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छत्तीसगढ़

BSP नेता ने बनाया 4000 करोड़ का ठग-साम्राज्य:रायपुर के 23 लोगों से ठगे 76 लाख, बाइक-बोट-स्कीम में 9 राज्य के 2 लाख लोगों को फंसाया

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रायपुर,एजेंसी। छत्तीसगढ़ समेत 7 राज्यों के 2 लाख से ज्यादा लोगों से बाइक बोट स्कीम के नाम 4 हजार करोड़ से ज्यादा की ठगी की है। राजनीति की चादर ओढ़कर UP के BSP नेता संजय भाटी ने फ्रॉड नेटवर्क बनाया। इसने रायपुर के 32 से ज्यादा लोगों से करीब 76 लाख रुपए की ठगी की।

संजय भाटी ने कर्णपाल सिंह और राजेश भारद्वाज ​​​​​के साथ ​​मिलकर फ्रॉड का साम्राज्य बनाया। स्कीम इतनी चालाकी से बनाई गई थी कि लोगों को भरोसा हो गया कि वे सिर्फ बाइक खरीदकर उसे किराए में चलवाएंगे और हर महीने लाखों कमाएंगे।

तीनों आरोपियों ने अपने 19 साथियों के साथ मिलकर 2017 में ठगी की। मास्टर माइंड संजय भाटी ठगी करने से पहले इंजीनियर, मोटिवेशनल स्पीकर था। इसके बाद BSP ज्वाइन कर नेता बन गया। रायपुर पुलिस राजस्थान जेल में बंद 3 आरोपियों को प्रोडक्शन वारंट पर लेकर आई है।

इस रिपोर्ट में विस्तार से पढ़िए आरोपियों ने किस तरह से ठगी का साम्राज्य फैलाया, इतने दिनों तक रायपुर पुलिस आरोपियों को क्यों कस्टडी में नहीं ले पाई, आरोपियों के कौन से साथी अभी भी रायपुर पुलिस की गिरफ्त से दूर हैं?

राजस्थान से प्रोडक्शन वारंट में रायपुर लाकर पुलिस ने इन आरोपियों को मीडिया के सामने पेश किया।

राजस्थान से प्रोडक्शन वारंट में रायपुर लाकर पुलिस ने इन आरोपियों को मीडिया के सामने पेश किया।

जानिए क्या है पूरा मामला ?

दरअसल, अक्टूबर 2018 को रायपुर के सिविल लाइन थाने में बीरगांव निवासी अखिल कुमार बिसोई ने शिकायत दी। उन्होंने बताया कि ओला/उबर की तर्ज पर बाइक बोट स्कीम चलाने का झांसा देकर मेसर्स गर्विट इनोवेटिव प्रमोटर्स लिमिटेड ठगी की।

अखिल कुमार बिसोई ने बताया कि अंतरराज्यीय कंपनी के संचालक संजय भाटी और उनके साथिया ने 26 लाख 70 हजार 300 रुपए की ठगी कर ली। आरोपी अपने वादा अनुसार पैसा नहीं वापस कर रहे और ना ही कोई रिस्पांस दे रहे हैं।

सिविल लाइन पुलिस ने मामले मे जांच शुरू की तो पता चला कि अखिल कुमार बिसोई की तर्ज पर रायपुर के 20 पीड़ितों ने कंपनी डायरेक्टर के कहने पर अपना 73 लाख रुपए इन्वेस्ट कर दिया है। इन सबका पैसा कंपनी के डायरेक्टर हजम कर गए है। पुलिस ने केस दर्ज करके जांच शुरू की, लेकिन पता नहीं चला और मामला ठंडे बस्ते में चला गया।

इन बाइको को खरीदकर किराए में लगाने पर पैसे देने का लालच दिया था आरोपियों ने।

इन बाइको को खरीदकर किराए में लगाने पर पैसे देने का लालच दिया था आरोपियों ने।

पेडिंग केसों पर फटकार के बाद आई रफ्तार

फरवरी 2025 में जब आईजी अमरेश मिश्रा ने लंबित मुकदमों पर फटकार लगानी शुरू की तो सिविल लाइंस थाने में बाइक बोट योजना घोटाले की फाइल फिर से खुल गई। सिविल लाइंस पुलिस ने मामले में आरोपियों की तलाश शुरू की।

इस दौरान पता चला कि बोट कंपनी का मास्टरमाइंड संजय भाटी और उसके साथी करनपाल सिंह और राजेश भारद्वाज राजस्थान की भरतपुर जेल में बंद हैं। इसके बाद प्रोडक्शन वारंट पर सिविल लाइन पुलिस आरोपियों को रायपुर लेकर आए।

इस तरह की स्कीम दिखाकर पीड़ितों को फंसाते थे आरोपी।

इस तरह की स्कीम दिखाकर पीड़ितों को फंसाते थे आरोपी।

इस दौरान आरोपियों को पूछताछ के बाद न्यायिक हिरासत में जेल भेजा गया। जांच अधिकारियों का कहना है, कि बाइक बोट घोटाले को अंजाम देने वाले अन्य 19 आरोपियों के नाम का पता चल चुका है। इन आरोपियों की गिरफ्तारी भी जल्द होगी।

7 जून 2019 को आरोपी संजय भाटी ने अपने पार्टनर के साथ कोर्ट में सरेंडर किया था।

7 जून 2019 को आरोपी संजय भाटी ने अपने पार्टनर के साथ कोर्ट में सरेंडर किया था।

लोकसभा प्रभारी रह चुका आरोपी संजय भाटी

बाइक बोट टैक्सी स्कैम का मास्टर माइंड संजय भाटी बहुजन समाज पार्टी का बडा नेता रह चुका है। 2018 में कंपनी के डायरेक्टर पद से इस्तीफा दिया और पार्टी ज्वाइन की। 2019 में उसे गौतम बुद्धनगर से बहुजन समाज पार्टी ने लोकसभा प्रभारी भी बनाया।

2019 में ED और सीबीआई ने बोट घोटाले केस में कार्रवाई करना शुरू की। संजय भाटी और उसके साथी ने 7 जून 2019 को कोर्ट में सरेंडर कर दिया। पुलिस ने उसे अपनी कस्टडी में लिया।

इन गाड़ियों को देने का झांसा देकर ठगी की आरोपियों ने।

इन गाड़ियों को देने का झांसा देकर ठगी की आरोपियों ने।

अब जानिए रायपुर के लोगों से कैसे ठगी की गई ?

पीड़ित अखिल कुमार बिसोई ने पुलिस को बताया, कि आरोपी संजय भाटी ने इन्वेस्टमेंट करने पर फ्रेंचाइजी देने और छत्तीसगढ़ हेड बनाने की बात कही थी। उसने पैसा दिया और बाइक बोट पर इनवेस्ट किया था।

इसी तरह प्रार्थी नवीन सिंह, मोहम्मद जावेद, मुकेश टंडन समेत अन्य लोगों ने बताया, कि आरोपी संजय भाटी ने मेसर्स गर्विट इनोवेटिव प्रमोटर्स लिमिटेड की 62100 रुपए की बोट बाइक खरीदने पर उसका हर महीने 4590 रुपए मासिक किराया और 5175 रुपए हर महीने बाइक ऑनर काे देने का आश्वासन दिया था।

कुछ महीने पैसे मिले फिर बंद कर दिया

कंपनी के डायरेक्टर ने ईएमआई खत्म होने के बाद बाइक वापस खरीदने का भरोसा दिया था। इस पर विश्वास करके उन्होंने बचाई हुई रकम निवेश कर दी। पैसे लेने के बाद कंपनी के डायरेक्टर ने चार से छह महीने तक पैसे दिए और फिर पैसे देना बंद कर दिया।

जब उन्होंने उससे संपर्क करने की कोशिश की तो नंबर बंद मिला। पीड़ित जब नोएडा मुख्यालय गए तो पता चला कि कंपनी बंद हो चुकी है और डायरेक्टर फरार हो चुका है।

2010 में कंपनी रजिस्टर्ड की, 2029 में स्कीम लॉन्च की

पुलिस की पूछताछ में आरोपी ने बताया, कि उसने 2010 में मेसर्स गर्विट इनोवेटिव प्रमोटर्स लिमिटेड कंपनी शुरू की थी। इस दौरान कंपनी में संजय भाटी के अलावा पत्नी दिप्ती बहुल और भाई सचिन डायरेक्टर थे। 2019 में संजय ने कंपनी का डायरेक्टर कर्णपाल सिंह और राजेश भारद्वाज को बनाया।

कंपनी का डायरेक्टर बदलने के बाद 2019 में बाइक बोट स्कीम लॉन्च की। स्कीम लॉन्च करने के बाद अलग-अलग राज्यों में इसका प्रचार प्रसार किया और घोटाला किया।

नोएडा स्थित मेसर्स गर्विट इनोवेटिव प्रमोटर्स लिमिटेड का कार्यालय।

नोएडा स्थित मेसर्स गर्विट इनोवेटिव प्रमोटर्स लिमिटेड का कार्यालय।

2020 से ED कर रही जांच

बाेट बाइक घोटाला केस 2020 में ED के हेंडओवर किया था। ED की जांच में सामने आया, कि मेसर्स गर्विट इनोवेटिव प्रमोटर्स लिमिटेड के डायरेक्टर ने देश भर में 1 लाख 75 हजार से ज्यादा लोगों को चूना लगाया और 4 हजार करोड़ से ज्यादा का घोटाला किया है।

ED के अफसरों ने मेसर्स गर्विट इनोवेटिव प्रमोटर्स लिमिटेड कंपनी के डायरेक्टरों की कई संपत्तियों को सीज भी किया है। ED की जांच के दौरान कंपनी से सपा सरकार के नेताओं का नाम भी जुड़ा था। कंपनी के तार हवाला से भी जुड़े हैं।

इन राज्यों में भी आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज

सिविल लाइन पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार कंपनी के डायरेक्टरों के खिलाफ उत्तरप्रदेश मे 150, राजस्थान में 50, मध्यप्रदेश में 06, गुजरात, तेलंगाना, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, नागपुर महाराष्ट्र, आंध्रप्रदेश एवं अन्य राज्यों मे केस दर्ज हैं।

पुलिस की जांच में यह बात भी सामने आई है कि मास्टरमाइंड संजय भाटी के विरूद्ध 1500 से अधिक चेक बाउंस के केस हरियाणा, दिल्ली, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, उत्तरप्रदेश में दर्ज है। पुलिस की पूछताछ में आरोपी संजय भाटी ने इस प्रोजेक्ट में 2800 करोड़ रुपए से अधिक की रिकवरी जांच एजेंसियों द्वारा करने की बात स्वीकारी है।

जानिए इस केस में अब तक क्या-क्या हुआ

  • कुल 26 आरोपी गिरफ्तार, 15 पर गैंगस्टर की कार्रवाई
  • ईडी ने 216 करोड़ रुपए की प्रॉपर्टी अटैच की
  • हर एजेंसी का घोटाले की रकम का अलग अनुमान
  • दिल्ली पुलिस इस घोटाले को 42 हजार करोड़ का मानती है
  • EOW मेरठ की जांच में शुरुआत में यह घोटाला 3500 करोड़ का था
  • EOW मेरठ की की जांच में 5000 करोड़ का घोटाला
  • CBI ने FIR में घोटाला 15 हजार करोड़ का घोटाला बताया।
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कोरबा

भाजपा के पूर्व जिला अध्यक्ष नानकराम भावनानी पंचतत्व में विलीन

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अंतिम यात्रा में हजारों लोग हुए शामिल, दी विनम्र श्रद्धांजलि
कोरबा/पाली। भारतीय जनता पार्टी के पूर्व जिला अध्यक्ष एवं पाली में कपड़ा व्यवसाय, वरिष्ठ नागरिक एवं समाजसेवी नानकराम भावनानी का कल 03 अप्रैल को निधन हो गया था और आज 04 अप्रैल 2026 को दोपहर 1.00 बजे स्थानीय मुक्तिधाम में उनका अंतिम संस्कार किया गया।
स्वर्गीय श्री भावनानी का भौतिक शरीर अब पंचतत्व में विलीन हो चुका है। उनकी अंतिम यात्रा उनके निजनिवास से दोपहर 12.30 बजे निकली और स्थानीय मुक्तिधाम में उनका अंतिम संस्कार किया गया। उनकी अंतिम यात्रा में हजारों लोग शामिल हुए। अंतिम विदाई के बाद मुक्तिधाम परिसर में शोकसभा आयोजित हुई, जिसमें उपस्थित जनों ने उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि दी और उनके सद्व्यवहार, मिलनसार व्यक्तित्व और समाज के लिए उनके किए गए कार्यों का संक्षिप्त विवरण उपस्थितजनों ने दिया।
भरापूरा परिवार छोड़कर अनंतयात्रा पर निकले नानकराम भावनानी
इस संसार में जो आया है, उसका जाना भी तय है, लेकिन कुछ लोग अपने कर्म से समाज को वह सबकुछ दे जाते हैं, जिनसे समाज उन्हें वर्षों तक भूलते नहीं। नानकराम भावनानी मानवता के वे पुजारी थे, जो भाजपा में रहते हुए सभी समुदाय, धर्म, दल से ऊपर उठकर सिर्फ मानव धर्म को सर्वोपरी मानते थे। उनके निधन से सिर्फ भाजपा परिवार को ही आघात नहीं लगा, बल्कि कोरबा, पाली सहित क्षेत्र के सम्पूर्ण समाज को उनका चले जाना खल रहा है। वे पाली क्षेत्र के लिए एक मार्गदर्शक थे और सभी दल के लोग उनसे किसी भी समस्या का समाधान के लिए मार्गदर्शन मांगते थे।
स्वर्गीय श्री नानकराम भावनानी गोविंदराम भावनानी, संतोष भावनानी एवं भाजपा के पूर्व जिला उपाध्यक्ष संजय भावनानी के पिता हैं। वे भरापूरा परिवार छोड़कर इहलोक से देवलोक गमन कर गए।
सभी ने इस पुण्यात्मा के लिए ईश्वर से प्रार्थना की-हे ईश्वर! इन्हें अपने श्रीचरणों में स्थान देना और शोकमग्न परिवार को इस दुखद घड़ी में संबल प्रदान करना।
सादगी और सहजता की मिसाल थे नानकराम जी-प्रशांत मिश्रा
भारतीय जनता पार्टी के पूर्व जिला अध्यक्ष नानकराम भावनानी के स्वर्गारोहण होने पर कांग्रेस नेता एवं प्रदेश कांग्रेस के महासचिव प्रशांत मिश्रा ने शब्दों से नानकराम भावनानी जी को अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की है। उन्होंने कहा-प्रत्येक व्यक्ति के प्रति प्रेम और सम्मान का व्यवहार उनकी आदत में शुमार था। बड़े हो या छोटे सभी से मित्रवत व्यवहार करना और सभी के लिए मन में प्रेम और सहयोग की भावना रखना ही उन्हें अन्य राजनीतिज्ञों से अलग रखता है । आज के प्रतिस्पर्धा और एक दूसरे को निपटाने वाली राजनीति के समय में आपके विचार और मार्गदर्शन आज के युवाओं के लिए अनुकरणीय रहेंगे । नानकराम जी ने अपनी पार्टी के जिले के सर्वोच्च पद पर उस समय जिम्मेदारी संभाली, जब वह काफी चुनौतीपूर्ण थी और उसे बखूबी निभाया । दलगत राजनीति से परे रहकर भी उन्होंने हमेशा सकारात्मक सोच का समर्थन किया । मुझे भी उनके करीब रहकर काफी कुछ सीखने का अवसर मिला और अक्सर विभिन्न मुद्दों पर अपनी राय या सलाह दिया करते थे । उनके चले जाने से एक रिक्तता महसूस होगी और सकारात्मक राजनीति के लिए उन्हें हमेशा याद किया जाता रहेगा । ईश्वर उन्हें अपने चरणों में स्थान दे । शत शत नमन ।

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छत्तीसगढ़

RTE के तहत प्रवेश नहीं देंगे निजी स्कूल:54 हजार 824 छात्र होंगे प्रभावित, 6 हजार से ज्यादा स्कूलों ने एडमिशन देने से किया इनकार

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रायपुर, एजेंसी। छत्तीसगढ़ में शिक्षा के अधिकार (RTE) के तहत प्रवेश को लेकर निजी स्कूलों ने बड़ा फैसला लिया है। छत्तीसगढ़ प्राइवेट स्कूल मैनेजमेंट एसोसिएशन ने घोषणा की है कि इस साल वे RTE के तहत होने वाली प्रवेश प्रक्रिया में सहयोग नहीं करेंगे। जिससे 54 हजार 824 छात्र प्रभावित होंगे।

संगठन का कहना है कि, लंबे समय से लंबित मांगों और शासन की अनदेखी के चलते यह निर्णय लेना पड़ा है। प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन के अध्यक्ष राजीव गुप्ता ने कहा कि आरटीई के तहत पिछले 14 साल से प्रतिपूर्ति की राशि नहीं बढ़ाए जाने की वजह से प्रदेश के प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन ने फैसला लिया है।

6000 से ज्यादा स्कूलों पर असर

एसोसिएशन के अनुसार, प्रदेश के 6000 से अधिक निजी स्कूल इस फैसले से प्रभावित होंगे। ये स्कूल RTE के तहत लॉटरी या ऑनलाइन माध्यम से चयनित छात्रों के एडमिशन की प्रक्रिया में भाग नहीं लेंगे।

फीस प्रतिपूर्ति नहीं बढ़ने से नाराजगी

संगठन ने बताया कि वर्ष 2011 से RTE के तहत फीस प्रतिपूर्ति की राशि तय है, जिसे अब तक नहीं बढ़ाया गया है।

कक्षा 1 से 5 तक: रू.7000 प्रति छात्र

कक्षा 6 से 8 तक: रू.11,400 प्रति छात्र

कक्षा 9 से 12 (2018 से):रू.15,000 प्रति छात्र

संगठन का कहना है कि बढ़ती लागत और महंगाई के बावजूद यह राशि वर्षों से जस की तस है, जिससे स्कूलों पर आर्थिक दबाव बढ़ रहा है।

हाईकोर्ट का भी लिया सहारा

एसोसिएशन ने बताया कि, इस मुद्दे को लेकर 2025 में छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई थी। कोर्ट ने 6 महीने के भीतर शासन को इस पर निर्णय लेने के निर्देश दिए थे, लेकिन अब तक कोई ठोस फैसला नहीं हुआ।

असहयोग आंदोलन का ऐलान

संगठन ने कहा कि, लगातार अनदेखी के कारण मार्च में ही असहयोग आंदोलन का ऐलान कर दिया गया था। इसके तहत स्कूल शिक्षा विभाग के नोटिस और पत्रों का जवाब भी नहीं दिया जा रहा है।

गरीब छात्रों पर पड़ेगा असर

एसोसिएशन का कहना है कि, इस निर्णय का सीधा असर गरीब और वंचित वर्ग के छात्रों पर पड़ेगा, जो RTE के तहत निजी स्कूलों में प्रवेश लेते हैं। संगठन ने स्पष्ट किया कि वे मजबूरी में यह कदम उठा रहे हैं, क्योंकि वर्तमान प्रतिपूर्ति राशि में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देना संभव नहीं रह गया है।

सरकार से क्या मांग

निजी स्कूल प्रबंधन ने सरकार से मांग की है कि, फीस प्रतिपूर्ति राशि का पुनर्निर्धारण किया जाए। अन्य राज्यों की तरह व्यावहारिक दर तय की जाए। लंबित मुद्दों पर जल्द निर्णय लिया जाए। संगठन का कहना है कि जब तक मांगों पर ठोस निर्णय नहीं होता, तब तक RTE प्रवेश प्रक्रिया में सहयोग संभव नहीं होगा।

54 हजार 824 सीटें प्रदेश में

स्कूल शिक्षा विभाग के अधिकारियों के अनुसार, प्रदेश में आरटीई के तहत 54 हजार 824 सीटें प्रदेश में है। इन सीटों में कक्षा 1 से प्रवेश दिया जाता है। राज्य सरकार इन बच्चों की शिक्षा का खर्च उठाती है।

आर.टी.ई. सीटों का निर्धारण यू-डाइस पोर्टल पर दर्ज गत वर्ष की कक्षा पहली की प्रविष्ट संख्या के आधार पर किया जा रहा है। इससे निजी शालाओं द्वारा नोडल अधिकारियों को दी जाने वाली गलत अथवा भ्रामक जानकारी पर अंकुश लगा है।

अब पढ़िए स्कूल एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने क्या कहा

छत्तीसगढ़ प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन के अध्यक्ष राजीव गुप्ता ने बताया कि, आरटीई के तहत राशि ना बढाए जाने पर 1 मार्च से छत्तीसगढ़ प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन के बैनर तले संचालित सभी स्कूल शिक्षा विभाग के खिलाफ असहयोग आंदोलन कर रहे है।

आरटीई की लॉटरी में जिन छात्रों का चयन होगा, उन्हें स्कूल प्रबंधन प्रवेश नहीं देगा। हाईकोर्ट के निर्देश के बावजूद स्कूल शिक्षा विभाग आरटीई एडमिशन के तहत देने वाली फीस नहीं बढ़ा रहा। स्कूलों के असहयोग का कारण स्कूल शिक्षा विभाग के अधिकारी है।

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छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ में फेक मैट्रिमोनियल साइट से ठगी:बिलासपुर में ऑफिस खोला, खुद की फोटो अपलोड करते, बिहार का युवक फंसा तो हुआ खुलासा; 4 गिरफ्तार

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जांजगीर-चांपा/बिलासपुर। छत्तीसगढ़ में फेक मैट्रिमोनियल साइट से ठगी हो रही थी। आरोपियों ने बिलासपुर में मैरिज ब्यूरों ऑफिस खोला था। खुद लड़की और लड़का बनकर फोटो खिंचवाते। फेक प्रोफाइल बनाकर वेबसाइट में अपलोड करते थे। युवकों को कॉल कर शादी लगवाने का झांसा देते थे, बदले में उनसे पैसे ले लेते थे। मामला सरकंडा थाना क्षेत्र का है।

1 साल से ठगी चल रही थी, कई लोगों के साथ ठगी हुई, लेकिन मामले का खुलासा तब हुआ जब बिहार के एक युवक ने बिलासपुर पुलिस को ऑनलाइन शिकायत भेजी। पुलिस ने 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, इसमें एक वकील भी शामिल है, जो आरोपियों को कानूनी मामलों में बचाता था। सभी जांजगीर चांपा के रहने वाले हैं।

फेक मैरिज ब्यूरों चलाने वाले आरोपी।

फेक मैरिज ब्यूरों चलाने वाले आरोपी।

बिहार के एक युवक ने बिलासपुर पुलिस को ऑनलाइन शिकायत में बताया कि, सरकंडा में संचालित मैरिज ब्यूरों से उसे कॉल आया। जहां शादी के लिए योग्य लड़की का प्रोफाइल देने की बात कही गई थी, बदले में 10 हजार रुपए भी लिए। लेकिन पेमेंट के बाद उसे कोई प्रोफाइल नहीं दी गई। जिससे उसे ठगी का एहसास हुआ।

शिकायत के बाद जब पुलिस ने पूरे मामले की जांच की, तब पता चला कि फर्जी सर्टिफिकेट बनाकर एक पूरा गैंग यह काम कर रहा है। गैंग के लोग लड़कों और लड़कियों की फेक प्रोफाइल बनाए थे और कॉल पर खुद बात करते थे। पैसे के लेनदेन के लिए म्यूल अकाउंट (दूसरों के नाम पर खुले बैंक खाते) भी खोला गया था।

म्यूल अकाउंट की जांच के दौरान पता चला कि जिस व्यक्ति के नाम पर खाता है, उसे कोई और चला रहा है। जांच में यह भी सामने आया कि इन खातों में ‘मैरिज ब्यूरो’ के नाम पर पैसे जमा किए जा रहे थे। खाते में लाखों के ट्रॉजेक्शन भी किए गए थे।

म्यूल बैंक खातों की जांच में ठगी का पता चला

सीएसपी निमितेश सिंह ने बताया कि ACCU की टीम जब म्यूल बैंक खातों की जांच कर रही थी, तब पता चला कि मैरिज ब्यूरो के नाम पर लोगों से ठगी कर रहे हैं।

सूचना मिलने के बाद पुलिस ने जांच की और सरकंडा व कोतवाली थाना क्षेत्र में चल रहे कॉल सेंटरों के बारे में जानकारी जुटाई।

इसके बाद पुलिस ने मैरिज ब्यूरो के इन कॉल सेंटरों पर छापा मारा, जहां संचालक और उनके साथी काम करते हुए मिले। पूछताछ में पूरे नेटवर्क का खुलासा हो गया।

बिलासपुर के सरकंडा में ऑफिस डालकर ठगी करते थे।

बिलासपुर के सरकंडा में ऑफिस डालकर ठगी करते थे।

वकील समेत चार आरोपी गिरफ्तार

पुलिस ने इस मामले में चार लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें बिलासपुर के चांटीडीह का वकील फुलेश्वर प्रसाद श्रीवास (40) भी शामिल हैं।

इसके अलावा जांजगीर-चांपा जिले के नवागढ़ सैदा के महारथी साहु (31), चांटीडीह के तरुणा उर्फ सोनू खरे (40) और खमतराई अशोक नगर की नीरा बाथम (32) को भी गिरफ्तार किया गया है।

इनके कब्जे से 10 कंप्यूटर, 70 मोबाइल और 20 हजार रुपए नकद बरामद हुए हैं।

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