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कोरबा

SECL एम्प्लॉईज कोऑपरेटिव क्रेडिट सोसाइटी, कोरबा में करोड़ों रुपये के खर्च पर गंभीर सवाल, सदस्यों ने उठाई निष्पक्ष जांच और ऑडिट की मांग

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कोरबा। एसईसीएल एम्प्लॉईज कोऑपरेटिव क्रेडिट सोसाइटी (SECL Employees Cooperative Credit Society) कोरबा में वित्तीय पारदर्शिता और जवाबदेही को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। सोसाइटी के सदस्यों का कहना है कि कर्मचारियों और मजदूरों की मेहनत की कमाई से चलने वाली इस संस्था में पारदर्शिता का पूरी तरह अभाव दिख रहा है ।

हाल ही में अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष द्वारा बुलाई गई आम बैठक को लेकर भी सदस्यों ने नाराजगी जताई है। सदस्यों का आरोप है कि इस बैठक की सूचना न तो किसी कार्यालय में चस्पा की गई और न ही उचित माध्यम से सभी सदस्यों को दी गई। बैठक में पहुंचे सदस्यों ने जब संस्था की बैलेंस शीट (Balance Sheet) का अवलोकन किया और विभिन्न खर्चों का विस्तृत ब्योरा मांगा तो प्रबंधन की ओर से कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिल सका ।

बैलेंस शीट की इन मदों पर उठे गंभीर सवाल

  1. गिफ्ट पर्चेज (Gift Purchase) रू.59,01,000/- :- सदस्यों के अनुसार उन्हें केवल रू.150 से रू.200 मूल्य की चादर या उपहार ही दिए गए हैं, ऐसे में लगभग 59 लाख रुपये की विशाल राशि किस आधार पर और कहां खर्च की गई?
  2. ड्यूटीज एवं टैक्सेस (Duties & Taxes) रू.46,17,899/- :- इतनी बड़ी राशि किन विभागों या संस्थाओं को भुगतान की गई? इसका मदवार ब्योरा सार्वजनिक क्यों नहीं किया जा रहा?
  3. कंप्यूटर व्यय (Computer Expenses) रू.7,66,247.20/- :- कागजों पर कंप्यूटर खरीद के मद में साढ़े सात लाख से अधिक का खर्च दिखाया गया है, जबकि भौतिक रूप से इनकी उपलब्धता और खरीद पर भारी संदेह है ।
  4. कार्यालय व्यय (Office Expenses) रू.10,97,216.64/- :- एक वर्ष के भीतर लगभग 11 लाख रुपये का ऑफिस खर्च किन-किन कार्यों में हुआ? इसके सभी वाउचर प्रस्तुत किए जाने चाहिए ।
  5. मीटिंग व्यय (Meeting Expenses) रू.2,65,000/- :- बैठकों के नाम पर दिखाई गई इस राशि की स्वीकृति संबंधित बिल और भुगतान विवरण पर कोई स्पष्टता नहीं दी गई ।

इसके अलावा स्टाफ सैलरी, प्रिंटिंग, फर्नीचर एवं अन्य व्ययों के विस्तृत ब्योरे पर भी प्रबंधन मौन बना हुआ है। उपलब्ध बैलेंस शीट के अनुसार कुल राशि रू.39,66,31,059.22 दर्ज है सदस्यों का तर्क है कि जब राशि इतनी बड़ी है तो संस्था के प्रत्येक रुपये का हिसाब पूरी तरह पारदर्शी होना चाहिए ।

सदस्यों की प्रमुख मांगें

  1. बैलेंस शीट की सभी संदिग्ध मदों गिफ्ट, टैक्स, कंप्यूटर, ऑफिस खर्च आदि का बिल वाउचर और रजिस्टर सदस्यों के समक्ष रखा जाए ।
  2. कंप्यूटर खरीद का भौतिक सत्यापन (Physical Verification) एवं स्टॉक रजिस्टर की जांच कराई जाए ।
  3. संपूर्ण वित्तीय लेखा-जोखा की किसी स्वतंत्र एजेंसी से विशेष ऑडिट कराई जाए ।
  4. जांच में गबन या वित्तीय अनियमितता पाए जाने पर दोषियों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जाए तथा गबन की गई राशि की वसूली हो ।

सदस्यों का कहना है कि यह क्रेडिट सोसाइटी किसी व्यक्ति की निजी संपत्ति नहीं है, बल्कि हजारों कर्मचारियों के पसीने की कमाई से बनी है। यदि शीघ्र ही निष्पक्ष जांच और वित्तीय पारदर्शिता सुनिश्चित नहीं की गई तो सदस्य अपने अधिकारों और न्याय के लिए आंदोलन का रास्ता सहित सक्षम अधिकारियों के समक्ष शिकायत दर्ज कराने को बाध्य होंगे l

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नर्सिंग कॉलेज ने निकाली जागरूकता रैली

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कोरबा। भारत नर्सिंग कॉलेज कोसाबाड़ी ने विश्व हृदय माह के अवसर पर एक दिवसीय जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया, जिसमें छात्र-छात्राओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। छात्रों ने मेडिकल कॉलेज अस्पताल परिसर में जन-जागरूकता रैली निकालकर आमजनों को हृदय रोगों, उच्च रक्तचाप (बीपी) और इनसे बचाव के उपायों के प्रति जागरूक किया। रैली के माध्यम से लोगों को नियमित स्वास्थ्य जांच, संतुलित आहार, प्रतिदिन व्यायाम, तनाव प्रबंधन और धूम्रपान व तंबाकू के सेवन से दूर रहने का संदेश दिया। छात्रों के इस सराहनीय और सामाजिक प्रयास की प्रशंसा करते हुए महाविद्यालय परिवार ने उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।

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थाने से फरार छेड़छाड़ का आरोपी 3 दिन बाद अरेस्ट:दिन में जंगल, रात में घर आता था आरोपी, कोरबा पुलिस ने घेराबंदी कर पकड़ा

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कोरबा। कोरबा के पसान थाना परिसर से फरार हुए छेड़छाड़ के आरोपी खीरचंद (40) को पुलिस ने तीन दिन बाद गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी 22 सितंबर को पुलिस को चकमा देकर थाने से फरार हो गया था।

खीरचंद के खिलाफ छेड़छाड़ का पुराना मामला दर्ज है। उसके खिलाफ स्थायी वारंट भी जारी था। पुलिस ने 22 सितंबर को उसे गिरफ्तार कर थाने लाया था। पूछताछ के दौरान उसने शौचालय जाने का बहाना बनाया और मौका पाकर फरार हो गया।

दिन में जंगल में छिपता, रात में घर आता था

फरार होने के बाद खीरचंद दिन में जंगल में छिपा रहता था। रात करीब 11 बजे वह चोरी-छिपे अपने घर आता था और सुबह करीब 3 बजे फिर जंगल की ओर चला जाता था। उसकी पत्नी और बच्चे घर पर रहते हैं।

आधी रात घर की घेराबंदी कर पकड़ा

पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि खीरचंद रात में अपने घर आता है। इसके बाद 25 सितंबर की आधी रात पसान पुलिस ने उसके घर की घेराबंदी की और उसे गिरफ्तार कर लिया।

पसान थाना प्रभारी सुरेंद्र यादव ने आरोपी की गिरफ्तारी की पुष्टि की है।

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नशे में ASI ने कार को दो बार टक्कर मारी:विरोध करने पर कार मालिक से की बहस, वीडियो वायरल, मोटर व्हीकल एक्ट में कार्रवाई

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कोरबा। कोरबा में नशे में धुत ASI अश्वनी वर्मा ने जमकर हंगामा किया। आरोप है कि उन्होंने सड़क किनारे खड़ी एक कार को पहले टक्कर मारी और फिर गाड़ी पीछे लेकर दोबारा उसी कार को ठोंक दिया। विरोध करने पर ASI कार मालिक से ही बहस करने लगे। मौके पर भीड़ जुटने के बाद पुलिस अधिकारी पहुंचे और मामला शांत कराया।

बताया जा रहा है कि ASI की हालत इतनी खराब थी कि उनकी कार दूसरे पुलिसकर्मी को चलाकर ले जानी पड़ी। मामले में ASI के खिलाफ मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 185 के तहत कार्रवाई की गई है। यह घटना कोतवाली थाना क्षेत्र के पावर हाउस रोड स्थित मस्जिद के पास हुई।

ड्यूटी से लौटते वक्त कार को टक्कर मारी

जानकारी के मुताबिक, कुसमुंडा थाने में पदस्थ ASI अश्वनी वर्मा देर रात ड्यूटी खत्म करके घर लौट रहे थे। इसी दौरान उन्होंने सड़क किनारे खड़ी एक कार को टक्कर मार दी।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, टक्कर के बाद ASI ने गाड़ी पीछे की और उसी कार को दोबारा टक्कर मार दी। आवाज सुनकर कार मालिक और आसपास के लोग मौके पर पहुंच गए। लोगों ने जब इसका विरोध किया तो ASI कार से उतरे और कार मालिक से बहस करने लगे।

बताया जा रहा है कि ASI नशे में इतने धुत थे कि ठीक से खड़े भी नहीं हो पा रहे थे और बार-बार लड़खड़ा रहे थे। घटना के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। लोगों ने पुलिसकर्मी की इस हरकत पर नाराजगी जताई।

सूचना मिलने पर कोतवाली थाना प्रभारी प्रेमचंद साहू मौके पर पहुंचे। उन्होंने लोगों को समझाइश देकर मामला शांत कराया। बताया जा रहा है कि ASI की हालत को देखते हुए उनकी कार दूसरे पुलिसकर्मी ने चलाकर वहां से ले गया, जबकि ASI को दूसरे वाहन में बैठाकर ले जाया गया।

कोरबा सीएसपी प्रतीक चतुर्वेदी ने बताया कि ASI अश्वनी वर्मा के खिलाफ मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 185 के तहत कार्रवाई की गई है।

बताया जा रहा है कि ASI अश्वनी वर्मा से जुड़ा यह पहला विवाद नहीं है। इससे पहले भी कोतवाली थाना क्षेत्र में उनके खिलाफ मारपीट का मामला सामने आ चुका है।

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