कोरबा। कोरबा तहसील कार्यालय के अंदर अलमारी के पीछे कोबरा सांप मिला। सांप की फुंकार सुनकर कर्मचारी घबरा गए और वहां से भागने लगे। कार्यालय में रोज बड़ी संख्या में लोग राजस्व संबंधी कामों के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में विषैले कोबरा की मौजूदगी से किसी अप्रिय घटना की आशंका बन गई थी।
सूचना मिलने पर वन विभाग और RCRS (Reptile Care and Rescuer Society) की टीम मौके पर पहुंची और सावधानीपूर्वक सांप का रेस्क्यू किया।
अलमारी के पीछे दुबका था कोबरा
कोबरा दिखाई देने के बाद तत्काल वन विभाग और RCRS कोरबा को सूचना दी गई। इसके बाद RCRS अध्यक्ष अविनाश यादव टीम के सदस्य मानस के साथ तहसील कार्यालय पहुंचे। कोबरा अलमारी के पीछे छिपा हुआ था, जिससे उसे सुरक्षित बाहर निकालना चुनौतीपूर्ण था।
टीम ने सावधानी बरतते हुए रेस्क्यू अभियान चलाया। इस दौरान कर्मचारियों और वहां मौजूद लोगों की सुरक्षा के साथ सांप को बिना नुकसान पहुंचाए बाहर निकालने पर विशेष ध्यान दिया गया।
रेस्क्यू के बाद जंगल में छोड़ा
सुरक्षित रेस्क्यू के बाद उप वनमंडलाधिकारी मणिकांत वर्मा के मार्गदर्शन में कोबरा को उसके प्राकृतिक आवास के अनुकूल जंगल में छोड़ दिया गया। वन विभाग और RCRS की तत्परता से संभावित अप्रिय घटना टल गई।
सांप दिखने पर खुद पकड़ने की कोशिश न करें
वन विभाग और RCRS की टीम ने लोगों से अपील की है कि घर, कार्यालय, दुकान, स्कूल या किसी सार्वजनिक स्थान पर सांप दिखाई देने पर घबराएं नहीं। उसे मारने या खुद पकड़ने की कोशिश न करें। विशेषकर कोबरा जैसे विषैले सांप से सुरक्षित दूरी बनाए रखें और तत्काल वन विभाग या प्रशिक्षित स्नेक रेस्क्यू टीम को सूचना दें।
सांप पारिस्थितिकी तंत्र का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। वे चूहों सहित कई जीवों की आबादी को नियंत्रित करने में भूमिका निभाते हैं। ऐसे में मानव और वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए समय पर सूचना देना और प्रशिक्षित टीम की मदद लेना जरूरी है।
कोरबा। कोरबा में आबकारी विभाग ने जिले में अवैध महुआ शराब के खिलाफ कार्रवाई करते हुए अलग-अलग क्षेत्रों से 53.6 लीटर महुआ शराब और 300 किलोग्राम महुआ लाहन जब्त किया है। कार्रवाई के दौरान पांच आरोपियों के खिलाफ आबकारी अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज किए गए हैं।
विभाग की कार्रवाई के बावजूद जिले के कई गांवों में अवैध महुआ शराब की बिक्री जारी रहने की शिकायतें सामने आ रही हैं। इससे परेशान ग्रामीण शराब बिक्री बंद कराने की मांग लेकर कलेक्ट्रेट भी पहुंच रहे हैं।
बुंदेली में 7 लीटर शराब और 30 किलो लाहन जब्त
पहली कार्रवाई बालको थाना क्षेत्र के ग्राम बुंदेली में की गई। यहां बोधराम श्रीवास (40), पिता घसिया श्रीवास के कब्जे से 7 लीटर महुआ शराब और 30 किलो महुआ लाहन जब्त किया गया। कार्रवाई आबकारी उपनिरीक्षक सुनील कुमार रात्रे के नेतृत्व में हुई। टीम में अनुजा बेक, संजय गुप्ता, भावेश साहू और कृष्णा कुमार राजवाड़े शामिल रहे।
दीपका क्षेत्र में दो प्रकरण दर्ज
दूसरी कार्रवाई दीपका वृत्त में आबकारी उपनिरीक्षक दीपमाला लक्षवानी ने की। यहां दो अलग-अलग मामलों में कार्रवाई की गई। बड़े बांका, थाना कटघोरा निवासी जगेश्वर मरकाम (38), पिता सुजान सिंह के पास से 6.2 लीटर महुआ शराब जब्त की गई। वहीं, डबरीपारा रजकम्मा निवासी अजीत टेकाम (23), पिता फूल सिंह के कब्जे से 11.2 लीटर महुआ शराब और 30 किलो महुआ लाहन बरामद किया गया।
तिलकेजा और भालूभटरा में भी कार्रवाई
तीसरी कार्रवाई उरगा थाना क्षेत्र के ग्राम तिलकेजा में हुई। यहां अन्नपूर्णा जायसवाल (35), पति राजकुमार के कब्जे से 11 लीटर महुआ शराब और 180 किलो महुआ लाहन जब्त किया गया। कार्रवाई आबकारी उपनिरीक्षक विपिन कुमार पाठक ने की।
चौथी कार्रवाई कटघोरा थाना क्षेत्र के भालूभटरा में की गई। यहां शांति बाई, पति पताइत राम के पास से 18.2 लीटर महुआ शराब और 60 किलो महुआ लाहन जब्त किया गया। कार्रवाई आबकारी उपनिरीक्षक डॉ. सुकांत पांडेय ने की।
कार्रवाई के बाद भी अवैध बिक्री की शिकायतें
आबकारी विभाग की ओर से अवैध महुआ शराब के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। कुछ दिन पहले भी दीपका क्षेत्र में अवैध महुआ शराब के मामले में कार्रवाई कर आरोपियों को जेल भेजा गया था। इसके बावजूद क्षेत्र में अवैध शराब कारोबार सक्रिय होने की शिकायतें सामने आ रही हैं।
बताया जा रहा है कि पकड़े जाने से बचने के लिए कुछ लोग गांवों के आसपास तालाबों और नदी किनारे अवैध शराब की भट्टियां संचालित करते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि कई गांवों में खुलेआम शराब की बिक्री से परेशानी हो रही है। इसे बंद कराने की मांग को लेकर ग्रामीण कलेक्ट्रेट पहुंच रहे हैं।
श्रमिकों एवं कर्मचारियों ने ली मज़बूत लोकतंत्र के निर्माण करने की शपथ
कोरबा। भारत निर्वाचन आयोग नई दिल्ली एवं मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी, छत्तीसगढ़ के निर्देशानुसार कलेक्टर कुणाल दुदावत के मार्गदर्शन में जिले में 5 अक्टूबर 2026 से प्रारम्भ होकर 31 अक्टूबर 2026 तक “विशेष मतदाता पंजीकरण अभियान”(Special Drive For Voter Registration) व्यापक रूप से संचालित किया जा रहा हैं।
इस कड़ी में दिनांक 27 अक्टूबर 2026 को अडानी पॉवर लिमिटेड संयंत्र पताड़ी उरगा में सहायक जिला स्वीप नोडल अधिकारी सतीश प्रकाश सिंह की उपस्थिति में युवा मतदाताओं को मतदाता सूची के “विशेष अभियान” में जोड़ने के लिए, ग्रामीण मतदाताओं का मतदाता सूची में पंजीकरण करने तथा उन्हें मतदान का महत्व बताने के लिए अडानी पॉवर प्लांट कम्युनिटी हॉल में “मतदाता जागरूकता कार्यक्रम” आयोजित किया गया।
कार्यक्रम में सहायक जिला स्वीप नोडल अधिकारी सतीश प्रकाश सिंह ने उपस्थित श्रमिकों, प्लांट के अधिकारी-कर्मचारियों को संबोधित करते हुए मज़बूत लोकतंत्र के निर्माण में प्रत्येक मतदाता के वोट का महत्व को बताया। श्री सिंह ने कहा कि जिले में मतदाता सूची से छूटे हुए सभी पात्र नागरिकों तथा पहली बार मतदाता बनने के लिए पात्र बने युवाओं के नाम जोड़ने के लिए विशेष मतदाता पंजीकरण अभियान दिनांक 5 अक्टूबर 2026 से प्रारंभ होकर 31 अक्टूबर 2026 तक चलाया जा रहा हैं।
इस विशेष पंजीकरण अभियान के अंतर्गत मतदाता पंजीकरण हेतु मतदाता सूची में वर्तमान में अपंजीकृत व्यक्ति या जिसका नाम मतदाता सूची से हटा दिया गया हो, ऐसा कोई भी व्यक्ति इस विशेष अभियान के दौरान पंजीकरण के लिए आवेदन कर सकता हैं। ऐसे मतदाताओं का चिन्हांकन कर, उनके पंजीकरण का कार्य किया जा रहा हैं। उन्होंने उपस्थित श्रमिकों, प्लांट के अधिकारी- कर्मचारियों से अपने परिवार, समुदाय तथा अपने संपर्क के 18 वर्ष की आयु पूर्ण करने वाले युवाओं का मतदाता सूची में पंजीकरण करवाने के लिए अपील की।
सहायक जिला स्वीप नोडल अधिकारी सतीश प्रकाश सिंह ने बताया कि विशेष पंजीकरण अभियान के तहत मतदान केंद्रों के बूथ लेवल अधिकारी BLO द्वारा घर-घर भ्रमण करके मतदाता सूची के निरंतर अद्धतीकरण की प्रक्रिया में सभी पात्र नागरिकों का पंजीकरण किया जा रहा हैं। इसका लाभ उठाते हुए सभी पात्र मतदाता अपना नाम मतदाता सूची में पंजीकरण करा सकते हैं।
सहायक जिला स्वीप नोडल अधिकारी सतीश प्रकाश सिंह ने कहा कि इस विशेष अभियान का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना हैं कि कोई भी पात्र नागरिक मतदाता सूची में नाम दर्ज होने से वंचित न रहे। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार पात्र नए युवा मतदाता फॉर्म-6 के माध्यम से पंजीकरण के लिए आवेदन कर सकते हैं। उन्होंने उपस्थितजनों को बताया कि 18 वर्ष या उससे अधिक आयु के पात्र नागरिकों के लिए ऑनलाइन पंजीकरण की सुविधा उपलब्ध हैं। पात्र नागरिक मोबाइल एप अथवा निर्वाचन आयोग के मतदाता सेवा पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। पोर्टल पर नए मतदाता पंजीकरण के लिए फॉर्म-6 भरने के साथ आवेदन की स्थिति देखने और मतदाता सूची में अपना नाम खोजने जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध हैं। उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित सभी से अपील की, कि वें मतदाता सूची में अपना नाम अवश्य जांचें और नाम शामिल नहीं होने की स्थिति में निर्धारित प्रक्रिया के तहत् अपना पंजीकरण अवश्य कराएं। सभी मतदान केंद्रों में ऑफलाइन आवेदन के लिए भी फॉर्म- 6 बीएलओ, ईआरओ, एईआरओ, जिला निर्वाचन कार्यालय के माध्यम से उपलब्ध हैं। उन्होंने बताया कि इस विशेष पंजीकरण अभियान में 17 वर्ष आयु से अधिक के युवाओं के लिए सभी शासकीय-अशासकीय हायर सेकेंडरी स्कूलों, महाविद्यालयों में भी प्राचार्य के माध्यम से पंजीकरण के लिए फॉर्म-6 भरा जा सकता हैं। इस अवसर पर समीर कुमार मित्रा चीफ़ बिज़नेस ऑफिसर अडानी पॉवर लिमिटेड ने सभी उपस्थितजनों को अनिवार्य रूप से मतदान करने के लिए अपना नाम तथा अपने परिवार के सभी पात्र सदस्यों का नाम मतदाता सूची में पंजीकरण करवाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने अडानी पॉवर लिमिटेड के समीपस्थ सभी ग्रामीण क्षेत्रों, ग्रामों, हाट-बाजारों में संयंत्र की ओर से मतदाता जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने में पूर्ण सहयोग देने का आश्वासन दिया।
कार्यक्रम के अंत में सहायक जिला स्वीप नोडल अधिकारी सतीश प्रकाश सिंह ने सभी श्रमिकों, अधिकारी-कर्मचारियों को मतदाता जागरूकता की शपथ दिलाई। कार्यक्रम का संचालन ताजेंद्र कुमार बंजारे सीएसआर हेड अडानी फाउंडेशन ने किया। कार्यक्रम मे अडानी पॉवर लिमिटेड संयंत्र के अधिकारीगण- मूला रवि ओ एंड एम हेड, एम एस विश्वकर्मा ऑपरेशनल हेड, बृजेश द्विवेदी एम टी पी हेड, आशीष अनसिंगकर ऑपरेशंस, प्रवीण चंदवादकर सी एंड आई हेड, अंशुल गौरहा ओ एंड एम अडानी पॉवर लिमिटेड सहित अन्य अधिकारी- कर्मचारी, श्रमिकगण उपस्थित थे।
खरीफ में धान का रकबा 2,961 हेक्टेयर घटा, रबी पड़ती भूमि में 10 प्रतिशत अतिरिक्त क्षेत्राच्छादन का लक्ष्य
कोरबा, 27 अक्टूबर 2026। कृषि उत्पादन आयुक्त एवं सचिव, कृषि एवं किसान कल्याण तथा जैव प्रौद्योगिकी विभाग, छत्तीसगढ़ शासन की अध्यक्षता में 23 अक्टूबर को बिलासपुर के मंथन सभागार में खरीफ 2026 की प्रगति और रबी 2026-27 के प्रस्तावित कार्यक्रम की संभागीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई थी। बैठक में दिए गए निर्देशों के पालन के संबंध में कलेक्टर कुणाल दुदावत ने आज कृषि विभाग के मैदानी अमले की समीक्षा बैठक लेकर अधिकारियों को विस्तृत दिशा-निर्देश दिए। बैठक में खरीफ फसल क्षेत्राच्छादन, फसल विविधीकरण, रबी पड़ती भूमि में अतिरिक्त खेती, ग्रीष्मकालीन धान का रकबा कम करने, प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान (पीएम-आशा) की प्राइस सपोर्ट स्कीम, वैकल्पिक पोषण प्रबंधन, प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना तथा एकीकृत किसान पोर्टल पर किसानों के पंजीयन की समीक्षा की गई। कलेक्टर ने किसानों को धान के स्थान पर दलहन एवं तिलहन सहित अन्य फसलें लेने के लिए प्रोत्साहित करने और समय-सीमा में पंजीयन कराने के निर्देश दिए।
दलहन-तिलहन का रकबा बढ़ाने और रबी की तैयारी पर जोर
समीक्षा में बताया गया कि खरीफ 2026 में जिले में धान का रकबा 2,961 हेक्टेयर कम हुआ है। किसानों को फसल विविधीकरण के लिए प्रोत्साहित करते हुए धान के स्थान पर अन्य फसल लेने पर 15 हजार रुपये प्रति एकड़ तथा धान के अतिरिक्त अन्य फसल लेने पर 10 हजार रुपये प्रति एकड़ की सहायता के लिए एकीकृत किसान पोर्टल पर समय-सीमा में पंजीयन कराने को कहा गया। पीएम-आशा की प्राइस सपोर्ट स्कीम के अंतर्गत अधिसूचित दलहन एवं तिलहन फसलों के उपार्जन के लिए भी किसानों का पंजीयन कराने के निर्देश दिए गए। रबी 2026-27 में रबी पड़ती भूमि पर अतिरिक्त 10 प्रतिशत क्षेत्र में खेती बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है। कलेक्टर ने जलभराव वाले क्षेत्रों को छोड़कर शेष क्षेत्र में ग्रीष्मकालीन धान का रकबा शून्य करने तथा किसानों की मांग के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण बीज का भंडारण और वितरण सुनिश्चित करने को कहा। करतला विकासखंड में 100 हेक्टेयर क्षेत्र में सूरजमुखी की खेती कराने और जिले में दलहन-तिलहन का क्षेत्र विस्तार 10 हजार हेक्टेयर तक करने का लक्ष्य दिया गया। कृषि यांत्रिकीकरण योजना के तहत किसानों का चौम्प्स पोर्टल पर पंजीयन कर लक्ष्य के अनुसार कृषि यंत्र वितरित करने तथा सूक्ष्म सिंचाई के अंतर्गत 700 हेक्टेयर के लक्ष्य के अनुरूप स्प्रिंकलर पंप सेट के लिए किसानों का पंजीयन कराने के निर्देश दिए गए। टिकाऊ कृषि को बढ़ावा देने के लिए योजना से जुड़े किसानों के रकबे का पीजीएस प्रमाणीकरण कराने को कहा गया। बैठक में छत्तीसगढ़ राज्य बीज प्रमाणीकरण संस्था के अधिकारियों ने पीजीएस प्रमाणीकरण की प्रक्रिया का प्रशिक्षण दिया।
मृदा स्वास्थ्य कार्ड, किसान सम्मान निधि और उर्वरक वितरण की समीक्षा
कलेक्टर ने प्रत्येक ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी को 250 मृदा नमूने एकत्र करने और जिले में कुल 25 हजार मृदा स्वास्थ्य कार्ड वितरण का लक्ष्य पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि और किसान क्रेडिट कार्ड योजना से सभी पात्र किसानों को जोड़ने पर भी जोर दिया। बैठक में कृषि विभाग के मैदानी अमले को टोकन और क्यूआर कोड के माध्यम से उर्वरक वितरण के लिए नवीन मोबाइल ऐप का प्रशिक्षण दिया गया। कलेक्टर ने निर्देशित किया कि किसानों को योजनाओं की जानकारी देने, पंजीयन कराने और विभागीय लक्ष्यों की पूर्ति के लिए मैदानी अमला गांवों में सक्रियता से कार्य करे। बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रतीक जैन , उप संचालक कृषि, सहायक संचालक कृषि तथा बीज निगम एवं बीज प्रमाणीकरण संस्था के अधिकारियों सहित कृषि विभाग का मैदानी अमला उपस्थित रहा।