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छत्तीसगढ़

डेंटल कॉलेज मेस के खाने में निकला मरा मेंढक

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चावल में इल्ली मिली, खराब बेसन से बन रहे थे भजिए, एक्सपायरी फूड प्रोडक्ट का इस्तेमाल

राजनांदगांव,एजेंसी। राजनांदगांव जिले के सुंदरा स्थित छत्तीसगढ़ डेंटल कॉलेज के मेस में छात्रों को परोसे गए खाने में मेंढक मिलने का मामला सामने आया है। घटना 7 जनवरी की है। रात के समय स्टूडेंट मेस में डिनर करने पहुंचे थे, तभी एक स्टूडेंट के खाने की थाली से मरा हुआ मेंढक निकला।

मामला लालबाग ग्रामीण थाना क्षेत्र का है। बताया जा रहा है कि मूंग की दाल में मेंढक पूरा पक गया था। शिकायत के बाद फूड एवं सेफ्टी विभाग की टीम मौके पर पहुंची तो देखा कि थाली में परोसे गए चावल में इल्ली-कीड़ा भी मरा पड़ा था, मेस में साफ सफाई की कमी थी और ज्यादातर अनाज एक्सपायरी डेट का इस्तेमाल हो रहा था।

बताया जा रहा है मूंग की दाल में मेंढक पूरा पक गया था।

बताया जा रहा है मूंग की दाल में मेंढक पूरा पक गया था।

चावल में इल्ली, छाछ में कीड़े निकले।

चावल में इल्ली, छाछ में कीड़े निकले।

भजिया बनाने वाले बेसन में कीड़े लग गए थे।

भजिया बनाने वाले बेसन में कीड़े लग गए थे।

छत्तीसगढ़ डेंटल कॉलेज के मेस, जहां खाना बनता है।

छत्तीसगढ़ डेंटल कॉलेज के मेस, जहां खाना बनता है।

कारण बताओ नोटिस जारी

छात्रों की शिकायत के बाद फूड एवं सेफ्टी विभाग ने मेस का अचानक निरीक्षण किया। इस दौरान मेस में कई एक्सपायरी खाद्य सामग्री भी पाई गई।

विभाग ने स्वास्थ्य और सुरक्षा मानकों में गंभीर खामियां पाए जाने पर मेस का संचालन करने वाली संस्था को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। यह कार्रवाई छात्रों के स्वास्थ्य के साथ संभावित खिलवाड़ को देखते हुए की गई है।

शिकायत के बाद फूड एवं सेफ्टी विभाग ने मेस का निरीक्षण किया।

शिकायत के बाद फूड एवं सेफ्टी विभाग ने मेस का निरीक्षण किया।

डीन बोले- शिकायत की जांच होगी

छत्तीसगढ़ डेंटल कॉलेज के डीन डॉक्टर एसके नंदा ने बताया कि मेस में परोसे गए भोजन में मृत मेंढक मिलने की शिकायत की जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि संस्था को समय-समय पर साफ-सफाई का पूरा ध्यान रखने की हिदायत दी जाती है। हालांकि, उन्होंने एक्सपायरी खाद्य पदार्थ मिलने की जानकारी से इनकार किया।

अन्य राज्यों के स्टूडेंट भी पढ़ने आते हैं

कॉलेज में अलग-अलग राज्यों से आए विद्यार्थी पढ़ाई करते हैं, जो खाने के लिए पूरी तरह मेस पर निर्भर रहते हैं। ये मामला सामने आने के बाद अब स्वास्थ्य से खिलवाड़ को लेकर सवाल उठ रहे है।

छात्रों ने कहा है कि दूषित भोजन और उसमें मृत जीव मिलने से फूड पॉइजनिंग और बैक्टीरियल इन्फेक्शन जैसी स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं।

कमियों को लेकर नोटिस जारी

इस संबंध में जिला खाद्य अधिकारी तरुण बिरला ने बताया की डेंटल कॉलेज के भोजन में मेंढक पाए जाने की शिकायत पर जांच टीम पहुंची थी वहां से खाद्य पदार्थों का सैंपल लिया गया है कुछ कमियों को लेकर नोटिस भी जारी किया गया है। एक्सपायरी खाद्य पदार्थ जब्त नहीं की गई है।

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कोरबा

नकाबपोश चोर ने आंगन से हीरो स्प्लेंडर चुराई:CCTV में कैद हुई वारदात, साइकिल-चप्पल छोड़ भागा, लगातार चोरी से लोग परेशान

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कोरबा। कोरबा के सिंचाई कॉलोनी में बीती रात करीब 3:35 बजे एक नकाबपोश चोर घर के आंगन में खड़ी बाइक चोरी कर ले गया। चोर अपनी साइकिल और चप्पल घर के पास ही छोड़ गया और बाइक लेकर फरार हो गया। चोरी की पूरी घटना CCTV कैमरे में रिकॉर्ड हो गई है। यह घटना रामपुर थाना क्षेत्र की है।

घर के आंगन से बाइक हुई चोरी

सिंचाई विभाग में मानचित्रकार के पद पर कार्यरत गिरधारी लाल खरिया सिंचाई कॉलोनी के क्वार्टर नंबर A1-3 में रहते हैं। उन्होंने बताया कि रोज की तरह उन्होंने अपनी हीरो स्प्लेंडर बाइक (CG 12 AQ 7329) घर के आंगन में खड़ी की थी। सुबह उठने पर बाइक वहां नहीं मिली।

इसके बाद उन्होंने CCTV फुटेज देखा। इसमें एक युवक चेहरे पर कपड़ा बांधे बाइक ले जाते हुए दिखाई दिया। खास बात यह है कि चोर अपनी साइकिल और चप्पल घर के पास ही छोड़ गया और बाइक लेकर निकल गया।

पीड़ित ने मामले की शिकायत सिविल लाइन थाना रामपुर में की है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर जांच शुरू कर दी है।

कॉलोनी में लगातार हो रही चोरी से दहशत

चोरी की लगातार घटनाओं से कॉलोनी के लोगों में डर का माहौल है। पूर्व पार्षद पालू राम साहू ने बताया कि रामपुर क्षेत्र में लगातार चोरी हो रही है। कुछ दिन पहले इसी कॉलोनी के एक सूने मकान में भी चोरी हुई थी, लेकिन उसका आरोपी अभी तक पकड़ा नहीं गया है। इसके अलावा बाइक और घरों में चोरी की कई घटनाएं पहले भी हो चुकी हैं।

बताया गया कि गणेश उत्सव के दौरान तीजा के दिन रामपुर जंगल बस्ती निवासी कौशल्या बरेठ के सूने घर का ताला तोड़कर चोर नकदी और जेवर ले गए थे। इस मामले में भी अब तक आरोपियों का पता नहीं चल सका है।

लगातार हो रही चोरियों को लेकर स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने रात में गश्त बढ़ाने और चोरियों के आरोपियों को जल्द गिरफ्तार करने की मांग की है।

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कोरबा

अस्थाई स्वास्थ्य केंद्र हरदीबाजार में महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत, ग्रामीणों ने लगाया लापरवाही का गंभीर आरोप

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ब्लड बीपी समेत सभी जांच रिपोर्ट सामान्य आने के बाद भी महिला ने तोड़ा दम

अस्पताल प्रबंधन व बीएमओ के खिलाफ ग्रामीणों में भारी आक्रोश, मुआवजा व जांच की मांग पर अड़े

क्षेत्रीय विधायक प्रेमचंद पटेल व जिला पंचायत उपाध्यक्ष निकिता मुकेश जायसवाल समेत कई जनप्रतिनिधि मौके पर पहुंचे

कोरबा/हरदीबाजार। ग्राम पंचायत रेकी की निवासी 60 वर्षीया भगा बाई पति गौठिया पटेल की हरदीबाजार स्थित अस्थाई सरकारी स्वास्थ्य केंद्र में उपचार के दौरान संदिग्ध परिस्थितियों में मृत्यु हो गई। इस घटना के बाद स्वास्थ्य केंद्र में अफरा-तफरी का माहौल निर्मित हो गया और ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। ग्रामीणों ने डॉक्टरों पर इलाज में घोर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग की है ।

क्या है पूरा मामला?

प्राप्त जानकारी के अनुसार मंगलवार दोपहर लगभग 1:00 बजे भगा बाई गांव के ही तालाब में स्नान कर घर लौट रही थीं, इसी दौरान उनके शरीर में अचानक तेज दर्द व पीड़ा महसूस हुई, महिला के पोते व परिजन तत्काल उन्हें हरदीबाजार स्थित अस्थाई शासकीय स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे ।

स्वास्थ्य केंद्र के डॉक्टरों द्वारा महिला का ब्लड, बीपी व अन्य आवश्यक जांच कराने की सलाह दी गई। परिजनों ने बाहर से सभी जांचें करवाईं, जिनकी रिपोर्ट पूरी तरह सामान्य आई। जांच कराने के पश्चात महिला स्वयं पैदल चलकर अस्पताल के भीतर पहुंची थी, इसके बाद प्रभारी डॉक्टर द्वारा महिला का उपचार शुरू किया गया, लेकिन इलाज के कुछ ही घंटों के भीतर भगा बाई की मृत्यु हो गई ।

प्रशासनिक वादों और स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठे सवाल

महिला की मृत्यु की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण अस्पताल परिसर में एकत्र हो गए। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि हरदीबाजार के मूल अस्पताल भवन के ध्वस्तीकरण के बाद पाली ब्लॉक के अनुविभागीय अधिकारी (SDM) ने पुराने तहसील भवन में अस्थाई अस्पताल शिफ्ट करते समय यह आश्वासन दिया था कि मरीजों को कोई असुविधा नहीं होने दी जाएगी।

इसके विपरीत आलम यह है कि अस्पताल में न तो सही ढंग से इलाज की सुविधा है और न ही आवश्यक दवाएं उपलब्ध हैं। मामूली जांचों के लिए भी मरीजों को बाहर जाना पड़ रहा है ।ग्रामीणों ने आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि डॉक्टरों की लापरवाही के कारण इस अस्थाई अस्पताल में पहले भी ऐसी घटनाएं हो चुकी हैं ।

मुआवजे की मांग, पोस्टमार्टम कराने से परिजनों का इनकार

घटना के बाद बीएमओ और हरदीबाजार स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी डॉक्टर के प्रति ग्रामीणों और परिजनों में भारी आक्रोश देखने को मिला, स्थिति को संभालने पहुंचे तहसीलदार ने दोनों पक्षों की बात सुनने के बाद शव का पोस्टमार्टम कराने का सुझाव दिया, जिसे परिजनों और ग्रामीणों ने सिरे से खारिज कर दिया। ग्रामीण पीड़ित परिवार के लिए उचित मुआवजे और दोषी डॉक्टरों पर कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे ।

महिला के शव को पाली ब्लॉक सरकारी स्वास्थ्य केंद्र के फ्रीजर में रखकर रातभर हरदीबाजार के स्वास्थ्य केंद्र में ही सुरक्षित रखा गया है। शांति व्यवस्था और सुरक्षा के दृष्टिकोण से दीपका, कुसमुंडा और हरदीबाजार पुलिस बल मौके पर तैनात रहा ।

जनप्रतिनिधि व ग्रामीण रहे मौजूद

घटना की सूचना मिलते ही कटघोरा क्षेत्र के क्षेत्रीय विधायक प्रेमचंद पटेल, जिला पंचायत उपाध्यक्ष निकिता मुकेश जायसवाल, नरेश टंडन, अनिल टंडन, हरदीबाजार सरपंच लोकेश्वर कंवर, अनुसुईया राठौर, मनमोहन खांडे, श्याम रात्रे, कृष्णा पटेल, रमेश अहीर, इंद्र भूषण ओढे (पंच) और उत्तम पटेल सहित भारी संख्या में ग्रामीण मौके पर उपस्थित रहे और परिजनों को ढांढस बंधाया ।

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कोरबा

पिंजरे में घुसा 5 फीट का नाग, कोबरा के साथ जीवन के लिए संघर्ष करता रहा तोता, प्रकृति के नियम के सामने बेबस रहा इंसान

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कोरबा। सुबह करीब 6.30 बजे मिशन रोड निवासी एक परिवार के लिए दिन की शुरुआत बेहद भावुक और डरावनी घटना के साथ हुई, परिवार जब अपने पालतू तोते को देखने के लिए पिंजरे के पास पहुंचा तो अंदर का दृश्य देखकर उनके होश उड़ गए, पिंजरे के भीतर करीब 5 फीट लंबा नाग फन फैलाए बैठा था।

परिवार ने जब ध्यान से देखा तो पता चला कि नाग पिंजरे में घुसकर उनके पालतू तोते का शिकार कर चुका था, जिस तोते को परिवार ने लंबे समय से बड़े प्यार और स्नेह से पाला था, उसे इस तरह खोना उनके लिए बेहद दुखद था, वहीं पिंजरे में मौजूद दूसरे तोते को लेकर भी परिवार चिंतित हो गया कि कहीं नाग उसे भी अपना शिकार न बना ले।

बिना समय गंवाए परिवार ने वाइल्डलाइफ रेस्क्यु टीम प्रमुख (नोवा नेचर) के जितेंद्र सारथी को सूचना दी,सूचना मिलते ही सारथी ने तत्काल अपनी टीम के सदस्य बॉबी श्रीवास को मौके के लिए रवाना कियाफिर कुछ देर पश्चात मौके पर पहुंचकर सावधानीपूर्वक स्थिति को नियंत्रित किया और नाग का सुरक्षित रेस्क्यू किया, रेस्क्यू के दौरान नाग के शरीर पर संघर्ष के कारण चोट के निशान भी दिखाई दिए,सांप को सुरक्षित रेस्क्यू बैग में रखने के बाद परिवार ने राहत की सांस ली, बाद में उसे सुरक्षित रूप से उसके प्राकृतिक रहवास क्षेत्र में छोड़ दिया गया।

“तोते की मौत का दुख है, लेकिन सांप भी दोषी नहीं”

जितेंद्र सारथी ने कहा कि इस घटना में सबसे ज्यादा दुख उस परिवार को हुआ जिसने अपने तोते को अपने परिवार के सदस्य की तरह पाला था, लेकिन प्रकृति के नजरिए से देखें तो यह फूड चैन और इकोसिस्टम का हिस्सा है।

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