सरगुजा में 77 वां गणतंत्र दिवस पूरे हर्षोल्लास के साथ मनाया गया
स्कूली बच्चों ने दी रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियां
अम्बिकापुर। सरगुजा जिले में 77 वां गणतंत्र दिवस पूरे हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। अम्बिकापुर के पीजी कॉलेज मैदान में आयोजित जिला स्तरीय गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि छत्तीसगढ़ शासन के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने राष्ट्रीय ध्वज फहराकर परेड की सलामी ली। उन्होंने परेड का निरीक्षण करने के साथ मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय द्वारा प्रदेश की जनता के नाम प्रेषित संदेश का वाचन किया।
उन्होंने तिरंगे के प्रतीक रूप में रंग-बिरंगे गुब्बारे आकाश में छोड़े। उन्होंने शहीद जवानों के परिजनों को शॉल और श्रीफल देकर सम्मानित किया साथ ही जिले के उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारी-कर्मचारियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। गणतंत्र दिवस के अवसर पर विभिन्न विभागों द्वारा झांकियों के द्वारा जिले के विकास कार्यों एवं विभिन्न योजनाओं का प्रदर्शन किया गया।
परेड की टुकड़ियों द्वारा किया गया शानदार मार्च पास्ट- गणतंत्र दिवस समारोह में परेड इन कमाण्डर रक्षित निरीक्षक श्रीमती तृप्ति सिंह राजपूत, सेकेण्ड परेड इन कमाण्ड उप निरीक्षक सुश्री सुनीता भारद्वाज के नेतृत्व में 14 टुकड़ियों के द्वारा शानदार मार्च पास्ट किया गया। इस दौरान दलों ने देशभक्ति धुनों पर कदम से कदम मिलाते हुए आकर्षक मार्चपास्ट का प्रदर्शन किया।
उत्कृष्ट कार्य करने वाले 83 अधिकारी-कर्मचारी हुए सम्मानित-
गणतंत्र दिवस समारोह में विभिन्न विभागों के उत्कृष्ट कार्य करने वाले 83 अधिकारी – कर्मचारियों को प्रशस्ति पत्र एवं मोमेंटो प्रदान कर उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने सम्मानित किया। कार्यक्रम में स्कूली बच्चों के द्वारा मनमोहक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी गईं। विजेता प्रतिभागियों को उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा द्वारा सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर राज्य गृह निर्माण मंडल अध्यक्ष अनुराग सिंहदेव, राज्य युवा आयोग के अध्यक्ष विश्वविजय सिंह तोमर, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती निरुपा सिंह एवं उपाध्यक्ष देवनारायण यादव, नगर पालिक निगम अम्बिकापुर महापौर श्रीमती मंजूषा भगत एवं सभापति हरमिंदर सिंह टिन्नी, सरगुज़ा संभागायुक्त नरेन्द्र दुग्गा, पुलिस महानिरीक्षक सरगुजा दीपक झा, कलेक्टर अजीत वसंत, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक राजेश अग्रवाल, स्थानीय जनप्रतिनिधि, प्रशासन के अधिकारी-कर्मचारी सहित नागरिकगण उपस्थित थे।
कोरबा। दो दिन पूर्व रजगामार में एक 07 वर्षीय मासूम के साथ दरिन्दगी और हत्या के बाद मासूम का शव मिलने के बाद जहां उनके परिजनों में अतिशोक की लहर है, वहीं पूरे कोरबा में आक्रोश शिखर पर है। कल 23 अक्टूबर को पुलिस अधिकारियों ने पत्रकार वार्ता लेकर मामले का खुलासा किया और दरिन्दा आरोपी अमित चौहान को देवमट्टी से गिरफ्तार कर लिया। आज कोरबा जिले के कई जगहों में मासूम को न्याय दिलाने और आरोपी को फांसी की सजा की मांग को लेकर कैण्डल मार्च निकाला और मासूम को हजारों-लाखों लोगों ने श्रद्धांजलि दी। आज संध्या 5.30 बजे तिलक भवन प्रेस क्लब कोरबा में प्रेस क्लब परिवार सहित सैकड़ों की संख्या में कोरबा के विभिन्न सामाजिक संगठनों, बुद्धिजीवी वर्ग, समाजसेवी, नारीशक्ति, राजनेता, अग्रवाल सभा, व्यापारी संगठन, अखबार वितरक संघ सहित आम से लेकर खास लोग इकट्ठे हुए और संध्या 5.45 बजे तिलक भवन से कैण्डल मार्च करते हुए टी पी नगर चौक पहुंचे और वहां हजारों कैण्डल जलाकर मासूम को विनम्र श्रद्धांजलि दी। घटना अमानवीयता की इंतहां-नौशाद खान
प्रेस क्लब कोरबा अध्यक्ष नौशाद खान ने कहा कि रजगामार में मासूम के साथ जो बर्बरता के साथ हत्या की गई, उसके विरोध में हमने कैण्डल मार्च निकाला, जिसमें कोरबा प्रेस परिवार के साथ कोरबा के हजारों लोग स्वस्फूर्त शामिल हुए और तिलक भवन से टी पी नगर चौक तक कैण्डल मार्च निकाला और टी पी नगर चौक में मासूम को विनम्र श्रद्धांजलि दी। श्री खान ने कहा- यह घटना इतना क्रूर है कि आरोपी को सजा-ए-मौत मिलनी चाहिए। रजगामार में मासूम के साथ बर्बरता एवं निर्मम हत्या की घटना अमानवीयता की इंतहां है और मासूम के साथ बर्बरता करने वाला दरिन्दा को फांसी से कम की सजा नहीं होनी चाहिए। इस तरह की घटना सनातन संस्कृति में क्षम्य नहीं- कविता सोनी
समाज सेविका कविता सोनी ने मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि इस तरह की घटना हमारी सनातन संस्कृति में क्षम्य नहीं है और आरोपी को फांसी पर लटका देना चाहिए। इस मामले में त्वरित न्याय और आरोपी को कड़ी सजा मिलनी चाहिए। आरोपी को कड़ी सजा हो, इसके लिए पुलिस पुख्ता सबूत पेश करे-साहित्य जगत
कैण्डल मार्च में साहित्य जगत के लोग भी बड़ी संख्या में शामिल हुए। कोरबा के साहित्यकार एवं कवि श्री चतुर्वेदी ने कहा कि आरोपी को कड़ी सजा हो, इसके लिए पुलिस पुख्ता सबूत पेश करे। साहित्यकार कृष्णकांत चंद्रा ने कहा कि मासूम के साथ अमानवीय कृत्य और हत्या सभ्य समाज के लिए कलंक है और इस तरह के कृत्य करने वाले राक्षस को ऐसी सजा मिले कि आरोपियों की रूह कांप जाए। भाजपा नेत्रियों रानी यादव सहित उपस्थित नेत्रियों एवं अन्य महिला संगठन ने भी आरोपी को त्वरित फॉस्टट्रैक कोर्ट में पेश कर पुलिस को अपना पक्ष ऐसा रखना चाहिए कि जज आरोपी को सीधा फांसी की सजा सुनाए। आरोपी की पैरवी नहीं करेगा अधिवक्ता संघ
कैण्डल मार्च में नगर निगम सभापति और अधिवक्ता संघ के सचिव नूतन सिंह सहित कई अधिवक्ता भी शामिल हुए। नूतन सिंह ने कहा कि बच्ची के साथ दरिन्दगी और हत्या मानवीय समाज के लिए जघन्य कांड है और ऐसे राक्षस रूपी आरोपी की पैरवी अधिवक्ता संघ नहीं करेगा। हम टीम बनाकर आरोपी को ऐसी सजा के लिए पैरवी करेंगे, कि सजा सुनकर आरोपी की रूह कांप जाए। फांसी से कम सजा स्वीकार्य नहीं- बजरंग अग्रवाल
कैण्डल मार्च में अग्रवाल सभा ने बड़ी संख्या में अपनी सहभागिता निभाई। अग्रवाल सभा के अध्यक्ष बजरंग अग्रवाल ने कहा कि कोरबा को झकझोर देने वाली घटना ने लोगों के दिलों में एक ऐसा आक्रोश पैदा कर दिया है कि आरोपी को फांसी से कम सजा नहीं मिलनी चाहिए और न्याय भी त्वरित हो। पोस्ट मार्टम रिपोर्ट आना बाकी
कल पुलिस ने मामले का खुलासा किया और बेलगरी नाला बस्ती निवासी आरोपी को घटना के 24 घंटे के अंदर देवमट्टी से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार संभवत: हत्या के पूर्व आरोपी द्वारा दरिन्दगी की गई होगी और उसके बाद हत्या कर लाश को झाड़ियों में फेंक दिया होगा। पुलिस को पोस्ट मार्टम रिपोर्ट का इंतजार है।
मासूम के साथ दरिन्दगी सभ्य समाज पर कलंक
साधना न्यूज की कोरबा जिला हेड श्रीमती रेणु जायसवाल ने कहा कि मासूम के साथ दरिन्दगी और हत्या सभ्य समाज के लिए कलंक है। उन्होंने कहा कि पुलिस को भी चाहिए कि यदि कोई मासूम गुम होती है तो पुलिस को सक्रियता दिखानी चाहिए, ताकि इस तहर की घटना की पुनर्रावृत्ति न हो। राक्षस से भी बदतर आरोपी को सिर्फ फांसी की सजा हो। मुस्लिम यूथ कमेटी ने भी निकाला कैण्डल मार्च
मुस्लिम यूथ कमेटी ने भी घटना के विरोध में और आरोपी को फांसी की सजा देने की मांग को लेकर कैण्डल मार्च निकाला और टी पी नगर चौक में कैण्डल जलाकर मासूम को श्रद्धांजलि दी। यूथ कमेटी के अध्यक्ष ने कहा कि आरोपी को ऐसी कड़ी सजा मिले कि अन्य कोई इस तरह की घटना न घटे।
एचएमआईएस और पीपीओ/जीवन प्रमाण पत्र पोर्टल से स्वास्थ्य एवं पेंशन संबंधी सुविधाएं हो रहीं आसान
बिलासपुर/कोरबा। स्पेशल कैम्पेन 6 के उद्देश्यों को आगे बढ़ाते हुए साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एसईसीएल) डिजिटल सेवाओं के माध्यम से प्रशासनिक दक्षता, पारदर्शिता और सेवा सुविधाओं की सुगमता को मजबूत कर रही है। कंपनी की हॉस्पिटल मैनेजमेंट इन्फॉर्मेशन सिस्टम (एचएमआईएस) और पीपीओ/जीवन प्रमाण पत्र पोर्टल जैसी पहलें कर्मचारियों, पेंशनभोगियों एवं उनके परिजनों के लिए स्वास्थ्य और पेंशन संबंधी सेवाओं तक पहुंच आसान बना रही हैं।
कोयला मंत्रालय के अंतर्गत एसईसीएल की ये पहलें कागजी कार्यवाही कम करने, अभिलेखों के व्यवस्थित प्रबंधन और सेवाओं के त्वरित निस्तारण के माध्यम से अभियान के सुशासन संबंधी उद्देश्यों को गति दे रही हैं।
एचएमआईएस से स्वास्थ्य सेवाओं का एकीकृत डिजिटल प्रबंधन
एसईसीएल का एचएमआईएस स्वास्थ्य सेवाओं के प्रबंधन के लिए एक एकीकृत डिजिटल मंच उपलब्ध कराता है। इसमें मरीजों के पंजीयन, चिकित्सकीय परामर्श, उपचार और दवाओं से संबंधित जानकारी डिजिटल रूप में दर्ज की जाती है। इससे चिकित्सा अभिलेखों का व्यवस्थित संधारण होता है तथा मरीज के पिछले उपचार की जानकारी प्राप्त करना आसान बनता है।
इस प्रणाली में चिकित्सा प्रतिपूर्ति दावों के ऑनलाइन प्रसंस्करण की सुविधा भी उपलब्ध है। अमृत फार्मेसी के एकीकरण और दवा प्रबंधन से जुड़ी सुविधाएं प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सरल बनाने तथा स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर करने में सहायता कर रही हैं।
पेंशनभोगियों के लिए पीपीओ और जीवन प्रमाण पत्र की डिजिटल सुविधा
सेवानिवृत्त कर्मचारियों तथा दिवंगत कर्मचारियों के पात्र जीवनसाथियों की सुविधा के लिए एसईसीएल ने केंद्रीकृत पीपीओ/जीवन प्रमाण पत्र पोर्टल विकसित किया है। इसके माध्यम से पेंशन भुगतान आदेश (पीपीओ) ऑनलाइन प्राप्त और डाउनलोड किए जा सकते हैं। पोर्टल वार्षिक जीवन प्रमाण पत्र डिजिटल माध्यम से जमा करने की प्रक्रिया को भी सरल बनाता है।
इस व्यवस्था से भौतिक दस्तावेजों और मैनुअल प्रक्रियाओं पर निर्भरता कम होती है। पोर्टल से जुड़ा गवर्नेंस डैशबोर्ड एसईसीएल के विभिन्न क्षेत्रों में पीपीओ अपलोड और संबंधित अनुपालन की निगरानी में सहायता करता है। इससे कार्यों की प्रगति की समीक्षा तथा प्रशासनिक समन्वय अधिक प्रभावी होता है।
बेहतर अभिलेख प्रबंधन और त्वरित सेवाओं पर जोर
स्पेशल कैम्पेन 6 का क्रियान्वयन चरण 2 से 31 अक्टूबर 2026 तक संचालित किया जा रहा है। अभियान में स्वच्छता, ई-वेस्ट प्रबंधन, उपलब्ध स्थान के बेहतर उपयोग, अभिलेख प्रबंधन और लंबित मामलों के निपटारे पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
एसईसीएल की डिजिटल पहलें इन उद्देश्यों के अनुरूप कागजरहित कार्यप्रणाली, बेहतर रिकॉर्ड प्रबंधन और सेवाओं की आसान उपलब्धता को बढ़ावा दे रही हैं। एचएमआईएस और पीपीओ/जीवन प्रमाण पत्र पोर्टल के माध्यम से कंपनी कर्मचारियों, पेंशनभोगियों एवं उनके परिवारों के लिए आवश्यक सेवाओं को अधिक सुलभ और सुविधाजनक बनाने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है।
सूरजपुर, एजेंसी। छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले की रेण नदी में एक ही परिवार के 4 सदस्यों की डूबने से मौत हो गई। मृतकों में पिता-पुत्र और दो अन्य बच्चे शामिल हैं, जो दशहरा मनाने अपनी मौसी के घर आए थे। शनिवार को उन्हें वापस बिहार लौटना था, लेकिन इससे पहले हादसा हो गया।
शनिवार सुबह सभी सरस्वतीपुर गांव में नदी में नहाने गए थे। इस दौरान बच्चे गहरे पानी में चले गए। उन्हें बचाने के लिए पिता ने भी नदी में छलांग लगा दी, लेकिन वे भी गहरे पानी में डूब गए।
मामला बिश्रामपुर थाना क्षेत्र का है। घटना के बाद स्थानीय लोगों ने बचाव कार्य शुरू किया। ग्रामीणों की मदद से सभी को नदी से बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक चारों की मौत हो चुकी थी।
नहाने के दौरान डूबने से एक ही परिवार के 4 सदस्य की मौत हो गई।
ग्रामीणों की मदद से सभी के शव नदी से बाहर निकाल लिए गए।
घटना के बाद परिवार वालों का रो-रोकर बुरा हाल है।
मृतकों में शामिल
विवेक कुमार सिंह (45), निवासी सूरजपुर
अभिजीत सिंह (20), विवेक सिंह का बेटा
गोपाल कृष्ण (13) पिता जितेंद्र सिंह, निवासी कटिहार, बिहार
कृष्ण गोपाल (14) पिता जितेंद्र सिंह, निवासी कटिहार, बिहार
दशहरा में मौसी के घर घूमने आए थे बच्चे
विवेक कुमार सिंह वर्तमान में चंद्रपुर में किराये के मकान में परिवार के साथ रह रहा था। वहीं, दोनों मृत बच्चे गोपाल कृष्ण और कृष्ण गोपाल सगे भाई हैं। दोनों बच्चे बिहार के कटिहार के रहने वाले हैं। वे अपनी मौसी के घर घूमने आए थे।
चारों एक साथ रेण नदी के सरस्वतीपुर घाट पर तैरने गए थे। बच्चे गहरे पानी में चले गए। उन्हें बचाने की कोशिश में पिता-पुत्र भी डूब गए। घटना की जानकारी मिलते ही बिश्रामपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। सभी के शव निकाल लिए गए है।
सभी को आज वापस बिहार लौटना था
मृतक विवेक सिंह की पत्नी नेहा सिंह सूरजपुर में ब्यूटी पार्लर चलाती हैं। उनके पति, बेटे और बहन के दो बच्चे दशहरा मनाने बिहार के कटिहार से यहां आए थे। सभी को आज ही वापस लौटना था।
इससे पहले 24 अक्टूबर की सुबह करीब 9:30 बजे विवेक सिंह अपने बेटे के साथ नेहा सिंह की स्कूटी से मंदिर दर्शन के लिए गए थे। वहां रेण नदी का पाट देखकर उन्होंने दोनों बच्चों को भी बुला लिया। इसके बाद सभी नहाने के लिए नदी में उतर गए।
कपड़े देखकर हुई थी अनहोनी की आशंका
हादसे का कोई प्रत्यक्षदर्शी नहीं है। घाट किनारे खड़ी स्कूटी और पास में पड़े कपड़ों को देखकर लोगों को अनहोनी की आशंका हुई। उन्होंने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने स्कूटी के रजिस्ट्रेशन नंबर के आधार पर उसके मालिक नेहा सिंह का पता लगाया। स्थानीय लोगों की मदद से शवों को नदी से निकाल लिया गया है और परिवार को जानकारी दी।