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कोरबा

कोरबा में शुरू होगा शासकीय अनुसूचित जनजाति बालक क्रीड़ा परिसर, 10 अगस्त को होगी प्रवेश चयन परीक्षा

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कोरबा। आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग, रायपुर द्वारा शैक्षणिक सत्र 2026-27 से जिला मुख्यालय कोरबा में शासकीय अनुसूचित जनजाति बालक क्रीड़ा परिसर की शुरुआत की जा रही है। परिसर में चयनित बालक खिलाड़ियों को एथलेटिक्स, कबड्डी, खो-खो एवं तैराकी खेलों का विशेष प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। छात्रावास एवं खेल मैदान की उपलब्धता के आधार पर इस वर्ष 40 खिलाड़ियों को प्रवेश दिया जाएगा।
प्रवेश के लिए ऐसे बालक पात्र होंगे, जिनकी जन्मतिथि 1 जनवरी 2009 अथवा उसके बाद की हो तथा वे कक्षा 6वीं से 12वीं तक अध्ययनरत हों। खिलाड़ियों का अंतिम चयन विभाग द्वारा आयोजित “10 बैटरी टेस्ट” में उनके प्रदर्शन के आधार पर किया जाएगा। इस परीक्षण में 50 मीटर दौड़, उछाल परीक्षण, 4×10 मीटर शटल रेस, स्टैंडिंग ब्रॉड जंप, गतिशील स्फूर्ति परीक्षण, अपर बॉडी बेंडिंग, पुश-अप, लेग रेसिंग, सिट-अप तथा 400 मीटर दौड़ सहित कुल 10 शारीरिक दक्षता परीक्षण शामिल रहेंगे।
प्रवेश चयन परीक्षा 10 अगस्त 2026 को प्रातः 8 बजे से प्रियदर्शिनी इंदिरा गांधी स्टेडियम, टी.पी. नगर, कोरबा में आयोजित की जाएगी। चयनित खिलाड़ियों की सूची 13 अगस्त 2026 को जारी की जाएगी। इसके उपरांत अभ्यर्थियों का चिकित्सकीय परीक्षण कर उन्हें क्रीड़ा परिसर में प्रवेश प्रदान किया जाएगा।
क्रीड़ा परिसर में प्रवेशित विद्यार्थियों की पढ़ाई निकटवर्ती शासकीय विद्यालयों में कराई जाएगी। साथ ही उन्हें छात्रावास में निःशुल्क आवास, पलंग, गद्दा, तकिया, चादर, कंबल एवं मच्छरदानी, पौष्टिक भोजन, शालेय गणवेश तथा ट्रैकसूट, टी-शर्ट, निकर, जूते और मोजों सहित संपूर्ण खेल किट की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।
सहायक आयुक्त, आदिवासी विकास, कोरबा ने पात्र एवं इच्छुक खिलाड़ियों से निर्धारित तिथि पर चयन परीक्षा में उपस्थित होकर इस अवसर का लाभ उठाने की अपील की है।

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कोरबा

प्रारूप मतदाता सूची में नाम न होने पर पूर्व मतदाता भी भर सकते हैं फॉर्म-6, भारत निर्वाचन आयोग ने जारी किया स्पष्टीकरण

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पूर्व में पंजीकृत मतदाता द्वारा फॉर्म-6 भरने पर नहीं होगी कोई दंडात्मक कार्रवाई

आयोग ने दूर किया संशय – लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 31 के तहत अभियोजन का भय निराधार

कोरबा 04 नवंबर 2026। विशेष गहन पुनरीक्षण  (SIR)  कार्यक्रम के दौरान प्रारूप मतदाता सूची में नाम शामिल न होने की स्थिति में पूर्व मतदाता भी पुनः नाम जुड़वाने के लिए बिना किसी संकोच के फॉर्म-6 भर सकते हैं। भारत निर्वाचन आयोग ने इस संबंध में स्पष्ट निर्देश जारी करते हुए मतदाताओं के असमंजस व संशय को दूर किया है।

संशय और आयोग का स्पष्टीकरण

आयोग के संज्ञान में यह बात आई थी कि कई ऐसे मतदाता, जो पूर्व में पंजीकृत थे लेकिन वर्तमान में प्रकाशित प्रारूप मतदाता सूची में उनका नाम छूट गया है, फॉर्म-6 भरने में झिझक रहे थे। फॉर्म-6 में यह घोषणा (डिक्लेरेशन) देनी होती है कि उनका नाम पहली बार मतदाता सूची में शामिल किया जा रहा है। मतदाताओं को आशंका थी कि पूर्व में पंजीकृत होने के कारण यह घोषणा ‘‘गलत घोषणा ( False Declaration) मानी जाएगी और लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 31 के तहत उन पर दंडात्मक या कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
 इस पर स्पष्ट करते हुए आयोग ने कहा है कि- यदि किसी नागरिक का नाम वर्तमान प्रारूप मतदाता सूची में दर्ज नहीं है, तो अंतिम सूची में नाम दर्ज कराने के लिए उसे नए सिरे से फॉर्म-6 प्रस्तुत करना आवश्यक है, भले ही वह पूर्व में मतदाता रहा हो। ऐसी परिस्थिति में केवल इस आधार पर फॉर्म-6 भरना गलत या झूठी घोषणा नहीं माना जाएगा कि आवेदक पहले से पंजीकृत था।

 उच्च न्यायालय के निर्णय का संदर्भ

आयोग का यह रुख दिल्ली उच्च न्यायालय द्वारा याचिका संख्या W.P.¼C½ No.14955/2026 (निलोत्पल दत्ता व अन्य बनाम भारत निर्वाचन आयोग व अन्य, निर्णय दिनांक 14.10.2026) में दिए गए आदेश के अनुरूप है।
अदालत ने स्पष्ट किया था कि इस संदर्भ में गलत घोषणा संबंधी आशंका पूरी तरह निराधार है और ऐसे आवेदक नियमानुसार फॉर्म-6 जमा कर सकते हैं।

 कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी

भारत निर्वाचन आयोग ने सभी निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों (ERO) को निर्देशित किया है कि केवल इस आधार पर किसी भी आवेदक के विरुद्ध लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 31 के तहत कोई कार्रवाई न की जाए कि उसका नाम पहले की किसी मतदाता सूची में था। आवेदक को केवल यह सुनिश्चित करना होगा कि उसका नाम किसी अन्य संसदीय या विधानसभा क्षेत्र की वर्तमान सूची में पहले से पंजीकृत न हो और आवेदन विधिक नियमों के अनुरूप हो।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी छत्तीसगढ़ ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे वर्तमान प्रारूप मतदाता सूची में अपने नाम की जांच अवश्य करें और नाम न होने पर समय रहते फॉर्म-6 भरकर निर्वाचक नामावली में अपना पंजीकरण सुनिश्चित कराएं।

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कुसमुंडा

कुसमुंडा में कोल परिवहन का चक्काजाम कर किसान सभा ने विस्थापन प्रभावित बेरोजगारों को आऊट सोर्सिंग कंपनियों में रोजगार देने की मांग की

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11 नवंबर को प्रशासन के साथ त्रिपक्षीय वार्ता में समस्याओं के समाधान के लिखित आश्वाशन दिया एसईसीएल ने

कोरबा/कुसमुंडा।छत्तीसगढ़ किसान सभा ने एसईसीएल की कुसमुंडा खदान क्षेत्र में आउट सोर्सिंग कंपनियों के माध्यम से होने वाले कामों में प्रभावित भू विस्थापितों और स्थानीय बेरोजगारों को रोजगार देने सहित विभिन्न मांगों को लेकर कुसमुंडा थाना के पास कुसमुंडा से गुजरने वाली कोल परिवहन को पूर्ण रूप से रोककर चक्काजाम शुरू कर दिया चक्काजाम को देखते हुए भारी संख्या में पुलिस बल उपस्थित था। चक्काजाम से खदान के अंदर और बाहर भारी वाहनों का जाम लगना शुरू हुआ जिसके बाद दर्री तहसीलदार और कुसमुंडा थाना प्रभारी ने थाना में किसान सभा के प्रतिनिधिमंडल को त्रिपक्षीय वार्ता के लिए बुलाया बैठक में एसईसीएल ने 11 नवंबर को प्रशासन की उपस्तिथि में समस्याओं के समाधान का लिखित आश्वासन दिया उसके बाद चक्काजाम समाप्त हुआ।

छत्तीसगढ़ किसान सभा के प्रदेश अध्यक्ष प्रशांत झा ने प्रशासन से मांग किया की एसईसीएल में जिन किसानों की जमीन अधिग्रहण हुई है वह भू विस्थापित रोजगार के लिए भटक रहे हैं और प्रबंधन आऊट सोर्सिंग कंपनियों के साथ सांठ गांठ कर दूसरे जिलों और प्रदेशों से कर्मचारी लाकर भर्ती कर रही है। जिसका हमारे संगठन द्वारा विरोध किया जा रहा है कुसमुंडा और गेवरा में होने वाले कार्यों में प्रभावितों को प्राथमिकता नहीं दिया जा रहा है जिसके कारण प्रभावित भू विस्थापित और स्थानीय बेरोजगारों को सड़क पर उतर कर विरोध करना पड़ रहा है।

किसान सभा के जिला अध्यक्ष जय कौशिक और सचिव दीपक साहू ने कहा की खदान विस्तार के लिए ग्रामीणों की पूरी जमीन ली जाती है लेकिन रोजगार देते समय 100% रोजगार प्रभावित ग्रामीणों को नहीं दिया जा रहा है 30% कंपनी सुरक्षित रखते हुए जिले से बाहर के लोगों को भरकर प्रभावितों के हक के रोजगार को बेच रही है। छोटे रकबा वाले किसानों को खेती किसानी से अलग कर पहले ही बेरोजगार बना दिया गया है और रोजगार होने के बावजूद किसानों को रोजगार से वंचित रखा जा है। प्रभावितों के पास अब संघर्ष के अलावा और कोई रास्ता नहीं बचा है। अगर प्रबंधन ने प्रभावित क्षेत्र के भू विस्थापितों की बात नहीं सुनी तो आगे और उग्र आंदोलन होगा।

भू विस्थापित नेता दामोदर श्याम और रेशम यादव ने आरोप लगाया कि जिनकी जमीन गई है उन्हें ना तो स्थाई रोजगार दिया जा रहा है ना ही उनके परिवार को आऊट सोर्सिंग में काम सभी के हक को निजी कंपनी छीनने का कार्य कर रही है। भू विस्थापित नेताओं ने इसके विरोध में एसईसीएल कुसमुंडा क्षेत्र में उग्र प्रदर्शन कर चक्काजाम किया है और आगे भी सही नीति नहीं बनी तो आंदोलन का विस्तार होगा।

चक्काजाम में प्रमुख रूप से दामोदर श्याम,रेशम यादव,दीपक साहू,जय कौशिक,उत्तम दास,हरिहर,दीनानाथ,विकाश,दिलीप,सोनू,सागर पटेल,मोहम्मद हुसैन,राजेश्वर दास,शशि यादव,जय चंद बरेठ,शनि,रामकुमार,हरी साहू, के साथ प्रभावित क्षेत्र के बेरोजगार शामिल थे।

मांगे

  1. खदान विस्तार के लिए पूर्व एवं वर्तमान में जिन गांव की जमीन अधिग्रहण हुई है उन गांव के बेरोजगारों को पहली प्राथमिकता के साथ आउट सोर्सिंग कंपनियों में वैकल्पिक रोजगार उपलब्ध कराया जाए।
  2. खनन प्रभावित क्षेत्र एवं जिले के ही बेरोजगारों को आऊट सोर्शिंग कंपनियों में रोजगार उपलब्ध कराया जाए।
  3. आउट सोर्सिंग कंपनियों का काम समाप्त होने पर चालू होने वाले नए कंपनियों में पुराने कर्मचारियों को कार्य में पुनः रखा जाए। (वर्तमान में गोदावरी कंपनी बंद होने के कारण जिले के सैकड़ों कर्मचारी बेरोजगार हो गए हैं )।
  4. आउट सोर्सिंग कंपनियों में 70 और 30% रोजगार देने का खेल समाप्त किया जाए। जिनकी जमीन अधिग्रहण हुई है उन्हे पहली प्राथमिकता के साथ खनन प्रभावित जिले के बेरोजगारों को खनन कार्य में 100% रोजगार दिया जाए।

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कोरबा

मारपीट और SECL खदान में डकैती के 6 आरोपी गिरफ्तार:500 रुपए नहीं देने पर युवकों को पीटा, चौकीदारों को बंधक बनाकर लूटा था सामान

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कोरबा। कोरबा के बांकीमोंगरा में पुलिस ने दो अलग-अलग मामलों में 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें मारपीट के 4 और SECL बांकी खदान नंबर-4 में डकैती के 2 आरोपी शामिल हैं।

मारपीट के मामले में आरोपियों ने शराब पीने के लिए 500 रुपए मांगे थे। वहीं, खदान में नकाबपोश बदमाशों ने चौकीदारों को बंधक बनाकर लोहे के रैक और पाइप काटकर चोरी किए थे। पुलिस ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर 2 नवंबर को जेल भेज दिया।

शराब पीने के लिए मांगे 500 रुपए, मना करने पर बेल्ट से पीटा

पहले मामले में सूरज कुमार बिंझवार ने 1 नवंबर को थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि 30 अक्टूबर की रात करीब 9:30 बजे वह अपने साथी दिनेश कुमार बिंझवार के साथ देसी शराब भट्ठी से लौट रहे थे। रास्ते में आरोपियों ने उन्हें रोक लिया और शराब पीने के लिए 500 रुपए मांगे।

पैसे देने से मना करने पर आरोपियों ने गाली-गलौज की और जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद बेल्ट और हाथ-मुक्कों से दोनों की पिटाई की। पुलिस ने अपराध क्रमांक 226/2026 के तहत BNS की धारा 296, 351(3), 119(1) और 191(2) में केस दर्ज किया।

मारपीट के मामले में 4 आरोपी गिरफ्तार

पुलिस ने कार्रवाई करते हुए समीर कुर्रे (19), आशीष कुमार पाटले (29), अमन कुमार कुर्रे (24) और हेमलाल कुर्रे (42) को गिरफ्तार किया। चारों मोंगरा बस्ती, बांकीमोंगरा के रहने वाले हैं। समीर कुर्रे के पास से घटना में इस्तेमाल बेल्ट भी जब्त की गई। चारों को 2 नवंबर को जेल भेज दिया गया।

SECL खदान में चौकीदारों को बनाया बंधक

दूसरे मामले में सुरक्षा गार्ड व्यासनारायण चौहान ने 28 अक्टूबर को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि 26 और 27 अक्टूबर की दरम्यानी रात करीब 1 बजे 10 से 12 नकाबपोश लोग SECL बांकी खदान नंबर-4 में घुस गए।

आरोपियों ने चौकीदारों को बंधक बनाकर उनके मोबाइल फोन छीन लिए। इसके बाद गैस कटर से स्टोर में रखे लोहे के रैक और पाइप काटकर ले गए। चोरी गए सामान की कीमत करीब 28 हजार रुपए बताई गई है।

पिकअप, गैस कटर और ऑक्सीजन सिलेंडर जब्त

पुलिस ने अपराध क्रमांक 223/2026 के तहत BNS की धारा 310(2), 127(2), 317(3) और 317(5) में केस दर्ज किया था। मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर राहुल विश्वकर्मा (22) और आकाश साहू (20) को गिरफ्तार किया गया।

राहुल पिकअप चालक है, जबकि आकाश कबाड़ दुकान संचालित करता है। पुलिस ने उनके पास से पिकअप वाहन (CG 12 BJ 6180), गैस कटर, ऑक्सीजन सिलेंडर और 2 मोबाइल फोन जब्त किए। दोनों आरोपियों को भी जेल भेज दिया गया।

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