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कोरबा

छुईहापारा से मेन रोड तक 500 मीटर सीसी सड़क सह नाली निर्माण का कार्य मुख्यमंत्री ग्राम गौरव पथ योजना में स्वीकृत

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कोरबी में ग्रामीण सड़क अधोसंरचना को मिलेगी मजबूती, सोशल मीडिया में प्रसारित जानकारी पर विभाग ने स्पष्ट की वस्तुस्थिति

कोरबा। मुख्यमंत्री ग्राम गौरव पथ योजना के अंतर्गत कोरबा जिले के कोरबी क्षेत्र में छुईहापारा से मेन रोड तक 0.50 किलोमीटर अर्थात 500 मीटर लंबाई की सीसी सड़क सह नाली निर्माण का कार्य स्वीकृत है। इस संबंध में कार्यपालन अभियंता, छत्तीसगढ़ ग्रामीण सड़क विकास अभिकरण, परियोजना क्रियान्वयन इकाई कोरबा द्वारा सोशल मीडिया में प्रसारित जानकारी के संबंध में वस्तुस्थिति स्पष्ट की गई है।
मुख्यमंत्री ग्राम गौरव पथ योजना के पैकेज में शामिल है कार्य
उक्त सड़क निर्माण कार्य मुख्यमंत्री ग्राम गौरव पथ योजना के वर्ष 2025-26 में स्वीकृत पैकेज क्रमांक  MMGGPY-KOR-25  के अंतर्गत शामिल है। इस पैकेज में कुल 05 कार्यों का प्रावधान है। छुईहापारा से मेन रोड तक सड़क सह नाली निर्माण के लिए मेसर्स मनोज कुमार पाण्डेय, कोरबा को कार्य दिया गया है। उपलब्ध कार्यादेश के अनुसार संबंधित ठेकेदार के साथ 24 नवंबर 2025 को अनुबंध किया गया तथा कार्य प्रारंभ करने के निर्देश जारी किए गए।
177.90 लाख रुपये की निविदा राशि, 137.22 लाख रुपये में अनुबंध
दस्तावेज के अनुसार कार्य की निविदा राशि 150.76 लाख रुपये निर्माण कार्य तथा 18 प्रतिशत जीएसटी के 27.14 लाख रुपये, इस प्रकार कुल 177.90 लाख रुपये निर्धारित थी।
इसके विरुद्ध ठेकेदार द्वारा 22.87 प्रतिशत कम दर पर कार्य लिया गया। अनुबंध में निर्माण कार्य की राशि 116.29 लाख रुपये तथा 18 प्रतिशत जीएसटी की राशि 20.93 लाख रुपये निर्धारित की गई है। इस प्रकार कुल अनुबंध राशि 137.22 लाख रुपये है।
पांच माह में कार्य पूर्ण करने का प्रावधान
कार्यादेश के अनुसार कार्य को 05 माह की अवधि में पूर्ण किया जाना है, जिसमें वर्षा ऋतु भी शामिल है। कार्य से संबंधित अनुबंध की प्रति तथा कार्यादेश संबंधित विभागीय अधिकारियों को भी प्रेषित किया गया है।
सोशल मीडिया में प्रसारित जानकारी पर विभाग ने स्पष्ट की स्थिति
14 अगस्त 2026 को जारी विभागीय पत्र में सोशल मीडिया में प्रसारित खबर का उल्लेख करते हुए कार्य की स्थिति और राशि के संबंध में विभागीय पक्ष स्पष्ट किया गया है। पत्र में कहा गया है कि सोशल मीडिया में उक्त कार्य की कार्य पूर्णता तिथि 07 मई 2026 बताए जाने तथा कार्य पूर्ण होने संबंधी जानकारी प्रसारित की जा रही थी। विभाग ने स्पष्ट किया है कि वर्तमान में कार्य अप्रारंभ है तथा स्थल पर साफ-सफाई, बोर्ड एवं जीएसबी संबंधी कार्य ही किया गया है। साथ ही कार्य के लिए समयवृद्धि की कार्रवाई प्रक्रियाधीन बताई गई है।
विभागीय पत्र में सोशल मीडिया में कार्य की राशि को लेकर प्रसारित जानकारी पर भी स्थिति स्पष्ट की गई है। पत्र के अनुसार बोर्ड पर दर्शाई गई 44 लाख रुपये की राशि को भ्रष्टाचार की राशि के रूप में बताया गया था, जबकि विभाग ने स्पष्ट किया है कि बोर्ड में प्रदर्शित राशि प्रशासकीय स्वीकृति से संबंधित है। विभाग के अनुसार वर्तमान में कार्य पर मात्र 3 लाख रुपये का व्यय किया गया है।
कार्यपालन अभियंता द्वारा पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि चंद्रशेखर पाण्डेय द्वारा सोशल मीडिया में प्रसारित खबर के संबंध में कार्यालय से पक्ष जाने बिना जानकारी प्रसारित की गई तथा खबर को भ्रामक बताया गया है। विभाग ने इसी संदर्भ में सोशल मीडिया में प्रसारित जानकारी को असत्य एवं भ्रामक बताते हुए अपनी वास्तविक स्थिति स्पष्ट की है।
ग्रामीण आवागमन और जल निकासी व्यवस्था को मिलेगी सुविधा
छुईहापारा से मेन रोड तक प्रस्तावित 500 मीटर सीसी सड़क सह नाली निर्माण से क्षेत्र में ग्रामीण आवागमन को बेहतर बनाने के साथ सड़क किनारे जल निकासी की व्यवस्था मजबूत करने में मदद मिलेगी। मुख्यमंत्री ग्राम गौरव पथ योजना के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क अधोसंरचना को बेहतर बनाने की दिशा में यह कार्य महत्वपूर्ण है।
विभाग ने आम नागरिकों से अपील की है कि किसी भी विकास कार्य से संबंधित जानकारी के लिए सोशल मीडिया में प्रसारित अपुष्ट जानकारी पर भरोसा करने के बजाय संबंधित विभाग से वास्तविक स्थिति की जानकारी प्राप्त करें।

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कोरबा

छत्तीसगढ़ में 125 अफसरों का ट्रांसफर:अपर-डिप्टी और संयुक्त कलेक्टर भी बदले, पुलक भट्टाचार्य को सूडा के अतिरिक्त CEO का प्रभार

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रायपुर, एजेंसी। छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य प्रशासनिक सेवा के 125 अधिकारियों का तबादला किया है। सामान्य प्रशासन विभाग ने मंगलवार को तबादला आदेश जारी किया। अधिकारियों को प्रशासनिक आधार पर नई पदस्थापना दी गई है।

तबादला सूची में अपर कलेक्टर, डिप्टी कलेक्टर और प्रवर श्रेणी के अधिकारी शामिल हैं। कई जिलों के संयुक्त कलेक्टर भी बदले गए हैं। जिलों से लेकर मंत्रालय स्तर तक अधिकारियों का फेरबदल किया गया है।

पुलक भट्टाचार्य को सूडा के अतिरिक्त CEO का प्रभार दिया गया है।

पुलक भट्टाचार्य को सूडा के अतिरिक्त CEO का प्रभार दिया गया है।

पुलक भट्टाचार्य को सूडा के अतिरिक्त CEO का प्रभार

पुलक भट्टाचार्य सामान्य प्रशासन विभाग में उप सचिव के पद पर पदस्थ हैं। वे पीएमओटी मिशन कर्मयोगी के समन्वयक और नगरीय प्रशासन-विकास संचालनालय में अपर संचालक के अतिरिक्त प्रभार में हैं।

आदेश के अनुसार, वर्तमान दायित्वों के साथ उन्हें राज्य शहरी विकास अभिकरण (सूडा), रायपुर के अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है।

विपुल गुप्ता को कर्मकार मंडल का अतिरिक्त प्रभार

विपुल कुमार गुप्ता श्रम विभाग में उप सचिव के पद पर पदस्थ हैं। उन्हें वर्तमान दायित्वों के साथ सचिव, छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार मंडल, रायपुर का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है।

विनायक शर्मा को नवा रायपुर विकास प्राधिकरण में प्रबंधक बनाया

विनायक शर्मा छत्तीसगढ़ राज्य शिष्टाचार कार्यालय में राज्य शिष्टाचार अधिकारी के पद पर पदस्थ हैं। उनके पास उप सचिव, खनिज साधन विभाग का अतिरिक्त प्रभार भी है।

आदेश के अनुसार, उन्हें नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण में प्रबंधक के पद पर पदस्थ किया गया है।

डॉ. ऋतु वर्मा को उच्च शिक्षा विभाग का अतिरिक्त प्रभार

डॉ. ऋतु वर्मा सामान्य प्रशासन विभाग में उप सचिव (कक्ष-6 एवं 7) के पद पर पदस्थ हैं। उन्हें वर्तमान दायित्वों के साथ उच्च शिक्षा विभाग के उप सचिव का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है।

वैभव कुमार क्षेत्रज्ञ को छत्तीसगढ़ संवाद के प्रभार से हटाया

वैभव कुमार क्षेत्रज्ञ कृषि विकास-किसान कल्याण और जैव प्रौद्योगिकी विभाग में अवर सचिव के पद पर पदस्थ हैं। वे छत्तीसगढ़ संवाद में उप महाप्रबंधक का अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे थे।

आदेश के अनुसार, उन्हें छत्तीसगढ़ संवाद के उप महाप्रबंधक के अतिरिक्त प्रभार से मुक्त किया गया है। उनके शेष दायित्व यथावत रहेंगे।

पुष्पेन्द्र शर्मा बने राज्य शिष्टाचार अधिकारी

पुष्पेन्द्र कुमार शर्मा छत्तीसगढ़ राज्य शिष्टाचार अधिकारी के कार्यालय में सत्कार अधिकारी के पद पर पदस्थ हैं। आदेश के अनुसार, उन्हें राज्य शिष्टाचार अधिकारी, मंत्रालय, नवा रायपुर अटल नगर के पद पर पदस्थ किया गया है।

गौतम सिंह को मार्कफेड के अतिरिक्त प्रभार से मुक्त किया

गौतम सिंह सुशासन-अभिसरण विभाग में अवर सचिव के पद पर पदस्थ हैं और मार्कफेड का अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे थे।

आदेश के अनुसार, उन्हें मार्कफेड के अतिरिक्त प्रभार से मुक्त किया गया है। उनके शेष दायित्व यथावत रहेंगे।

मोनिका जयनशीने बनीं डिप्टी कलेक्टर

मोनिका जयनशीने माध्यमिक शिक्षा मंडल, रायपुर में उप सचिव के पद पर पदस्थ हैं। वे नवाचार आयोग का अतिरिक्त प्रभार संभाल रही थीं।

आदेश के अनुसार, उन्हें डिप्टी कलेक्टर, दुर्ग के पद पर पदस्थ किया गया है।

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कोरबा

रायपुर : संजू की स्वर्णिम जीत पर उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने थपथपाई पीठ, कहा छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों को मिलेगा उनके अनुभव का लाभ

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परिजनों के साथ उप मुख्यमंत्री साव से मिलीं संजू देवी, भारतीय महिला कबड्डी टीम के गोल्ड मेडल तक का सफर किया साझा

परिजनों के साथ उप मुख्यमंत्री श्री साव से मिलीं संजू देवी, भारतीय महिला कबड्डी टीम के गोल्ड मेडल तक का सफर किया साझा
परिजनों के साथ उप मुख्यमंत्री श्री साव से मिलीं संजू देवी, भारतीय महिला कबड्डी टीम के गोल्ड मेडल तक का सफर किया साझा

रायपुर/कोरबा 29 सितम्बर 2026। एशियन गेम्स-2026 में महिला कबड्डी में भारत को स्वर्ण पदक दिलाने में अहम भूमिका निभाने वाली छत्तीसगढ़ की बेटी संजू देवी ने रायपुर लौटने के बाद उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री अरुण साव से मुलाकात की। श्री साव ने अपने नवा रायपुर स्थित शासकीय निवास कार्यालय में हुई मुलाकात के दौरान संजू देवी की उपलब्धि पर उनका अभिनंदन कर हौसला बढ़ाया। उन्होंने संजू की माता श्रीमती अमरीका बाई और पिता रामजी का भी अभिनंदन किया।
उप मुख्यमंत्री श्री साव ने संजू देवी को बधाई देते हुए कहा कि उन्होंने भारत के साथ छत्तीसगढ़ के तीन करोड़ लोगों को भी गौरवान्वित किया है। उन्होंने संजू से एशियन गेम्स के अनुभव और उनकी टीम के स्वर्ण पदक तक के अजेय सफर की जानकारी ली। श्री साव ने उनसे प्रतियोगिता के दौरान मिले अनुभवों और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेलने के विभिन्न पहलुओं पर भी चर्चा की।
श्री साव ने संजू का उत्साह बढ़ाते हुए कहा कि एशियन गेम्स जैसे बड़े अंतरराष्ट्रीय मंच पर मिला उनका अनुभव केवल उनकी व्यक्तिगत उपलब्धि तक सीमित नहीं रहेगा। इस अनुभव का लाभ छत्तीसगढ़ के अन्य खिलाड़ियों को भी मिलेगा। श्री साव से संजू देवी की मुलाकात के दौरान खेल एवं युवा कल्याण विभाग के सचिव यशवंत कुमार और संचालक श्रीमती आकांक्षा शिक्षा खलखो भी मौजूद थीं।

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जाति जनगणना और प्रत्येक जाति के लिए विशिष्ठ वैज्ञानिक कोड तथा वैज्ञानिक वर्गीकरण सुनिश्चित करने राष्ट्रपति के नाम ओबीसी कांग्रेस ने सौंपा ज्ञापन

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कोरबा। जिला कांग्रेस कमेटी ओबीसी वर्ग के जिला अध्यक्ष गजानंद प्रसाद साहू (शहर) राजेश श्रीवास (ग्रामीण) तथा प्रदेश उपाध्यक्ष श्यामसुंदर सोनी, जिला कांग्रेस कमेटी शहर के जिलाध्यक्ष मुकेश राठौर, ग्रामीण जिलाध्यक्ष मनोज चौहान के नेतृत्व में एक रैली निकाली गई तथा कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा गया।

कांग्रेसजनों ने राष्ट्रपति से मांग की है कि जनगणना जाति के आधार पर की जाए और प्रत्येक जाति के लिए विशिष्ठ वैज्ञानिक कोड, वैज्ञानिक वर्गीकरण सुनिश्चित किया जाए। जिला कांग्रेस कमेटी शहर के जिलाध्यक्ष गजानंद प्रसाद साहू ने बताया कि ओबीसी कांग्रेस द्वारा रैली निकाली गई और राष्ट्रपति के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा गया, जिसमें मांग की गई है कि जनगणना जाति के आधार पर सुनिश्चित की जाए और वैज्ञानिक, प्रमाणित एवं नीतिनिर्माण में उपयोगी जाति जनगणना हेतु ओबीसी श्रेणी मानकीकृत जाति सूची, प्रत्येक जाति के लिए विशिष्ठ वैज्ञानिक कोड तथा वैज्ञानिक वर्गीकरण सुनिश्चित करने की मांग की गई है।

ज्ञापन में लिखा गया है कि अगामी जनगणना में जातियों की गणना की पद्धति से जुड़े अत्यंत महत्वपूर्ण राष्ट्रीय विषय की ओर आपका ध्यान आकर्षित करते हुए ज्ञापन प्रस्तुत किया जा रहा है। जाति जनगणना सामाजिक न्याय का ऐतिहासिक माध्यम तभी बन सकती है, जब देश की प्रत्येक जाति एवं समुदाय की सही, वैज्ञानिक और एकरुप गणना हो।
केवल किसी व्यक्ति से उसकी जाति पूछ लेना पर्याप्त नहीं है। यह भी सुनिश्चित करना अनिवार्य है कि एक ही प्रमाणित जाति के अलग-अलग नाम, पर्यायवाची नाम, क्षेत्रीय नाम तथा उच्चारण एवं वर्तनी के अंतर के कारण उसे अनेक अलग-अलग जातियों के रूप में दर्ज न कर दिया जाए।

समस्या: एक जाति-अनेक नाम
भारत की सामाजिक संरचना अत्यंत विविध है। एक ही जाति अथवा समुदाय को अलग-अलग राज्यों, क्षेत्रों और भाषाओं में अलग-अलग नामों, उपनामों, परंपरागत व्यवसाय-सुचक नामों तथा वर्तनी से जाना जा सकता है। ज्ञापन में कहा गया है केन्द्र एवं राज्य सरकारों की आधिकारिक सूचियों तथा अन्य प्रमाणित अभिलेखों के आधार पर प्रत्येक राज्य एवं केन्द्र शासित प्रदेश के लिए वैज्ञानिक कास्ट मास्टर लिस्ट तैयार की जाए।
किसी भी दो नामों को केवल समानता के अधार पर स्वत: एक जाति न मानी जाए। उनका एकीकरण आधिकारिक दस्तावेजों, ऐतिहासिक एवं मानव शास्त्रीय प्रमाणों एवं विशेषज्ञों की समीक्षा के बाद ही किया जाए।
जाति जनगणना की अंतिम पद्धति तय करने से पहले एक उच्चस्तरीय विशेषज्ञ समिति गठित की जाए। इसके अलावा ज्ञापन में कई विषयों पर राष्ट्रपति का ध्यान आकर्षित किया गया है।

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