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अल्लू अर्जुन पुष्पा-2 भगदड़ केस में आरोपी नंबर 11:पुलिस ने 23 लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की, महिला की मौत हुई थी

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हैदराबाद,एजेंसी। तेलंगाना पुलिस ने एक्टर अल्लू अर्जुन समेत 23 लोगों को भगदड़ का दोषी माना है। 100 पेज की चार्जशीट में नम्पल्ली कोर्ट में दाखिल करके कहा– मैनेजमेंट की कमी से भगदड़ मची थी।

पिछले साल 4 दिसंबर 2024 को हैदराबाद के आरटीसी क्रॉस रोड स्थित संध्या थिएटर में पुष्पा 2: द रूल की प्रीमियर स्क्रीनिंग के दौरान भगदड़ मच गई थी। इसमें रेवती नाम की महिला की जान चली गई थी। उसका 8 साल का बेटा श्रीतेज गंभीर घायल हुआ था।

भगदड़ के बाद घायल को ले जाने का यह सीसीटीवी फुटेज सामने आया था।

भगदड़ के बाद घायल को ले जाने का यह सीसीटीवी फुटेज सामने आया था।

100 पेज की चार्जशीट के 4 पॉइंट

  • थिएटर मैनेजमेंट को मुख्य आरोपी ठहराया, क्योंकि अलग एंट्री-एग्जिट न होने और भीड़ नियंत्रण की कमी थी।
  • अल्लू अर्जुन आरोपी नंबर 11 हैं, साथ ही उनके प्राइवेट सिक्योरिटी स्टाफ, मैनेजर, 3 मैनेजर और 8 बाउंसर शामिल हैं।
  • भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 105, 118(1), 304-A (लापरवाही से मौत) और सार्वजनिक सुरक्षा को खतरे में डालने के आरोप लगाए गए।
  • चिक्कड़पल्ली ACP रामेश कुमार ने जांच की थी, उन्होंने बताया कि पुलिस ने अर्जुन के मैनेजर संतोष को स्थिति नियंत्रण से बाहर होने की सूचना दी थी।
फिल्म के एक गाने में डांस करते अल्लू अर्जुन।

फिल्म के एक गाने में डांस करते अल्लू अर्जुन।

भगदड़ के 9वें दिन अल्लू अर्जुन अरेस्ट हुए थे

अल्लू अर्जुन को भगदड़ के 9वें दिन 13 दिसंबर को गिरफ्तार किया गया था। 14 दिसंबर को तेलंगाना हाईकोर्ट ने उन्हें जमानत दी थी।

यह 4 दिसंबर की तस्वीर है, जब पुष्पा-2 के प्रीमियर के दौरान भगदड़ मच गई थी।

यह 4 दिसंबर की तस्वीर है, जब पुष्पा-2 के प्रीमियर के दौरान भगदड़ मच गई थी।

31 दिसंबर को पुलिस ने अल्लू से 3 घंटे पूछताछ की

जमानत मिलने के बाद 31 दिसंबर को अल्लू अर्जुन से 3 घंटे से ज्यादा पूछताछ की। अल्लू सुबह 11 बजे चिक्कड़पल्ली पुलिस स्टेशन पहुंचे थे। उनसे दोपहर 2.45 बजे तक पूछताछ चली। हैदराबाद सेंट्रल जोन डीसीपी के नेतृत्व वाली टीम ने एक्टर से सवाल किए।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, अल्लू अर्जुन से पूछा गया था कि क्या वे घटनास्थल पर मौजूद थे। उन्होंने हालात कैसे संभाले? इस पर उन्होंने कहा- मुझे महिला की मौत की जानकारी अगले दिन मिली। जानकारी के मुताबिक पुलिस घटना का सीन भी री-क्रिएट कर सकती है।

रिहाई के बाद की थी प्रेस कॉन्फ्रेंस

रिहाई के बाद अल्लू अर्जुन ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए कहा, ‘ये सब एक हादसा था। मैं परिवार के साथ सिनेमाघर में फिल्म देखने गया था। ये घटना बाहर घटी है। इस घटना का मुझसे कोई सीधा कनेक्शन नहीं है। मैं बिल्कुल महिला के परिवार के साथ हूं, जिस भी तरीके से होगा मैं उनकी मदद करूंगा।’अल्लू अर्जुन आगे कहा, ‘मैं उस सिनेमाघर में पिछले 20 साल से 30 बार से ज्यादा बार जा चुके हैं। लेकिन ऐसा आज तक नहीं हुआ है। ये बिल्कुल ही दुर्भाग्य से हुआ है। मैं इस घटना को लेकर मैं बहुत सॉरी करता हूं।’

रिहाई के बाद अल्लू अर्जुन ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी।

रिहाई के बाद अल्लू अर्जुन ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी।

अल्लू अर्जुन के घर की गई थी तोड़फोड़, 8 आरोपी गिरफ्तार हुए थे

हैदराबाद की उस्मानिया यूनिवर्सिटी के कुछ लोगों ने 22 दिसंबर को अल्लू अर्जुन के घर तोड़फोड़ की थी। इस मामले में 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था। इनमें से 6 लोगों को 23 दिसंबर को जमानत दे दी गई थी।

यह तस्वीर 22 दिसंबर की है, जब अल्लू अर्जुन के घर तोड़फोड़ की गई थी।

यह तस्वीर 22 दिसंबर की है, जब अल्लू अर्जुन के घर तोड़फोड़ की गई थी।

पुष्पा-2 टीम ने विक्टिम फैमिली को ₹2 करोड़ दिए

हैदराबाद में पुष्पा-2 की स्क्रीनिंग के दौरान भगदड़ में जान गंवाने वाली महिला के परिवार को पुष्पा फिल्म की टीम ने 2 करोड़ रुपए की मदद की है।

अल्लू अर्जुन के पिता ने जानकारी दी थी कि अल्लू अर्जुन ने 1 करोड़ रुपए दिए हैं, जबकि पुष्पा के डायरेक्टर सुकुमार और मैत्रेयी प्रोडक्शन हाउस ने 50-50 लाख रुपए दिए हैं।

पुष्पा-2 ब्लॉकबस्टर रही थी

पुष्पा-2 कमाई के मामले में ब्लॉकबस्टर साबित हुई थी। रिपोर्ट्स के अनुसार करीब 400 करोड़ की लागत से बनी इस फिल्म ने वर्ल्डवाइड लगभग 1600 करोड़ रुपए कमाए थे।

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मोदी ने वाराणसी में एयरशो देखा, राफेल-सुखोई ने करतब दिखाए:वायुसेना के शो में 100 विमानों ने हिस्सा लिया, PM ने 7 किमी रोड शो भी किया

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वाराणसी, एजेंसी। पीएम मोदी ने रविवार को वाराणसी के नमो घाट पर एयर शो देखा। शो में 100 विमानों ने हिस्सा लिया। इनमें राफेल और सुखोई जैसे 52 लड़ाकू विमान भी शामिल थे। पीएम मोदी के साथ रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और सीएम योगी ने भी एयर शो देखा।

एयरशो में राफेल विमान ने कम ऊंचाई पर कलाबाजियां दिखाईं। विमान ऊपर जाते-जाते अचानक नीचे मुड़ जाता तो कभी गोल चक्कर लगाने लगता। ऐसे ही सुखोई-30 MKI विमान ने कम ऊंचाई पर हवाई करतब दिखाए। चेतक हेलिकॉप्टर ने फूल बरसाए।

C-17 ग्लोबमास्टर और नौ सूर्यकिरण हौक विमान एक साथ उड़ान भरते हुए मंच के ऊपर से गुजरे। सूर्यकिरण टीम के विमानों ने आसमान में शानदार कलाबाजियां दिखाईं।

राफेल, सुखोई, जगुआर, मिराज-2000, तेजस और मिग-29 ने तीर की नोक के आकार में उड़ान भरी। यह ऑपरेशन सिंदूर जैसा नजारा रहा। करीब 15 लाख लोगों ने वायुसेना की ताकत देखी। एयर शो भारतीय वायुसेना के 94वें स्थापना दिवस पर आयोजित किया गया। इसे ‘विंग्स ओवर गंगा’ नाम दिया गया था।

पीएम मोदी ने इससे पहले रूपापुर में 100 करोड़ रुपए की अरविंद टेक्सटाइल मिल का उद्घाटन किया। फिर पुलिस लाइन से 7 किमी. लंबा रोड शो कर नमो घाट पहुंचे।

C-17 ग्लोबमास्टर और नौ सूर्यकिरण हौक विमानों ने एक साथ उड़ान भरते हुए दशाश्व फॉर्मेशन बनाई।

C-17 ग्लोबमास्टर और नौ सूर्यकिरण हौक विमानों ने एक साथ उड़ान भरते हुए दशाश्व फॉर्मेशन बनाई।

चिनूक विमान ने अलकनंदा फार्मेशन बनाया। गंगा नदी के पास पहुंचकर नमन किया।

चिनूक विमान ने अलकनंदा फार्मेशन बनाया। गंगा नदी के पास पहुंचकर नमन किया।

वायुसेना के विमानों ने आकाश में तिरंगा बनाते हुए कलाबाजियां दिखाईं।

वायुसेना के विमानों ने आकाश में तिरंगा बनाते हुए कलाबाजियां दिखाईं।

सूर्यकिरण टीम के विमानों ने शानदार करतब दिखाए। आसमान को तिरंगे के रंग में रंग दिया।

सूर्यकिरण टीम के विमानों ने शानदार करतब दिखाए। आसमान को तिरंगे के रंग में रंग दिया।

एक C-295 और दो डोर्नियर विमान विजय के प्रतीक के आकार में मंच के सामने से गुजरकर भैरव फॉर्मेशन बनाया।

एक C-295 और दो डोर्नियर विमान विजय के प्रतीक के आकार में मंच के सामने से गुजरकर भैरव फॉर्मेशन बनाया।

100 करोड़ की टेक्सटाइल यूनिट का उद्घाटन किया

  • PM मोदी सुबह 10 बजे वाराणसी एयरपोर्ट पहुंचे। राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और सीएम योगी ने उनका स्वागत किया। इसके बाद मोदी ने मिर्जामुराद स्थित खोचवां गांव के पास अरविंद लिमिटेड की नई कपड़ा निर्माण इकाई का उद्घाटन किया।
  • करीब 100 करोड़ रुपए की लागत से बनी इस यूनिट में लगभग 1000 महिलाओं को रोजगार मिलने की उम्मीद है। यहां स्पोर्ट्स वियर और अंडरगारमेंट का उत्पादन होगा। यूनिट में 300 मशीनें लगाई गई हैं और करीब 300 महिलाओं को प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
  • अरविंद समूह की शुरुआत वर्ष 1931 में गुजरात के अहमदाबाद में हुई थी। यह समूह डेनिम (जींस बनाने में इस्तेमाल होने वाला कपड़ा), सूती और लिनेन के कपड़े, सूट फैब्रिक, स्पोर्ट्सवियर और औद्योगिक उपयोग के विशेष कपड़ों को बनाने और कारोबार के लिए जाना जाता है।
PM मोदी ने अरविंद लिमिटेड की नई कपड़ा निर्माण इकाई का उद्घाटन किया।

PM मोदी ने अरविंद लिमिटेड की नई कपड़ा निर्माण इकाई का उद्घाटन किया।

पुलिस लाइन से नमोघाट तक 7 किमी रोड शो किया

टेक्सटाइल यूनिट के उद्घाटन के बाद मोदी ने दोपहर करीब 12 बजे पुलिस लाइन से नमो घाट तक करीब 7 किलोमीटर का रोड शो किया। कार्यकर्ता और स्थानीय लोगों ने गुलाब की पंखुड़ियां बरसाईं। मोदी ने कार से बाहर निकलकर लोगों का अभिवादन स्वीकार किया।

पीएम मोदी ने वाराणसी में 7 किमी. लंबा रोड शो किया।

पीएम मोदी ने वाराणसी में 7 किमी. लंबा रोड शो किया।

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SIR सॉफ्टवेयर की जानकारी देने से चुनाव आयोग का इनकार:कहा- यह ट्रेड सीक्रेट; RTI में नाम-वर्जन और AI इस्तेमाल पर पूछे थे सवाल

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नई दिल्ली, एजेंसी। चुनाव आयोग ने स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के दौरान वोटर लिस्ट में गड़बड़ियां पहचानने के लिए इस्तेमाल किए गए सॉफ्टवेयर की जानकारी देने से इनकार कर दिया है।

हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, आयोग ने RTI के जवाब में कहा- यह जानकारी ट्रेड सीक्रेट और इंटलेक्चुअल प्रॉपर्टी से जुड़ी है। इसे RTI कानून के तहत सार्वजनिक नहीं किया जा सकता।

आयोग ने यह भी साफ नहीं किया कि वोटर लिस्ट में गड़बड़ियां पहचानने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) या मशीन लर्निंग का इस्तेमाल किया गया था या नहीं।

5 सवालों पर चुनाव आयोग के जवाब

1. सॉफ्टवेयर का नाम और वर्जन: आयोग ने नाम और वर्जन बताने से इनकार किया। RTI कानून की धारा 8(1)(d) के तहत ट्रेड सीक्रेट का हवाला दिया। साथ ही कहा कि SIR के लिए नया सॉफ्टवेयर न बनाया गया, न खरीदा गया।

2. क्या सॉफ्टवेयर खुद गड़बड़ियां पहचानता है: आयोग ने स्पष्ट जवाब नहीं दिया। उसने इसे स्पष्टीकरण मांगने वाला सवाल बताते हुए RTI कानून की धारा 2(f) का हवाला दिया।

3. AI या मशीन लर्निंग का इस्तेमाल पर: आयोग ने स्पष्ट नहीं किया कि वोटर लिस्ट की जांच में AI, मशीन लर्निंग या प्रेडिक्टिव एनालिटिक्स का इस्तेमाल हुआ या नहीं।

4. सॉफ्टवेयर से खुद नाम हटाने के सवाल पर: आयोग ने कहा कि वोटर लिस्ट में नाम जोड़ने या हटाने का फैसला संबंधित क्षेत्र का ERO तथ्यों और रिकॉर्ड के आधार पर करता है। आयोग ने सॉफ्टवेयर की भूमिका के बारे में अलग से जानकारी नहीं दी।

5. चिह्नित रिकॉर्ड की समीक्षा और मंजूरी के सवाल पर: चुनाव आयोग ने RTI कानून की धारा 8(1)(g) का हवाला दिया। साथ ही बताया कि जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 13B(1) और 13B(2) के तहत संबंधित विधानसभा क्षेत्र के निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ERO) की वोटर लिस्ट तैयार करने और उसमें संशोधन की जिम्मेदारी होती है।

कांग्रेस का आरोप- सॉफ्टवेयर की जानकारी छिपा रहा आयोग

वहीं, कांग्रेस ने चुनाव आयोग पर ECINET सॉफ्टवेयर से जुड़ी जानकारी छिपाने का आरोप लगाया। जयराम रमेश ने सवाल उठाया कि इस सॉफ्टवेयर को टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) ने विकसित किया, इसकी जानकारी आयोग ने खुद सार्वजनिक क्यों नहीं की। उन्होंने SIR और मतदाता सूची में संशोधन के दौरान आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के इस्तेमाल और उससे जुड़े सुरक्षा उपायों पर भी सवाल उठाए।

रमेश ने दावा किया कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने ECINET सॉफ्टवेयर और चुनाव आयोग के IT डिवीजन को लेकर कई आपत्तियां दर्ज कराई थीं। उनके मुताबिक, ये शिकायतें प्रधानमंत्री के अधीन आने वाले कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT) तक भी पहुंची थीं।

दो चुनाव आयुक्तों ने अफसर के कामकाज पर सवाल उठाए

दो दिन पहले RTI एक्टिविस्ट लोकेश के. बत्रा को RTI के तहत मिले जवाब से पता चला कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने 29 जुलाई को कैबिनेट सचिव टी.वी. सोमनाथन को अलग-अलग पत्र लिखे थे। इनमें उन्होंने डिप्टी इलेक्शन कमीश्नर मनीष गर्ग के कामकाज पर सवाल उठाए थे।

दोनों आयुक्तों ने अधिकारियों के बीच काम बांटने के एक आदेश पर आपत्ति जताई थी। उनका कहना था कि यह आदेश चुनाव आयोग की मंजूरी के बिना जारी किया गया। RTI से मिले दस्तावेजों के मुताबिक, कैबिनेट सचिवालय ने कहा कि ये पत्र पूरे चुनाव आयोग की ओर से भेजी गई आधिकारिक शिकायतें नहीं थीं। इसलिए उसने खुद कार्रवाई करने के बजाय शिकायतें मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के कार्यालय और कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT) को भेज दीं।

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जज के नाबालिग बेटे ने मर्सिडीज से टक्कर मारी:केरलम में स्कूटर सवार की मौत, पीड़ित परिवार बोला- जज ने थाने में बेइज्जत किया

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कोच्चि, एजेंसी। केरलम के कोच्चि में शनिवार देर रात मर्सिडीज कार ने स्कूटर को पीछे से टक्कर मार दी। हादसे में 55 साल के स्कूटर सवार की मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस के मुताबिक, कार चलाने वाला एडिशनल सेशन जज का बेटा है। उसकी उम्र 17 साल है।

कार जज के नाम पर रजिस्टर्ड थी। हादसा रात 2 से 3 बजे के बीच हुआ। घटनास्थल के एक वीडियो में कार का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त दिखाई दिया।

पीड़ित परिवार ने आरोप लगाया कि पुलिस स्टेशन में जब उन्होंने नाबालिग को कार चलाने देने पर सवाल उठाया, तो जज ने उनसे अपमानजनक लहजे में बात की।

जज के बेटे की कार का आगे का हिस्सा पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया।

जज के बेटे की कार का आगे का हिस्सा पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया।

कार एडिशनल सेशन जज के नाम पर रजिस्टर्ड है।

कार एडिशनल सेशन जज के नाम पर रजिस्टर्ड है।

30 साल से चला रहे थे खाने का स्टॉल, घर लौटते समय हादसा

हादसे में जान गंवाने शख्स की पहचान जयबालकृष्णन के रूप में हुई है। वह करीब 30 साल से अपनी पत्नी मंजू के साथ सड़क किनारे खाने का स्टॉल चला रहे थे।

रिपोर्ट के मुताबिक, जयबालकृष्णन ने शनिवार रात चित्तूर मंदिर के पास अपना स्टॉल बंद किया था। वह रोज शाम करीब 4 बजे दुकान खोलते थे और वहां मुख्य रूप से डोसा सहित शाकाहारी खाना बेचते थे।

जयबालकृष्णन और उनकी पत्नी रोज स्कूटी से करीब 20 किलोमीटर का सफर तय करके दुकान पहुंचते थे। उनकी पत्नी वैरिकोज वेन्स के इलाज के कारण एक सप्ताह की छुट्टी पर थीं। हादसे के समय जयबालकृष्णन अकेले घर लौट रहे थे।

जयबालकृष्णन अपनी पत्नी के साथ (फाइल फोटो)

जयबालकृष्णन अपनी पत्नी के साथ (फाइल फोटो)

आरोपी जज की परमीशन के बिना कार लेकर निकला

पुलिस के मुताबिक, आरोपी अलुवा में रहता है और अपने माता-पिता की जानकारी के बिना मर्सिडीज-बेंज लेकर निकला था। कार वल्लारपदम से कलामस्सेरी की ओर जा रही थी, तभी उसने जयबालकृष्णन की स्कूटी को टक्कर मार दी।

चेरानेल्लूर पुलिस ने किशोर को घटनास्थल से हिरासत में लिया और कार जब्त कर ली। मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 281 और 106(1) के तहत केस दर्ज किया गया है। ये धाराएं सार्वजनिक रास्ते पर लापरवाही से वाहन चलाने और लापरवाही से मौत होने से संबंधित हैं।

पुलिस ने शुरुआती जांच के आधार पर बताया कि हादसे के समय नाबालिग चालक नशे में नहीं था। हालांकि, आगे की जांच के लिए उसके ब्लड सैंपल लिए गए हैं।

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