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उत्तराखंड में बारिश का रेड अलर्ट, चारधाम यात्रा रुकी:अर्नब चक्रवात से यूपी में 48 घंटे से आंधी-बारिश, 16 मौतें, राजस्थान-एमपी में चेतावनी

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नई दिल्ली, एजेंसी। उत्तराखंड में चमोली के हेमकुंड साहिब, बद्रीनाथ में शनिवार को बर्फबारी हुई। वहीं, पिथौरागढ़-घाट सड़क पर लैंडस्लाइड के चलते 300 से ज्यादा गाड़ियां फंस गई हैं। चारधाम यात्रा दो दिनों के लिए रोक दी गई है।

अर्नब चक्रवात के असर से उत्तर प्रदेश, बिहार समेत 8 राज्यों में तेज बारिश हो रही है। बंगाल की खाड़ी में बना मौसमी सिस्टम अब दक्षिण छत्तीसगढ़ से उत्तर-पूर्व की ओर बढ़ रहा है। इसके चलते राजस्थान-मध्य प्रदेश समेत 14 राज्यों में अलर्ट जारी किया गया है।

उत्तर प्रदेश में करीब 48 घंटे से लगातार बारिश हो रही है। 40-50 किमी/घंटे की हवाएं चल रही हैं। अगल-अलग हादसों में 16 लोगों की मौत हो चुकी है। 32 जिलों में बाढ़ का खतरा है।

बिहार में सुपौल के 50 गांव बाढ़ से प्रभावित हैं। 19 जिलों में यलो अलर्ट है। बारिश से जुड़ी घटनाओं में 3 लोगों की मौत हुई है।

सैटेलाइट मैप में देखें मानसूनी बादलों की स्थिति

देशभर से मौसम की तस्वीरें…

लखनऊ के निशातगंज में करीब 100 साल पुराना विशाल बरगद का पेड़ गिर गया।

लखनऊ के निशातगंज में करीब 100 साल पुराना विशाल बरगद का पेड़ गिर गया।

लखनऊ में तेज हवाओं के साथ बारिश हो रही है। शहर की मुख्य सड़कें डूब गई हैं।

लखनऊ में तेज हवाओं के साथ बारिश हो रही है। शहर की मुख्य सड़कें डूब गई हैं।

छत्तीसगढ़ के रायपुर में महादेवघाट ब्रिज के ऊपर से पानी बह रहा है।

छत्तीसगढ़ के रायपुर में महादेवघाट ब्रिज के ऊपर से पानी बह रहा है।

ओडिशा के खुर्दा जिले में बाढ़ जैसे हालात हैं।

ओडिशा के खुर्दा जिले में बाढ़ जैसे हालात हैं।

बिहार के बेगूसराय में युवक पैर फिसलने से गंगा नदी में जा गिरा। गोताखोरों ने उसे सुरक्षित बाहर निकाल लिया।

बिहार के बेगूसराय में युवक पैर फिसलने से गंगा नदी में जा गिरा। गोताखोरों ने उसे सुरक्षित बाहर निकाल लिया।

जबलपुर में लगातार बारिश के चलते शुक्रवार शाम 6 बजे बरगी बांध के 5 गेट एक-एक मीटर तक खोले गए।

जबलपुर में लगातार बारिश के चलते शुक्रवार शाम 6 बजे बरगी बांध के 5 गेट एक-एक मीटर तक खोले गए।

आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा में भारी बारिश के चलते दुर्गा मंदिर घाट रोड पर भूस्खलन हो गया।

आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा में भारी बारिश के चलते दुर्गा मंदिर घाट रोड पर भूस्खलन हो गया।

बिहार के बख्तियारपुर में करीब 1 किमी के दायरे में कटाव

बिहार के बख्तियारपुर प्रखंड के चिरैया दियारा में करीब 1 किलोमीटर के दायरे में भीषण कटाव हो रहा है। कटाव के कारण चिरैया गांव पर संकट मंडरा रहा है। कई घर कटाव की जद में आ गए हैं।

गढ़चिरौली में बाढ़ बाद 500 से लोगों का रेस्क्यू

महाराष्ट्र के गढ़चिरौली में आई बाढ़ के बाद लगभग 525 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है।

जिला अधिकारियों के मुताबिक, भामरागढ़ में बचाव अभियान गुरुवार दोपहर शुरू हुआ और देर रात तक जारी रहा। बाढ़ का पानी अब कम होने लगा है, जिससे प्रभावित क्षेत्रों में स्थिति धीरे-धीरे सुधर रही है।

ओडिशा: बालासोर में 14 हजार से ज्यादा लोग बाढ़ से प्रभावित

ओडिशा के बालासोर में 91 गांवों के 14,660 लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। इन इलाकों से 3268 लोगों का रेस्क्यू किया गया है। अतिरिक्त पानी छोड़ने के लिए शनिवार को हीराकुंड बांध के 11 और गेट खोलने पड़े। अब तक कुल 16 स्लुइस गेट खोले गए हैं।

महाराष्ट्र में 265 तहसीलों को सूखा प्रभावित घोषित किया गया

महाराष्ट्र में 265 तहसीलों को सूखा प्रभावित घोषित किया गया। विपक्ष ने किसानों के लिए और मदद की मांग की है।

छत्तीसगढ़ के दुर्ग में 55 लोगों का रेस्क्यू, धमतरी में कार बही

छत्तीसगढ़ के दुर्ग में लगातार बारिश के बाद शिवनाथ नदी में पानी बढ़ गया है। कुम्हारी में बाढ़ का पानी बस्तियों तक पहुंचने से परिवार फंस गए। नगर सेना और SDRF ने रात 12 से सुबह 5 बजे तक चले रेस्क्यू में 50-55 लोगों को सुरक्षित निकाला।

यूपी में आंधी-बारिश से जुड़ी घटनाओं में 13 की मौत

यूपी के लखीमपुर और बाराबंकी में दीवार गिरने से 3-3, हमीरपुर और फतेहपुर में एक-एक की मौत हो गई। आगरा में बारिश के बीच तेज रफ्तार कार फिसलकर पलट गई। हादसे में 3 लोगों की जान चली गई। लखीमपुर में ट्रॉली से टकराने के बाद अर्टिगा कार खाई में गिर गई। 2 लोगों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।

मध्य प्रदेश: जबलपुर-रीवा समेत 18 जिलों में तेज बारिश का अलर्ट

मध्य प्रदेश के पूर्वी हिस्से- जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग के जिलों में अगले 48 घंटे तेज बारिश का दौर बना रहेगा। मौसम विभाग ने शनिवार को जबलपुर-रीवा समेत 18 जिलों में अति भारी या भारी बारिश का अलर्ट है। निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर और सतना में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।

छत्तीसगढ़: रायपुर महादेवघाट पुल डूबा, बस्तर में सड़कें डूबीं

छत्तीसगढ़ में पिछले करीब 36 घंटे से बारिश का दौर जारी है। रायपुर समेत प्रदेश के कई हिस्सों में लगातार बारिश हो रही है। महादेवघाट पुल से 2 फीट ऊपर पानी बह रहा है। कई नदी-नाले उफान पर हैं।

राजस्थान: 10 जिलों में बारिश का अलर्ट, 5 शहरों का पारा 40 डिग्री के पार

राजस्थान में 29 सितंबर तक पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से जयपुर, भरतपुर संभाग में बारिश हो सकती है। मौसम विभाग ने 27 सितंबर को 10 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

उत्तर प्रदेश: 32 जिलों में बाढ़ का खतरा, 36 में स्कूल बंद

यूपी में लगातार बारिश से हालात बिगड़ने लगे हैं। पूरे प्रदेश में पिछले 40 घंटे से जोरदार बारिश हो रही है। 40-50 किमी. की रफ्तार से हवाएं चल रही हैं। सड़कें तालाब बन गई हैं। कॉलोनियों में पानी घुस गया है। 32 जिलों में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है।

बिहार: 19 जिलों में हैवी रेन की चेतावनी, कोसी-बागमती खतरे से ऊपर

बिहार के 19 जिलों में बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है। पटना के कुछ इलाकों में तेज बारिश हो रही है। वही समस्तीपुर में हल्की बारिश है। सुपौल में 50 गांवों में बाढ़ है, लोगों के घर-आंगन में पानी भर गया है।

झारखंड: सिंहभूम-सरायकेला में बाढ़ का अलर्ट, रांची में सभी स्कूल बंद

झारखंड के कई हिस्सों में भारी बारिश के साथ तेज हवा और वज्रपात की आशंका है। मौसम विभाग ने पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम और सरायकेला-खरसावां में भारी बारिश का अलर्ट जारी करते हुए कुछ इलाकों में बाढ़ की आशंका जताई है।

पंजाब: चंडीगढ़ समेत 15 जिलों में बारिश का यलो अलर्ट

पंजाब और चंडीगढ़ में दो दिन बारिश की संभावना है। चंडीगढ़ मौसम विज्ञान केंद्र ने इसे लेकर यलो अलर्ट जारी किया है। राज्य के अधिकतम तापमान में 0.4 डिग्री की बढ़ोतरी हुई है और अब यह सामान्य के करीब पहुंच गया है।

हरियाणा: दो दिन बारिश का अलर्ट, तापमान में 2.2°C की गिरावट

हरियाणा में मौसम एक बार फिर बदलने वाला है। मौसम विभाग ने प्रदेश के 13 जिलों में आज आंधी-तूफान के साथ बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। वहीं 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की भी संभावना है।

उत्तराखंड: बारिश का रेड अलर्ट, 7 जिलों के स्कूलों में छुट्टी

उत्तराखंड के बागेश्वर, नैनीताल, पिथौरागढ़, चंपावत और ऊधमसिंह नगर जिले में रेड अलर्ट जारी किया गया है। यहां भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई है। नैनीताल, चमोली और देहरादून में देर रात से रुक-रुककर बारिश हो रही है।

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देश

पाकिस्तानी PM की धमकी- पानी रोकना जंग जैसा:UN में शहबाज बोले- कश्मीर गले की नस, भारत का जवाब- अवैध कब्जे वाले कश्मीर की हालत देखें

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न्यूयॉर्क, एजेंसी। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने शुक्रवार को UN में भारत को जंग की धमकी दी। उन्होंने कहा कि भारत सिंधु नदी का पानी न रोके। पानी रोकने की कोशिश को पाकिस्तान युद्ध की कार्रवाई मानेगा।

शहबाज शरीफ ने UN में कश्मीर का मुद्दा भी उठाया। शहबाज ने कहा कि कश्मीर हमारे लिए गर्दन की नस है।

कश्मीर का मुद्दा उठाने पर UN में भारत की फर्स्ट सेक्रेटरी पेटल गहलोत ने कहा कि पाकिस्तान को अवैध कब्जे वाले कश्मीर (PoK) की हालत देखनी चाहिए।

पहलगाम हमले और भारत-पाकिस्तान संघर्ष का जिक्र

शहबाज शरीफ ने अपने भाषण में पहलगाम हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़े तनाव का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान की सेना ने फील्ड मार्शल आसीम मुनीर के नेतृत्व में सटीक जवाब दिया।

उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की तारीफ करते हुए कहा कि मई 2025 में दोनों देशों के बीच तनाव कम कराने और युद्ध जैसी स्थिति टालने में उनकी भूमिका अहम रही।

शहबाज ने कहा कि ट्रम्प की कोशिशों से बड़ा टकराव टल गया। इसका 87 सेकेंड का वीडियो ट्रम्प ने शुक्रवार को बिना किसी टिप्पणी के ट्रुथ सोशल पर शेयर किया।

शहबाज ने यह भी कहा कि दक्षिण एशिया में फिर से ऐसे हालात नहीं बनने चाहिए। उनके मुताबिक, इसके लिए कश्मीर मुद्दे का समाधान जरूरी है।

शहबाज शरीफ के दावों पर भारतीय राजनयिक आर. श्रीनिवास हंसते नजर आए।

शहबाज शरीफ के दावों पर भारतीय राजनयिक आर. श्रीनिवास हंसते नजर आए।

सिंधु जल संधि पर भारत के कदम को बताया गैरकानूनी

शहबाज ने कहा कि पिछले साल भारत-पाकिस्तान संघर्ष के बाद भारत ने इस संधि को एकतरफा रोक दिया, जिसका कोई कानूनी आधार नहीं है।

शहबाज ने दावा किया कि UN के विशेषज्ञों और स्थायी मध्यस्थता अदालत ने भी इस मामले में भारत के दावों और कदमों को खारिज किया है। उन्होंने कहा कि इससे पाकिस्तान का रुख सही साबित हुआ है।

अप्रैल 2025 में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने सिंधु जल संधि पर रोक लगा दी थी। हमले में 26 लोगों की मौत हुई थी। भारत का आरोप है कि हमले में शामिल आतंकियों को पाकिस्तान का समर्थन था।

इस्लामोफोबिया का भी मुद्दा उठाया

शहबाज शरीफ ने दुनिया में बढ़ते इस्लामोफोबिया पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि मुस्लिमों को नफरत भरी बयानबाजी, भेदभाव और हमलों का सामना करना पड़ रहा है। मस्जिदों पर हमले और कुरान के अपमान की घटनाएं भी चिंता का विषय हैं।

भारत का जिक्र करते हुए शहबाज ने आरोप लगाया कि सीमा पार RSS से प्रभावित विचारधारा धार्मिक नफरत को बढ़ावा दे रही है।

उन्होंने कहा कि इसका असर मॉब लिंचिंग, सांप्रदायिक हिंसा, धार्मिक स्थलों पर हमलों और धार्मिक स्वतंत्रता पर पाबंदियों के रूप में दिखाई दे रहा है।

होर्मुज और बाब अल-मंदेब को खुला रखने की अपील

शहबाज ने होर्मुज स्ट्रेट और बाब अल-मंदेब को दुनिया की अर्थव्यवस्था के लिए बेहद अहम समुद्री रास्ते बताया। उन्होंने कहा कि ये रास्ते खुले रहने चाहिए और इन्हें देशों के बीच टकराव का रास्ता नहीं बनने देना चाहिए।

उन्होंने कहा कि इन समुद्री रास्तों से दुनिया के कई देश जुड़े हुए हैं। अगर ये रास्ते बंद होते हैं तो इसका असर सिर्फ पश्चिम एशिया तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है।

भारत ने कहा- जम्मू-कश्मीर हमारा अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा

भारत ने जम्मू-कश्मीर को अपना अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा बताते हुए पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर की स्थिति का मुद्दा उठाया।

भारत की UN में फर्स्ट सेक्रेटरी पेटल गहलोत ने कहा कि पाकिस्तान के अवैध कब्जे वाले कश्मीर के लोग लंबे समय से हो रही मनमानी हत्याओं, हिंसा और बुनियादी अधिकारों से वंचित हैं। उनके बारे में भी सवाल किए जाने चाहिए।

भारत के जवाब की 5 बड़ी बातें

सीमा पार आतंकवाद पर नतीजे भुगतने होंगे-

सीमा पार आतंकवाद पाकिस्तान की पुरानी नीति रही है। भारत आतंकवाद के खिलाफ अपनी रक्षा करने के अधिकार का इस्तेमाल जारी रखेगा। पाकिस्तान की ओर से होने वाले आतंकवाद के गंभीर परिणाम होंगे।

पाकिस्तान में रहता था ओसामा बिन लादेन-

भारतीय अफसर पेटल गहलोत ने ओसामा बिन लादेन के पाकिस्तान में रहने का जिक्र किया। उन्होंने कहा दुनिया ने 9/11 आतंकी हमले की 25वीं बरसी मनाई है। उस हमले का मास्टरमाइंड ओसामा बिन लादेन पाकिस्तान की सेना की सबसे बड़ी सैन्य अकादमी के पास रहता था।

पाकिस्तान के लोकतंत्र में सेना की भूमिका-

गहलोत ने पाकिस्तान में लोकतांत्रिक अधिकारों और शासन व्यवस्था पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान में असली ताकत चुनी हुई सरकार के पास नहीं, बल्कि सेना के हाथ में है।

धार्मिक असहिष्णुता पर भारत ने अल्पसंख्यकों का मुद्दा उठाया-

भारत ने पाकिस्तान में धार्मिक असहिष्णुता और अल्पसंख्यकों की स्थिति का मुद्दा उठाया। गहलोत ने ईशनिंदा कानूनों, कट्टरता और नफरत के पाकिस्तान के रिकॉर्ड का हवाला दिया।

पाकिस्तान सरकार फॉर्म 47 सरकार है-

गहलोत ने पाकिस्तानी प्रधानमंत्री पर तंज कसते हुए कहा कि पाकिस्तान के लोग जिस सरकार को खुद ‘फॉर्म 47 सरकार’ कहते हैं, उनसे ऐसी ही उम्मीद की जा सकती है। भारत ने उस देश से लोकतांत्रिक अधिकारों और मानवीय मूल्यों पर उपदेश सुने, जो इस समय अपने ही लोगों से सुरक्षा का खतरा है।

क्या है फॉर्म 47 सरकार

‘फॉर्म 47 सरकार’ पाकिस्तान में विपक्ष, खासकर PTI और उसके समर्थकों की ओर से शहबाज शरीफ की गठबंधन सरकार के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला राजनीतिक शब्द है।

इसका संबंध फरवरी 2024 के आम चुनाव के बाद उठे चुनावी धांधली के आरोपों से है। फॉर्म 47 चुनाव आयोग का आधिकारिक दस्तावेज है, जिसमें निर्वाचन क्षेत्र के संकलित नतीजे दर्ज होते हैं।

विपक्ष का आरोप है कि फॉर्म 47 में दर्ज वोटों का आंकड़ा मतदान केंद्रों के फॉर्म 45 से मेल नहीं खाता और नतीजे तैयार करते समय हेरफेर की गई, जिससे PTI समर्थित उम्मीदवारों को नुकसान हुआ।

इसी आधार पर विपक्ष शहबाज सरकार को ‘फॉर्म 47 सरकार’ कहता है। पेटल गहलोत ने भी इसी राजनीतिक आरोप के संदर्भ में यह शब्द इस्तेमाल किया।

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देश

TMC विधायक कुणाल घोष की कार पर हमला:ममता की रैली में जाते समय अंडे फेंके, शीशा तोड़ा, 4 महीने में तीसरी बार हमला हुआ

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कोलकाता, एजेंसी। पश्चिम बंगाल के हुगली जिले में शनिवार को TMC विधायक कुणाल घोष की कार पर हमला हुआ। घोष श्रीरामपुर में ममता बनर्जी की रैली में शामिल होने जा रहे थे। इसी दौरान उत्तरपाड़ा में भीड़ ने उनकी गाड़ी को चारों तरफ से घेर लिया और अंडे फेंके।

विधायक के ऑफिस की तरफ से X पर घटना का वीडियो पोस्ट किया गया है। वीडियो में कुणाल घोष ड्राइवर के बगल वाली सीट पर बैठे दिखाई दे रहे हैं। पीछे की सीट पर भी कुछ लोग बैठे थे, जो वीडियो बना रहे थे। हमले में कार का पीछे का शीशा भी टूट गया।

TMC नेताओं ने घटना के पीछे BJP के शामिल होने का आरोप लगाया है। पिछले 4 महीने के दौरान घोष पर हमले का यह तीसरा मामला है। इससे पहले 13 सितंबर को उनके घर और ऑफिस में तोड़फोड़ हुई थी। 15 जून को लोगों ने उनके सिर पर अंडा फेंका था।

वीडियो में कुणाल घोष ड्राइवर की बगल वाली सीट पर ब्लू शर्ट में बैठे दिखे।

वीडियो में कुणाल घोष ड्राइवर की बगल वाली सीट पर ब्लू शर्ट में बैठे दिखे।

भीड़ ने ‘गो बैक’ के नारे लगाए और विधायक को वापस जाने का इशारा करते दिखे।

भीड़ ने ‘गो बैक’ के नारे लगाए और विधायक को वापस जाने का इशारा करते दिखे।

कुणाल घोष अंडे फेंकने वाले लोगों के सामने हाथ भी जोड़ते दिखे।

कुणाल घोष अंडे फेंकने वाले लोगों के सामने हाथ भी जोड़ते दिखे।

कुणाल घोष बोले- यह जंगलराज है

घटना पर कुणाल घोष ने कहा- यह जंगलराज है। मेरी कार पर पत्थर और अंडे फेंके गए और रास्ता रोक दिया गया। वहां कोई पुलिसकर्मी मौजूद नहीं था। उन्होंने कहा कि वह कोलकाता लौट रहे हैं और सीधे लालबाजार या भवानी भवन जाकर शिकायत दर्ज कराएंगे।

TMC ने BJP पर हमले का आरोप लगाया है। पार्टी नेता असित मजूमदार ने कहा- यह आम लोगों का प्रदर्शन नहीं, बल्कि BJP का पहले से सुनियोजित हमला था। वहीं, उत्तरपाड़ा से BJP विधायक दीपांजन चक्रवर्ती ने कहा कि यह लोगों का गुस्सा था।

कुणाल घोष पर हमले के दो पुराने मामले

1. 15 जून: ममता के घर के बाहर अंडा फेंका

  • कोलकाता के कालीघाट में ममता बनर्जी के आवास के बाहर कुणाल घोष पर अंडा फेंका गया था। घटना उस समय हुई, जब घोष ममता से मुलाकात के बाद बाहर निकलकर मीडिया से बात कर रहे थे।
  • घोष ने शिकायत भी दर्ज कराई थी। इसके बाद पुलिस ने चंदन सिंह और रवि कोयल को गिरफ्तार किया था। दोनों को बाद में जमानत मिल गई थी।
एक युवक ने घोष पर करीब से अंडा फेंका, जो उनके सिर पर लगा था।

एक युवक ने घोष पर करीब से अंडा फेंका, जो उनके सिर पर लगा था।

2. 12 अगस्त: घर और पार्टी ऑफिस में तोड़फोड़

  • कोलकाता के गरपार इलाके में घोष के घर, क्लब और पार्टी ऑफिस में तोड़फोड़ का आरोप लगा था। उस समय घोष घर पर मौजूद नहीं थे। उन्होंने दावा किया था कि बाहर से लोगों को बुलाकर उन्हें निशाना बनाया गया।
  • घोष के मुताबिक, हमलावरों ने घर के पास पहुंचने की कोशिश की और बाद में पार्टी ऑफिस में तोड़फोड़ की। कुछ लोगों ने ऑफिस के बाहर लगे ममता बनर्जी और कुणाल घोष के पोस्टर और बैनर फाड़ दिए थे।

बंगाल चुनाव में हार के बाद ममता पर 3 बार हमला

8 जुलाई: कोलकाता में TMC की रैली के दौरान ममता बनर्जी के कार्यक्रम में अंडे फेंके गए और ‘चोर-चोर’ के नारे लगाए गए थे। यह रैली बारुईपुर रेप-मर्डर मामले के विरोध में निकाली गई थी।

9 अगस्त: नॉर्थ 24 परगना के हालीशहर में ममता बनर्जी की कार को प्रदर्शनकारियों ने घेर लिया था। इस दौरान कार पर कीचड़, चप्पल और पत्थर फेंकने का आरोप लगा। प्रदर्शनकारियों ने ‘चोर-चोर’ के नारे भी लगाए। ममता ने आरोप लगाया था कि उनकी कार पर ईंट-पत्थर फेंके गए और उनकी जान को खतरा हो सकता था।

हालीशहर में ममता की कार को लोगों ने घेर लिया था।

हालीशहर में ममता की कार को लोगों ने घेर लिया था।

11 अगस्त: कोलकाता के श्यामबाजार में नेताजी सुभाष चंद्र बोस को लेकर आयोजित TMC कार्यक्रम के दौरान भी ममता बनर्जी के खिलाफ ‘चोर-चोर’ के नारे लगाए गए थे।

5 महीने में 25 से ज्यादा TMC नेताओं पर हमले

पश्चिम बंगाल में 4 मई को विधानसभा चुनाव के नतीजे आए थे। 15 साल बाद TMC सत्ता से बाहर हो गई। वहीं पहली बार भाजपा की सरकार बनी। चुनाव के बाद पिछले 5 महीनों में 25 से ज्यादा TMC नेताओं और कार्यकर्ताओं पर अंडे फेंकने या हमले की घटनाएं सामने आई हैं। इनमें TMC सांसद अभिषेक बनर्जी और महुआ मोइत्रा जैसे बड़े नाम भी शामिल हैं।

  • 28 मई को नॉर्थ 24 परगना जिले में TMC सांसद सौगत रॉय की कार पर अंडे फेंके गए और ‘चोर-चोर’ के नारे लगे।
  • 30 मई को सोनारपुर में ममता के भतीजे और TMC सांसद अभिषेक बनर्जी पर अंडे, पत्थर और जूते फेंके गए। सुरक्षाकर्मियों को उन्हें पुलिस हेलमेट पहनाकर वहां से निकालना पड़ा।
हमलावरों ने अभिषेक का हेलमेट पकड़कर खींचा। इस दौरान अभिषेक की सिक्योरिटी और अन्य TMC कार्यकर्ता उन्हें बचाते दिखे।

हमलावरों ने अभिषेक का हेलमेट पकड़कर खींचा। इस दौरान अभिषेक की सिक्योरिटी और अन्य TMC कार्यकर्ता उन्हें बचाते दिखे।

  • 6 जून को मदन मित्रा के काफिले पर अंडे फेंके गए। वहीं 16 जून को युवा नेता सौमित्र बनर्जी और 18 जून को पूर्व मंत्री उदयन गुहा पर भी अंडे और जूते फेंकने की घटनाएं सामने आईं।
  • 1 जुलाई को कृष्णनगर में TMC सांसद महुआ मोइत्रा पर अंडे, सब्जियां और पत्थर फेंके गए।

सुरक्षा घेरे के बावजूद नेताओं तक कैसे पहुंच रहे हमलावर

नेताओं की सुरक्षा उनके पद से नहीं, खतरे के हिसाब से तय होती है। खतरे के मुताबिक X, Y, Y+, Z और Z+ सुरक्षा दी जाती है। इसकी जिम्मेदारी मुख्य रूप से राज्य पुलिस की होती है। ममता बनर्जी को Z+ सुरक्षा मिली है।

कुणाल घोष जैसे TMC नेताओं ने सवाल उठाया है कि ममता बनर्जी के Z+ सुरक्षा वाले आवास के पास अंडा कैसे फेंका गया? उनका कहना है कि इतनी कड़ी सुरक्षा वाली जगह पर ऐसी घटना सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है।

लेकिन दूसरे TMC नेताओं की सुरक्षा में हाल के महीनों में बदलाव हुआ है। मई 2026 में अभिषेक बनर्जी की सुरक्षा Z+ से घटाकर Z कर दी गई और उनके घर-दफ्तर के बाहर अतिरिक्त पुलिस भी हटा दी गई।

कुणाल घोष की अतिरिक्त सुरक्षा भी घटाकर MLA स्तर की कर दी गई। वहीं, महुआ मोइत्रा की सुरक्षा को लेकर कलकत्ता हाईकोर्ट ने उनके क्षेत्र के दौरे के दौरान दो अतिरिक्त पुलिसकर्मी तैनात करने का आदेश दिया था।

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छत्तीसगढ़

झीरम मामले में राहुल गांधी ने मांगी सुरक्षा की रिपोर्ट:हमले से पहले कहां-कितनी सिक्युरिटी मिली, होगी जांच, छत्तीसगढ़ कांग्रेस नेताओं के साथ बैठक

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रायपुर, एजेंसी। छत्तीसगढ़ कांग्रेस के सीनियर नेताओं ने नई दिल्ली के 10 जनपथ में राहुल गांधी से मुलाकात की। शनिवार को करीब 45 मिनट चली बैठक में झीरम मामले को लेकर आगे की रणनीति पर चर्चा हुई। राहुल गांधी ने हमले से पहले की सुरक्षा-व्यवस्था की पूरी जानकारी मांगी है।

उन्होंने कांग्रेस की परिवर्तन यात्रा के दौरान कहां, कब और कितनी सुरक्षा दी गई, इसकी जानकारी जुटाने को कहा है। खास तौर पर हमले से पहले यात्रा के तीन चरणों में हुई सुरक्षा व्यवस्था की रिपोर्ट जुटाने पर चर्चा हुई। राहुल गांधी ने कहा कि जरूरत पड़ने पर पुलिस कस्टडी जैसी कार्रवाई पर भी विचार किया जाएगा।

झीरम घाटी मामले को लेकर CG कांग्रेस के सीनियर नेताओं ने राहुल गांधी से मुलाकात की।

झीरम घाटी मामले को लेकर CG कांग्रेस के सीनियर नेताओं ने राहुल गांधी से मुलाकात की।

सीनियर वकीलों से ली जाएगी सलाह

बैठक में मामले की आगे की कानूनी कार्रवाई को लेकर भी बात हुई। कांग्रेस सीनियर वकीलों से सलाह लेने की तैयारी कर रही है। बताया जा रहा है कि कपिल सिब्बल, अभिषेक मनु सिंघवी और विवेक तन्खा से कानूनी राय ली जा सकती है। उनकी सलाह के आधार पर वकील नियुक्त करने की संभावना है। हालांकि, इसे लेकर अभी कोई आधिकारिक फैसला नहीं हुआ है।

बैठक में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत और पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव के साथ झीरम हमले में प्रभावित परिवारों के सदस्य भी शामिल हुए।

गांधी से मुलाकात के बाद छत्तीसगढ़ के कांग्रेस नेताओं ने प्रदेश प्रभारी सुखदेव भगत के घर जाकर मुलाकात की।

गांधी से मुलाकात के बाद छत्तीसगढ़ के कांग्रेस नेताओं ने प्रदेश प्रभारी सुखदेव भगत के घर जाकर मुलाकात की।

‘षड्यंत्रकारियों को फरार बताकर कार्रवाई नहीं की’

पूर्व डिप्टी सीएम टीएस सिंहदेव ने कहा कि बैठक में राहुल गांधी को कई महत्वपूर्ण तथ्य बताए गए। झीरम मामले में दोषी ठहराए गए 10 लोग मूल रूप से गांव के रहने वाले थे। इनमें कुछ लोग खाना पहुंचाने या गड्ढे खोदने जैसे काम करते थे। वहीं, मामले में षड्यंत्रकारी लोगों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई और उन्हें सिर्फ फरार बताया गया।

उन्होंने कहा कि NIA ने साजिश के पहलू की जांच नहीं की। रिपोर्ट के पैराग्राफ 307 में नंदकुमार पटेल और उनके बेटों की पहचान को लेकर पूछताछ का जिक्र है, लेकिन इसके बाद जांच आगे नहीं बढ़ी।

राहुल गांधी ने कानूनी सलाह लेने को कहा

सिंहदेव ने बताया कि उन्होंने राहुल गांधी को इन बातों की जानकारी दी और कानूनी राय के लिए मदद मांगी। राहुल गांधी ने कुछ खास लोगों से कानूनी सलाह लेने को कहा। उन्होंने यह भी कहा कि जरूरत पड़ने पर आगे पुलिस कस्टडी जैसी कार्रवाई के विकल्प पर विचार किया जा सकता है।

सिंहदेव के अनुसार, राहुल गांधी ने झीरम हमले से पहले दी गई सुरक्षा व्यवस्था की भी विस्तृत जानकारी मांगी। उन्होंने पूछा कि सुरक्षा कहां, कब और कितनी दी गई थी।

झीरम हमले के दौरान की फाइल फोटो।

झीरम हमले के दौरान की फाइल फोटो।

हाईकमान की तरफ से लड़ी जाएगी लड़ाई- छविंद्र कर्मा

राहुल गांधी के साथ बैठक के बाद नक्सल हिंसा पीड़ित और शहीद महेंद्र कर्मा के बेटे छविंद्र कर्मा ने कहा कि झीरम हमले को लेकर NIA का जो फैसला आया है, हम उससे संतुष्ट नहीं हैं। ये सारे प्यादे हैं। हमने राहुल गांधी के सामने अपनी बातें रखीं। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ नक्सली घटना नहीं थी, बल्कि इसके पीछे राजनीति भी थी। अब इसकी लड़ाई हाईकमान की तरफ से लड़ी जाएगी।

उन्होंने कहा कि कई बड़े नक्सली लीडर, जिन्होंने सरेंडर किया है, उनके नाम झीरम नक्सली हमले में थे। लेकिन उन पर किसी तरह की कोई कार्रवाई नहीं हुई है। अब कांग्रेस हाईकमान तय करेगा कि आगे इस मामले को लेकर क्या किया जाएगा और कैसे लड़ाई लड़ी जाएगी।

क्या था झीरम हमला?

25 मई 2013 को बस्तर की झीरम घाटी में कांग्रेस की परिवर्तन यात्रा के काफिले पर नक्सली हमला हुआ था। हमले में कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं समेत 29 लोगों की मौत हुई थी। मृतकों में तत्कालीन प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष नंदकुमार पटेल, वरिष्ठ नेता महेंद्र कर्मा, पूर्व केंद्रीय मंत्री विद्याचरण शुक्ल और उदय मुदलियार समेत कई नेता शामिल थे।

करीब 13 साल चली सुनवाई के बाद 5 सितंबर 2026 को जगदलपुर की NIA स्पेशल कोर्ट ने मामले में सुनवाई का सामना कर रहे सभी 10 आरोपियों को दोषी करार दिया था। इसके बाद 16 सितंबर को कोर्ट ने सभी 10 दोषियों को मौत की सजा सुनाई थी।

13 साल बाद आया फैसला, 10 दोषियों को मौत की सजा

13 साल पुराने झीरम घाटी नक्सली हमले में जगदलपुर की NIA स्पेशल कोर्ट से 10 दोषियों को सुनाई गई फांसी की सजा अब हाईकोर्ट की न्यायिक जांच के दायरे में आ गई है। NIA स्पेशल कोर्ट ने मौत की सजा की पुष्टि के लिए मामला छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट भेज दिया है।

हाईकोर्ट में इसे क्रिमिनल रेफरेंस/डेथ रेफरेंस के रूप में दर्ज किया गया है। अब हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ट्रायल कोर्ट के फैसले, पेश किए गए सबूतों और दोषसिद्धि के आधार पर मामले की सुनवाई करेगी।

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