रायपुर,एजेंसी। छत्तीसगढ़ के पूर्व मंत्री और कुरूद विधायक अजय चंद्राकर ने भाजपा के सदस्यता अभियान सम्मान कार्यक्रम के दौरान मंच पर अपना मोमेंटो और गमछा लौटा दिया। इस वीडियो को कांग्रेस अपने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर इसे अंतर्कलह बता रही है।
वायरल वीडियो को लेकर अजय चंद्राकर ने कांग्रेस पर हमला बोला है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी में संगठन नाम की कोई चीज नहीं होती। उन्हें संगठन की आत्मिक कार्य भावनाएं समझ में आएगी नहीं। कांग्रेस के पास कोई मुद्दा नहीं है। वहीं कांग्रेस ने चंद्राकर के बयान पर कहा कि वीडियो में उनकी भाव भंगिमा स्पष्ट दिखाई दे रही है। कांग्रेस संचार विभाग प्रमुख सुशील शुक्ला ने कहा कि चंद्राकर ने मंच पर प्रदेश अध्यक्ष किरण देव को गमछा जबरन थमाया और फिर खामोशी से वहां से चले गए।
कांग्रेस ने सोशल मीडिया में पोस्ट किया वीडियो।
वीडियो में क्या है?
दरअसल, भाजपा सदस्यता अभियान के तहत नेताओं को मंच पर बुलाकर सम्मान किया जा रहा था। जब अजय चंद्राकर को मंच पर बुलाकर सम्मान किया गया, उस दौरान मंच पर सीएम विष्णुदेव साय, डिप्टी सीएम अरुण साव, क्षेत्रीय संगठन मंत्री अजय जामवाल और प्रदेश अध्यक्ष किरण देव मौजूद रहे। पूर्व मंत्री अजय चंद्राकर को जब मोमेंटो दिया गया।
इस दौरान वे प्रदेश अध्यक्ष और जामवाल से बात करते रहे। बाद में चंद्राकर अपना मोमेंटो नीचे रखकर जामवाल को गमछा पहनाने के लिए आगे बढ़े, लेकिन जामवाल पीछे हट गए। बाद में चंद्राकर ने प्रदेश अध्यक्ष किरण देव को जल्दी से गमछा थमाकर चुपचाप मंच से नीचे उतर गए।
अजय चंद्राकर ।
अपने मुद्दों पर फटकार खाने वाली पार्टी है कांग्रेस: अजय चंद्राकर
कार्यकर्ता सम्मान के दौरान वायरल वीडियो पर अजय चंद्राकर ने कांग्रेस पर पलटवार करते हुए कहा कि कांग्रेस को संगठनात्मक भाव समझ नहीं आएगी। राजनीति करने के लिए मुद्दे की तलाश करनी चाहिए। सुप्रीम कोर्ट ने भी कांग्रेस को फटकार लगाई है। यह अपने मुद्दों पर फटकार खाने वाली पार्टी है।
चंद्राकर ने आगे कहा, मैं राष्ट्रवादी पार्टी का सदस्य हूं, जिसमें अनुशासन सबसे महत्वपूर्ण है। एक परिवार के दावेदारी करने वाले ये नहीं समझ सकते।
मुद्दा अजय चंद्राकर ने ही दिया है- कांग्रेस
पूर्व मंत्री अजय चंद्राकर के वायरल वीडियो पर कांग्रेस संचार विभाग प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि निश्चित तौर पर मुद्दा अजय चंद्राकर ने ही दिया है। यदि कांग्रेस गलत है तो चंद्राकर मीडिया को बुलाकर पूरी रिकॉर्डिंग, पूरी डॉक्यूमेंट्री दिखाएं कि किस प्रकार से उपमुख्यमंत्री अरुण साव उनको गमछा पहनाना चाह रहे थे।
सुशील आनंद शुक्ला।
सुशील ने कहा कि वह उनसे गमछा नहीं पहनना चाह रहे थे। उसके बाद अजय चंद्राकर अपना स्मृति चिन्ह नीचे रखकर अपना गमछा अजय जामवाल को पहनाना चाह रहे थे, फिर जिस प्रकार वो मना करते हैं, फिर चंद्राकर किरण देव को गमछा पहनकर वहां से चले जाते हैं, यह क्या है?
क्या मंच पर आचरण का ज्ञान नहीं है कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि क्या अजय चंद्राकर को इसका भी ज्ञान नहीं है कि मंच पर इतने सीनियर नेता होने बावजूद उन्हें मंच पर कैसा आचरण करना चाहिए। उन्हें यह तक नहीं पता कि डिप्टी सीएम के साथ किस तरह का व्यवहार किया जाता है। शुक्ला ने कहा कि अजय जामवाल उनसे क्यों गमछा नहीं पहना चाहते थे और अरुण साव ने किस तरह गमछा उनके कंधे पर फेंक दिया।
उन्होंने कहा, गलती आप करेंगे, खुद ही अपनी फजीहत करवाएंगे और आरोप कांग्रेस पर लगाएंगे – बड़े जालिम हैं आप तो। उन्होंने यह भी कहा कि अजय चंद्राकर की बयानबाज़ी से साफ है कि वे खुद को दरकिनार किए जाने से नाराज़ और हताश हैं।
सारंग के पांच हेलीकॉप्टरों के रोमांचकारी करतबों ने दर्शकों को किया मंत्रमुग्ध
आकाशगंगा के स्काईडाइवर्स और गरुड़ कमांडोज ने भी दिखाया अदम्य साहस
छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस पर सेंध लेक में आयोजित भव्य एयर-शो बना आकर्षण का केंद्र
तिरंगे की मनमोहक फॉर्मेशन और ‘वंदे मातरम्’ की गूंज से देशभक्ति के रंग में रंगा आसमान
रायपुर, 2 नवंबर 2026। छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस के गौरवपूर्ण अवसर पर नवा रायपुर का आसमान आज भारतीय वायु सेना के अदम्य शौर्य, साहस, अनुशासन और अद्भुत उड़ान कौशल का साक्षी बना। सेंध लेक में आयोजित भारतीय वायु सेना की विश्वप्रसिद्ध सारंग एयरोबेटिक डिस्प्ले टीम के भव्य एयर-शो में राज्यपाल रमेन डेका शामिल हुए। इस अवसर पर आकाशगंगा स्काईडाइविंग टीम, गरुड़ कमांडोज और सारंग हेलीकॉप्टर डिस्प्ले टीम के जांबाजों ने अपने साहसिक करतबों, सटीक नियंत्रण और उत्कृष्ट समन्वय से उपस्थित जनसमूह को रोमांचित कर दिया। पांच हेलीकॉप्टरों की आकर्षक फॉर्मेशन, हैरतअंगेज हवाई करतबों, आसमान में तिरंगे की मनमोहक छटा और ‘वंदे मातरम्’ की गूंज ने पूरे वातावरण को देशभक्ति और राष्ट्रीय गौरव की भावना से सराबोर कर दिया।
राज्यपाल रमेन डेका ने भारतीय वायु सेना के जांबाजों के शानदार प्रदर्शन की सराहना करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर प्रतिष्ठित सारंग टीम का यह आयोजन हम सभी के लिए गौरव और प्रसन्नता का विषय है। वायु वीरों ने जिस साहस, अनुशासन, आत्मविश्वास और सटीक समन्वय के साथ अपने कौशल का प्रदर्शन किया है, वह प्रत्येक नागरिक, विशेषकर युवाओं के लिए प्रेरणादायी है। यह आयोजन केवल रोमांचकारी हवाई करतबों का प्रदर्शन नहीं, बल्कि भारतीय वायु सेना की उत्कृष्ट क्षमता, कठिन प्रशिक्षण, समर्पण और राष्ट्रसेवा की भावना का जीवंत परिचय है। उन्होंने प्रदेशवासियों को छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कामना की, कि हमारा छत्तीसगढ़ निरंतर विकास, प्रगति और समृद्धि की नई ऊंचाइयों को प्राप्त करता रहे। उन्होंने कहा कि राज्य स्थापना दिवस की खुशियों के बीच भारतीय वायु सेना के जांबाजों का यह अद्भुत प्रदर्शन प्रदेशवासियों के उत्साह और गौरव को और अधिक बढ़ा रहा है।
अनुशासन, आपसी विश्वास और टीम भावना का अनुपम उदाहरण है सारंग टीम राज्यपाल श्री डेका ने कहा कि सारंग का अर्थ मोर होता है। जिस प्रकार मोर हमारे देश की विशिष्ट पहचान और सुंदरता का प्रतीक है, उसी प्रकार सारंग टीम भारतीय वायु सेना की गरिमा, उत्कृष्ट कौशल और अनुशासन का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि हवाई प्रदर्शन के दौरान हेलीकॉप्टरों की विभिन्न फॉर्मेशन और साहसिक करतब भले ही देखने में सहज और सुंदर दिखाई देते हों, लेकिन इनके पीछे विस्तृत योजना, निरंतर अभ्यास, गहरी एकाग्रता और असाधारण समन्वय होता है। प्रत्येक पायलट को अपनी भूमिका के साथ-साथ अपने साथियों की गतिविधियों का भी पूरा ध्यान रखना पड़ता है। चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में एक-दूसरे पर अटूट विश्वास और सटीक तालमेल ही ऐसी अद्भुत प्रस्तुतियों को संभव बनाता है। उन्होंने कहा कि सारंग टीम का प्रदर्शन हमें यह महत्वपूर्ण संदेश देता है कि अनुशासन, समर्पण, सामूहिक प्रयास और आपसी विश्वास से कठिन से कठिन लक्ष्य भी प्राप्त किए जा सकते हैं। यह प्रदर्शन युवाओं को उत्कृष्टता प्राप्त करने, अपने कर्तव्यों के प्रति समर्पित रहने और सामूहिक प्रयासों से सफलता हासिल करने की प्रेरणा देता है।
आकाशगंगा के जांबाजों ने आसमान से उतरकर दिखाया अद्भुत साहस और सटीक नियंत्रण एयर-शो का रोमांचकारी शुभारंभ भारतीय वायु सेना की प्रसिद्ध आकाशगंगा स्काईडाइविंग टीम ने किया। खुले आसमान से छलांग लगाते हुए टीम के जांबाजों ने अपने पैराशूट को कुशलतापूर्वक नियंत्रित कर अदम्य साहस, संतुलन और सटीकता का परिचय दिया। निर्धारित दिशा और गति के अनुरूप पैराशूट को नियंत्रित करते हुए स्काईडाइवर्स ने सेंध लेक के सामने निर्धारित स्थान पर सटीक लैंडिंग की। उनके इस साहसिक प्रदर्शन को देखकर दर्शक रोमांचित हो उठे और सफल लैंडिंग के बाद पूरा परिसर तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। इस प्रस्तुति ने भारतीय वायु सेना के जवानों की शारीरिक दक्षता, मानसिक एकाग्रता और दृढ़ता और उच्चस्तरीय प्रशिक्षण की प्रभावशाली झलक प्रस्तुत की। गरुड़ कमांडोज ने किया रेस्क्यू और कॉम्बैट ऑपरेशन का प्रभावशाली प्रदर्शन आकाशगंगा टीम के प्रदर्शन के बाद भारतीय वायु सेना के गरुड़ कमांडोज ने अपने अदम्य साहस और विशेष ऑपरेशन की दक्षता का परिचय दिया। कमांडोज ने एयर-शो से पहले आठ हजार फीट की ऊंचाई से पैराशूट लैंडिंग कर दर्शकों को रोमांचित किया। इसके पश्चात एमआई-17 हेलीकॉप्टर से स्लिदरिंग का प्रदर्शन किया गया। हवा में स्थिर हेलीकॉप्टर से रस्सियों के सहारे नीचे उतरते जवानों ने चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में निर्धारित स्थान तक पहुंचने की अपनी दक्षता प्रदर्शित की। सेंध लेक के सामने कमांडोज ने रेस्क्यू एवं कॉम्बैट ऑपरेशन का प्रभावशाली प्रदर्शन कर अपनी परिचालन क्षमता, त्वरित कार्रवाई और कठिन परिस्थितियों में मिशन को सफलतापूर्वक पूरा करने के कौशल का परिचय दिया। इसके पश्चात जवानों ने मंच को सलामी दी। उनके अनुशासित और साहसिक प्रदर्शन पर दर्शकों ने तालियों के साथ उत्साहवर्धन किया। सारंग के पांच हेलीकॉप्टरों की फॉर्मेशन और क्रॉसओवर करतब ने थाम दीं दर्शकों की सांसें एयर-शो का सबसे प्रमुख आकर्षण भारतीय वायु सेना की विश्वप्रसिद्ध सारंग हेलीकॉप्टर डिस्प्ले टीम की शानदार प्रस्तुति रही। ग्रुप कैप्टन अभिजीत कुमार के नेतृत्व में टीम के पांच हेलीकॉप्टरों ने नवा रायपुर के आसमान में एक के बाद एक आकर्षक फॉर्मेशन और रोमांचकारी हवाई करतब प्रस्तुत किए। पायलटों ने अत्यंत सटीक नियंत्रण, संतुलन और बेहतरीन समन्वय के साथ हेलीकॉप्टरों को उड़ाकर अपने अद्भुत कौशल का परिचय दिया। आसमान में एक साथ उड़ते पांच हेलीकॉप्टरों की आकर्षक फॉर्मेशन ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। कभी हेलीकॉप्टर एक-दूसरे के बेहद करीब आते दिखाई दिए, तो कभी अलग-अलग दिशाओं में उड़ान भरते हुए पुनः निर्धारित फॉर्मेशन में एक साथ आ गए। प्रदर्शन के दौरान हेलीकॉप्टरों का बेहद नजदीक से एक-दूसरे को क्रॉस करने वाला रोमांचकारी ‘क्रॉसओवर’ करतब विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। तेज गति से एक-दूसरे के सामने से गुजरते हेलीकॉप्टरों को देखकर दर्शक आश्चर्यचकित रह गए। इस करतब में पायलटों के मन की एकाग्रता, उड़ान पर नियंत्रण और आपसी तालमेल का अद्भुत प्रदर्शन देखने को मिला। सारंग के कॉकपिट से गूंजा ‘छत्तीसगढ़िया सबले बढ़िया’, दर्शकों का उत्साह हुआ दोगुना छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर सारंग टीम ने प्रदेश के प्रति अपने विशेष स्नेह और सम्मान का भी परिचय दिया। हवाई प्रदर्शन के दौरान ग्रुप कैप्टन श्री अभिजीत कुमार ने हेलीकॉप्टर के कॉकपिट से छत्तीसगढ़ के लोकप्रिय उद्घोष ‘छत्तीसगढ़िया सबले बढ़िया’ के माध्यम से प्रदेशवासियों का आत्मीय अभिवादन किया। आसमान से गूंजे इस उद्घोष ने उपस्थित जनसमूह के उत्साह को दोगुना कर दिया। राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर भारतीय वायु सेना के जांबाजों द्वारा छत्तीसगढ़ की विशिष्ट पहचान और जनभावनाओं को सम्मान देने का यह क्षण दर्शकों के लिए विशेष रूप से यादगार बन गया। तिरंगे की मनमोहक फॉर्मेशन और ‘वंदे मातरम्’ की गूंज से देशभक्ति के रंग में रंगा आसमान हवाई प्रदर्शन के अंतिम चरण में सारंग टीम ने ‘वंदे मातरम्’ गीत की गूंज के बीच तिरंगे की मनमोहक फॉर्मेशन प्रस्तुत की। आसमान में तिरंगे के रंगों की आकर्षक छटा, हेलीकॉप्टरों का अद्भुत तालमेल और देशभक्ति गीत की गूंज ने उपस्थित जनसमूह को भावविभोर कर दिया। शौर्य, साहस, अनुशासन और राष्ट्रप्रेम से परिपूर्ण इस प्रस्तुति के साथ एयर-शो का भव्य एवं यादगार समापन हुआ। राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम ने प्रदेशवासियों को भारतीय वायु सेना की उत्कृष्टता और राष्ट्रसेवा के गौरवशाली स्वरूप को निकट से देखने का अवसर प्रदान किया। विश्वभर में भारत की प्रतिष्ठा बढ़ा चुकी है सारंग टीम उल्लेखनीय है कि भारतीय वायु सेना की सारंग हेलीकॉप्टर डिस्प्ले टीम विश्व की एकमात्र पांच हेलीकॉप्टरों वाली एयरोबेटिक प्रदर्शन टीम है। यह टीम अपने सुनियोजित हवाई करतबों, आकर्षक फॉर्मेशनों और अद्भुत उड़ान कौशल के माध्यम से भारतीय वायु सेना की सटीकता, अनुशासन, व्यावसायिकता तथा उच्चस्तरीय प्रशिक्षण का परिचय देती है। सारंग टीम जर्मनी, यूनाइटेड किंगडम, मॉरिशस, रूस और मिस्र सहित दुनिया के अनेक देशों में अपने शानदार 1500 हवाई प्रदर्शनों से भारत की प्रतिष्ठा और गौरव को नई ऊंचाइयां प्रदान कर चुकी है। छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर नवा रायपुर में आयोजित यह भव्य एयर-शो प्रदेशवासियों के लिए विशेष गौरव और उत्साह का अवसर बना। आकाशगंगा स्काईडाइविंग टीम, गरुड़ कमांडोज और सारंग टीम की साहसिक प्रस्तुतियों ने राज्य स्थापना दिवस के उत्सव को और अधिक भव्य एवं यादगार बना दिया। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा, संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल सहित सांसदगण, विधायकगण, निगम-मंडल के पदाधिकारी तथा बड़ी संख्या में दर्शकगण उपस्थित थे।
जगदलपुर, एजेंसी। जगदलपुर में सोमवार को ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ अभियान के तहत भाजपा ने पदयात्रा निकाली। इससे पहले दंतेश्वरी मंदिर के सामने सभा हुई। इस दौरान केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने कहा कि राहुल गांधी की दादी इंदिरा गांधी ने इलाहाबाद में वोट चोरी कर चुनाव जीता था। जिसके बाद इलाहाबाद हाईकोर्ट ने चुनाव रद्द कर दिया था।
वहीं वन मंत्री केदार कश्यप ने हल्बी में कहा कि देश का प्रधानमंत्री कौन होगा, यह पाकिस्तान या बांग्लादेश नहीं, बल्कि देश के लोग तय करेंगे। उन्होंने कांग्रेस नेताओं की तुलना लोमड़ी से और पीएम नरेंद्र मोदी को बाघ बताते हुए कहा कि देश में बाघ ही दहाड़ेगा।
केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया पदयात्रा में शामिल हुए।
जगदलपुर में ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ अभियान के तहत पदयात्रा निकाली जा रही है।
केंद्रीय मंत्री ने इंदिरा गांधी पर वोट चोरी का आरोप लगाया।
रायपुर, एजेंसी। कथावाचक पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के भगवान श्रीराम और श्रीकृष्ण की तुलना करने वाले बयान पर विवाद बढ़ता जा रहा है। छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इस मामले में शास्त्री पर निशाना साधा है। उन्होंने फेसबुक पोस्ट में लिखा- ‘कोई तो केमिकल लोचा है। इनकी रेबीज वगैरह की जांच करवाना ठीक होगा।’
मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले में चल रही रामकथा में विवादित टिप्पणी की
भूपेश बघेल ने फेसबुक पर किया पोस्ट
पूर्व सीएम भूपेश बघेल का पोस्ट
भूपेश बघेल ने आगे लिखा कि हिंदू-हिंदू करते-करते अब यह ढोंगी बाबा हिंदुओं के आराध्य देवी-देवताओं की खिल्ली उड़ाने लगा है। उन्होंने सवाल किया कि हिंदू धर्म के ठेकेदारों की भावनाएं आहत क्यों नहीं हो रही हैं।
हालांकि, धीरेंद्र शास्त्री के इस बयान पर मथुरा के साधु-संतों ने नाराजगी जताते हुए माफी की मांग की। विवाद बढ़ने के बाद शास्त्री ने सफाई देते हुए कहा कि राम और कृष्ण एक ही हैं, उनमें कोई अंतर नहीं है। उन्होंने किसी की भावना आहत होने पर माफी भी मांगी।
भूपेश बघेल ने धीरेंद्र शास्त्री पर लगाया था अंधविश्वास का आरोप
बतादें कि इससे पहले 2025 में भी भूपेश बघेल ने धीरेंद्र शास्त्री पर अंधविश्वास फैलाने का आरोप लगाया था। इसके जवाब में धीरेंद्र शास्त्री ने मंच से कहा था कि “अगर हिंदू समाज को जोड़ना अंधविश्वास है, तो ऐसे लोग देश छोड़ दें।”
वहीं, भूपेश बघेल ने पलटवार करते हुए कहा था कि “जब धीरेंद्र शास्त्री पैदा भी नहीं हुए थे, तब से मैं हनुमान चालीसा पढ़ रहा हूं।” उन्होंने धीरेंद्र शास्त्री को BJP का एजेंट तक बता दिया था।
क्या है पूरा विवाद?
दरअसल, मध्यप्रदेश के शिवपुरी में श्रीराम कथा के दौरान धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने भगवान श्रीराम और श्रीकृष्ण की तुलना करते हुए टिप्पणी की थी। उन्होंने कहा था कि श्रीकृष्ण की मुद्रा तीन जगह से टेढ़ी होती है, जबकि भगवान श्रीराम सीधे खड़े होते हैं।
उन्होंने अयोध्या और वृंदावन की तुलना करते हुए भी टिप्पणी की थी। शास्त्री के इस बयान का वीडियो सामने आने के बाद मथुरा के साधु-संतों ने नाराजगी जताई और उनसे माफी मांगने को कहा।
विवाद बढ़ा तो धीरेंद्र शास्त्री ने दी सफाई
विवाद बढ़ने के बाद धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने वीडियो जारी कर सफाई दी। उन्होंने कहा कि कई लोगों ने उनकी बात का गलत मतलब निकाला है। उनका भगवान श्रीराम और श्रीकृष्ण में भेद करने का कोई इरादा नहीं था।
शास्त्री ने कहा कि वे खुद ठाकुरजी और ब्रज के भक्त हैं। वे श्रीमद्भागवत कथा कहते हैं और भगवान श्रीकृष्ण का गुणगान करते हैं। उन्होंने कहा कि राम और कृष्ण दोनों एक ही हैं और उनमें कोई अंतर नहीं है।
उन्होंने यह भी कहा कि यदि उनकी बात या व्याख्या से किसी की भावना आहत हुई है, तो वे माफी मांगते हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि उनकी बात का गलत अर्थ निकालकर उसे बढ़ा-चढ़ाकर पेश न किया जाए।