जांजगीर-चांपा। जांजगीर-चांपा कलेक्टर जन्मेजय महोबे ने रविवार (5 अक्टूबर) को जनपद पंचायत बलौदा के सुदूर ग्राम हेडसपुर और बक्सरा का दौरा किया। उन्होंने जिले में चल रहे विकास कार्यों की जमीनी हकीकत का जायजा लिया।
कलेक्टर महोबे हेडसपुर की पहाड़ियों पर पहुंचे, जहां उन्होंने मनरेगा के तहत निर्मित कंटूर ट्रेंच कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने जल संरक्षण के इन प्रयासों की सराहना करते हुए पहाड़ी पर बड़े पैमाने पर पौधरोपण कर हरियाली बढ़ाने के निर्देश दिए।
इसका उद्देश्य वर्षा जल का संरक्षण और पर्यावरण संवर्धन है। उन्होंने कंटूर ट्रेंच निर्माण से पहले और बाद में जल संचयन की मात्रा का तुलनात्मक विवरण भी प्रस्तुत करने को कहा।
पूर्ण हो चुके आवासों का लिया जायजा
निरीक्षण के दौरान, कलेक्टर ने हेडसपुर और बक्सरा पंचायतों में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत निर्माणाधीन और पूर्ण हो चुके आवासों का जायजा लिया। उन्होंने हितग्राहियों गुडनिधि लाल, ईश्वर लाल, राजबाई, नोहर बाई, रमेश कुमार यादव और हरिराम सहित अन्य लाभार्थियों से सीधे बातचीत कर कार्यों की प्रगति का अवलोकन किया।
आवास निर्धारित समय सीमा पर पूरा होने के निर्देश
कलेक्टर ने जोर देकर कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण गरीबों के जीवन स्तर में सुधार लाने की एक महत्वपूर्ण योजना है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि हर पात्र परिवार को समय पर पक्का मकान मिले, यह शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
उन्होंने निर्माण में किसी भी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त न करने और लाभार्थियों की समस्याओं का मौके पर समाधान करने के निर्देश दिए, ताकि सभी आवास निर्धारित समय सीमा में पूरे हो सकें।
पिछले तीन सालों के सभी कार्यों की जानकारी ली
हेडसपुर पंचायत भवन में कलेक्टर ने अपने मोबाइल से मनरेगा क्यूआर कोड को स्कैन किया। इससे उन्हें गांव के पिछले तीन सालों के सभी कार्यों की विस्तृत जानकारी, खर्च की गई राशि, भुगतान विवरण और लाभार्थियों की सूची तुरंत स्क्रीन पर मिल गई।
कलेक्टर ने इस पहल को पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने वाला अभिनव कदम बताया, जिससे ग्रामीण स्वयं विकास कार्यों की निगरानी में सक्रिय भागीदार बन सकेंगे।
कलेक्टर ने ग्रामीणों के घर पहुंच कर पीएम आवास, शौचालय, जल जीवन मिशन की जानकारी ली ।उन्होंने पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना की जानकारी ग्रामीणों को दी। उन्होंने अधिकारियों को विलेज एक्शन प्लान तैयार करने, किसानों का एग्रीस्टेक पंजीयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
सक्ती। सक्ती जिले के हसौद थाना क्षेत्र के ग्राम कैथा में 46 साल की महिला की हत्या के मामले में फरार आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी पुलिस से बचने के लिए बिलाईगढ़ थाना क्षेत्र के ग्राम खुर्सुला-बकलिपाली के जंगल में छिपकर रह रहा था।
मुखबिर की सूचना पर हसौद पुलिस ने देर रात जंगल में दबिश देकर घेराबंदी की और उसे पकड़ लिया। पुलिस के अनुसार, पूछताछ में आरोपी ने गाली-गलौज की बात पर महिला के साथ मारपीट कर हत्या करना स्वीकार किया है। आरोपी को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है।
इधर, जिले के चंद्रपुर थाना क्षेत्र के ग्राम गोपालपुर में एक व्यक्ति पर प्राणघातक हमला करने के मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। दशहरा मेले के दौरान आरोपियों ने कथित तौर पर व्यक्ति के साथ अश्लील गाली-गलौज की, जान से मारने की धमकी दी और मारपीट कर जमीन पर पटक दिया थी। दोनों आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
केस- 1 महिला का हत्यारा गिरफ्तार
पहला मामला हसौद थाना क्षेत्र के ग्राम कैथा का है। जानकारी के अनुसार, ग्राम कैथा निवासी अनिल विश्वकर्मा ने 23 अक्टूबर को हसौद थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उसने बताया कि 23 अक्टूबर की सुबह करीब 7:15 बजे उसके बुआ का लड़का घर पहुंचा और जानकारी दी कि उसकी बुआ लक्ष्मी बाई विश्वकर्मा (46 वर्ष), पति बृजलाल विश्वकर्मा का शव गांव के रामलाल कश्यप के खेत में पड़ा मिला है।
सुबह करीब 7 बजे मृतिका की दो नाबालिग भतीजियों ने शव देखा था और इसकी जानकारी विकास विश्वकर्मा को दी थी। शिकायत के अनुसार, घटना 22 अक्टूबर की रात की है। आरोप है कि गांव के ही रंजीत धनुहार ने रामलाल कश्यप के खेत के सामने कसीही पेड़ के पास लक्ष्मी बाई के साथ हाथ-मुक्कों और आग जलाने वाली लकड़ी से मारपीट की थी। इसके बाद महिला का शव खेत से ले जाकर उसके घर की परछी में रख दिया गया था।
घटना के बाद आरोपी फरार हो गया। शिकायतकर्ता की रिपोर्ट पर पुलिस ने अपराध क्रमांक 196/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1) में अपराध दर्ज कर जांच शुरू की।
पुलिस को देता रहा चकमा, जंगल में छिपे होने की मिली सूचना
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक प्रफुल्ल कुमार ठाकुर ने फरार आरोपी की जल्द गिरफ्तारी के निर्देश दिए। हसौद पुलिस आरोपी की तलाश कर रही थी।
इसी दौरान पुलिस को सूचना मिली कि फरार आरोपी रंजीत धनुहार बिलाईगढ़ थाना क्षेत्र के ग्राम खुर्सुला-बकलिपाली के जंगल में छिपा हुआ है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने देर रात जंगल में दबिश दी और चारों तरफ से घेराबंदी कर आरोपी को पकड़ लिया।
पूछताछ में हत्या करना स्वीकार किया
पुलिस के अनुसार, हिरासत में पूछताछ के दौरान आरोपी रंजीत धनुहार ने गाली-गलौज की बात पर लक्ष्मी बाई के साथ हाथ-मुक्कों और आग जलाने वाली लकड़ी से मारपीट कर हत्या करना स्वीकार किया।
पुलिस ने आरोपी का मेमोरेंडम कथन दर्ज किया। अपराध में संलिप्तता पाए जाने पर 49 वर्षीय रंजीत धनुहार, निवासी ग्राम कैथा, थाना हसौद को विधिवत गिरफ्तार किया गया। इसके बाद उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।
केस- 2 दशहरा मेला देखकर लौट रहे व्यक्ति पर जानलेवा हमला
दूसरा मामला चंद्रपुर थाना क्षेत्र के ग्राम गोपालपुर का है। जानकारी के अनुसार, 20 अक्टूबर 2026 को ग्राम गोपालपुर निवासी शिकायतकर्ता ने चंद्रपुर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
उसने बताया कि वह 20 अक्टूबर की शाम दशहरा मेला देखने चंद्रपुर गया था। इसी दौरान रात करीब 7:30 बजे उसके पिता सौदागर मेहर गांव के स्कूल के सामने पीपल के पेड़ के पास मौजूद थे।
आरोप है कि इसी दौरान गांव के सागर उरांव और अमित सिदार ने उनके साथ अश्लील गाली-गलौज की। दोनों ने जान से मारने की धमकी देते हुए हाथ-मुक्कों से मारपीट की और उन्हें जमीन पर पटक दिया।
हमले में सौदागर मेहर के सिर पर गंभीर चोट आई। हालत बिगड़ने पर परिजन उन्हें इलाज के लिए रायगढ़ के बालाजी मेट्रो अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां उनका उपचार जारी है। मेडिकल रिपोर्ट में डॉक्टरों ने चोट को जानलेवा बताया। इसके बाद पुलिस ने मामले में धारा 109(1) बीएनएस जोड़ दी।
पूछताछ में अपराध स्वीकार किया, दोनों आरोपी गिरफ्तार
मामले में पुलिस अधीक्षक प्रफुल्ल कुमार ठाकुर और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पंकज पटेल के दिशा-निर्देशन तथा एसडीओपी चंद्रपुर-डभरा सुमित गुप्ता के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी चंद्रपुर ने टीम गठित कर आरोपियों को पूछताछ के लिए बुलाया।
पूछताछ के दौरान दोनों आरोपियों ने अपना अपराध स्वीकार किया। इसके बाद पुलिस ने सागर उरांव (36 वर्ष) और अमित सिदार (19 वर्ष), दोनों निवासी ग्राम गोपालपुर, थाना चंद्रपुर को गिरफ्तार कर लिया। न्यायालय में पेश करने के बाद दोनों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
इस मामले में चंद्रपुर थाने में अपराध क्रमांक 120/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धारा 296, 351(3), 115(2), 3(5) और 109(1) के तहत कार्रवाई की गई है।
सक्ती। सक्ती में राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर 31 अक्टूबर को जिला सक्ती पुलिस ने ‘रन फॉर यूनिटी-एकता दौड़ 2026’ का आयोजन किया।
जिले के अलग-अलग क्षेत्रों में हुए इस कार्यक्रम में करीब 2 हजार पुलिसकर्मियों, स्कूली छात्र-छात्राओं, आम नागरिकों और मीडिया प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। दौड़ के जरिए लोगों को देश की एकता, अखंडता, सुरक्षा और आपसी भाईचारे का संदेश दिया गया।
जिला मुख्यालय में एएसपी और एसडीओपी रहे मौजूद
पुलिस अधीक्षक प्रफुल्ल कुमार ठाकुर के मार्गदर्शन में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पंकज पटेल और अनुविभागीय अधिकारी पुलिस भुवनेश्वरी पैकरा मौजूद रहीं। इस दौरान जिला पुलिस के अधिकारी-कर्मचारियों के साथ विभिन्न स्कूलों के छात्र-छात्राओं, नगरवासियों और मीडिया प्रतिनिधियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
जिले के थाना और चौकी क्षेत्रों में भी हुई दौड़
एकता दौड़ का आयोजन केवल जिला मुख्यालय तक सीमित नहीं रहा। जिले के थाना सक्ती, डभरा, बाराद्वार, मालखरौदा, हसौद, जैजैपुर, नगरदा और चंद्रपुर सहित चौकी फगुरम, अड़भार, सकर्रा और छपोरा में भी कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन सभी आयोजनों में मिलाकर करीब 2 हजार लोगों की सहभागिता रही।
सरदार पटेल के योगदान और आदर्शों को किया याद
कार्यक्रम का उद्देश्य लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल के राष्ट्र निर्माण में दिए गए योगदान और उनके आदर्शों को याद करना था। इसके साथ ही देश की एकता, अखंडता और सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने तथा समाज में आपसी भाईचारे, सद्भाव और सामाजिक समरसता को मजबूत करने का संदेश दिया गया।
इस अवसर पर प्रतिभागियों ने राष्ट्रीय एकता और अखंडता बनाए रखने के साथ राष्ट्र की प्रगति में सक्रिय भागीदारी निभाने का संकल्प लिया।
पुलिस ने एकजुट और सशक्त भारत का दिया संदेश
जिला पुलिस ने कहा कि राष्ट्रीय एकता केवल एक दिन का आयोजन नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का सामूहिक दायित्व है। देश की मजबूती और प्रगति के लिए समाज के सभी वर्गों को आपसी सद्भाव और भाईचारे के साथ एकजुट होकर आगे बढ़ना होगा। पुलिस ने नागरिकों से सशक्त, सुरक्षित और समरस भारत के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की।
जांजगीर-चांपा। जांजगीर-चांपा जिले के पामगढ़ क्षेत्र के ग्राम सेमारिया स्थित गौठान में गौवंश की दुर्दशा का मामला सामने आया है। ग्रामीणों का आरोप है कि गौठान में 25 से अधिक गायों की मौत हो चुकी है, जबकि कई अन्य गायें बीमार और कमजोर हालत में हैं।
ग्रामीणों ने गायों के लिए चारा-पानी और इलाज की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने का आरोप लगाते हुए प्रशासन से जांच और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग की है। वहीं, पामगढ़ एसडीएम पवन कोसमा ने 4 से 5 गायों की मौत होने की जानकारी दी है।
चारा-पानी और इलाज की व्यवस्था पर उठाए
चारा-पानी और इलाज की व्यवस्था पर सवाल
ग्रामीणों के अनुसार, गौठान में गायों को समय पर चारा-पानी और उचित उपचार नहीं मिलने से उनकी हालत बिगड़ती गई। उनका कहना है कि परिसर में दुर्गंध भी फैल रही है। गौवंश की स्थिति को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी है और उन्होंने देखरेख की व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं।
मृत गायों का पोस्टमार्टम कराया गया है।
ग्रामीणों ने जांच और कार्रवाई की मांग की
ग्रामीणों ने प्रशासन से गौठान का निरीक्षण कराने और गायों की मौत के वास्तविक आंकड़े सामने लाने की मांग की है। साथ ही, मौतों के कारणों की जांच कर बीमार गायों को तत्काल उपचार, चारा और पानी उपलब्ध कराने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि जांच में लापरवाही सामने आने पर संबंधित जिम्मेदारों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।
जांच के बाद कार्रवाई होगी
एसडीएम बोले- 4 से 5 गायों की मौत हुई
पामगढ़ एसडीएम पवन कोसमा ने बताया कि गांव में 4 से 5 गायों की मौत हुई है। बीमार गौवंश के इलाज के लिए पशु चिकित्सकों को बुलाया गया था। मृत गायों का पोस्टमार्टम भी कराया गया है।
एसडीएम के अनुसार, घुमंतू गायों को गांव के ग्रामीणों ने ही व्यवस्था के तहत रखा था। उन्होंने गायों की मौत के पीछे बारिश और ठंड की आशंका जताई है। एसडीएम ने कहा कि मामले की आगे जांच की जाएगी और जांच के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।