देवरी-चांपा । बम्हनीडीह ब्लॉक अंतर्गत ग्राम पंचायत अमरुवा निवासी शंकरलाल मन्नेवार(57), सीआईएसएफ यूनिट नगरनार जगदलपुर(बस्तर) में एएसआई के पद पर 35 वर्षों से सेवा दे रहे थे। 1 जनवरी को कैंसर के कारण उनका निधन हो गया। उनके पार्थिव शरीर को गृह ग्राम अमरुवा लाया गया। 2 जनवरी को राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। कोरबा से एसआई रवि यादव और उनकी टीम के पांच सदस्य, एएसआई रामसनेही राठौर और प्रधान आरक्षक रूपेंद्र कुमार राठौर ने पूरे सम्मान के साथ श्रद्धांजलि अर्पित की। मुखाग्नि उनके पुत्र प्रदीप कुमार मन्नेवार ने दी। इस अवसर पर छत्तूलाल, मत्तूलाल, बंशीलाल, अमृतलाल ग्राम के सरपंच रोशन लाल बरेठ समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
जगदलपुर,एजेंसी। छत्तीसगढ़ के जगदलपुर में नक्सली हिड़मा के गाने पर आदिवासी समाज के सदस्यों ने जमकर डांस किया। 11 फरवरी को भूमकाल स्मृति दिवस पर आदिवासी समाज ने रैली निकाली थी।
इसरैली में अलग-अलग ट्राइबल सॉन्ग बज रहे थे। इसी बीच नक्सली हिड़मा का गाना बजा ‘मेरे जंगल का सीना चीर डाला तू, हमारी हक की आवाज हिड़मा, हमारी दिल की बस्ती में है हिड़मा, हमारी हिम्मत हिड़मा, पूवर्ती में तूने जनम लिया, अल्लुरी जिले में भाई अमर हुआ’।
इस गाने में DJ की धुन पर लोग मस्त होकर नाचते रहे। इस दौरान रैली की भीड़ संभालने में जगदलपुर पुलिस की भी ड्यूटी लगी थी। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद लोगों ने सवाल उठाए। समाज के अध्यक्ष ने कहा कि यूट्यूब पर गाना ऑटो प्ले हुआ था। वहीं उन्होंने पुलिस अधिकारियों से चर्चा कर जांच की मांग भी की है।
हिड़मा के गाने पर लोग थिरकते रहे। सोशल मीडिया पर लोगों ने सवाल उठाए।
आयोजकों का कहना है कि, यूट्यूब पर आदिवासी गाना चल रहा था। इसी दौरान अचानक ऑटो प्ले में गलती से यह गाना बज गया।
पुलिस की मौजूदगी में DJ पर नक्सली माड़वी हिड़मा का गाना बजने लगा।
क्या है पूरा मामला ?
जानकारी के मुताबिक, 10 फरवरी को भूमकाल स्मृति दिवस पर बस्तर के संभागीय मुख्यालय जगदलपुर में आदिवासी समाज ने रैली का आयोजन किया था। रैली के दौरान डीजे पर आदिवासी गीत बजाए जा रहे थे। इसी बीच अचानक नक्सली माड़वी हिड़मा के नाम से जुड़ा गीत चल गया। जैसे ही यह बात सामने आई, कार्यक्रम को लेकर सवाल खड़े हो गए।
समाज के अध्यक्ष बोले- इंटेंशली नहीं बजाया
सर्व आदिवासी समाज के अध्यक्ष प्रकाश ठाकुर ने कहा कि, इंटेंशली यह गाना नहीं बजाया गया था। DJ ऑपरेटर ने यूट्यूब पर ट्राइबल सॉन्ग सर्च किया और गाना बजा रहा था। इसी बीच अचानक यह गाना भी बज गया। उस समय किसी को कुछ समझ नहीं आया। प्रकाश ठाकुर ने कहा कि, हमें रात में 9 बजे इसकी जानकारी मिली।
कौन था माड़वी हिड़मा ?
बतादें कि, माड़वी हिड़मा नक्सलियों के सेंट्रल कमेटी का सदस्य था। इस पर 1 करोड़ रुपए से ज्यादा का इनाम घोषित था। वह सुकमा जिले के पूवर्ती गांव का रहने वाला था। नवंबर 2025 में छ्त्तीसगढ़ के पड़ोसी राज्य आंध्र प्रदेश के अल्लुरी सीतारामा राजू जिले में पुलिस-नक्सली मुठभेड़ में मारा गया। हिड़मा की पत्नी राजे समेत 6 नक्सली एनकाउंटर में मारे गए थे।
हिड़मा 76 जवानों की हत्या का मास्टरमाइंड था
छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा में 2010 में 76 जवानों की हत्या हुई थी। यह नक्सल इतिहास का सबसे बड़ा हमला था। उस हमले का मास्टरमाइंड हिड़मा ही था। इसमें बसवाराजू भी शामिल रहा, जो एनकाउंटर में पहले ही मारा जा चुका है। बसवाराजू हमले के लिए बनी रणनीति की मीटिंग में शामिल हुआ था। हमले की साजिश रची थी।
हिड़मा की मौत के बाद एक गाना भड़काऊ गाना रिलीज हुआ था।
मौत के बाद भड़काऊ गाना रिलीज हुआ था
कुख्यात नक्सली माडवी हिड़मा के एनकाउंटर के बाद सोशल मीडिया पर उसके समर्थन में भड़काऊ गाना रिलीज हुआ था। कला टीवी नाम के यू-ट्यूब चैनल पर अपलोड वीडियो में गाने में बोल थे…’ओ रे केन्द्र वाले, ओर रे कोबरा वाले, क्यों है ये कब्जा, क्यों लूट रहे। ओ रे बंदूकवाले जंगल का चीर डाला सीना’ जैसे शब्दों के माध्यम से सरकार और फोर्स की कार्रवाई को गलत बताया गया था।
वीडियो में AI से बनी तस्वीरों का भी उपयोग किया गया था। जिसके बाद रायपुर में सिविल लाइन पुलिस ने यूट्यूबर के खिलाफ UAPA के तहत FIR दर्ज की थी। वीडियो में नक्सली हिड़मा की मौत को शहादत बताया गया था।
बिलासपुर/जांजगीर-चांपा। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर और जांजगीर-चांपा में कोल कोराबारियों के ठिकानों पर आयकर विभाग (IT) की टीम ने रेड मारी है। बिलासपुर में फिल ग्रुप के फैक्ट्री और घर समेत अलग-अलग ठिकानों पर टीम ने एक साथ दबिश दी है। जबकि जांजगीर-चांपा में तिरुपति मिनरल्स के कार्यालय में IT टीम ने छापा मारा है।
बिलासपुर में IT की टीम ने फिल ग्रुप की ठिकानों पर दबिश दी है। अधिकारी SIR (सर्वे/इंस्पेक्शन रिपोर्ट) की सर्वे टीम बनकर कार्रवाई कर रहे हैं। टीम की गाड़ियों में SIR के स्टीकर भी लगे हुए हैं।
फिलहाल, टीम श्रीकांत वर्मा मार्ग स्थित कार्यालय और रामा वर्ल्ड स्थित निवास में जांच और दस्तावेजों की छानबीन कर रही है। कार्रवाई के दौरान टीम की ओर से कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और लेन-देन से जुड़े रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं। बता दें कि फिल ग्रुप के मालिक प्रवीण झा हैं।
जांजगीर-चांपा जिले के चांपा-बिर्रा रोड स्थित तिरुपति मिनरल्स के कार्यालय में आयकर विभाग (IT) की टीम ने छापा मारा।
दस्तावेज और रिकॉर्ड की चल रही जांच
अफसरों की शुरुआती जांच में सामने आया है कि कोल वाशरी में बड़े पैमाने पर कोल मिक्सिंग के साथ टैक्स में हेराफेरी की जा रही थी। कारोबारी टैक्स बचाने के लिए तरह-तरह के हथकंडे अपना रहे थे।
कारोबार से होने वाली आय की तुलना में कम टैक्स भुगतान किए जाने की आशंका के चलते यह कार्रवाई की गई है। हालांकि, जांच के लिए पहुंचे अधिकारी इस मामले में कुछ भी कहने से बचते नजर आए।
वहीं जानकारों का कहना है कि आयकर टीम को कंपनी के रिकॉर्ड में कई खामियां मिली हैं और टैक्स चोरी के भी प्रमाण सामने आए हैं।
बिलासपुर में IT टीम श्रीकांत वर्मा मार्ग स्थित कार्यालय और रामा वर्ल्ड स्थित निवास में जांच और दस्तावेजों की छानबीन कर रही है।
बिलासपुर में 2 माह पहले स्टेट जीएसटी की रेड, अब IT टीम पहुंची
इससे पहले बिलासपुर में दिसंबर में स्टेट जीएसटी की टीम ने तीन कोल कारोबारियों के घर में रेड की थी। तब जीएसटी की कार्रवाई के डर से महावीर कोल वाशरी ने 10 करोड़ सरेंडर किए थे। इसके दूसरे दिन फिल ग्रुप ने 11 करोड़ और पारस कोल वाशरी ने 6 करोड़ 50 लाख रुपए सरेंडर किए।
इस तरह तीनों कारोबारियों ने मिलाकर 27 करोड़ 50 लाख सरेंडर किए थे। माना जा रहा है कि जीएसटी से मिले इनपुट के आधार पर आयकर विभाग की टीम ने छापेमारी की है।
जांजगीर-चांपा में तिरुपति मिनरल्स के दफ्तर पर छापा
जांजगीर-चांपा जिले के चांपा-बिर्रा रोड स्थित तिरुपति मिनरल्स के कार्यालय में आयकर विभाग (IT) की टीम ने छापा मारा है। जानकारी के अनुसार, आयकर विभाग की टीम ने कोयला व्यापारी अंशुमान मुरारका के दफ्तर में दबिश दी है।
बताया जा रहा है कि टीम सुबह से ही कार्यालय में मौजूद है और दस्तावेजों, लेनदेन, वित्तीय रिकॉर्ड की गहन जांच की जा रही है। आयकर विभाग के अधिकारी कार्यालय के भीतर बैठकर आय-व्यय और खातों की पड़ताल कर रहे हैं।
तिरुपति मिनरल्स के प्रोप्राइटर अंशुमान मुरारका कोयला व्यवसाय से जुड़े हुए हैं। कार्रवाई के दौरान विभाग की ओर से व्यापार से संबंधित महत्वपूर्ण कागजातों की जांच की जा रही है। फिलहाल आयकर विभाग की कार्रवाई जारी है। अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
कोरबा। कोरबा में कोयला उद्योग की राष्ट्रव्यापी एक दिवसीय हड़ताल को कांग्रेस का समर्थन मिला। केंद्रीय संयुक्त ट्रेड यूनियन के आह्वान पर आयोजित इस हड़ताल में श्रमिक नेताओं के साथ कांग्रेस कार्यकर्ता भी दीपका, कुसमुंडा और मानिकपुर खदानों को बंद कराने पहुंचे।
कोरबा जिला कांग्रेस के प्रमुख हरीश परसाई, वरिष्ठ कांग्रेसी तनवीर अहमद, विशाल शुक्ला और रामू कंवर सहित अन्य कांग्रेस नेता दीपका खदान पहुंचे। उन्होंने मजदूरों के साथ मिलकर अपनी आवाज बुलंद की और हड़ताल को समर्थन दिया।
कांग्रेस नेता हरीश परसाई ने बताया कि पार्टी के निर्देश पर वे इस हड़ताल का समर्थन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी भाजपा सरकार की नीतियों और रीति का विरोध कर रही है और आगे भी करती रहेगी।
कर्मचारियों ने किया सहयोग
तनवीर अहमद ने बताया कि सुबह से ही सभी श्रमिक नेताओं और कर्मचारियों का इस हड़ताल को व्यापक समर्थन मिल रहा है। कुसमुंडा और मानिकपुर खदानों में भी श्रमिक नेताओं ने पहली पाली के कर्मचारियों से हड़ताल का समर्थन करने का आग्रह किया, जिस पर कर्मचारियों ने सहयोग किया।
कांग्रेस और श्रमिक नेताओं ने इस हड़ताल को सफल बताया है, जिसमें सभी का सहयोग मिला। इस एक दिवसीय हड़ताल से साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (SECL) को नुकसान होने की संभावना है।