मंत्री लखन लाल देवांगन ने एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया
पेड़-पौधे प्रकृति का आभूषण, मां के नाम पौधरोपण कर करें हरियाली का विस्तार
कटघोरा उपजेल परिसर में वनमहोत्सव का हुआ आयोजन,
तेंदूपत्ता महिला संग्राहकों को चरण पादुका किया गया वितरित
कोरबा/कटघोरा। कटघोरा वनमण्डल अंतर्गत उपजेल कटघोरा परिसर में वाणिज्य उद्योग व श्रम मंत्री छत्तीसगढ़ शासन लखन लाल देवांगन के मुख्य आतिथ्य में तेंदूपत्ता महिला संग्राहकों को चरण पादुका वितरण व एक पेड़ मां के नाम 2.0 वनमहोत्सव का आयोजन किया गया। इस अवसर पर विधायक कटघोरा प्रेमचंद पटेल, विधायक प्रतिनिधि दुष्यंत शर्मा, अभिषेक गर्ग, मन्नू राठौर सहित कई भाजपा नेता, कलेक्टर अजीत वसंत, पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी, वनमण्डलाधिकारी कटघोरा कुमार निशांत सहित अन्य जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक, बड़ी संख्या में तेंदूपत्ता संग्राहक परिवार व उप वनमण्डलाधिकारीद्वय संजय त्रिपाठी, चंद्रकांत टिकरिया, रेंजर संजय लकड़ा-पाली, अशोक मन्नेवार-कटघोरा, दिनेश कुर्रे-चैतमा, अभिषेक कुमार दुबे-केंदई/एतमानगर, गजेंद्र दोहरे-जटगा, दहायत-पसान, प्रशिक्षुक रेंजर श्री मिश्रा सहित वन अधिकारी/कर्मचारी एवं राजस्व विभाग के अधिकारी उपस्थित थे। कार्यक्रम में मंत्री देवांगन सहित सभी जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया एवं आमजनो को अधिक से अधिक पेड़ लगाकर सहभागिता निभाने एवं अभियान को सफल बनाने का आग्रह किया। कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कैबिनेट मंत्री देवांगन ने कहा कि पेड़ पौधे प्रकृति के आभूषण है। इनका संरक्षण आवश्यक है। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण को समर्पित प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रेरक अभियान एक पेड़ माँ के नाम को अब देश-प्रदेश में जनआंदोलन के रूप में पहचान मिल रही है। इस पहल के अंतर्गत लोगों को अपने मातृत्व भाव के प्रतीक स्वरूप एक पेड़ लगाने व हरियाली का विस्तार करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। मंत्री देवांगन ने कहा कि यह अभियान न केवल पर्यावरण को बचाने का माध्यम है, बल्कि इसमें मां के प्रति श्रद्धा और प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता का सुंदर समन्वय है। इस हेतु हम सभी को वृहद स्तर पर पौध रोपण कर इस अभियान को सफल बनाना है।
कैबिनेट मंत्री देवांगन ने कहा कि प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह के कार्यकाल में प्रारंभ चरण पादुका योजना का पुनः संचालन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आज कार्यक्रम में वनों के विषम परिस्थितियों में तेंदूपत्ता जैसे अनेक वनोपजों का संग्रहण करने वाली महिलाओं को चरण पादुका प्रदान किया जा रहा है। देवांगन ने कहा कि प्रदेश में मुख्यमंत्री साय के नेतृत्व में प्रधानमंत्री मोदी के गारंटी के तहत की गई वादों को पूरा करने का कार्य किया है। सरकार गठन के साथ ही 18 लाख आवास निर्माण की स्वीकृति, 2 साल के धान का बकाया बोनस , 3100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी, महतारी वंदन योजना से महिलाओं को प्रति माह एक हजार रुपये की आर्थिक सहायता, 5500 रुपए मानक बोरा में तेंदूपत्ता की खरीदी कर हितग्राहियों को लाभ दिलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार जनता के हित मे लगातार जनकल्याणकारी योजनाओं का संचालन कर विकास की नई ऊंचाईयों में पहुचाने का काम कर रही है। महिलाओं को चरण पादुका पहनाकर बढ़ाया मान, वनोपज संग्राहकों को मिल रहा शासन का साथ
इस दौरान मंत्री देवांगन ने चरण पादुका वितरण योजना के तहत तेंदूपत्ता महिला संग्राहकों को चरण पादुका पहनाकर उनका मान बढ़ाया। उन्होंने बताया कि कटघोरा वनमण्डल अंतर्गत लगभग 64 हजार महिला संग्राहकों को चरण पादुका वितरित किया जाएगा।
प्रकृति को मां के रूप में देखने का भाव हमारे संस्कारों में रहा – विधायक पटेल विधायक कटघोरा पटेल ने कहा कि प्रकृति को मां के रूप में देखने का भाव हमारे संस्कारों में रहा है। जब हम एक पेड़ अपनी मां के नाम पर लगाते हैं, तो यह केवल एक पौधरोपण नहीं होता, बल्कि यह हमारी सांस्कृतिक चेतना और पर्यावरणीय जिम्मेदारी का प्रतीक बन जाता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के आह्वान पर एक पेड़ मां के नाम कार्यक्रम के तहत आमजन बढ़ चढ़ कर सामाजिक दायित्व के साथ अपने आस पास पौधरोपण कर रहे है। राज्य सरकार द्वारा कल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से हर वर्ग को लाभान्वित किया जा रहा है। वनोपज संग्रहण करने वाले परिवारों को लाभ पहुँचाने हेतु 5500 रुपए प्रति मानक बोरा की दर पर तेंदूपत्ता की खरीदी की जा रही है। चरण पादुका का वितरण कर महिलाओं को सम्मानित किया जा रहा है।
कलेक्टर अजीत वसंत ने आमजनों से अपील की कलेक्टर अजीत वसंत ने आमजनों से अपील की है कि वे पर्यावरण संरक्षण के लिए आगे आएं और हर व्यक्ति एक पौधा अपनी मां के नाम पर लगाने का संकल्प लें। उन्होंने कहा कि यह पहल न केवल हमारे वातावरण को हरा-भरा बनाएगी, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए एक स्वच्छ, सुरक्षित और स्वस्थ पर्यावरण की नींव भी तैयार करेगी। कलेक्टर ने इस अभियान को जनभागीदारी से आगे बढ़ाने का आग्रह करते हुए कहा कि यह केवल एक पौधरोपण नहीं, बल्कि मातृ सम्मान और प्रकृति प्रेम का प्रतीक है, जिसे हर व्यक्ति को अपनाना चाहिए।
डीएफओ कटघोरा कुमार निशांत ने कहा कि स्वस्थ समाज के लिए स्वच्छ और हरित पर्यावरण अनिवार्य डीएफओ कटघोरा कुमार निशांत ने कहा कि स्वस्थ समाज के लिए स्वच्छ और हरित पर्यावरण अनिवार्य है। पौधरोपण केवल पर्यावरण की सेवा नहीं, यह आने वाली पीढ़ियों के प्रति हमारी जिम्मेदारी है। उन्होंने बताया कि एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत कटघोरा वनमण्डल में वर्ष 2025 में 65 हजार 456 नग पौधेरोपित करने का लक्ष्य है। साथ ही कटघोरा वनमण्डल में 44 लघु वनोपज समितियों के 63 हजार 636 तेंदूपत्ता महिला संग्राहकों को चरण पादुका का वितरण किया जाएगा।
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित लोगों ने उपजेल कटघोरा के परिसर में “एक पेड़ मां के नाम 2.0 वनमहोत्सव अंतर्गत पौधरोपण किया और अपने आस पास के लोगो को भी पौधरोपण हेतु प्रेरित करने का संकल्प लिया।
निःशुल्क पौधा वितरण वाहन को हरी झंडी दिखाकर किया रवाना
कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री देवांगन सहित अन्य अतिथियों द्वारा निःशुल्क पौधा वितरण वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह वाहन शहरी व ग्रामीण क्षेत्रो में घूम घूम कर आमजनो को निःशुल्क पौधा प्रदान करेगा।
रायपुर में आयोजित स्टार रेटिंग पुरस्कार समारोह 2026 में सुरक्षित, कुशल एवं पर्यावरण अनुकूल खनन की उत्कृष्ट कार्यप्रणालियों को मिला सम्मान
केंद्रीय कोयला एवं खान राज्य मंत्री सतीश चंद्र दुबे ने पुरस्कार वितरित करने के बाद अपने संबोधन में जिम्मेदार एवं सतत खनन पर दिया जोर
रायपुर, 2 नवंबर 2026। भारत सरकार के कोयला मंत्रालय द्वारा आज रायपुर, छत्तीसगढ़ स्थित मेफेयर लेक रिसॉर्ट में स्टार रेटिंग पुरस्कार समारोह 2026 का आयोजन किया गया। समारोह में वित्त वर्ष 2024-25 के मूल्यांकन के आधार पर कोयला एवं लिग्नाइट खनन के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली देश की कुल 50 पांच सितारा खदानों को सम्मानित किया गया। इनमें 15 भूमिगत (अंडरग्राउंड) तथा 35 ओपनकास्ट खदानें शामिल हैं। इन पुरस्कारों के माध्यम से सुरक्षित, कुशल, वैज्ञानिक एवं पर्यावरण अनुकूल खनन की दिशा में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल करने वाली खदानों के योगदान को मान्यता दी गई।
समारोह के मुख्य अतिथि केंद्रीय कोयला एवं खान राज्य मंत्री सतीश चंद्र दुबे ने पुरस्कार वितरित किए। पुरस्कार वितरण के पश्चात अपने संबोधन में उन्होंने कोयला क्षेत्र में उत्कृष्टता, सुरक्षित खनन, पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास के महत्व पर प्रकाश डालते हुए जिम्मेदार एवं सतत खनन पद्धतियों को अपनाने पर जोर दिया।
कार्यक्रम में कोयला मंत्रालय के अपर सचिव सानोज कुमार झा, कोल इंडिया लिमिटेड के अध्यक्ष बी. साईराम, कोयला नियंत्रक संगठन (CCO), नई दिल्ली के कोयला नियंत्रक सतीश कुमार सहित कोयला मंत्रालय एवं विभिन्न कोयला कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। समारोह में देश की विभिन्न कोयला कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारियों एवं प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया।
छत्तीसगढ़ के लिए भी यह समारोह विशेष उपलब्धि का अवसर रहा। पांच सितारा रेटिंग प्राप्त खदानों की सूची में दक्षिण पूर्वी कोलफील्ड्स लिमिटेड (SECL) की तीन भूमिगत खदानें—बंगवार अंडरग्राउंड माइन, खैराहा UG माइन और बहेराबांध UG माइन—शामिल हैं। इसके अतिरिक्त छत्तीसगढ़ स्टेट पावर जनरेशन कंपनी लिमिटेड की गेरे पेलमा सेक्टर-III कोल माइन तथा पारसा केंटे कोलियरीज लिमिटेड की पारसा ईस्ट एंड कांटा बासन ओपनकास्ट कोल माइन को भी पांच सितारा रेटिंग प्राप्त हुई है।
कोयला मंत्रालय की स्टार रेटिंग नीति के अंतर्गत कोयला एवं लिग्नाइट खदानों के प्रदर्शन का विभिन्न निर्धारित मानकों पर व्यापक मूल्यांकन किया जाता है। इनमें परिचालन दक्षता, उत्पादन एवं उत्पादकता, तकनीकी नवाचार, व्यावसायिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा, पर्यावरण प्रबंधन, सतत विकास तथा स्थानीय समुदायों के कल्याण से जुड़े पहलू शामिल हैं। मूल्यांकन एवं सत्यापन की प्रक्रिया कोयला नियंत्रक संगठन द्वारा नियुक्त समीक्षकों के माध्यम से की जाती है।
स्टार रेटिंग प्रणाली का उद्देश्य खदानों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देना तथा उत्कृष्ट कार्यप्रणालियों को व्यापक रूप से अपनाने के लिए प्रेरित करना है। यह पहल देश के कोयला क्षेत्र में पारदर्शिता, जवाबदेही और प्रदर्शन आधारित कार्यसंस्कृति को सुदृढ़ करने के साथ-साथ वैज्ञानिक, सुरक्षित एवं सतत खनन को प्रोत्साहित करती है।
कोयला मंत्रालय की यह पहल देश की ऊर्जा सुरक्षा और आर्थिक विकास में कोयला क्षेत्र के योगदान को मजबूत करने के साथ-साथ प्राकृतिक संसाधनों के जिम्मेदार उपयोग एवं पर्यावरण संरक्षण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को भी दर्शाती है।
कोरबा 02 नवम्बर 2026। कोरबा शहर के घन्टाघर चौक स्थित डॉ भीमराव अंबेडकर ओपन आडिटोरियम परिसर में तीन दिवसीय राज्योत्सव का आयोजन किया गया। यहाँ विभिन्न विभागों द्वारा शासन की कल्याणकारी योजनाओं पर आधारित प्रदर्शनी और योजनाओं की जानकारी दी जा रही है।
इसी कड़ी में जनसंपर्क विभाग द्वारा स्टॉल लगाकर शासन की योजनाओं के संबंध में जानकारी दी गई। जिले के विकास प्रगति तथा विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन की जानकारी भी प्रदर्शित की गई। जिले के हितग्राहियों को प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना, युक्तियुक्त करण एवं अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति से विद्यार्थियों के शैक्षणिक स्तर में सुधार, जल जीवन मिशन अंतर्गत लगे नल, पहाड़ी कोरवाओं के युवा बेरोजगारों को मिली नौकरी के बाद जीवन में सकारात्मक परिवर्तन, महतारी वंदन योजना, प्रधानमंत्री आवास एवं अन्य योजनाओं के लाभ से जीवन में आए बदलाव को बताया गया।
स्टॉल में जनसंपर्क विभाग द्वारा प्रकाशित मासिक पत्रिका जनमन सहित अन्य ब्रोसर,पाम्पलेट व पत्रिकाओं का वितरण भी आमनागरिको को किया गया। यहाँ से शासन की योजनाओं की जानकारी प्राप्त कर युवाओं द्वारा बताया गया कि जनमन जैसी पत्रिका उनके लिए बहुत उपयोगी है। पत्रिका में शासन द्वारा संचालित सभी योजनाओं की जानकारी होती है। जो कि प्रतियोगिता परीक्षा की तैयारी में काम आती है। साथ ही आमजनों को स्टॉल में लगी फोटो प्रदर्शनी के माध्यम अनेक विभागीय योजनाओं की भी जानकारी प्राप्त हुई। जिससे वे उन योजनाओं से जुड़कर निश्चित ही लाभांवित होंगे। राज्योस्थल पर महिला एवं बाल विकास, शिक्षा, आदिम जाति विकास, वन, कृषि, मछली पालन, क्रेडा स्वास्थ्य, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, उद्योग, रेशम, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सहित अन्य विभागों द्वारा अपने स्टॉल के माध्यम से विभागीय योजनाओं, उपलब्धियों और जनकल्याणकारी कार्यक्रमों की जानकारी दी जा रही है। नागरिक इन स्टॉलों का अवलोकन कर योजनाओं से जुड़ी जानकारी प्राप्त कर रहे हैं।
दो दुकानों से मिठाइयों के नमूने लिए, चार दुकानों पर 13 हजार रुपये का जुर्माना
कोरबा, 2 नवंबर 2026। कलेक्टर कुणाल दुदावत के निर्देश पर खाद्य एवं औषधि प्रशासन, राजस्व प्रशासन तथा नगर पालिक निगम की संयुक्त टीम ने मिठाई दुकानों का निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान निहारिका स्थित मधु स्वीट्स से खोवा तथा टीपी नगर स्थित न्यू दिल्ली स्वीट्स से काजू कतली का नमूना जाँच के लिए लिया गया। खाद्य मानकों का पालन नहीं करने पर निहारिका स्थित रवि डेयरी पर 3,000 रुपये और लल्ला कैफे पर 2,000 रुपये का जुर्माना लगाया गया। टीपी नगर स्थित नेचुरल स्वीट्स पर 3,000 रुपये तथा सुगर क्राउन पर 5,000 रुपये का जुर्माना लगाया गया। संयुक्त टीम ने दुकानदारों को खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और स्वच्छता मानकों का पालन करने के निर्देश दिए।