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देश

SIR में नाम कटा, तो घर जाकर दस्तावेज लेंगे अफसर:विवाद के बाद चुनाव आयोग का फैसला, अब तक 30 राज्य-UT में 13.37 करोड़ नाम कटे

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नई दिल्ली, एजेंसी। SIR पर विवाद के बीच चुनाव आयोग ने कहा कि जिन लोगों के नाम कट गए हैं, वे नाम जोड़ने के लिए अप्लाई कर सकते हैं। अफसर घर-घर जाकर उनके दस्तावेज कलेक्ट करेंगे और चुनाव आयोग की वेबसाइट पर अपलोड करेंगे। इन पर तय समय के भीतर रीजनल इलेक्टोरल अफसर फैसला लेगा।

दिल्ली के निर्वाचन भवन में शनिवार को हुई बैठक में यह फैसला लिया गया। इसमें मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और दोनों चुनाव आयुक्त डॉ. सुखबीर सिंह संधू और डॉ. विवेक जोशी मौजूद रहे।

SIR के दौरान अब तक 30 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों की ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से 13.37 करोड़ नाम कम हुए हैं। चुनाव आयोग के मुताबिक देश में कुल 97.98 करोड़ से ज्यादा मतदाता हैं यानी करीब 14% वोटर्स के नाम SIR में कट गए।

दिल्ली-महाराष्ट्र में 30 अक्टूबर तक क्लेम कर सकेंगे

बैठक में फैसला लिया गया कि दिल्ली, महाराष्ट्र में क्लेम और ऑब्जेक्शन दाखिल करने की तारीख 30 अक्टूबर 2026 तक बढ़ा दी गई है। दिल्ली में विवाद का निपटारा 30 नवंबर और महाराष्ट्र में निपटारा 10 नवंबर तक करना होगा।

गोवा में जिन वोटर्स का नाम छूट गया है, वहां ब्लॉक अफसर घर-घर जाकर फॉर्म-6 कलेक्ट करेगा।

SIR में अगर आपका नाम लिस्ट में नहीं है या छूट गया है तो फॉर्म-6 के जरिए नाम शामिल कराने का दावा किया जाता है। आयोग ने कहा कि फॉर्म-6 पर कोई विवाद है ही नहीं। फॉर्म-6 को सुप्रीम कोर्ट ने बरकरार रखा है।

रिपोर्ट पर कहा- चुनाव आयुक्तों के लेटर SIR पर नहीं थे

पूरा विवाद द इंडियन एक्सप्रेस की जिस रिपोर्ट से शुरू हुआ, चुनाव आयोग ने उस पर भी सफाई दी। आयोग ने कहा कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने कैबिनेट सचिव को जो लेटर भेजा था, वह SIR या चुनाव आयोग के किसी फैसले से जुड़ा नहीं था, बल्कि चुनाव पैनल में प्रतिनियुक्ति पर आए एक अधिकारी के कामकाज से संबंधित था। द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट में दावा किया गया था कि चुनाव आयुक्तों के बीच असहमति के बीच EC ने कैबिनेट सचिव को लेटर लिखा है।

SIR को लेकर विवाद, कांग्रेस ने देशभर में प्रदर्शन किया

यह मामला चुनाव आयोग के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को लेकर चल रहे विवाद के बीच सामने आया है। इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट में दावा किया गया कि दो चुनाव आयुक्तों ने पिछले 10 महीनों में चुनाव आयोग के फैसलों पर 14 बार आपत्ति जताई, लेकिन कोई सुनवाई नहीं की गई।

कांग्रेस का आरोप है कि ज्ञानेश कुमार चुनाव आयोग में मनमानी कर रहे हैं और दो अन्य आयुक्तों की बात नहीं सुन रहे हैं। कांग्रेस ने ज्ञानेश कुमार को हटाने और उनकी गिरफ्तारी की मांग को लेकर शुक्रवार को देशभर में प्रदर्शन किया।

चुनाव से जुड़े कुछ आदेशों और कथित सॉफ्टवेयर बदलावों को लेकर सुप्रीम कोर्ट में भी याचिका दाखिल की गई है।

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खेल

विनोद कांबली वृद्धाश्रम में दिखे:बोले- यहां अच्छी सुविधाएं हैं, ऐसा महसूस नहीं होता कि घर से दूर हूं

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मुंबई, एजेंसी। पूर्व भारतीय क्रिकेटर विनोद कांबली का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में कांबली ठाणे के वृद्धाश्रम ‘निदान सेंटर फॉर एल्डरली केयर’ में नजर आ रहे हैं।

वीडियो में कांबली कहते दिखे कि यहां अच्छी सुविधाएं हैं। यहां लोगों से बहुत प्यार और सम्मान मिल रहा है। ऐसा महसूस ही नहीं होता कि अपने घर से दूर हूं। हालांकि, कांबली वृद्धाश्रम में रहने गए हैं या नहीं, इस बात की पुष्टि नहीं हुई है।

कांबली को स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतें

विनोद कांबली काफी समय से बीमारी, पैसों की कमी और अपनी निजी जिंदगी की परेशानियों की वजह से लगातार खबरों में रहे हैं। इससे पहले भी उनके ऐसे वीडियो वायरल हुए थे, जिनमें वे बिना किसी के सहारे चल भी नहीं पा रहे थे।

कांबली के करीबी दोस्त मार्कस कूटो ने बताया था कि उनकी मानसिक स्थिति काफी नाजुक है। उनकी याददाश्त इतनी कमजोर हो गई है कि वे अक्सर भूल जाते हैं कि उन्हें क्या करना है और क्या नहीं। उन्होंने शराब छोड़ दी है, लेकिन वे अक्सर भूल जाते हैं कि उन्हें स्मोकिंग नहीं करना है। वे घर के नीचे जाकर राहगीरों या ऑटो वालों से सिगरेट मांग लेते हैं।

कांबली साल 1993 से 2000 तक भारत के लिए खेले ​​​​​​

कांबली ने भारत के लिए 17 टेस्ट मैच और 104 वनडे मैच खेले हैं। उन्होंने वनडे क्रिकेट में 2477 रन बनाए, जिसमें 2 शतक और 14 अर्धशतक शामिल है। टेस्ट में 4 शतक के साथ उनके 1084 रन हैं। वे भारत के लिए 1993 से 2000 तक खेले।

वे घरेलू क्रिकेट में आखिरी बार साल 2004 में नजर आए। कांबली ने फर्स्ट क्लास क्रिकेट में 9665 रन बनाए। इसमें उनका हाईएस्ट स्कोर 262 रन है।

सचिन के साथ वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया था

कांबली और सचिन तेंदुलकर के बचपन के दोस्त हैं। दोनों ने मुंबई की मशहूर कांगा लीग में एकसाथ डेब्यू किया था। तेंदुलकर-कांबली ने स्कूल में वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया था। दोनों ने शारदाश्रम स्कूल की तरफ से खेलते हुए 664 रनों की साझेदारी निभाई थी।

इस साझेदारी में कांबली ने नॉटआउट 349 रन बनाए थे। यहीं से दोनों चर्चा में आए। तेंदुलकर ने 1988 में रणजी में डेब्यू किया था, जबकि कांबली को ये मौका एक साल बाद 1989 में मिला।

सचिन तेंदुलकर और विनोद कांबली एक ही स्कूल में पढ़ते थे। दोनों को कोच रमाकांत आचरेकर ने क्रिकेट की बारीकियां सिखाई थीं।

सचिन तेंदुलकर और विनोद कांबली एक ही स्कूल में पढ़ते थे। दोनों को कोच रमाकांत आचरेकर ने क्रिकेट की बारीकियां सिखाई थीं।

1996 वर्ल्ड कप में मैदान पर रोए

13 मार्च 1996 को कोलकाता के ईडन गार्डन्स में भारत और श्रीलंका के बीच वर्ल्ड कप का सेमीफाइनल खेला गया। श्रीलंका ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 251 रन बनाए। जवाब में भारतीय टीम ने एक समय 98 रन पर सिर्फ एक विकेट गंवाया था और अच्छी स्थिति में थी। लेकिन सचिन तेंदुलकर के आउट होते ही भारतीय पारी लड़खड़ा गई। टीम इंडिया ने 120 रन तक पहुंचते-पहुंचते 8 विकेट गंवा दिए।

35वां ओवर शुरू होना था और भारत को 89 गेंदों में 132 रन चाहिए थे। विनोद कांबली 10 रन और अनिल कुंबले बिना खाता खोले क्रीज पर थे। तभी दर्शकों ने मैदान पर बोतलें फेंकना शुरू कर दिया। स्टेडियम के एक हिस्से में आग भी लगा दी गई। हालात बिगड़ने के बाद मैच रोक दिया गया और श्रीलंका को विजेता घोषित कर दिया गया।

मैच खत्म होने के बाद जब भारतीय खिलाड़ी मैदान से बाहर लौट रहे थे, तब विनोद कांबली अपने आंसू नहीं रोक सके। वह मैदान पर ही रो पड़े

मैच खत्म होने के बाद नाबाद रहे कांबली मैदान पर ही रोने लगे थे।

मैच खत्म होने के बाद नाबाद रहे कांबली मैदान पर ही रोने लगे थे।

कांबली ने कीं दो शादियां

कांबली की निजी जिंदगी भी कुछ खास सफल नहीं रही। उन्होंने 1998 में नोएला लुईस से पहली शादी की थी। बाद में दोनों का डिवोर्स हो गया।

इसके बाद कांबली ने फैशन मॉडल एंड्रिया हेविट से शादी की और अब तक साथ हैं। जून 2010 में एंड्रिया ने कांबली के बेटे जीसस क्रिस्टियानो को जन्म दिया।

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देश

पाकिस्तानी PM की धमकी- पानी रोकना जंग जैसा:UN में शहबाज बोले- कश्मीर गले की नस, भारत का जवाब- अवैध कब्जे वाले कश्मीर की हालत देखें

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न्यूयॉर्क, एजेंसी। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने शुक्रवार को UN में भारत को जंग की धमकी दी। उन्होंने कहा कि भारत सिंधु नदी का पानी न रोके। पानी रोकने की कोशिश को पाकिस्तान युद्ध की कार्रवाई मानेगा।

शहबाज शरीफ ने UN में कश्मीर का मुद्दा भी उठाया। शहबाज ने कहा कि कश्मीर हमारे लिए गर्दन की नस है।

कश्मीर का मुद्दा उठाने पर UN में भारत की फर्स्ट सेक्रेटरी पेटल गहलोत ने कहा कि पाकिस्तान को अवैध कब्जे वाले कश्मीर (PoK) की हालत देखनी चाहिए।

पहलगाम हमले और भारत-पाकिस्तान संघर्ष का जिक्र

शहबाज शरीफ ने अपने भाषण में पहलगाम हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़े तनाव का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान की सेना ने फील्ड मार्शल आसीम मुनीर के नेतृत्व में सटीक जवाब दिया।

उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की तारीफ करते हुए कहा कि मई 2025 में दोनों देशों के बीच तनाव कम कराने और युद्ध जैसी स्थिति टालने में उनकी भूमिका अहम रही।

शहबाज ने कहा कि ट्रम्प की कोशिशों से बड़ा टकराव टल गया। इसका 87 सेकेंड का वीडियो ट्रम्प ने शुक्रवार को बिना किसी टिप्पणी के ट्रुथ सोशल पर शेयर किया।

शहबाज ने यह भी कहा कि दक्षिण एशिया में फिर से ऐसे हालात नहीं बनने चाहिए। उनके मुताबिक, इसके लिए कश्मीर मुद्दे का समाधान जरूरी है।

शहबाज शरीफ के दावों पर भारतीय राजनयिक आर. श्रीनिवास हंसते नजर आए।

शहबाज शरीफ के दावों पर भारतीय राजनयिक आर. श्रीनिवास हंसते नजर आए।

सिंधु जल संधि पर भारत के कदम को बताया गैरकानूनी

शहबाज ने कहा कि पिछले साल भारत-पाकिस्तान संघर्ष के बाद भारत ने इस संधि को एकतरफा रोक दिया, जिसका कोई कानूनी आधार नहीं है।

शहबाज ने दावा किया कि UN के विशेषज्ञों और स्थायी मध्यस्थता अदालत ने भी इस मामले में भारत के दावों और कदमों को खारिज किया है। उन्होंने कहा कि इससे पाकिस्तान का रुख सही साबित हुआ है।

अप्रैल 2025 में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने सिंधु जल संधि पर रोक लगा दी थी। हमले में 26 लोगों की मौत हुई थी। भारत का आरोप है कि हमले में शामिल आतंकियों को पाकिस्तान का समर्थन था।

इस्लामोफोबिया का भी मुद्दा उठाया

शहबाज शरीफ ने दुनिया में बढ़ते इस्लामोफोबिया पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि मुस्लिमों को नफरत भरी बयानबाजी, भेदभाव और हमलों का सामना करना पड़ रहा है। मस्जिदों पर हमले और कुरान के अपमान की घटनाएं भी चिंता का विषय हैं।

भारत का जिक्र करते हुए शहबाज ने आरोप लगाया कि सीमा पार RSS से प्रभावित विचारधारा धार्मिक नफरत को बढ़ावा दे रही है।

उन्होंने कहा कि इसका असर मॉब लिंचिंग, सांप्रदायिक हिंसा, धार्मिक स्थलों पर हमलों और धार्मिक स्वतंत्रता पर पाबंदियों के रूप में दिखाई दे रहा है।

होर्मुज और बाब अल-मंदेब को खुला रखने की अपील

शहबाज ने होर्मुज स्ट्रेट और बाब अल-मंदेब को दुनिया की अर्थव्यवस्था के लिए बेहद अहम समुद्री रास्ते बताया। उन्होंने कहा कि ये रास्ते खुले रहने चाहिए और इन्हें देशों के बीच टकराव का रास्ता नहीं बनने देना चाहिए।

उन्होंने कहा कि इन समुद्री रास्तों से दुनिया के कई देश जुड़े हुए हैं। अगर ये रास्ते बंद होते हैं तो इसका असर सिर्फ पश्चिम एशिया तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है।

भारत ने कहा- जम्मू-कश्मीर हमारा अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा

भारत ने जम्मू-कश्मीर को अपना अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा बताते हुए पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर की स्थिति का मुद्दा उठाया।

भारत की UN में फर्स्ट सेक्रेटरी पेटल गहलोत ने कहा कि पाकिस्तान के अवैध कब्जे वाले कश्मीर के लोग लंबे समय से हो रही मनमानी हत्याओं, हिंसा और बुनियादी अधिकारों से वंचित हैं। उनके बारे में भी सवाल किए जाने चाहिए।

भारत के जवाब की 5 बड़ी बातें

सीमा पार आतंकवाद पर नतीजे भुगतने होंगे-

सीमा पार आतंकवाद पाकिस्तान की पुरानी नीति रही है। भारत आतंकवाद के खिलाफ अपनी रक्षा करने के अधिकार का इस्तेमाल जारी रखेगा। पाकिस्तान की ओर से होने वाले आतंकवाद के गंभीर परिणाम होंगे।

पाकिस्तान में रहता था ओसामा बिन लादेन-

भारतीय अफसर पेटल गहलोत ने ओसामा बिन लादेन के पाकिस्तान में रहने का जिक्र किया। उन्होंने कहा दुनिया ने 9/11 आतंकी हमले की 25वीं बरसी मनाई है। उस हमले का मास्टरमाइंड ओसामा बिन लादेन पाकिस्तान की सेना की सबसे बड़ी सैन्य अकादमी के पास रहता था।

पाकिस्तान के लोकतंत्र में सेना की भूमिका-

गहलोत ने पाकिस्तान में लोकतांत्रिक अधिकारों और शासन व्यवस्था पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान में असली ताकत चुनी हुई सरकार के पास नहीं, बल्कि सेना के हाथ में है।

धार्मिक असहिष्णुता पर भारत ने अल्पसंख्यकों का मुद्दा उठाया-

भारत ने पाकिस्तान में धार्मिक असहिष्णुता और अल्पसंख्यकों की स्थिति का मुद्दा उठाया। गहलोत ने ईशनिंदा कानूनों, कट्टरता और नफरत के पाकिस्तान के रिकॉर्ड का हवाला दिया।

पाकिस्तान सरकार फॉर्म 47 सरकार है-

गहलोत ने पाकिस्तानी प्रधानमंत्री पर तंज कसते हुए कहा कि पाकिस्तान के लोग जिस सरकार को खुद ‘फॉर्म 47 सरकार’ कहते हैं, उनसे ऐसी ही उम्मीद की जा सकती है। भारत ने उस देश से लोकतांत्रिक अधिकारों और मानवीय मूल्यों पर उपदेश सुने, जो इस समय अपने ही लोगों से सुरक्षा का खतरा है।

क्या है फॉर्म 47 सरकार

‘फॉर्म 47 सरकार’ पाकिस्तान में विपक्ष, खासकर PTI और उसके समर्थकों की ओर से शहबाज शरीफ की गठबंधन सरकार के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला राजनीतिक शब्द है।

इसका संबंध फरवरी 2024 के आम चुनाव के बाद उठे चुनावी धांधली के आरोपों से है। फॉर्म 47 चुनाव आयोग का आधिकारिक दस्तावेज है, जिसमें निर्वाचन क्षेत्र के संकलित नतीजे दर्ज होते हैं।

विपक्ष का आरोप है कि फॉर्म 47 में दर्ज वोटों का आंकड़ा मतदान केंद्रों के फॉर्म 45 से मेल नहीं खाता और नतीजे तैयार करते समय हेरफेर की गई, जिससे PTI समर्थित उम्मीदवारों को नुकसान हुआ।

इसी आधार पर विपक्ष शहबाज सरकार को ‘फॉर्म 47 सरकार’ कहता है। पेटल गहलोत ने भी इसी राजनीतिक आरोप के संदर्भ में यह शब्द इस्तेमाल किया।

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देश

TMC विधायक कुणाल घोष की कार पर हमला:ममता की रैली में जाते समय अंडे फेंके, शीशा तोड़ा, 4 महीने में तीसरी बार हमला हुआ

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कोलकाता, एजेंसी। पश्चिम बंगाल के हुगली जिले में शनिवार को TMC विधायक कुणाल घोष की कार पर हमला हुआ। घोष श्रीरामपुर में ममता बनर्जी की रैली में शामिल होने जा रहे थे। इसी दौरान उत्तरपाड़ा में भीड़ ने उनकी गाड़ी को चारों तरफ से घेर लिया और अंडे फेंके।

विधायक के ऑफिस की तरफ से X पर घटना का वीडियो पोस्ट किया गया है। वीडियो में कुणाल घोष ड्राइवर के बगल वाली सीट पर बैठे दिखाई दे रहे हैं। पीछे की सीट पर भी कुछ लोग बैठे थे, जो वीडियो बना रहे थे। हमले में कार का पीछे का शीशा भी टूट गया।

TMC नेताओं ने घटना के पीछे BJP के शामिल होने का आरोप लगाया है। पिछले 4 महीने के दौरान घोष पर हमले का यह तीसरा मामला है। इससे पहले 13 सितंबर को उनके घर और ऑफिस में तोड़फोड़ हुई थी। 15 जून को लोगों ने उनके सिर पर अंडा फेंका था।

वीडियो में कुणाल घोष ड्राइवर की बगल वाली सीट पर ब्लू शर्ट में बैठे दिखे।

वीडियो में कुणाल घोष ड्राइवर की बगल वाली सीट पर ब्लू शर्ट में बैठे दिखे।

भीड़ ने ‘गो बैक’ के नारे लगाए और विधायक को वापस जाने का इशारा करते दिखे।

भीड़ ने ‘गो बैक’ के नारे लगाए और विधायक को वापस जाने का इशारा करते दिखे।

कुणाल घोष अंडे फेंकने वाले लोगों के सामने हाथ भी जोड़ते दिखे।

कुणाल घोष अंडे फेंकने वाले लोगों के सामने हाथ भी जोड़ते दिखे।

कुणाल घोष बोले- यह जंगलराज है

घटना पर कुणाल घोष ने कहा- यह जंगलराज है। मेरी कार पर पत्थर और अंडे फेंके गए और रास्ता रोक दिया गया। वहां कोई पुलिसकर्मी मौजूद नहीं था। उन्होंने कहा कि वह कोलकाता लौट रहे हैं और सीधे लालबाजार या भवानी भवन जाकर शिकायत दर्ज कराएंगे।

TMC ने BJP पर हमले का आरोप लगाया है। पार्टी नेता असित मजूमदार ने कहा- यह आम लोगों का प्रदर्शन नहीं, बल्कि BJP का पहले से सुनियोजित हमला था। वहीं, उत्तरपाड़ा से BJP विधायक दीपांजन चक्रवर्ती ने कहा कि यह लोगों का गुस्सा था।

कुणाल घोष पर हमले के दो पुराने मामले

1. 15 जून: ममता के घर के बाहर अंडा फेंका

  • कोलकाता के कालीघाट में ममता बनर्जी के आवास के बाहर कुणाल घोष पर अंडा फेंका गया था। घटना उस समय हुई, जब घोष ममता से मुलाकात के बाद बाहर निकलकर मीडिया से बात कर रहे थे।
  • घोष ने शिकायत भी दर्ज कराई थी। इसके बाद पुलिस ने चंदन सिंह और रवि कोयल को गिरफ्तार किया था। दोनों को बाद में जमानत मिल गई थी।
एक युवक ने घोष पर करीब से अंडा फेंका, जो उनके सिर पर लगा था।

एक युवक ने घोष पर करीब से अंडा फेंका, जो उनके सिर पर लगा था।

2. 12 अगस्त: घर और पार्टी ऑफिस में तोड़फोड़

  • कोलकाता के गरपार इलाके में घोष के घर, क्लब और पार्टी ऑफिस में तोड़फोड़ का आरोप लगा था। उस समय घोष घर पर मौजूद नहीं थे। उन्होंने दावा किया था कि बाहर से लोगों को बुलाकर उन्हें निशाना बनाया गया।
  • घोष के मुताबिक, हमलावरों ने घर के पास पहुंचने की कोशिश की और बाद में पार्टी ऑफिस में तोड़फोड़ की। कुछ लोगों ने ऑफिस के बाहर लगे ममता बनर्जी और कुणाल घोष के पोस्टर और बैनर फाड़ दिए थे।

बंगाल चुनाव में हार के बाद ममता पर 3 बार हमला

8 जुलाई: कोलकाता में TMC की रैली के दौरान ममता बनर्जी के कार्यक्रम में अंडे फेंके गए और ‘चोर-चोर’ के नारे लगाए गए थे। यह रैली बारुईपुर रेप-मर्डर मामले के विरोध में निकाली गई थी।

9 अगस्त: नॉर्थ 24 परगना के हालीशहर में ममता बनर्जी की कार को प्रदर्शनकारियों ने घेर लिया था। इस दौरान कार पर कीचड़, चप्पल और पत्थर फेंकने का आरोप लगा। प्रदर्शनकारियों ने ‘चोर-चोर’ के नारे भी लगाए। ममता ने आरोप लगाया था कि उनकी कार पर ईंट-पत्थर फेंके गए और उनकी जान को खतरा हो सकता था।

हालीशहर में ममता की कार को लोगों ने घेर लिया था।

हालीशहर में ममता की कार को लोगों ने घेर लिया था।

11 अगस्त: कोलकाता के श्यामबाजार में नेताजी सुभाष चंद्र बोस को लेकर आयोजित TMC कार्यक्रम के दौरान भी ममता बनर्जी के खिलाफ ‘चोर-चोर’ के नारे लगाए गए थे।

5 महीने में 25 से ज्यादा TMC नेताओं पर हमले

पश्चिम बंगाल में 4 मई को विधानसभा चुनाव के नतीजे आए थे। 15 साल बाद TMC सत्ता से बाहर हो गई। वहीं पहली बार भाजपा की सरकार बनी। चुनाव के बाद पिछले 5 महीनों में 25 से ज्यादा TMC नेताओं और कार्यकर्ताओं पर अंडे फेंकने या हमले की घटनाएं सामने आई हैं। इनमें TMC सांसद अभिषेक बनर्जी और महुआ मोइत्रा जैसे बड़े नाम भी शामिल हैं।

  • 28 मई को नॉर्थ 24 परगना जिले में TMC सांसद सौगत रॉय की कार पर अंडे फेंके गए और ‘चोर-चोर’ के नारे लगे।
  • 30 मई को सोनारपुर में ममता के भतीजे और TMC सांसद अभिषेक बनर्जी पर अंडे, पत्थर और जूते फेंके गए। सुरक्षाकर्मियों को उन्हें पुलिस हेलमेट पहनाकर वहां से निकालना पड़ा।
हमलावरों ने अभिषेक का हेलमेट पकड़कर खींचा। इस दौरान अभिषेक की सिक्योरिटी और अन्य TMC कार्यकर्ता उन्हें बचाते दिखे।

हमलावरों ने अभिषेक का हेलमेट पकड़कर खींचा। इस दौरान अभिषेक की सिक्योरिटी और अन्य TMC कार्यकर्ता उन्हें बचाते दिखे।

  • 6 जून को मदन मित्रा के काफिले पर अंडे फेंके गए। वहीं 16 जून को युवा नेता सौमित्र बनर्जी और 18 जून को पूर्व मंत्री उदयन गुहा पर भी अंडे और जूते फेंकने की घटनाएं सामने आईं।
  • 1 जुलाई को कृष्णनगर में TMC सांसद महुआ मोइत्रा पर अंडे, सब्जियां और पत्थर फेंके गए।

सुरक्षा घेरे के बावजूद नेताओं तक कैसे पहुंच रहे हमलावर

नेताओं की सुरक्षा उनके पद से नहीं, खतरे के हिसाब से तय होती है। खतरे के मुताबिक X, Y, Y+, Z और Z+ सुरक्षा दी जाती है। इसकी जिम्मेदारी मुख्य रूप से राज्य पुलिस की होती है। ममता बनर्जी को Z+ सुरक्षा मिली है।

कुणाल घोष जैसे TMC नेताओं ने सवाल उठाया है कि ममता बनर्जी के Z+ सुरक्षा वाले आवास के पास अंडा कैसे फेंका गया? उनका कहना है कि इतनी कड़ी सुरक्षा वाली जगह पर ऐसी घटना सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है।

लेकिन दूसरे TMC नेताओं की सुरक्षा में हाल के महीनों में बदलाव हुआ है। मई 2026 में अभिषेक बनर्जी की सुरक्षा Z+ से घटाकर Z कर दी गई और उनके घर-दफ्तर के बाहर अतिरिक्त पुलिस भी हटा दी गई।

कुणाल घोष की अतिरिक्त सुरक्षा भी घटाकर MLA स्तर की कर दी गई। वहीं, महुआ मोइत्रा की सुरक्षा को लेकर कलकत्ता हाईकोर्ट ने उनके क्षेत्र के दौरे के दौरान दो अतिरिक्त पुलिसकर्मी तैनात करने का आदेश दिया था।

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