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रिजिजू बोले- भारत न तो बांग्लादेश न फ्रांस:इंडिया में सत्ता परिवर्तन बिल्कुल हो सकता है, लेकिन सिर्फ चुनावों के जरिए

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नई दिल्ली, एजेंसी। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने रविवार को आरोप लगाया कि फ्रांस और बांग्लादेश में हुई हिंसक घटनाओं जैसी साजिश भारत में भी रची गई थी। कुछ नेताओं ने युवाओं को भड़काने और सड़कों पर हिंसा फैलाने की कोशिश की।

रिजिजू ने कहा कि ऐसी खतरनाक साजिश रचने वाले यह भूल गए कि भारत न तो बांग्लादेश है और न ही फ्रांस। भारत में सत्ता परिवर्तन बिल्कुल हो सकता है, लेकिन केवल चुनावों के जरिए, सोरोस के जरिए नहीं।

रिजिजू ने X पर पोस्ट के अलावा एक वीडियो भी शेयर किया। जिसमें राहुल गांधी और नेहा बोरा को दिखाया गया है। दरअसल 14 अक्टूबर पहले नेहा बोरा का बांग्लादेश में हुए हिंसक प्रदर्शन के समर्थन वाला वीडियो सामने आया था।

नेहा बोरा ने कहा था- भारत का जेन-जी आंदोलन बांग्लादेश से प्रेरित

नेहा बोरा ने दो दिन पहले बांग्लादेश के सोशलिस्ट स्टूडेंट्स फ्रंट (SSF) को उनके छठे सेंट्रल कॉन्फ्रेंस के लिए बधाई देते हुए एक वीडियो मैसेज भेजा था। इसमें उन्होंने कहा कि भारत का जेन-जी आंदोलन बांग्लादेश के आंदोलन से प्रेरित है। SSF बांग्लादेश के छात्र आंदोलन और तख्तापलट के घटनाक्रमों में सक्रिय था।

नेहा बोरा का पूरा वीडियो मैसेज…

आपको हमारा लाल सलाम। आज भारत में जो जेन-जी आंदोलन हो रहा है, वह सबसे पहले बांग्लादेश में शुरू हुआ। आपने हमें रास्ता दिखाया, इसके लिए हम आपके शुक्रगुजार हैं।

हम जानते हैं कि बांग्लादेश में शुरू हुआ आंदोलन लोकतंत्र और मतदाताओं के अधिकारों के लिए था। आज भारत में युवा जिस आंदोलन में हिस्सा ले रहे हैं, वह भी लोकतंत्र और मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा की लड़ाई है।

हम जानते हैं कि बांग्लादेश में युवा धार्मिक कट्टरपंथ के खिलाफ लड़ रहे थे। भारत में जेन-जी भी यही लड़ाई लड़ रहा है। ढाका यूनिवर्सिटी और जहांगीर यूनिवर्सिटी बढ़ती धमकियों और हमलों के बीच मुश्किल हालात में हैं।

भारत में भी हमारे संस्थानों और केंद्रीय विश्वविद्यालयों की यही स्थिति है, जहां छात्रों के अधिकारों पर बड़े पैमाने पर रोक लगाई जा रही है। शिक्षा के निजीकरण पर जोर दिया जा रहा है। यहां शिक्षण संस्थानों का भगवाकरण हो रहा है और आलोचनात्मक सोच को दबाया जा रहा है।

भाजपा बोली थी- राहुल लोकतंत्र को नष्ट करने की साजिश रच रहे

भाजपा नेता प्रदीप भंडारी ने कहा- बांग्लादेश में क्या हुआ, यह साफ है। एक इस्लामवादी समूह ने भीड़ का इस्तेमाल करते हुए अराजकता फैलाई और पूरी व्यवस्था को खत्म करने की कोशिश की। उनका मकसद सत्ता परिवर्तन था। नेहा बोरा भी भारत में बांग्लादेश जैसा अराजक आंदोलन चाहती हैं।

भंडारी ने कहा- अब यह स्पष्ट है कि जब राहुल गांधी लोकतांत्रिक तरीकों से अपने परिवार को सत्ता में लाने में विफल रहते हैं, तो वह अपने पूरे इकोसिस्टम के साथ भारत में लोकतंत्र को नष्ट करने की साजिश रच रहे हैं। राहुल का उद्देश्य लोकतांत्रिक विरोध नहीं, बल्कि अराजकता को वैधता देना है।

नेहा बोरा NEET पेपर लीक से SIR विरोध तक प्रदर्शनों में सक्रिय रहीं

इस साल जुलाई में नेहा बोरा NEET पेपर लीक के मुद्दे पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शनों के दौरान चर्चा में आईं। इन प्रदर्शनों में शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग की गई थी। वह दिल्ली के जंतर-मंतर पर सोशल एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक के साथ अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल में भी शामिल हुईं।

अक्टूबर में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में गड़बड़ियों के खिलाफ प्रदर्शनों के दौरान वह फिर चर्चा में आईं।

10 अक्टूबर को दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने उन्हें हिरासत में लिया। हिरासत के दौरान जारी एक वीडियो में उन्होंने कहा- मैं हिरासत में हूं, आंदोलन नहीं। उनके भाषणों और प्रदर्शनों के वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हुए।

राहुल गांधी के साथ मार्च में गईं, आवास पर बैठक में दिखीं

12 अक्टूबर: दिल्ली में INDIA ब्लॉक के मार्च के दौरान नेहा बोरा राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा के साथ सबसे आगे नजर आईं। इस दौरान राहुल गांधी उनके कंधे पर हाथ रखकर चलते दिखे।

13 अक्टूबर: वह राहुल गांधी के 5, सुनेहरी बाग रोड स्थित आवास पर हुई चाय पर बैठक में भी शामिल हुईं। बैठक में विपक्षी दलों, छात्र संगठनों और सिविल सोसायटी के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।

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कोरबा

माँ श्री सर्वमंगला देवी मंदिर दुरपा कोरबा में हवन-पूर्णाहुति के साथ शारदीय नवरात्रि पर विराम

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प्रबंधक एवं राजपुरोहित नमन पाण्डेय ने सपत्नीक किया हवन-पूर्णाहुति, विद्वान आचार्यों के श्रीमुख से निकला दिव्य मंत्रोच्चार, शंखनाद से परिसर हुआ भक्तिमय
सार्वभौम का कल्याण हो, विश्व में शांति हो, घर-घर पहुंचे समृद्धि की शुभ-मंगलकामनाओं के लिए मांगा माँ से आशीर्वाद

कोरबा। आज अपराह्न माँ श्री सर्वमंगला देवी मंदिर परिसर दुरपा कोरबा में महाअष्टमी पर शारदीय नवरात्रि पर हवन-पूर्णाहुति के साथ विराम लग गया। मंदिर के प्रबंधक एवं राजपुरोहित नमन पाण्डेय ने सपरिवार हवन-पूजन किया और यहां उपस्थित विद्वान आचार्यों ने दिव्य मंत्रोच्चार, घंटे एवं शंखनाद के बीच हवन-पूर्णाहुति को विधि-विधान के साथ सम्पन्न कराया और माँ आदिशक्ति से प्रार्थना की, कि पूरे विश्व का कल्याण हो, विश्व में शांति की पुनसर््थापना हो, चारों तरफ समृद्धि की बयार हो और घर-घर सुख, सम्पत्ति और वैभव का निवास हो, इन्हीं शुभ-मंगलकामनाओं के साथ माँ आदिशक्ति से आशीर्वाद मांगा।
21 कन्याओं का श्रृंगार कर कराया भोज, दिए उपहार

माँ श्री सर्वमंगला देवी मंदिर दुरपा कोरबा में महाअष्टमी पूजा सम्पन्न होने के बाद हवन-पूर्णाहुति को विधि-विधान से सम्पन्न कराने के बाद एवं महाअष्टमी पर माँ महागौरी स्वरूपा माँ श्री सर्वमंगला देवी की पूजा अर्चना एवं संध्या आरती सम्पन्न होने के बाद 21 कन्याओं को सादर आमंत्रित किया गया और श्री पाण्डेय के निजनिवास के अतिथि कक्ष में सभी 21 कन्याओं का श्रृंगार किया गया, पाण्डेय परिवार द्वारा सभी कन्याओं का पग प्रक्षालन किया गया और उसके बाद सभी को भोग परोसा गया। कन्या भोज के बाद उपस्थित देवी स्वरूपा सभी कन्याओं को उपहार दिया गया और इस तरह शारदीय नवरात्रि पर विराम लग गया।


महागौरी स्वरूपा माँ श्री सर्वमंगला देवी की महाअष्टमी आरती


महाअष्टमी पर श्रद्धालुओं की अभूतपूर्व भीड़

कल गोधूली बेला पर जवारा कलश का विसर्जन

माँ श्री सर्वमंगला देवी मंदिर परिसर दुरपा कोरबा में 181 जवारा कलश भी नवरात्रि के प्रथम दिन प्रज्ज्वलित किए गए थे और 09 दिन तक जवारा कलशों की बैगाओं द्वारा सेवा करने के बाद कल महानवमी 19 अक्टूबर को संध्या गोधूली बेला में जवारा कलशों का गंगा स्वरूपा हसदेव नदी में विसर्जित किया जाएगा। विसर्जन से पूर्व जवारा कलशों का विधि विधान के साथ पूजा अर्चना की जाएगी और असतो मा सद्गमय… की कामना के साथ नारी शक्ति अपने-अपने सिर में कलशों को लेकर रैली के रूप में नदी तट पर पहुंचेंगी, साथ में बैगा भी होंगे और विसर्जन की प्रक्रिया विधि विधान के साथ पूर्ण होगी और जवारा कलश विसर्जन के साथ शारदीय नवरात्रि सम्पन्न होगी।

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देश

टाइगर श्राफ पर मुंबई में फायरिंग:जुहू में बाइक सवारों ने हमला किया, ड्राइवर घायल

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मुंबई, एजेंसी। एक्टर टाइगर श्राफ पर मुंबई में फायरिंग हुई है। जुहू में बाइक सवारों ने उन पर गोलीबारी की। फायरिंग में उनका ड्राइवर घायल हुआ है।

मुंबई पुलिस का कहना है कि गोलीबारी की घटना में एक्टर टाइगर श्रॉफ सुरक्षित हैं और उन्हें गोली लगने से कोई चोट नहीं आई है। हमलावरों की तलाश की जा रही है।

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देश

कोलकाता भगदड़ का चश्मदीद बोला- मां को सामने मरते देखा:बाप ने बेटे को बचाने के लिए दूर फेंका, पत्नी नीचे गिर गई और लोग उसे रौंदते गए

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कोलकाता, एजेंसी। बाहर बारिश हो रही थी। कोई भी बाहर नहीं जाना चाहता था। बारिश से बचने के लिए एंट्री गेट पर खड़े लोग अंदर आने के लिए धक्का-मुक्की करने लगे। भीड़ इतनी बढ़ गई कि सांस लेना मुश्किल हो गया। अंदर खड़े सभी लोग एक-दूसरे के ऊपर गिर रहे थे। मैं भी लोगों के नीचे दब गया था। बचना मुश्किल था, किसी तरह खुद को संभाला, मां के पास पहुंचा, लेकिन उनकी मौत हो चुकी थी। वो मेरी आंखों के सामने मर गईं।

यह कहना है 25 साल के सोनू पाल का। शनिवार शाम कोलकाता चोरबागान दुर्गा पंडाल में मची भगदड़ में 19 लोगों की मौत हो गई, इसमें उनकी मां भी थीं।

हादसे को लेकर एक बड़ा दावा किया जा रहा है कि पंडाल के आयोजकों ने एक घोषणा की थी, जिसमें चेतावनी थी कि यदि भीड़ कंट्रोल नहीं हुई तो पंडाल गिर सकता है। इसके ठीक बाद भगदड़ मच गई, एग्जिट गेट का एक हिस्सा भी गिर गया।

चोरबागान पंडाल को इस बार बंगाल सरकार के देवी दुर्गा सम्मान 2026 में सर्वश्रेष्ठ में सर्वश्रेष्ठ (सेरार सेरा) पंडाल का तीसरा अवॉर्ड भी मिला है।

हादसे के समय लोग एक-दूसरे पर गिरते नजर आए। कुछ गिरे हुए लोगों को उठाते दिखे तो कुछ घबराहट में चीख रहे थे।

हादसे के समय लोग एक-दूसरे पर गिरते नजर आए। कुछ गिरे हुए लोगों को उठाते दिखे तो कुछ घबराहट में चीख रहे थे।

लोगों की आपबीती: अंधेरे में गिरे बच्चे, जान तो बच गई, लेकिन बेहद डरावना पल था

  • आसनसोल के रहने वाले स्थानीय व्यक्ति ने बताया कि एंट्री गेट पर करीब डेढ़ घंटे से कतार लगी थी। बारिश शुरू होने के बाद लोग जल्दी अंदर जाना चाहते थे। उनके मुताबिक, रास्ता संकरा था और वहां रोशनी भी नहीं थी। अंधेरे में एक छोटी बच्ची और एक लड़का गिर गए। मैं खुद भी गिर पड़ा। बच्चों के ऊपर कई लोग गिर गए थे। मेरी बेटी और पोती को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा।
  • वर्धमान से आए शख्स बताया, मैं परिवार के साथ आया था। भगदड़ मची तो हम सब फंस गए। 5 साल के बेटे को बचाने के लिए मैंने उसे दूसरी तरफ फेंका। पत्नी को बचा नहीं पाया। वह नीचे गिर गई। भीड़ में दबकर उसकी मौत हो गई। मेरी बहन और भांजा भी दबकर मर गए।
  • एक महिला ने बताया, हमें अचानक पीछे से जोरदार धक्का लगा। लोग एक-दूसरे पर गिरने लगे। करीब 40-45 मिनट तक सांस लेना मुश्किल हो गया। मैंने कई लोगों को निकालने की बहुत कोशिश की, लेकिन सफल नहीं हुई। आखिरकार पंडाल का एक हिस्सा तोड़कर बाहर निकाला गया।
  • एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया, मैं दोस्त के साथ दुर्गा पूजा पंडाल आया था। भीड़ इतनी बढ़ गई कि लोगों को घुटन होने लगी और वे बाहर निकलने के लिए छटपटाने लगे। उनकी दोस्त भीतर ही फंस गई। काफी मशक्कत के बाद वह बाहर आई। उसे हल्की चोट लगी है।
  • एक व्यक्ति ने बताया, बारिश शुरू होते ही लोग तेजी से पंडाल की ओर बढ़ने लगे। तभी बैरिकेड हटा दिए। भीड़ के धक्के के साथ हम अंदर चले गए। पंडाल के अंदर अंधेरा था। सांस लेना मुश्किल हो रहा था। पीछे से धक्का लगने पर वे गिर गए और उनकी पत्नी उनसे अलग हो गईं। उठने के बाद मैं पत्नी आरती को खोजने लगा। कुछ देर बाद पत्नी जमीन पर बेहोश मिलीं। मैं गोद में उठाकर मदद के लिए चिल्लाया, लेकिन एंबुलेंस की व्यवस्था होने में एक घंटे से ज्यादा समय लग गया। अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने पत्नी को मृत घोषित कर दिया।

एंबुलेंस नहीं पहुंची, घायलों को बाइक से अस्पताल पहुंचाया

पुलिस, वॉलंटियर और एंबुलेंस मौके पर नजर नहीं आए। स्थानीय लोगों ने खुद घायलों को बाहर निकालकर बाइक से अस्पताल पहुंचाया। कुछ लोगों ने कहा कि वे शवों को ओला-उबर से ले जा रहे हैं, पुलिस-एम्बुलेंस नहीं है।

पहली बार घुमावदार पंडाल बना, इसी में लोग फंसते चले गए

यह पंडाल सारदा पार्क मैदान में करीब 20 हजार वर्ग फीट में बना था। यह उत्तर कोलकाता के सबसे पुराने और प्रसिद्ध पंडालों में से एक है और अपनी अनूठी थीम के कारण पिछले कुछ सालों से चर्चा में रहता है। इस बार इसकी थीम बियॉन्ड साउंड थी। इसलिए पंडाल के अंदर लगभग अंधेरा जैसा माहौल था।

मां की प्रतिमा के ऊपर पंडाल में बने छोटे-छोटे छेद से रोशनी पहुंच रही थी। पहली बार पंडाल में एंट्री के बाद दोनों तरफ गोलाकार कॉरिडोर से 360 डिग्री घूमकर ही बाहर निकलने की व्यवस्था की गई थी। एंट्री और एग्जिट एक-एक ही थे। दोनों ही संकरी गलियों में खुलते हैं।

सप्तमी की शाम जैसे ही बारिश शुरू हुई तो एंट्री गेट पर भीड़ अधिक होने से लोगों ने धक्का देना बढ़ा तो पंडाल के एग्जिट गेट की रेलिंग गिर गई। दबाव बढ़ा तो पंडाल के एग्जिट गेट की हिलती रेलिंग फिर गिर गई तभी सुरक्षाकर्मियों ने सीटी बजानी शुरू कर दी। वे बाहर निकलने का अनाउंसमेंट करने लगे। इतने में भगदड़ शुरू हो गई और लोग बाहर नहीं निकल पाए।

संकरे रास्ते

चाेरबागान पंडाल चित्तरंजन एवेन्यू से एक संकरी सड़क पर बनाया गया है। हादसे से ठीक पहले यहां हजारों की भीड़ थी।

चाेरबागान पंडाल चित्तरंजन एवेन्यू से एक संकरी सड़क पर बनाया गया है। हादसे से ठीक पहले यहां हजारों की भीड़ थी।

एंट्री-एग्जिट गेट एक

पंडाल के एंट्री गेट के ठीक सामने की है। जब बारिश शुरू हुई तो लोग तेजी से अंदर जाने लगे। वे पुलिस की बात भी नहीं मान रहे थे।

पंडाल के एंट्री गेट के ठीक सामने की है। जब बारिश शुरू हुई तो लोग तेजी से अंदर जाने लगे। वे पुलिस की बात भी नहीं मान रहे थे।

बारिश से हालात बिगड़े

पंडाल के एग्जिट गेट के बाहर मौजूद भीड़, बारिश तेज हुई तो बाहर जाती भीड़ के साथ सड़क पर मौजूद लोग भी अंदर घुसे।

पंडाल के एग्जिट गेट के बाहर मौजूद भीड़, बारिश तेज हुई तो बाहर जाती भीड़ के साथ सड़क पर मौजूद लोग भी अंदर घुसे।

बैरिकेड हटाने से भीड़ बेकाबू

लोग अंदर घुसने लगे तो पंडाल का एक हिस्सा गिर गया। इसके बाद भगदड़ मची।

लोग अंदर घुसने लगे तो पंडाल का एक हिस्सा गिर गया। इसके बाद भगदड़ मची।

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