न्याय का एक घंटा प्रार्थना के 70 घंटा से ज्यादा मूल्यवान -आयुक्त
कोरबा। संविधान दिवस के अवसर पर विधिक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन शासकीय ई.व्ही. पी.जी. महाविद्यालय कोरबा में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कोरबा द्वारा किया गया। उक्त अवसर पर मुख्य अतिथि सत्येन्द्र कुमार साहू, प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कोरबा के द्वारा अपने उद्बोधन में कहा गया कि इस सभा में सबसे अधिक छात्राएं अधिक संख्या में उपस्थित हंै। आज से 20 वर्षो पूर्व इतने छात्राएं उपस्थित नहीं हो पाते थे। आज यह तभी संभव हो पाया है हमारे संविधान के कारण। संविधान की उद्देशिका में समस्त नागरिकों को सामजिक, आर्थिक एवं राजनीतिक न्याय, विचार अभिव्यक्ति, धर्म, उपासना की स्वतंत्रता, निष्ठा एवं अवसर की समता प्रदान किया गया है। सभी व्यक्ति को गरिमा पूर्ण जीवन यापन करने का अधिकार दिया गया है। यह हमारा मानव अधिकार है। व्यक्ति की गरिमा के संबंध में संक्षिप्त उदाहरण देते हुये कहा गया कि कोई भी मनुष्य को हम दुखी अवस्था में देखते है तो हमेंं तकलीफ होती है। हम सब मनुष्य है। हमें मानवीय गरिमा से जीवन जीने का अधिकार है। लड़कियों को, गरीबों को आगे बढ़ाना है, बहुत से योजनाओं का लाभ हमें संविधान के द्वारा प्रदाय किया गया है। संविधान हमारे जीवन के प्रत्येक अंग से जुड़ा हुआ है। हमेंं हमेशा लीगल वे, सही रास्ता में चलना चाहिये। विधि है तो उपचार भी होगा। कानूनी उपचार लेना कठिन कार्य है। ये सभी हमारे संविधान में प्रावधानित है। जयदीप गर्ग, विशेष न्यायाधीश, कोरबा के द्वारा बताया गया कि दिनांक 26 नवम्ब 1949 को संविधान सभा ने इस भारत के संविधान को पास किया गया था। 26 जनवरी 1950 को प्रावधानित हुआ है। संविधान सभी के लिये समान विधान है। हमारा संविधान हमें अनेक अधिकारों के साथ कर्तव्य भी बताता है। सभी कानून संविधान से निकलते है कोई कानून बनता है और वह संविधान के अनुरूप नहीं है तो न्यायपालिका, उच्चतम न्यायालय उसे निरस्त कर देता है। अधिकार एवं कर्तव्य एक सिक्के के दो पहलू है। हम सभी को अपने अधिकारों के साथ-साथ कर्तव्य का पालन करना आवश्यक है। कु0 डिम्पल, सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कोरबा (छ0ग0) के द्वारा संविधान दिवस की बधाईयां देते हुये बताया गया कि संविधान नियमों और कानूनों का एक समूह है, जो किसी देश के संचालन और नियंत्रण को विनियमित करता है। संविधान कर्तव्यों के साथ-साथ मौलिक अधिकारों, राज्य के नीति निर्देशक तत्व और नागरिक जिम्मेदारियों को भी परिभाषित करता है। संविधान की प्रस्तावना में ही संविधान का सार है। कानून गरीब या अमीर में कोई अंतर नहीं रखता है। कानून सभी के लिए समान है। कानून परिस्थितियों में परिवर्तन के आधार पर समाज के नागरिकों की सेवा हेतु समय पर संशोधित किया जाता है। आशुतोष पाण्डेय, आयुक्त नगर पालिक निगम विशिष्ट अतिथि के द्वारा अपने उद्बोधन में कहा गया कि छात्रों को अनुशासन के मामले में संगठित किया गया है। संविधान को हमारे संविधान सभा में पारित किया गया था। यह दिन महत्वपूर्ण है क्योंकि इस दिन हमने स्वतंत्रता पूर्ण रूप से पायी थी। कहा जाता है कि न्याय का एक घंटा प्रार्थना के 70 घंटा से ज्यादा मूल्यवान है। इस वाक्य से समझ सकते हैं कि हमारी न्यायिक प्रणाली कितनी महत्वपूर्ण है। भारत का संविधान में विभिन्न देशों के अच्छे-अच्छे अंश को लिया गया है। इसे एक वृहद् संविधान बनाया गया है जो कि विश्व का सबसे बड़ा संविधान है। शहर की व्यवस्था को चलाने के लिये बाध्य होता है। नगल पालिक के नियमों का पालन करना हमारा दायित्व है। कानून से ना कोई ऊपर है और ना ही कोई नीचे है अर्थात कानून सबके लिए समान है और यह लिखित रूप में है। आर.बी. शर्मा प्राचार्य, शासकीय ई.व्ही. पी.जी. महाविद्यालय कोरबा के द्वारा उक्त कार्यक्रम में उपस्थित मुख्य अतिथि, विशिष्ट अतिथि का आभार प्रदर्शन किया गया। उक्त कार्यक्रम में गणेश कुलदीप अध्यक्ष- जिला अधिवक्ता संघ कोरबा, नूतन सिंह- सचिव, जिला अधिवक्ता संघ कोरबा एवं डॉ. एन.के. सिंह तथा उपायुक्त नगर पालिक निगम कोरबा उपस्थित थे। कार्यक्रम के अंत में संविधान की प्रस्तावना का वाचन किया गया।
दो स्वर्ण एवं पाँच रजत सहित कुल सात पदक जीतकर विद्यार्थियों ने बढ़ाया विद्यालय का गौरव कोरबा। अंतरविद्यालयीन किकबॉक्सिंग चैंपियनशिप 2026, कोरबा में एनकेएम लायंस पब्लिक स्कूल, मड़वारानी के विद्यार्थियों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए दो स्वर्ण एवं पाँच रजत सहित कुल सात पदक जीतकर विद्यालय एवं क्षेत्र का नाम गौरवान्वित किया।
प्रतियोगिता में दीपेश यादव एवं देव बरेठ ने स्वर्ण पदक प्राप्त किए, जबकि अभिनव वैष्णव, धनराज पटेल, आयुष खांडेय, नितिश सिंह तंवर एवं विवेक दास महंत ने रजत पदक हासिल कर अपनी प्रतिभा, मेहनत और खेल कौशल का शानदार परिचय दिया।
इस गौरवपूर्ण उपलब्धि पर विद्यालय के अध्यक्ष पीएमजेएफ लायन डॉ. राजकुमार अग्रवाल ने सभी विजेता विद्यार्थियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं। अपने उद्बोधन में उन्होंने कहा कि खेल विद्यार्थियों के जीवन में अनुशासन, आत्मविश्वास, साहस और संघर्ष की भावना विकसित करते हैं। विद्यार्थियों की यह उपलब्धि उनकी कठिन मेहनत, दृढ़ संकल्प और समर्पण का परिणाम है। उन्होंने विद्यार्थियों को भविष्य में भी निरंतर अभ्यास करते हुए उच्च स्तर की प्रतियोगिताओं में सफलता प्राप्त करने तथा विद्यालय एवं देश का नाम रोशन करने के लिए प्रेरित किया।
विद्यालय के प्राचार्य सुभाष चंद्र अनंत ने भी विद्यार्थियों की इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उन्हें बधाई दी। उन्होंने अपने उद्बोधन में कहा कि निरंतर अभ्यास, अनुशासन और लक्ष्य के प्रति समर्पण ही सफलता की वास्तविक कुंजी है। विद्यार्थियों की यह उपलब्धि अन्य बच्चों के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि विद्यालय के विद्यार्थी भविष्य में भी अपनी प्रतिभा से नई ऊँचाइयाँ प्राप्त करेंगे।
इस शानदार सफलता पर विद्यालय प्रबंधन, शिक्षक-शिक्षिकाओं एवं समस्त विद्यालय परिवार ने पदक विजेता विद्यार्थियों को शुभकामनाएँ देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। एनकेएम लायंस पब्लिक स्कूल, मड़वारानी विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए शिक्षा के साथ-साथ खेलकूद एवं अन्य सहशैक्षणिक गतिविधियों को प्रोत्साहित करने हेतु निरंतर प्रयासरत है।
एस.बी.एस. कॉलोनी, एसईसीएल कोरबा में 25 अक्टूबर को गूंजेगा छत्तीसगढ़ के लोकप्रिय गायक नितिन दुबे का संगीत, रात 8 बजे से सजेगी भव्य सांस्कृतिक संध्या
कोरबा। सार्वजनिक श्री श्री दुर्गा पूजा उत्सव समिति, एस.बी.एस. कॉलोनी के तत्वावधान में शारदीय नवरात्रि के पावन अवसर पर एक भव्य और आकर्षक सांस्कृतिक संध्या का आयोजन किया जा रहा है। इस विशेष कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के लोकप्रिय पार्श्व गायक और जाने-माने कलाकार नितिन दुबे अपनी मनमोहक प्रस्तुतियों से श्रोताओं को झूमने पर मजबूर करेंगे।
समिति के पदाधिकारियों ने जानकारी देते हुए बताया कि यह रंगारंग कार्यक्रम एस.बी.एस. कॉलोनी, एस.ई.सी.एल कोरबा स्थित सेंट्रल वर्स ऑफ कॉलोनी, (Children Park) में आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम की शुरुआत 25 अक्टूबर को रात्रि 8:00 बजे से होगी।
छत्तीसगढ़ी लोक संस्कृति, सुमधुर गीतों और ऊर्जावान प्रस्तुतियों के पर्याय बन चुके नितिन दुबे के लाइव कॉन्सर्ट को लेकर स्थानीय संगीत प्रेमियों और युवाओं में भारी उत्साह देखा जा रहा है।
सार्वजनिक श्री श्री दुर्गा पूजा उत्सव समिति ने कोरबा जिले के समस्त क्षेत्रवासियों से अपील है अपने इष्ट-मित्रों के साथ समय पर उपस्थित होकर इस भव्य सांस्कृतिक संध्या और मां दुर्गा के आशीर्वाद उत्सव का आनंद उठाएं।
कोरबा। दो दिन पूर्व रजगामार में एक 07 वर्षीय मासूम के साथ दरिन्दगी और हत्या के बाद मासूम का शव मिलने के बाद जहां उनके परिजनों में अतिशोक की लहर है, वहीं पूरे कोरबा में आक्रोश शिखर पर है। कल 23 अक्टूबर को पुलिस अधिकारियों ने पत्रकार वार्ता लेकर मामले का खुलासा किया और दरिन्दा आरोपी अमित चौहान को देवमट्टी से गिरफ्तार कर लिया। आज कोरबा जिले के कई जगहों में मासूम को न्याय दिलाने और आरोपी को फांसी की सजा की मांग को लेकर कैण्डल मार्च निकाला और मासूम को हजारों-लाखों लोगों ने श्रद्धांजलि दी। आज संध्या 5.30 बजे तिलक भवन प्रेस क्लब कोरबा में प्रेस क्लब परिवार सहित सैकड़ों की संख्या में कोरबा के विभिन्न सामाजिक संगठनों, बुद्धिजीवी वर्ग, समाजसेवी, नारीशक्ति, राजनेता, अग्रवाल सभा, व्यापारी संगठन, अखबार वितरक संघ सहित आम से लेकर खास लोग इकट्ठे हुए और संध्या 5.45 बजे तिलक भवन से कैण्डल मार्च करते हुए टी पी नगर चौक पहुंचे और वहां हजारों कैण्डल जलाकर मासूम को विनम्र श्रद्धांजलि दी। घटना अमानवीयता की इंतहां-नौशाद खान
प्रेस क्लब कोरबा अध्यक्ष नौशाद खान ने कहा कि रजगामार में मासूम के साथ जो बर्बरता के साथ हत्या की गई, उसके विरोध में हमने कैण्डल मार्च निकाला, जिसमें कोरबा प्रेस परिवार के साथ कोरबा के हजारों लोग स्वस्फूर्त शामिल हुए और तिलक भवन से टी पी नगर चौक तक कैण्डल मार्च निकाला और टी पी नगर चौक में मासूम को विनम्र श्रद्धांजलि दी। श्री खान ने कहा- यह घटना इतना क्रूर है कि आरोपी को सजा-ए-मौत मिलनी चाहिए। रजगामार में मासूम के साथ बर्बरता एवं निर्मम हत्या की घटना अमानवीयता की इंतहां है और मासूम के साथ बर्बरता करने वाला दरिन्दा को फांसी से कम की सजा नहीं होनी चाहिए। इस तरह की घटना सनातन संस्कृति में क्षम्य नहीं- कविता सोनी
समाज सेविका कविता सोनी ने मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि इस तरह की घटना हमारी सनातन संस्कृति में क्षम्य नहीं है और आरोपी को फांसी पर लटका देना चाहिए। इस मामले में त्वरित न्याय और आरोपी को कड़ी सजा मिलनी चाहिए। आरोपी को कड़ी सजा हो, इसके लिए पुलिस पुख्ता सबूत पेश करे-साहित्य जगत
कैण्डल मार्च में साहित्य जगत के लोग भी बड़ी संख्या में शामिल हुए। कोरबा के साहित्यकार एवं कवि श्री चतुर्वेदी ने कहा कि आरोपी को कड़ी सजा हो, इसके लिए पुलिस पुख्ता सबूत पेश करे। साहित्यकार कृष्णकांत चंद्रा ने कहा कि मासूम के साथ अमानवीय कृत्य और हत्या सभ्य समाज के लिए कलंक है और इस तरह के कृत्य करने वाले राक्षस को ऐसी सजा मिले कि आरोपियों की रूह कांप जाए। भाजपा नेत्रियों रानी यादव सहित उपस्थित नेत्रियों एवं अन्य महिला संगठन ने भी आरोपी को त्वरित फॉस्टट्रैक कोर्ट में पेश कर पुलिस को अपना पक्ष ऐसा रखना चाहिए कि जज आरोपी को सीधा फांसी की सजा सुनाए। आरोपी की पैरवी नहीं करेगा अधिवक्ता संघ
कैण्डल मार्च में नगर निगम सभापति और अधिवक्ता संघ के सचिव नूतन सिंह सहित कई अधिवक्ता भी शामिल हुए। नूतन सिंह ने कहा कि बच्ची के साथ दरिन्दगी और हत्या मानवीय समाज के लिए जघन्य कांड है और ऐसे राक्षस रूपी आरोपी की पैरवी अधिवक्ता संघ नहीं करेगा। हम टीम बनाकर आरोपी को ऐसी सजा के लिए पैरवी करेंगे, कि सजा सुनकर आरोपी की रूह कांप जाए। फांसी से कम सजा स्वीकार्य नहीं- बजरंग अग्रवाल
कैण्डल मार्च में अग्रवाल सभा ने बड़ी संख्या में अपनी सहभागिता निभाई। अग्रवाल सभा के अध्यक्ष बजरंग अग्रवाल ने कहा कि कोरबा को झकझोर देने वाली घटना ने लोगों के दिलों में एक ऐसा आक्रोश पैदा कर दिया है कि आरोपी को फांसी से कम सजा नहीं मिलनी चाहिए और न्याय भी त्वरित हो। पोस्ट मार्टम रिपोर्ट आना बाकी
कल पुलिस ने मामले का खुलासा किया और बेलगरी नाला बस्ती निवासी आरोपी को घटना के 24 घंटे के अंदर देवमट्टी से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार संभवत: हत्या के पूर्व आरोपी द्वारा दरिन्दगी की गई होगी और उसके बाद हत्या कर लाश को झाड़ियों में फेंक दिया होगा। पुलिस को पोस्ट मार्टम रिपोर्ट का इंतजार है।
मासूम के साथ दरिन्दगी सभ्य समाज पर कलंक
साधना न्यूज की कोरबा जिला हेड श्रीमती रेणु जायसवाल ने कहा कि मासूम के साथ दरिन्दगी और हत्या सभ्य समाज के लिए कलंक है। उन्होंने कहा कि पुलिस को भी चाहिए कि यदि कोई मासूम गुम होती है तो पुलिस को सक्रियता दिखानी चाहिए, ताकि इस तहर की घटना की पुनर्रावृत्ति न हो। राक्षस से भी बदतर आरोपी को सिर्फ फांसी की सजा हो। मुस्लिम यूथ कमेटी ने भी निकाला कैण्डल मार्च
मुस्लिम यूथ कमेटी ने भी घटना के विरोध में और आरोपी को फांसी की सजा देने की मांग को लेकर कैण्डल मार्च निकाला और टी पी नगर चौक में कैण्डल जलाकर मासूम को श्रद्धांजलि दी। यूथ कमेटी के अध्यक्ष ने कहा कि आरोपी को ऐसी कड़ी सजा मिले कि अन्य कोई इस तरह की घटना न घटे।