अयोध्या, एजेंसी। अयोध्या राम मंदिर ट्रस्ट से इस्तीफे के बाद चंपत राय ने गुरुवार को 9 पन्नों का दूसरा लेटर जारी किया। इसमें उन्होंने मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष और पूर्व IAS अधिकारी नृपेंद्र मिश्र की भूमिका को लेकर कई दावे किए हैं।
चंपत राय ने कहा, ‘राम मंदिर निर्माण के लिए बने ट्रस्ट में 15 ट्रस्टी थे और नृपेंद्र मिश्र को निर्माण समिति का अध्यक्ष बनाया गया था। मिश्र के सुझाव पर लार्सन एंड टूब्रो (L&T) को मंदिर निर्माण की जिम्मेदारी दी गई। भवनों के डिजाइन और निर्माण से जुड़े काम के लिए नोएडा की डिजाइन एसोसिएट फर्म का चयन भी किया।
चंपत राय ने कहा कि नृपेंद्र मिश्र ने निर्माण समिति में अपनी पसंद के लोगों को शामिल किया। इनमें से कुछ लोग छह साल के दौरान केवल एक-दो बार ही अयोध्या आए। पूर्व NBCC चेयरमैन अनूप मित्तल लगातार नृपेंद्र मिश्र के साथ निर्माण समिति की बैठकों में शामिल होते थे।
चंपत राय ने चढ़ावा चोरी का मामला सामने आने के बाद 26 जून को महासचिव पद से इस्तीफा दे दिया था। 6 जुलाई को ट्रस्ट की बैठक में इस्तीफा मंजूर किया गया था। उसी दिन चंपत राय ने एक लेटर जारी कर ट्रस्टी अनिल मिश्र पर गंभीर आरोप लगाए थे।
नृपेंद्र ने निर्माण समिति के फैसले बदले- चंपत राय
तस्वीर 4 अगस्त की है। चंपत राय ने तपस्वी छावनी के पीठाधीश्वर जगद्गुरु परमहंस आचार्य से मुलाकात की थी।
71 एकड़ में फैले राम मंदिर का निर्माण नृपेंद्र मिश्र की देखरेख में हुआ है।
चंपत राय ने कहा कि मंदिर निर्माण से जुड़े फैसले समिति की बैठकों में लिए जाते थे, लेकिन कई मामलों में बाद में बदलाव किए गए और नृपेंद्र मिश्र के फैसलों को प्राथमिकता दी गई। कई मामलों में समिति के अन्य सदस्यों के सुझावों या फैसलों को महत्व नहीं दिया गया।
चंपत राय की चिट्ठी
चंपत राय ने 9 पन्नों का लेटर जारी किया है।
चंपत राय ने लिखा- लेटर में लिखा कि 1528 में बाबर की सेनाओं द्वारा राम जन्मभूमि मंदिर तोड़े जाने के बाद अयोध्या के संतों, स्थानीय राजाओं-रियासतों और गृहस्थ समाज की ओर से मंदिर की भूमि हासिल करने के लिए संघर्ष जारी रहा। 1949 में स्थानीय समाज द्वारा उस स्थान पर कब्जा किए जाने के बाद यह संघर्ष समाप्त हुआ।
1950 से 1989 के बीच स्थानीय अदालतों में चार वाद दायर किए गए। इन मुकदमों को वाद दायर करने वालों ने अपने स्तर पर लड़ा। बाद में इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच की तीन सदस्यीय पीठ ने मामले की सुनवाई की। करीब 15 साल चली सुनवाई के दौरान तीनों न्यायाधीशों ने स्वतंत्र रूप से अपने फैसले लिखे और कुल निर्णय करीब 8,500 पन्नों का रहा।
सुप्रीम कोर्ट ने बातचीत के जरिए समाधान निकालने की कोशिश की। तीन सदस्यीय मध्यस्थता समिति बनाई गई थी। मार्च से जुलाई 2019 तक कई दौर की बैठकें हुईं, लेकिन कोई समाधान नहीं निकल सका।
इसके बाद 6 अगस्त 2019 से सुप्रीम कोर्ट की पांच सदस्यीय संविधान पीठ ने नियमित सुनवाई शुरू की। 9 नवंबर 2019 को सुप्रीम कोर्ट ने सर्वसम्मति से फैसला सुनाया, जिसके बाद राम मंदिर निर्माण का रास्ता साफ हुआ।
राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र हर महीने निर्माण कामों का निरीक्षण करते हैं।
सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद केंद्र सरकार ने श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र नाम से स्वतंत्र ट्रस्ट का गठन किया। इसमें कुल 15 ट्रस्टियों की व्यवस्था की गई। एक स्थान निर्मोही अखाड़ा और एक स्थान अनुसूचित जाति/जनजाति प्रतिनिधित्व के लिए सुरक्षित रखा। अयोध्या के जिलाधिकारी, उत्तर प्रदेश सरकार और केंद्र सरकार के प्रतिनिधि के तौर पर आईएएस अधिकारियों को पदेन न्यासी बनाए गया।
विश्व हिंदू परिषद के दिवंगत नेता अशोक सिंहल के मंदिर निर्माण से जुड़े सुझाव नृपेंद्र मिश्र को बताए गए। मंदिर निर्माण के लिए लार्सन एंड टुब्रो (L&T) का चयन किया गया। निर्माण की निगरानी के लिए टाटा कंसल्टिंग इंजीनियर्स (TCE) को चुना गया। मंदिर परिसर के दूसरे भवनों की डिजाइन के लिए नोएडा की डिजाइन एसोसिएट फर्म और उसके प्रमुख जय काकतीकर को जिम्मेदारी दी गई।
अंतरराष्ट्रीय रामकथा संग्रहालय का निर्माण काम चल रहा है। इसे पब्लिक के लिए दिसंबर 2027 तक खोला जा सकता है।
राम मंदिर में दर्शन से जुड़ी व्यवस्थाओं का उल्लेख
ट्रस्ट के वित्तीय लेन-देन का आंतरिक और वैधानिक ऑडिट कराया जाता है। वैधानिक ऑडिट दिल्ली की फर्म वी. शंकर अय्यर द्वारा किया जाता है।
रामपथ पर बिरला धर्मशाला के सामने यात्री सेवा केंद्र बनाया गया है। यहां पहले परिवहन निगम का बस अड्डा था। ट्रस्ट ने जमीन खरीदकर दो मंजिला प्री-फैब्रिकेटेड भवन बनवाया है।
22 जनवरी 2024 को रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा के बाद रोजाना 75 हजार से अधिक श्रद्धालु आ रहे हैं। महाकुंभ के दौरान रोजाना 3 लाख से अधिक श्रद्धालु रोज पहुंचे।
रामलला दर्शन के लिए 8 लाइन बनाई गई हैं। इनमें 1 विशिष्ट दर्शन, 1 सुगम या व्हीलचेयर दर्शन और 6 सामान्य लाइन हैं। सभी के रास्ते अलग हैं, जिससे क्रॉसिंग की स्थिति नहीं बनती।
VIP दर्शन के दौरान भी सामान्य श्रद्धालुओं का दर्शन जारी रहता है। राज्यपाल, मुख्यमंत्री, केंद्रीय मंत्री और न्यायाधीशों के लिए अलग व्यवस्था है।
असमर्थ श्रद्धालुओं के लिए मुफ्त व्हीलचेयर उपलब्ध है। भजन, कीर्तन, सुंदरकांड के लिए भी परिसर में फ्री व्यवस्था की जाती है।
ट्रस्ट के बैंक खातों में चेकबुक का इस्तेमाल नहीं होता। सभी भुगतान बैंक ट्रांसफर के जरिए होते हैं और नकद भुगतान नहीं किया जाता। ट्रस्ट के खाते SBI, PNB और बैंक ऑफ बड़ौदा में हैं।
नई दिल्ली, एजेंसी। बिहार के 15 जिलों की 575 पंचायतों में करीब 50 लाख की आबादी अभी भी बाढ़ के पानी से घिरी हुई है। कटिहार में सरकारी स्कूल और कोचिंग सेंटर बाढ़ के पानी में डूब गए हैं। बच्चे नाव में बैठकर पढ़ रहे हैं। प्रदेश के 26 जिलों बारिश का यलो अलर्ट है। आकाशीय बिजली गिरने की चेतावनी भी जारी की गई है।
यूपी में बारिश से नदियां उफान पर हैं। 26 जिलों में बाढ़ के हालात हैं। करीब 4 लाख की आबादी प्रभावित है। वहीं, लखीमपुर में शारदा नदी का कटान तेज होने से 24 घंटे में 7 मकान नदी में समा गए हैं।
उत्तराखंड के पिथौरागढ़ के आदि कैलाश मार्ग पर दोबाट में लैंडस्लाइड से सड़क फिर बंद हो गई। रुद्रप्रयाग में केदारनाथ पैदल मार्ग पर चीरबासा के पास सुरक्षा के मद्देनजर यात्रियों को हेलमेट पहनाकर भेजा जा रहा है। चार दिन पहले लैंडस्लाइड में कई घोड़े-खच्चर मारे गए थे। रास्ते में पड़े शवों से बदबू और सांस लेने में परेशानी की शिकायतें सामने आ रही हैं।
राजस्थान के 26 जिलों में 17 सितंबर तक बारिश का यलो अलर्ट है। मंगलवार को अजमेर, पाली समेत कुछ अन्य जिलों में हल्की से मध्यम बारिश हुई। वहीं, मध्य प्रदेश के पश्चिमी इलाकों में 17 से 19 सितंबर तक और 18 से 21 सितंबर तक पूर्वी हिस्से में बारिश हो सकती है।
सैटेलाइट मैप में देखें मानसूनी बादलों की स्थिति
देशभर से मौसम की तस्वीरें
गुजरात के ऊना जिले में चार घंटे में 8 इंच से अधिक बारिश हुई, जिससे 200 से अधिक घरों में पानी भर गया।
बिहार के कटिहार में बाढ़ के पानी में स्कूल डूबे हैं। गांव के टीचर नाव पर ही बच्चों को पढ़ा रहे हैं।
बिहार में भोजपुर के ज्वइनिया गांव में एक्ट्रेस अक्षरा सिंह ने बाढ़ पीड़ितो को राहत सामग्री बांटी।
केदारनाथ पैदल मार्ग पर हेलमेट पहनाकर यात्रियों को आगे भेजा जा रहा।
यूपी के सिद्धार्थनगर में बारिश के बीच दीवार भरभराकर गिर गई।
यूपी के सहारनपुर में प्रसिद्ध सिद्धपीठ मां शाकंभरी देवी मंदिर के पास नदी में बाढ़ आ गई। पुलिस ने श्रद्धालुओं को अलर्ट कर दिया था।
छत्तीसगढ़ : बारिश थमने से चढ़ा पारा, राजनांदगांव में 35° तापमान
छत्तीसगढ़ में आज कुछ जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश का अलर्ट है। कुछ इलाकों में गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की आशंका भी है। पिछले 24 घंटे में रायपुर, दुर्ग और बस्तर संभाग के कुछ इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश हुई। बारिश की गतिविधियां कम होने के साथ अब तापमान बढ़ने लगा है। राजनांदगांव सबसे गर्म रहा, यहां पारा 35 डिग्री तक पहुंच गया।
गुजरात: कच्छ के मांडवी में 7 इंच बारिश
गुजरात में पिछले 24 घंटे में 110 में बारिश हुई। कच्छ के मांडवी में सबसे ज्यादा 7 इंच बारिश दर्ज की गई। सुबह 6 बजे से दोपहर 12 बजे तक हुई बारिश से कई जगह सड़कों पर पानी भर गया।
जूनागढ़, गिर सोमनाथ, राजकोट, अमरेली, आनंद और मेहसाणा के कुछ इलाकों में भी सुबह हल्की बारिश हुई। राज्य में अब तक 84.74% बारिश हुई है, लेकिन करीब 15% बारिश की कमी है।
यूपी: 26 जिलों में बाढ़ से 4 लाख लोग प्रभावित, लखीमपुर में 7 मकान नदी में बहे
यूपी में मानसून अभी सक्रिय है। मौसम विभाग ने बुधवार को 56 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है। वहीं, बारिश से नदियां उफान पर हैं। 26 जिलों में बाढ़ के हालात हैं। करीब 4 लाख की आबादी प्रभावित है। सिद्धार्थनगर में बारिश के बीच दीवार भरभराकर गिर गई।
मध्य प्रदेश: 19 सितंबर से नया सिस्टम एक्टिव होगा, राज्य में 4.3 इंच कम बारिश हुई
मध्य प्रदेश में भारी बरसात का एक और दौर आ सकता है। मौसम विभाग के मुताबिक 19 सितंबर के बाद नया सिस्टम एक्टिव होगा। यदि सिस्टम स्ट्रॉन्ग रहा तो प्रदेश की बारिश का कोटा फुल हो सकता है। कोटे के बराबर पहुंचने में 4.3 इंच बारिश की और जरूरत है।
बिहार: सेंट्रल टीम बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा करेगी, 26 जिलों में बारिश का यलो अलर्ट
मौसम विभाग ने बिहार के 26 जिलों में बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है। 30 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चल सकती है। पटना समेत बाकी जिलों में मौसम सामान्य रहने का अनुमान है।
राजस्थान: 26 जिलों में बारिश का अलर्ट, 19 सितंबर से मानसून की विदाई
राजस्थान में मानसून अंतिम चरण में है। आज 26 जिलों में बारिश का यलो अलर्ट है। मंगलवार को अजमेर, पाली समेत कुछ अन्य जिलों में हल्की से मध्यम बारिश हुई। बारिश होने और हवा चलने से कई शहरों में मंगलवार को तापमान में गिरावट हुई।
झारखंड: बिजली गिरने का का यलो अलर्ट, हल्की बारिश की संभावना
राजधानी रांची में अगले पांच दिनों तक बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, 21 सितंबर तक रांची और आसपास के इलाकों में रोजाना एक-दो बार बारिश हो सकती है। इस दौरान कहीं हल्की तो कहीं तेज बारिश होने की संभावना है।
उत्तराखंड: अल्मोड़ा में रामगंगा नदी उफान पर, सभी जिलों में बारिश की चेतावनी
उत्तराखंड के सभी जिलों में आज बारिश की संभावना है। अल्मोड़ा के चौखुटिया क्षेत्र में देर रात मूसलाधार बारिश हुई, जिससे रामगंगा नदी अचानक उफान पर आ गई। पिथौरागढ़ में आदि कैलाश मार्ग पर दोबाट में पहाड़ी दरकने से सड़क फिर बंद हो गई।
नई दिल्ली, एजेंसी। पाकिस्तानी नौसेना का एक जहाज अरब सागर के अंतरराष्ट्रीय क्षेत्र में भारतीय नौसेना के जहाज से टकरा गया। घटना कब की है, इसकी जानकारी नहीं दी गई है। इससे पहले 2011 में भी दोनों देशों के जहाजों में टक्कर हुई थी।
भारतीय विदेश मंत्रालय के मुताबिक, भारतीय युद्धपोत नियमित निगरानी मिशन पर था। इसी दौरान पाकिस्तानी जहाज तेज रफ्तार में आया और गलत दिशा में मुड़ गया, जिससे दोनों जहाज टकरा गए।
ANI ने सूत्रों के हवाले से बताया कि पाकिस्तानी जहाज का नाम PNS हुनैन है। इसे समुद्री निगरानी और गश्त के लिए इस्तेमाल किया जाता है। टक्कर में इसको नुकसान पहुंचा है। हालांकि, भारतीय नौसेना के जिस जहाज से इसकी टक्कर हुई, इसका पता नहीं चल पाया है।
घटना के बाद भारत ने नई दिल्ली में पाकिस्तान हाई कमीशन के चार्ज डी’अफेयर्स को तलब किया और कड़ा विरोध दर्ज कराया। भारत ने घटना को अस्वीकार्य और गैर-पेशेवर बताया।
दिशा बदलने के दौरान दोनों की टक्कर हुई
ANI के मुताबिक, भारतीय नौसेना का एक युद्धपोत उत्तर अरब सागर में नियमित निगरानी मिशन पर था। इसी दौरान पाकिस्तानी नौसेना का एक जहाज तेज रफ्तार से भारतीय जहाज के करीब आ गया।
पाकिस्तानी जहाज ने जिस तरह अपनी दिशा बदली, उसे असुरक्षित और गैर-पेशेवर बताया गया है। इसके बाद दोनों जहाजों के बीच दूरी लगातार कम होती गई और आखिर में वे आपस में टकरा गए।
2011 में टकराए थे भारतीय-पाकिस्तानी जहाज
भारत और पाकिस्तान की नौसेनाओं के बीच समुद्र में इस तरह की घटना पहले भी हो चुकी है। 2011 में भारतीय नौसेना के INS दोगावरी और पाकिस्तानी नौसेना के PNS बाबर के बीच भी टक्कर हुई थी।
टक्कर को लेकर पाकिस्तान ने आरोप लगाया था कि भारतीय जहाज ने उसके काम में रुकावट डाली और खतरनाक तरीके से जहाज चलाया।
भारत ने इस आरोप को गलत बताया। भारत के मुताबिक, PNS बाबर ने INS गोदावरी को दाईं तरफ से पार करने की कोशिश की और इसी दौरान उसके हेलिकॉप्टर डेक वाले हिस्से से टकरा गया। इस दौरान हेलिकॉप्टर का जाल क्षतिग्रस्त हुआ था।
भारत ने तब भी 1991 के समझौते के आर्टिकल 10 का हवाला देते हुए पाकिस्तान के सामने विरोध दर्ज कराया था।
साल 2011 में INS दोगावरी और पाकिस्तानी नौसेना के PNS बाबर की टक्कर हो गई थी।
PNS बाबर, सोमालियाई समुद्री लुटेरों से छुड़ाए गए MV सुएज जहाज को सुरक्षित ले जा रहा था। यह मिस्र के मालिकाना हक वाला जहाज था।
इसे सोमालियाई समुद्री लुटेरों ने बंधक बना लिया था। बाद में करीब 20 लाख डॉलर से ज्यादा की फिरौती दिए जाने के बाद जहाज और उसके 22 सदस्यीय चालक दल को छोड़ा गया था।
भारत ने पाकिस्तान से क्या कहा?
विदेश मंत्रालय ने पाकिस्तानी चार्ज डी’अफेयर्स से कहा कि वह भारत की आपत्ति पाकिस्तान के संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाएं। भारत ने कहा कि समुद्र में सभी सैन्य जहाजों को सावधानी से काम करना चाहिए और दोनों देशों के बीच हुए समझौतों का पालन करना चाहिए।
भारत ने यह भी कहा कि ऐसी घटनाएं दोबारा न हों, इसके लिए जरूरी कदम उठाए जाने चाहिए। वहीं, इस्लामाबाद में मौजूद भारतीय चार्ज डी’अफेयर्स को भी पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के सामने भारत की ओर से विरोध दर्ज कराने को कहा गया है।
कोलकाता, एजेंसी। भाजपा ने पश्चिम बंगाल की नंदीग्राम और रेजीनगर विधानसभा सीट पर उपचुनाव के लिए अपने उम्मीदवारों के नाम घोषित कर दिए हैं। पार्टी ने नंदीग्राम से हसीरानी रथ और रेजीनगर से शाश्वर सरकार को टिकट दिया है।
हसीरानी रथ CM शुभेंदु अधिकारी के पीए चंद्रनाथ रथ की मां हैं। 6 मई की देर रात मध्यमग्राम के पास चंद्रनाथ को गोली मार दी गई थी। गंभीर हालत में उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां बाद में उनकी मौत हो गई।
इस साल अप्रैल-मई में हुए बंगाल विधानसभा चुनाव में भाजपा ने 207 सीटें जीती थीं। तृणमूल कांग्रेस को 80 और कांग्रेस को 2 सीटें मिली थीं। इन नतीजों के बाद ममता बनर्जी 15 साल बाद सत्ता से बाहर हो गईं।
नंदीग्राम में TMC के दो गुट भी आमने-सामने
उपचुनाव में तृणमूल कांग्रेस के दोनों गुट भी आमने-सामने हैं। ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले बागी गुट ने नंदीग्राम से मोहम्मद एतेशामुल हक और रेजीनगर से सफीउज्जमान शेख को मैदान में उतारा है। वहीं ममता वाले गुट ने नंदीग्राम से संचिता प्रधान डे और रेजीनगर से पूर्व विधायक रबीउल आलम चौधरी को उम्मीदवार बनाया है।
दोनों गुट खुद को असली TMC बताते हुए ‘जोड़ा घास फूल’ चुनाव चिह्न पर दावा कर रहे हैं। चुनाव आयोग ने दोनों पक्षों से अतिरिक्त दस्तावेज मांगे हैं और 16 सितंबर तक जवाब देने को कहा है। अगर उपचुनाव से पहले आयोग इस विवाद पर फैसला नहीं कर पाता है, तो मौजूदा चुनाव चिह्न फ्रीज किया जा सकता है। ऐसी स्थिति में दोनों गुटों को अलग नाम और चुनाव चिह्न के साथ मैदान में उतरना पड़ सकता है।
कांग्रेस ने नंदीग्राम से मिलन प्रधान और रेजीनगर से मोहम्मद अब्दुल्लाहिल काफी को उम्मीदवार बनाया है। CPI(M) ने रेजीनगर से अधिवक्ता सैयद असद अली को और CPI ने नंदीग्राम से शांति गोपाल गिरी को टिकट दिया है।
नंदीग्राम से शुभेंदु ने ममता को हराया, लगातार दो बार से भाजपा जीत रही
नंदीग्राम लंबे समय से TMC और भाजपा के बीच राजनीतिक संघर्ष का प्रमुख केंद्र रहा है। इस क्षेत्र में 2007 के भूमि अधिग्रहण विरोधी आंदोलन ने ममता बनर्जी और TMC को 2011 में सत्ता तक पहुंचाने में बड़ी भूमिका निभाई थी।
2021 में ममता बनर्जी ने यहीं से बंगाल के मौजूदा सीएम शुभेंदु अधिकारी के खिलाफ चुनाव लड़ा, लेकिन हार गईं। 2026 के विधानसभा चुनाव में शुभेंदु अधिकारी ने नंदीग्राम के साथ भवानीपुर सीट से भी चुनाव लड़ा और दोनों जगह जीत दर्ज की।
बाद में अधिकारी ने भवानीपुर सीट अपने पास रखी और नंदीग्राम से इस्तीफा दे दिया। इसके बाद नंदीग्राम सीट खाली हुई।
बंगाल सहित 4 राज्यों की 6 सीटों पर उपचुनाव
तमिलनाडु में 2 सीट: मदुरांतकम और धारापुरम- ये दोनों विधानसभा सीटें मरागथम कुमारवेल और पी. सत्यबामा के इस्तीफे के बाद खाली हुई थीं। दोनों सीटों की फाइनल वोटर लिस्ट 23 फरवरी को जारी की गई।
पुडुचेरी की थट्टानचावड़ी सीट: यह सीट एन. रंगासामी के इस्तीफे के बाद खाली हुई है। सीट की मतदाता सूची 14 फरवरी को पब्लिश हुई।
पश्चिम बंगाल की रेजीनगर-नंदीग्राम सीट: रेजीनगर सीट हुमायूं कबीर और नंदीग्राम सीट शुभेंदु अधिकारी के इस्तीफे के बाद खाली हुई। इन सीटों की अंतिम वोटर लिस्ट 28 फरवरी को जारी की गई।
असम की नगांव लोकसभा सीट: असम की नागांव लोकसभा प्रद्युत बोरदोलोई के इस्तीफे के बाद खाली हुई थी। इस सीट की अंतिम मतदाता सूची 10 फरवरी को जारी की गई थी।