नई दिल्ली, एजेंसी। बालाकोट एयरस्ट्राइक के दौरान 60 घंटे पाकिस्तान की कैद में रहे पूर्व ग्रुप कैप्टन अभिनंदन वर्तमान ने एयरफोर्स से रिटायरमेंट ले लिया है। उन्होंने गोवा की प्राइवेट एयरलाइन फ्लाई-91 जॉइन कर ली है। उनका सामान्य रिटायरमेंट 2037 में होना था, जब वे 54 वर्ष के होते। न्यूज एजेंसी PTI के मुताबिक, उन्होंने 31 मार्च 2026 को वायुसेना छोड़ी और अगस्त में प्राइवेट एयरलाइन जॉइन की। करीब दो दशक की सर्विस के बाद अब वे कॉमर्शियल यात्री विमान के पायलट होंगे।
अभिनंदन वायुसेना में MiG-21 फाइटर उड़ाते थे। 27 फरवरी 2019 को पाकिस्तानी के F-16 लड़ाकू विमान को मार गिराने के दौरान उनका विमान मिसाइल की चपेट में आ गया था। जेट से इजेक्ट होकर वे पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में उतरे थे।
PoK में पाकिस्तानी फौज ने उन्हें पकड़ लिया था। भारत के जबर्दस्त दबाव के चलते करीब 60 घंटे बाद, 1 मार्च 2019 को अटारी बॉर्डर के जरिए उनकी वापसी हुई थी। 2021 में उन्हें वीर चक्र से सम्मानित किया गया था।
अभिनंदन को प्राइवेट एयरलाइन जॉइन करने से क्या फायदा
एयरफोर्स से करीब एक लाख पेंशन मिलेगी
ग्रुप कैप्टन अभिनंदन ने वायुसेना में 20 साल की सर्विस की है। पूर्व सैनिक कल्याण विभाग के मुताबिक, ग्रुप कैप्टन का मूल वेतन रू.1.40–2.18 लाख और एमएसपी रू.15,500 होता है। भत्तों को मिलाएं तो यह ज्यादा भी हो सकता है। इस हिसाब से उन्हें करीब रू.88–98 हजार महीना पेंशन मिल सकती है। इसके अलावा महंगाई राहत भी मिलती है। अभिनंदन की वास्तविक पेंशन उनके अंतिम वेतन और सेवा रिकॉर्ड से तय होगी।
फ्लाई-91 एयरलाइन में 10 लाख से ज्यादा सैलरी हो सकती है
पायलट ट्रेनिंग कराने वाले एजुकेशन प्लेटफॉर्म पायलट शाला के मुताबिक, प्राइवेट कंपनी में पायलट को हर महीने रू.5 लाख से रू.8 लाख सैलरी मिलती है। सीनियर कैप्टन बनने पर यह रू.10 लाख+ तक हो सकती है। लेकिन अभिनंदन वायुसेना के पूर्व पायलट हैं इसलिए यह सैलरी और भी ज्यादा हो सकती है।
वे ATR 72-600 विमान उड़ाएंगे। प्राइवेट सेक्टर में बेस सैलरी के अलावा प्रति घंटे उड़ान के हिसाब से मिलने वाला फ्लाइंग अलाउंस, लेओवर पे और इंटरनेशनल बोनस जैसे फायदे भी मिलते हैं।
पुलवामा हमले के बाद भारत ने बालाकोट एयरस्ट्राइक की
14 फरवरी 2019 को पुलवामा में CRPF के काफिले पर आतंकी हमला हुआ था। इसमें 40 जवान शहीद हुए थे। इसके जवाब में भारत ने 26 फरवरी को पाकिस्तान के बालाकोट में एयरस्ट्राइक की थी।
इसके अगले दिन कई पाकिस्तानी लड़ाकू विमान LoC की ओर बढ़ा। उस समय अभिनंदन श्रीनगर एयरफोर्स स्टेशन पर MiG-21 बाइसन स्क्वाड्रन में तैनात थे। वह ऑपरेशनल रेडीनेस ड्यूटी पर थे।
MiG-21 पर हमले के बाद पैराशूट से पाकिस्तान में उतरे अभिनंदन
पाकिस्तानी विमानों का पता चलने के करीब पांच मिनट बाद अभिनंदन को उन्हें रोकने के लिए भेजा गया। आधिकारिक प्रशस्ति-पत्र के मुताबिक, उन्होंने पीछे हट रहे एक दुश्मन विमान का पीछा किया और हवाई लड़ाई में उसे मार गिराया।
हवाई लड़ाई के दौरान पाकिस्तानी विमान ने कई बियॉन्ड विजुअल रेंज (BVR) मिसाइलें दागीं। इनमें से एक मिसाइल अभिनंदन के विमान से टकराई।
विमान को नुकसान पहुंचने के बाद अभिनंदन ने इजेक्ट किया। वह पैराशूट से पाकिस्तान के इलाके में उतरे, जहां उन्हें पाकिस्तानी सुरक्षाबलों ने पकड़ लिया।
अभिनंदन को पहले स्थानीय लोगों और फिर पाकिस्तानी सेना ने पकड़ा और उनके साथ मारपीट की गई थी।
भारत के दबाव में पाकिस्तान ने 60 घंटे में छोड़ा
अभिनंदन की गिरफ्तारी के बाद भारत ने राजनयिक स्तर पर तत्काल विरोध दर्ज कराया और उनकी सुरक्षित व जल्द वापसी की मांग की। घायल हालत में उनका वीडियो जारी करने पर भी भारत ने पाकिस्तान से आपत्ति जताई।
इस बीच दोनों देशों के बीच सैन्य तनाव चरम पर था। 28 फरवरी को पाकिस्तान ने अभिनंदन को लौटाने का ऐलान किया और 1 मार्च को करीब 60 घंटे बाद वे वाघा-अटारी सीमा से भारत लौट आए।
1 मार्च 2019 की रात अभिनंदन पाकिस्तान से भारत पहुंच चुके थे। यह तस्वीर तभी की है। उनके साथ हैं पाकिस्तान की विदेश सेवा की सीनियर डिप्लोमेट डॉ. फरीहा बुगती।
बहादुरी के लिए अभिनंदन को वीर चक्र मिला
इस कार्रवाई के लिए अभिनंदन को 2021 में वीर चक्र से सम्मानित किया गया। वीर चक्र, परमवीर चक्र और महावीर चक्र के बाद तीसरा सबसे बड़ा युद्धकालीन वीरता पुरस्कार है।
भारत सरकार के राजपत्र में प्रकाशित प्रशस्ति-पत्र के मुताबिक, अभिनंदन ने पाकिस्तानी विमानों की संख्या और तकनीकी बढ़त के बावजूद उनका साहस के साथ मुकाबला किया। उनके आक्रामक रवैये से दुश्मन के विमानों की रणनीति गड़बड़ा गई।
तत्कालीन राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने अभिनंदन को वीर चक्र से सम्मानित किया था।
अभिनंदन को ट्रेनिंग लेनी होगी, 22 साल काम कर सकते हैं
एयरफोर्स से रिटायर पायलट DGCA के नियमों के तहत जरूरी सिविल पायलट लाइसेंस, ट्रेनिंग और मेडिकल फिटनेस पूरी कर एयरलाइन में काम कर सकते हैं। हालांकि वे सीधे एयरबस या बोइंग नहीं उड़ा सकते, संबंधित विमान की टाइप रेटिंग और ट्रेनिंग जरूरी होती है।
भारत में कमर्शियल एयर ट्रांसपोर्ट के पायलट की अधिकतम उम्र 65 साल है। 60-65 साल की उम्र में मल्टी-क्रू ऑपरेशन के तहत साथ उड़ने वाला दूसरा पायलट 60 साल से कम उम्र का होना चाहिए। इसके अलावा पायलट को संबंधित लाइसेंस, मेडिकल फिटनेस और विमान के मुताबिक जरूरी योग्यता बनाए रखनी होती है।
गोवा और हैदराबाद में FLY91 एयरलाइन का बेस
FLY91 एक क्षेत्रीय एयरलाइन है, जिसने मार्च 2024 में कॉमर्शियल उड़ानें शुरू की थीं। इसका फोकस छोटे शहरों को हवाई सेवा से जोड़ने और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी बढ़ाने पर है।
एयरलाइन के बेड़े में फिलहाल 6 ATR 72-600 विमान हैं। ये टर्बोप्रॉप विमान कम दूरी की उड़ानों के लिए इस्तेमाल किए जाते हैं और इनमें करीब 70 यात्री बैठ सकते हैं।
FLY91 के दो प्रमुख बेस गोवा और हैदराबाद में हैं। एयरलाइन इन्हीं केंद्रों से अलग-अलग क्षेत्रीय शहरों के बीच उड़ानों का संचालन करती है।
नई दिल्ली, एजेंसी। चुनाव आयोग के अफसर मनीष गर्ग के कामकाज के विवाद पर अब नई जानकारी सामने आई है। RTI से खुलासा हुआ है कि दो चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने कैबिनेट सचिव टीवी सोमनाथन को अलग-अलग लेटर लिखकर उनके कामकाज की शिकायत की थी। लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई।
RTI जवाब में बताया गया, कैबिनेट सचिवालय ने ये शिकायतें चुनाव आयोग की ओर से आधिकारिक नहीं मानीं। सचिवालय का मानना था कि इस स्तर पर कार्रवाई करना उचित नहीं होगा। इसे संवैधानिक संस्था के काम में दखल माना जा सकता है।
यह जानकारी RTI एक्टिविस्ट लोकेश के. बत्रा को दी गई। गर्ग पर आरोप है कि उन्होंने चुनाव आयोग या संबंधित अधिकारियों से चर्चा किए बिना वरिष्ठ अधिकारियों के कामकाज को बदलने वाला आदेश जारी किया था। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, दोनों आयुक्तों ने उनके आदेश को पलट दिया था।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, 30 जुलाई को दोनों चुनाव आयुक्तों ने मनीष गर्ग के काम के बंटवारे से जुड़ा आदेश रद्द कर दिया। साथ ही, निर्देश दिया कि आयोग में किसी बदलाव पर सहमति बनने तक पुरानी व्यवस्था जारी रहेगी।
गर्ग 2024 में चुनाव आयुक्त में नियुक्त हुए
मनीष गर्ग 1996 बैच के हिमाचल प्रदेश कैडर के आईएएस अधिकारी हैं। अगस्त 2024 में केंद्र सरकार की कैबिनेट नियुक्ति समिति (एसीसी) ने उन्हें चुनाव आयोग में उप चुनाव आयुक्त बनाने की मंजूरी दी थी। उन्होंने 2 सितंबर 2024 को पद संभाला। इससे पहले वे हिमाचल प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी थे।
पहले भी विवादों में आया मनीष गर्ग का नाम
मनीष गर्ग का नाम मतदाता सूची के आईटी सिस्टम के संचालन और अधिकारियों को उसकी पहुंच मिलने से जुड़े विवाद में भी सामने आया था। द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू ने ERONet सॉफ्टवेयर पर निर्वाचन अधिकारियों की पहुंच को लेकर सवाल उठाए थे। उनका कहना था कि कई निर्वाचन अधिकारियों को सिस्टम का पूरा एक्सेस नहीं मिल रहा था, जिससे मतदाता सूची से जुड़े उनके वैधानिक काम प्रभावित हो सकते थे।
दो चुनाव आयुक्तों ने 14 बार आपत्ति जताई थी
25 सितंबर: इंडियन एक्सप्रेस ने रिपोर्ट किया था कि दो चुनाव आयुक्तों ने 10 महीनों में कम-से-कम 14 बार आयोग के फैसलों और प्रक्रियाओं पर आपत्ति जताई थी। इसमें मतदाता सूची के डेटा पर नियंत्रण और अधिकारियों को जानकारी नहीं दिए जाने के मुद्दे भी शामिल थे।
26 सितंबर: चुनाव आयोग ने अपने बयान में कहा कि मनीष गर्ग के काम के बंटवारे संबंधी आदेश लागू नहीं किए गए थे और IT विभाग की निगरानी वास्तव में नहीं हटाई गई थी।
3 अक्टूबर: कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने मनीष गर्ग की भूमिका और आयोग के IT सिस्टम से जुड़े कामकाज पर सवाल उठाए थे।
21 अक्टूबर: RTI से मिली जानकारी के मुताबिक दोनों आयुक्तों के पत्र कैबिनेट सचिवालय पहुंचे थे और आगे संबंधित अधिकारियों को भेजे गए। पत्रों में क्या था, यह सामने नहीं आया था।
मुंबई, एजेंसी। अमिताभ बच्चन और पंजाबी सिंगर दिलजीत दोसांझ को शुक्रवार को जान से मारने की धमकी दी गई है। मुंबई की मेयर रितु तावड़े को यह धमकी भरा ई-मेल भेजा गया।
इसमें अमिताभ बच्चन के बंगले ‘जलसा’ को बम से उड़ाने की बात लिखी गई। कहा गया कि 31 अक्टूबर से 27 नवंबर के बीच कभी भी बंगले को निशाना बनाया जा सकता है। हमला 1984 के ‘ऑपरेशन ब्लू स्टार’ का बदला होगा।
इसी मेल में गायक दिलजीत दोसांझ को भी आत्मघाती हमले में मारने की धमकी दी गई है। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। यह मेल तब आया है, जब 5 दिन पहले रविवार को एक्टर टाइगर श्रॉफ पर मुंबई में फायरिंग की गई। इस हमले की जिम्मेदारी लॉरेंस गैंग ने ली थी।
ई-मेल में खालिस्तान समर्थक नारे लिखे
मुंबई मेयर को भेजे गए मेल में खालिस्तान समर्थक नारे लिखे गए हैं। इसमें 1984 के सिख-विरोधी दंगों का भी जिक्र है। मेल में कहा गया कि दिलजीत ने अमिताभ बच्चन के पैर छूए थे इसलिए उस पर हमला किया जाएगा। मेल में लिखा है कि 27 नवंबर को दिलजीत को महालक्ष्मी रेस कोर्स में आत्मघाती हमले में मारना है। धमकी भरा ईमेल मिलने के बाद मुंबई पुलिस, पुलिस की डॉग स्क्वॉड और बम स्क्वॉड की टीमें बीएमसी मुख्यालय पहुंचीं। मेयर और डिप्टी मेयर कार्यालय सहित विभिन्न चैंबर्स की भी तलाशी ली। मुंबई पुलिस और साइबर सेल ईमेल की जांच में जुटे हैं।
बीएमसी में मेयर के ऑफिस की जांच करती हुईं जांच टीमें ।
रविवार को टाइगर श्रॉफ पर हुई थी फायरिंग
शूटर्स ने टाइगर श्रॉफ की कार को निशाना बनाकर 5 राउंड फायरिंग की थी।
मुंबई में 18 अक्टूबर को टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग की घटना हुई। टाइगर फुटबॉल खेलने के बाद जुहू इलाके से निकल रहे थे, तभी उनकी कार पर गोलियां चलाई गईं। इस घटना में टाइगर को गोली नहीं लगी, लेकिन उनके ड्राइवर और एक अन्य व्यक्ति घायल हो गए थे।
इस मामले में अब तक 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें हरियाणा के 7 आरोपी, उत्तर प्रदेश की दो महिलाएं और बिहार का एक युवक शामिल है।
मुंबई के कई स्कूलों को भी मिले धमकी भरे मेल
इसके साथ ही मुंबई के दादर स्थित कई प्रमुख स्कूलों को भी धमकी भरे ईमेल मिले हैं। जानकारी के मुताबिक शुक्रवार सुबह दादर के करीब 4 स्कूलों को ये ईमेल मिले। सूचना मिलते ही मुंबई पुलिस ने तुरंत स्कूलों की तलाशी ली।
तलाशी अभियान के दौरान पुलिस को कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला। हालांकि, इन धमकी भरे ईमेल के कारण कुछ समय के लिए स्कूल परिसर में तनाव का माहौल रहा। पुलिस फिलहाल ईमेल भेजने वालों की तलाश कर रही है और मामले की जांच जारी है।
सीवान, एजेंसी। बिहार के सीवान में पटाखा बनाने के दौरान हुए ब्लास्ट में पति-पत्नी और उनकी बेटी समेत 7 की मौत हो गई।
जामो थाना क्षेत्र के अलमापुर गांव के एक मकान में पटाखे बनाए जा रहे थे। इसी दौरान अचानक धमाके होने लगे। इस धमाके में पूरा मकान उड़ गया। लोगों के शव सड़क पर बिखर गए।
स्थानीय लोगों के मुताबिक, करीब डेढ़ घंटे तक रुक-रुककर धमाके होते रहे।
धमाके के बाद क्षतिग्रस्त मकान।
दमकल की गाड़ियां की मदद से आग बुझाने की कोशिश
घटना की सूचना मिलने के बाद सदर एसडीओ आशुतोष गुप्ता, महाराजगंज एसडीपीओ अमन और बड़हरिया, जामो, गोरेयाकोठी समेत कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंची है। अधिकारी घटनास्थल की जायजा ले रहे हैं।
एसडीपीओ ने बताया कि दमकल की गाड़ियां की मदद से आग बुझाने की कोशिश की जा रही है। आग पर काबू पाने के बाद मामले की जांच की जाएगी।
एसपी भारत सोनी ने बताया कि अब तक शवों की पहचान नहीं हो सकी है। जिस मकान में पटाखे बनाए जा रहे थे, वह घनी आबादी वाले इलाके में है।
हादसे की तस्वीरें
धमाके के बाद मकान के बाहर बिखरे शव।
धमाके के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई।
घटना की सूचना मिलने के बाद DM और SP मौके पर पहुंचे।