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कोरबा

लायंस क्लब खरसिया सिटी की बड़ी उपलब्धि: तिराहे का नाम हुआ लायंस तिराहा

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नववर्ष में पीएमजेएफ लायन डॉ. राजकुमार अग्रवाल के मुख्य आतिथ्य में हुआ नामकरण
प्रदेश में पहली बार सरकारी रिकार्ड में तिराहे का नाम लायंस तिराहा

खरसिया। लोक सेवा- जन सेवा- समाज सेवा की अग्रणी संस्था लायंस क्लब खरसिया सिटी भवन के सामने स्थित तिराहे का नामकरण लायंस क्लब तिराहे के नाम पर किए जाने के लिए लायंस क्लब द्वारा नगर पालिका परिषद खरसिया से मांग की गई थी, जिस पर नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती राधा सुनील शर्मा द्वारा पी आई सी में प्रस्ताव पास करते हुए तिराहे का नाम लायंस क्लब तिराहा किया गया, जिसका लोकार्पण बीते बुधवार को मुख्य अतिथि पीएमजेएफ लायन डॉ.राजकुमार अग्रवाल, लायंस क्लब अध्यक्ष राम नारायण सोनी की अध्यक्षता एवं विशिष्ट अतिथि श्रीमती राधा सुनील शर्मा, रीजन चेयरमैन लता अग्रवाल, जोन चेयरमैन ऋषि अग्रवाल तथा सचिव अनिल अग्रवाल, कोषाध्यक्ष सत्येंद्र गवेल, पूर्व अध्यक्ष डॉ हितेश गवेल ,नगर पालिका के पार्षदों, गणमान्य नागरिकों की उपस्थिति में संपन्न हुआ।
ज्ञातव्य हो कि लायंस क्लब खरसिया सिटी अपने सामाजिक और जन सेवा के कार्यों में हमेशा तत्पर रहते हुए कार्य करता है। लायंस क्लब द्वारा समय-समय पर निशुल्क चिकित्सा शिविर, बालिकाओं के लिए निशुल्क सिलाई एवं ब्यूटीशियन तथा कंप्यूटर ट्रेनिंग के लिए कैंप आयोजित किए जाते हैं। कोरोना महामारी के दौरान भी क्लब द्वारा जरूरतमंदों को भोजन आदि की व्यवस्था एवं अन्य सहयोग करते हुए समाज सेवा का एक उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया गया था।
कार्यक्रम में उपस्थित सभी अतिथियों पार्षदों एवं पत्रकारों को स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया गया। आज के कार्यक्रम में मुख्य अतिथि लायन राजकुमार अग्रवाल ने कहा कि खरसिया सिटी लायंस क्लब अपने उत्कृष्ट कार्यों के लिए अपनी एक विशिष्ट पहचान रखता है और छत्तीसगढ़ में शायद पहला ऐसा चौक या तिराहा होगा जिसका नामकरण सरकारी रिकॉर्ड में लायंस क्लब के नाम से किया गया है , हम नगर पालिका परिषद खरसिया के बहुत-बहुत आभारी हैं और उन्हें धन्यवाद देते हैं। यह भी एक संयोग है कि लायन रामनारायण सोनी के अध्यक्ष काल में ही भवन का निर्माण हुआ एवं आज तिराहे का भी नामकरण हुआ है। विशिष्ट अतिथि श्रीमती राधा सुनील शर्मा ने उपस्थित सभी लोगों को नववर्ष की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि लायंस क्लब जन सेवा के कार्यों को लेकर जाना जाता है। मुझे अपेक्षा और पूर्ण विश्वास है कि भविष्य में भी इसी प्रकार जन सेवा करते हुए दीन दुखियों की सेवा करते रहेंगे। अध्यक्ष राम नारायण सोनी ने कहा कि तिराहे का नामकरण लायंस क्लब के नाम पर होना लायंस क्लब के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। अंत में सभी का आभार प्रदर्शन करते हुए सचिव अनिल अग्रवाल ने कहा कि कार्यक्रम में पधारे आप सभी उपस्थित अतिथियों का लायंस क्लब आभारी है। जनसेवा और दानदाताओं के लिए कहा जाता है कि एक हाथ से दो तो दूसरे हाथ को पता नहीं चलना चाहिए यह बात सही भी है परंतु आज की नई युवा पीढ़ी को आगे लाने के लिए और उन्हें प्रोत्साहित करने के लिए भी किए गए सेवा कार्य का सभी लोगों तक पहुंचना आवश्यक होता है ताकि जन सेवा और समाज सेवा के कार्यों में युवा तथा अन्य लोग भी आगे आएं। पत्रकार समाज की महत्वपूर्ण कड़ी है, समाज के हर अच्छे और गलत कार्यों को सामने लाना इनका कार्य है। इनके द्वारा किए गए प्रचार से अन्य लोगों को भी सेवा कार्य करने के लिए प्रोत्साहन मिलता है आप सभी का बहुत-बहुत धन्यवाद आभार। कार्यक्रम का संचालन पूर्व अध्यक्ष लायन डॉक्टर हितेश गवेल ने किया।

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रबी सीजन में टोकन और क्यूआर कोड से उर्वरक वितरण शुरू

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नई डिजिटल व्यवस्था से खाद की उपलब्धता और बिक्री पर रहेगी निगरानी

कोरबा 05 नवंबर 2026। रबी सीजन 2026-27 में रासायनिक उर्वरकों का पारदर्शी और सुव्यवस्थित वितरण सुनिश्चित करने के लिए जिले में आज से ‘फ्रेमवर्क फॉर फर्टिलाइजर सेल’ (एफएफएस) सॉफ्टवेयर के माध्यम से टोकन आधारित व्यवस्था शुरू की गई है। इसके तहत किसान मोबाइल ऐप से खाद की प्री-बुकिंग कर ई-टोकन प्राप्त कर सकते हैं। दुकान पर टोकन का क्यूआर कोड स्कैन करने के बाद उर्वरक दिया जाएगा।

नई व्यवस्था का उद्देश्य किसानों को समय पर उचित मूल्य पर खाद उपलब्ध कराना, वितरण में पारदर्शिता बढ़ाना और कालाबाजारी पर रोक लगाना है। एफएफएस सॉफ्टवेयर के जरिए विक्रेताओं के स्टॉक, उर्वरक की प्राप्ति, दैनिक बिक्री और शेष उपलब्धता का डिजिटल रिकॉर्ड रखा जाएगा। यूरिया, डीएपी, एसएसपी, एमओपी, एनपीके सहित अन्य उर्वरकों की बिक्री और स्टॉक की जानकारी के आधार पर अधिकारी मांग, आपूर्ति और वितरण की नियमित समीक्षा कर सकेंगे।
जिले के किसान आधार कार्ड या फार्मर आईडी की सहायता से ऐप में लॉगिन कर सकते हैं। ऐप गूगल प्ले स्टोर पर उपलब्ध है। किसान घर बैठे खाद की प्री-बुकिंग कर सकते हैं। बुकिंग के बाद 48 घंटे के भीतर संबंधित दुकान पर टोकन का क्यूआर कोड स्कैन कराना जरूरी होगा। निर्धारित समय में स्कैन नहीं कराने पर बुकिंग स्वतः निरस्त हो जाएगी। किसान कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) के माध्यम से भी टोकन प्राप्त कर सकते हैं।
आज मोबाइल ऐप के माध्यम से ई-टोकन जारी किए गए। नई प्रक्रिया के तहत उर्वरक प्राप्त करने वाले किसानों ने व्यवस्था को सहज बताया। इसके सुचारू संचालन के लिए कृषि विभाग और सहकारी समितियों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है तथा किसानों के बीच जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है।
उप संचालक कृषि ने जिले के किसानों से एफएफएस ऐप के माध्यम से ही खाद की बुकिंग और खरीदी करने की अपील की है। ऐप पर टोकन बनाने में किसी प्रकार की समस्या आने पर किसान नजदीकी कृषि विभाग कार्यालय या सहकारी समिति के अधिकारियों-कर्मचारियों से संपर्क कर सकते हैं।

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सेवा सेतु से बढ़ी शासकीय सेवाओं तक पहुंच, नागरिकों को मिल रही सुविधा

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आवेदन के तीन दिन में मिला आय प्रमाण पत्र, सेवा सेतु से आसान हुई राह

समय और धन दोनों बचे, तीन दिन में मिल गया प्रमाण पत्र” – सुश्री पायल नेटी

कोरबा  05 नवम्बर 2026। आवश्यक शासकीय दस्तावेज बनवाने के लिए पहले नागरिकों को कार्यालयों के चक्कर लगाने, बार-बार आने-जाने और अपना समय व धन खर्च करने जैसी परेशानियों का सामना करना पड़ता था। छत्तीसगढ़ शासन की सेवा सेतु पहल से शासकीय सेवाओं तक पहुंच आसान हो रही है। अब च्वाइस सेंटर के माध्यम से आवेदन कर आवश्यक प्रमाण पत्र प्राप्त करने की प्रक्रिया अधिक सुविधाजनक बन रही है।
पाली तहसील अंतर्गत ग्राम नांनबांका निवासी सुश्री पायल नेटी, पुत्री भगवान सिंह नेटी, को भी इस सुविधा का लाभ मिला। उन्होंने 30 सितंबर को आवश्यक दस्तावेजों के साथ ग्राम सुतर्रा स्थित अशोक च्वाइस सेंटर के माध्यम से आय प्रमाण पत्र के लिए आवेदन किया। आवेदन के महज तीन दिन बाद, 3 अक्टूबर को उनका आय प्रमाण पत्र जारी हो गया। कम समय में प्रमाण पत्र मिलने से उन्हें अनावश्यक भागदौड़ और कार्यालयों के चक्कर लगाने से राहत मिली।
पायल नेटी अपने अनुभव साझा करते हुए बताती हैं, “पहले आय प्रमाण पत्र बनवाने के लिए कार्यालयों में जाना पड़ता था। आने-जाने में समय लगता था और पैसे भी खर्च होते थे। अब च्वाइस सेंटर के माध्यम से आवेदन करने पर मुझे केवल तीन दिन में आय प्रमाण पत्र मिल गया। इसके लिए न तो अनावश्यक भागदौड़ करनी पड़ी और न ही बार-बार कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़े। इससे मेरे समय और धन दोनों की बचत हुई है।”
पायल के अनुसार, सेवा सेतु के माध्यम से जरूरी शासकीय दस्तावेज प्राप्त करने की प्रक्रिया पहले से अधिक आसान हुई है। च्वाइस सेंटर के जरिए आवेदन की सुविधा मिलने से लोगों को अपने आवश्यक कार्यों के लिए बार-बार कार्यालय जाने की जरूरत नहीं पड़ती। इससे शासकीय सेवाओं तक आम नागरिकों की पहुंच बढ़ रही है और उनका समय भी बच रहा है।
सेवा सेतु की इस पहल की सराहना करते हुए पायल नेटी एवं उनके पिता भगवान नेटी ने बताया सेवा सेतु पोर्टल के माध्यम से शासकीय सेवाओं का लाभ लेना पहले की तुलना में काफी सरल हुआ है। आवश्यक दस्तावेजों के साथ आवेदन करने पर महज तीन दिनों में आय प्रमाण पत्र जारी होना उनके लिए सुखद अनुभव रहा। उन्होंने इस सुविधा के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार जताते हुए कहा, “सरकार की इस पहल से आम नागरिकों को बड़ी राहत मिल रही है। कम समय में जरूरी प्रमाण पत्र मिल जाने से भागदौड़ कम हुई है और समय व धन की बचत भी हो रही है। मैं चाहती हूं कि ऐसी सुविधाओं का लाभ अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचे। जनसुविधा को प्राथमिकता देने वाली इस पहल के लिए उन्होंने  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को धन्यवाद दिया।

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आयुष्मान योजना में अनियमितता पर हरिकृष्णा केयर हॉस्पिटल का पंजीयन एक वर्ष के लिए निलंबित

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अस्पताल को नए मरीज भर्ती नहीं करने और योजना से संबंधित प्रचार सामग्री हटाने के निर्देश

कोरबा 05 नवंबर 2026। आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के अंतर्गत मरीजों को गुणवत्तापूर्ण एवं निःशुल्क स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा अस्पतालों की नियमित निगरानी एवं जांच की जा रही है। इसी क्रम में 30 सितंबर 2026 को कटघोरा स्थित हरिकृष्णा केयर हॉस्पिटल ( HOSP22P147364) का औचक निरीक्षण किया गया।
निरीक्षण के दौरान जांच दल ने अस्पताल में कई अनियमितताएं पाईं। इनमें मरीजों के परिजनों से नगद राशि लिए जाने संबंधी बयान, भर्ती अभिलेखों में गलत मोबाइल नंबर दर्ज होना, भर्ती फाइलों में दर्ज 68 मोबाइल नंबरों का गलत अथवा उपयोग में नहीं होना, नवजात शिशुओं के उपचार से संबंधित अनियमितताएं तथा पैथोलॉजी और अल्ट्रासोनोग्राफी से जुड़े अभिलेख उपलब्ध न होना शामिल है।
इन अनियमितताओं के संबंध में अस्पताल को कारण बताओ नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया था। अस्पताल प्रबंधन द्वारा प्रस्तुत स्पष्टीकरण संतोषजनक एवं तथ्यों के अनुरूप नहीं पाया गया। मरीजों से संबंधित अभिलेखों और उपलब्ध साक्ष्यों की जांच में गंभीर वित्तीय एवं प्रक्रियागत अनियमितताएं सामने आईं।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एस. एन. केशरी ने बताया कि अनियमितताओं को गंभीरता से लेते हुए राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण द्वारा जुलाई 2026 में जारी दिशा-निर्देशों की कंडिका 6.4.1 के तहत कार्रवाई की गई है। इसके अंतर्गत हरिकृष्णा केयर हॉस्पिटल, कटघोरा का आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत पंजीयन एक वर्ष के लिए निलंबित किया गया है। इस अवधि में अस्पताल को योजना के तहत नए मरीज भर्ती नहीं करने तथा अस्पताल एवं परिसर से योजना से संबंधित प्रचार-प्रसार सामग्री हटाने के निर्देश दिए गए हैं।

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