नई दिल्ली, एजेंसी। उत्तराखंड में चमोली के हेमकुंड साहिब, बद्रीनाथ में शनिवार को बर्फबारी हुई। वहीं, पिथौरागढ़-घाट सड़क पर लैंडस्लाइड के चलते 300 से ज्यादा गाड़ियां फंस गई हैं। चारधाम यात्रा दो दिनों के लिए रोक दी गई है।
अर्नब चक्रवात के असर से उत्तर प्रदेश, बिहार समेत 8 राज्यों में तेज बारिश हो रही है। बंगाल की खाड़ी में बना मौसमी सिस्टम अब दक्षिण छत्तीसगढ़ से उत्तर-पूर्व की ओर बढ़ रहा है। इसके चलते राजस्थान-मध्य प्रदेश समेत 14 राज्यों में अलर्ट जारी किया गया है।
उत्तर प्रदेश में करीब 48 घंटे से लगातार बारिश हो रही है। 40-50 किमी/घंटे की हवाएं चल रही हैं। अगल-अलग हादसों में 16 लोगों की मौत हो चुकी है। 32 जिलों में बाढ़ का खतरा है।
बिहार में सुपौल के 50 गांव बाढ़ से प्रभावित हैं। 19 जिलों में यलो अलर्ट है। बारिश से जुड़ी घटनाओं में 3 लोगों की मौत हुई है।
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देशभर से मौसम की तस्वीरें…
लखनऊ के निशातगंज में करीब 100 साल पुराना विशाल बरगद का पेड़ गिर गया।
लखनऊ में तेज हवाओं के साथ बारिश हो रही है। शहर की मुख्य सड़कें डूब गई हैं।
छत्तीसगढ़ के रायपुर में महादेवघाट ब्रिज के ऊपर से पानी बह रहा है।
ओडिशा के खुर्दा जिले में बाढ़ जैसे हालात हैं।
बिहार के बेगूसराय में युवक पैर फिसलने से गंगा नदी में जा गिरा। गोताखोरों ने उसे सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
जबलपुर में लगातार बारिश के चलते शुक्रवार शाम 6 बजे बरगी बांध के 5 गेट एक-एक मीटर तक खोले गए।
आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा में भारी बारिश के चलते दुर्गा मंदिर घाट रोड पर भूस्खलन हो गया।
बिहार के बख्तियारपुर में करीब 1 किमी के दायरे में कटाव
बिहार के बख्तियारपुर प्रखंड के चिरैया दियारा में करीब 1 किलोमीटर के दायरे में भीषण कटाव हो रहा है। कटाव के कारण चिरैया गांव पर संकट मंडरा रहा है। कई घर कटाव की जद में आ गए हैं।
गढ़चिरौली में बाढ़ बाद 500 से लोगों का रेस्क्यू
महाराष्ट्र के गढ़चिरौली में आई बाढ़ के बाद लगभग 525 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है।
जिला अधिकारियों के मुताबिक, भामरागढ़ में बचाव अभियान गुरुवार दोपहर शुरू हुआ और देर रात तक जारी रहा। बाढ़ का पानी अब कम होने लगा है, जिससे प्रभावित क्षेत्रों में स्थिति धीरे-धीरे सुधर रही है।
ओडिशा: बालासोर में 14 हजार से ज्यादा लोग बाढ़ से प्रभावित
ओडिशा के बालासोर में 91 गांवों के 14,660 लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। इन इलाकों से 3268 लोगों का रेस्क्यू किया गया है। अतिरिक्त पानी छोड़ने के लिए शनिवार को हीराकुंड बांध के 11 और गेट खोलने पड़े। अब तक कुल 16 स्लुइस गेट खोले गए हैं।
महाराष्ट्र में 265 तहसीलों को सूखा प्रभावित घोषित किया गया
महाराष्ट्र में 265 तहसीलों को सूखा प्रभावित घोषित किया गया। विपक्ष ने किसानों के लिए और मदद की मांग की है।
छत्तीसगढ़ के दुर्ग में 55 लोगों का रेस्क्यू, धमतरी में कार बही
छत्तीसगढ़ के दुर्ग में लगातार बारिश के बाद शिवनाथ नदी में पानी बढ़ गया है। कुम्हारी में बाढ़ का पानी बस्तियों तक पहुंचने से परिवार फंस गए। नगर सेना और SDRF ने रात 12 से सुबह 5 बजे तक चले रेस्क्यू में 50-55 लोगों को सुरक्षित निकाला।
यूपी में आंधी-बारिश से जुड़ी घटनाओं में 13 की मौत
यूपी के लखीमपुर और बाराबंकी में दीवार गिरने से 3-3, हमीरपुर और फतेहपुर में एक-एक की मौत हो गई। आगरा में बारिश के बीच तेज रफ्तार कार फिसलकर पलट गई। हादसे में 3 लोगों की जान चली गई। लखीमपुर में ट्रॉली से टकराने के बाद अर्टिगा कार खाई में गिर गई। 2 लोगों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।
मध्य प्रदेश: जबलपुर-रीवा समेत 18 जिलों में तेज बारिश का अलर्ट
मध्य प्रदेश के पूर्वी हिस्से- जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग के जिलों में अगले 48 घंटे तेज बारिश का दौर बना रहेगा। मौसम विभाग ने शनिवार को जबलपुर-रीवा समेत 18 जिलों में अति भारी या भारी बारिश का अलर्ट है। निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर और सतना में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।
छत्तीसगढ़: रायपुर महादेवघाट पुल डूबा, बस्तर में सड़कें डूबीं
छत्तीसगढ़ में पिछले करीब 36 घंटे से बारिश का दौर जारी है। रायपुर समेत प्रदेश के कई हिस्सों में लगातार बारिश हो रही है। महादेवघाट पुल से 2 फीट ऊपर पानी बह रहा है। कई नदी-नाले उफान पर हैं।
राजस्थान: 10 जिलों में बारिश का अलर्ट, 5 शहरों का पारा 40 डिग्री के पार
राजस्थान में 29 सितंबर तक पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से जयपुर, भरतपुर संभाग में बारिश हो सकती है। मौसम विभाग ने 27 सितंबर को 10 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।
उत्तर प्रदेश: 32 जिलों में बाढ़ का खतरा, 36 में स्कूल बंद
यूपी में लगातार बारिश से हालात बिगड़ने लगे हैं। पूरे प्रदेश में पिछले 40 घंटे से जोरदार बारिश हो रही है। 40-50 किमी. की रफ्तार से हवाएं चल रही हैं। सड़कें तालाब बन गई हैं। कॉलोनियों में पानी घुस गया है। 32 जिलों में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है।
बिहार: 19 जिलों में हैवी रेन की चेतावनी, कोसी-बागमती खतरे से ऊपर
बिहार के 19 जिलों में बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है। पटना के कुछ इलाकों में तेज बारिश हो रही है। वही समस्तीपुर में हल्की बारिश है। सुपौल में 50 गांवों में बाढ़ है, लोगों के घर-आंगन में पानी भर गया है।
झारखंड: सिंहभूम-सरायकेला में बाढ़ का अलर्ट, रांची में सभी स्कूल बंद
झारखंड के कई हिस्सों में भारी बारिश के साथ तेज हवा और वज्रपात की आशंका है। मौसम विभाग ने पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम और सरायकेला-खरसावां में भारी बारिश का अलर्ट जारी करते हुए कुछ इलाकों में बाढ़ की आशंका जताई है।
पंजाब: चंडीगढ़ समेत 15 जिलों में बारिश का यलो अलर्ट
पंजाब और चंडीगढ़ में दो दिन बारिश की संभावना है। चंडीगढ़ मौसम विज्ञान केंद्र ने इसे लेकर यलो अलर्ट जारी किया है। राज्य के अधिकतम तापमान में 0.4 डिग्री की बढ़ोतरी हुई है और अब यह सामान्य के करीब पहुंच गया है।
हरियाणा: दो दिन बारिश का अलर्ट, तापमान में 2.2°C की गिरावट
हरियाणा में मौसम एक बार फिर बदलने वाला है। मौसम विभाग ने प्रदेश के 13 जिलों में आज आंधी-तूफान के साथ बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। वहीं 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की भी संभावना है।
उत्तराखंड: बारिश का रेड अलर्ट, 7 जिलों के स्कूलों में छुट्टी
उत्तराखंड के बागेश्वर, नैनीताल, पिथौरागढ़, चंपावत और ऊधमसिंह नगर जिले में रेड अलर्ट जारी किया गया है। यहां भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई है। नैनीताल, चमोली और देहरादून में देर रात से रुक-रुककर बारिश हो रही है।
नई दिल्ली, एजेंसी। एडरॉयट इंडस्ट्रीज के आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) को शुक्रवार को बोली के अंतिम दिन करीब 177 गुना अभिदान मिला। इसके साथ ही चार सार्वजनिक निर्गम अधिक अभिदान के साथ बंद हुए। अन्य तीन आईपीओ स्वास्तिका इंफ्रा, एलिवेट कैम्पसेज और आरमी इंफोटेक के हैं। एनएसई के आंकड़ों के अनुसार, एडरॉयट इंडस्ट्रीज के 151 करोड़ रुपए के आईपीओ में 78,72,900 शेयरों की पेशकश के मुकाबले 1,39,22,95,200 शेयरों के लिए बोलियां मिलीं। इस तरह आईपीओ 176.85 गुना अभिदान हुआ।
गैर-संस्थागत निवेशकों की श्रेणी को 332.35 गुना, पात्र संस्थागत खरीदारों (क्यूआईबी) के हिस्से को 195.04 गुना और खुदरा निवेशकों के हिस्से को 99.81 गुना अभिदान मिला। एडरॉयट इंडस्ट्रीज (इंडिया) लिमिटेड के आईपीओ का मूल्य दायरा 126-134 रुपए प्रति शेयर है। इसमें 98,97,000 तक नए इक्विटी शेयरों का निर्गम और 13,50,000 तक इक्विटी शेयरों की बिक्री पेशकश शामिल है। विद्यार्थियों के लिए आवास सुविधाएं और किंडरगार्टन से 12वीं कक्षा तक की स्कूली शिक्षा से जुड़ी कंपनी एलिवेट कैम्पसेज के 2,100 करोड़ रुपए के आईपीओ को शुक्रवार को बोली के अंतिम दिन 1.79 गुना अभिदान मिला। इसे 3,36,73,468 शेयरों की पेशकश के मुकाबले 6,02,86,769 शेयरों के लिए बोलियां मिलीं।
एलिवेट कैम्पसेज के आईपीओ में नए इक्विटी शेयरों का निर्गम शामिल है और बिक्री पेशकश का कोई हिस्सा नहीं है। इसका मूल्य दायरा 343-362 रुपए प्रति शेयर तय किया गया है। ऊपरी मूल्य दायरे पर कंपनी का मूल्यांकन 6,100 करोड़ रुपए से अधिक होगा। स्वास्तिका इंफ्रा के 161 करोड़ रुपए के आईपीओ को शुक्रवार को 7.60 गुना अभिदान मिला। इसे 63,35,001 शेयरों की पेशकश के मुकाबले 4,81,51,260 शेयरों के लिए बोलियां मिलीं।
गैर-संस्थागत निवेशकों के हिस्से को 18.50 गुना, खुदरा निवेशकों के हिस्से को 5.39 गुना और क्यूआईबी श्रेणी को 3.22 गुना अभिदान मिला। इस आईपीओ में 128.50 करोड़ रुपए तक के नए शेयरों का निर्गम और 17,50,000 तक इक्विटी शेयरों की बिक्री पेशकश शामिल है। इसका मूल्य दायरा 175-185 रुपए प्रति शेयर है। आरमी इंफोटेक के आईपीओ को 2.44 गुना अभिदान मिला। इसे 74,30,356 शेयरों की पेशकश के मुकाबले 1,81,59,240 शेयरों के लिए बोलियां मिलीं। पात्र संस्थागत खरीदारों की श्रेणी को 2.99 गुना, खुदरा निवेशकों के हिस्से को 2.47 गुना और गैर-संस्थागत निवेशकों के हिस्से को 2.09 गुना अभिदान मिला। आरमी इंफोटेक के आईपीओ में 300 करोड़ रुपए तक के नए शेयरों का निर्गम शामिल है। इसका मूल्य दायरा 350-375 रुपए प्रति शेयर है।
नई दिल्ली, एजेंसी। भारत में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) चालू वित्त वर्ष की अप्रैल-जून तिमाही में छह प्रतिशत बढ़कर 19.81 अरब डॉलर रहा। हालांकि, इस दौरान अमेरिका से एफडीआई 76 प्रतिशत से अधिक घटा। उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (डीपीआईआईटी) के आंकड़ों में यह जानकारी दी गई। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 की इसी तिमाही में भारत में 18.62 अरब डॉलर का एफडीआई आया था।
मई में एफडीआई एक साल पहले की इसी अवधि की तुलना में 45 प्रतिशत से अधिक घटकर 2.8 अरब डॉलर रहा। जून में भी इसमें करीब 29 प्रतिशत की गिरावट आई और यह 4.91 अरब डॉलर रहा। हालांकि, अप्रैल में एफडीआई करीब दोगुना बढ़कर 12.1 अरब डॉलर हो गया, जबकि अप्रैल 2025 में यह 6.6 अरब डॉलर था। चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में जापान 5.71 अरब डॉलर के एफडीआई के साथ सबसे बड़ा निवेशक रहा। इसके बाद क्रमश: सिंगापुर (5.22 अरब डॉलर), मॉरीशस (2.31 अरब डॉलर), नीदरलैंड (1.38 अरब डॉलर), अमेरिका (1.34 अरब डॉलर) और संयुक्त अरब अमीरात (86.8 करोड़ डॉलर) का स्थान रहा।
अमेरिका से एफडीआई चालू वित्त वर्ष की अप्रैल-जून तिमाही में 76 प्रतिशत से अधिक घटकर 1.34 अरब डॉलर रह गया, जबकि वित्त वर्ष 2025-26 की समान तिमाही में यह 5.61 अरब डॉलर था। संयुक्त अरब अमीरात से भी निवेश घटकर 86.8 करोड़ डॉलर रह गया, जो पिछले वित्त वर्ष की पहली तिमाही में एक अरब डॉलर था।
आंकड़ों के अनुसार, जिन प्रमुख क्षेत्रों में अच्छा एफडीआई आया, उनमें सेवा क्षेत्र (7.04 अरब डॉलर), कंप्यूटर सॉफ्टवेयर एवं हार्डवेयर में (2.84 अरब डॉलर), व्यापार में (1.92 अरब डॉलर), गैर-पारंपरिक ऊर्जा में (1.24 अरब डॉलर) और वाहन क्षेत्र में (62.2 करोड़ डॉलर) शामिल हैं। इक्विटी निवेश, मुनाफे का निवेश और अन्य पूंजी को मिलाकर कुल एफडीआई अप्रैल-जून 2026-27 में करीब 22 प्रतिशत बढ़कर 30.65 अरब डॉलर हो गया। राज्यों में तमिलनाडु को इस अवधि में सबसे अधिक 5.95 अरब डॉलर का एफडीआई मिला। इसके बाद महाराष्ट्र (4.22 अरब डॉलर), दिल्ली (2.67 अरब डॉलर), कर्नाटक (2.11 अरब डॉलर) और गुजरात (1.3 अरब डॉलर) का स्थान रहा।
नई दिल्ली, एजेंसी। देश में 150 करोड़ रुपए से अधिक की बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की कुल लागत में करीब 2,88,122 करोड़ रुपए की वृद्धि हुई है। अगस्त 2026 की सरकारी मासिक रिपोर्ट में यह कहा गया। सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (एमओएसपीआई) की रिपोर्ट के अनुसार, 17 केंद्रीय मंत्रालयों और विभागों की 1,731 निर्माणाधीन परियोजनाओं की निगरानी की गई। इन परियोजनाओं की मूल लागत 30.71 लाख करोड़ रुपए थी, जो संशोधित होकर 33.60 लाख करोड़ रुपए हो गई है। रिपोर्ट में हालांकि यह नहीं बताया गया है कि वास्तव में कितनी परियोजनाओं में लागत बढ़ी है।
मंत्रालय ने कहा कि इन परियोजनाओं पर अब तक 16.33 लाख करोड़ रुपए खर्च किए जा चुके हैं, जो संशोधित कुल परियोजना लागत का करीब 48.59 प्रतिशत है। रिपोर्ट के अनुसार, 647 परियोजनाओं में 80 प्रतिशत से अधिक भौतिक प्रगति हो चुकी है, जबकि 312 परियोजनाओं में 80 प्रतिशत से अधिक वित्तीय प्रगति दर्ज की गई है। परिवहन एवं लॉजिस्टिक क्षेत्र में सबसे अधिक 1,191 निर्माणाधीन परियोजनाएं हैं। इनकी संशोधित कुल लागत 16.05 लाख करोड़ रुपए है। कुल 1,731 परियोजनाओं में 715 ऐसी बड़ी परियोजनाएं हैं जिनकी लागत 1,000 करोड़ रुपए या उससे अधिक है। इनकी मूल कुल लागत 25.89 लाख करोड़ रुपए थी।
वहीं, 1,016 परियोजनाओं की लागत 150 करोड़ रुपए से 1,000 करोड़ रुपए से कम के बीच है और इनकी मूल कुल लागत 4.83 लाख करोड़ रुपए थी। मंत्रालय के अनुसार, परियोजनाओं की भौतिक और वित्तीय प्रगति मोटे तौर पर एक-दूसरे के अनुरूप है। बड़ी संख्या में परियोजनाएं या तो शुरुआती चरण में हैं या पूरा होने के करीब हैं। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के पास सबसे अधिक 982 परियोजनाएं हैं, जो कुल परियोजनाओं का 57 प्रतिशत हैं। इनकी संशोधित कुल लागत 9.52 लाख करोड़ रुपए है। रेल मंत्रालय के पास 147 निर्माणाधीन परियोजनाएं हैं, जिनकी संशोधित कुल लागत 3.14 लाख करोड़ रुपए है। कोयला मंत्रालय के पास 122 परियोजनाएं हैं, जिनकी संशोधित लागत 2.22 लाख करोड़ रुपए है।