खनन प्रभावित ग्रामों में कलेक्टर ने सरपंचों और ग्रामीणों से किया वन-टू-वन संवाद, विकास कार्यों की ली जानकारी
सलोरा, जेन्जरा, हुंकरा, धवईपुर, देवरी और तेलसरा में लगी चौपालः शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और बुनियादी सुविधाओं को सर्वाेच्च प्राथमिकता
कोरबा, 07 सितंबर 2026। कलेक्टर कुणाल दुदावत ने आज कोयला उत्खनन से प्रभावित ग्राम पंचायतों सलोरा, जेन्जरा, हुंकरा, धवईपुर, देवरी और तेलसरा का दौरा किया। उन्होंने ग्राम पंचायत भवनों में सरपंचों, पंचों और ग्रामीणों के बीच चौपाल लगाकर सीधे संवाद किया तथा गाँव की समस्याओं, आवश्यकताओं और विकास कार्यों की स्थिति की जानकारी ली। कलेक्टर ने सरपंचों और पंचों से कहा कि गाँव के समग्र विकास के लिए सभी मिलकर एक समग्र कार्ययोजना तैयार करें। उन्होंने कहा कि गाँव में जिन बुनियादी सुविधाओं की आवश्यकता है, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर शामिल किया जाए। महत्वपूर्ण कार्यों को जिला खनिज न्यास मद से स्वीकृति प्रदान की जाएगी। उन्होंने कहा कि स्वीकृत कार्यों को केवल समय-सीमा में पूरा करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि प्रत्येक निर्माण कार्य निर्धारित मापदंडों के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण होना भी जरूरी है। उन्होंने कहा, आप स्वीकृत काम समय पर और गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा करिए, मैं गाँव के विकास के लिए नए काम तुरंत स्वीकृत करूंगा। आप काम पूरा करते जाइए और नए कार्यों के प्रस्ताव लेकर आइए, ताकि गाँव के विकास की प्रक्रिया लगातार आगे बढ़ती रहे। स्वीकृत कार्यों के साथ भुगतान की समस्या भी होगी दूर कलेक्टर श्री दुदावत ने ग्राम पंचायतों को भरोसा दिलाया कि निर्माण कार्यों से संबंधित भुगतान में यदि जनपद पंचायत अथवा किसी अन्य एजेंसी के अधिकारी-कर्मचारी स्तर पर कोई समस्या आ रही है तो इसकी जानकारी जिला प्रशासन को दी जाए। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य पूर्ण होने के साथ ही संबंधित कार्यों का भुगतान भी शत-प्रतिशत सुनिश्चित करने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि खनन प्रभावित ग्रामों में बुनियादी सुविधाओं का विस्तार जिला प्रशासन की प्राथमिकता है और इसके लिए राशि की कमी नहीं होने दी जाएगी। गाँवों में पेयजल, सड़क, स्कूल, स्वास्थ्य केंद्र, आंगनबाड़ी और बिजली जैसी आवश्यक सुविधाओं को मजबूत करने के साथ-साथ विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा से जोड़ने और महिलाओं को स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। जर्जर स्कूल और आंगनबाड़ी भवनों के सुधार पर जोर
चौपाल के दौरान ग्रामीणों ने जर्जर आंगनबाड़ी और स्कूल भवनों की मरम्मत की मांग रखी। कलेक्टर ने आवश्यकतानुसार मरम्मत कराने तथा अनुपयोगी भवनों के स्थान पर नया आंगनबाड़ी भवन स्वीकृत करने की बात कही। विभिन्न स्थानों पर सीसी सड़क निर्माण की मांग पर भी उन्होंने आवश्यक कार्रवाई का भरोसा दिलाया। ग्रामीणों द्वारा शादी-विवाह एवं अन्य सामाजिक कार्यक्रमों के लिए मंगल भवन की मांग रखे जाने पर कलेक्टर ने कहा कि अलग-अलग वार्डों में छोटे-छोटे भवन बनाने की अपेक्षा गाँव के प्रमुख स्थान पर सभी की सहमति से एक बड़ा सामुदायिक भवन बनाया जाना अधिक उपयोगी होगा। उन्होंने ग्रामीणों की सहमति के आधार पर इस दिशा में प्रस्ताव तैयार कर विचार करने की बात कही। पेयजल संकट वाले क्षेत्रों में बोर, सोलर ड्यूल पंप और हैंडपंप
ग्रामीणों की मांग पर पेयजल संकट वाले क्षेत्रों में बोर, सोलर ड्यूल पंप और हैंडपंप स्थापित करने पर सहमति दी गई। इसके अलावा मंच एवं अहाता निर्माण, सोलर लाइट, सड़क पर ब्रेकर, गोठान विकास, तालाब में पचरी निर्माण, पुल निर्माण, खराब बोर की मरम्मत और ट्रांसफार्मर बदलने जैसी मांगों पर भी कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।
चौपाल में पट्टा निरस्तीकरण, राशन दुकान में अंगूठा लगवाने के बाद चावल नहीं मिलने, शौचालय निर्माण, प्रधानमंत्री आवास निर्माण, पूर्ण आवास का मजदूरी भुगतान नहीं होने तथा अवैध शराब विक्रय पर रोक लगाने जैसी समस्याएं भी ग्रामीणों ने रखीं। कलेक्टर ने सभी शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई का भरोसा दिलाया। ग्रामीणों द्वारा नए स्कूल खोलने तथा अरिहन नदी पर पुल निर्माण की मांग भी रखी गई। कलेक्टर ने दोनों मांगों का परीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई करने की बात कही। जल जीवन मिशन में घर-घर पानी पहुंचने के बाद ही भुगतान
कलेक्टर ने जल जीवन मिशन के तहत गाँवों में घर-घर पेयजल पहुंचाने के लिए चल रहे कार्यों की जानकारी देते हुए कहा कि संबंधित ठेकेदारों को तीन माह की समय-सीमा में पेयजल आपूर्ति प्रारंभ करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि जलापूर्ति शुरू होने और उसका सत्यापन होने के बाद ही संबंधित कार्यों का भुगतान किया जाएगा। उन्होंने ग्राम पंचायतों को सुझाव दिया कि घर-घर पानी पहुंचने के बाद पेयजल व्यवस्था के संचालन एवं रखरखाव के लिए पंचायत स्तर पर न्यूनतम शुल्क का प्रावधान किया जा सकता है, जिससे बिजली बिल, पंप खराब होने अथवा अन्य आकस्मिक आवश्यकताओं के समय राशि की समस्या न हो। सौर ऊर्जा से बिजली बिल में राहत के साथ अतिरिक्त आय का अवसर कलेक्टर ने ग्रामीणों को सौर ऊर्जा के उपयोग के लिए भी प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि जो ग्रामीण अपने घर में सोलर सिस्टम लगवाना चाहते हैं, वे ग्राम पंचायत में आवेदन कर सकते हैं। ऐसे परिवार जिनके घर में पक्की छत नहीं है अथवा खपरैल वाले घर हैं, वे भी 8 से 15 ग्रामीणों का समूह बनाकर सामूहिक सोलर सिस्टम लगाने के लिए आवेदन कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि इसके लिए किसी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जाएगा। सोलर ऊर्जा के माध्यम से ग्रामीणों को बिजली बिल में राहत मिलने के साथ ही अतिरिक्त विद्युत उत्पादन को ग्रिड में बेचकर अतिरिक्त आय अर्जित करने का अवसर भी मिल सकता है। “12वीं के बाद कॉलेज की पढ़ाई भी जरूरी”-बच्चों की उच्च शिक्षा पर कलेक्टर का जोर कलेक्टर श्री दुदावत ने ग्रामीणों से कहा कि आज के समय में केवल 12वीं तक शिक्षा प्राप्त करना पर्याप्त नहीं है। बच्चों को उच्च शिक्षा के लिए कॉलेज भेजना भी जरूरी है। उन्होंने अभिभावकों से अपने बच्चों को नियमित रूप से स्कूल भेजने और आगे कॉलेज की पढ़ाई के लिए प्रोत्साहित करने की अपील की। उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन द्वारा खनन प्रभावित क्षेत्रों के सभी समाज के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए सहयोग दिया जा रहा है। कक्षा 10वीं उत्तीर्ण विद्यार्थियों को यदि डॉक्टर या इंजीनियर बनने के लिए नीट अथवा जेईई की तैयारी करनी है, तो उनके लिए आवासीय कोचिंग की व्यवस्था की गई है। उन्होंने कहा कि 12वीं उत्तीर्ण होने के बाद यदि कोई विद्यार्थी देश के किसी भी मेडिकल, इंजीनियरिंग कॉलेज अथवा अन्य पाठ्यक्रम में किसी बड़े सरकारी शिक्षण संस्थान में प्रवेश प्राप्त करता है, तो उसकी फीस का वहन जिला प्रशासन द्वारा किया जाएगा। उन्होंने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में प्रतिभावान विद्यार्थियों को आगे बढ़ाने के लिए जिला प्रशासन हरसंभव सहयोग के लिए तत्पर है। कलेक्टर ने विद्यार्थियों के कौशल विकास और रोजगार के अवसरों के संबंध में सीपेट और बालिकाओं के लिए अजीम प्रेमजी फाउंडेषन द्वारा 30 हजार रूपए के छात्रवृत्ति के संबंध में भी ग्रामीणों को जानकारी दी। महिलाओं को प्रशिक्षण से स्वरोजगार तक जोड़ने की पहल कलेक्टर ने महिलाओं से संवाद करते हुए कहा कि जिला प्रशासन द्वारा लाइवलीहुड कॉलेज के माध्यम से सिलाई सहित विभिन्न ट्रेडों में प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। इच्छुक महिलाएं प्रशिक्षण के लिए आवेदन कर स्वरोजगार से जुड़ सकती हैं। उन्होंने स्व-सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं की मांग पर दोना-पत्तल बनाने की मशीन, सिलाई कार्य, साबुन निर्माण, स्कूल ड्रेस सिलाई, बर्तन बैंक तथा ढलाई से संबंधित सेंटरिंग कार्य के लिए प्रशिक्षण और आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराने सहित अन्य प्रकार से सहयोग करने की बात कही। उन्होंने महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने और परिवार के साथ-साथ गाँव की आर्थिक गतिविधियों में भी सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया। महिलाओं द्वारा बैठक के लिए भवन की मांग किए जाने पर कलेक्टर ने कहा कि फिलहाल गाँव के किसी पुराने भवन की मरम्मत कर बैठक के लिए उपयोगी बनाया जाएगा। भविष्य में आवश्यकता के अनुसार नए भवन के निर्माण के लिए भी प्रयास किया जाएगा। गोठान के स्थान पर गौधाम योजना से जुड़ने की सलाह गाँव में गोठान विकसित करने की मांग पर कलेक्टर ने ग्रामीणों को गौधाम योजना की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि गौ सेवा आयोग द्वारा इस दिशा में सहयोग प्रदान किया जाता है। सामाजिक संगठन अथवा ग्राम पंचायत इस प्रकार की गतिविधियों को आगे बढ़ा सकते हैं। धान विक्रय के लिए किसानों से समय पर पंजीयन कराने की अपील कलेक्टर श्री दुदावत ने किसानों को धान विक्रय के लिए चल रही गिरदावरी की जानकारी दी। उन्होंने नए किसानों से 30 सितंबर तक पंजीयन कराने की अपील की। उन्होंने बताया कि जिन किसानों का पिछले वर्ष पंजीयन हो चुका है, उन्हें दोबारा पंजीयन कराने की आवश्यकता नहीं है। लेकिन जिन किसानों का नया शासकीय अथवा वन पट्टा बना है, रकबे में संशोधन हुआ है, जो पिछले वर्ष धान विक्रय के लिए पंजीयन से वंचित रह गए थे अथवा किसी कारण से पंजीयन नहीं करा पाए थे और इस वर्ष धान बेचना चाहते हैं, वे समय-सीमा के भीतर पंजीयन अवश्य करा लें, ताकि धान विक्रय के समय किसी प्रकार की परेशानी न हो। उन्होंने किसानों से 2 अक्टूबर को आयोजित ग्राम सभा में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहने की अपील की, ताकि सर्वे के पठन के दौरान यदि किसी प्रकार की आपत्ति हो तो किसान अपनी बात रख सकें और समय रहते आवश्यक सुधार कराया जा सके। कलेक्टर ने कहा कि खनन प्रभावित गाँवों का विकास केवल निर्माण कार्यों तक सीमित नहीं है। शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, पेयजल, सड़क, बिजली और आजीविका के अवसरों को मजबूत करते हुए गाँवों को आत्मनिर्भर और बेहतर सुविधाओं से युक्त बनाना जिला प्रशासन का लक्ष्य है। उन्होंने ग्रामीणों से भी विकास कार्यों में सक्रिय भागीदारी निभाने और स्वीकृत कार्यों को समय पर पूर्ण कराने में सहयोग करने की अपील की। इस दौरान जिला पंचायत सीईओ प्रतीक जैन, एसडीएम कटघोरा विपिन दुबे, अपर कलेक्टर श्रीमती माधुरी सोम ठाकुर, जनपद पंचायत सीईओ, बीईओ, तहसीलदार, संबंधित ग्राम पंचायतों के सरपंच एवं अन्य अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।
रक्त जांच, मधुमेह जांच, ब्लड प्रेशर जांच एवं अन्य स्वास्थ्य परीक्षण आयोजन एनकेएम लायंस पब्लिक स्कूल खरहरकुड़ा (मड़वारानी) में प्रात: 10.00 बजे से कोरबा। छत्तीसगढ़ का सर्वोत्कृष्ट 07 स्टार रैकिंग सीबीएसई अंग्रेजी माध्यम का विद्यालय नितेश कुमार लायंस पब्लिक स्कूल खरहरकुड़ा उत्कृष्ट शिक्षा देने के साथ-साथ रचनात्मक कार्यों के लिए भी कोरबा जिले में अलग पहचान रखता है। इसी कड़ी में 25 अक्टूबर 2026 दिन रविवार को प्रात: 10.00 से नितेश कुमार मेमोरियल लायंस पब्लिक स्कूल के सभागार में वृहद स्वास्थ्य एवं परीक्षण शिविर का आयोजन विद्यालय प्रबंधन, शिवाय हास्पिटल एवं लायंस क्लब कोरबा गुरूकुल के संयुक्त तत्वावधान में हो रहा है। कार्यक्रम के संयोजक समाजसेवी पीडिजी पीएमजेएफ लॉयन डॉ. राजकुमार अग्रवाल ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में शिविर के माध्यम से बेहतर स्वास्थ्य पहुंचाने का प्रयास विद्यालय एवं लायंस क्लब कोरबा गुरूकुल के माध्यम से करना हमारा प्रयास रहता है। इस रचनात्मक कार्य में कोरबा के लब्धप्रतिष्ठित मल्टीस्पेशलिटी हास्पिटल शिवाय हास्पिटल प्रबंधन ने खरहरकुड़ा (मड़वारानी) स्थित एनकेएम लायंस पब्लिक स्कूल खरहरकुड़ा में स्वास्थ्य शिविर में अपनी टीम भेजने की अनुमति प्रदान की और 25 अक्टूबर को प्रात: 10.00 बजे से स्वास्थ्य एवं परीक्षण शिविर लगाने का फैसला किया गया। क्षेत्र के ग्रामीणों से अपील
पीएमजेएफ लॉयन डॉ. राजकुमार अग्रवाल ने क्षेत्र के समस्त नागरिकों से अपील की है कि इस वृहद स्वास्थ्य शिविर का लाभ उठाने अधिक से अधिक संख्या में पहुंचे और क्षेत्र को स्वस्थ क्षेत्र बनाने में अपना योगदान दें। लॉयन अग्रवाल ने बताया कि इस तरह के स्वास्थ्य शिविर को क्षेत्र में अच्छा प्रतिसाद मिलता है और शिविर के माध्यम से ग्रामीण स्वास्थ्य धन के प्रति जागरूक भी होने लगे हैं। क्षेत्र में शिविर के माध्यम से नशामुक्ति अभियान के लिए भी ग्रामीणों को जागरूक किया जाता है।
कोरबा। राजगामार पुलिस थाना अंतर्गत 7 साल की मासूम बच्ची के साथ दरिंदगी और नृशंक हत्या के मामले ने पूरे कोरबा को झाकझोर कर रख दिया है। इस जघन्य अपराध को अंजाम देने वाले की त्वरित गिरफ्तारी संतोष जनक है लेकिन इस मामले की फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई की मांग नगर निगम सभापति नूतन सिंह ठाकुर ने किया है। अधिवक्ता संघ कोरबा के वरिष्ठ अधिवक्ताओं और महिला अधिवक्ताओं ने भी संवेदनशीलता का परिचय देते हुए आरोपी की पैरवी नहीं करने का निर्णय लिया है वह स्वागत योग्य है। मासूम बच्ची के हत्यारे को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने के लिए सभापति नूतन सिंह के साथ अधिवक्ता संघ कोरबा के वरिष्ठ उपाध्यक्ष रवि शर्मा, महिला उपाध्यक्ष उर्मिला सिंह , सहसचिव रवि भगत की टीम पीड़ित परिवार की हरसंभव मदद करेगा। नूतनसिंह ठाकुर ने कहा कि समाज में ऐसे दरिदों को जीवित रहने का अधिकार नहीं है, हत्यारे को शीघ्र फांसी की सजा दिलाने के लिए निःशुल्क कानूनी मदद करेंगे।
कोरबा शहर में बढ़ रहे अपराध हो बड़ा कारण नशे के कारोबार में वृद्धि है, नूतन सिंह ने पुलिस अधीक्षक से मांग किया है कि नशे के खिलाफ पुलिस वृहद स्तर पर अभियान चलाएं तथा युवाओं को नशा परोसने वाले लोगों कड़ी से कड़ी कार्रवाई किया जाए।
कोरबा। कोरबा जिले के रजगामार क्षेत्र में 7 वर्षीय मासूम बालिका के अपहरण एवं हत्या की घटना अत्यंत दुखद और निंदनीय है। इस घटना से मन व्यथित है। इतनी कम उम्र की बच्ची के साथ हुई इस घटना ने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया है। कोरबा सांसद श्रीमती ज्योत्सना चरणदास महंत ने घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए शोकसंतप्त परिवार के प्रति संवेदना प्रकट की है। सांसद श्रीमती महंत ने इस संबंध में कोरबा पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी से दूरभाष पर चर्चा कर मामले की जानकारी ली तथा प्रकरण में त्वरित और निष्पक्ष कार्रवाई सुनिश्चित करने का आग्रह किया। सांसद ने कहा कि यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है कि एक ओर हम नवरात्रि में मां दुर्गा की आराधना कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर ऐसी घटना सामने आई है। बच्चों की सुरक्षा समाज और प्रशासन, दोनों की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। इस तरह की घटनाएं गंभीर चिंता का विषय हैं और इनके प्रति संवेदनशीलता के साथ कठोर कार्रवाई आवश्यक है। उन्होंने मांग की कि मामले की जांच निष्पक्षता और गंभीरता से की जाए तथा प्रकरण की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में कराई जाए, ताकि पीड़ित परिवार को शीघ्र न्याय मिल सके। साथ ही, सभी आवश्यक साक्ष्य जुटाकर न्यायालय में प्रभावी पैरवी सुनिश्चित की जाए और कानून के अनुसार कठोरतम सजा दिलाई जाए। सांसद श्रीमती महंत ने कहा कि पीड़ित परिवार को न्याय दिलाना प्राथमिकता होनी चाहिए। ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए बच्चों की सुरक्षा के प्रति सतर्कता बढ़ाने और कानून का प्रभावी पालन सुनिश्चित करने की आवश्यकता है। उन्होंने दिवंगत बालिका को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए शोकाकुल परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की तथा ईश्वर से उन्हें इस कठिन समय में संबल प्रदान करने की प्रार्थना की।
नशा व सूखे नशे पर हो कठोर कार्यवाही
कोरबा साँसद ने कोरबा क्षेत्र के मुड़ापार में युवक की हुई हत्या के मामले में गहरी चिंता जताते हुए एसपी से कहा है कि क्षेत्र में नशा व खासकर सूखा नशे में लिप्त लोगो के खिलाफ कठोर कार्यवाही की जरूरत है !