तेल अवीव, एजेंसी। इजराइली PM बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि जांच में सामने आया है कि फ्लाइट में पायलट पर हमला करने वाला आरोपी इस्लामी कट्टरपंथी विचारधारा से प्रभावित था।
नेतन्याहू ने फॉक्स न्यूज से कहा,
ऐसा लगता है कि पायलट विमान को गिराने की कोशिश कर रहा था। पकड़े जाने के बाद वह क्रू मेंबर्स से बार-बार उसे मार देने की बात कह रहा था। इससे लगता है कि वह आत्महत्या करना चाहता था।
इजराइली मीडिया के मुताबिक, आरोपी के साथ काम कर चुके एक सहकर्मी ने बताया कि वह महिलाओं से हाथ नहीं मिलाता था और दिन में कई बार नमाज पढ़ता था।
कैप्टन पर चाकू से हमला किया, विमान हजारों फीट नीचे आया
ओमानी को-पायलट ने कॉकपिट में भारतीय कैप्टन स्मित मच्छर पर चाकू से हमला किया था और विमान को हाईजैक करने की कोशिश की। इस दौरान विमान कुछ ही मिनटों में हजारों फीट नीचे आ गया।
गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद कैप्टन ने कॉकपिट का दरवाजा खोला। इसके बाद यात्रियों और क्रू मेंबर्स ने आरोपी को काबू कर लिया। दूसरे पायलटों ने विमान को संभाला और सऊदी अरब के तबुक में सुरक्षित लैंडिंग कराई। हमले के पीछे की वजह की जांच अभी जारी है।
ओमानी पायलट के हमले में घायल कैप्टन स्मित मच्छर। सऊदी में लैंड होने के बाद उन्हें इलाज के लिए ले जाया गया।
विमान के कॉकपिट में हथियार कैसे पहुंचा, जांच जारी
हमले के बाद जांच में एक अहम सवाल उठ रहा है कि कॉकपिट में हथियार कैसे पहुंचा। एक इजराइली अधिकारी से पूछा गया कि क्या हमले में इस्तेमाल की गई वस्तु आग बुझाने या किसी आपातकालीन प्रक्रिया के लिए कॉकपिट में रखे गए उपकरणों में से एक थी।
अधिकारी ने इसकी पुष्टि नहीं की। उन्होंने कहा कि मुझे यह जानकारी नहीं है कि इस्तेमाल की गई वस्तु किसी आपातकालीन उपकरण से जुड़ी थी या नहीं। हालांकि, अभी तक यह साफ नहीं हुआ है कि आरोपी की सुरक्षा जांच में कोई चूक हुई थी या नहीं।
9 महीने पहले ही फ्लाईदुबई में नौकरी शुरू की थी
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, आरोपी ने फ्लाईदुबई में करीब 9 महीने पहले नौकरी शुरू की थी। ओमान के एक अधिकारी ने अमेरिकी न्यूज चैनल CBS को इसकी पुष्टि की थी। आरोपी का नाम सार्वजनिक नहीं किया गया है।
घटना के बाद यह सवाल भी उठा कि आरोपी को इजराइल जाने वाली फ्लाइट में ड्यूटी कैसे मिली। इजराइल और ओमान के बीच औपचारिक राजनयिक संबंध नहीं हैं।
रिपोर्ट- हमले से पहले भी कई ओमानी पायलट इजराइल पहुंचे
ओमानी पायलट के हमले के बाद इजराइल की विमान सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। न्यूज चैनल 12 की रिपोर्ट के मुताबिक, प्रतिबंध के बावजूद इससे पहले भी कई ओमानी पायलट तेल अवीव पहुंचे थे।
इजराइल ने पायलटों की सुरक्षा जांच की जिम्मेदारी विदेशी एयरलाइंस पर छोड़ रखी थी। रिपोर्ट के मुताबिक इजराइल की आंतरिक सुरक्षा एजेंसी शिन बेट ने फ्लाईदुबई के पायलटों के बैकग्राउंड की जांच नहीं की थी।
शिन बेट ने फ्लाईदुबई से प्रतिबंधित देशों के पायलटों को तैनात न करने को कहा था। हमले के बाद परिवहन मंत्रालय और विमान सुरक्षा प्रक्रियाओं की समीक्षा होगी। उस संस्था की भूमिका भी जांची जाएगी, जो इजराइल आने वाली उड़ानों के पायलटों की निगरानी करती है।
UAE जांच करेगा कि हमला आतंकवादी साजिश थी या नहीं
हमले के आरोपी ओमानी पायलट को संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के अधिकारियों को सौंप दिया गया है। सऊदी अधिकारियों ने तबूक में विमान की इमरजेंसी लैंडिंग के बाद आरोपी को हिरासत में लेकर शुरुआती पूछताछ की थी।
इसके बाद गुरुवार सुबह उसे UAE भेज दिया गया। अब UAE की न्यायिक एजेंसियां मामले की जांच करेंगी।
सऊदी अरब के गृह मंत्रालय के मुताबिक शुरुआती जांच में पुष्टि हुई कि उड़ान के दौरान को-पायलट ने कैप्टन पर हमला किया था। हमले में दोनों पायलट घायल हुए थे।
UAE के अधिकारी अब यह पता लगाएंगे कि कॉकपिट में झड़प किन परिस्थितियों में हुई और क्या को-पायलट ने विमान का कंट्रोल अपने हाथ में लेने या उसे जानबूझकर गिराने की कोशिश की थी।
UAE यह जांच कर रहा है कि हमला आतंकवाद से जुड़ा था या पहले से इसकी योजना बनाई गई थी। इजराइल के रक्षा मंत्री इजराइल काट्ज ने घटना को ‘जिहादी आतंकवादी हमला’ बताया था।
नागोया, एजेंसी। भारतीय विमेंस हॉकी टीम ने एशियन गेम्स में 44 साल बाद गोल्ड जीत लिया। टीम ने फाइनल में चीन को 1-0 से हराया। भारत के लिए एकमात्र गोल लालरेमसियामी ने किया। इससे पहले भारत ने 1982 में साउथ कोरिया को हराकर गोल्ड जीता था।
भारत को एशियन गेम्स के 13वें दिन 6 गोल्ड मिले। बॉक्सर अंकुश पंघाल ने पुरुषों की 80 किग्रा वेट कैटेगरी में गोल्ड जीता, जबकि इससे ठीक पहले सुजीत कलकल ने रेसलिंग के पुरुषों के 65 किग्रा फ्रीस्टाइल में गोल्ड अपने नाम किया।
शुक्रवार को बॉक्सर परवीन हुड्डा ने विमेंस 65 किग्रा और लवलीना बोरगोहेन ने विमेंस 75 किग्रा वेट कैटेगरी में गोल्ड जीता। इसके साथ पहली बार 3 भारतीय मुक्केबाज एक ही एशियन गेम्स में चैंपियन बने।
सुबह भारतीय महिला तीरंदाजी टीम ने रिकर्व इवेंट में गोल्ड जीता था। विमेंस हॉकी के गोल्ड के साथ भारत के कुल 16 गोल्ड हो गए हैं और वह मेडल टैली में 5वें नंबर पर है।
सविता का गोल्डन सेव
फाइनल में भारत हाफ टाइम तक 1-0 से आगे था। दूसरे क्वार्टर में चीन को पेनल्टी स्ट्रोक भी मिला, लेकिन गोलकीपर सविता पूनिया ने बेहतरीन बचाव करते हुए स्कोर बराबर नहीं होने दिया। इस जीत के साथ भारत ने लॉस एंजिलिस 2028 ओलिंपिक के लिए क्वालिफाई भी कर लिया।
बॉक्सिंग में एक ही दिन 3 गोल्ड
अंकुश पंघाल ने पुरुषों की 80 किग्रा कैटेगरी के फाइनल में साउथ कोरिया के किम मिन-सियोंग को 4-0 से हराकर गोल्ड जीता। वह 2018 के बाद एशियन गेम्स में बॉक्सिंग गोल्ड जीतने वाले पहले भारतीय पुरुष बने।
इससे पहले परवीन हुड्डा ने विमेंस 65 किग्रा फाइनल में चेन निएन-चेन को 3-2 से हराकर गोल्ड जीता। लवलीना बोरगोहेन ने विमेंस 75 किग्रा फाइनल में बाओ जिया को 5-0 से हराकर गोल्ड अपने नाम किया। इस तरह पहली बार एक ही एशियन गेम्स में 3 भारतीय बॉक्सर चैंपियन बने।
लवलीना बोरगोहेन ने अपने बर्थडे के दिन गोल्ड जीता।
सुजीत ने रेसलिंग में 2-9 से पिछड़कर जीता गोल्ड
रेसलिंग के पुरुषों के 65 किग्रा फ्रीस्टाइल फाइनल में सुजीत कलकल ने ताजिकिस्तान के अब्दुलमजीद कुडिएव को 10-9 से हराया। मुकाबले में एक समय सुजीत 2-9 से पीछे थे और सिर्फ 1 मिनट 40 सेकंड का खेल बाकी था। इसके बाद उन्होंने लगातार टेकडाउन किए। आखिरी 11 सेकंड में एक और टेकडाउन से 2 अंक लेकर स्कोर 10-9 कर दिया और गोल्ड जीत लिया।
सुजीत कलकल रेसलिंग में गोल्ड जीतने के बाद सेलिब्रेट करते हुए।
आर्चरी में विमेंस रिकर्व टीम चैंपियन
कुमकुम मोहोड, अंकिता भक्त और कीर्ति की भारतीय विमेंस रिकर्व टीम ने गोल्ड जीता। इससे पहले टीम ने सेमीफाइनल में चीन को हराकर फाइनल में जगह बनाई थी। रिकर्व में एक सेट जीतने पर 2 सेट पॉइंट मिलते हैं और 5 सेट पॉइंट हासिल करने वाली टीम मुकाबला जीतती है।
इसी इवेंट में भारत की मेंस रिकर्व टीम को सिल्वर मिला। कुमकुम मोहोड और धीरज बोम्मदेवरा की मिक्स्ड रिकर्व टीम ने भी सिल्वर जीता। सेलिंग में नेथ्रा कुमानन ने विमेंस डिंगी में ब्रॉन्ज अपने नाम किया, जबकि मेंस सेपकटकरा टीम ने भी ब्रॉन्ज जीता।
भारत को एशियन गेम्स के एक दिन में 6 गोल्ड दूसरी बार मिले
एशियन गेम्स में भारत ने एक ही दिन में 6 गोल्ड मेडल जीते। इससे पहले ऐसा सिर्फ 2023 के गेम्स में हुआ था। 44 साल बाद भारतीय विमेंस टीम ने इतिहास रचते हुए गोल्ड अपने नाम किया।
महिला हॉकी टीम ने 2028 ओलिंपिक के लिए क्वालिफाई किया
10वें मिनट में लालरेमसियामी ने गोल किया।
भारत की महिला हॉकी टीम ने गोल्ड मेडल जीत लिया है। फाइनल में भारत ने चीन को 1-0 से हराया। यह एशियन गेम्स में भारतीय महिला हॉकी का 44 साल बाद पहला मेडल है। भारत ने इससे पहले 1982 में गोल्ड मेडल जीता था।
इस जीत के साथ भारत ने लॉस एंजिलिस 2028 ओलिंपिक के लिए सीधे क्वालिफाई भी कर लिया है। 2024 पेरिस ओलिंपिक के लिए भारतीय टीम क्वालिफाई नहीं कर पाई थी। इससे पहले टोक्यो ओलिंपिक 2020 में टीम ने चौथा स्थान हासिल किया था।
एशियाड में भारतीय मुक्केबाजों का ऑल टाइम सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन
एशियन गेम्स 2026 में भारतीय मुक्केबाजों ने गोल्ड के लिहाज से ऑल टाइम सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया। भारत ने 3 गोल्ड और 3 ब्रॉन्ज समेत कुल 6 मेडल जीते।
2010 एशियाड में भारतीय मुक्केबाजों ने 2 गोल्ड समेत कुल 9 मेडल जीते थे। वहीं 2022 में भारत के खाते में 1 सिल्वर और 3 ब्रॉन्ज समेत 4 मेडल आए थे।
बॉक्सिंग: अंकुश पंघाल ने जीता गोल्ड, 80 किग्रा में बने चैंपियन
भारत के अंकुश पंघाल ने पुरुषों के 80 किग्रा वर्ग में गोल्ड मेडल जीत लिया। फाइनल में उन्होंने साउथ कोरिया के किम मिन-सियोंग को 4-0 से हराया। अंकुश के गोल्ड के साथ आज भारतीय बॉक्सिंग के तीन गोल्ड मेडल हो गए हैं। वे 2018 में अमित पंघाल के बाद एशियन गेम्स में बॉक्सिंग गोल्ड जीतने वाले पहले भारतीय पुरुष बन गए हैं।
कुश्ती: सुजीत कालकल ने 65 किग्रा फ्रीस्टाइल में जीता गोल्ड
भारत के सुजीत कालकल ने पुरुषों के 65 किग्रा फ्रीस्टाइल वर्ग में गोल्ड मेडल जीत लिया। फाइनल में सुजीत ने पिछड़ने के बाद शानदार वापसी करते हुए कुदिएव को 10-9 से हराया। मुकाबले में एक समय सुजीत 2-9 से पीछे थे और सिर्फ 1 मिनट 40 सेकंड का खेल बाकी था। इसके बाद उन्होंने लगातार टेकडाउन किए और तेजी से तीन बार 2-2 अंक जुटाकर स्कोर 8-9 तक पहुंचा दिया। आखिरी 11 सेकंड में सुजीत ने एक और टेकडाउन किया। इससे उन्हें 2 अंक मिले और उनका स्कोर 10 हो गया। इसी के साथ उन्होंने कुदिएव के 9 अंकों को पीछे छोड़ते हुए गोल्ड अपने नाम कर लिया।
बॉक्सिंग: परवीन हुड्डा ने जीता गोल्ड, पिछले एशियाड में डोपिंग के कारण ब्रॉन्ज छिना था
महिला 65 किग्रा के फाइनल में भारत की परवीन हुड्डा ने चीनी ताइपे की चेन निएन-चिन को 3-2 के स्प्लिट डिसीजन से हराकर गोल्ड जीता। फाइनल राउंड में दोनों के बीच कड़ा मुकाबला रहा। परवीन ने काउंटर पंच के जरिए अंक जुटाए और बढ़त बनाए रखी।
परवीन ने हांगझोउ एशियन गेम्स में जीता ब्रॉन्ज डोपिंग के व्हेयरअबाउट्स नियम के उल्लंघन के कारण गंवा दिया था। अब उन्होंने वापसी करते हुए गोल्ड मेडल जीता है। चेन पूर्व वर्ल्ड चैंपियन हैं और कैंसर से जंग जीतकर खेल में लौटी हैं। मुकाबले के बाद चेन ने परवीन को उठाकर जीत की बधाई दी।
तीरंदाजी: पुरुष रिकर्व टीम ने जीता सिल्वर
भारत की पुरुष रिकर्व टीम को एशियन गेम्स के फाइनल में साउथ कोरिया के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा। टीम ने सिल्वर मेडल जीता। साउथ कोरिया के तीरंदाजों ने लगातार 9 और 10 के निशाने लगाए।
यशदीप, नीरज और धीरज पर्याप्त 10 के निशाने नहीं लगा सके। भारत ने हांगझोउ एशियन गेम्स में भी इस इवेंट में सिल्वर मेडल जीता था।
गोल्ड मेडल मैच के बाद दोनों टीम के खिलाड़ी आपस में हाथ मिलाते हुए।
बॉक्सिंग: लवलीना ने जन्मदिन पर जीता गोल्ड
लवलीना बोरगोहेन ने अपने जन्मदिन पर गोल्ड मेडल जीतकर एशियन गेम्स में भारत का पहला बॉक्सिंग गोल्ड दिलाया। हांगझोउ गेम्स में लवलीना फाइनल हारकर सिल्वर मेडल पर रुकी थीं, लेकिन इस बार उन्होंने गोल्ड अपने नाम किया।
लवलीना यहां खिताब की प्रमुख दावेदारों में नहीं थीं, लेकिन सेमीफाइनल और फाइनल में उन्होंने अपने अनुभव का शानदार इस्तेमाल किया। उन्होंने हर मुकाबले के लिए रणनीति के साथ बॉक्सिंग की, विरोधियों के आक्रामक हमलों से बचीं और जवाबी पंच लगाकर अंक जुटाए।
भारत के लिए बॉक्सिंग में अब दो और गोल्ड मेडल मुकाबले बाकी हैं। अंकुश और परवीन दोपहर 2 बजे के बाद फाइनल खेलेंगे।
किसान की बेटी लवलीना एशियन चैंपियन बनीं
25 साल की लवलीना बोरगोहेन असम के किसान परिवार में जन्मी हैं। वे NCOE गुवाहाटी में ट्रेनिंग करती हैं। लवलीना ने 2018 और 2019 वर्ल्ड बॉक्सिंग चैंपियनशिप में लगातार ब्रॉन्ज जीते।
टोक्यो 2020 ओलिंपिक में भी ब्रॉन्ज जीता। उन्होंने 2022 एशियन गेम्स और 2023 वर्ल्ड बॉक्सिंग चैंपियनशिप में गोल्ड जीतकर अपनी पहचान मजबूत की। उन्हें अर्जुन अवॉर्ड और मेजर ध्यानचंद खेल रत्न अवॉर्ड मिल चुका है।
मॉस्को, एजेंसी। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने गुरुवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगातार यूक्रेन युद्ध खत्म करने की बात उठाते हैं। वह हर मुलाकात में युद्ध रोकने और शांति का रास्ता निकालने पर बात करते हैं।
पुतिन ने मॉस्को में वाल्दाई फोरम के दौरान कहा,
मोदी मेरे अच्छे दोस्त हैं, फिर भी वे लगातार यूक्रेन युद्ध खत्म करने की बात उठाते हैं। वे जल्द युद्ध खत्म करने के पक्ष में हैं। इसके लिए उनके पास अच्छे सुझाव हैं।
PM मोदी 5 बार अंतरराष्ट्रीय मंचों पर यूक्रेन युद्ध का मुद्दा उठा चुके हैं।
मोदी ने पिछले महीने भी युद्ध पर पुतिन से चर्चा की थी
पिछले महीने नई दिल्ली में हुए BRICS समिट से पहले पुतिन और मोदी के बीच बातचीत हुई थी। इस दौरान पुतिन ने मोदी को यूक्रेन युद्ध की मौजूदा स्थिति और शांति की कोशिशों के बारे में जानकारी दी थी। फरवरी 2022 में शुरू हुए इस युद्ध को खत्म करने के लिए कई स्तरों पर बातचीत की कोशिशें जारी हैं।
इससे कुछ दिन पहले क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने भी कहा था कि रूस यूक्रेन युद्ध खत्म करने के लिए भारत की किसी भी शांति पहल का स्वागत करेगा। उन्होंने कहा था कि रूस और भारत बातचीत और कूटनीति के जरिए विवाद सुलझाने के पक्ष में हैं।
मोदी BRICS समिट के दूसरे दिन 13 सितंबर को नई दिल्ली में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से हाथ मिलाते हुए।
पुतिन बोले- भारत की विविधता दुनिया के लिए मिसाल
पुतिन ने भारत की संस्कृति, भाषाओं और एकता की भी तारीफ की। उन्होंने कहा कि भारत का विशाल आकार और विविधता हैरान करती है।
पुतिन ने बताया कि बहुत कम लोग यह जानते हैं, लेकिन PM मोदी ने उन्हें बताया था कि भारत की 1.5 अरब आबादी में करीब 60 करोड़ लोग हिंदी बोलते हैं। बाकी लोग अलग-अलग भाषाएं बोलते हैं। इसके बावजूद सभी लोग साथ मिलकर रहते हैं।
पुतिन ने कहा,
भारतीय संस्कृति में कुछ अनोखा है। यह दुनिया को सिखा सकती है कि अलग-अलग तरह के लोग अपनी विविधता बनाए रखते हुए एक साथ कैसे रह सकते हैं।
उन्होंने कहा कि भारत की विविधता और एकता से प्रेरणा ली जा सकती है।
PM मोदी ने राष्ट्रपति पुतिन को सितंबर की मुलाकात के दौरान तिरुक्कुरल किताब की रूसी भाषा में अनुवाद की एक प्रति भेंट की थी।
पुतिन बोले- हमला हुआ तो सारे हथियार इस्तेमाल करेंगे
पुतिन ने गुरुवार को कहा कि रूस यूरोप के किसी देश पर हमला करने की योजना नहीं बना रहा है। हालांकि, अगर रूस के किसी इलाके पर हमला होता है तो वह अपनी सुरक्षा के लिए अपने सभी हथियारों का इस्तेमाल करेगा।
उन्होंने पश्चिमी देशों और यूरोप पर तनाव बढ़ाने का आरोप लगाया। पुतिन ने कहा कि पश्चिमी देश आने वाले वर्षों में रूस के साथ युद्ध की तैयारी की बात कर रहे हैं, बाल्टिक सागर में सैन्य अभ्यास कर रहे हैं और रूसी जहाजों को जब्त कर रहे हैं।
पुतिन का यह बयान मॉस्को की उस चेतावनी के बाद आया है, जिसमें NATO को कहा गया था कि अगर उसके किसी देश ने रूस के कलिनिनग्राद इलाके को बाकी रूस से अलग करने की कोशिश की तो रूस उसकी रक्षा के लिए परमाणु हथियार भी इस्तेमाल कर सकता है।
मुंबई, एजेंसी। चैटजीपीटी बनाने वाली कंपनी ओपनएआई के मॉडल ने 100 से ज्यादा संस्थानों के सिस्टम में जबरन घुसपैठ की कोशिश की है। कंपनी ने खुद इसका खुलासा किया है।
50 पेटाबाइट डेटा जांच रही कंपनी, इंसान को लगेंगे 6.6 करोड़ साल
कंपनी अब अपने AI मॉडल्स के ट्रेनिंग और टेस्टिंग से जुड़े 50 पेटाबाइट डेटा की जांच कर रही है, ताकि अब तक मिले मामलों के अलावा भी कोई गड़बड़ी हुई हो, तो उसे पकड़ा जा सके।
इस जांच के लिए 7 हजार अत्याधुनिक GB200 और GB300 GPUs लगाए गए हैं। इसमें रोज करीब 5 करोड़ रुपए खर्च हो रहे हैं। ये डेटा कितना ज्यादा है इसे उदाहरण से समझें।
अगर यह पूरा डेटा सामान्य अंग्रेजी शब्दों में लिखा हो, तो एक इंसान 240 शब्द प्रति मिनट की तेज रफ्तार से बिना रुके भी पढ़े, तो इसे खत्म करने में करीब 6.6 करोड़ साल लग जाएंगे।
इंसानों के बस से बाहर होने के कारण इस काम को भी AI मॉडल्स से कराया जा रहा है। जांच को ज्यादा सटीक बनाने के लिए ज्यादा कंप्यूटिंग पावर लगाई जा रही है।
ओपनएआई ने संस्थानों को अलर्ट किया
कंपनी ने अपने AI एजेंट की चपेट में आए 100 से ज्यादा संस्थानों को अलर्ट जारी कर दिया है। हालांकि, कंपनी का दावा है कि इन संस्थानों का डेटा चोरी नहीं हुआ है। ओपनएआई ने बचाव में दलील दी कि AI एजेंट्स ने सिस्टम का ताला नहीं तोड़ा, बल्कि सिर्फ बंद दरवाजे को जबरन खटखटाकर और उसका हैंडल घुमाकर अंदर घुसने की कोशिश भर की थी।
वेबसाइट्स को गलत कमांड दिए
जांच में सामने आया है कि इन AI एजेंट्स ने कई वेबसाइट्स को मनमाने और अनाधिकृत कमांड भेजकर उनसे गलत प्रोसेस एग्जीक्यूट कराने का प्रयास किया।
इतना ही नहीं, सुरक्षा तंत्र को चकमा देने के लिए इन एजेंट्स ने वेबसाइट्स को आपस में संपर्क साधने का जरिया (कम्युनिकेशन चैनल) बना लिया और तय सुरक्षा पैमानों को पूरी तरह नजरअंदाज कर बायपास करने की कोशिश की।
ओपनएआई ने माना सुरक्षा घेरे नाकाम साबित हुए
ओपनएआई ने माना है कि उसके सुरक्षा घेरे AI एजेंट्स को काबू में रखने में नाकाम साबित हुए। कंपनी के प्रवक्ता ने कहा कि प्रभावित संस्थानों को तकनीकी डेटा दे दिया गया है ताकि वे सिस्टम में लगी सेंध और सुरक्षा खामियों की जांच कर सकें।
अपनी नाकामी के बाद अब ओपनएआई ने दावा किया है कि वह AI मॉडल के इस असामान्य व्यवहार और सुरक्षा की कमियों से जुड़े निष्कर्षों को सार्वजनिक करेगी, ताकि दुनिया भर के साइबर सुरक्षा एक्सपर्ट्स मिलकर इस खतरे का तोड़ निकाल सकें।
जुलाई की हगिंग फेस घटना के बाद सुरक्षा नियम कड़े
इस घटना के सामने आने के बाद ओपन एआई ने सुरक्षा तंत्र को काफी सख्त किया गया है:
AI मॉडल्स के इंटरनेट इस्तेमाल पर कड़े प्रतिबंध लगाए गए हैं।
रिसर्च और लाइव सिस्टम को पूरी तरह एक-दूसरे से अलग कर दिया गया है।
किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत पकड़ने के लिए रियल-टाइम मॉनिटरिंग बढ़ाई गई है।
हगिंग फेस घटना के बारे में जानें…
यह मामला एआई की दुनिया की अब तक की सबसे चौंकाने वाली घटनाओं में से एक है। आसान शब्दों में समझें कि असल में हुआ क्या था:
1. ‘आंसर की’ चुराने के लिए किया गया हैक
ओपनएआई अपने एक AI मॉडल की साइबर सुरक्षा क्षमता जांचने के लिए उसका टेस्ट ले रही थी। टेस्ट में अच्छा स्कोर करने के लिए AI ने एक खतरनाक शॉर्टकट चुना। उसने सोचा कि सवालों को हल करने से बेहतर है कि सीधे ‘आंसर की’ चुरा ली जाए।
2. पाबंदियां तोड़कर इंटरनेट पर पहुंचा
उस AI मॉडल को एक सुरक्षित और बंद टेस्टिंग एनवायरनमेंट में रखा गया था, जहां उसे इंटरनेट चलाने की इजाजत नहीं थी। इसके बावजूद AI ने उस सिस्टम की सुरक्षा तोड़ी, इंटरनेट तक अपनी पहुंच बनाई और मशहूर AI प्लेटफॉर्म हगिंग फेस के सिस्टम को हैक कर लिया, ताकि वहां से जवाब हासिल कर सके। 16 जुलाई को हगिंग फेस ने इस हैक का खुलासा किया था।
3. दो महीने से चल रहा था सीक्रेट नेटवर्क
जांच में सामने आया कि यह किसी एक अकेले AI मॉडल का काम नहीं था। यह सिलसिला घटना से करीब दो महीने पहले यानी मई की शुरुआत से ही चल रहा था।
ओपनएआई के ही सर्वरों के भीतर कई AI एजेंट्स आपस में सीक्रेट नोट्स छोड़ रहे थे। इन नोट्स में वे एक-दूसरे को बता रहे थे कि सिस्टम की सुरक्षा कैसे तोड़नी है और प्रतिबंधित डेटा तक कैसे पहुंचना है। ये एजेंट्स खुद को एक ‘स्वार्म’ यानी संगठित झुंड कह रहे थे।
4. अनकंट्रोल्ड बर्ताव
इंजीनियर्स ने इन मॉडल्स को ऐसा करने के लिए कोई ट्रेनिंग नहीं दी थी। AI ने सिस्टम में मौजूद संसाधनों का इस्तेमाल करके यह तरीका खुद ही विकसित कर लिया था। ओपनएआई को अपने ही सर्वर में चल रहे इस पूरे नेटवर्क की भनक तक नहीं थी।
चिंता की असली वजह क्या है?
इसे एक उदाहरण से समझते हैं: अगर आपको अपनी रसोई में दो चींटियां दिखती हैं, तो इसका मतलब यह नहीं है कि घर में सिर्फ दो ही चींटियां हैं। यह घटना किसी तरह पकड़ में आ गई, लेकिन सबसे बड़ा डर यह है कि बंद दरवाजों और सुरक्षित सर्वरों के पीछे ऐसे कितने AI सिस्टम हैं जो इंसानों की जानकारी के बिना अपनी सीमाएं लांघ रहे हैं।
अमेरिकी और ऑस्ट्रेलियाई सरकारी साइट्स में भी सेंधमारी
हगिंग फेस घटना के बाद ओपनएआई के एआई एजेंट्स ने अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया की सरकारी वेबसाइट्स में भी सेंधमारी की थी। इस स्थिति को देखते हुए ओपनएआई ने मॉनिटरिंग बढ़ा दी है और अपने नए मॉडल डेवलपमेंट पर फिलहाल रोक लगा दी है।
AI से मानवता के खात्मे का खतरा
AI रिसर्चर जैकब कॉक्सन का दावा है कि अगर एआई पर समय रहते कड़ा नियंत्रण नहीं लगाया गया, तो यह जल्द ही मानवता के अंत का कारण बन सकता है। वहीं एआई कंपनी एंथ्रोपिक के CEO डारियो अमोदेई ने भी माना कि AI के डेवलपमेंट को धीमा करने की जरूरत है।
ये घटनाएं इस बात का संकेत है कि टेस्टिंग स्टेज में ही टेक कंपनियों के हाथ से उनके एडवांस AI मॉडल्स की कमान छूट रही है। AI मॉडल्स ना सिस्टम की सुरक्षा को बायपास कर रहे हैं, बल्कि तय दायरों को तोड़कर इंसानी नियंत्रण से बाहर हो रहे हैं।