जिला कांग्रेस कमेटी की बैठक में संगठनात्मक मजबूती पर जोर
कोरबा/सीतामढ़ी । अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) द्वारा ‘वोट बचाओ–देश बचाओ’ महाअभियान के तहत जिला कांग्रेस कमेटी कार्यालय सीतामढ़ी में एक महत्वपूर्ण संगठनात्मक बैठक आयोजित किया गया। छत्तीसगढ़ शासन के पूर्व कैबिनेट मंत्री एवं AICC द्वारा नियुक्त केंद्रीय पर्यवेक्षक जयसिंह अग्रवाल के नेतृत्व में बैठक की गई।
बैठक में जयसिंह अग्रवाल का पारंपरिक मैथिली रीति-रिवाज एवं उत्साहपूर्ण नारों के साथ स्वागत किया गया। इस अवसर पर जिला कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारियों, प्रखंड एवं मंडल अध्यक्षों, महिला कांग्रेस, युवा कांग्रेस, सेवादल, NSUI, INTUC सहित विभिन्न संबद्ध संगठनों के प्रतिनिधियों एवं बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भाग लिया।
बैठक को संबोधित करते हुए जयसिंह अग्रवाल ने कहा कि ‘वोट बचाओ–देश बचाओ’ महाअभियान केवल एक राजनीतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि प्रत्येक पात्र नागरिक के मताधिकार की रक्षा और लोकतांत्रिक व्यवस्था में उसकी भागीदारी सुनिश्चित करने का महत्वपूर्ण अभियान है। उन्होंने कहा कि अभियान की सफलता के लिए केवल बैठकें करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि प्रत्येक कांग्रेस कार्यकर्ता को अपने क्षेत्र में सक्रिय होकर जनता के बीच पहुंचना होगा। श्री अग्रवाल ने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में मतदाताओं से सीधा संपर्क स्थापित करें, मतदाता सूची में नामों की जांच के लिए नागरिकों को जागरूक करें तथा जिन पात्र नागरिकों के नाम सूची में शामिल नहीं हैं, उन्हें निर्धारित निर्वाचन प्रक्रिया के अनुसार आवेदन करने में सहयोग प्रदान करें। उन्होंने यह भी कहा कि मतदाता सूची से संबंधित किसी भी शिकायत के मामले में तथ्यों एवं अभिलेखों का सत्यापन करते हुए कानूनी और निर्वाचन संबंधी प्रक्रियाओं का पालन किया जाना चाहिए। बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे एवं राहुल गांधी के नेतृत्व में संचालित इस महाअभियान को संगठन के प्रत्येक स्तर तक पहुंचाने की प्रतिबद्धता व्यक्त की गई। उपस्थित कांग्रेसजनों ने आपसी समन्वय के साथ अभियान को मजबूत बनाने तथा पात्र मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा के लिए सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प लिया। इस अवसर पर जिला प्रभारी डॉ. गौरव वर्मा, जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष अमित कुमार टुन्ना, पूर्व जिला अध्यक्ष सीताराम झा, रकतू प्रसाद, मोहम्मद अरशद, डॉ. राजीव कुमार ‘काजू’, मोहम्मद शमीम शहनवाज, अंजारुल हक, तौहीद, ताराकांत झा, मनोज कुमार सिंह, आफताब अंजुम बिहारी, सिकंदर हयात खान, श्रीमती रितु ठाकुर, राजेश यादव, INTUC अध्यक्ष दिलीप पाण्डेय, युवा कांग्रेस अध्यक्ष रोहन कुमार, NSUI अध्यक्ष सक्षम कुमार, सेवादल अध्यक्ष राम प्रवेश कुशवाहा सहित अनेक पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे। बैठक के अंत में जयसिंह अग्रवाल ने अभियान को गति देने के लिए जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष अमित कुमार टुन्ना को एक प्रारूप पत्रक भी उपलब्ध कराया, ताकि उसे कार्यकर्ताओं तक पहुंचाकर अभियान के उद्देश्यों एवं गतिविधियों को जमीनी स्तर पर प्रभावी बनाया जा सके।
कोरबा। कोरबा के कोतवाली थाना क्षेत्र के राताखार मार्ग पर तेज रफ्तार ट्रेलर की चपेट में आने से बाइक सवार युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसे में युवक का एक पैर ट्रेलर के पिछले पहिये के नीचे फंस गया। बाइक भी पहिये के नीचे फंस गई। घायल को इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया, जहां उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है।
जानकारी के अनुसार, युवक बाइक से राताखार मार्ग से गुजर रहा था। इसी दौरान पीछे से आ रहे ट्रेलर चालक ने तेज रफ्तार में ओवरटेक करने की कोशिश की। इस दौरान ट्रेलर ने बाइक को टक्कर मार दी। युवक बाइक समेत सड़क पर गिर गया और उसका पैर ट्रेलर के पिछले पहिये के नीचे फंस गया। हादसे के बाद चालक ट्रेलर को मौके पर छोड़कर उसकी चाबी लेकर फरार हो गया।
दूसरे ट्रेलर चालक ने युवक को निकाला
हादसे के बाद युवक दर्द से चीखने लगा। उसकी आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे, लेकिन पहिये के नीचे फंसे होने के कारण उसे निकालना मुश्किल हो रहा था। इसी दौरान पीछे से आ रहे दूसरे ट्रेलर के चालक ने सूझबूझ दिखाई। उसने अपना वाहन आगे बढ़ाकर घायल युवक को बाहर निकालने में मदद की। काफी मशक्कत के बाद बाइक को भी पहिये के नीचे से निकाला गया।
हादसे के बाद लगा जाम
घटना की सूचना मिलते ही मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई। हादसे के कारण राताखार मार्ग के दोनों ओर वाहनों की कतार लग गई और कुछ देर तक जाम की स्थिति बनी रही। स्थानीय लोगों ने घायल युवक को अस्पताल पहुंचाया।
भारी वाहनों की आवाजाही से हादसों का खतरा
स्थानीय लोगों के अनुसार, राताखार मार्ग पर दिन-रात बड़ी संख्या में ट्रेलर और ट्रक गुजरते हैं। भारी वाहनों का दबाव अधिक होने के साथ तेज रफ्तार और गलत तरीके से ओवरटेक करने के कारण हादसों का खतरा बना रहता है।
कोरबा। कोरबा में एसईसीएल के खदान क्षेत्रों में भारी वाहनों के संचालन और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर दो घटनाएं सामने आई हैं। कुसमुंडा क्षेत्र में केएनआरसीएल कंपनी का 100 टन क्षमता वाला डंपर डंपिंग के दौरान अनियंत्रित होकर पलट गया। हादसे में ऑपरेटर गंभीर रूप से घायल हो गया। वहीं, मानिकपुर खदान क्षेत्र में संचालित एससीसी कंपनी के कैंप परिसर में बुधवार (28 अक्टूबर ) को तीन ट्रांसफार्मरों में अचानक आग लग गई। आग के कारण क्रेशर को होने वाली बिजली आपूर्ति बंद हो गई, जिससे कैंप का काम ठप हो गया और कोयला सप्लाई भी प्रभावित हुई।
दोनों घटनाओं के बाद खदान क्षेत्रों में सुरक्षा इंतजामों, भारी मशीनों के संचालन और आग से बचाव की व्यवस्था को लेकर सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, दोनों घटनाओं के कारणों और सुरक्षा मानकों के उल्लंघन की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
कुसमुंडा में डंपिंग के दौरान पलटा 100 टन का डंपर
कुसमुंडा क्षेत्र में संचालित केएनआरसीएल कंपनी में डंपिंग के दौरान 100 टन क्षमता का भारी डंपर अनियंत्रित होकर पलटते हुए नीचे जा गिरा। हादसे में डंपर ऑपरेटर गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे खदान से बाहर निकालकर नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज जारी है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हादसे के दौरान ऑपरेटर ने डंपर से कूदकर अपनी जान बचाने की कोशिश की, लेकिन वह गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के बाद खदान परिसर में कुछ देर के लिए काम रोकना पड़ा।
एक सप्ताह में डंपर से जुड़ी दूसरी घटना
बताया जा रहा है कि पिछले रविवार को भी इसी कंपनी का एक डंपर खदान में खड़ी मोटरसाइकिल के ऊपर चढ़ गया था। उस समय मोटरसाइकिल पर कोई सवार नहीं था, जिससे बड़ा हादसा टल गया।
एक सप्ताह के भीतर डंपर से जुड़ी दो घटनाएं सामने आने के बाद भारी वाहनों के संचालन, ड्राइवरों के प्रशिक्षण और खदान के भीतर यातायात प्रबंधन को लेकर सवाल उठ रहे हैं। खदानों में कोयला उत्पादन के लिए दिन-रात भारी मशीनों और डंपरों का संचालन होता है। ऐसे में कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए पुख्ता इंतजाम जरूरी हैं।
मानिकपुर में तीन ट्रांसफार्मरों में लगी आग
दूसरी घटना एसईसीएल मानिकपुर खदान क्षेत्र में संचालित एससीसी कंपनी के कैंप में हुई। बुधवार को कैंप परिसर में लगे तीन ट्रांसफार्मरों में अचानक आग लग गई। देखते ही देखते आग की लपटें ऊंची उठने लगीं और ट्रांसफार्मर जलने लगे। आग के साथ उठते काले धुएं को देखकर कैंप में मौजूद कर्मचारियों और अधिकारियों के बीच अफरा-तफरी मच गई।
आग लगने के बाद कर्मचारी और अधिकारी सुरक्षित स्थान की ओर भागने लगे। गनीमत रही कि कोई कर्मचारी आग की चपेट में नहीं आया। सूचना मिलने पर नगर सेना और एसईसीएल की दमकल गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। दमकल कर्मियों ने मशक्कत कर आग पर काबू पाने और उसे फैलने से रोकने का प्रयास किया। घटना की जानकारी मिलने पर एससीसी और एसईसीएल के वरिष्ठ अधिकारी भी मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया।
बिजली आपूर्ति बंद, क्रेशर का काम ठप
जानकारी के अनुसार, कैंप में लगे इन्हीं ट्रांसफार्मरों से क्रेशर को बिजली की आपूर्ति होती है। क्रेशर के माध्यम से कोयला कटिंग और सप्लाई का काम किया जाता है। आग लगने के बाद बिजली आपूर्ति पूरी तरह बंद हो गई, जिससे कैंप का काम ठप हो गया और कोयला सप्लाई प्रभावित हुई।
आग लगने के कारणों का अभी पता नहीं चल पाया है। शुरुआती आशंका ओवरलोड या शॉर्ट सर्किट की जताई जा रही है, लेकिन कंपनी प्रबंधन की ओर से इस संबंध में आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। घटना की सूचना मानिकपुर चौकी पुलिस को भी दी गई।
फायर सेफ्टी व्यवस्था पर भी सवाल
बताया गया कि आग लगने के बाद मौके पर मौजूद फायर सेफ्टी उपकरणों से आग बुझाने का प्रयास किया गया, लेकिन कर्मचारी उस पर काबू नहीं पा सके। इसके बाद दमकल वाहनों की मदद ली गई। घटना के बाद कैंप में आग से बचाव के इंतजामों को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, सुरक्षा उपकरणों की स्थिति और संभावित लापरवाही को लेकर कोई आधिकारिक निष्कर्ष सामने नहीं आया है।
स्थानीय युवाओं को रोजगार नहीं देने का आरोप
इधर, स्थानीय बेरोजगार युवाओं में भी कंपनी को लेकर नाराजगी बताई जा रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि खदान प्रभावित क्षेत्र होने के बावजूद स्थानीय युवाओं को रोजगार में प्राथमिकता नहीं दी जा रही है और बाहर से आए लोगों को काम पर रखा जा रहा है।
लगातार सामने आ रही घटनाओं के बाद खदान क्षेत्रों की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा, भारी वाहनों के संचालन की जांच और सुरक्षा ऑडिट की मांग उठ रही है। फिलहाल डंपर हादसे और ट्रांसफार्मरों में आग लगने के कारणों की आधिकारिक पुष्टि की जानकारी उपलब्ध नहीं है।
कोरबा। कोरबा जिले में चक्रवात ‘अर्नब’ का असर दिखने लगा है। बुधवार सुबह से आसमान में काली घटा छाई हुई है और रिमझिम बारिश का दौर जारी है। बारिश के कारण जनजीवन प्रभावित हुआ है।
स्कूली बच्चों और दफ्तर जाने वाले लोगों को बारिश में भीगकर निकलना पड़ा। कई लोगों ने छाता और रेनकोट का सहारा लिया। बारिश के बाद ठंड बढ़ने के संकेत भी मिलने लगे हैं।
28 और 29 अक्टूबर को भारी बारिश की चेतावनी
मौसम विभाग ने प्रदेश में बारिश की चेतावनी जारी की है। दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का क्षेत्र बनने से विकसित हो रही चक्रवाती परिस्थितियों का असर छत्तीसगढ़ पर पड़ने की संभावना है।
भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, 28 और 29 अक्टूबर को प्रदेश के सभी जिलों में बारिश हो सकती है। कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश की आशंका है।
मौसम विभाग के मुताबिक, बारिश के कारण रात के तापमान में बढ़ोतरी हो सकती है। इससे कुछ दिनों तक ठंड का असर कम रहेगा।
किसानों को फसल कटाई टालने की सलाह
मौसम को देखते हुए कृषि विभाग ने किसानों के लिए एडवाइजरी जारी की है। पकने की अवस्था में पहुंच चुकी धान, दलहन और तिलहन फसलों की कटाई दो से तीन दिन टालने की सलाह दी गई है। कटी हुई फसलों को सुरक्षित स्थान पर रखने और खेतों से पानी की निकासी की व्यवस्था करने को कहा गया है।
तिवरा और अलसी की उतेरा बुवाई फिलहाल रोकने की सलाह दी गई है। वहीं, रबी फसलों की बुवाई नवंबर के पहले सप्ताह से शुरू करने को कहा गया है।
सब्जियों और केले के पौधों को सहारा देने की सलाह
कृषि विभाग ने लौकी और करेला जैसी बेल वाली सब्जियों के साथ फल लगे केले के पौधों को बांस से सहारा देने की सलाह दी है। रबी की सब्जियों की बुवाई भी नवंबर में करने को कहा गया है।
पशुपालकों को पशुओं को सूखे स्थान पर रखने और चारा-पानी की उचित व्यवस्था करने की सलाह दी गई है। वज्रपात के दौरान पेड़ों के नीचे नहीं रहने की अपील भी की गई है।
बांगो बांध के गेट खुलने की आशंका, तटीय इलाकों में सतर्कता
भारी बारिश की संभावना को देखते हुए मिनीमाता बांगो बांध के गेट खोले जा सकते हैं। जल संसाधन विभाग ने हसदेव नदी के तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
प्रशासन ने लोगों से नदी से दूर रहने और नहाने या मछली पकड़ने जैसी गतिविधियों से बचने की अपील की है। साथ ही अफवाहों पर ध्यान नहीं देने की सलाह दी गई है।