रायपुर, एजेंसी। छत्तीसगढ़ के अधिकांश इलाकों में लगातार बारिश हो रही है, जिससे कई जगह हालात बिगड़े हुए हैं। मनेंद्रगढ़ जिले में जनकपुर के पास गोहड़ारी नदी में बना करीब 50 साल पुरानी पुलिया क्षतिग्रस्त हो गया। पानी के तेज बहाव से पुलिया के पियर (खंभे) टूट गए और करीब 70% हिस्से को नुकसान पहुंचा है। भारी वाहनों की आवाजाही रोक दी गई है।
मौसम विभाग के मुताबिक आज भी उत्तर और मध्य छत्तीसगढ़ में कुछ जगहों पर मध्यम से भारी बारिश हो सकती है। प्रदेश में बारिश का दौर अगले 7 दिन तक जारी रहने की संभावना है। गुरुवार को सरगुजा, बिलासपुर और दुर्ग संभाग में कई जगह बारिश हुई, जबकि कुछ जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश दर्ज की गई।
मनेंद्रगढ़ के गोहड़ारी नदी में बनी पुलिया में भारी वाहनों की आवाजाही रोक दी गई है।
पुलिया के करीब 70% हिस्से को नुकसान पहुंचा है।
खारुन नदी में बहे ग्रामीण का शव मिला
कोरबा के पाली थाना क्षेत्र में बुधवार सुबह खारुन नदी में बहा 45 वर्षीय गेंदलाल का शव करीब 24 घंटे बाद गुरुवार सुबह मिला। वह नदी किनारे गुड़ाखू करने गया था, तभी पैर फिसलने से तेज बहाव में बह गया। करीब 500 मीटर दूर झाड़ियों में उसका शव मिला।
वहीं, रायगढ़ के धरमजयगढ़ ब्लॉक के पुटूकछार गांव में नदी का जलस्तर बढ़ने से रपटा पुल चार दिनों से डूबा है। इससे खम्हार-पुटूकछार मार्ग पर लोगों का आना-जाना बंद है। स्कूली बच्चे स्कूल नहीं जा पा रहे हैं और ग्रामीणों को भी गांव से बाहर निकलने में परेशानी हो रही है।
कोरबा में खारुन नदी में बहे ग्रामीण का शव निकालते गोताखोर की टीम।
कोरबा में खारुन नदी में बहा ग्रामीण का दूसरे दिन शव मिला।
सीजन में अब सिर्फ 6% कम बारिश
प्रदेश में 1 जून से अब तक हुई बारिश का आंकड़ा सामान्य के करीब पहुंच गया है। मौसम विभाग के अनुसार छत्तीसगढ़ में सीजन की औसत बारिश सामान्य से सिर्फ 6% कम है। इसे सामान्य बारिश की कैटेगरी में माना जा रहा है।
पिछले 24 घंटे में प्रदेश का सबसे ज्यादा अधिकतम तापमान जगदलपुर में 30.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं सबसे कम न्यूनतम तापमान पेंड्रा रोड में 21.2 डिग्री सेल्सियस रहा।
रायपुर में गरज-चमक के साथ पड़ेंगी बौछारें
रायपुर शहर में आज (21 अगस्त) गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। शहर का अधिकतम तापमान करीब 30 डिग्री और न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है।
1 जून से 20 अगस्त तक प्रदेश में 771.8 एमएम बारिश
छत्तीसगढ़ में 1 जून से 20 अगस्त तक औसतन 771.8 एमएम (30.4 इंच) बारिश हुई है, जबकि इस अवधि में सामान्य बारिश 818.7 एमएम (32.2 इंच) मानी जाती है। यानी प्रदेश में बारिश सामान्य से सिर्फ 6% कम है और राज्य की स्थिति नार्मल कैटेगरी में बनी हुई है।
हालांकि प्रदेश का कुल आंकड़ा सामान्य है, लेकिन जिला स्तर पर बारिश में बड़ा अंतर है। कहीं सामान्य से 55% ज्यादा बारिश हुई है, तो कुछ जिलों में अब भी 41% तक की कमी बनी हुई है।
33 में से 21 जिलों में स्थिति नार्मल, 8 में एक्सेस बारिश
प्रदेश के 13 जिलों में बारिश नार्मल रही है, जबकि 8 जिलों में सामान्य से ज्यादा यानी एक्सेस बारिश दर्ज की गई है। वहीं 7 जिले डेफिशिएंट कैटेगरी में हैं। बाकी जिलों में भी सामान्य के आसपास बारिश दर्ज की गई है।
सबसे ज्यादा बारिश सारंगढ़-बिलाईगढ़ में हुई। यहां 1 जून से 20 अगस्त तक 1014.6 एमएम (40 इंच) बारिश हुई, जो सामान्य 653 एमएम (25.7 इंच) से 55% ज्यादा है। इसके बाद बलरामपुर में 45%, मुंगेली में 35%, महासमुंद में 26%, बलौदाबाजार में 25%, जांजगीर में 21% और नारायणपुर में 21% एक्सेस बारिश दर्ज की गई।
रायगढ़ के पुटूकछार गांव में 4 दिन से रपटा पुल डूबा।
सरगुजा में सबसे ज्यादा कमी, बेमेतरा और कांकेर भी पीछे
बारिश की कमी वाले जिलों में सबसे खराब स्थिति सरगुजा की है। यहां सामान्य 851.6 एमएम के मुकाबले सिर्फ 499.7 एमएम बारिश हुई है। यानी जिला अब भी सामान्य से 41% नीचे है।
इसके बाद बेमेतरा और कांकेर दोनों में 39% की कमी दर्ज की गई है। जशपुर में बारिश सामान्य से 33% कम है। इसके अलावा बस्तर में 25% और कोंडागांव में 22% की कमी बनी हुई है।
बलरामपुर जिले में मूसलाधार बारिश के कारण कन्हर नदी उफान पर है।
रायपुर में 12% ज्यादा, दुर्ग में 14% कम
रायपुर में इस सीजन अब तक 805.5 एमएम (31.7 इंच) बारिश हो चुकी है, जबकि सामान्य आंकड़ा 722.2 एमएम (28.4 इंच) है। यहां बारिश सामान्य से 12% ज्यादा है।
वहीं दुर्ग में 606.3 एमएम (23.9 इंच) बारिश दर्ज की गई है, जो सामान्य 707.4 एमएम (27.8 इंच) से 14% कम है, लेकिन यह जिला अभी भी नार्मल कैटेगरी में है। इसी तरह राजनांदगांव में 14% और कबीरधाम, मोहला-मानपुर-चौकी में 17% तक की कमी के बावजूद स्थिति नॉर्मल रेंज में है।
बस्तर संभाग में भी अलग-अलग तस्वीर
बस्तर क्षेत्र में भी बारिश का वितरण एक जैसा नहीं है। नारायणपुर में सामान्य से 21% ज्यादा बारिश हुई है, जबकि बीजापुर और दंतेवाड़ा में स्थिति नार्मल है। दूसरी तरफ बस्तर में 25%, कोंडागांव में 22% और कांकेर में 39% की कमी दर्ज की गई है।
यानी बस्तर क्षेत्र में भी कुछ जिलों में अच्छी बारिश हुई, लेकिन कई जिले अब तक मानसून की कमी से जूझ रहे हैं।
रामानुजगंज नगर के वार्ड क्रमांक 13 में एक कच्चा मकान अचानक ढह गया।
किन जिलों में सबसे ज्यादा बारिश
बारिश की वास्तविक मात्रा की बात करें तो नारायणपुर में 1068.7 एमएम (42.1 इंच), सारंगढ़-बिलाईगढ़ में 1014.6 एमएम (40 इंच), बलरामपुर में 994.4 एमएम (39.2 इंच), जांजगीर में 942.6 एमएम (37.1 इंच), महासमुंद में 939.5 एमएम (37 इंच) और बीजापुर में 939.4 एमएम (37 इंच) बारिश दर्ज की गई है।
वहीं सबसे कम बारिश बेमेतरा में 455.3 एमएम (17.9 इंच) और सरगुजा में 499.7 एमएम (19.7 इंच) हुई है।
क्या कहता है पूरा डेटा?
छत्तीसगढ़ के लिए राहत की बात यह है कि अगस्त के तीसरे हफ्ते तक प्रदेश की कुल मौसमी बारिश सामान्य के करीब पहुंच गई है। जून और जुलाई के शुरुआती दौर में कई जिलों में बनी भारी कमी अब काफी हद तक भर चुकी है।
लेकिन आंकड़े यह भी बता रहे हैं कि प्रदेश की औसत बारिश को देखकर हर जिले की स्थिति का अंदाजा नहीं लगाया जा सकता। 33 में कई जिलों में सामान्य या एक्सेस बारिश है, जबकि सरगुजा, बेमेतरा, कांकेर, जशपुर, बस्तर और कोंडागांव जैसे जिलों में बारिश की कमी अब भी बनी हुई है।
आने वाले दिनों में इन जिलों में अच्छी बारिश होती है तो सीजन के अंत तक इनका रेनफॉल डेफिसिट और कम हो सकता है।
रायपुर, एजेंसी। छत्तीसगढ़ NSUI ने संगठन में बड़ा फेरबदल करते हुए 9 नए अध्यक्षों की नियुक्ति की है। प्रदेश अध्यक्ष नीरज पांडेय ने राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ की अनुशंसा पर ये नियुक्तियां की हैं। इनमें 4 विधानसभा अध्यक्ष और 5 जिला अध्यक्ष शामिल हैं। सभी नियुक्तियां तत्काल प्रभाव से लागू होंगी।
पाटन से कांकेर तक नई टीम
4 विधानसभा और 5 जिलों को मिले नए अध्यक्ष
विधानसभा स्तर पर डेविड बघेल को पाटन, नंद कुमार नेताम को भानुप्रतापपुर, विक्रम मलिक को अंतागढ़ और नूतन पटेल को कांकेर विधानसभा अध्यक्ष बनाया गया है।
वहीं जिला स्तर पर दुष्यंत आर्या को मुंगेली, उस्मान रजा को बालोद, रोशन सिंह ठाकुर को खैरागढ़-छुईखदान-गंडई, रंजेश सिंह क्षत्री को बिलासपुर ग्रामीण और समर्थ मिरानी को बिलासपुर शहर की जिम्मेदारी दी गई है।
यूथ कांग्रेस चुनाव के बीच हुई नई नियुक्तियां
NSUI में ये नियुक्तियां ऐसे समय हुई हैं, जब छत्तीसगढ़ युवा कांग्रेस के संगठनात्मक चुनाव को लेकर विवाद चल रहा है। चुनाव प्रक्रिया और कथित अनियमितताओं को लेकर कार्यकर्ताओं की शिकायतों के बीच युवा कांग्रेस की प्रदेश प्रभारी स्मृति रंजन लेंका ने 17 से 19 अगस्त तक छत्तीसगढ़ का दौरा किया था।
इस दौरान प्रभावित कार्यकर्ताओं से बातचीत कर उनकी शिकायतें सुनी गईं। इसके बाद भी विवाद पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। इसी बीच NSUI की नई नियुक्तियों को संगठनात्मक गतिविधियों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
छात्र हितों और संगठन को मजबूत करने की जिम्मेदारी
NSUI ने नवनियुक्त पदाधिकारियों से संगठन की रीति-नीति और संविधान के अनुरूप काम करने की अपेक्षा जताई है। उन्हें छात्र हितों की रक्षा के साथ संगठन को मजबूत, सक्रिय और जमीनी स्तर पर प्रभावी बनाने के निर्देश दिए गए हैं।
इन नियुक्तियों के जरिए NSUI ने विधानसभा और जिला स्तर पर अपनी संगठनात्मक टीम को और मजबूत करने की कोशिश की है।
रायपुर/दुर्ग-भिलाई, एजेंसी। छत्तीसगढ के दुर्ग जिले के भिलाई में चल रही शिव महापुराण कथा के चौथे दिन कथावाचक प्रदीप मिश्रा ने दिल्ली के जेन-जी प्रोटेस्ट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ कथित गाली-गलौज को लेकर युवाओं के संस्कारों पर सवाल उठाए। उन्होंने व्यासपीठ से कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपशब्द कह देना, ये कौन से संस्कार हैं?
इसके बाद कथा सुनने आए जेन-जी लड़के-लड़कियों को खड़ा कर देश की मर्यादा और संस्कारों को बनाए रखने की शपथ भी दिलाई। उन्होंने व्यासपीठ से अपील करते हुए कहा बच्चों को कार भले मत दिलाओ। कार दिलाओगे तो बच्चे बेचकर खा जाएंगे। बच्चों को संस्कार दिलाओ तो वे कारों की लाइन लगा देंगे।
कथा सुनने आए जेन-जी लड़के-लड़कियों को खड़ा कर संस्कार बनाए रखने की शपथ दिलाई।
प्रधानमंत्री को गाली देने पर जेन-जी के संस्कारों पर सवाल
आज देखिए, क्या हो रहा है? कहीं न कहीं हमारे बच्चे संस्कारों से दूर हो रहे हैं। अभी कुछ दिन पहले हमने दिल्ली का नजारा देखा था। क्या संस्कार थे? भारत को विश्वगुरु बनाने की पहल करने वाले और विदेशों में भी जिस भारत का डंका बज रहा है, जो हर सनातनी के दिल में निवास करते हैं, ऐसे प्रधानमंत्री नरेंद्र भाई मोदी, जो राजगद्दी पर बैठे हैं, उन्हें तुम अपशब्द कह रहे हो। ये जेन-जी है? क्या ये आज की जनरेशन है? इसे संस्कार कहेंगे?”
कथा में युवाओं को खड़ा कर दिलाई शपथ
प्रदीप मिश्रा ने कथा में मौजूद युवा लड़के-लड़कियों को खड़ा कराया और देश के प्रति जिम्मेदारी की शपथ दिलाई। उन्होंने युवाओं से भारत की मर्यादा और संस्कारों को बनाए रखने का संकल्प लेने को कहा।
शपथ के दौरान उन्होंने युवाओं से कहलवाया कि हम भारत के हैं और भारत हमारा है। भारत की मर्यादा और संस्कारों के लिए कभी हम अपनी शिक्षा को लज्जित नहीं होने देंगे। खूब पढ़ेंगे और छत्तीसगढ़ और देश को भी आगे बढ़ाएंगे।
पं. प्रदीप मिश्रा ने व्यास पीठ से कहा- माता-पिता बच्चों को गाड़ी नहीं संस्कार दें। (सौजन्य: आस्था चैनल)
महंगे कॉलेज में पढ़ाओ, लेकिन संस्कार भी दो
प्रदीप मिश्रा ने पेरेंट्स से कहा कि बच्चों को अच्छी शिक्षा दें, महंगे से महंगे कॉलेज में पढ़ाएं, अच्छे कपड़े और अच्छा भोजन दें, लेकिन इसके साथ उन्हें अच्छे संस्कार और ज्ञान भी दें। उन्होंने कहा कि आने वाली पीढ़ी को संस्कारों में ढालने से एक ऐसा इतिहास बनेगा, जिसमें हम गर्व से कह सकेंगे हमर छत्तीसगढ महान, मेरा छत्तीसगढ़, मेरा देश महान कहेंगे।
स्कूलों में मंत्र और राष्ट्रगीत का भी किया जिक्र
प्रदीप मिश्रा ने छत्तीसगढ़ के स्कूलों में प्रार्थना और मंत्र-पाठ अनिवार्य किए जाने की तारीफ की। कहा कि छत्तीसगढ़ से सभी स्कूलों में राष्ट्रगान, राष्ट्रगीत, दीप मंत्र, सरस्वती वंदना, गुरुमंत्र महापुरुषों के जीवन का वाचन शांति मंत्र कराया जा रहा है।
इसे सनातनी पहल और भारत को विश्वगुरु बनाने की पहल बताया। कहा कि आने वाली पीढ़ी जब संस्कारों में ढलेगी तो उसके भीतर देश और छत्तीसगढ़ के प्रति गर्व की भावना पैदा होगी।
भिलाई के सेक्टर-6 स्थित सिविक सेंटर जयंती स्टेडियम मैदान में चल रही कथा। (सौजन्य: आस्था चैनल)
‘बच्चों की शादी सादगी से करो’
कथा के दौरान प्रदीप मिश्रा ने भगवान शिव और माता पार्वती के विवाह के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि शादी, धन और वैभव के प्रदर्शन से नहीं, बल्कि संस्कारों के साथ हुई थी। बच्चों के विवाह के लिए आप कर्ज नहीं लीजिए उनके विवाह सादगी के साथ करें।
उन्होंने माता-पिता से बच्चों की शादी में दिखावे और ज्यादा खर्च से बचने की अपील की। कहा कि बच्चों की शादी में जरूरत से ज्यादा खर्च करने के बजाय सादगी से विवाह करें और बच्चों को संस्कार दें।
रायपुर, एजेंसी। छत्तीसगढ़ सरकार ने वन विभाग में 9 भारतीय वन सेवा (IFS) अफसरों का तबादला किया है। वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग ने इसका आदेश जारी कर दिया है। 2017 बैच के सौरभ सिंह ठाकुर को गुरु घासीदास टाइगर रिजर्व, बैकुंठपुर के उप संचालक पद से हटाकर हाथी रिजर्व, सरगुजा (अंबिकापुर) का उप संचालक बनाया गया है।
2018 बैच के IFS अफसर दिनेश कुमार पटेल को वन उप संरक्षक (प्रादेशिक), मोहला से ट्रांसफर कर अचानकमार टाइगर रिजर्व, लोरमी का उप संचालक बनाया गया है।
वहीं, गणेश यूआर को अचानकमार टाइगर रिजर्व, बिलासपुर के उप संचालक पद से हटाकर अनुसंधान एवं विस्तार वन मंडल, बिलासपुर का वनमंडल अधिकारी बनाया गया है। उन्हें अचानकमार-अमरकंटक बायोस्फियर रिजर्व के संचालक का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है।
इन अफसरों का भी ट्रांसफर
– अभिनव कुमार वर्तमान में वन उप संरक्षक (प्रादेशिक), मुंगेली थे। उन्हें ट्रांसफर कर वन उप संरक्षक (प्रादेशिक), मोहला भेजा गया है।
– एस. नवीन कुमार कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान, जगदलपुर के संचालक थे। उन्हें अब वन उप संरक्षक (प्रादेशिक), पश्चिम भानुप्रतापपुर की जिम्मेदारी दी गई है।
– वहीं, गौतम पादीभर उप वनमंडलाधिकारी, गौरेला-मरवाही वनमंडल के पद पर थे। उनका तबादला कर कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान, जगदलपुर का संचालक बनाया गया है।
– श्वेता कम्बोज उप वनमंडलाधिकारी, अंबिकापुर वनमंडल में थीं। उन्हें ट्रांसफर कर गुरु घासीदास टाइगर रिजर्व, बैकुंठपुर की उप संचालक बनाया गया है।
– सुमेध संजय सुरवणे उप वनमंडलाधिकारी, सुकमा वनमंडल में थे। उन्हें ट्रांसफर कर इंद्रावती टाइगर रिजर्व, बीजापुर का उप संचालक बनाया गया है।
– तन्मय कौशिक उप वनमंडलाधिकारी, रायगढ़ वनमंडल में थे। उन्हें ट्रांसफर कर वन उप संरक्षक (प्रादेशिक), मुंगेली भेजा गया है।