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छत्तीसगढ़

फेयरवेल में भावुक हुए चीफ-जस्टिस रमेश सिन्हा:कहा- बेंच और बार एक ही न्याय प्रणाली के अभिन्न अंग, 50,228 मामलों का निराकरण कर इतिहास रचा

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बिलासपुर, एजेंसी। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा रिटायर हो गए। हाईकोर्ट में आयोजित फेयरवेल पर चीफ जस्टिस सिन्हा बेहद भावुक हो गए। उन्होंने कहा कि अदालतें केवल ईंट, पत्थर और कंक्रीट से निर्मित संरचना नहीं है, बल्कि यह वह स्थान है जहां नागरिक अपनी आशाओं और न्याय व्यवस्था पर विश्वास के साथ आते हैं।

बेंच और बार एक ही न्याय वितरण प्रणाली के अभिन्न अंग हैं। एक सशक्त न्यायपालिका के लिए स्वतंत्र और गरिमापूर्ण बार का होना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने अपने कार्यकाल में सहयोग के लिए सभी न्यायाधीशों, रजिस्ट्री के अधिकारियों, अधिवक्ताओं और राज्य शासन के प्रति आभार जताया।

उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि एक चीफ जस्टिस की जिम्मेदारी केवल केस निपटाने तक सीमित नहीं होती, बल्कि इसमें संस्था को मजबूत करना, बुनियादी ढांचे का विकास करना और गरिमापूर्ण कार्य वातावरण तैयार करना भी शामिल है।

जस्टिस अग्रवाल ने गिनाई कार्यकाल की उपलब्धियां

इस कार्यक्रम की शुरुआत में जस्टिस संजय के अग्रवाल ने चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा के कार्यकाल में प्रदेशभर की अदालतों और आवासीय कॉलोनियों के क्षेत्र में किए गए अभूतपूर्व कार्यों की जानकारी दी। इसके साथ ही उनके कार्यकाल की उपलब्धियां गिनाते हुए उनके उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।

समारोह में बोलते हुए बेहद भावुक हो गए चीफ जस्टिस सिन्हा

सीजे सिन्हा ने संस्थागत मूल्यों पर बल देते हुए उन्होंने कहा कि निष्पक्षता, विश्वास और न्याय के प्रति निष्ठा से ही एक महान संस्था का निर्माण होता है। इस दौरान चीफ जस्टिस बेहद भावुक हो गए। उन्होंने संदेश दिया कि हमारे द्वारा धारण किया गया पद अस्थायी होता है, लेकिन संस्थाओं को स्थायी रूप से बने रहना चाहिए।

उन्होंने यह भी कहा कि उनका कार्यकाल तभी सफल माना जाएगा जब वे अपने पीछे एक ऐसी संस्था छोड़कर जाएं जो उन्हें मिली संस्था से अधिक सशक्त हो।

बेंच और बार न्याय प्रणाली के अटूट हिस्से

चीफ जस्टिस ने कहा कि, बेंच और बार एक ही न्याय वितरण प्रणाली के अभिन्न अंग हैं। एक सशक्त न्यायपालिका के लिए स्वतंत्र और गरिमापूर्ण बार का होना अधिक आवश्यक है। उन्होंने अपने कार्यकाल में सहयोग के लिए सभी न्यायाधीशों, रजिस्ट्री के अधिकारियों, अधिवक्ताओं और राज्य शासन के प्रति आभार जताया।

जनहित व प्रशासनिक कसावट के लिए याद किए जाएंगे चीफ जस्टिस सिन्हा

समारोह में महाधिवक्ता विवेक शर्मा ने चीफ जस्टिस के असाधारण न्यायिक करियर की जानकारी दी। बताया कि 29 मार्च 2023 से 01 सितंबर 2026 तक चीफ जस्टिस द्वारा कुल 50228 मामलों का निराकरण किया गया। इनमें सिंगल बेंच के 32600 मामले और डिवीजन बेंच के 17628 मामले शामिल हैं।

इसके अलावा उन्होंने 369 से अधिक रिपोर्टेड निर्णयों के जरिए संवैधानिक, आपराधिक और सेवा विधि जैसे महत्वपूर्ण प्रश्नों का निराकरण किया। छत्तीसगढ़ आने से पहले करीब 1 लाख 34 हजार 200 निर्णय दे चुके थे। इसके साथ ही जनहित के मुद्दों और मीडिया रिपोर्ट्स पर संज्ञान लेने के लिए चीफ जस्टिस सिन्हा हमेशा याद किए जाएंगे।

जस्टिस संजय के अग्रवाल बने कार्यवाहक चीफ जस्टिस

जस्टिस संजय के अग्रवाल छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के नए कार्यवाहक चीफ जस्टिस नियुक्त किए गए हैं। चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा शुक्रवार को रिटायर हो गए हैं। उनके रिटायरमेंट के तुरंत बाद राष्ट्रपति ने संविधान के अनुच्छेद 223 के तहत अपनी शक्तियों का प्रयोग करते हुए हाई कोर्ट के जज जस्टिस संजय के अग्रवाल को छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट का कार्यवाहक चीफ जस्टिस नियुक्त किया है।

भारत सरकार के विधि एवं न्याय मंत्रालय के न्याय विभाग की तरफ से इस संबंध में आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी गई है। संयुक्त सचिव जगन्नाथ श्रीनिवासन के हस्ताक्षर से जारी इस आदेश के बाद, अब जस्टिस अग्रवाल चीफ जस्टिस के पद के सभी कर्तव्यों का निर्वहन करेंगे।

मंत्रालय ने इस नियुक्ति और अधिसूचना की प्रति छत्तीसगढ़ के राज्यपाल, मुख्यमंत्री, राज्य के मुख्य सचिव, हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल के साथ ही प्रधानमंत्री कार्यालय और सुप्रीम कोर्ट को भी सूचनार्थ भेज दी है। बता दें कि जस्टिस अग्रवाल को राजस्थान हाईकोर्ट का चीफ जस्टिस नियुक्त किया जा चुका है। अधिसूचना जारी होने तक वे छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के कार्यवाहक चीफ जस्टिस के दायित्वों का निर्वहन करेंगे।

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शराब पीने के बाद बसपा पार्षद समेत 2 की मौत:सांस लेने में तकलीफ के बाद बिगड़ी हालत, एक साथी जांजगीर से बिलासपुर रेफर

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जांजगीर-चांपा। जांजगीर-चांपा जिले के पामगढ़ में शराब पीने के बाद संदिग्ध परिस्थितियों में बसपा पार्षद समेत दो लोगों की मौत हो गई। मृतकों की पहचान बसपा पार्षद रामखिलावन जांगड़े (55) और निजी क्लिनिक संचालक जोहितराम खरे (52) के रूप में हुई है।

दोनों ने शुक्रवार देर शाम अपने दो अन्य साथियों के साथ देशी शराब का सेवन किया था। घर पहुंचने के बाद उन्हें सांस लेने में परेशानी होने लगी और उनकी तबीयत बिगड़ गई। इसके बाद दोनों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पामगढ़ ले जाया गया। हालत गंभीर होने पर उन्हें बिलासपुर रेफर किया गया, जहां इलाज के दौरान दोनों की मौत हो गई।

रामखिलावन जांगड़े ने सिम्स में, जबकि जोहितराम खरे ने अपोलो अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। वहीं, शराब पीने के दौरान साथ रहे कमल नाथ खरे उर्फ राजा की शनिवार को तबीयत बिगड़ने पर उसे इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया। मामले में शराब पीने के दौरान मौजूद मुकेश कश्यप उर्फ गोलू को पुलिस ने हिरासत में लिया है। उससे पूछताछ की जा रही है।

बसपा पार्षद रामखिलावन जांगड़े।

बसपा पार्षद रामखिलावन जांगड़े।

निजी क्लिनिक संचालक जोहितराम खरे

निजी क्लिनिक संचालक जोहितराम खरे

जहरीला पदार्थ मिला होने की आशंका

घटना के बाद शराब में जहरीला पदार्थ मिले होने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, फिलहाल दोनों की मौत की वास्तविक वजह स्पष्ट नहीं हो पाई है। इसकी पुष्टि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही हो सकेगी।

दोनों मृतकों के शवों का बिलासपुर में पोस्टमॉर्टम कराया जाना है। मौत के कारणों का पता लगाने के लिए विसरा सुरक्षित रखकर जांच कराए जाने की जानकारी भी सामने आई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि दोनों की मौत शराब के सेवन से हुई या इसके पीछे कोई अन्य कारण था।

चार लोग साथ बैठकर पी रहे थे शराब

जानकारी के अनुसार, शुक्रवार देर शाम भाजपा पार्षद रामखिलावन जांगड़े अपने तीन साथियों के साथ बैठकर शराब पी रहे थे। इनमें रामखिलावन जांगड़े और जोहितराम खरे की तबीयत अचानक बिगड़ गई। शराब सेवन के बाद दोनों को सांस लेने में परेशानी होने लगी।

हालत खराब होने पर परिजन और आसपास के लोग उन्हें इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पामगढ़ लेकर पहुंचे। वहां शुरुआती इलाज के बाद दोनों की स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें बिलासपुर रेफर कर दिया।

सिम्स में इलाज के दौरान बसपा पार्षद रामखिलावन जांगड़े की मौत हो गई।

सिम्स में इलाज के दौरान बसपा पार्षद रामखिलावन जांगड़े की मौत हो गई।

सिम्स और अपोलो अस्पताल में हुई मौत

पामगढ़ से बिलासपुर पहुंचने के बाद रामखिलावन जांगड़े को सिम्स अस्पताल में भर्ती कराया गया, जबकि जोहितराम खरे का अपोलो अस्पताल में इलाज चल रहा था। इलाज के दौरान दोनों ने दम तोड़ दिया।

दोनों की मौत के बाद मामले को संदिग्ध माना जा रहा है। शराब में जहरीला पदार्थ मिला होने की आशंका के बीच पोस्टमॉर्टम और अन्य जांच के जरिए मौत की वजह पता लगाने की कोशिश की जा रही है।

फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि दोनों की मौत शराब में किसी जहरीले पदार्थ की मौजूदगी के कारण हुई या इसके पीछे कोई अन्य वजह थी।

सांस लेने में परेशानी के बाद बिगड़ी हालत

एसडीओपी तोपेश वर्मा के अनुसार, दोनों मृतकों ने अपने दो अन्य साथियों के साथ सादी देशी शराब का सेवन किया था। इसके बाद घर पहुंचने पर उन्हें सांस लेने में परेशानी होने लगी। हालत बिगड़ने पर दोनों को बिलासपुर के अस्पतालों में भर्ती कराया गया, जहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई।

एसडीओपी ने बताया कि शराब पीने के दौरान मौजूद दो अन्य साथियों की तलाश की जा रही है, ताकि घटना के संबंध में जानकारी जुटाई जा सके।

पोस्टमॉर्टम और जांच रिपोर्ट से स्पष्ट होगी मौत की वजह

दोनों शवों का बिलासपुर में पोस्टमॉर्टम कराया जाना है। मौत के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए विसरा सुरक्षित रखकर जांच कराए जाने की जानकारी सामने आई है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि दोनों की मौत किस वजह से हुई और क्या शराब में किसी जहरीले पदार्थ की मिलावट थी।

फिलहाल पुलिस मामले से जुड़े तथ्यों की जानकारी जुटा रही है। शराब सेवन के दौरान मौजूद दोनों अन्य साथियों से पूछताछ के बाद घटना के संबंध में और जानकारी सामने आने की उम्मीद है।

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छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ में 15 नवंबर से 31 जनवरी तक धान खरीदी:160 लाख मीट्रिक टन लक्ष्य, ₹3100 प्रति क्विंटल रेट; 5 साल में 63% की बढ़ोतरी

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रायपुर, एजेंसी। छत्तीसगढ़ में 15 नवंबर 2026 से धान खरीदी की शुरुआत होने जा रही है। सरकार 3100 रुपए समर्थन मूल्य पर किसानों से धान खरीदेगी। पंजीकृत किसानों से 1 एकड़ में अधिकतम 21 क्विंटल धान लिया जाएगा। धान खरीदी का यह अभियान 31 जनवरी 2027 तक चलेगा।

दुर्ग पंडवानी महासम्मेलन में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने तारीख का ऑफिशियल ऐलान किया। राज्य सरकार ने इस सीजन में कुल 160 लाख मीट्रिक टन धान खरीदने का बड़ा लक्ष्य रखा है। पिछले साल 140 लाख मीट्रिक टन धान खरीदा गया था। धान खरीदी का लक्ष्य इस साल 20 लाख मीट्रिक टन बढ़ा है।

पिछले 5 सालों में 63% बढ़ा धान खरीदी का लक्ष्य

  • 2021-22: 98 लाख मीट्रिक टन
  • 2026-27: 160 लाख मीट्रिक टन
  • 5 साल में लक्ष्य 1.63 गुना बढ़ा
  • कुल बढ़ोतरी: 62 लाख मीट्रिक टन (करीब 63%)

किसानों को इन बातों का रखना होगा ध्यान:

  • एग्रीस्टैक पंजीयन अनिवार्य: धान बेचने के लिए इस बार किसानों को एग्रीस्टैक पोर्टल पर ऑनलाइन पंजीयन कराना जरूरी किया गया है।
  • टोकन की व्यवस्था: खरीदी केंद्रों पर टोकन के जरिए तय तारीख पर ही धान की बिक्री हो सकेगी।
  • बायोमेट्रिक सत्यापन: उपार्जन केंद्रों पर पारदर्शिता बरतने के लिए किसानों का बायोमेट्रिक सत्यापन किया जाएगा।
  • गुणवत्ता और नमी के मानक: धान में नमी की मात्रा 17 प्रतिशत से अधिक नहीं होनी चाहिए, अन्यथा माल रिजेक्ट हो सकता है।

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हत्यारे की पत्नी बोली- पति को फांसी दो:सहेली और उसके बेटे को मारा, मेरा 1 करोड़ का बीमा कराया, अगला टारगेट मैं थी

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सूरजपुर, एजेंसी। छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले में टीचर और उनके बेटे की हत्या के आरोपी की पत्नी ने अपने पति को फांसी देने की मांग की है। आरोपी की पत्नी और मृतका एक ही स्कूल में टीचर थीं।

आरोपी की पत्नी ने बताया कि करीब 15 दिन पहले ही उसके पति ने बिना उसकी मर्जी के उसका एक करोड़ रुपए का बीमा कराया था। उसे शक है कि अगला टारगेट वह खुद थी। उसका कहना है कि पति ने घटना वाली रात पेंड्रा जाने की बात कहकर उसे गुमराह किया था। उसे पति के इस हत्याकांड के बारे में कोई जानकारी नहीं थी।

आरोपी की पत्नी ने बताया कि पति ने पुलिस की पूछताछ में टीचर की हत्या इगो में करने की बात कही थी। रजनी ने शायद प्रवेश को ‘नामर्द’ कहा था। आरोपी की पत्नी ने कहा, हो सकता है कि दोनों के बीच अवैध संबंध रहे हों, हालांकि इसकी जानकारी मुझे नहीं है।

मामला जयनगर और विश्रामपुर थाना क्षेत्र का है। आरोपी ने टीचर रजनी बरेट (40) से पैसे मांगे, नहीं देने पर उसका गला घोंट दिया। वहीं, मृतका के बेटे सूजल बरेट (18) को सुनसान जगह ले जाकर पत्थर से उसके सिर और सीने पर वार कर उसकी हत्या कर दी थी। पुलिस ने हत्या के आरोप में परवेश कुमार उर्फ प्रवेश कुमार को गिरफ्तार किया है।

बेटे की लाश सड़क किनारे सुनसान जगह में मिली थी।

बेटे की लाश सड़क किनारे सुनसान जगह में मिली थी।

महिला सरकारी स्कूल में टीचर थी, उसकी लाश बाथरूम में मिली थी।

महिला सरकारी स्कूल में टीचर थी, उसकी लाश बाथरूम में मिली थी।

पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।

पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।

पत्नी ने कहा-बीमा कराया था, अगला टार्गेट मैं थी

दोहरे हत्याकांड के आरोपी प्रवेश कुमार की गिरफ्तारी के बाद उसकी पत्नी सरिता लकड़ा ने पति से सारे रिश्ते तोड़ने की बात कही और उसे जल्द से जल्द फांसी देने की मांग की।

सरिता कैमरे के सामने फूट-फूटकर रोने लगी। उसने बताया कि हत्या की घटना से करीब 15 दिन पहले ही उनके पति प्रवेश ने बिना उनकी मर्जी के टाटा एआईए कंपनी में उनका एक करोड़ रुपए का बीमा कराया था। सरिता ने आशंका जताई कि उनके पति का अगला टारगेट वह खुद थी।

पत्नी बोली- जान का खतरा, पति ने झूठ बोला था

सरिता लकड़ा ने कहा कि अब उसे अपनी जान का डर सता रहा है। पति ने एक करोड़ रुपए का बीमा इसलिए कराया था, ताकि मेरी मौत के बाद बीमा की रकम लेकर वह आसानी से फरार हो सके।

सरिता ने बताया कि घटना वाली रात भी पति ने पेंड्रा जाने की बात कहकर उसे गुमराह किया था। उन्हें इस हत्याकांड की जानकारी बाद में पुलिस के जरिए मिली। सरिता ने प्रशासन से अपनी सुरक्षा की मांग की है।

चार साल से थे लिव इन में

हत्याकांड का आरोपी प्रवेश कुमार मूल रूप से हरियाणा के करनाल जिले का रहने वाला है। वह ऑटो पार्ट्स सप्लाई का कारोबार करता था और विश्रामपुर में रह रहा था। कोरोना काल में उसकी आर्थिक स्थिति खराब हो गई थी। उसने कारोबार के लिए बैंक से 20 लाख रुपए का लोन भी लिया था।

आर्थिक तंगी के कारण उसे अपनी दुकान बंद करनी पड़ी। इसके बाद वह अलग-अलग दुकानों पर ऑटो पार्ट्स की सप्लाई करने लगा। सरिता लकड़ा के संपर्क में आने के बाद दोनों वर्ष 2022 से पति-पत्नी की तरह रह रहे थे। सरिता ने बताया कि इस वारदात के बाद उन्होंने अपनी मांग का सिंदूर मिटा दिया है।

‘नामर्द’ कहने पर हत्या, कहा- हो सकता है अवैध संबंध

सरिता ने बताया कि उनके पति प्रवेश कुमार ने पुलिस की पुलिस की पूछताछ में कहा था कि उसने इगो में आकर रजनी की हत्या कर दी। सरिता के मुताबिक, रजनी ने शायद प्रवेश को ‘नामर्द’ कहा था, जिसके कारण उसने हत्या की।

सरिता ने यह भी कहा कि हो सकता है कि प्रवेश और रजनी के बीच अवैध संबंध रहे हों, लेकिन उन्हें इस बारे में कोई जानकारी नहीं है।

टीचर और बेटे की हुई थी हत्या

टीचर और बेटे की हुई थी हत्या

जानकारी के मुताबिक, 10 अक्टूबर की सुबह जयनगर थाना क्षेत्र के महावीरपुर में नेशनल हाईवे-43 से लगी ग्रामीण सड़क के किनारे एक लड़के का शव मिला था। लड़के की हत्या के बाद शव सड़क किनारे फेंका गया था।

मृतक की पहचान बिश्रामपुर के कार्मल कॉन्वेंट स्कूल में 12वीं के छात्र सुजल बरेठ (18) के रूप में हुई। जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि सुजल की स्कूटी घर से करीब 500 मीटर दूर एक पेट्रोल पंप पर लावारिस हालत में खड़ी थी।

मां का शव बाथरूम में मिला

देर रात पुलिस सुजल के घर पहुंची, तो मुख्य दरवाजे पर ताला लगा मिला। उसकी मां रजनी बरेठ का भी पता नहीं चल रहा था। इसके बाद बिश्रामपुर पुलिस ने सुजल के रिश्तेदारों को मौके पर बुलाया। उनकी मौजूदगी में घर का ताला तोड़ा गया। अंदर बाथरूम में सुजल की मां रजनी बरेठ (40) का शव भी संदिग्ध हालत में मिला।

पति से तलाक के बाद बेटे के साथ रहती थी

रजनी बरेठ बेलटिकरी के सरकारी स्कूल में टीचर थीं। पति से 5 साल पहले तलाक के बाद वह अपने बेटे सुजल के साथ विश्रामपुर थाना क्षेत्र के केशवनगर में किराए के मकान में रहती थीं। घटना के बाद पुलिस ने कई संदेहियों से पूछताछ की।

मामला ब्लाइंड मर्डर का होने के कारण साइबर सेल और सूरजपुर पुलिस की संयुक्त टीम ने कई संदिग्धों से पूछताछ की। आसपास के CCTV फुटेज खंगाले गए और संदिग्धों के मोबाइल की लोकेशन भी निकाली गई।

सहेली के पति पर गया शक

जांच के दौरान रजनी बरेठ के स्कूल में पदस्थ एक महिला टीचर के पति परवेश उर्फ प्रवेश कुमार (36) की भूमिका संदिग्ध मिली। पुलिस को CCTV में एक व्यक्ति टीचर के घर की ओर जाते दिखा था। जांच के बीच संदिग्ध फरार हो गया था। इसके बाद 22 अक्टूबर को पुलिस ने उसे हिरासत में लिया। पूछताछ में आरोपी ने हत्या करना कबूल कर लिया।

पैसे देने से मना करने पर मां की हत्या

पूछताछ में प्रवेश कुमार ने रजनी बरेठ और सुजल बरेठ की हत्या करना स्वीकार किया। आरोपी ने बताया कि उसकी पत्नी और रजनी बरेठ एक ही स्कूल में टीचर थीं, जिसके कारण आरोपी का रजनी बरेठ के घर आना-जाना था।

आरोपी ने मोटर-पार्ट्स के व्यवसाय के लिए 20 लाख रुपये का लोन लिया था और उसे पैसों की जरूरत थी। उसे पता था कि रजनी बरेठ ने भी 19 लाख रुपये का लोन लिया है।

9 अक्टूबर की दोपहर आरोपी पैदल रजनी बरेठ के घर पहुंचा। रजनी शाम को ड्यूटी से लौटीं, तो सुजल ट्यूशन के लिए घर से चला गया। प्रवेश ने रजनी से पैसे मांगे। उन्होंने पैसे देने से मना कर दिया।

बाथरूम में गला दबाकर मार डाला

पैसों के लालच में प्रवेश कुमार ने रजनी बरेठ से झूमाझटकी की। जब रजनी भागने लगीं, तो आरोपी ने उन्हें बाथरूम में खींचकर उनके सिर पर शैंपू की बोतल मारी और गला दबाकर उनकी हत्या कर दी।

आरोपी प्रवेश कुमार

आरोपी प्रवेश कुमार

सबूत मिटाने बेटे को मार डाला

आरोपी ने बताया कि बेटे सुजल को पता था कि घर पर उसकी मां और आरोपी मौजूद थे, इसलिए उसने सुजल को भी मारने की प्लानिंग की। वह रजनी के घर जाने वाले रास्ते के तिराहे पर करीब 3 घंटे तक सुजल का इंतजार करता रहा। रात करीब 9 बजे सुजल आया, तो उसने कहा कि तेरी मम्मी मेरे घर पर हैं।

आरोपी सुजल को कार में बैठाकर घुमाते हुए अंबिकापुर लेकर आया और उसे मैगी खिलाई। रात को वे राईं जंगल में बाथरूम जाने के बहाने रुके, जहां आरोपी ने सुजल के गले में स्टॉक कसकर उसे मारने की कोशिश की।

सीमेंट के टुकड़े से सिर-सीने पर मारा

सुजल भागने लगा, तो आरोपी ने सड़क किनारे पड़े सीमेंट के खंभे के टुकड़े से उसके सिर और सीने पर वार कर उसकी हत्या कर दी। इसके बाद शव को कार में रखकर वह कालीघाट पहुंचा, जहां सड़क के किनारे उसने सुजल का शव फेंक दिया।

सूरजपुर एसपी योगेश पटेल ने बताया कि पुलिस ने दोहरे हत्याकांड के आरोपी के कब्जे से मृतका का मोबाइल, ज्वेलरी एवं अन्य सामान बरामद किया है। घटना में प्रयुक्त कार भी जब्त की गई है। आरोपी को कोर्ट में पेश कर दिया गया है।

सूरजपुर एसपी योगेश पटेल ने बताया कि पुलिस ने आरोपी के पास से मृतका का मोबाइल, गहने और अन्य सामान बरामद किया है। जांच में आरोपी की पत्नी की इस हत्याकांड में कोई भूमिका नहीं मिली है।

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