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छत्तीसगढ़

बीएनआई राइजिंग स्टार प्रतियोगिता में बाल भारती पब्लिक स्कूल सीपत का शानदार प्रदर्शन

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आर्य चौरसिया बने ‘राइजिंग स्टार ऑफ बिलासपुर’, विद्यार्थियों ने संगीत व प्रतिभा मंच पर लहराया परचम

बिलासपुर। बीएनआई बिलासपुर के तत्वावधान में आयोजित प्रतिष्ठित ‘राइजिंग स्टार’ एवं ‘बिलासपुर गॉट टैलेंट’ प्रतियोगिता में बाल भारती पब्लिक स्कूल, सीपत के विद्यार्थियों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए विद्यालय का नाम गौरवान्वित किया।
एकल गायन प्रतियोगिता में कक्षा सातवीं के छात्र आर्य चौरसिया ने अपनी सुमधुर प्रस्तुति से निर्णायकों को मंत्रमुग्ध कर प्रथम स्थान प्राप्त किया तथा ‘राइजिंग स्टार ऑफ बिलासपुर’ के खिताब से सम्मानित हुए। वहीं कक्षा सातवीं के ही छात्र धैर्य तिवारी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए द्वितीय स्थान अर्जित किया।
‘बिलासपुर गॉट टैलेंट’ श्रेणी में कक्षा पाँचवीं के छात्र अरिहंत ने कीबोर्ड वादन में उत्कृष्ट प्रतिभा का परिचय देते हुए द्वितीय स्थान प्राप्त किया। साथ ही विद्यालय की छात्राएँ वरेण्या सिंह, अनिष्का सिंह एवं मीहिका ने भी कीबोर्ड वादन में सराहनीय सहभागिता कर प्रशंसा अर्जित की।
विद्यालय की उपलब्धियों की श्रृंखला में कक्षा दूसरी के मेधावी छात्र आदित ढांडा ने शैक्षणिक सत्र 2025–26 में आयोजित NSTSE ओलंपियाड परीक्षा में अखिल भारतीय स्तर पर सातवाँ रैंक प्राप्त कर विद्यालय को गौरवान्वित किया। इस उपलब्धि के लिए उन्हें मोमेंटो एवं प्रशस्ति-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर विद्यालय के प्राचार्य शलभ निगम ने विद्यार्थियों की सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए इसे उनके अनुशासन, निरंतर अभ्यास एवं शिक्षकों के मार्गदर्शन का परिणाम बताया। उन्होंने संगीत शिक्षक साईं गणेश राव के योगदान की विशेष सराहना की। इस उपलब्धि से विद्यालय परिसर में हर्ष और गर्व का माहौल व्याप्त है।

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छत्तीसगढ़

बिलासपुर में 117 मुस्लिम वोटर्स के नाम कटे:50 साल से निवासरत, यहां नहीं रहते बताकर नाम कटवाया, कांग्रेस बोली- BJP के इशारे पर हुआ

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बिलासपुर,एजेंसी। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में 117 मुस्लिम वोटर्स का नाम मतदाता सूची से काट दिया गया है। बेलतरा विधानसभा क्षेत्र के चांटीडीह इलाके में रहने वाले वोटर्स जो मुस्लिम समाज से आते हैं। उनका नाम SIR लिस्ट में नहीं आया। आरोप है कि वे पते पर नहीं रहते बताकर किसी ने उनका नाम कटवा दिया। जबकि वे यहां 40-50 साल से रहे हैं।

प्रभावित वोटरों का कहना है कि वे मूलत: बिहार के रहने वाले थे, लेकिन बचपन से इसी इलाके में रह रहे हैं। SIR में नाम नहीं आने पर प्रभावितों ने 11 फरवरी को कलेक्ट्रेट पहुंचकर नाम जुड़वाने के लिए कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा है। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि ये वोटर्स कांग्रेस समर्थित हैं, इसिलए भाजपा के इशारे पर निर्वाचन आयोग ने नाम काटा है। वहीं इन आरोपों पर बीजेपी ने कहा कि कांग्रेस खुद नाम कटवाकर राजनीति करना चाह रही।

प्रभावित मतदाताओं ने कलेक्टर से मुलाकात कर नाम जुड़वाने की मांग की।

प्रभावित मतदाताओं ने कलेक्टर से मुलाकात कर नाम जुड़वाने की मांग की।

नाम कटवाने किसने फॉर्म भरा, ये पता नहीं चल सका

दरअसल, यह मामला बेलतरा विधानसभा क्षेत्र के चांटीडीह इलाके से जुड़ा है। यहां बूथ नंबर 191, 192 और 193 वार्ड नंबर 55-56 में आते हैं। यह क्षेत्र मुस्लिम बाहुल माना जाता है। बूथ नंबर 191 के 10, बूथ नंबर 192 के 15 और बूथ नंबर 193 के 92 मतदाताओं के नाम हटाने के लिए ‘प्राण’ नामक व्यक्ति ने फॉर्म-7 जमा किए गए थे।

फॉर्म 7 मतदाता सूची से किसी का नाम हटवाने या किसी नाम पर आपत्ति दर्ज करने के लिए उपयोग किया जाता है। हालांकि किसने ये फॉर्म भरा ये जानकारी सामने नहीं आई है।

BLO ने मौके पर पहुंचकर जांच की, सभी पते पर मौजूद थे

फॉर्म-7 जमा होने के बाद बीएलओ ने मौके पर जाकर जांच की। जांच में सामने आया कि सभी मतदाता अपने पते पर मौजूद हैं और कोई भी मृत नहीं है। बीएलओ ने मौके पर मतदाताओं की फोटो ली, दस्तावेज दोबारा लिए और रिपोर्ट तैयार कर उच्च अधिकारियों को भेज दी।

गड़बड़ी की जांच की मांग

इस गड़बड़ी की जानकारी बाद में कांग्रेस के बीएलए और नेताओं को मिली। जिसके बाद मामला राजनीतिक रूप से गरमा गया। कांग्रेस ने इसे मुद्दा बनाते हुए भाजपा सरकार पर साजिश का आरोप लगाया। 11 फरवरी को विरोध प्रदर्शन करते हुए पूर्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष विजय केशरवानी ने मामले की जांच की मांग की है।

कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष मतदाताओं को लेकर जिला निर्वाचन अधिकारी संजय अग्रवाल से मिलने पहुंचे।

कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष मतदाताओं को लेकर जिला निर्वाचन अधिकारी संजय अग्रवाल से मिलने पहुंचे।

पूर्व जिलाध्यक्ष बोले- कांग्रेस समर्थित मतदाता निशाने पर

पूर्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष विजय केशरवानी ने कहा कि एसआईआर के तहत दस्तावेज जांच के बाद प्रारंभिक मतदाता सूची प्रकाशित की गई थी। 23 जनवरी तक नाम जोड़ने, हटाने और स्थानांतरण के लिए आवेदन लिए गए थे।

तीन बूथों में अचानक 117 फॉर्म-7 आवेदन आने का खुलासा हुआ। शिकायत में कहा गया कि ये मतदाता यहां रहते नहीं हैं। जांच में यह शिकायत गलत निकली। सभी मतदाता अपने पते पर मिले। उन्होंने आरोप लगाया कि ये सभी मतदाता मुस्लिम समुदाय से हैं और कांग्रेस समर्थित हैं।

कलेक्टर से मिलकर जांच की मांग

विजय केशरवानी ने कलेक्टर और जिला निर्वाचन अधिकारी संजय अग्रवाल से मिलकर फॉर्म-7 किसने भरा इसकी जांच की मांग की है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कुछ जगह बीएलओ को दबाव में काम करने को मजबूर किया जा रहा है। उन्हें कहा जा रहा है कि फॉर्म ऊपर से आया है और नहीं लेने पर कार्रवाई होगी।

BJP बोली- निर्वाचन पर आरोप लगाने वालों का चेहरा बेनकाब हो

बेलतरा विधायक सुशांत शुक्ला ने कहा कि मैं जिला प्रशासन से आग्रह करता हूं कि निर्वाचन की शुद्धता पर आरोप लगाने वालों का चेहरा बेनकाब किया जाए। निर्वाचन का शुद्धीकरण आने वाले समय में लोकतंत्र को शुद्ध करेगा। जो निर्वाचित प्रतिनिधि चुने जाए वह फर्जी वोटरों के सहारे ना चुने जाए।

ईआरओ ने फॉर्म जमा करने वालों की जानकारी नहीं दी

निर्वाचन रजिस्ट्रीकरण अधिकारी शिव कुमार कंवर से पूछा गया कि फॉर्म-7 किसने जमा किए, लेकिन उन्होंने इस सवाल का जवाब नहीं दिया। इधर, ईआरओ का कहना है कि मतदाताओं को लेकर शिकायत आई थी। इसी आधार पर जांच करवाई गई। भौतिक सत्यापन में सभी मतदाता मौके पर मिले। इसके बाद कोई कार्रवाई नहीं की गई।

एसआईआर के तहत दस्तावेज जांच के बाद प्रारंभिक मतदाता सूची प्रकाशित की गई थी।

एसआईआर के तहत दस्तावेज जांच के बाद प्रारंभिक मतदाता सूची प्रकाशित की गई थी।

कांग्रेस ने सवाल उठाया कि जब एसआईआर में पहले ही भौतिक सत्यापन हो चुका है और मतदाता सही पाए गए हैं, तो फॉर्म-7 जमा करने की जरूरत क्यों पड़ी। एसआईआर अपने उद्देश्य से भटक गया है और इसका इस्तेमाल कांग्रेस समर्थित मतदाताओं, अल्पसंख्यकों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के नाम काटने के लिए किया जा रहा है।

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कोरबा

शासकीय महाविद्यालय दीपका में  ’इलेक्टोरल लिटरेसी क्लब’ का हुआ गठन, पोस्टर प्रतियोगिता के माध्यम से छात्र-छात्राओं ने बताया एसआईआर का महत्त्व

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कोरबा। भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली एवं मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी, छत्तीसगढ़ के निर्देशानुसार जिले के युवाओं को निर्वाचन प्रक्रिया के प्रति जागरूक करने हेतु दिनांक 12 फरवरी 2026 को सहायक जिला स्वीप नोडल अधिकारी सतीश प्रकाश सिंह की उपस्थिति में शासकीय महाविद्यालय दीपका में इलेक्टोरल लिटरेसी क्लब का गठन किया गया।  इस अवसर पर छात्र-छात्राओं के लिए पोस्टर प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। पोस्टर प्रतियोगिता में महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। विद्यार्थियों ने अपनी कला के माध्यम से विशेष गहन पुनरीक्षण और मतदान के महत्व को आकर्षक ढंग से प्रदर्शित किया।

इस अवसर पर सहायक जिला स्वीप नोडल अधिकारी ने छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि 18 वर्ष की आयु पूर्ण करने वाले प्रत्येक युवा को एक जागरूक मतदाता के रूप में अपना नाम पंजीकृत कराना चाहिए, ताकि वे लोकतंत्र की मजबूती में अपना योगदान दे सकें। उन्होंने इलेक्टोरल लिटरेसी क्लब के गठन के उद्देश्यों को बताया तथा युवाओं से लोकतंत्र की मज़बूती के लिए आगे आकर अपना योगदान देने के लिए प्रेरित किये।
कार्यक्रम को सफल बनाने में महाविद्यालय की आयोजन टीम का विशेष योगदान रहा। कार्यक्रम का  संचालन राजमणि साकेत द्वारा किया गया। इस अवसर पर जी. सी. देवांगन सहायक प्राध्यापक भौतिकी, श्रीमती हेमलता कंवर कॉलेज स्वीप नोडल अधिकारी, सहायक प्राध्यापक एस. के. राठौर सहित महाविद्यालय के अन्य प्राध्यापकगण और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित थे। कार्यक्रम के अंत में सभी ने शत-प्रतिशत मतदान और पंजीकरण के लिए जागरूकता फैलाने का संकल्प लिया।

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कोरबा

जिले में 16 फरवरी से 31 मार्च तक ध्वनि विस्तारक यंत्र का उपयोग प्रतिबंधित

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कलेक्टर ने ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयोग पर लगाया प्रतिबंध

कोरबा। कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी कुणाल दुदावत ने छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मण्डल रायपुर द्वारा जारी हाई स्कूल/ हायर सेकेण्डरी मुख्य परीक्षा कार्यक्रम एवं शारीरिक प्रशिक्षण पत्रोपाधि परीक्षा  20 फरवरी से 18 मार्च 2026 तक आयोजन को दृष्टिगत रखते हुए परीक्षाओं के सुचारू रूप से संचालन एवं छात्र-छात्राओं की परीक्षाओं तैयारी में व्यवधान को रोकने हेतु विद्यार्थियों के हित में छत्तीसगढ़ कोलाहल नियंत्रण अधिनियम 1985 की धारा 18 के तहत् प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए जिले में 16 फरवरी 2026 से  31  मार्च 2026 तक ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयोग पर प्रतिबंध लगाया है। साथ ही विशेष परिस्थितयों एवं शासकीय कार्यो के लिए ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयोग करने की अनुमति संबंधित अनुभाग के अनुविभागीय दण्डाधिकारी सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों एवं उपरोक्त अधिनियम में उल्लेखित शर्तों के अधीन देंगे।

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