बालाघाट, एजेंसी। राहुल गांधी ने गुरुवार को मध्य प्रदेश के बालाघाट के जगला गांव में बैगा आदिवासियों से मुलाकात की। वे यहां बीमारी से जान गंवाने वाले बच्चों के परिवारों से मिलने पहुंचे थे।
एक घंटे की मुलाकात के बाद उन्होंने कहा कि आदिवासी देश के पहले मालिक हैं, उन्हें उनका हक मिलना चाहिए, लेकिन एमपी में ऐसा नहीं हो रहा है। केंद्र और राज्य की सरकार ने बेसहारा छोड़ दिया है। बीमारी से निपटने में राज्य सरकार पूरी तरह फेल रही। वे यह मुद्दा लोकसभा में उठाएंगे।
राहुल से मिलने आसपास के गांवों से करीब डेढ़ हजार लोग पहुंचे थे। इससे पहले उन्होंने माटे प्राथमिक शासकीय स्कूल में बच्चों से मिड डे मील के बारे में जाना। बालाघाट जिले में पिछले 3 महीनों में कुपोषण और मलेरिया से 32 आदिवासी बच्चों की मौत हुई है।
कांग्रेस का दावा है कि मौतों की संख्या ज्यादा है। भाजपा ने राहुल के दौरे को राजनीतिक माइलेज लेने की कवायद बताया है।
2028 विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस का मिशन आदिवासी
मध्य प्रदेश की आबादी में आदिवासियों की हिस्सेदारी 21.1% है, यानी हर पांचवां व्यक्ति। इसका असर चुनाव में भी दिखता है। विधानसभा की 230 सीटों में 47 ST के लिए आरक्षित हैं, जबकि 37 अन्य सीटों पर भी आदिवासी वोट अहम माना जाता है। यानी कुल 84 सीटों पर इसका असर है। लोकसभा की 29 सीटों में 6 ST के लिए आरक्षित हैं।
आदिवासी वोटर सत्ता की चाबी
मध्य प्रदेश विधानसभा की 47 ST आरक्षित सीटों में से BJP ने 24, कांग्रेस ने 22 और भारत आदिवासी पार्टी (BAP) ने 1 सीट जीती। वहीं, 2018 में कांग्रेस ने 30 और BJP ने 16 ST सीटें जीती थीं। उस चुनाव में कांग्रेस को आदिवासी बहुल सीटों पर बढ़त मिली और पार्टी ने सरकार बनाई। इसके मुकाबले 2023 में BJP ने ST आरक्षित सीटों पर बेहतर प्रदर्शन किया और सत्ता में वापसी की।
नेता प्रतिपक्ष आदिवासी, ST कांग्रेस का अध्यक्ष भी MP से
मध्य प्रदेश कांग्रेस में इस समय आदिवासी नेतृत्व को भी अहम जिम्मेदारियां मिली हुई हैं। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार आदिवासी समुदाय से आते हैं, जबकि मध्य प्रदेश के आदिवासी नेता डॉ. विक्रांत भूरिया को 2025 में ऑल इंडिया आदिवासी कांग्रेस का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया गया था।
राहुल आदिवासियों के बीच करीब एक घंटा रहे। उनकी समस्याओं को भी सुना।
आदिवासी परिवारों के बीच राहुल गांधी।
राहुल बोले- परिवारों को मुआवजा नहीं मिला
बालाघाट के आदिवासी इलाकों में कई बच्चों की मौत बीमारी और कुपोषण की वजह से हुई है। इसके अलावा, सरकार को जो मदद देनी चाहिए, चाहे वह स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा या रोजगार से जुड़ी हो, वह यहां बिल्कुल नहीं मिल रही है। ऐसा लगता है जैसे आदिवासियों को भारत के बीचों-बीच अकेला छोड़ दिया गया हो, मानो उनके लिए न तो केंद्र सरकार है और न ही मध्य प्रदेश सरकार।
क्षेत्र में कुपोषण और बीमारियों की वजह से कई बच्चों की जान गई है, लेकिन सरकार की तरफ से स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार का कोई सहयोग नहीं मिल रहा है।
मनरेगा ठप है, वन अधिकार कानून लागू नहीं हो रहा और आदिवासियों को जमीन के पट्टे नहीं मिल रहे हैं।
बच्चों की मौत के बावजूद पीड़ित परिवारों को पूरा मुआवजा तक नहीं मिला है। आधे लोग अब भी इससे वंचित हैं।
सरकार अपनी जिम्मेदारी निभाए। वन अधिकार कानून के तहत आदिवासियों को पट्टे दे, मनरेगा का काम फिर शुरू करें और इलाके में स्कूल व अस्पताल बनाएं।
सरकार 24 घंटे विकास की बातें करती है और भ्रष्टाचार जारी रहता है, लेकिन जब आदिवासी भाइयों को मदद की जरूरत होती है, तो सरकार गायब दिखती है।
एक योजना का लाभ मिलने पर ‘लाड़ली बहना योजना’ की राशि काट ली जाती है; यदि दो योजनाएं चल रही हैं, तो आदिवासियों को दोनों का पूरा हक मिलना चाहिए।
हम इन्हें ‘वनवासी’ नहीं, बल्कि ‘आदिवासी’ मानते हैं। यानी देश के मूल और पहले मालिक। कांग्रेस सरकार आते ही इनकी पूरी मदद करेगी और शिक्षा, स्वास्थ्य व रोजगार में इनका हक दिलाएगी।
नई दिल्ली, एजेंसी। सरकार ने त्योहारों के मौसम में चीनी की पर्याप्त आपूर्ति और उचित कीमत सुनिश्चित करने के लिए डीलर के पास चीनी रखने की सीमा घटाकर 1,000 क्विंटल कर दी। यह सीमा 15 अक्टूबर से 30 नवंबर तक लागू रहेगी और डीलर अधिकतम 15 दिन तक का स्टॉक रख सकेंगे। इसके साथ ही, खाद्य मंत्रालय ने कहा कि कोलकाता और उसके विस्तारित महानगरीय क्षेत्र तथा असम में क्षेत्र विशेष की जरूरतों को देखते हुए स्टॉक सीमा 2,000 क्विंटल होगी।
मंत्रालय ने बयान में कहा कि एक अक्टूबर से नए चीनी सत्र की शुरुआत के साथ त्योहारी अवधि में ग्राहकों को उचित कीमत पर चीनी की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए सरकार कदम उठा रही है। मंत्रालय ने कहा, ”चीनी की मात्रा और उसे रखने की अवधि सीमित करके सरकार का उद्देश्य आपूर्ति शृंखला में चीनी की व्यवस्थित आवाजाही सुनिश्चित करना और उपभोक्ताओं के लिए इसकी लगातार उपलब्धता बनाए रखना है।”
कोलकाता और असम के लिए अलग सीमा
कोलकाता और उसके विस्तारित महानगरीय क्षेत्र तथा असम के लिए अलग स्टॉक सीमा उस क्षेत्र की जरूरतों को ध्यान में रखकर तय की गई है। मंत्रालय ने कहा कि कोलकाता… उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र और कर्नाटक से चीनी खरीदता है और पूर्वी भारत के साथ पूर्वोत्तर राज्यों को भी इसकी आपूर्ति करता है।
मंत्रालय ने कहा कि असम के लिए सीमा तय करते समय भौगोलिक परिस्थितियों, परिवहन सुविधाओं और पूर्वोत्तर के उपभोक्ताओं के हितों को ध्यान में रखा गया है। उसने कहा कि संशोधित नियमों का उद्देश्य आपूर्ति श्रृंखला में चीनी के अनावश्यक भंडारण को रोकना और मिलों से डीलर के जरिये अंतिम उपभोक्ता तक इसकी सुचारू आपूर्ति सुनिश्चित करना है।
भंडारण और जमाखोरी पर रोक का उद्देश्य
यह कदम जमाखोरी, सट्टेबाजी और डीलर द्वारा स्टॉक जमा करने पर अंकुश लगाने के लिए उठाया गया है। इससे पहले अगस्त में सरकार ने डीलर के लिए देशभर में 4,000 क्विंटल की स्टॉक सीमा तय की थी। यह सीमा एक अगस्त से 30 नवंबर तक लागू की गई थी। इसके तहत चीनी मिलने की तारीख से अधिकतम 30 दिन तक स्टॉक रखने की अनुमति थी। बाद में 15 सितंबर से यह सीमा घटाकर 2,000 क्विंटल कर दी गई।
चीनी के खुदरा दाम में 15% गिरावट
मंत्रालय के मुताबिक, चीनी का औसत खुदरा मूल्य अगस्त के उच्चतम स्तर से अब 15 प्रतिशत घट चुका है और आपूर्ति शृंखला में कम कीमतों का लाभ मिलने के साथ इसमें आगे भी गिरावट आने की उम्मीद है। मिलों की कीमतों में करीब 28 प्रतिशत की गिरावट आई है और वे पिछले तीन सप्ताह से स्थिर हैं।
सरकार ने कहा कि चीनी मिलों, डीलर, थोक विक्रेताओं और अन्य बाजार प्रतिभागियों को चीनी की निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित करनी चाहिए और जमाखोरी एवं सट्टेबाजी रोकनी चाहिए। थोक और खुदरा विक्रेताओं से मिलों की कीमतों में आई तेज गिरावट का लाभ उपभोक्ताओं तक ‘तत्काल’ पहुंचाने को कहा गया है।
नागोया/नई दिल्ली, एजेंसी। भारत ने बेहद रोमांचक मुकाबले में पाकिस्तान को 4-3 से हराकर एशियन गेम्स मेंस हॉकी के फाइनल में जगह बना ली है। अभिषेक ने मैच के आखिरी मिनट में गोल कर भारत को जीत दिलाई।
गोल्ड मेडल के लिए 3 अक्टूबर को भारत का सामना कोरिया और मलेशिया के बीच होने वाले दूसरे सेमीफाइनल के विजेता से होगा।
मैच के बाद हाथ मिलाते भारत-पाकिस्तान के खिलाड़ी। एशियन गेम्स के प्रोटोकॉल के तहत मैच के बाद दोनों टीमों के खिलाड़ियों का हाथ मिलना जरूरी।
23 मिनट में ही 3-0 से आगे हो गया था भारत
भारत ने मैच के 23वें मिनट तक 3-0 की बढ़त बना ली थी। इसके बाद पाकिस्तान ने अगले 26 मिनट में तीन गोल कर मैच 3-3 से बराकर कर दिया। 59 मिनट तक मैच बराबरी पर था। फाइनल हूटर बजने से करीब 50 सेकेंड पहले अभिषेक ने फील्ड गोल कर भारत को जीत दिला दी।
भारत मेडल टैली में 8वें स्थान पर
जापान के नागोया में चल रहे गेम्स के 12वें दिन भारत मेडल टैली में 8वें स्थान पर है। उसके पास 64 मेडल हो गए हैं। इनमें 10 गोल्ड, 22 सिल्वर और 32 ब्रॉन्ज शामिल हैं।
नीतेश को ग्रीको रोमन रेसलिंग में सिल्वर, जापानी पहलवान से हारे
भारत के नीतेश सिवाच ने पुरुषों के 97 किग्रा ग्रीको-रोमन वर्ग में सिल्वर मेडल जीता। उन्हें जापान के यूरी नाकाजातो ने फाइनल में 4-0 से हराकर गोल्ड अपने नाम किया।
नाकाजातो ने मुकाबले में 4-0 की बढ़त बनाई। नीतेश ने पिन से बचाव किया, लेकिन जापानी पहलवान ने उन्हें वापसी का मौका नहीं दिया। नाकाजातो ने मैच की रफ्तार अपने नियंत्रण में रखी और गोल्ड जीता।
इसी के साथ ग्रीको-रोमन रेसलिंग में एशियन गेम्स गोल्ड के लिए भारत का इंतजार जारी रहा।
भारत ने सेपकटकरा में मेडल पक्का किया
भारत ने एशियन गेम्स 2026 के मेंस क्वाड्रेंट सेपकटकरा इवेंट में मेडल पक्का कर लिया है। भारत ने आखिरी ग्रुप मैच में म्यांमार को 2-1 से हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाई। टीम इंडिया ने ग्रुप के तीनों मैच जीते और अजेय रहते हुए ग्रुप में टॉप किया।
इस जीत के साथ भारत का एशियन गेम्स में सेपकटकरा के मेंस क्वाड्रेंट इवेंट में पदक तय हो गया है। भारत अब सेमीफाइनल में खेलेगा।
भारत एशियन गेम्स क्रिकेट के फाइनल में पहुंचा
भारत ने एशियन गेम्स 2026 के मेंस क्रिकेट के फाइनल में जगह बना ली है। टीम इंडिया ने सेमीफाइनल में श्रीलंका को 124 रन से हराया। भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 169/7 रन बनाए। जवाब में श्रीलंका की टीम 45 रन पर ऑलआउट हो गई।
भारतीय गेंदबाजों ने शुरुआत से ही श्रीलंकाई बल्लेबाजों पर दबाव बनाए रखा। श्रीलंका की पूरी टीम भारतीय गेंदबाजी के सामने टिक नहीं सकी और 45 रन पर सिमट गई।
अब फाइनल में भारत का सामना पाकिस्तान से होगा। दोनों टीमें एशियन गेम्स के गोल्ड मेडल के लिए आमने-सामने होंगी।
अनिश भानवाला 25 मीटर रैपिड फायर पिस्टल में 7वें स्थान पर बाहर
एशियन गेम्स 2026 के मेंस 25 मीटर रैपिड फायर पिस्टल फाइनल में भारत के अनिश भानवाला 7वें स्थान पर रहे। इसके साथ ही एशियन गेम्स में भारत का शूटिंग अभियान खत्म हो गया।
अनिश ने एक और सीरीज में 5 में से 4 हिट किए। उनके कुल 15 शॉट में 11 हिट रहे। इस स्कोर के साथ वे उस समय तीसरे स्थान के लिए बराबरी पर थे।
हालांकि, टाई होने पर क्वालिफिकेशन का स्कोर देखा गया। क्वालिफिकेशन में अनिश का स्कोर कम होने के कारण वे टाई-ब्रेकर में पीछे रह गए और 7वें स्थान पर रहे।
कयाकिंग: सिखा चौहान 7वें स्थान पर रहीं
भारत की सिखा चौहान महिलाओं के कयाकिंग इवेंट में 7वें स्थान पर रहीं। उन्होंने 14:03:00 मिनट की टाइमिंग के साथ 193.31 अंक हासिल किए। मेजबान जापान पहले, चीन दूसरे और कजाकिस्तान तीसरे स्थान पर रहा।
गणेश मणि रत्नम ने ब्रॉन्ज जीता, तीरंदाजी में चौथा मेडल आया
भारत के गणेश मणि रत्नम थिरुमुरु ने पुरुषों के कंपाउंड इंडिविजुअल के ब्रॉन्ज मेडल मुकाबले में वियतनाम के कोंग डुक डांग को 149-144 से हराया। यह एशियन गेम्स में उनका दूसरा मेडल है।
एशियाड के इस एडिशन में तीरंदाजों ने भारत को चौथा मेडल दिलाया है। एक दिन पहले 3 गोल्ड आए थे। हालांकि, पिछले एशियन गेम्स के 5 गोल्ड से कम है।
ब्रॉन्ज मेडल मैच में निशाना लगाते गणेश।
टेनिस: सुमित नागल क्वार्टर फाइनल में हारे, भारत को 40 साल में पहली बार मेडल नहीं
भारत के सुमित नागल पुरुष सिंगल्स के क्वार्टर फाइनल में चीन के वू यिबिंग से 4-6, 4-6 से हार गए। इस हार के साथ एशियन गेम्स में भारत का टेनिस अभियान बिना मेडल के खत्म हो गया।
एशियन गेम्स में करीब 40 साल बाद ऐसा हुआ है, जब भारत टेनिस में कोई मेडल नहीं जीत सका। इससे पहले कुछ भारतीय सिंगल्स खिलाड़ियों की एंट्री को लेकर हुआ विवाद भी चर्चा में रहा था।
जूडो: इनुंगनबी क्वार्टर फाइनल हारीं, डिफॉल्ट जीत से ब्रॉन्ज मुकाबले में पहुंचीं
भारत की इनुंगनबी टाखेल्लंबम को महिलाओं के 70 किग्रा वर्ग के क्वार्टर फाइनल में उत्तर कोरिया की मुन सोंग-हुई ने हरा दिया। मुन ने करीब डेढ़ मिनट बाद वाजा-आरी स्कोर किया। इसके करीब 3 मिनट बाद उन्होंने दूसरा वाजा-आरी हासिल कर मुकाबला अपने नाम कर लिया।
इसके बाद इनुंगनबी को रेपेचेज में चीन की जिंग तांग से खेलना था, लेकिन तांग मुकाबले के लिए नहीं आईं। ऐसे में इनुंगनबी को फुसेन-गाची के तहत जीत मिली और वे ब्रॉन्ज मेडल मुकाबले में पहुंच गईं। ब्रॉन्ज मुकाबला दोपहर 1:30 बजे से होगा।
शूटिंग: अनिश भनवाला 25 मीटर रैपिड फायर पिस्टल के फाइनल में
भारत के अनिश भनवाला ने 25 मीटर रैपिड फायर पिस्टल के फाइनल में जगह बना ली है। वे क्वालिफिकेशन में 576 अंक के साथ 9वें स्थान पर रहे थे। उनकी आखिरी सीरीज में 94 अंक आए।
दक्षिण कोरिया के तीन निशानेबाज टॉप-8 में रहे, लेकिन एक देश से अधिकतम दो निशानेबाज ही फाइनल में जगह बना सकते हैं। इसी वजह से अनिश को फाइनल में खेलने का मौका मिला। भारत की शूटिंग का यह आखिरी इवेंट है। फाइनल दोपहर 12 बजे होगा।
कुश्ती: नीतेश फाइनल में पहुंचे, भारत का पहला मेडल पक्का
भारत के नीतेश सिवाच ने पुरुषों के ग्रीको-रोमन 97 किग्रा वर्ग के सेमीफाइनल में शानदार जीत दर्ज की। उन्होंने हांगझोउ एशियन गेम्स के ब्रॉन्ज मेडलिस्ट मंगोलिया के गंखुयाग गनबातार को 9-0 से हराया। इस जीत के साथ नीतेश ने फाइनल में जगह बना ली। इसी के साथ भारत का 2026 एशियन गेम्स में कुश्ती का पहला मेडल पक्का हो गया। नीतेश ने इसी साल एशियन चैंपियनशिप में सिल्वर मेडल जीता था। फाइनल में उनका सामना ईरान के मेहदी बालिहामजेहदेह या जापान के यूरी नाकाजातो से होगा। फाइनल आज बाद में खेला जाएगा।
कुश्ती: मानसी सेमीफाइनल में हारीं, अब ब्रॉन्ज के लिए खेलेंगी
भारत की मानसी अहलावत महिला 62 किग्रा वर्ग के सेमीफाइनल में जापान की दो बार की वर्ल्ड चैंपियन नोनोका ओजाकी से 0-6 से हार गईं।
ओजाकी ने शुरुआत में टेकडाउन से 2 अंक लिए और फिर एक और टेकडाउन से बढ़त 4-0 कर दी। उन्होंने दूसरे पीरियड में भी मानसी को अंक नहीं दिया। बाद में एक और टेकडाउन से स्कोर 6-0 कर दिया। मानसी अब रेपेचेज में खेलेंगी। यहां जीतने पर वे ब्रॉन्ज के लिए मैच करेंगी।
स्क्वॉश: अनाहत सिंह हारीं, तन्वी ने भारत की वापसी कराई
तन्वी खन्ना ने स्क्वॉश महिला टीम इवेंट के सेमीफाइनल में हॉन्ग कॉन्ग के खिलाफ भारत की वापसी कराई। उन्होंने वर्ल्ड नंबर-33 ली का यी को 3-1 से हराया। उनकी जीत से भारत ने 1-1 की बराबरी हासिल की।
तन्वी ने पहला गेम 4-11 से गंवाने के बाद वापसी की। उन्होंने अगले तीन गेम 13-11, 11-9, 13-11 से जीते। इससे पहले चान सिन युक ने अनाहत सिंह को में 3-2 से हराया। स्कोर 11-9, 11-8, 6-11, 11-13, 10-12 रहा।
अब निर्णायक मुकाबला अनुभवी जोशना चिनप्पा खेलेंगी। इस मैच के नतीजे से भारत और हॉन्ग कॉन्ग में सेमीफाइनल का विजेता तय होगा।
कुश्ती: नीतेश ने क्वार्टर फाइनल जीता, सेमीफाइनल पहुंचे
भारत के नीतेश ने पुरुषों के ग्रीको-रोमन 97 किग्रा वर्ग के क्वार्टर फाइनल में तुर्कमेनिस्तान के अमानबर्दी अगामम्मेदोव को 7-1 से हराया। नितेश ने पहले पीरियड में ही 7-0 की बढ़त बना ली थी।
सेमीफाइनल में नितेश का सामना मंगोलिया के गंखुयाग गनबातार या दक्षिण कोरिया के ली मिन-हो से होगा। गंखुयाग हांगझोउ एशियन गेम्स के ब्रॉन्ज मेडलिस्ट हैं।
जूडो: यामिनी मौर्य क्वार्टर फाइनल में पहुंचीं
भारतीय की जूडो खिलाड़ी यामिनी मौर्य ने महिला 57 किग्रा वर्ग के प्री-क्वार्टरफाइनल में कतर की फतेना बु-काहूस को इप्पोन से हराया।
इस जीत के साथ उन्होंने क्वार्टरफाइनल में जगह बना ली है। अब यामिनी का सामना मंगोलिया की अरियुंजाया तेरबिश से होगा। मुकाबला अगले एक घंटे में होगा।
नई दिल्ली, एजेंसी। भारत ने एशियन गेम्स के 11वें दिन 4 गोल्ड जीते। इनमें 3 गोल्ड तीरंदाजी और 1 शूटिंग में आया। इसके साथ भारत के 10 गोल्ड समेत 60 मेडल हो गए हैं। वह ईरान को पीछे छोड़कर मेडल टैली में 7वें नंबर पर पहुंच गया है।
बुधवार को पहला गोल्ड विमेंस कंपाउंड आर्चरी टीम ने जीता। इसके बाद चिकिता तनिपार्थी और साहिल जाधव की जोड़ी ने मिक्स्ड कंपाउंड आर्चरी में गोल्ड जीता। नीरू ढांडा और किनान चेनाई की जोड़ी को शूटिंग में गोल्ड मिला। दिन का चौथा गोल्ड कंपाउंड आर्चरी के पुरुष टीम इवेंट में साहिल, गणेश और कुशल ने जीता।
आर्चरी में दिन के तीनों गोल्ड भारत के नाम
भारत ने कंपाउंड आर्चरी के तीनों इवेंट में गोल्ड जीते। विमेंस टीम ने चीन को 238-234 से हराकर अपने खिताब का बचाव किया।
मिक्स्ड टीम फाइनल में चिकिता और साहिल का मुकाबला साउथ कोरिया की पार्क जंगयून और चोई योंगही से था। भारत ने शूट-ऑफ में गोल्ड अपने नाम किया। इस जीत के साथ भारत ने लॉस एंजिलिस ओलिंपिक के कंपाउंड मिक्स्ड टीम इवेंट के लिए कोटा भी हासिल किया।
पुरुष टीम फाइनल में साहिल, गणेश और कुशल की टीम ने चीन को 238-237 से हराया। भारत शुरुआती एंड में 58-60 से पीछे था, लेकिन इसके बाद भारतीय तीरंदाजों ने लगातार शानदार निशाने लगाए। फाइनल के बाद के 180 में भारत ने 180 अंक हासिल किए। साहिल ने अपने सभी 8 शॉट में 10 अंक बनाए, जबकि गणेश और कुशल ने भी दबाव के बीच लगातार 10 लगाए।
आर्चरी में फाइनल जीतने के बाद भारतीय टीम सेलिब्रेट करती हुई।
नीरू-किनान ने शूटिंग में दिलाया गोल्ड
ट्रैप मिक्स्ड टीम फाइनल में नीरू ढांडा और किनान चेनाई ने भारत को गोल्ड दिलाया। भारत ने शुरुआत में 10 में से 6 हिट किए थे और एक समय चार टीमों में सबसे नीचे था। इसके बाद दोनों ने एक भी टारगेट मिस नहीं किया और शानदार वापसी करते हुए गोल्ड जीता। भारत ने कतर को सिर्फ एक अंक से पीछे छोड़ा। चीन ने ब्रॉन्ज जीता।
नीरू का यह इन गेम्स में दूसरा गोल्ड है। इससे एक दिन पहले उन्होंने विमेंस ट्रैप इंडिविजुअल इवेंट में गोल्ड जीता था।
हॉकी: साउथ कोरिया को 2-0 हराकर फाइनल में भारत
भारतीय महिला हॉकी टीम ने साउथ कोरिया को 2-0 से हराकर फाइनल में जगह बनाई। भारत के लिए इशिका ने पेनल्टी कॉर्नर की वैरिएशन पर गोल किया, जबकि कप्तान सलिमा ने दूसरे हाफ में बढ़त दोगुनी की। अब भारत का गोल्ड मेडल मैच चीन से होगा। यह मुकाबला 2 अक्टूबर को खेला जाएगा।
बॉक्सिंग में 2 ब्रॉन्ज, लवलीना फाइनल में
बॉक्सिंग में प्रियंका घंघास को विमेंस 60 किग्रा सेमीफाइनल में चीन की यांग चेंग्यू से 4-1 से हार मिली। उन्हें ब्रॉन्ज मिला।
कपिल पोखरियाने पुरुषों के 90 किग्रा सेमीफाइनल में उज्बेकिस्तान के तुराबेक खाबिबुल्लाएव के खिलाफ 4-1 से हार के बाद ब्रॉन्ज जीता।
वहीं लवलीना बोरगोहेन ने विमेंस 75 किग्रा सेमीफाइनल में कजाकिस्तान की नताल्या बोगदानोवा को 3-2 से हराकर फाइनल में जगह बनाई।
लवलीना बोरगोहेन गोल्ड मेडल के लिए चीन की बाओ जिइ से भिड़ेंगी।
रेसलिंग: सुनील कुमार को ब्रॉन्ज
सुनील कुमार ने पुरुषों के ग्रीको-रोमन 87 किग्रा में ब्रॉन्ज जीता। सेमीफाइनल में जापान के ताइजो योशिदा से 11-0 की हार के बाद उन्होंने ब्रॉन्ज मेडल बाउट में फिलीपींस के कैलम रॉबर्ट्स को 9-0 से हराया। यह हांगझोउ के बाद सुनील का लगातार दूसरा एशियन गेम्स ब्रॉन्ज है। वह एशियन गेम्स में ग्रीको-रोमन रेसलिंग के दो मेडल जीतने वाले पहले भारतीय बने।
स्क्वॉश में दोनों टीमों ने पक्के किए मेडल
भारतीय महिला स्क्वॉश टीम ने सिंगापुर को 2-0 से हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाई और मेडल पक्का किया। तन्वी खन्ना ने वाई लिन ऑ योंग को 3-1 और अनाहत सिंह ने वाई यान ऑ योंग को 3-0 से हराया।
पुरुष टीम ने कुवैत को 2-0 से हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाई। वीर छत्रानी ने बादेर अलमोगरेबी को 3-1 और अभय सिंह ने अम्मार अल-तमिमी को 3-0 से हराया। अब डिफेंडिंग चैंपियन भारत का सामना मलेशिया से होगा।
टेनिस: सुमित क्वार्टरफाइनल में
सुमित नागल ने पुरुष सिंगल्स के तीसरे दौर में उज्बेकिस्तान के सर्गेई फोमिन को 6-3, 6-2 से हराकर क्वार्टरफाइनल में जगह बनाई। अब उनका मुकाबला चीन के वू यीबिंग से होगा।
हालांकि पुरुष डबल्स में युकी भांबरी और धक्षिणेश्वर सुरेश की जोड़ी क्वार्टरफाइनल में चीनी ताइपे की हो चेनजुई-ह्सू यू-ह्सिओउ जोड़ी से 6-7 (5-7), 3-6 से हार गई।