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अनिल अंबानी की ₹3000 करोड़ की 40 प्रॉपर्टीज जब्त:पाली हिल वाला घर भी शामिल, इसमें हेलीपैड से लेकर जिम और लाउंज

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मुंबई,एजेंसी। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने अनिल अंबानी के रिलायंस ग्रुप से जुड़ी 40 से ज्यादा प्रॉपर्टीज को अटैच कर दिया है। प्रॉपर्टीज में अनिल अंबानी का पाली हिल वाला घर भी है। अटैच की गई प्रॉपर्टीज की कुल वैल्यू 3,084 करोड़ रुपए बताई जा रही है।

ये एक्शन मनी लॉन्ड्रिंग केस में लिया गया है, जिसमें यस बैंक से लिए लोन का फंड डायवर्जन का मामला शामिल है। ED का कहना है कि ये पब्लिक मनी रिकवर करने के लिए जरूरी है।

प्रॉपर्टी अटैच करने का ये आदेश 31 अक्टूबर 2025 को PMLA की धारा 5(1) के तहत जारी किया गया था। प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट ब्लैक मनी को रोकने के लिए 2002 में बना था। इसमें प्रॉपर्टी अटैचमेंट से लेकर कोर्ट ट्रायल तक सब कवर होता है।

ED ने 24 जुलाई को अनिल अंबानी के रिलायंस ग्रुप से जुड़े 35 से ज्यादा ठिकानों और करीब 50 कंपनियों पर छापेमारी की थी। इसके बाद 23 अगस्त को CBI ने भी अनिल अंबानी के घर पर छापेमारी की थी।

ED ने 24 जुलाई को अनिल अंबानी के रिलायंस ग्रुप से जुड़े 35 से ज्यादा ठिकानों और करीब 50 कंपनियों पर छापेमारी की थी। इसके बाद 23 अगस्त को CBI ने भी अनिल अंबानी के घर पर छापेमारी की थी।

ED की जांच में फंड डायवर्जन का खुलासा

ED ने अपनी जांच में पाया है कि रिलायंस होम फाइनेंस (RHFL) और रिलायंस कॉमर्शियल फाइनेंस (RCFL) में बड़े पैमाने पर फंड्स का गलत इस्तेमाल हुआ। 2017 से 2019 के बीच यस बैंक ने RHFL में 2,965 करोड़ और RCFL में 2,045 करोड़ का इन्वेस्टमेंट किया था।

लेकिन दिसंबर 2019 तक ये अमाउंट नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स (NPA) बन गए। RHFL का 1,353 करोड़ और RCFL का 1,984 करोड़ अभी तक बकाया है। कुल मिलाकर यस बैंक को 2,700 करोड़ से ज्यादा का नुकसान हुआ।

ED के मुताबिक ये फंड्स रिलायंस ग्रुप की दूसरी कंपनियों में डायवर्ट किए गए। लोन अप्रूवल प्रोसेस में भी कई गड़बड़ियां मिलीं। जैसे, कुछ लोन उसी दिन अप्लाई, अप्रूव और डिस्बर्स हो गए। फील्ड चेक और मीटिंग्स स्किप हो गईं। डॉक्यूमेंट्स ब्लैंक या डेटलेस मिले।

ED ने इसे ‘इंटेंशनल कंट्रोल फेल्योर’ बताया है। जांच PMLA की धारा 5(1) के तहत चल रही है और 31 अक्टूबर 2025 को अटैचमेंट ऑर्डर जारी हुए।

अटैच प्रॉपर्टीज दिल्ली से चेन्नई तक फैली

अटैच की गई प्रॉपर्टीज दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद, मुंबई, पुणे, ठाणे, हैदराबाद, चेन्नई, कांचीपुरम और ईस्ट गोदावरी जैसे शहरों में हैं। इनमें रेसिडेंशियल यूनिट्स, ऑफिस स्पेस और लैंड पार्सल शामिल हैं। खासकर अनिल अंबानी का पाली हिल रेसिडेंस सबसे हाई-प्रोफाइल है।

ED का फोकस क्राइम प्रोसीड्स को ट्रेस करने पर है, ताकि और प्रॉपर्टीज अटैच की जा सकें। अभी तक 3,084 करोड़ की वैल्यू अटैच हो चुकी है।

अनिल अंबानी का पाली हिल वाला घर 16,000 वर्ग फीट में बना है।

अनिल अंबानी का पाली हिल वाला घर 16,000 वर्ग फीट में बना है।

अनिल के घर में हेलीपैड से लेकर जिम और लाउंज

अनिल अंबानी अपने पाली हिल वाले घर में पत्नी टीना मुनिम अंबानी और उनके दो बेटों जय अनमोल व जय अनशुल अंबानी के साथ-साथ रहते हैं। इस घर का नाम ‘अबोड’ है। अनिल ने शुरू में इमारत को 150 मीटर ऊंचा बनाने की सोची थी, लेकिन जरूरी परमिट न मिलने से इसकी ऊंचाई 66 मीटर रह गई।

अबोड में हाई-एंड सुविधाओं का पूरा इंतजाम है, जिसमें स्विमिंग पूल, जिम, हेलीपैड और पार्किंग स्पेस शामिल हैं। इसके साथ ही एक लाउंज एरिया है, जहां अंबानी का बड़ा कार कलेक्शन डिस्प्ले होता है।

उनकी लग्जरी कारों में रिपोर्टेडली रोल्स रॉयस, लेक्सस, पोर्शे, ऑडी और मर्सिडीज जैसे ब्रांड्स हैं। हालांकि, यूके कोर्ट में पेशी के दौरान उन्होंने कहा था कि उनके पास सिर्फ एक कार ही है।

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SIR में नाम कटे तो दोबारा जुड़वाना आसान:फॉर्म-6 से 2003 वाला सवाल हटाया, माता-पिता का रिकॉर्ड नहीं खोजना होगा, बदलाव के मायने

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नई दिल्ली, एजेंसी। चुनाव आयोग ने SIR पूरा हो चुके राज्यों में फॉर्म-6 में बड़ा बदलाव किया है। अब SIR में नाम कटने के बाद दोबारा नाम जुड़वाने के लिए 2003 की वोटर लिस्ट की जानकारी नहीं देनी होगी। आवेदक को यह बताने की जरूरत नहीं होगी कि उसका, माता-पिता या दादा-दादी का नाम उस लिस्ट में था या नहीं। फॉर्म-6 से इससे जुड़ा अतिरिक्त घोषणा-पत्र हटा दिया गया है। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि नाम बिना जांच के जुड़ जाएगा। वोटर बनने की पात्रता की जांच पहले की तरह होगी। फॉर्म-6 की सामान्य प्रक्रिया भी जारी रहेगी। यह बदलाव फिलहाल सिर्फ उन राज्यों में लागू है, जहां SIR पूरा हो चुका है।

चुनाव आयोग के फॉर्म 6 में माता-पिता का पिछले SIR में नाम होने की डिटेल भरनी होती थी। SIR हो चुके राज्यों के लिए इस हिस्से को हटाया गया है।

चुनाव आयोग के फॉर्म 6 में माता-पिता का पिछले SIR में नाम होने की डिटेल भरनी होती थी। SIR हो चुके राज्यों के लिए इस हिस्से को हटाया गया है।

द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, दो चुनाव आयुक्तों विवेक जोशी और सुखबीर सिंह संधू ने इस पर आपत्ति जताई थी। फॉर्म 6 का इस्तेमाल वोटर लिस्ट में नाम जुड़वाने के लिए होता है।

5 सवाल-जवाब में जानिए नए बदलाव के मायने

1. सवाल: मेरा नाम SIR में कट गया है। अब दोबारा नाम जुड़वाने के लिए क्या 2003 की वोटर लिस्ट में माता-पिता का नाम बताना होगा?

जवाब: नहीं। जिन राज्यों में SIR पूरा हो चुका है, वहां फॉर्म-6 से SIR वाला अतिरिक्त घोषणा-पत्र हटा दिया गया है। इसलिए नाम दोबारा जुड़वाने के लिए यह बताना जरूरी नहीं होगा कि आपका या माता-पिता का नाम 2003 की वोटर लिस्ट में था या नहीं।

2. सवाल: क्या जिन लोगों के नाम SIR में कटे हैं, उनके नाम बिना जांच के वापस जुड़ जाएंगे?

जवाब: नहीं। घोषणा-पत्र हटने का मतलब जांच खत्म होना नहीं है। Form 6 की सामान्य प्रक्रिया और मतदाता बनने की पात्रता की जांच पहले की तरह रहेगी।

3. सवाल: जो पहली बार वोटर बनने जा रहे हैं, उन्हें इसका क्या फायदा होगा?

जवाब: उन्हें भी फॉर्म-6 भरते समय अपने माता-पिता या दादा-दादी का 2003 की वोटर लिस्ट से जुड़ा विवरण देने की अतिरिक्त घोषणा नहीं करनी होगी। इससे पहली बार नाम जुड़वाने की प्रक्रिया आसान होगी।

4. सवाल: फिर 2003 की वोटर लिस्ट की जानकारी की जरूरत ही नहीं रहेगी?

जवाब: ऐसा नहीं है। पुरानी वोटर लिस्ट SIR की प्रक्रिया में रिकॉर्ड की जांच और मिलान के लिए इस्तेमाल हो सकती है। बस फॉर्म-6 में उससे जुड़ा अतिरिक्त घोषणा-पत्र देना जरूरी नहीं रहेगा।

5. सवाल: आखिर इस बदलाव का सीधा फायदा किसे होगा?

जवाब: दोनों तरह के वोटर्स को, जिनका नाम SIR में कट गया है और जो पहली बार वोटर बन रहे हैं। दोनों के लिए फॉर्म-6 की प्रक्रिया से एक अतिरिक्त घोषणा हट गई है। खासकर नए वोटर्स के लिए यह आसान होगा, क्योंकि उन्हें पुराने वोटर रिकॉर्ड में माता-पिता या दादा-दादी का नाम खोजने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

रिपोर्ट- दो चुनाव आयुक्तों ने आपत्ति जताई थी

  • द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, चुनाव आयुक्त विवेक जोशी और सुखबीर सिंह संधू ने फॉर्म 6 में SIR से जुड़ी जानकारी जोड़ने पर आपत्ति जताई थी।
  • उनका कहना था कि नियमों में बदलाव किए बिना वैधानिक फॉर्म 6 में नया हिस्सा जोड़ दिया गया।
  • विवेक जोशी ने कहा कि फॉर्म 6 नियमों के तहत तय फॉर्म है, इसलिए इसमें बदलाव के लिए पहले नियमों में संशोधन जरूरी है।
  • वहीं, सुखबीर सिंह संधू ने ऑनलाइन फॉर्म 6 में जोड़े गए हिस्से को “अनधिकृत और अवैध” बताते हुए उसे हटाने की बात कही थी।

10 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों में पूरा हुआ SIR

SIR के पहले और दूसरे फेज में 10 राज्य और 3 केंद्र शासित प्रदेश कवर हो चुके हैं। SIR के बाद बिहार, पश्चिम बंगाल, पुडुचेरी और असम विधानसभा चुनाव में भाजपा जीती है। केरल में कांग्रेस गठबंधन और तमिलनाडु में TVK ने जीत हासिल की है। असम में स्पेशल रिवीजन (SR) हुआ। यहां भी भाजपा सरकार की वापसी हुई।

तीसरा फेज: दिल्ली, महाराष्ट्र समेत 16 राज्यों में SIR

चुनाव आयोग ने 14 मई को हरियाणा, झारखंड, उत्तराखंड, दिल्ली और महाराष्ट्र समेत 16 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों में स्पेशल इंटेसिव रिवीजन (SIR) की घोषणा की थी। यह SIR का तीसरा फेज है।

पूरी प्रक्रिया 30 मई से 23 दिसंबर तक चलेगी। इस दौरान 36.73 करोड़ वोटरों का वेरिफिकेशन हो रहा है। जिन राज्यों में SIR होगा, उनमें पंजाब, उत्तराखंड और मणिपुर में अगले साल विधानसभा चुनाव हैं। अन्य 13 राज्यों में 2028 और 2029 में चुनाव होंगे।

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शाह बोले- दिल्ली शराब घोटाले वाले नशामुक्ति नहीं कर सकते:AAP ने पंजाब को चिट्‌टे में धकेला, 31 दिसंबर 2029 से पहले हम नशामुक्त कर देंगे

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जालंधर, एजेंसी। गृह मंत्री अमित शाह ने बुधवार को जालंधर में कहा कि आम आदमी पार्टी (AAP) ने पंजाब को चिट्‌टे (नशे) में धकेल दिया है। 2027 का चुनाव भाजपा नशामुक्त पंजाब के नाम पर लड़ेगी।

मैं पंजाब के युवाओं को वादा करके जाता हूं कि भाजपा को वोट करें। हम 31 दिसंबर 2029 से पहले पंजाब को नशा मुक्त कर देंगे। उन्होंने रैली में कहा-

भगवंत मान ने नशे के व्यापार को और बढ़ाया है। नशे में गुरु का अपमान करने वाला नशामुक्ति नहीं कर सकता। जो दिल्ली में शराब बेचने के घोटाले में पकड़े गए हों, वे पंजाब को नशामुक्त कैसे करेंगे?

शाह की रैली से पहले बम की धमकी भी मिली थी। कैंब्रिज स्कूल को भेजे ई-मेल में दावा किया गया कि रैली के स्टेज के नीचे IED रखा गया है। हालांकि सुरक्षा एजेंसियों की जांच में वहां कुछ नहीं मिला।

रैली को संबोधित करते वक्त अमित शाह को 4 बार खांसी आई। इसके बाद उनके सुरक्षाकर्मी ने डायस पर पानी का गिलास रखा।

रैली को संबोधित करते वक्त अमित शाह को 4 बार खांसी आई। इसके बाद उनके सुरक्षाकर्मी ने डायस पर पानी का गिलास रखा।

शाह की रैली में भीड़ जुटाकर BJP ने नशे के मुद्दे पर 2027 का चुनाव लड़ने का ऐलान किया।

शाह की रैली में भीड़ जुटाकर BJP ने नशे के मुद्दे पर 2027 का चुनाव लड़ने का ऐलान किया।

रैली में शाह की बड़ी बातें

  • जवानों के लिए: आजादी से पहले का समय हो या बाद का, जब भी देश की सुरक्षा की बात आती है, पंजाब का जवान सबसे पहले अपनी जान देने के लिए तैयार रहता है। आज भी जब सेना में जो बोले सो निहाल… का नारा लगता है, तो पाकिस्तानी सेना उल्टे पांव भाग जाती है।
  • किसानों के लिए: देश में जब भी खाने-पीने की किल्लत या जरूरत पड़ी, पंजाब के किसानों ने कड़ी मेहनत कर हमेशा देश के अन्न भंडार को भरने का काम किया है। पंजाब सरकार ने किसानों को 26 फसलों पर MSP देने का वादा किया गया था, लेकिन सरकार उसे पूरा करने में विफल रही। इसके विपरीत, पड़ोसी राज्य हरियाणा ने अपने किसानों को फसलों पर MSP दे दी है। सरकार बनी तो किसानों के मुद्दे का परमानेंट हल करेंगे।
  • युवाओं के लिए: जब कुश्ती खेलने वाला देश का होनहार युवा नशे के कारण असमय मौत का शिकार होता है, तो बहुत दुख होता है। पंजाब के युवाओं से वादा है कि राज्य के सुनहरे भविष्य के लिए BJP को वोट दें, उन्हें नशे के इस दलदल से निकाल लेंगे। उन्हें रोजगार के उचित मौके देंगे।
  • नशामुक्ति के लिए: भाजपा नशामुक्त पंजाब वादे को पूरा करेंगी। मैं खुद उन पीड़ित माताओं से मिलकर आया हूं, जिन्होंने नशे के कारण अपने बेटों को खो दिया। एक मां अपनी गोद में अपने 2 मृत बच्चों की तस्वीर लेकर पंजाब को बचाने की गुहार लगा रही थी।
  • पंजाब सरकार के लिए: पिछले 3 सालों में पंजाब सरकार ने एंटी-ड्रग्स की एक भी बैठक नहीं की। जालंधर में NCB का दफ्तर खोलने के केंद्र के प्रस्ताव को भी ठुकरा दिया। आज पंजाब में महिलाओं की सुरक्षा एक बहुत गंभीर मुद्दा बन चुकी है, जिसे भाजपा सरकार आने पर प्राथमिकता से सुधारा जाएगा।
अमित शाह ने जालंधर के श्री देवी तलाब मंदिर में जोत जलाकर माथा टेका।

अमित शाह ने जालंधर के श्री देवी तलाब मंदिर में जोत जलाकर माथा टेका।

शाह ने पंजाब सरकार पर घोटालों के आरोप लगाए

  • मोगा विज्ञापन घोटाला: मोगा में विज्ञापन आवंटन में घपला हुआ है। पंजाब सरकार जनता के पैसे का दुरुपयोग कर रही है और सालाना 785 करोड़ रुपए सिर्फ अपने प्रचार और विज्ञापनों पर खर्च कर रही है।
  • बरनाला भूमि घोटाला: बरनाला भूमि घोटाले में सरकार की नीयत ठीक नहीं है। इसकी जांच होनी चाहिए।
  • पंजीरी घोटाला: बच्चों और गर्भवती महिलाओं के पोषण के लिए बांटी जाने वाली पंजीरी में हुए कथित घोटाले का जिक्र करते हुए शाह ने कहा कि राज्य में हर महीने अवैध उगाही का खेल चल रहा है।
  • खनन आय में गिरावट का आरोप: शाह ने CM भगवंत मान का नाम लेकर पूछा कि सरकार ने राज्य में अवैध खनन को रोककर इनकम बढ़ाने का वादा किया था, लेकिन इसके विपरीत माइनिंग से होने वाली आय पहले से भी और कम हो गई है।
श्री देवी तालाब मंदिर में माथा टेकने के बाद गृह मंत्री अमित शाह और पंजाब भाजपा प्रधान केवल सिंह ढिल्लों ने पंजाब के मशहूर हॉटेलियर गौतम कपूर से मुलाकात की। वे होटल व्यापारी के घर करीब 40 मिनट तक रुके। इस दौरान उन्होंने वहां लंच भी किया। इसके बाद शाह रैली के लिए लिए रवाना हुए।

श्री देवी तालाब मंदिर में माथा टेकने के बाद गृह मंत्री अमित शाह और पंजाब भाजपा प्रधान केवल सिंह ढिल्लों ने पंजाब के मशहूर हॉटेलियर गौतम कपूर से मुलाकात की। वे होटल व्यापारी के घर करीब 40 मिनट तक रुके। इस दौरान उन्होंने वहां लंच भी किया। इसके बाद शाह रैली के लिए लिए रवाना हुए।

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19 विपक्षी दलों का 2-8 अक्टूबर तक देशभर में प्रदर्शन:6 अक्टूबर को चुनाव आयोग घेरेंगे, I.N.D.I.A. ब्लॉक का फैसला, खड़गे बोले- EC कठपुतली बना

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नई दिल्ली, एजेंसी। चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर कांग्रेस समेत 19 विपक्षी पार्टियां 2 से 8 अक्टूबर तक देशभर में मार्च निकालेंगी।

6 अक्टूबर को चुनाव आयोग का घेराव किया जाएगा। यह फैसला बुधवार को दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में INDIA ब्लॉक बैठक में लिया गया।

करीब 3 घंटे चली बैठक में 3 बातों पर सहमति बनी।

1. CEC ज्ञानेश कुमार को हटाने के लिए संसद में प्रस्ताव लाया जाए।

2. वोटर लिस्ट से हटाए गए नामों को सार्वजनिक किया जाए। नाम हटाने से पहले वोटर को नोटिस और अपील का मौका मिले।

3. EVM की जगह बैलेट पेपर से चुनाव कराए जाएं।

बैठक के बाद खड़गे ने आरोप लगाया कि मोदी- शाह और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने चुनाव आयोग को कठपुतली बना दिया है। भाजपा चुनाव आयोग के साथ वोट चोरी कर रही है।

इंडिया ब्लॉक की बैठक में 19 पार्टियां शामिल हुईं। इनके पास लोकसभा में 178 और राज्यसभा में 62 सांसद हैं। ये पार्टियां हैं- कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, टीएमसी, NCP (SP), शिवसेना (UBT), RJD, CPM, CPI, NC, PDP, JMM, CPI-ML, IUML, KC (M), MDMK, VCK, RSP, AIFB और KC (J)।

राहुल बोले- हम एक गठबंधन

  • राहुल गांधी: BJP, अमित शाह, पीएम मोदी और ज्ञानेश कुमार लोकतंत्र पर हमला कर रहे हैं। हम एक गठबंधन हैं और देश में बड़ा बदलाव लाएंगे।
  • ममता बनर्जी: बीजेपी ने वोट चोरी करके बंगाल में लूट की, एमपी, हरियाणा, बिहार, छत्तीसगढ़ में जीते। ज्ञानेश कुमार चोर-डाकू हैं।
  • तेजस्वी यादव: फॉर्म 6 में बदलाव विपक्ष के दबाव में हुआ है। यह हमारी पहली जीत है।
  • संजय राउत: मुंबई में ज्ञानेश कुमार के खिलाफ बड़ा प्रदर्शन चल रहा है। हम उसकी तैयारियों में व्यस्त हैं।

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