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छत्तीसगढ़

कार से मिला 2 करोड़ का गोल्ड, महासमुंद में वाहन चेकिंग के दौरान पकड़ाए, 6 दिन में दूसरी बड़ी कार्रवाई

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महासमुंद, एजेंसी। छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में पुलिस ने एक कार से 3 किलो 126 ग्राम सोना जब्त किया है। इसकी कीमत 2 करोड़ 6 हजार 400 रुपए बताई जा रही है। पुलिस ड्राइवर को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। सिघोड़ा पुलिस ने हफ्ते भर के भीतर सोना तस्करी पर दूसरी कार्रवाई की है। एसपी राजेश कुकरेजा ने बताया कि, गुरुवार को साइबर सेल और सिंघोड़ा पुलिस की टीम नेशनल हाईवे-53 की अंतर्राज्यीय सीमा रेहटीखोल चेक पोस्ट पर चेकिंग कर रही थी। तभी ओडिशा की तरफ से आ रही होंडा सिटी कार क्रमांक एमएच -26 एके 4501 छत्तीसगढ़ आ रही थी।

वाहन चेकिंग के दौरान मिला सोना

पुलिसकर्मी चेकिंग में जुटे थे इसी दौरान संदिग्ध कार को चेक पोस्ट पर रोका गया। चालक से पूछताछ की गई, तो वह गोलमोल जवाब देने लगा। तलाशी लेने पर अंदर एक चेंबर दिखाई दिया, जिसे खोलने पर तीन पैकेट में सोने के 11 बिस्किट, 3 छोटी और 5 बड़ी सोने की पट्टी मिली। सोने का वजन 3 किलो 126 ग्राम है।

बंगाल से महाराष्ट्र ले जाया जा रहा था गोल्ड

पुलिस ने कार और सोना को जब्त कर ड्राइवर को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। सोना तस्करी के मामलो को देखते हुए पुलिस डायरेक्टोरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस (डीआरआई) को सौंपने की तैयारी कर रही है। बताया जाता है कि, सोना पश्चिम बंगाल के खडग़पुर से लेकर महाराष्ट्र के पुणे ले जाया जा रहा था।

13 जनवरी को 5 करोड़ का सोना जब्त हुआ था

महासमुंद जिले की सिंघोड़ा पुलिस ने 13 जनवरी को भी महाराष्ट्र पासिंग कार की पिछली सीट के नीचे बने चेंबर से करीब 5 करोड़ रुपए का 7 किलो 861 ग्राम सोना बरामद किया था। अफसरों के मुताबिक, इनके तार अंतरराष्ट्रीय तस्करों से जुड़े हो सकते हैं।

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छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ में कोल कारोबारियों के ठिकानों पर IT रेड:बिलासपुर में फिल ग्रुप के घर-ऑफिस में दबिश, जांजगीर-चांपा में तिरुपति मिनरल्स के ऑफिस में छापा

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बिलासपुर/जांजगीर-चांपा। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर और जांजगीर-चांपा में कोल कोराबारियों के ठिकानों पर आयकर विभाग (IT) की टीम ने रेड मारी है। बिलासपुर में फिल ग्रुप के फैक्ट्री और घर समेत अलग-अलग ठिकानों पर टीम ने एक साथ दबिश दी है। जबकि जांजगीर-चांपा में तिरुपति मिनरल्स के कार्यालय में IT टीम ने छापा मारा है।

बिलासपुर में IT की टीम ने फिल ग्रुप की ठिकानों पर दबिश दी है। अधिकारी SIR (सर्वे/इंस्पेक्शन रिपोर्ट) की सर्वे टीम बनकर कार्रवाई कर रहे हैं। टीम की गाड़ियों में SIR के स्टीकर भी लगे हुए हैं।

फिलहाल, टीम श्रीकांत वर्मा मार्ग स्थित कार्यालय और रामा वर्ल्ड स्थित निवास में जांच और दस्तावेजों की छानबीन कर रही है। कार्रवाई के दौरान टीम की ओर से कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और लेन-देन से जुड़े रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं। बता दें कि फिल ग्रुप के मालिक प्रवीण झा हैं।

जांजगीर-चांपा जिले के चांपा-बिर्रा रोड स्थित तिरुपति मिनरल्स के कार्यालय में आयकर विभाग (IT) की टीम ने छापा मारा।

जांजगीर-चांपा जिले के चांपा-बिर्रा रोड स्थित तिरुपति मिनरल्स के कार्यालय में आयकर विभाग (IT) की टीम ने छापा मारा।

दस्तावेज और रिकॉर्ड की चल रही जांच

अफसरों की शुरुआती जांच में सामने आया है कि कोल वाशरी में बड़े पैमाने पर कोल मिक्सिंग के साथ टैक्स में हेराफेरी की जा रही थी। कारोबारी टैक्स बचाने के लिए तरह-तरह के हथकंडे अपना रहे थे।

कारोबार से होने वाली आय की तुलना में कम टैक्स भुगतान किए जाने की आशंका के चलते यह कार्रवाई की गई है। हालांकि, जांच के लिए पहुंचे अधिकारी इस मामले में कुछ भी कहने से बचते नजर आए।

वहीं जानकारों का कहना है कि आयकर टीम को कंपनी के रिकॉर्ड में कई खामियां मिली हैं और टैक्स चोरी के भी प्रमाण सामने आए हैं।

बिलासपुर में IT टीम श्रीकांत वर्मा मार्ग स्थित कार्यालय और रामा वर्ल्ड स्थित निवास में जांच और दस्तावेजों की छानबीन कर रही है।

बिलासपुर में IT टीम श्रीकांत वर्मा मार्ग स्थित कार्यालय और रामा वर्ल्ड स्थित निवास में जांच और दस्तावेजों की छानबीन कर रही है।

बिलासपुर में 2 माह पहले स्टेट जीएसटी की रेड, अब IT टीम पहुंची

इससे पहले बिलासपुर में दिसंबर में स्टेट जीएसटी की टीम ने तीन कोल कारोबारियों के घर में रेड की थी। तब जीएसटी की कार्रवाई के डर से महावीर कोल वाशरी ने 10 करोड़ सरेंडर किए थे। इसके दूसरे दिन फिल ग्रुप ने 11 करोड़ और पारस कोल वाशरी ने 6 करोड़ 50 लाख रुपए सरेंडर किए।

इस तरह तीनों कारोबारियों ने मिलाकर 27 करोड़ 50 लाख सरेंडर किए थे। माना जा रहा है कि जीएसटी से मिले इनपुट के आधार पर आयकर विभाग की टीम ने छापेमारी की है।

जांजगीर-चांपा में तिरुपति मिनरल्स के दफ्तर पर छापा

जांजगीर-चांपा जिले के चांपा-बिर्रा रोड स्थित तिरुपति मिनरल्स के कार्यालय में आयकर विभाग (IT) की टीम ने छापा मारा है। जानकारी के अनुसार, आयकर विभाग की टीम ने कोयला व्यापारी अंशुमान मुरारका के दफ्तर में दबिश दी है।

बताया जा रहा है कि टीम सुबह से ही कार्यालय में मौजूद है और दस्तावेजों, लेनदेन, वित्तीय रिकॉर्ड की गहन जांच की जा रही है। आयकर विभाग के अधिकारी कार्यालय के भीतर बैठकर आय-व्यय और खातों की पड़ताल कर रहे हैं।

तिरुपति मिनरल्स के प्रोप्राइटर अंशुमान मुरारका कोयला व्यवसाय से जुड़े हुए हैं। कार्रवाई के दौरान विभाग की ओर से व्यापार से संबंधित महत्वपूर्ण कागजातों की जांच की जा रही है। फिलहाल आयकर विभाग की कार्रवाई जारी है। अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।

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कोरबा

कोरबा में कोयला उद्योग की हड़ताल को कांग्रेस का समर्थन:श्रमिक नेताओं के साथ कार्यकर्ता भी खदान बंद कराने पहुंचे, कहा-भाजपा सरकार की नीतियों का विरोध

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कोरबा। कोरबा में कोयला उद्योग की राष्ट्रव्यापी एक दिवसीय हड़ताल को कांग्रेस का समर्थन मिला। केंद्रीय संयुक्त ट्रेड यूनियन के आह्वान पर आयोजित इस हड़ताल में श्रमिक नेताओं के साथ कांग्रेस कार्यकर्ता भी दीपका, कुसमुंडा और मानिकपुर खदानों को बंद कराने पहुंचे।

कोरबा जिला कांग्रेस के प्रमुख हरीश परसाई, वरिष्ठ कांग्रेसी तनवीर अहमद, विशाल शुक्ला और रामू कंवर सहित अन्य कांग्रेस नेता दीपका खदान पहुंचे। उन्होंने मजदूरों के साथ मिलकर अपनी आवाज बुलंद की और हड़ताल को समर्थन दिया।

कांग्रेस नेता हरीश परसाई ने बताया कि पार्टी के निर्देश पर वे इस हड़ताल का समर्थन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी भाजपा सरकार की नीतियों और रीति का विरोध कर रही है और आगे भी करती रहेगी।

कर्मचारियों ने किया सहयोग

तनवीर अहमद ने बताया कि सुबह से ही सभी श्रमिक नेताओं और कर्मचारियों का इस हड़ताल को व्यापक समर्थन मिल रहा है। कुसमुंडा और मानिकपुर खदानों में भी श्रमिक नेताओं ने पहली पाली के कर्मचारियों से हड़ताल का समर्थन करने का आग्रह किया, जिस पर कर्मचारियों ने सहयोग किया।

कांग्रेस और श्रमिक नेताओं ने इस हड़ताल को सफल बताया है, जिसमें सभी का सहयोग मिला। इस एक दिवसीय हड़ताल से साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (SECL) को नुकसान होने की संभावना है।

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कोरबा

सूअर के फंदे में फंसा तेंदुआ:वन विभाग ने किया उपचार, इलाज के बाद जंगल में छोड़ गया, शिकारी भेजा गया जेल

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कोरबा। कोरबा जिले के लाफा जंगल में सूअर पकड़ने के लिए लगाए गए तार के फंदे में एक तेंदुआ फंस गया। ग्रामीणों की सूचना पर वन विभाग की टीम ने रात में ही रेस्क्यू अभियान शुरू किया।

तेंदुए को फंदे से सुरक्षित निकालना मुश्किल था, इसलिए वन विभाग ने उसे ट्रेंकुलाइजेशन की अनुमति मांगी। रायपुर से अनुमति मिलने के बाद कुमार निशांत, डॉ. चंदन और कानन पेंडारी, बिलासपुर की रेस्क्यू टीम मंगलवार रात करीब 10 बजे मौके पर पहुंची।

तीन घंटे बाद तेंदुए को फंदे से बाहर निकाला

फंदे में फंसे तेंदुए को छटपटाते देख उसे पहले ट्रेंकुलाइज कर बेहोश करने का निर्णय लिया गया। तीन घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद तेंदुए को फंदे से सुरक्षित बाहर निकाला गया। उसके पेट और पिछले हिस्से में चोटें थीं, जिसका प्राथमिक उपचार किया गया।

वन विभाग ने किया रेस्क्यू

रेस्क्यू टीम तेंदुए को अपने वाहन में कानन पेंडारी, बिलासपुर ले गई। वहां स्वास्थ्य में सुधार और एंटी-स्नेयर वॉक और निगरानी की प्रक्रिया पूरी करने के बाद बुधवार शाम छह बजे उसे उसी क्षेत्र में वापस छोड़ दिया गया। रात भर निगरानी में उसकी स्थिति सामान्य बनी रही।

रेस्क्यू टीम तेंदुए को इलाज के लिए अपने वाहन से कानन पेंडारी, बिलासपुर ले गई। वहां इलाज और निगरानी के बाद जब उसकी हालत ठीक हो गई, तो बुधवार शाम करीब छह बजे उसे उसी जंगल में छोड़ दिया गया। रात भर उस पर नजर रखी गई और उसकी स्थिति सामान्य रही।

टीम ने शिकारी को तार, फंदे के साथ पकड़ा

इस बीच, अचानकमार टाइगर रिजर्व से आई डॉग स्क्वाड टीम ने जांच के दौरान नगोई भाठा निवासी विजय कुमार गोड़ (37) को पकड़ा। उसकी तलाशी में शिकार में इस्तेमाल किए गए तार, फंदे और अन्य सामग्री बरामद हुई।

आरोपी विजय कुमार गोड़ ने अपना अपराध स्वीकार करते हुए बताया कि उसने सूअर का मांस खाने की लालसा में फंदा लगाया था, लेकिन उसमें तेंदुआ फंस गया। वन विभाग ने उसके खिलाफ वन्यप्राणी संरक्षण अधिनियम की धारा 9, 51 और 52 के तहत मामला दर्ज किया है।

उसे न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी, पाली के समक्ष पेश किया गया, जहां से उसे 14 दिन की न्यायिक रिमांड पर उप जेल कटघोरा भेज दिया गया है।

गौरतलब है कि पाली वन परिक्षेत्र में तेंदुए के अलावा बाघों के विचरण की सूचनाएं भी वन विभाग को मिलती रही हैं।

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