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छत्तीसगढ़

रायपुर : युवाओं को ‘जॉब सीकर’ नहीं, ‘जॉब क्रिएटर’ बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा छत्तीसगढ़: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

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वर्ल्ड लीडर्स फोरम में छत्तीसगढ़ ने रखा युवा-केंद्रित अर्थव्यवस्था का रोडमैप

6 लाख विद्यार्थियों को एआई प्रशिक्षण, वर्ष 2030 तक 5 हजार स्टार्टअप का लक्ष्य

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने वैश्विक मंच से निवेशकों को दिया छत्तीसगढ़ में निवेश का आमंत्रण

नई औद्योगिक नीति के बाद प्रदेश को मिले 8 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव

एआई, सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स, डेटा सेंटर, ग्रीन एनर्जी और फार्मा बनेंगे नई अर्थव्यवस्था के ग्रोथ इंजन

बस्तर में शांति के साथ खुल रहे विकास, पर्यटन, निवेश और रोजगार के नए द्वार

रायपुर, 21 अगस्त 2026। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज नई दिल्ली में आयोजित दो दिवसीय वर्ल्ड लीडर्स फोरम में वैश्विक आर्थिक जगत की प्रमुख हस्तियों के समक्ष छत्तीसगढ़ की तेजी से बदलती आर्थिक तस्वीर, निवेश की व्यापक संभावनाओं और भविष्य के विकास का रोडमैप प्रस्तुत किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ अब अपनी पारंपरिक औद्योगिक और खनिज आधारित पहचान से आगे बढ़कर युवा शक्ति, नवाचार, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, स्टार्टअप, ग्रीन एनर्जी और आधुनिक विनिर्माण पर आधारित नई अर्थव्यवस्था की ओर तेजी से कदम बढ़ा रहा है। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य केवल बड़े निवेश आकर्षित करना नहीं है, बल्कि निवेश को रोजगार, उद्यमिता, बेहतर आय और युवाओं के उज्ज्वल भविष्य से जोड़ना है। छत्तीसगढ़ के युवा केवल रोजगार तलाशने वाले न रहें, बल्कि अपने नवाचार और उद्यमिता के बल पर दूसरों के लिए रोजगार के अवसर पैदा करें, इसी सोच के साथ राज्य की नीतियों और योजनाओं को नया स्वरूप दिया जा रहा है। फोरम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, विदेश मंत्री एस. जयशंकर, भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर, ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन सहित भारत और विश्व की अनेक प्रमुख हस्तियां शामिल हो रही हैं।

6.31 लाख करोड़ की अर्थव्यवस्था, 11.57 प्रतिशत की विकास दर
मुख्यमंत्री श्री साय ने छत्तीसगढ़ की आर्थिक प्रगति का उल्लेख करते हुए बताया कि वर्ष 2025-26 में राज्य की अर्थव्यवस्था का आकार लगभग 6.31 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है और आर्थिक वृद्धि दर 11.57 प्रतिशत रही है। प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय भी बढ़कर 1 लाख 79 हजार 244 रुपये हो गई है। उन्होंने कहा कि राज्य के आर्थिक विकास का लाभ समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचाने के लिए विकास और जनकल्याण को समान प्राथमिकता दी गई है।

उन्होंने बताया कि वर्ष 2026-27 के 1.72 लाख करोड़ रुपये के बजट में अधोसंरचना निर्माण, पूंजीगत व्यय और सामाजिक कल्याण पर विशेष ध्यान दिया गया है। सड़क, रेल, ऊर्जा, डिजिटल कनेक्टिविटी और औद्योगिक अधोसंरचना को मजबूत कर छत्तीसगढ़ को देश के प्रमुख निवेश गंतव्यों में स्थापित करने की दिशा में योजनाबद्ध तरीके से काम किया जा रहा है।

नई औद्योगिक नीति के बाद 8 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में निवेश के लिए अनुकूल और पारदर्शी वातावरण तैयार करना सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। नई औद्योगिक विकास नीति 2024-30, वन क्लिक सिंगल विंडो सिस्टम 2.0 और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस से जुड़े सुधारों के माध्यम से निवेश प्रक्रियाओं को सरल और समयबद्ध बनाया गया है। उन्होंने कहा कि पिछले दो वर्षों में 450 से अधिक प्रक्रियाओं का सरलीकरण किया गया है। इन सुधारों का सकारात्मक परिणाम सामने आया है और नई औद्योगिक नीति लागू होने के बाद प्रदेश को 8 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में अब स्टील, सीमेंट और खनिज आधारित उद्योगों के साथ-साथ सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा सेंटर, फार्मास्यूटिकल, टेक्सटाइल, लॉजिस्टिक्स, ग्रीन एनर्जी और फूड प्रोसेसिंग जैसे भविष्य के क्षेत्रों में निवेश के लिए नई संभावनाएं तैयार हुई हैं।

2030 तक 5 हजार स्टार्टअप, युवा बनेंगे रोजगार सृजक

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की नई अर्थव्यवस्था के केंद्र में युवा हैं। सरकार चाहती है कि प्रदेश के युवा केवल नौकरी की प्रतीक्षा करने वाले ‘जॉब सीकर’ नहीं, बल्कि ‘जॉब क्रिएटर’ बनें। उन्होंने कहा कि प्रदेश में वर्ष 2030 तक 5 हजार स्टार्टअप विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है। नए उद्यमियों को अपने अभिनव विचारों को व्यवसाय में बदलने के लिए 10 लाख रुपये तक सीड फंड सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूत करने के साथ युवाओं को तकनीक, नवाचार, कौशल और बाजार से जोड़ने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि युवा उद्यमियों को प्रोत्साहन मिलने से न केवल नए व्यवसाय खड़े होंगे, बल्कि स्थानीय स्तर पर बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर भी निर्मित होंगे।

6 लाख विद्यार्थियों को एआई प्रशिक्षण, 50 से अधिक एआई आधारित सेवाएं

मुख्यमंत्री श्री साय ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को छत्तीसगढ़ के भविष्य के विकास का महत्वपूर्ण माध्यम बताते हुए कहा कि प्रदेश में 6 लाख विद्यार्थियों और 1.5 लाख शासकीय कर्मचारियों को एआई प्रशिक्षण देने की योजना है। इसके साथ ही नागरिकों को बेहतर और त्वरित सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए 50 से अधिक एआई आधारित सरकारी सेवाएं विकसित की जाएंगी।

उन्होंने कहा कि एआई का उद्देश्य केवल तकनीकी बदलाव नहीं है। इसका वास्तविक उद्देश्य शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाना, युवाओं के लिए भविष्य के रोजगार और उद्यमिता के अवसर तैयार करना तथा सरकारी सेवाओं को अधिक प्रभावी और नागरिक-केंद्रित बनाना है।

500 करोड़ का एआई मिशन, नवा रायपुर में एआई डेटा सेंटर पार्क

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में 500 करोड़ रुपये के राज्य एआई मिशन पर काम किया जा रहा है। इसके अंतर्गत 100 एआई डेटा लैब और 5 सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किए जाएंगे तथा 300 से अधिक एआई स्टार्टअप्स को सहयोग देने का लक्ष्य है। नवा रायपुर में करीब 1,000 करोड़ रुपये की लागत से एआई डेटा सेंटर पार्क विकसित किया जा रहा है। इससे छत्तीसगढ़ को देश के उभरते डिजिटल और एआई इकोसिस्टम में महत्वपूर्ण स्थान मिलेगा तथा युवाओं के लिए नई पीढ़ी के रोजगार के अवसर सृजित होंगे।

बस्तर बनेगा छत्तीसगढ़ की नई अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बदलता हुआ बस्तर छत्तीसगढ़ की विकास यात्रा का सबसे महत्वपूर्ण अध्याय है। सुरक्षा की स्थिति में तेजी से हुए सुधार के बाद अब बस्तर में विकास, निवेश, रोजगार और उद्यमिता के लिए नए अवसर तैयार हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि बस्तर सहित प्रदेश के करीब 10 लाख परिवारों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से 4,824 करोड़ रुपये की आजीविका उन्नयन योजना तैयार की जा रही है। बस्तर में 421 बंद स्कूलों को पुनः शुरू किया गया है। स्वास्थ्य सेवाओं को तकनीक से जोड़ते हुए 34 लाख से अधिक लोगों की डिजिटल हेल्थ प्रोफाइल तैयार की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि 3,513 करोड़ रुपये की जगदलपुर-रावघाट रेल परियोजना बस्तर के आर्थिक विकास में मील का पत्थर साबित होगी। इससे बस्तर की औद्योगिक और व्यापारिक कनेक्टिविटी बढ़ने के साथ स्थानीय उत्पादों को बड़े बाजारों तक पहुंचाने में सहायता मिलेगी।

बस्तर में पर्यटन और स्थानीय उत्पाद बनेंगे रोजगार का बड़ा माध्यम

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक सुंदरता, जनजातीय संस्कृति और ऐतिहासिक विरासत में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। चित्रकोट, तीरथगढ़, कांगेर घाटी और सिरपुर जैसे प्रमुख पर्यटन स्थलों के साथ बस्तर की समृद्ध जनजातीय संस्कृति को विश्वस्तरीय पर्यटन मानचित्र से जोड़ने की दिशा में काम किया जा रहा है। राज्य में पर्यटन को उद्योग का दर्जा दिए जाने से इस क्षेत्र में निजी निवेश के साथ होटल, हॉस्पिटैलिटी, परिवहन, स्थानीय हस्तशिल्प और अन्य सेवाओं में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर सहित प्रदेश के वनांचलों में मिलने वाले लघु वनोपज, औषधीय पौधों, मिलेट और कृषि उत्पादों की स्थानीय स्तर पर प्रोसेसिंग और वैल्यू एडिशन को बढ़ावा दिया जा रहा है। लक्ष्य यह है कि छत्तीसगढ़ केवल कच्चे माल का उत्पादक न रहे, बल्कि यहीं तैयार उत्पाद बनें और उनकी अधिकतम आर्थिक मूल्य स्थानीय लोगों को मिले।

ग्रीन एनर्जी से जुड़ेगा छत्तीसगढ़ का विकास

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ ऊर्जा उत्पादन में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है। अब पारंपरिक ऊर्जा में अपनी मजबूत स्थिति बनाए रखते हुए राज्य तेजी से ग्रीन एनर्जी ट्रांजिशन की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

आने वाले वर्षों में प्रदेश में करीब 4 हजार मेगावाट अतिरिक्त सौर ऊर्जा क्षमता विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है। प्रदेश के 90 हजार से अधिक घर सौर ऊर्जा से जुड़ चुके हैं। भिलाई में प्रदेश का पहला फ्लोटिंग सोलर प्लांट भी स्थापित किया गया है। उन्होंने कहा कि ग्रीन एनर्जी का विस्तार राज्य की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के साथ नए निवेश और ग्रीन जॉब्स के लिए भी महत्वपूर्ण आधार बनेगा।

कच्चे माल से आगे बढ़कर वैल्यू एडिशन पर फोकस

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध है, लेकिन राज्य की नई आर्थिक नीति का लक्ष्य केवल इन संसाधनों का दोहन नहीं, बल्कि प्रदेश के भीतर ही उनका अधिकतम वैल्यू एडिशन करना है। इसी दिशा में नवा रायपुर और राजनांदगांव में इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग से जुड़ी अधोसंरचना विकसित की जा रही है। राजनांदगांव में प्रस्तावित स्पेस मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर, 142 एकड़ का फार्मा पार्क तथा टेक्सटाइल और रेडीमेड गारमेंट पार्क भविष्य के औद्योगिक विकास को नई गति देंगे। कोरबा में लिथियम की खोज से प्रदेश में बैटरी निर्माण, ऊर्जा भंडारण और न्यू एनर्जी सेक्टर में भी नई संभावनाएं खुली हैं।

ईज ऑफ डूइंग बिजनेस अधिनियम से निवेश प्रक्रिया होगी और आसान

मुख्यमंत्री ने कहा कि उद्योगों के लिए प्रक्रियाओं को सरल, पारदर्शी और समयबद्ध बनाने के उद्देश्य से ईज ऑफ डूइंग बिजनेस अधिनियम-2026 लागू किया गया है। कम जोखिम वाले उद्योगों के प्रकरणों में निर्धारित समय में निर्णय नहीं होने पर स्वतः अनुमति का प्रावधान किया गया है। इसके अंतर्गत आठ विभागों की 43 सेवाओं को शामिल किया गया है। इससे प्रदेश के लगभग 15 लाख एमएसएमई को लाभ मिलने की संभावना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का प्रयास है कि निवेशकों को अनुमति और प्रक्रियाओं में अनावश्यक समय न लगे और वे अपना ध्यान उद्योग तथा रोजगार सृजन पर केंद्रित कर सकें।

संसाधन से नवाचार तक – नए छत्तीसगढ़ का निवेश मॉडल

मुख्यमंत्री श्री साय ने वैश्विक निवेशकों के समक्ष छत्तीसगढ़ को ऐसे राज्य के रूप में प्रस्तुत किया, जहां प्राकृतिक संसाधन, पर्याप्त ऊर्जा, भूमि, कुशल और युवा मानव संसाधन, बेहतर होती कनेक्टिविटी, आधुनिक अधोसंरचना और निवेश-अनुकूल नीतियां एक साथ उपलब्ध हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की विकास यात्रा का अगला चरण संसाधन आधारित अर्थव्यवस्था से आगे बढ़कर ज्ञान, तकनीक, नवाचार और उद्यमिता आधारित अर्थव्यवस्था के निर्माण का है। निवेश इस परिवर्तन का माध्यम है, जबकि इसका अंतिम उद्देश्य प्रदेश के युवाओं को बेहतर रोजगार, उद्यमिता और आय के अवसर उपलब्ध कराकर उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव लाना है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के सलाहकार आर. कृष्णा दास, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव पी. दयानंद एवं राहुल भगत, विशेष सचिव एवं जनसम्पर्क आयुक्त रजत बंसल, आवासीय आयुक्त श्रीमती श्रुति सिंह सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।

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कोरबा

हरदी बाजार क्षेत्र में बंदर का उत्पाद, वन विभाग और नोवा नेचर की टीम ने किया सुरक्षित रेस्क्यू

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कोरबा। कटघोरा वन मण्डल के हरदी बाजार क्षेत्र में पिछले करीब चार – पांच दिनों से एक जंगली बंदर के लगातार उत्पात से लोगों में दहशत का माहौल बना हुआ था, स्थानीय लोगों के अनुसार बंदर राह चलते लोगों, बच्चों और बड़ों को दौड़ाने के साथ उन्हें काटने की कोशिश कर रहा था, इस दौरान क्षेत्र में करीब 4 लोगों को बंदर द्वारा काटे जाने की जानकारी सामने आई, जिसके बाद लोगों में डर और बढ़ गया था।

बंदर के लगातार आक्रामक व्यवहार को देखते हुए स्थानीय लोगों ने इसकी सूचना वन विभाग को दी, जिस पर वनमण्डलाधिकारी कटघोरा जितेंद्र कुमार उपाध्याय के निर्देशानुसार उप वनमण्डलाधिकारी हितेश ठाकुर के मार्गदर्शन एवं पाली वन परिक्षेत्र अधिकारी भोगेश्वर बंजारे के नेतृत्व में नोवा नेचर संस्था के जितेंद्र सारथी की टीम के सदस्य बबलू, राकेश एवं कमल मौके स्थल पर पहुंचे।

रेस्क्यू के दौरान बंदर अचानक एक कमरे में प्रवेश कर गया, इसी मौके का फायदा उठाते हुए वन विभाग एवं नोवा नेचर की टीम ने पूरी सावधानी और निर्धारित रेस्क्यू प्रक्रिया का पालन करते हुए बंदर को सफलतापूर्वक जाल से पकड़ कर पिंजड़े में रखा गया फिर उसे प्राकृतिक रहवास जंगल में जाकर छोड़ दिया गया।

बंदर के पकड़े जाने के बाद क्षेत्र के लोगों ने राहत की सांस ली, रेस्क्यू टीम का कहना है कि वन्यजीवों के रिहायशी क्षेत्रों में आने पर उन्हें नुकसान पहुंचाने या मारने के बजाय वन विभाग को तत्काल सूचना देकर सुरक्षित रेस्क्यू कराना चाहिए।

वन्यजीवों का मानव बस्तियों में पहुंचना कई बार भोजन, पानी, आवास क्षेत्र में बदलाव अथवा अन्य कारणों से हो सकता है,ऐसे मामलों में भीड़ लगाना, बंदर को छेड़ना या उसे पकड़ने की कोशिश करना खतरनाक हो सकता है।

इस रेस्क्यू में ड्यूटी रेंजर नमित तिवारी, महेंद्र देवेंगन, नोवा नेचर से बबलू,राकेश मानिकपुरी, कमल चंद्रा की विशेष भूमिका रही।

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कोरबा

छत्तीसगढ़ अखबार वितरक संघ के सदस्यों ने परिवार सहित चित्रा मल्टीप्लेक्स में नि:शुल्क देखी हनुमान अंश मूवी

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चित्रा मल्टीप्लेक्स के संचालक गोपाल मोदी का जताया आभार
कोरबा। नीब करौरी बाबा की बायोपिक और साल की सबसे बड़ी सरप्राइज हिट फिल्म हनुमान अंश का जादू अब सभी वर्ग पर चल रहा है। इसी कड़ी में छत्तीसगढ़ अखबार वितरक संघ के सदस्यों ने परिवार सहित चित्रा मल्टीप्लेक्स पहुंचकर मूवी हनुमान अंश देखी।
चित्रा मल्टीप्लेक्स के संचालक एवं भाजपा नेता गोपाल मोदी ने प्रेस क्लब के सदस्यों के बाद अखबार वितरकों के लिए नि:शुल्क शो रखा था और नि:शुल्क हनुमान अंश देखकर अखबार वितरक एवं उनका परिवार काफी प्रसन्न हुए।
यहां यह बताना लाजिमी होगा कि महज 02 करोड़ के बजट में बनी हनुमान अंश ने बाक्स आफिस पर 400 करोड़ से ज्यादा की कमाई कर इतिहास रच दिया। फिल्म पूज्य संत नीम करौरी बाबा के जीवन पर आधारित है, जिन्हें भक्त महाराज जी के नाम से पूजते हैं। विशाल चतुर्वेदी द्वारा निर्देशित इस फिल्म में एक दुखी युवक की आध्यात्मिक यात्रा को प्रदर्शित किया गया है।
फिल्म देकर अखबार वितरकों एवं उनके परिवारों ने कहा-हनुमान अंश मात्र फिल्म ही नहीं बल्कि आस्था, सेवा और जीवन के सत्य को समझाने वाली प्रेरणा है। हर रोज सुबह-सुबह लोगों तक खबरें पहुंचाने वाले वितरकों के चेहरे पर फिल्म देखकर सुकून और उत्साह देखा गया।
गोपाल मोदी का जताया आभार

छत्तीसगढ़ अखबार वितरक संघ की जिला इकाई के अध्यक्ष विपेन्द्र कुमार साहू ने सभी सदस्यों की ओर से चित्रा मल्टीप्लेक्स के संचालक एवं जिला भाजपा अध्यक्ष गोपाल मोदी का ह्दय से आभार जताया और कहा कि श्री मोदी भाजपा के विचारों से ऐसे गढ़े और रंगें हैं कि वे अंतिम व्यक्ति की पूछ परख रखते हैं। उन्होंने निचले तबके में आने वाले अखबार वितरकों की सुध ली और हमें नि:शुल्क हनुमान अंश देखने का अवसर प्रदान किया, यह बड़ी बात है… गोपाल मोदी जी का कोटि-कोटि धन्यवाद!

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कोरबा

अखबार वितरक संघ ने रामपुर विधायक फूलसिंह राठिया का साल एवं गुलदस्ता देकर स्वागत किया

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कोरबा/रामपुर। 04 अक्टूबर रविवार को छत्तीसगढ़ अखबार वितरक संघ के सदस्यों ने रामपुर विधायक फूलसिंह राठिया के निज निवास केरवाद्वारी पहुंचकर उनसे सौजन्य मुलाकात की और उनका साल, श्रीफल एवं पुष्प माला से स्वागत किया।
संघ के सदस्यों ने विधायक श्री राठिया से आवश्यक चर्चा की और विधायक श्री राठिया ने समाज के निचले तबके में शामिल अखबार वितरकों की समृद्धि एवं सहायता के लिए सहयोग करने का आश्वासन दिया। श्री राठिया के आवभगत से संघ के सदस्य काफी अभिभूत हुए और उनकी विनम्रता के कायल हुए।
रामपुर विधायक फूलसिंह राठिया से सौजन्य मुलाकात करने वालों में प्रदेश अध्यक्ष पदम सिंह चंदेल, संरक्षक रेशम साहू, जिला अध्यक्ष विपेन्द्र कुमार साहू, जिला सचिव जय कुमार नेताम, कोषाध्यक्ष लक्ष्मी राठौर, मीडिया प्रभारी रामायण सिंह (रामा), अनिल गिरी, राय सिंह, राकेश साहू, रंजीत पटेल , कृष्णा निर्मलकर, रतन पटेल, दिलभरन सिह, अजय कुमार बरेठ सहित रामपुर विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत अखबार वितरक उपस्थित थे।

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