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छत्तीसगढ़

पूर्व मंत्री कवासी और बेटे के घर ED की रेड:शराब घोटाले में हर महीने 50 लाख मिलने का दावा; कांग्रेस बोली-चुनाव के चलते कार्रवाई

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रायपुर ,एजेंसी। छत्तीसगढ़ के पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा और बेटे हरीश कवासी के घर ED ने छापेमारी की है। रायपुर के धरमपुरा स्थित कवासी लखमा के बंगले में टीम पहुंची है। यहां दस्तावेज खंगालने के बाद अफसर पूर्व मंत्री की कार को घर से बाहर निकालकर तलाशी ली। बंगले में बड़ी संख्या में CRPF जवान मौजूद हैं।

कवासी के करीबी सुशील ओझा के चौबे कॉलोनी स्थित घर में भी ED ने छापा मारा है। सुकमा जिले में हरीश कवासी और नगर पालिका अध्यक्ष राजू साहू के घर पर भी दबिश दी गई है। हालांकि, कांग्रेस ने इस कार्रवाई को चुनाव से जोड़ा और कहा कि, चुनाव से पहले कांग्रेस नेताओं को निशाना बनाया जाता है।

कवासी लखमा के बंगले की तलाशी लेने के बाद ED के अधिकारियों ने पूर्व मंत्री की कार को घर से बाहर निकालकर तलाशी ली।

कवासी लखमा के बंगले की तलाशी लेने के बाद ED के अधिकारियों ने पूर्व मंत्री की कार को घर से बाहर निकालकर तलाशी ली।

बता दें कि शराब घोटाले में पूर्व मंत्री कवासी लखमा पर FIR दर्ज है। जिन्हें हर महीने 50 लाख दिए जाने का जिक्र है। वहीं कवासी लखमा के बेटे वर्तमान में जिला पंचायत अध्यक्ष हैं। अधिकारियों की टीम उनके घर पर भी दस्तावेज खंगाल रही है। बड़ी संख्या में CRPF जवान उनके घर के बाहर मौजूद हैं।

शराब और कोल घोटाले में पूर्व मंत्री कवासी लखमा के खिलाफ FIR दर्ज है।

शराब और कोल घोटाले में पूर्व मंत्री कवासी लखमा के खिलाफ FIR दर्ज है।

ED ने शराब घोटाले में दो पूर्व मंत्री पर भी कराई थी FIR

छत्तीसगढ़ में शराब और कोयला घोटाले मामले में ED ने दो पूर्व मंत्रियों, विधायकों सहित 100 लोगों के खिलाफ नामजद FIR दर्ज कराई थी। इनमें कांग्रेस सरकार में आबकारी मंत्री रहे कवासी लखमा, खाद्य मंत्री अमरजीत भगत, पूर्व विधायक यूडी मिंज, गुलाब कमरो, शिशुपाल का नाम शामिल हैं।

पूर्व मंत्री कवासी लखमा के करीबी सुशील ओझा के घर पर भी दबिश देकर ईडी की टीम दस्तावेजों की जांच कर रही है।

पूर्व मंत्री कवासी लखमा के करीबी सुशील ओझा के घर पर भी दबिश देकर ईडी की टीम दस्तावेजों की जांच कर रही है।

हरीश कवासी और नगर पालिका अध्यक्ष राजू साहू के घर पर छापेमारी चल रही है।

हरीश कवासी और नगर पालिका अध्यक्ष राजू साहू के घर पर छापेमारी चल रही है।

वहीं 2161 करोड़ के शराब घोटाले के मामले में ED ने ट्रिपल A यानी IAS अफसर, अनवर ढेबर और अरुणपति त्रिपाठी को घोटाले का मास्टरमाइंड बताया था। जिसके बाद ACB इस मामले में अलग से कार्रवाई कर रही है। FIR में तत्कालीन आबकारी मंत्री कवासी लखमा का नाम भी FIR में शामिल है, जिन्हें हर महीने 50 लाख दिया जाता था।

FIR में शामिल तथ्यों के आधार पर आपको बताते हैं कि किस तरह नया सिंडिकेट तैयार कर इस घोटाले को अंजाम दिया गया।

ED के जरिए विपक्ष निशाने में- कांग्रेस

कांग्रेस संचार विभाग प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि, वरिष्ठ आदिवासी नेता पर ED की कार्रवाई बीजेपी की दुर्भावना को दर्शाती है। जब-जब छत्तीसगढ़ में चुनाव होते हैं, तब कांग्रेस नेताओं को निशाना बनाया जाता है। प्रदेश में अभी नगरीय निकाय और पंचायत के चुनाव होने वाले हैं। ऐसे में ED के जरिए विपक्ष के नेताओं का निशाना बनाया जा रहा। हम लड़ेंगे, मुकाबला करेंगे।

रायपुर के धरमपुरा स्थिति पूर्व मंत्री कवासी लखमा के बंगले पर भी टीम ने दबिश दी है।

रायपुर के धरमपुरा स्थिति पूर्व मंत्री कवासी लखमा के बंगले पर भी टीम ने दबिश दी है।

तत्कालीन आबकारी मंत्री और आयुक्त को मिलते थे 50-50 लाख

ये पूरा सिंडिकेट सरकार के इशारों पर ही चलता रहा। तत्कालीन आबकारी मंत्री कवासी लखमा को भी इसकी जानकारी थी और कथित तौर पर कमीशन का बड़ा हिस्सा आबकारी मंत्री कवासी लखमा के पास भी जाता था। चार्जशीट के मुताबिक मंत्री रहे कवासी लखमा और तत्कालीन आबकारी आयुक्त निरंजन दास को 50-50 लाख हर महीने दिए जाते थे।

CRPF जवान उनके घर के बाहर मौजूद हैं।

CRPF जवान उनके घर के बाहर मौजूद हैं।

शराब घोटाला मामले में FIR में दर्ज नाम

70. विकास अग्रवाल के साथीगण के अज्ञात नाम भी शामिल हैं।

01. IAS, तत्कालीन संयुक्त सचिव (वाणिज्य एवं उद्योग विभाग छत्तीसगढ़ शासन)

02. अनवर ढेबर

03. अरुणपति त्रिपाठी (प्रबंध संचालक छत्तीसगढ़ स्टेट मार्केटिंग कार्पोरेशन लिमीटेड)

04. मेसर्स रतनप्रिया मिडिया प्राईवेट लिमीटेड

05. कवासी लखमा (तत्कालीन आबकारी मंत्री)

06. निरंजनदास (आई.ए.एस. तत्कालीन आबकारी आयुक्त)

07. जनार्दन कौरव (तत्कालीन सहायक जिला आबकारी अधिकारी)

08. अनिमेष नेताम (तत्कालीन उपायुक्त आबकारी)

09. विजय सेन शर्मा (तत्कालीन उपायुक्त आबकारी)

10. अरविंद कुमार पटले (तत्कालीन सहायक आयुक्त आबकारी)

11. प्रमोद कुमार नेताम (तत्कालीन सहायक कमिशनर आबकारी)

12. रामकृष्ण मिश्रा (तत्कालीन सहायक आयुक्त आबकारी)

13. विकास कुमार गोस्वामी (तत्कालीन सहायक आयुक्त आबकारी)

14. इकबाल खान (तत्कालीन जिला आबकारी अधिकारी)

15. नीतिन खंडुजा (तत्कालीन सहायक जिला आबकारी अधिकारी)

16. नवीन प्रताप सिंग तोमर (तत्कालीन सहायक आयुक्त आबकारी)

17. मंजु कसेर (तत्कालीन जिला आबकारी अधिकारी)

18. सौरभ बख्शी (तत्कालीन सहायक आयुक्त)

19. दिनकर वासनिक (तत्कालीन सहायक आयुक्त आबकारी)

20. आशीष वास्तव (तत्कालीन अतिरिक्त आयुक्त आबकारी)

21. अशोक कुमार सिंह (तत्कालीन जिला आबकारी अधिकारी)

22. मोहित कुमार जायसवाल (जिला आबकारी अधिकारी)

23. नीतू नोतानी (उपायुक्त)

24. रविश तिवारी (तत्कालीन सहायक आयुक्त आबकारी)

25. गरीबपाल दर्दी (आबकारी अधिकारी)

26. नोहर सिंह ठाकुर (आबकारी अधिकारी)

27. सोनल नेताम (सहायक आयुक्त आबकारी विभाग)

28. अरविंद सिंह

29. अनुराग द्विवेदी (मेसर्स अनुराग ट्रेडर्स)

30. अमित सिंह (मेसर्स अदीप एग्रोटेक प्राईवेट लिमिटेड)

31. नवनीत गुप्ता

32. पिंकी सिंह (प्रोप्राईटर अदिप एम्पायर्स)

33 विकास अग्रवाल उर्फ सुब्बू

34. त्रिलोक सिंह, ढिल्लन (मेसर्स ढिल्लन सिटी मॉल प्राईवेट लिमीटेड)

35. यश टुटेजा (निवासी कटोरा तालाब रायपुर)

36. नितेश पुरोहित, गिरीराज होटल, रायपुर

37. यश पुरोहित, गिरीराज होटल, रायपुर

38. अभिषेक सिंह, डायरेक्टर मेसर्स नेक्सजेन पॉवर इंजीटेक प्राईवेट लिमीटेड

39. मनीष मिश्रा, मेसर्स नेक्सजेन पॉवर इंजीटेक प्राईवेट लिमीटेड

40. संजय कुमार मिश्रा, सी.ए. मेसर्स नेक्सजेन पॉवर इंजीटेक प्राईवेट लिमीटेड

41. अतुल कुमार सिंह श्री ओम साईं, बेवरेजेस प्राईवेट लिमीटेड

42. मुकेश मनचंदा, श्री ओम साई बेवरेजेस प्राईवेट लिमीटेड

43. विजय भाटिया, भिलाई

44. अशीष सौरभ केडिया, मेसर्स दिशिता वेंचर्स प्राईवेट लिमीटेड

45. मेसर्स छ.ग. डिस्टलरीस प्राईवेट लिमीटेड

46. मेसर्स भाटिया वाईन एवं मर्चेंटस प्राईवेट लिमीटेड

47. मेसर्स वेलकम डिस्टलरीस

48. सिद्धार्थ सिंघानिया, मेसर्स सुमीत फैसलिटीस लिमीटेड एवं टॉप सिक्योरिटीस फैसलिटीस मैनेजमेंट

49. बच्चा राज लोहिया मेसर्स इगल हंटर सॉल्युशन लिमीटेड एवं पार्टनर

50. मेसर्स अलर्ट कमाण्डों प्राईवेट लिमीटेड एवं पार्टनर

51. अमित मित्तल, मेसर्स ए टू जेड प्राईवेट लिमिटेड

52. उदयराव मेसर्स ए टू जेड प्राईवेट लिमीटेड का मैनेजर

53 मेसर्स प्राईम वन वर्क फोर्स

54. लक्ष्मीनारायण बंसल उर्फ पप्पू बंसल निवासी भिलाई

55. विधु गुप्ता, प्रीज्म होलोग्राफी एवं सिक्योरिटीस प्राई लिमी.

56. दीपक दुआरी

57. दिपेन चावडा

58. मेसर्स प्राईम डेव्हलपर्स

59. मेसर्स ए ढेबर बिल्डकॉन

60. मेसर्स ए. जे. एस. एग्रोट्रेड प्राईवेट लिमीटेड

61. सफायर इस्पात के मालिक श्री उमेर ढेबर एवं श्री जुनैद ढेबर

62. अख्तर ढेबर

64. अशोक सिंह

65. सुमीत मलो

66. रवि बजाज

67. विवेक ढांढ, निवासी जी. ई. रोड रायपुर

68. अज्ञात कांग्रेस के पदाधिकारीगण

69. अन्य आबकारी अधिकारीगण

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छत्तीसगढ़

नई दिल्ली : बस्तर में शांति के बाद विकास का नया चरण : ‘बस्तर रोडमैप 2.0’ पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से चर्चा

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प्रधानमंत्री से मुलाकात में नक्सलवाद समाप्ति पर आभार, बस्तर के समग्र विकास की विस्तृत कार्ययोजना प्रस्तुत

नई दिल्ली। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने नई दिल्ली प्रवास के दौरान आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी  से भेंट कर बस्तर के समग्र, समावेशी एवं सतत विकास के लिए तैयार ‘बस्तर रोडमैप 2.0’ का विस्तृत खाका प्रस्तुत किया। मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रदेश की तीन करोड़ जनता की ओर से प्रधानमंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके संकल्प और मार्गदर्शन में 31 मार्च तक माओवाद के उन्मूलन के लक्ष्य को प्राप्त करने में महत्वपूर्ण सफलता मिली है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रधानमंत्री को बताया कि अब बस्तर में शांति स्थापित होने के बाद राज्य सरकार का फोकस तेजी से विकास, रोजगार सृजन और जनजीवन को सशक्त बनाने पर है। इसके तहत बस्तर रोडमैप 2.0 में एग्रो एवं एग्रो-फॉरेस्ट सेक्टर, सिंचाई सुविधाओं का विस्तार, और पर्यटन विकास को प्राथमिकता दी जा रही है, जिससे स्थानीय युवाओं के लिए नए अवसर सृजित होंगे।

‘नियद नेल्ला नार’ योजना की सफलता पर प्रधानमंत्री ने जताई प्रसन्नता

मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बस्तर में अब तक किए गए विकास कार्यों की जानकारी देते हुए बताया कि राज्य सरकार सैचुरेशन, कनेक्ट, फैसिलिटेट, एम्पावर और एंगेज की रणनीति पर कार्य कर रही है। प्रधानमंत्री ने विशेष रूप से ‘नियद नेल्ला नार योजना’ के प्रभावी क्रियान्वयन की सराहना की और कहा कि इससे गंभीर नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में लोगों को बुनियादी सुविधाओं का लाभ मिल रहा है, जिससे उनके जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आ रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस योजना के तहत किए गए कार्यों का नेशनल काउंसिल फॉर एप्लाइड इकोनॉमिक रिसर्च (NCAER) द्वारा थर्ड पार्टी मूल्यांकन कराया गया है। सर्वे के अनुसार 93 प्रतिशत गांवों में प्राथमिक स्कूल उपलब्ध हैं, जहाँ 97 प्रतिशत बच्चों को मध्याह्न भोजन, गणवेश एवं पुस्तकें मिल रही हैं। 97 प्रतिशत गांवों में आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हैं, जबकि अधिकांश गांव आयुष्मान आरोग्य मंदिरों से जुड़े हैं और 89 प्रतिशत ग्रामीणों का आयुष्मान कार्ड बन चुका है। मार्च 2026 तक राशन कार्ड एवं आधार कार्ड का संतृप्तिकरण 95 प्रतिशत से अधिक हो चुका है।

कनेक्टिविटी, आजीविका और सामाजिक सशक्तिकरण पर विशेष फोकस

मुख्यमंत्री ने बताया कि बस्तर रोडमैप 2.0 के तहत ‘नियद नेल्ला नार योजना’ का विस्तार करते हुए अब इसमें 10 जिलों को शामिल किया जा रहा है, जिनमें बस्तर के 7 जिलों के साथ गरियाबंद, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी और खैरागढ़-छुईखदान-गंडई भी शामिल होंगे।

उन्होंने कहा कि दूरस्थ क्षेत्रों में आवागमन की सुविधा बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना प्रारंभ की गई है, जो वर्तमान में बस्तर के 38 मार्गों पर संचालित है। साथ ही, बस्तर पंडुम और बस्तर ओलंपिक जैसे आयोजनों से क्षेत्र में आत्मगौरव और नई ऊर्जा का संचार हुआ है।

नक्सल-मुक्त पंचायतों में एल्वद योजना के तहत एक करोड़ रुपए तक के विकास कार्य स्वीकृत किए जा रहे हैं, वहीं आत्मसमर्पित नक्सलियों और प्रभावित परिवारों के पुनर्वास के लिए भी प्रभावी प्रयास किए जा रहे हैं।

शिक्षा, स्वास्थ्य और सिंचाई के क्षेत्र में तेजी से विस्तार

मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बताया कि दंतेवाड़ा एजुकेशन सिटी की तर्ज पर ओरछा और जगरगुंडा में भी एजुकेशन सिटी बनाई जा रही है। जगदलपुर में सुपर स्पेशलिटी अस्पताल प्रारंभ हो चुका है तथा दूरस्थ क्षेत्रों के स्वास्थ्य केंद्र भी अब सुचारू रूप से संचालित हो रहे हैं।दंतेवाड़ा के गीदम में मेडिकल कॉलेज की स्थापना की जा रही है।

उन्होंने जानकारी दी कि इंद्रावती नदी पर मटनार और देउरगांव बैराज सहित 2 हजार करोड़ रुपए से अधिक की सिंचाई परियोजनाएं प्रगति पर हैं, जिससे कृषि और जल प्रबंधन को मजबूती मिलेगी।

आजीविका उन्नयन और आय वृद्धि पर केंद्रित रणनीति

मुख्यमंत्री ने बताया कि बस्तर के 85 प्रतिशत परिवारों की मासिक आय 15 हजार रुपए से कम है, जिसे अगले तीन वर्षों में बढ़ाकर 30 हजार रुपए प्रति माह तक पहुँचाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए आत्मनिर्भर आजीविका क्लस्टर विकसित किए जाएंगे और हितग्राहियों को एनआरएलएम, सहकारी समितियों, एफपीओ एवं वनधन केंद्रों से जोड़ा जाएगा।

साथ ही, ‘बस्तर मुन्ने’ नामक संतृप्तता शिविर कार्यक्रम प्रारंभ किया जा रहा है, जिसके माध्यम से प्रत्येक ग्राम पंचायत में शिविर लगाकर लोगों को योजनाओं का लाभ और समस्याओं का त्वरित समाधान उपलब्ध कराया जाएगा।

प्रधानमंत्री को बस्तर आने का दिया न्यौता

मुख्यमंत्री श्री साय ने बताया कि बस्तर की जनता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से विशेष स्नेह रखती है और प्रधानमंत्री का भी इस क्षेत्र के प्रति गहरा लगाव है। उन्होंने प्रधानमंत्री को बस्तर आने का निमंत्रण देते हुए रेल एवं सिंचाई परियोजनाओं के भूमिपूजन के लिए समय देने का आग्रह किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री से हुई यह भेंट अत्यंत उपयोगी रही और उनके मार्गदर्शन के अनुरूप राज्य सरकार बस्तर के सर्वांगीण विकास की दिशा में तेजी से कार्य करेगी। उन्होंने कहा कि बस्तर अब भविष्य की संभावनाओं का केंद्र बनकर उभर रहा है। 

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छत्तीसगढ़

नई दिल्ली : बस्तर 2.0 की शुरुआत : मुख्यमंत्री साय ने पीएम मोदी को दिया आमंत्रण, विकास का ब्लूप्रिंट सौंपा

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बस्तर के लिए 360° प्लान-टूरिज्म, स्टार्टअप, इंफ्रा और इनोवेशन पर फोकस

पीएम का बस्तर दौरा बनेगा टर्निंग पॉइंट, बड़े प्रोजेक्ट्स की सौगात

मुख्यमंत्री साय ने पीएम मोदी को दिया आमंत्रण, विकास का ब्लूप्रिंट सौंपा

नई दिल्ली। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात कर बस्तर के भविष्य की एक नई तस्वीर पेश की। इस मुलाकात में मुख्यमंत्री ने न केवल नक्सलवाद के अंत के बाद प्रदेश में आई शांति के लिए प्रधानमंत्री का आभार जताया, बल्कि बस्तर के समग्र विकास का एक विस्तृत और दूरदर्शी ब्लूप्रिंट भी सौंपा। साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री को मानसून के बाद बस्तर आने का आमंत्रण दिया, जहां उनकी मौजूदगी में कई बड़ी परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण प्रस्तावित है।

मुख्यमंत्री साय ने पीएम मोदी को दिया आमंत्रण, विकास का ब्लूप्रिंट सौंपा

उन्होंने बताया कि बस्तर समेत पूरे राज्य में नक्सलवाद समाप्त हो चुका है और अब शांति स्थापित है। शिक्षा व स्वास्थ्य सुधार के तहत नए एजुकेशन सिटी, सुपर स्पेशलिटी अस्पताल और मेडिकल कॉलेज बनाए जा रहे हैं, जबकि इंद्रावती नदी पर बैराज, रेल लाइन और एयरपोर्ट विस्तार से कनेक्टिविटी मजबूत हो रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस ब्लूप्रिंट के जरिए बस्तर में अब विकास, रोजगार और बेहतर सुविधाओं का नया दौर शुरू होगा।

मुख्यमंत्री ने अपने विकास दस्तावेज़ में उल्लेख किया कि एक दशक पहले प्रधानमंत्री द्वारा बस्तर के लिए देखा गया शांति और विकास का सपना अब जमीन पर साकार हो रहा है। नक्सलवाद खत्म होने के बाद अब लोगों में डर नहीं, बल्कि उम्मीद और विकास की नई चमक है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन से बस्तर को नई दिशा और गति मिलेगी, जिससे क्षेत्र में विश्वास और उत्साह बढ़ेगा।

मुख्यमंत्री द्वारा प्रस्तुत विकास ब्लूप्रिंट ‘सैचुरेशन, कनेक्ट, फैसिलिटेट, एम्पावर और एंगेज’ रणनीति पर आधारित है। इसके तहत बस्तर में बुनियादी सुविधाओं को तेजी से विस्तार देने का लक्ष्य रखा गया है। सड़कों के व्यापक जाल के माध्यम से दूर-दराज के गांवों को जोड़ा जाएगा। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अधूरे कार्यों को 2027 तक पूरा करने के साथ-साथ नई 228 सड़कों और 267 पुलों का निर्माण प्रस्तावित है। इसके अलावा 61 नई परियोजनाओं के लिए विशेष केंद्रीय सहायता की मांग भी की गई है।

ऊर्जा और बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में भी बड़े बदलाव की योजना है। हर घर तक बिजली पहुंचाने के कार्य तेज होंगे। शिक्षा के क्षेत्र में 45 पोटा केबिन स्कूलों को स्थायी भवनों में बदला जाएगा। युवाओं के लिए 15 स्टेडियम और 2 मल्टीपर्पज हॉल बनाए जाएंगे, जबकि स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों का विस्तार और डॉक्टरों के लिए ट्रांजिट हॉस्टल बनाए जा रहे हैं।

कृषि और सिंचाई के क्षेत्र में इंद्रावती नदी पर दो बड़े प्रोजेक्ट देउरगांव और मटनार में स्वीकृत किए गए हैं, जिनसे 31,840 हेक्टेयर भूमि को सिंचाई सुविधा मिलेगी। यह परियोजनाएं बस्तर की कृषि अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाएंगी।

आजीविका और आय बढ़ाने के लिए सरकार ने तीन वर्षीय योजना तैयार की है, जिसका लक्ष्य 2029 तक 85% परिवारों की मासिक आय 15,000 रुपये से बढ़ाकर 30,000 रुपये करना है। ‘नियद नेल्ला नार 2.0’ योजना के तहत अब अधिक जिलों को जोड़ा जा रहा है, जिससे विकास का लाभ व्यापक स्तर पर पहुंचेगा। 10 जिलों में शुरू की गई यह योजना अब 7 जिलों और 3 नए जिलों (गरियाबंद, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई) तक विस्तारित हो रही है।

 ‘अंजोर विजन 2047’ और ‘विकसित भारत@2047’ के तहत स्टार्टअप नीति भी लागू की गई है, जिसमें 2030 तक 5,000 स्टार्टअप तैयार करने का लक्ष्य है।

पर्यटन के क्षेत्र में बस्तर की पहचान को वैश्विक स्तर पर स्थापित करने की दिशा में भी तेजी से काम हो रहा है। चित्रकोट और तीरथगढ़ जलप्रपात, कांगेर घाटी नेशनल पार्क, एडवेंचर टूरिज्म, कैनोपी वॉक और ग्लास ब्रिज जैसी परियोजनाएं विकसित की जा रही हैं। बस्तर ओलंपिक और बस्तर पंडुम जैसे आयोजन क्षेत्र को नई पहचान दे रहे हैं। वहीं, एक लाख से अधिक युवाओं को कौशल प्रशिक्षण दिया जा चुका है, जिनमें से 40 हजार को रोजगार भी मिल चुका है।

नक्सलवाद से मुक्त बस्तर के विकास के लिए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज प्रधानमंत्री के सामने जो कार्ययोजना प्रस्तुत की, उसमें ‘बस्तर मुन्ने’ (अग्रणी बस्तर) कार्यक्रम एक अहम पहल है। इस कार्यक्रम के तहत हर ग्राम पंचायत में शिविर लगाए जाएंगे, जहाँ अधिकारियों की मौजूदगी में लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे दिया जाएगा, जरूरी दस्तावेज वहीं बनाए जाएंगे और उनकी समस्याओं का मौके पर ही समाधान किया जाएगा। इसका उद्देश्य है कि हर व्यक्ति तक सरकार की योजनाएँ आसानी से पहुँचें और बस्तर तेजी से विकास की राह पर आगे बढ़े।

प्रधानमंत्री के प्रस्तावित दौरे के दौरान जिन प्रमुख परियोजनाओं के शिलान्यास और लोकार्पण की योजना है, उनमें रावघाट-जगदलपुर रेल लाइन, जगदलपुर एयरपोर्ट का विस्तार, सुपर स्पेशलिटी अस्पताल, दंतेवाड़ा में मेडिकल कॉलेज, जगरगुंडा और ओरछा में एजुकेशन सिटी जैसी महत्वपूर्ण पहल शामिल हैं। ये परियोजनाएं बस्तर को शिक्षा, स्वास्थ्य और कनेक्टिविटी के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों पर ले जाएंगी।

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छत्तीसगढ़

नई दिल्ली : प्रभु श्रीराम के आदर्शों से प्रेरित छत्तीसगढ़ : मुख्यमंत्री साय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बेल मेटल निर्मित ‘माता कौशल्या के राम’ कलाकृति की भेंट

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मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी को बेल मेटल निर्मित ‘माता कौशल्या के राम’  कलाकृति की भेंट

नई दिल्ली। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात के दौरान छत्तीसगढ़ की समृद्ध जनजातीय परंपरा और सांस्कृतिक पहचान को दर्शाती बेल मेटल से निर्मित ‘माता कौशल्या के राम’ की अद्वितीय कलाकृति भेंट की।

मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर कहा कि छत्तीसगढ़ वह पावन धरा है, जहाँ भगवान श्रीराम का ननिहाल स्थित है और यह भूमि प्रभु श्रीराम से गहराई से जुड़ी हुई है। उन्होंने कहा कि भेंट की गई यह कलाकृति प्रदेश की आस्था, परंपरा और सृजनशीलता का सजीव प्रतिरूप है, जो जनजातीय समाज की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और उत्कृष्ट शिल्पकौशल को दर्शाती है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में अयोध्या में प्रभु श्रीराम के भव्य मंदिर का निर्माण भारत की सांस्कृतिक चेतना के पुनर्जागरण का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा संचालित ‘श्री रामलला दर्शन योजना’ के माध्यम से प्रदेश के हजारों श्रद्धालु अयोध्या धाम के दर्शन कर रहे हैं, जिससे आस्था और श्रद्धा को जन-जन तक जोड़ने का कार्य निरंतर हो रहा है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रभु श्रीराम के आदर्शों से प्रेरणा लेकर राज्य सरकार सेवा, संस्कार और सुशासन के पथ पर आगे बढ़ रही है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ विकास और जनकल्याण के नए आयाम स्थापित करता रहेगा।

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