कोरबा
बांगो में रेत तस्कर का अवैध साम्राज्य
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Divya Akashकांग्रेस शासन कार्यकाल में 700 रू. प्रति ट्रैक्टर की दर 3000 तक पहुंच गई थी, जिले में रेत तस्करी चरम पर थी, लेकिन विष्णु का सुशासन आने के बाद भी रेत तस्करी नहीं हुई कम
अभय गर्ग द्वारा हसदेव की छाती को की जा रही है छलनी
कोरबा/कटघोरा । खनिज विभाग कोरबा में गत वर्ष ईडी का छापा पडऩे के बाद भी अधिकारियों की कार्यशैली में कोई सुधार नहीं दिख रहा है। अधिकारियों की मिली भगत से कोरबा की जीवन रेखा माने जाने वाली हसदेव नदी को जगह-जगह छलनी कर लहुलुहान किया जा रहा है। ऐसा ही एक बड़ा मामला विकास खण्ड पोड़ी-उपरोड़ा से महज 3-4 किमी दूर ग्राम पंचायत बांगो स्थित है। इस छोटे से गांव के किनारे से हसदेव नदी बहती है, जहां पर रेत तस्कर का अवैध साम्राज्य चल रहा है, लेकिन खनिज विभाग के अधिकारी अनजान बनकर कार्यवाही करने से हिचक रहे हैं। रेत तस्कर अभय गर्ग और अक्षय गर्ग कोरबा जिला के पूर्व जिला भाजपा अध्यक्ष राजकुमार अग्रवाल के भतीजे हैं। अक्षय गर्ग आए दिन खनिज विभाग कोरबा में अधिकारियों से एसी में बैठकर बंद कमरे में गुप्तगू करते दिख जाते हैं। बांगो पंचायत की खाली जमीन पर सैकड़ों हाईवा रेत को डम्प किया गया है। पिछले सत्र में यहां प्रशासन द्वारा रेतघाट का संचालन किया जा रहा था, लेकिन इस वर्ष यहां रेत घाट स्वीकृत न होने के बाद भी रोज दर्जनों हाईवा रेत पोकलेन के माध्यम से निकाली जा रही है और पिछले साल की रेत को स्टोर करने और बेचने का हवाला देकर रेत तस्कर कार्यवाही से बच रहे हैं। लेकिन सवाल यह उठता है कि 10 महीना बीत जाने के बाद भी स्टोर की हुई रेत जादुई छड़ी की तरह बढ़ती ही जा रही है। अधिकारी मौन साधे हुए हैं। डंप किए हुए स्थान से रोजाना दर्जनों हाईवा रेत लेकर गंतव्य की ओर जा रहे हैं, लेकिन 10 महीने से रेत जस की तस पड़ी हुई है। रेत तस्कर द्वारा ग्राम पंचायत बांगो के लोगों को बहला फुसलाकर कुछ भी बोलने से रोक दिया गया है, जबकि सरपंच को रिकव्हरी निकालकर जेल भिजवाने की धमकी देकर कुछ बोलने से मना किया है। कुछ लालच में और कुछ धमकी से रेत तस्कर के खिलाफ ग्रामवासी कुछ भी बोलने से बच रहे हैं, जबकि सचिव सुषमा खुसरो ने बिंदास होकर कहा कि हसदेव नदी को रेत तस्कर गर्ग द्वारा छलनी की जा रही है और नदी में बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं। ग्राम पंचायत को कुछ भी लाभ नहीं हो रहा है, अवैध रेत खनन के कारण रायल्टी भी नहीं मिल पा रही है। बड़े-बड़े गड्ढेे होने के कारण बड़ी घटना होने का भी अंदेशा बलवती हो गया है। सरपंच धनकुंवर कंवर ने रेत तस्करी के मामले में प्रतिक्रिया देने से मना कर दिया और कहा-तुमन खुद जाके देख लेवा… हमन कुछ नी बतान। सरपंच पति रामसाय कंवर घर से निकला ही नहीं। सरपंच एवं सरपंच पति की ऐसी दहशत कि गर्ग के खिलाफ कुछ भी नहीं बोल पा रहे हैं।
रात के अंधेरे में उतारी जाती है पोकलेन

ग्राम पंचायत बांगो निवासी सनत कुमार ने बताया कि अभी आय से कोई मतलब नी हे, रात के 8 बजे के बाद अईहा, गर्ग ह नदी म पोकलेन अउ हाईवा ला उतारथे, अऊ भारी मात्रा म रात भर रेत निकालथे अउ सुबे से शाम तक डंप करेहे ते रेत ल हाईवा म कहुं-कहुं भेजथे। दिन भर म एक दर्जन ले ज्यादा हाइवा रेत के सप्लाई करथे। नदी की ओर ईशारा करते हुए सनत कुमार ने कहा कि देखत हस नदी म पूरा इहां-उहां ले गड्ढेच-गड्ढा हो गे हे। बरसात आही त लईका मन के डूबे के डर बने हे। अधिकारी मन कार्यवाही काबर नी करत हें, ओइचमन जानें।
नदी का कई एकड़ क्षेत्र गड्ढे में तब्दील

यह सडक़ रेत डम्पिंग एरिया से नदी की ओर जाती है, जो रेत तस्कर ने हाईवा और जेसीबी से रेत उत्खनन कर डम्पिंग एरिया तक रेत को लाने के लिए अस्थाई रूप से बनाया है, लेकिन 8-10 माह से अवैध रेत उत्खनन से यह रोड स्थायी के रूप में बन गया है। रोज दर्जनभर हाईवा रेत उत्खनन से नदी का कई एकड़ एरिया गड्ढे में तब्दील हो चुका है। तस्कर द्वारा बिना डर भय के हसदेव नदी को छलनी की जा रही है और जानकारी होने बाद भी खनिज विभाग के अधिकारी मौन साधे बैठे हैं, जिसके कारण विभाग के अधिकारियों की कार्यशैली पर कई सवाल खड़े हो रहे हैं। रेत तस्कर अधिकारियों के साथ चेम्बर में अधिकांश दिन गुप्तगू करते देखे जा सकते हैं। इतना बड़ा मामला होने के बाद भी खनिज विभाग के अधिकारियों की नजर आखिर यहां तक कैसे नहीं पहुंची, यह बड़ा सवाल चिंता का विषय हो सकता है। यहां के ग्रामीण डरे सहमे हुए हैं और ग्रामीण प्रशासन का डर के मारे पहुंच नहीं पा रहे हैं।
8 महीने से जारी है अवैध रेत उत्खनन
क्षेत्र के ग्रामवासियों ने बताया कि गर्ग बंधुओं द्वारा पिछली बरसात समाप्त होने के बाद से लगातार हसदेव नदी से भारी मात्रा में रेत का अवैध उत्खनन किया जा रहा है। रोजाना हाईवा और जेसीबी से रेत उत्खनन कराया जा रहा है, इसका ताजा प्रमाण नदी में रेत डंम्पिंग यार्ड से लेकर नदी उत्खनन क्षेत्र तक हाईवा एवं जेसीबी के पहियों के निशान ताजा दिख जाएंगे। रात के अंधेरे में जेसीबी और हाईवा उतारे जाते हैं और दर्जनों मजदूर भी लगे रहते हैं। अंधेरा छंटने के बाद हाईवा और जेसीबी को डंम्पिंग यार्ड में रख दिया जाता है और सुबह होते ही रेत डंम्पिंग यार्ड से जेसीबी के माध्यम से हाईवा में रेत भरी जाती है और दर्जनों हाईवा वाहनों से रेत को गंतव्य की ओर रवाना कर दिया जाता है। गत 8 महीने से रेत डंम्पिंग यार्ड में रेत की मात्रा जस की तस बनी हुई है।
रेत तस्कर का एक दिन का टर्न ओव्हर 5 लाख से अधिक
क्षेत्र के एक जानकार ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि गर्ग बंधु (अक्षय गर्ग-अभय गर्ग) द्वारा संयुक्त रूप से इस अवैध रेत उत्खनन में काम करते हैं और रात के अंधेरे में दर्जनों हाईवा और पोकलेन द्वारा अवैध रेत का उत्खनन कराया जाता है और दिन में डंप की भी रेत को गंतव्य तक भेजा जाता है। इस अवैध काम में गर्ग बंधु का टर्न ओव्हर करीब 5 लाख से ऊपर है और गत 10 माह से यह अवैध कार्य निर्बाध गति से जारी है। खनिज अधिकारियों की मौन सहभागिता से गर्ग बंधुओं के हौसले बुलंद हैं।
सचिव ने कहा कलेक्टर से करेंगे शिकायत
ग्राम पंचायत बांगों की सचिव सुषमा खुसरो ने मोबाईल पर प्रतिक्रिया देत हुए बिंदास कहा कि 10 महीने से रेत तस्करी बड़े पैमाने पर हो रही है और खनिज विभाग के अधिकारी कार्यवाही नहीं कर रहे हैं, इसका मतलब खनिज अधिकारियों की मिलीभगत हो सकती है। कई बार मैंने सरपंच और पंचों से कहा कि अवैध रेत उत्खनन के खिलाफ विरोध करना चाहिए। इस मामले में सरपंच अकेली पड़ गई है और इस मामले में कोई भी पंच, सरपंच का साथ नहीं दे रहे हैं। मैं सरपंच को बोलूंगी कि ग्रामीणों को साथ लेकर मामले की शिकायत कलेक्टर सर से करेंगे और नदी को बचाएंगे
सरपंच कुछ भी बोलने से बचती रही, सरपंच पति निकला ही नहीं

अवैध रेत उत्खनन पर प्रतिक्रिया जानने प्रतिनिधि सरपंच के घर पहुंचा तो सरपंच धनकुंवर कुछ भी नहीं बोली, जबकि सरपंच पति रामसाय कंवर घर से निकला ही नहीं।
अक्षय गर्ग के खिलाफ कई मामले दर्ज हैं, जिसके कारण लोग दहशत में रहते हैं…!
बांगो में रेत उत्खनन का अवैध कार्य जोरों पर है। इस अवैध धंधे में गर्ग बंधु में से अक्षय गर्ग क्षेत्र में ख्याति लब्ध है। कटघोरा थाने में अक्षय गर्ग के खिलाफ कई मामले भी दर्ज हैं, जिसके कारण उनके अवैध कामों में जानकारी होने के बाद भी लोग बाधा नहीं पहुंचाते। अक्षय गर्ग उस समय सुर्खियों में आए थे, जब वे लघुवनोपज समिति में सदस्य थे और वन विभाग में काम करते थे। मनमुताबिक काम न होने के कारण तत्समय के एक एसडीओ को थप्पड़ जडऩे का एवं कालर पकडऩे का प्रयास कर दुव्र्यवहार किए थे। वन अधिकारियों ने अक्षय गर्ग के खिलाफ मामला दर्ज कराया था, तब विवाद काफी बढ़ गया था।
क्या अवैध साम्राज्य ढहेगा!
गर्ग बंधुओं द्वारा बांगो में अवैध रेत का खड़ा साम्राज्य क्या खनिज अधिकारी ढहा पाएंगे या नहीं, यह आने वाला समय ही बताएगा। इस वर्ष ग्राम पंचायत बांगो में प्रशासन ने रेत घाट की स्वीकृति नहीं दी है। गर्ग बंधुओं द्वारा एनजीटी के नियमों का खुला उलंघन किया जा रहा है और प्रशासन की आंखों में धूल भी झोंका जा रहा है। जेसीबी और हाईवा से भारी मात्रा में अवैध रेत उत्खनन से हसदेव का सीना लहु लुहान किया जा रहा है। एक ओर शासन को रोजाना लाखों की क्षति पहुंचाई जा रही है, वहीं ग्राम पंचायत को भी एक रूपए की रायल्टी नहीं मिल पा रही है। दहशत के कारण पंचायत के लोग कलेक्टर तक नहीं पहुंच पा रहे हैं, क्या अधिकारी गर्ग बंधुओं का अवैध साम्राज्य ढहाएंगे?
अक्षय गर्ग के साथ अधिकारियों की गुप्तगू का राज
अवैध रेत डंम्पिंग यार्ड भले ही अभय गर्ग के नाम से होने का दावा किया जा रहा है लेकिन असली संचालक अक्षय गर्ग को ही बताया जा रहा है। अक्षय गर्ग आए दिन खनिज विभाग में डेरा जमाए रहते हैं और अधिकारियों के साथ गुप्तगू करते देखे जा सकते हैं।
बांगो का रेत स्टोर मेरे द्वारा संचालित है-अभय गर्ग
बांगो में अवैध रेत उत्खनन के संबंध में जानकारी लेने पर कटघोरा निवासी अभय गर्ग ने बताया कि बांगो में डंप की हुई रेत मेरी है और रेत स्टोर का संचालन मेरे द्वारा किया जा रहा है।
एक दिन म के ठो हाईवा जाथे, के सवाल पर चौकीदार ने कहा मोला नी पता

यहां तैनात चौकीदार अशोक मानिकपुरी ने बताया कि वह चैतमा का रहने वाला है और उसे आए सिर्फ 3-4 दिन हुए हैं। दिव्य आकाश प्रतिनिधि ने पूछा की दिन भर म के ठो हाईवा निकलथे, के जवाब में चौकीदार ने कहा कि मोला कुछ पता नी हे, गिनो निही।
सहायक खनिज अधिकारी ने कहा -जप्त होगी रेत
दिव्य आकाश में समाचार प्रकाशित होने के बाद प्रशासन हरकत में आया। सहायक खनिज अधिकारी उत्तम खुंटे ने कहा कि सोमवार या मंगलवार को खनिज विभाग की टीम मौके पर पहुंचेगी और स्टोर की गई रेत को जप्त करेगी।
नदी के खनन क्षेत्र का भी हो सकता है मेजरमेंट
अधिकारी ने संकेत दिया है कि नदी से निकाली गई रेत के क्षेत्र का भी मेजरमेंट हो सकता है। यदि अधिकारी ईमानदारी से कार्रवाई करें तो करोड़ों का जुर्माना और अवैध उत्खनन में लगे पोकलेन, अवैध परिवहन में लगे दर्जनों हाईवा भी जप्त हो सकते हैं। देखना है कि हसदेव नदी का सीना चीरकर करोड़ों की रेत उत्खनन करने वाले रेत तस्कर किंग के खिलाफ कार्रवाई कितनी सख्त होती है।
रेत तस्कर के घर के सामने रेत का पहाड़
रेत तस्कर अभय गर्ग द्वारा अपने घर के सामने लक्ष्मी महाराज के खाली प्लाट में हजारों ट्रिप हाईवा रेत का पहाड़ बना दिया है। बताया जा रहा है कि लक्ष्मी महाराज के प्लाट में जबरन रेत का स्टोर गर्ग बंधु द्वारा किया गया है और प्लाट खाली कराने के लिए लक्ष्मी महाराज काफी परेशान हैं। सहायक खनिज अधिकारी उत्तम खुंटे ने बताया कि घर के सामने डंप अवैध रेत पर भी कार्रवाई की जाएगी।
रेत तस्कर ने सडक़ का कर दिया सत्यानाश
ग्राम पंचायत बांगों से रोजाना भारी मात्रा में हाईवा के आवागमन से पोड़ी उपरोड़ा-बांगों मार्ग की सडक़ का सत्यानाश हो गया है। इस अवैध काम को रोकने के लिए अधिकारियों ने आंख मूंद ली है। सडक़ से डामर क्या गिट्टी भी गायब हो गई है। बरसात में इस मार्ग में आने जाने वाले लोगों को काफी परेशानी हो सकती है। पीएमजीएसवाई की सडक़ में भारी वाहन प्रतिबंधित है, लेकिन रेत तस्कर का हौसला इतना बुलंद है कि प्रशासन का उसे कोई खौफ नहीं। करोड़ों की सडक़ बर्बादी की कगार पर है। सडक़ में भी भारी वाहन से जाने वाली रेत गिर-गिर कर रेतीली हो गई है।

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कोरबा
एक हाथ में लाश,दूसरे में सिगरेट और गुनगुनाता रहा गाना:न्यूज एंकर मर्डर-केस में चश्मदीद ने खोले राज,वारदात के पांच साल बाद मिली थी लाश
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1 hour agoon
February 11, 2026By
Divya Akashकोरबा। गोद में शव…हाथ में सिगरेट…और होंठों पर वही गीत, जो कभी सलमा सुल्ताना का पसंदीदा था-“तुझसे नाराज नहीं जिंदगी, हैरान हूं मैं…”। कोरबा के विशेष सत्र न्यायालय में चल रही सुनवाई के दौरान चश्मदीद गवाह डिंपल सिंह (काल्पनिक नाम) ने जो बयान दिया, उसने अदालत कक्ष को सन्न कर दिया।
गवाह के मुताबिक, साल 2018 में सलमा सुल्तान की गला घोंटकर हत्या करने के बाद जिम ट्रेनर मधुर साहू ने शव को बाएं हाथ से गोद में लिया हुआ था। दाएं हाथ से वह सिगरेट के कश ले रहा था और वही गीत गा रहा था। यह वही गाना था, जिसे सलमा बेहद पसंद करती थी।
2018 में हुई सलमा सुल्तान की हत्या की सुनवाई कोरबा के विशेष सत्र न्यायालय में चल रही है। पुलिस ने घटनास्थल पर मौजूद चश्मदीद गवाह डिंपल को सोमवार को पेश किया। डिंपल ने बताया कि वह प्रोटीन वर्ल्ड जिम में कंप्यूटर ऑपरेटर के रूप में कार्यरत थी, जहां मधुर साहू ट्रेनर था।
गवाह ने कोर्ट में यह भी स्वीकार किया कि मधुर ने उसे भी अपने प्रेमजाल में फंसा लिया था। हालांकि, जब उसने कंप्यूटर में मधुर की अन्य लड़कियों के साथ आपत्तिजनक तस्वीरें देखीं, तो उसने उससे रिश्ता खत्म करने की कोशिश की। इस पर मधुर ने उसे आपत्तिजनक तस्वीरें वायरल करने की धमकी दी और अपनी इच्छा के अनुसार काम करवाता रहा।
बाद में डिंपल को पता चला कि मधुर साहू के सलमा सुल्ताना सहित कई दूसरी लड़कियों से भी संबंध थे। गवाह ने बताया कि सलमा सुल्ताना और मधुर शारदा विहार स्थित घर में लिव-इन रिलेशनशिप में रह रहे थे। सलमा को भी मधुर की इन गतिविधियों पर शक था, जिसके कारण दोनों के बीच अक्सर विवाद होता था।

क्या है पूरा मामला
25 साल की सलमा सुल्ताना कुसमुंडा के एसईसीएल कॉलोनी में रहती थी। वो धीरे-धीरे न्यूज के फील्ड में अपने पांव जमाने की कोशिश कर रही थी। उसका करियर तो परवान चढ़ ही रहा था, साथ ही जिम ट्रेनर मधुर साहू के साथ उसकी नजदीकियां भी। इसके बाद अचानक 2018 से वो लापता हो गई। यहां तक कि 20 जनवरी 2019 को जब उसके पिता की मौत हुई, तो उसमें भी वो शामिल नहीं हुई।

प्रेमी जिम ट्रेनर मधुर साहू और उसके दो सहयोगी गिरफ्तार किए गए हैं।
युवती लापता, परिजनों ने जिम ट्रेनर पर जताया संदेह
युवती की स्कूटी स्टेशन पर मिली थी, वहीं उसका मोबाइल स्विच ऑफ था। उससे संपर्क करने की हर कोशिश नाकाम हो गई। इसके बाद परिजनों को किसी अनहोनी की आशंका हुई और उन्होंने थाने में गुमशुदगी का मामला दर्ज कराया। परिजन ने पुलिस अधिकारियों से खोजबीन की गुहार लगाते हुए जिम संचालक मधुर साहू पर संदेह जताया था, लेकिन पूछताछ में मधुर साहू पुलिस को गुमराह कर देता था।

पुलिस ने कोहड़िया मार्ग पर फोरलेन के आसपास खुदाई शुरू की थी।
पार्टनर ने खोला हत्याकांड का राज
कई साल तक सलमा का किसी को पता नहीं चला तो मधुर साहू का एक राजदार भी ओवर कॉन्फिडेंस में आ गया था। उसने नशे में मधुर के पार्टनर के सामने सलमा हत्याकांड का राज खोल दिया था। मधुर और उसके पार्टनर का भी लेनदेन को लेकर विवाद चल रहा था।
लेनदेन को लेकर हुए विवाद के बाद पार्टनर ने मधुर को सबक सिखाने के लिए पुलिस के पास पहुंचकर हत्याकांड का राज खोल दिया। पुलिस के एक अधिकारी के मुताबिक तब एक बैंक से सलमा के नाम से लोन होने और अब तक उसकी किस्त जमा होने का पता चला।

खुदाई में सैटेलाइट इमेज, स्क्रीनिंग मशीन, थर्मल इमेजिंग और ग्राउंड पेनेट्रेशन रडार मशीन का भी सहारा लिया।
पुलिस ने जांच आगे बढ़ाई तो मधुर फरार हो गया। पुलिस ने उसके दोस्तों और परिचितों से बयान लिया। 5 साल पहले का सीडीआर एनालिसिस किया, जिसमें अक्टूबर 2018 में शारदा विहार के एक मकान में मधुर साहू और सहयोगी ट्रेनर कौशल श्रीवास ने सलमा का गला घोंटकर हत्या करने और लाश को अतुल शर्मा की मदद से कोहड़िया पुल के आसपास दफनाने का पता चला।
इसके बाद पुलिस ने कोहड़िया मार्ग पर फोरलेन के आसपास खुदाई शुरू की थी।

मुख्य आरोपी मधुर साहू ने बताया कि पैसों के लेनदेन और चरित्र शंका में एंकर की हत्या की गई।
साल 2023 में सैटेलाइट इमेज, स्क्रीनिंग मशीन, थर्मल इमेजिंग और ग्राउंड पेनेट्रेशन रडार मशीन का सहारा लिया। इसके बाद सड़क को खोदकर सलमा का कंकाल बरामद किया गया। डीएनए जांच से पुष्टि हुई कि यह कंकाल सलमा का ही था। इसके बाद पुलिस ने मधुर साहू और उसके साथियों को गिरफ्तार कर लिया।
आरोपी मधुर ने बताया कि पैसों के लेनदेन और चरित्र शंका में एंकर की हत्या की गई। आरोपी के पास से हार्ड डिस्क और लैपटॉप जब्त किया गया है। इसकी जांच में कुछ ऑडियो क्लिप के बारे में पता चला। जिस वाहन का इस्तेमाल लाश को दफनाने में किया गया था, उसे भी जब्त किया जा चुका है।

स्थानीय केबल चैनल में एंकर थी सलमा सुल्ताना। 2018 में हुई थी लापता।
सलमा ने यूनियन बैंक से लिया था लोन
मार्च 2023 में राज्य स्तरीय ऑपरेशन मुस्कान में गुम इंसान महिलाओं और बच्चों का पता लगाने के लिए अभियान चलाया जा रहा था। इसी कड़ी में थाना कुसमुंडा के गुम इंसान सलमा सुल्ताना की केस डायरी की भी बारीकी से जांच की गई। परिजनों का बयान लेने पर पता चला कि यूनियन बैंक से सुल्ताना ने लोन लिया था। इस संबंध में यूनियन बैंक से पुलिस ने जानकारी ली, तो पता चला कि लोन की EMI समय पर भरी जा रही है।
यह पैसा EMI के तौर पर गंगाश्री जिम का मालिक और इंस्ट्रक्टर मधुर साहू भर रहा था। पुलिस ने जांच तेज की, तो मधुर साहू फरार हो गया। इसके बाद सलमा के दोस्तों और परिचितों का बयान भी लिया गया। साथ ही उसके 5 साल पहले का सीडीआर एनालिसिस भी किया गया।

गंगाश्री जिम का मालिक और इंस्ट्रक्टर है मधुर साहू।
पूछताछ में 2 महिलाओं औ 3 पुरुषों के बयान में विरोधाभाष मिलने पर पुलिस ने इन्हें हिरासत में ले लिया। सबसे कड़ाई से पूछताछ करने पर हत्याकांड का राज खुल गया। 21 अक्टूबर 2018 एलजी 17 शारदा विहार में मधुर साहू और कौशल श्रीवास के द्वारा सलमा सुल्ताना की गला घोंटकर हत्या करने का पता चला।

कोरबा
आबकारी एक्ट में युवक गया जेल,कुछ घंटे बाद मां की मौत:पैरोल पर अंतिम संस्कार में शामिल हुआ बेटा
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1 hour agoon
February 11, 2026By
Divya Akashकोरबा। कोरबा में आबकारी एक्ट के तहत गिरफ्तार किए गए युवक अरुण उर्फ गोविंदा श्रीवास को जेल भेजे जाने के कुछ ही घंटों बाद उसकी मां सावित्री श्रीवास (45) की मौत हो गई। मां सावित्री श्रीवास सीतामणी वार्ड नंबर 10, शनि मंदिर के पास रहती थी और बताया जा रहा है कि वह पहले से बीमार थी। पुलिस ने मंगलवार शाम को गोविंदा को जेल भेजा था।
बुधवार सुबह घटना की जानकारी मिलने पर बस्ती के लोग और वार्ड पार्षद बड़ी संख्या में गोविंदा के घर पहुंचे। उन्होंने अरुण उर्फ गोविंदा श्रीवास को पैरोल पर रिहा करने और मां के अंतिम संस्कार में शामिल होने देने की मांग की। इस मांग को लेकर वार्डवासी एसपी कार्यालय पहुंचे और पुलिस अधीक्षक से गुहार लगाई।

आरोपी पैरोल पर हुआ रिहा, मां की अंतिम यात्रा में हुआ शामिल
पुलिस अधीक्षक से गुहार के बाद कोर्ट से अरुण उर्फ गोविंदा को पैरोल पर रिहा किया गया। वह अपनी मां की अंतिम यात्रा में शामिल हुआ और मोती सागर स्थित मुक्तिधाम पहुंचा। इस दौरान मौके पर बड़ी संख्या में पुलिस बल मौजूद था।
इस मामले पर वार्ड के पूर्व पार्षद सुफल दास महंत ने घटना को दुखद बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्य मार्ग पर खुलेआम शराब बेची जा रही है और गोविंदा के खिलाफ हुई कार्रवाई की जांच होनी चाहिए।

आरोपी के खिलाफ आबकारी एक्ट में हुई थी कार्रवाई
कोरबा सीएसपी प्रतीक चतुर्वेदी ने बताया कि गोविंदा के खिलाफ आबकारी एक्ट की धारा 34/2 के तहत कार्रवाई की गई थी और उसे जेल भेजा गया था। परिजनों की पैरोल की मांग पर उसे जेल से लाकर मां के अंतिम संस्कार में शामिल कराया गया।
सीएसपी ने यह भी बताया कि सीतामणी में कुछ दिनों पहले हुई चाकूबाजी की घटना के बाद पुलिस नशे की प्रवृत्ति को कम करने के लिए अभियान चला रही है। इसी क्रम में उस दिन तीन लोगों को आबकारी एक्ट के तहत जेल भेजा गया था।

कोरबा
कोरबा में सजेगा श्री हनुमान जी का दिव्य दरबार— धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के सान्निध्य में श्री हनुमंत कथा, आयोजक स्वयं बजरंग बली
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February 11, 2026By
Divya Akashप्रथम दिन की प्रथम आरती सफाई कर्मीयों द्वारा होगी
कोरबा। अंतरराष्ट्रीय कथा वाचक, हनुमान जी के अनन्य भक्त संत धीरेंद्र शास्त्री के सान्निध्य में कोरबा की पावन धरा पर आयोजित होने जा रही दिव्य श्री हनुमंत कथा को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। बुधवार को जश्न रिसॉर्ट में आयोजित महत्वपूर्ण बैठक में इस विराट आध्यात्मिक आयोजन की विस्तृत रूपरेखा प्रस्तुत की गई। बैठक में समाजसेवी राणा मुखर्जी ने भावुक स्वर में बताया कि इस ऐतिहासिक आयोजन के आयोजक स्वयं श्री बजरंग बली होंगे, जबकि समाज की सेवा में समर्पित कोरबा के सफाई कर्मी इस महायज्ञ में मुख्य यजमान की भूमिका निभाएंगे— जो सामाजिक समरसता और सेवा-भाव का अद्भुत संदेश देगा।

बैठक में यह जानकारी दी गई कि 28 मार्च से 1 अप्रैल तक दिव्य श्री हनुमंत कथा का आयोजन किया जाएगा। इसके पूर्व 27 मार्च को 21 हजार माताओं-बहनों के साथ भव्य कलश यात्रा निकालने का संकल्प लिया गया है, जिससे पूरे नगर में भक्ति, श्रद्धा और उत्साह का वातावरण बनेगा।

इस अवसर पर मंच से मार्गदर्शन करते हुए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के संभागीय सर संघचालक एवं विद्या भारती (मध्य क्षेत्र) के उपाध्यक्ष जुड़ावन सिंह ठाकुर ने कहा कि भगवान श्रीराम के भक्त हनुमान जी ने भक्ति, सेवा और समर्पण का जो आदर्श प्रस्तुत किया है, वही आज के समाज का मार्गदर्शन है। बजरंग बली के अनन्य भक्त धीरेंद्र शास्त्री अपनी वाणी से भारतवर्ष ही नहीं, बल्कि विश्व को सनातन संस्कृति और राष्ट्रभाव की प्रेरणा दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि “राम से बड़ा राम का नाम है और हम से बड़ा हमारा संगठन है। हम सब एक ही विचारधारा के यात्री हैं। श्री हनुमंत कथा का उद्देश्य समाज में समरसता, संगठन और राष्ट्रभाव को सुदृढ़ करना है।” उन्होंने इस पावन कार्य के लिए सभी को चुने जाने पर ईश्वर के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए आयोजन को भव्य बनाने का आह्वान किया।
समाजसेवी सुबोध सिंह ने कहा कि यह आयोजन केवल एक धार्मिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि जनसहभागिता का महायज्ञ है। कोई समय देगा, कोई आर्थिक सहयोग करेगा, कोई अपने अनुभव और श्रम से योगदान देगा— तभी यह आयोजन ऐतिहासिक बनेगा। बैठक में नगर निगम कोरबा के सभापति नूतन सिंह ठाकुर, ऋतु चौरसिया, सुबोध सिंह शिव कश्यप, विश्व हिंदू परिषद के नगर अध्यक्ष गौरव मोदी सहित अनेक गणमान्य जन उपस्थित रहे और अपने सुझाव दिए।


आयोजन की संगठनात्मक रूपरेखा भी घोषित की गई। संयोजक के रूप में अमरजीत सिंह, सचिव डॉ. पवन सिंह तथा कोर टीम में ऋषभ केशरवानी, तपिश, रवि गिडवानी, नवल गुप्ता, ऋषभ शुक्ला को जिम्मेदारी सौंपी गई। श्रद्धालुओं के लिए “भारत मां की रसोई” को सतत एवं निर्बाध रूप से संचालित रखने की जिम्मेदारी समाजसेवी प्रेम मदान ने ग्रहण की।
नगर निगम कोरबा के सभापति नूतन सिंह ठाकुर ने भावुक अपील करते हुए कहा कि कोरबा में श्री हनुमान जी का दिव्य दरबार सजने जा रहा है और वे प्रतिदिन अपनी उपस्थिति सुनिश्चित करेंगे। उन्होंने कहा कि आयोजन के लिए अनुमानित बजट लगभग 2 करोड़ 80 लाख रुपये है। यदि एक लाख धर्मपरायण श्रद्धालु मात्र 280 रुपये का सहयोग दें, तो यह महायज्ञ सहज रूप से सफल हो सकता है। उन्होंने स्वयं जन-जन तक पहुंचकर सहयोग जुटाने का संकल्प लिया।

इस महाआयोजन के प्रमुख समन्वयक अपना घर सेवा आश्रम के अध्यक्ष राणा मुखर्जी ने बताया कि पूरी समय-सारणी तय कर ली गई है और आयोजन को ऐतिहासिक स्वरूप देने के लिए सभी विभागों में जिम्मेदारियां सौंपी जा रही हैं। वरिष्ठ पत्रकार एवं कमला नेहरू महाविद्यालय समिति के अध्यक्ष किशोर शर्मा ने सुझाव दिया कि सहयोग के सभी मार्ग खुले रखे जाएं— बड़ी राशि देने वालों से लेकर सामान्य श्रद्धालु तक अपनी सामर्थ्य अनुसार सहयोग कर सकें। इसके लिए डिजिटल माध्यम (क्यूआर कोड) जैसी सुविधा भी उपलब्ध कराई जा सकती है।
पूर्व पार्षद एवं वरिष्ठ भाजपा नेत्री श्रीमती वैशाली रत्नपारखी ने महिलाओं से संबंधित व्यवस्थाओं की संपूर्ण जिम्मेदारी संभालने का दायित्व लेते हुए हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया।
बैठक के समापन पर यह संकल्प लिया गया कि दिव्य श्री हनुमंत कथा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि सेवा, समरसता और सनातन चेतना का विराट अभियान बनेगी— जिसमें कोरबा का हर श्रद्धालु सहभागी बनेगा और यह आयोजन आने वाले वर्षों तक याद रखा जाएगा।


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