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छत्तीसगढ़

सराफा कारोबारी से 1 करोड़ के सोने-चांदी की उठाईगिरी:सरगुजा में दुकान खोलते समय वारदात, स्कूटी पर रखा बैग लेकर भागा युवक

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सरगुजा, एजेंसी। छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में सराफा कारोबारी से 1 करोड़ की उठाईगिरी हुई है। युवक सोने-चांदी से भरा बैग लेकर भाग निकला। वारदात का CCTV फुटेज भी सामने आया है। जानकारी के मुताबिक ज्वेलरी दुकान संचालक का नाम अरुण देव सोनी है। मामला सीतापुर थाना क्षेत्र का है।

दरअसल, रविवार सुबह 11:30 बजे कारोबारी अपनी स्कूटी में ज्वेलरी का बैग रखकर दुकान पहुंचा था। उसने बैग को स्कूटी के ऊपर रख दिया और ताला खोलने लगा। इस दौरान युवक पीछे से आया और बैग उठाकर फरार हो गया। पुलिस CCTV के आधार पर आरोपी की तलाश कर रही है।

बैग में एक करोड़ की ज्वेलरी थी

अरुण देव सोनी की सीतापुर में नेशनल हाईवे-43 किनारे काशी विश्वनाथ ज्वैलर्स के नाम से दुकान है। रविवार सुबह वे घर से करीब 1 करोड़ के सोने-चांदी के जेवरात लेकर दुकान पहुंचे। उन्होंने बैग अपनी स्कूटी पर रखा और दुकान का ताला खोलने लगे।

स्कूटी से जेवरात का बैग उठाकर भागा युवक

इसी दौरान एक युवक वहां पहुंचा और स्कूटी पर रखा जेवरात से भरा बैग उठाकर फरार हो गया। ताला खोलने के बाद जब अरुण देव सोनी स्कूटी के पास लौटे तो बैग गायब मिला। उन्होंने आसपास काफी तलाश की, लेकिन बैग का कोई सुराग नहीं मिला।

CCTV फुटेज में कैद हुआ संदिग्ध

बाद में आसपास लगे CCTV कैमरों के फुटेज खंगाले गए। फुटेज में एक युवक जेवरात से भरा बैग लेकर भागता हुआ दिखाई दिया। इसके बाद घटना की सूचना तुरंत सीतापुर थाना पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का मुआयना किया।

अज्ञात आरोपी के खिलाफ केस दर्ज

फिलहाल, पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। पुलिस फुटेज के आधार पर आरोपी युवक की पहचान कर तलाश में जुटी है। वहीं, दिनदहाड़े हुई इस उठाईगिरी की वारदात से व्यापारियों और स्थानीय लोगों में दहशत है।

रेकी के बाद वारदात की आशंका

अरुण देव सोनी ने बताया कि वे रोज रात में जेवरात से भरा बैग घर ले जाते थे और सुबह उसी बैग को लेकर दुकान पहुंचते थे। आशंका है कि बदमाशों ने पहले उनकी रेकी की और फिर सुनियोजित तरीके से वारदात को अंजाम दिया।

एक से ज्यादा आरोपियों की भूमिका की जांच

पुलिस को आशंका है कि इस घटना में एक से अधिक आरोपी शामिल हो सकते हैं। आरोपी किस रास्ते से फरार हुए, इसकी भी जांच की जा रही है। एएसपी अमोलक सिंह ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने जांच शुरू कर दी है और आरोपियों की तलाश जारी है।

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छत्तीसगढ़

जांजगीर-चांपा में चक्रवात ‘अर्नब’ का हल्का असर:कलेक्टर ने अधिकारियों को अलर्ट रहने के निर्देश दिए, महानदी किनारे के 25 गांवों पर नजर

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जांजगीर-चांपा। जांजगीर-चांपा जिले में चक्रवात ‘अर्नब’ का हल्का असर दिखाई देने लगा है। कई क्षेत्रों में हो रही रिमझिम बारिश से जनजीवन प्रभावित हो रहा है। मौसम की स्थिति को देखते हुए कलेक्टर जन्मेजय महोबे ने अधिकारियों और बचाव दल को अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए हैं।

प्रशासन संभावित बाढ़ और बारिश से होने वाले नुकसान को देखते हुए स्थिति पर लगातार नजर रख रहा है।

महानदी किनारे के 25 गांवों पर नजर

कलेक्टर ने महानदी के किनारे स्थित 25 प्रभावित गांवों की स्थिति पर लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि यदि नदी का जलस्तर बढ़ता है और गांवों में बाढ़ का खतरा उत्पन्न होता है, तो जरूरत के अनुसार गांवों को खाली कराया जाएगा। इसके साथ ही प्रभावित लोगों के सुरक्षित रहने के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं भी की जाएंगी।

किसानों से धान की कटाई फिलहाल टालने की अपील

जांजगीर-चांपा कृषि प्रधान जिला है और यहां बड़ी संख्या में किसान धान की खेती करते हैं। बारिश की आशंका को देखते हुए किसानों से पककर तैयार धान की कटाई फिलहाल टालने की अपील की गई है। जिन किसानों ने धान की कटाई कर ली है, उन्हें फसल को बारिश से बचाने के लिए ऊंचे और सूखे स्थान पर सुरक्षित रखने की सलाह दी गई है, ताकि नुकसान की आशंका कम की जा सके।

स्थिति बिगड़ी तो स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में हो सकती है छुट्टी

प्रशासन मौसम और महानदी के जलस्तर पर लगातार नजर रखे हुए है। कलेक्टर ने कहा कि यदि स्थिति बिगड़ती है, तो आवश्यकता के अनुसार जिले के स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में छुट्टी घोषित करने के निर्देश दिए जाएंगे।

प्रशासन ने संबंधित अधिकारियों और बचाव दल को सतर्क रहने तथा किसी भी संभावित आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने को कहा है।

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कोरबा

कोरबा में ट्रेलर के पहिए में फंसा बाइक सवार युवक:ओवरटेक के दौरान हादसा, ड्राइवर फरार, घायल अस्पताल में भर्ती

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कोरबा। कोरबा के कोतवाली थाना क्षेत्र के राताखार मार्ग पर तेज रफ्तार ट्रेलर की चपेट में आने से बाइक सवार युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसे में युवक का एक पैर ट्रेलर के पिछले पहिये के नीचे फंस गया। बाइक भी पहिये के नीचे फंस गई। घायल को इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया, जहां उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है।

जानकारी के अनुसार, युवक बाइक से राताखार मार्ग से गुजर रहा था। इसी दौरान पीछे से आ रहे ट्रेलर चालक ने तेज रफ्तार में ओवरटेक करने की कोशिश की। इस दौरान ट्रेलर ने बाइक को टक्कर मार दी। युवक बाइक समेत सड़क पर गिर गया और उसका पैर ट्रेलर के पिछले पहिये के नीचे फंस गया। हादसे के बाद चालक ट्रेलर को मौके पर छोड़कर उसकी चाबी लेकर फरार हो गया।

दूसरे ट्रेलर चालक ने युवक को निकाला

हादसे के बाद युवक दर्द से चीखने लगा। उसकी आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे, लेकिन पहिये के नीचे फंसे होने के कारण उसे निकालना मुश्किल हो रहा था। इसी दौरान पीछे से आ रहे दूसरे ट्रेलर के चालक ने सूझबूझ दिखाई। उसने अपना वाहन आगे बढ़ाकर घायल युवक को बाहर निकालने में मदद की। काफी मशक्कत के बाद बाइक को भी पहिये के नीचे से निकाला गया।

हादसे के बाद लगा जाम

घटना की सूचना मिलते ही मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई। हादसे के कारण राताखार मार्ग के दोनों ओर वाहनों की कतार लग गई और कुछ देर तक जाम की स्थिति बनी रही। स्थानीय लोगों ने घायल युवक को अस्पताल पहुंचाया।

भारी वाहनों की आवाजाही से हादसों का खतरा

स्थानीय लोगों के अनुसार, राताखार मार्ग पर दिन-रात बड़ी संख्या में ट्रेलर और ट्रक गुजरते हैं। भारी वाहनों का दबाव अधिक होने के साथ तेज रफ्तार और गलत तरीके से ओवरटेक करने के कारण हादसों का खतरा बना रहता है।

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कोरबा

कोरबा में SECL खदान क्षेत्र में दो हादसे:100 टन का डंपर पलटा, कैंप में 3 ट्रांसफार्मरों में लगी आग, ऑपरेटर गंभीर रूप से घायल

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कोरबा। कोरबा में एसईसीएल के खदान क्षेत्रों में भारी वाहनों के संचालन और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर दो घटनाएं सामने आई हैं। कुसमुंडा क्षेत्र में केएनआरसीएल कंपनी का 100 टन क्षमता वाला डंपर डंपिंग के दौरान अनियंत्रित होकर पलट गया। हादसे में ऑपरेटर गंभीर रूप से घायल हो गया। वहीं, मानिकपुर खदान क्षेत्र में संचालित एससीसी कंपनी के कैंप परिसर में बुधवार (28 अक्टूबर ) को तीन ट्रांसफार्मरों में अचानक आग लग गई। आग के कारण क्रेशर को होने वाली बिजली आपूर्ति बंद हो गई, जिससे कैंप का काम ठप हो गया और कोयला सप्लाई भी प्रभावित हुई।

दोनों घटनाओं के बाद खदान क्षेत्रों में सुरक्षा इंतजामों, भारी मशीनों के संचालन और आग से बचाव की व्यवस्था को लेकर सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, दोनों घटनाओं के कारणों और सुरक्षा मानकों के उल्लंघन की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

कुसमुंडा में डंपिंग के दौरान पलटा 100 टन का डंपर

कुसमुंडा क्षेत्र में संचालित केएनआरसीएल कंपनी में डंपिंग के दौरान 100 टन क्षमता का भारी डंपर अनियंत्रित होकर पलटते हुए नीचे जा गिरा। हादसे में डंपर ऑपरेटर गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे खदान से बाहर निकालकर नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज जारी है।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हादसे के दौरान ऑपरेटर ने डंपर से कूदकर अपनी जान बचाने की कोशिश की, लेकिन वह गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के बाद खदान परिसर में कुछ देर के लिए काम रोकना पड़ा।

एक सप्ताह में डंपर से जुड़ी दूसरी घटना

बताया जा रहा है कि पिछले रविवार को भी इसी कंपनी का एक डंपर खदान में खड़ी मोटरसाइकिल के ऊपर चढ़ गया था। उस समय मोटरसाइकिल पर कोई सवार नहीं था, जिससे बड़ा हादसा टल गया।

एक सप्ताह के भीतर डंपर से जुड़ी दो घटनाएं सामने आने के बाद भारी वाहनों के संचालन, ड्राइवरों के प्रशिक्षण और खदान के भीतर यातायात प्रबंधन को लेकर सवाल उठ रहे हैं। खदानों में कोयला उत्पादन के लिए दिन-रात भारी मशीनों और डंपरों का संचालन होता है। ऐसे में कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए पुख्ता इंतजाम जरूरी हैं।

मानिकपुर में तीन ट्रांसफार्मरों में लगी आग

दूसरी घटना एसईसीएल मानिकपुर खदान क्षेत्र में संचालित एससीसी कंपनी के कैंप में हुई। बुधवार को कैंप परिसर में लगे तीन ट्रांसफार्मरों में अचानक आग लग गई। देखते ही देखते आग की लपटें ऊंची उठने लगीं और ट्रांसफार्मर जलने लगे। आग के साथ उठते काले धुएं को देखकर कैंप में मौजूद कर्मचारियों और अधिकारियों के बीच अफरा-तफरी मच गई।

आग लगने के बाद कर्मचारी और अधिकारी सुरक्षित स्थान की ओर भागने लगे। गनीमत रही कि कोई कर्मचारी आग की चपेट में नहीं आया। सूचना मिलने पर नगर सेना और एसईसीएल की दमकल गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। दमकल कर्मियों ने मशक्कत कर आग पर काबू पाने और उसे फैलने से रोकने का प्रयास किया। घटना की जानकारी मिलने पर एससीसी और एसईसीएल के वरिष्ठ अधिकारी भी मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया।

बिजली आपूर्ति बंद, क्रेशर का काम ठप

जानकारी के अनुसार, कैंप में लगे इन्हीं ट्रांसफार्मरों से क्रेशर को बिजली की आपूर्ति होती है। क्रेशर के माध्यम से कोयला कटिंग और सप्लाई का काम किया जाता है। आग लगने के बाद बिजली आपूर्ति पूरी तरह बंद हो गई, जिससे कैंप का काम ठप हो गया और कोयला सप्लाई प्रभावित हुई।

आग लगने के कारणों का अभी पता नहीं चल पाया है। शुरुआती आशंका ओवरलोड या शॉर्ट सर्किट की जताई जा रही है, लेकिन कंपनी प्रबंधन की ओर से इस संबंध में आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। घटना की सूचना मानिकपुर चौकी पुलिस को भी दी गई।

फायर सेफ्टी व्यवस्था पर भी सवाल

बताया गया कि आग लगने के बाद मौके पर मौजूद फायर सेफ्टी उपकरणों से आग बुझाने का प्रयास किया गया, लेकिन कर्मचारी उस पर काबू नहीं पा सके। इसके बाद दमकल वाहनों की मदद ली गई। घटना के बाद कैंप में आग से बचाव के इंतजामों को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, सुरक्षा उपकरणों की स्थिति और संभावित लापरवाही को लेकर कोई आधिकारिक निष्कर्ष सामने नहीं आया है।

स्थानीय युवाओं को रोजगार नहीं देने का आरोप

इधर, स्थानीय बेरोजगार युवाओं में भी कंपनी को लेकर नाराजगी बताई जा रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि खदान प्रभावित क्षेत्र होने के बावजूद स्थानीय युवाओं को रोजगार में प्राथमिकता नहीं दी जा रही है और बाहर से आए लोगों को काम पर रखा जा रहा है।

लगातार सामने आ रही घटनाओं के बाद खदान क्षेत्रों की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा, भारी वाहनों के संचालन की जांच और सुरक्षा ऑडिट की मांग उठ रही है। फिलहाल डंपर हादसे और ट्रांसफार्मरों में आग लगने के कारणों की आधिकारिक पुष्टि की जानकारी उपलब्ध नहीं है।

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