कोलकाता, एजेंसी। पश्चिम बंगाल के हुगली जिले में शनिवार को TMC विधायक कुणाल घोष की कार पर हमला हुआ। घोष श्रीरामपुर में ममता बनर्जी की रैली में शामिल होने जा रहे थे। इसी दौरान उत्तरपाड़ा में भीड़ ने उनकी गाड़ी को चारों तरफ से घेर लिया और अंडे फेंके।
विधायक के ऑफिस की तरफ से X पर घटना का वीडियो पोस्ट किया गया है। वीडियो में कुणाल घोष ड्राइवर के बगल वाली सीट पर बैठे दिखाई दे रहे हैं। पीछे की सीट पर भी कुछ लोग बैठे थे, जो वीडियो बना रहे थे। हमले में कार का पीछे का शीशा भी टूट गया।
TMC नेताओं ने घटना के पीछे BJP के शामिल होने का आरोप लगाया है। पिछले 4 महीने के दौरान घोष पर हमले का यह तीसरा मामला है। इससे पहले 13 सितंबर को उनके घर और ऑफिस में तोड़फोड़ हुई थी। 15 जून को लोगों ने उनके सिर पर अंडा फेंका था।
वीडियो में कुणाल घोष ड्राइवर की बगल वाली सीट पर ब्लू शर्ट में बैठे दिखे।
भीड़ ने ‘गो बैक’ के नारे लगाए और विधायक को वापस जाने का इशारा करते दिखे।
कुणाल घोष अंडे फेंकने वाले लोगों के सामने हाथ भी जोड़ते दिखे।
कुणाल घोष बोले- यह जंगलराज है
घटना पर कुणाल घोष ने कहा- यह जंगलराज है। मेरी कार पर पत्थर और अंडे फेंके गए और रास्ता रोक दिया गया। वहां कोई पुलिसकर्मी मौजूद नहीं था। उन्होंने कहा कि वह कोलकाता लौट रहे हैं और सीधे लालबाजार या भवानी भवन जाकर शिकायत दर्ज कराएंगे।
TMC ने BJP पर हमले का आरोप लगाया है। पार्टी नेता असित मजूमदार ने कहा- यह आम लोगों का प्रदर्शन नहीं, बल्कि BJP का पहले से सुनियोजित हमला था। वहीं, उत्तरपाड़ा से BJP विधायक दीपांजन चक्रवर्ती ने कहा कि यह लोगों का गुस्सा था।
कुणाल घोष पर हमले के दो पुराने मामले
1. 15 जून: ममता के घर के बाहर अंडा फेंका
कोलकाता के कालीघाट में ममता बनर्जी के आवास के बाहर कुणाल घोष पर अंडा फेंका गया था। घटना उस समय हुई, जब घोष ममता से मुलाकात के बाद बाहर निकलकर मीडिया से बात कर रहे थे।
घोष ने शिकायत भी दर्ज कराई थी। इसके बाद पुलिस ने चंदन सिंह और रवि कोयल को गिरफ्तार किया था। दोनों को बाद में जमानत मिल गई थी।
एक युवक ने घोष पर करीब से अंडा फेंका, जो उनके सिर पर लगा था।
2. 12 अगस्त: घर और पार्टी ऑफिस में तोड़फोड़
कोलकाता के गरपार इलाके में घोष के घर, क्लब और पार्टी ऑफिस में तोड़फोड़ का आरोप लगा था। उस समय घोष घर पर मौजूद नहीं थे। उन्होंने दावा किया था कि बाहर से लोगों को बुलाकर उन्हें निशाना बनाया गया।
घोष के मुताबिक, हमलावरों ने घर के पास पहुंचने की कोशिश की और बाद में पार्टी ऑफिस में तोड़फोड़ की। कुछ लोगों ने ऑफिस के बाहर लगे ममता बनर्जी और कुणाल घोष के पोस्टर और बैनर फाड़ दिए थे।
बंगाल चुनाव में हार के बाद ममता पर 3 बार हमला
8 जुलाई: कोलकाता में TMC की रैली के दौरान ममता बनर्जी के कार्यक्रम में अंडे फेंके गए और ‘चोर-चोर’ के नारे लगाए गए थे। यह रैली बारुईपुर रेप-मर्डर मामले के विरोध में निकाली गई थी।
9 अगस्त: नॉर्थ 24 परगना के हालीशहर में ममता बनर्जी की कार को प्रदर्शनकारियों ने घेर लिया था। इस दौरान कार पर कीचड़, चप्पल और पत्थर फेंकने का आरोप लगा। प्रदर्शनकारियों ने ‘चोर-चोर’ के नारे भी लगाए। ममता ने आरोप लगाया था कि उनकी कार पर ईंट-पत्थर फेंके गए और उनकी जान को खतरा हो सकता था।
हालीशहर में ममता की कार को लोगों ने घेर लिया था।
11 अगस्त: कोलकाता के श्यामबाजार में नेताजी सुभाष चंद्र बोस को लेकर आयोजित TMC कार्यक्रम के दौरान भी ममता बनर्जी के खिलाफ ‘चोर-चोर’ के नारे लगाए गए थे।
5 महीने में 25 से ज्यादा TMC नेताओं पर हमले
पश्चिम बंगाल में 4 मई को विधानसभा चुनाव के नतीजे आए थे। 15 साल बाद TMC सत्ता से बाहर हो गई। वहीं पहली बार भाजपा की सरकार बनी। चुनाव के बाद पिछले 5 महीनों में 25 से ज्यादा TMC नेताओं और कार्यकर्ताओं पर अंडे फेंकने या हमले की घटनाएं सामने आई हैं। इनमें TMC सांसद अभिषेक बनर्जी और महुआ मोइत्रा जैसे बड़े नाम भी शामिल हैं।
28 मई को नॉर्थ 24 परगना जिले में TMC सांसद सौगत रॉय की कार पर अंडे फेंके गए और ‘चोर-चोर’ के नारे लगे।
30 मई को सोनारपुर में ममता के भतीजे और TMC सांसद अभिषेक बनर्जी पर अंडे, पत्थर और जूते फेंके गए। सुरक्षाकर्मियों को उन्हें पुलिस हेलमेट पहनाकर वहां से निकालना पड़ा।
हमलावरों ने अभिषेक का हेलमेट पकड़कर खींचा। इस दौरान अभिषेक की सिक्योरिटी और अन्य TMC कार्यकर्ता उन्हें बचाते दिखे।
6 जून को मदन मित्रा के काफिले पर अंडे फेंके गए। वहीं 16 जून को युवा नेता सौमित्र बनर्जी और 18 जून को पूर्व मंत्री उदयन गुहा पर भी अंडे और जूते फेंकने की घटनाएं सामने आईं।
1 जुलाई को कृष्णनगर में TMC सांसद महुआ मोइत्रा पर अंडे, सब्जियां और पत्थर फेंके गए।
सुरक्षा घेरे के बावजूद नेताओं तक कैसे पहुंच रहे हमलावर
नेताओं की सुरक्षा उनके पद से नहीं, खतरे के हिसाब से तय होती है। खतरे के मुताबिक X, Y, Y+, Z और Z+ सुरक्षा दी जाती है। इसकी जिम्मेदारी मुख्य रूप से राज्य पुलिस की होती है। ममता बनर्जी को Z+ सुरक्षा मिली है।
कुणाल घोष जैसे TMC नेताओं ने सवाल उठाया है कि ममता बनर्जी के Z+ सुरक्षा वाले आवास के पास अंडा कैसे फेंका गया? उनका कहना है कि इतनी कड़ी सुरक्षा वाली जगह पर ऐसी घटना सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है।
लेकिन दूसरे TMC नेताओं की सुरक्षा में हाल के महीनों में बदलाव हुआ है। मई 2026 में अभिषेक बनर्जी की सुरक्षा Z+ से घटाकर Z कर दी गई और उनके घर-दफ्तर के बाहर अतिरिक्त पुलिस भी हटा दी गई।
कुणाल घोष की अतिरिक्त सुरक्षा भी घटाकर MLA स्तर की कर दी गई। वहीं, महुआ मोइत्रा की सुरक्षा को लेकर कलकत्ता हाईकोर्ट ने उनके क्षेत्र के दौरे के दौरान दो अतिरिक्त पुलिसकर्मी तैनात करने का आदेश दिया था।
देहरादून, एजेंसी। वरिष्ठ कांग्रेस नेता और उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत 2016 में एक भर्ती परीक्षा में कथित अनियमितताओं से जुड़े एक मामले में पूछताछ के लिए शनिवार को यहां प्रवर्तन निदेशालय (ED) के कार्यालय पहुंचे। इस दौरान रावत ने अपनी मां की तस्वीर अपने गले में पहन रखी थी जिस पर ‘मां’ लिखा था।
हरीश रावत ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा कर कहा कि कि अपनी मां, मां जगदंबा और धरती माता का स्मरण कर मां का आशीर्वाद लेकर वह ईडी कार्यालय पहुंचे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने किसी को नहीं बुलाया है और केवल अपनी मां को लेकर आए हैं। यह मामला उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC) द्वारा 2016 में आयोजित ग्राम पंचायत विकास अधिकारी (VPDO) भर्ती परीक्षा में कथित अनियमितताओं से जुड़ा है जिसके संबंध में हाल में ईडी ने उनके ओएसडी चंदन सिंह जीना के घर पर भी छापे मारे थे और बड़ी मात्रा में नकदी और गहने बरामद किए थे।
एक अन्य सोशल मीडिया पोस्ट में रावत ने कहा कि ईडी ने दो दिन पहले उन्हें नोटिस दिया जो शायद 2016 के प्रकरण से संबंधित हैं तथा उस सिलसिले में चंदन जीना के घर पर भी छापा मारा गया है। उन्होंने कहा कि दो दिन पहले हाजिर होने को कहा गया और बहुत सारे दस्तावेज मांगे गए हैं जिनमें उनके पुराने आईटीआर और उनकी तथा परिवार के सदस्यों की संपत्तियों से संबंधित दस्तावेज भी मांगे गए हैं। रावत ने सवाल उठाया, ”अब परिवार का क्या आशय है, उसके अंदर कौन-कौन लोग आएंगे, कुछ जानकारी नहीं है। हमारा बड़ा विस्तृत परिवार है। लड़कियों की शादियां हो चुकी हैं, ऐसे में सबके दस्तावेज इतने कम समय में कैसे जुटाए जाएंगे?” इस माह की शुरूआत में जीना के घर पर छापा पड़ने के बाद, रावत ने अपने सभी पार्टी पदों को छोड़ने की इच्छा व्यक्त की थी ।
कोलकाता, एजेंसी। पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शनिवार को कहा कि निर्वाचन आयोग से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करने और विपक्ष की रणनीति तय करने के लिए ‘इंडिया’ गठबंधन की अगली बैठक दिल्ली में होने की संभावना है।
तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ने हुगली जिले के श्रीरामपुर में एक रैली को संबोधित करते हुए कहा कि उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी को संदेश भेजकर कहा है कि विपक्षी दलों को साथ बैठकर चर्चा करनी चाहिए। उन्होंने यह बात मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) और मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच कही। ममता ने कहा, “मैंने राहुल गांधी को संदेश भेजकर कहा है कि हमें साथ बैठना चाहिए।
‘इंडिया’ गठबंधन की बैठक 30 सितंबर को दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में होने की संभावना है।” प्रस्तावित बैठक ऐसे समय में हो रही है जब विपक्षी दल निर्वाचन आयोग के कामकाज और एसआईआर प्रक्रिया को लेकर उठे विवाद पर अपनी-अपनी प्रतिक्रिया को लेकर आपसी समन्वय की कोशिश कर रहे हैं। सूत्रों ने बताया कि ममता ने राहुल गांधी से फोन पर भी बात की और उनसे जल्द से जल्द ‘इंडिया’ गठबंधन की बैठक बुलाने का आग्रह किया। उन्होंने माकपा महासचिव एमए बेबी से भी बातचीत की।
कोल्लम, एजेंसी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के “सहकार से समृद्धि” के विजन के अनुरूप तथा सहकारिता के माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने और महिला-नेतृत्व वाले विकास को नई गति देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में, केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने आज केरलम के कोल्लम स्थित पवित्रम कन्वेंशन सेंटर में महिला सशक्तीकरण और सहकारिता से जुड़ी विभिन्न पहलों का शुभारंभ किया। कार्यक्रम में केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस तथा पर्यटन राज्य मंत्री सुरेश गोपी सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति और सहकारिता क्षेत्र से जुड़े प्रतिनिधि उपस्थित थे।
अपने संबोधन की शुरुआत में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने केरल से ‘केरलम’ की यात्रा के लिए सभी मलयाली भाइयों और बहनों को बधाई और शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि आजादी के अमृतकाल में किसानों और सहकारिता क्षेत्र से जुड़े लोगों की लंबे समय से यह मांग थी कि केंद्र में अलग सहकारिता मंत्रालय बनाया जाए। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने केंद्र में सहकारिता मंत्रालय का गठन करके देश के ग्रामीण विकास, कृषि विकास और महिला सशक्तीकरण की दिशा में एक बहुत बड़ा कदम उठाया है, जिससे सहकारिता क्षेत्र में नई ऊर्जा और नई गति आई है।
केरलम की समृद्ध सहकारी विरासत का उल्लेख करते हुए अमित शाह ने कहा कि केरलम ऐसे राज्यों में शामिल है, जहां आजादी से पहले से ही सहकारिता आंदोलन मजबूत और व्यवस्थित रूप से चलता रहा है। त्रावणकोर, कोच्चि और मालाबार जैसे क्षेत्रों में स्वतंत्रता से पहले से ही सहकारिता की मजबूत परंपरा रही है और इसलिए केरलम का सहकारिता आंदोलन पूरे देश के लिए एक महत्वपूर्ण उदाहरण है। उन्होंने कहा कि सहकारी क्षेत्र में ‘शी मार्ट’ (She-Mart) की जिस पहल की आज शुरुआत हो रही है, उसकी घोषणा केंद्रीय वित्त मंत्री ने बजट में की थी और इसका शुभारंभ केरलम से होना प्रसन्नता की बात है।
आम लोगों और किसानों को किफायती खाद्य वस्तुएं उपलब्ध कराने के लिए शुरू की गई पहलों की जानकारी देते हुए केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि NAFED की मोबाइल वैन के माध्यम से प्याज तथा भारत आटा और भारत चावल किसानों एवं आम लोगों के लिए उपलब्ध कराने की पहल भी केरलम में शुरू हुई है। उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर दलहन मिशन के अंतर्गत महिला किसानों को उड़द और चने के बीज उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इसी प्रकार NAFED-कल्याण छात्रवृत्ति योजना के तहत लगभग दो हजार परिवारों की बालिकाओं को छात्रवृत्ति देने का कार्य भी किया गया है।
महिला स्वयं सहायता समूहों और ग्रामीण महिला उद्यमियों के लिए ‘शी मार्ट’ के महत्व को रेखांकित करते हुए अमित शाह ने कहा कि आज के कार्यक्रम का सबसे महत्वपूर्ण पहलू ‘शी मार्ट’ की शुरुआत है। शी मार्ट की अवधारणा महिला स्वयं सहायता समूहों और ग्रामीण महिला उद्यमियों को बाजार तथा उपभोक्ताओं से सीधे जोड़ने का महत्वपूर्ण प्रयास है। उन्होंने कहा कि NAFED, केंद्रीय भंडार और अमूल जैसे संस्थानों के माध्यम से महिला-नेतृत्व वाले उद्यमों को व्यापक स्तर पर विस्तार देने में भी सहायता मिलेगी।
‘शी मार्ट’ के विस्तार और इससे किसानों तथा महिला उद्यमियों के लिए बनने वाले नए अवसरों का उल्लेख करते हुए केंद्रीय सहकारिता मंत्री ने कहा कि केरल, तमिलनाडु और कर्नाटक में 300 से अधिक शी मार्ट स्टोर स्थापित करने की योजना है, जहां भारत ब्रांड के साथ-साथ स्थानीय उत्पाद भी उपभोक्ताओं के लिए उपलब्ध होंगे। उन्होंने कहा कि इसके माध्यम से प्रोक्योरमेंट, प्रोसेसिंग, ब्रांडिंग, पैकेजिंग और सीधे रिटेल मार्केट तक पहुंच—इन सभी स्तरों पर किसानों और महिला उद्यमियों को लाभ मिलेगा।
केरलम के मजबूत सहकारी तंत्र की सराहना करते हुए अमित शाह ने कहा कि केरलम का सहकारी ढांचा बहुत पुराना, विशाल और मजबूत है तथा यहां 23 हजार से अधिक सहकारी संस्थाएं अच्छी तरह से कार्य कर रही हैं। उन्होंने केरलम के सहकारिता मंत्री को दिल्ली आने का निमंत्रण देते हुए कहा कि भारत सरकार की सभी योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ केरलम को मिले, इसमें केंद्र सरकार को प्रसन्नता होगी। उन्होंने कहा कि ऑर्गेनिक एग्रीकल्चर और अन्य संबंधित क्षेत्रों में भी केंद्र सरकार केरलम को आवश्यक सहयोग प्रदान कर सकती है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘सहकार से समृद्धि’ के विजन में महिला सशक्तीकरण की केंद्रीय भूमिका को रेखांकित करते हुए केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि सहकारिता के माध्यम से महिला सशक्तीकरण प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के प्रमुख उद्देश्यों में से एक है और यह प्रधानमंत्री के सबसे बड़े सपनों और मूल उद्देश्यों का एक महत्वपूर्ण आधार है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का मार्गदर्शन है कि अगर घर की महिला समृद्ध होगी तो पूरा परिवार समृद्ध होगा। जब घर की महिला सशक्त होती है तो उसका प्रभाव पूरे परिवार को सशक्त बनाने में दिखाई देता है। इसीलिए ‘सहकार से समृद्धि’ का सबसे बड़ा लाभ देश की ग्रामीण और गरीब महिलाओं तक पहुंचाना सरकार का उद्देश्य है।
राष्ट्रीय स्तर पर सहकारिता को मजबूत करने में NAFED और NCCF की भूमिका का उल्लेख करते हुए अमित शाह ने कहा कि NAFED और NCCF दोनों राष्ट्रीय स्तर पर कार्य करने वाली महत्वपूर्ण संस्थाएं हैं। आज लगभग 8 लाख किसान NAFED से जुड़े हुए हैं और लगभग 6 लाख महिला किसान NCCF से जुड़ी हुई हैं। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में इस संख्या को और बढ़ाने तथा दोनों संस्थाओं को और मजबूत करने का प्रयास किया जाएगा।
महिला सशक्तीकरण की दिशा में पिछले वर्षों में उठाए गए कदमों और उनके परिणामों का उल्लेख करते हुए केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि पिछले वर्षों में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में मातृशक्ति और महिला सशक्तीकरण को बढ़ावा देने के लिए अनेक महत्वपूर्ण कार्य किए गए हैं। वर्ष 2017-18 में महिला श्रम बल भागीदारी लगभग 23 प्रतिशत थी, जो आज बढ़कर लगभग 40 प्रतिशत हो गई है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में लगभग 36 करोड़ महिलाओं के बैंक खाते खोले गए हैं।
महिलाओं के अधिकारों, गरिमा और अवसरों के विस्तार के लिए केंद्र सरकार द्वारा उठाए गए कदमों का उल्लेख करते हुए अमित शाह ने कहा कि मुस्लिम महिलाओं के अधिकारों की रक्षा के लिए तीन तलाक को प्रतिबंधित करने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। पहले मुस्लिम महिलाओं के अकेले हज पर जाने को लेकर प्रतिबंध था, लेकिन अब मुस्लिम महिलाएं अकेले भी हज यात्रा पर जा सकती हैं। उन्होंने कहा कि आज भारतीय सेना में 11 हजार से अधिक महिला अधिकारी अपनी सेवाएं दे रही हैं और महिलाओं को 26 सप्ताह का मातृत्व अवकाश देने का प्रावधान भी केंद्र सरकार द्वारा किया गया है।
महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण को और व्यापक बनाने के लक्ष्य का उल्लेख करते हुए केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि लगभग 3 करोड़ ‘लखपति दीदी’ बनाने का लक्ष्य वर्ष 2024 से पहले ही पूरा कर लिया गया और अब वर्ष 2029 तक 6 करोड़ महिलाओं को लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य रखा गया है।
केरलम की ब्लू इकॉनमी में निहित व्यापक आर्थिक संभावनाओं को रेखांकित करते हुए अमित शाह ने कहा कि राज्य की लंबी तटरेखा, बैकवाटर्स, नदियां और समृद्ध समुद्री परंपरा इसे ब्लू इकॉनमी के क्षेत्र में अपार संभावनाओं वाला राज्य बनाती हैं। मत्स्य क्षेत्र में बड़े ट्रॉलर उपलब्ध कराने से लेकर उत्पादन, प्रोसेसिंग, पैकेजिंग, ब्रांडिंग और निर्यात तक के लिए अनेक योजनाएं उपलब्ध हैं। उन्होंने केरलम के सहकारिता मंत्री से आग्रह किया कि वे इस दिशा में आगे आएं, इन योजनाओं की जानकारी प्राप्त करें और केरलम इनका अधिक से अधिक लाभ उठाए। मत्स्य और समुद्री क्षेत्र की इन संभावनाओं को बड़े आर्थिक अवसर में बदलने के लिए केंद्र और राज्य के साझा प्रयासों पर बल देते हुए केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि केरलम में मत्स्य और समुद्री क्षेत्र में बहुत बड़ी संभावनाएं हैं और केंद्र तथा राज्य मिलकर इन संभावनाओं को आगे बढ़ाएं तो मत्स्य एवं समुद्री क्षेत्र को एक बड़े आर्थिक अवसर में बदला जा सकता है।
कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने 35 रुपये प्रति किलो की सब्सिडी दर पर प्याज उपलब्ध कराने वाली NCCF और NAFED की मोबाइल वैन को हरी झंडी दिखाई तथा विभिन्न स्टॉलों का निरीक्षण किया। इस अवसर पर NCCF और द सेंट्रल फाइनेंशियल क्रेडिट एंड इन्वेस्टमेंट को-ऑपरेटिव (इंडिया) लिमिटेड (CFCICI) के बीच समझौता ज्ञापन का आदान-प्रदान हुआ। इसके साथ ही NCCF के ‘जनः’ ब्रांड के साथ भारतीय मत्स्य प्रवर्तक संघम के मत्स्य उत्पादों के सप्लाई चेन लॉजिस्टिक्स इंटीग्रेशन के लिए तथा NCCF और भारत लझना सहकारी समिति के बीच केरलम, तमिलनाडु, कर्नाटक में 300 शी मार्ट शॉप्स खोलने के लिए भी समझौता ज्ञापनों का आदान-प्रदान किया गया।
अमित शाह ने इस अवसर पर NCCF के ‘जनः’ उत्पादों की बिक्री का शुभारंभ किया और NCCF तथा CFCICI के सहयोग से निर्मित ‘वनिथम शी मार्ट शॉप्स’ का रिमोट के माध्यम से लोकार्पण किया। उन्होंने ‘वनिथम शी मार्ट शॉप्स’ के माध्यम से महिला ग्राहकों को ‘भारत आटा’ और ‘भारत चावल’ की बिक्री का भी शुभारंभ किया। इसके अलावा दलहन में आत्मनिर्भरता मिशन के अंतर्गत महिला किसानों को मुफ्त उड़द और चना बीज किट वितरित किए गए तथा NAFED-कल्याण छात्रवृत्ति योजना के अंतर्गत पंजीकृत किसानों की बालिकाओं को छात्रवृत्ति राशि के चेक प्रदान किए।