 इंच) मानी जाती है। यानी प्रदेश में बारिश सामान्य से सिर्फ 6% कम है और राज्य की स्थिति नार्मल कैटेगरी में बनी हुई है।

हालांकि प्रदेश का कुल आंकड़ा सामान्य है, लेकिन जिला स्तर पर बारिश में बड़ा अंतर है। कहीं सामान्य से 55% ज्यादा बारिश हुई है, तो कुछ जिलों में अब भी 41% तक की कमी बनी हुई है।

33 में से 21 जिलों में स्थिति नार्मल, 8 में एक्सेस बारिश

प्रदेश के 13 जिलों में बारिश नार्मल रही है, जबकि 8 जिलों में सामान्य से ज्यादा यानी एक्सेस बारिश दर्ज की गई है। वहीं 7 जिले डेफिशिएंट कैटेगरी में हैं। बाकी जिलों में भी सामान्य के आसपास बारिश दर्ज की गई है।

सबसे ज्यादा बारिश सारंगढ़-बिलाईगढ़ में हुई। यहां 1 जून से 20 अगस्त तक 1014.6 एमएम (40 इंच) बारिश हुई, जो सामान्य 653 एमएम (25.7 इंच) से 55% ज्यादा है। इसके बाद बलरामपुर में 45%, मुंगेली में 35%, महासमुंद में 26%, बलौदाबाजार में 25%, जांजगीर में 21% और नारायणपुर में 21% एक्सेस बारिश दर्ज की गई।

रायगढ़ के पुटूकछार गांव में 4 दिन से रपटा पुल डूबा।

रायगढ़ के पुटूकछार गांव में 4 दिन से रपटा पुल डूबा।

सरगुजा में सबसे ज्यादा कमी, बेमेतरा और कांकेर भी पीछे

बारिश की कमी वाले जिलों में सबसे खराब स्थिति सरगुजा की है। यहां सामान्य 851.6 एमएम के मुकाबले सिर्फ 499.7 एमएम बारिश हुई है। यानी जिला अब भी सामान्य से 41% नीचे है।

इसके बाद बेमेतरा और कांकेर दोनों में 39% की कमी दर्ज की गई है। जशपुर में बारिश सामान्य से 33% कम है। इसके अलावा बस्तर में 25% और कोंडागांव में 22% की कमी बनी हुई है।

बलरामपुर जिले में मूसलाधार बारिश के कारण कन्हर नदी उफान पर है।

बलरामपुर जिले में मूसलाधार बारिश के कारण कन्हर नदी उफान पर है।

रायपुर में 12% ज्यादा, दुर्ग में 14% कम

रायपुर में इस सीजन अब तक 805.5 एमएम (31.7 इंच) बारिश हो चुकी है, जबकि सामान्य आंकड़ा 722.2 एमएम (28.4 इंच) है। यहां बारिश सामान्य से 12% ज्यादा है।

वहीं दुर्ग में 606.3 एमएम (23.9 इंच) बारिश दर्ज की गई है, जो सामान्य 707.4 एमएम (27.8 इंच) से 14% कम है, लेकिन यह जिला अभी भी नार्मल कैटेगरी में है। इसी तरह राजनांदगांव में 14% और कबीरधाम, मोहला-मानपुर-चौकी में 17% तक की कमी के बावजूद स्थिति नॉर्मल रेंज में है।

बस्तर संभाग में भी अलग-अलग तस्वीर

बस्तर क्षेत्र में भी बारिश का वितरण एक जैसा नहीं है। नारायणपुर में सामान्य से 21% ज्यादा बारिश हुई है, जबकि बीजापुर और दंतेवाड़ा में स्थिति नार्मल है। दूसरी तरफ बस्तर में 25%, कोंडागांव में 22% और कांकेर में 39% की कमी दर्ज की गई है।

यानी बस्तर क्षेत्र में भी कुछ जिलों में अच्छी बारिश हुई, लेकिन कई जिले अब तक मानसून की कमी से जूझ रहे हैं।

रामानुजगंज नगर के वार्ड क्रमांक 13 में एक कच्चा मकान अचानक ढह गया।

रामानुजगंज नगर के वार्ड क्रमांक 13 में एक कच्चा मकान अचानक ढह गया।

किन जिलों में सबसे ज्यादा बारिश

बारिश की वास्तविक मात्रा की बात करें तो नारायणपुर में 1068.7 एमएम (42.1 इंच), सारंगढ़-बिलाईगढ़ में 1014.6 एमएम (40 इंच), बलरामपुर में 994.4 एमएम (39.2 इंच), जांजगीर में 942.6 एमएम (37.1 इंच), महासमुंद में 939.5 एमएम (37 इंच) और बीजापुर में 939.4 एमएम (37 इंच) बारिश दर्ज की गई है।

वहीं सबसे कम बारिश बेमेतरा में 455.3 एमएम (17.9 इंच) और सरगुजा में 499.7 एमएम (19.7 इंच) हुई है।

क्या कहता है पूरा डेटा?

छत्तीसगढ़ के लिए राहत की बात यह है कि अगस्त के तीसरे हफ्ते तक प्रदेश की कुल मौसमी बारिश सामान्य के करीब पहुंच गई है। जून और जुलाई के शुरुआती दौर में कई जिलों में बनी भारी कमी अब काफी हद तक भर चुकी है।

लेकिन आंकड़े यह भी बता रहे हैं कि प्रदेश की औसत बारिश को देखकर हर जिले की स्थिति का अंदाजा नहीं लगाया जा सकता। 33 में कई जिलों में सामान्य या एक्सेस बारिश है, जबकि सरगुजा, बेमेतरा, कांकेर, जशपुर, बस्तर और कोंडागांव जैसे जिलों में बारिश की कमी अब भी बनी हुई है।

आने वाले दिनों में इन जिलों में अच्छी बारिश होती है तो सीजन के अंत तक इनका रेनफॉल डेफिसिट और कम हो सकता है।

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प्रदीप मिश्रा ने Gen-Z को दिलाई शपथ:बोले- PM मोदी को गाली देना कैसा संस्कार?, माता-पिता बच्चों को गाड़ी नहीं, संस्कार दें

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रायपुर/दुर्ग-भिलाई, एजेंसी। छत्तीसगढ के दुर्ग जिले के भिलाई में चल रही शिव महापुराण कथा के चौथे दिन कथावाचक प्रदीप मिश्रा ने दिल्ली के जेन-जी प्रोटेस्ट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ कथित गाली-गलौज को लेकर युवाओं के संस्कारों पर सवाल उठाए। उन्होंने व्यासपीठ से कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपशब्द कह देना, ये कौन से संस्कार हैं?

इसके बाद कथा सुनने आए जेन-जी लड़के-लड़कियों को खड़ा कर देश की मर्यादा और संस्कारों को बनाए रखने की शपथ भी दिलाई। उन्होंने व्यासपीठ से अपील करते हुए कहा बच्चों को कार भले मत दिलाओ। कार दिलाओगे तो बच्चे बेचकर खा जाएंगे। बच्चों को संस्कार दिलाओ तो वे कारों की लाइन लगा देंगे।

कथा सुनने आए जेन-जी लड़के-लड़कियों को खड़ा कर संस्कार बनाए रखने की शपथ दिलाई। (सौजन्य: आस्था चैनल)

कथा सुनने आए जेन-जी लड़के-लड़कियों को खड़ा कर संस्कार बनाए रखने की शपथ दिलाई।

प्रधानमंत्री को गाली देने पर जेन-जी के संस्कारों पर सवाल

आज देखिए, क्या हो रहा है? कहीं न कहीं हमारे बच्चे संस्कारों से दूर हो रहे हैं। अभी कुछ दिन पहले हमने दिल्ली का नजारा देखा था। क्या संस्कार थे? भारत को विश्वगुरु बनाने की पहल करने वाले और विदेशों में भी जिस भारत का डंका बज रहा है, जो हर सनातनी के दिल में निवास करते हैं, ऐसे प्रधानमंत्री नरेंद्र भाई मोदी, जो राजगद्दी पर बैठे हैं, उन्हें तुम अपशब्द कह रहे हो। ये जेन-जी है? क्या ये आज की जनरेशन है? इसे संस्कार कहेंगे?”

कथा में युवाओं को खड़ा कर दिलाई शपथ

प्रदीप मिश्रा ने कथा में मौजूद युवा लड़के-लड़कियों को खड़ा कराया और देश के प्रति जिम्मेदारी की शपथ दिलाई। उन्होंने युवाओं से भारत की मर्यादा और संस्कारों को बनाए रखने का संकल्प लेने को कहा।

शपथ के दौरान उन्होंने युवाओं से कहलवाया कि हम भारत के हैं और भारत हमारा है। भारत की मर्यादा और संस्कारों के लिए कभी हम अपनी शिक्षा को लज्जित नहीं होने देंगे। खूब पढ़ेंगे और छत्तीसगढ़ और देश को भी आगे बढ़ाएंगे।

पं. प्रदीप मिश्रा ने व्यास पीठ से कहा- माता-पिता बच्चों को गाड़ी नहीं संस्कार दें। (सौजन्य: आस्था चैनल)

पं. प्रदीप मिश्रा ने व्यास पीठ से कहा- माता-पिता बच्चों को गाड़ी नहीं संस्कार दें। (सौजन्य: आस्था चैनल)

महंगे कॉलेज में पढ़ाओ, लेकिन संस्कार भी दो

प्रदीप मिश्रा ने पेरेंट्स से कहा कि बच्चों को अच्छी शिक्षा दें, महंगे से महंगे कॉलेज में पढ़ाएं, अच्छे कपड़े और अच्छा भोजन दें, लेकिन इसके साथ उन्हें अच्छे संस्कार और ज्ञान भी दें। उन्होंने कहा कि आने वाली पीढ़ी को संस्कारों में ढालने से एक ऐसा इतिहास बनेगा, जिसमें हम गर्व से कह सकेंगे हमर छत्तीसगढ महान, मेरा छत्तीसगढ़, मेरा देश महान कहेंगे।

स्कूलों में मंत्र और राष्ट्रगीत का भी किया जिक्र

प्रदीप मिश्रा ने छत्तीसगढ़ के स्कूलों में प्रार्थना और मंत्र-पाठ अनिवार्य किए जाने की तारीफ की। कहा कि छत्तीसगढ़ से सभी स्कूलों में राष्ट्रगान, राष्ट्रगीत, दीप मंत्र, सरस्वती वंदना, गुरुमंत्र महापुरुषों के जीवन का वाचन शांति मंत्र कराया जा रहा है।

इसे सनातनी पहल और भारत को विश्वगुरु बनाने की पहल बताया। कहा कि आने वाली पीढ़ी जब संस्कारों में ढलेगी तो उसके भीतर देश और छत्तीसगढ़ के प्रति गर्व की भावना पैदा होगी।

भिलाई के सेक्टर-6 स्थित सिविक सेंटर जयंती स्टेडियम मैदान में चल रही कथा। (सौजन्य: आस्था चैनल)

भिलाई के सेक्टर-6 स्थित सिविक सेंटर जयंती स्टेडियम मैदान में चल रही कथा। (सौजन्य: आस्था चैनल)

‘बच्चों की शादी सादगी से करो’

कथा के दौरान प्रदीप मिश्रा ने भगवान शिव और माता पार्वती के विवाह के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि शादी, धन और वैभव के प्रदर्शन से नहीं, बल्कि संस्कारों के साथ हुई थी। बच्चों के विवाह के लिए आप कर्ज नहीं लीजिए उनके विवाह सादगी के साथ करें।

उन्होंने माता-पिता से बच्चों की शादी में दिखावे और ज्यादा खर्च से बचने की अपील की। कहा कि बच्चों की शादी में जरूरत से ज्यादा खर्च करने के बजाय सादगी से विवाह करें और बच्चों को संस्कार दें।

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