नई दिल्ली ,एजेंसी। दिल्ली विधानसभा चुनाव का रिजल्ट लगभग साफ हो गया है। भाजपा 27 साल बाद सत्ता में वापसी कर रही है। फिलहाल 70 सीटों में से भाजपा 48 और AAP 22 सीटों पर आगे चल रही है। भाजपा प्रधानमंत्री मोदी के चेहरे पर चुनाव में उतरी थी।
2024 लोकसभा चुनाव में बतौर प्रधानमंत्री मोदी रिकॉर्ड तीसरी बार प्रधानमंत्री बने। उनके नेतृत्व में भाजपा ने इस साल 8 राज्यों- आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, सिक्किम, ओडिशा, जम्मू-कश्मीर, हरियाणा, महाराष्ट्र और झारखंड में चुनाव लड़ा।
इसमें 5 राज्यों- आंध्र, अरुणाचल, ओडिशा, हरियाणा और महाराष्ट्र में भाजपा गठबंधन की सरकार बनी। सिक्किम में विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा और SKM के बीच गठबंधन टूट गया, हालांकि, केंद्र में दोनों साथ हैं। वहीं जम्मू-कश्मीर में नेशनल कॉन्फ्रेंस और झारखंड में JMM के नेतृत्व में महागठबंधन की सरकार है।
2025 यानी इस साल अभी दिल्ली के चुनाव हुए हैं। यहां भाजपा की जीत के बाद 19 राज्यों में भाजपा गठबंधन की सरकार हो जाएगी। दिल्ली का रिजल्ट अभी आधिकारिक तौर पर घोषित नहीं हुआ है। इसका थोड़ा इंतजार है।
2018 में भाजपा गठबंधन ने इंदिरा के रिकॉर्ड की बराबरी की
देश के सबसे ज्यादा राज्यों में सरकार बनाने का रिकॉर्ड 2018 में BJP गठबंधन के पास था। मार्च 2018 में त्रिपुरा, मेघालय और नगालैंड में सरकार बनाकर NDA 21 राज्यों में पहुंच गई थी। इसी के साथ NDA ने इंदिरा के शासनकाल में कांग्रेस के रिकॉर्ड की बराबरी की। आजाद भारत में जब राज्यों के चुनाव हुए तो केंद्र के साथ-साथ 21 राज्यों में कांग्रेस पार्टी का शासन था।
हिमाचल-झारखंड में सरकार होती तो NDA पुराने रिकॉर्ड तक पहुंचती
भाजपा गठबंधन अगर हिमाचल प्रदेश और झारखंड में चुनाव जीत जाती तो रिकॉर्ड 21 राज्यों में उसकी सरकार होती। यह अपने आप में एक रिकॉर्ड होता। 2024 में झारखंड विधानसभा की 81 सीटों में JMM गठबंधन को 56 सीटें मिली थीं, जबकि भाजपा 21 सीटों पर सिमट गई। वहीं 2022 में हिमाचल प्रदेश में 68 सीटों पर हुए चुनाव में कांग्रेस ने 40 सीटें जीतकर सरकार बनाई थी।
अब राज्यवार जानिए कहां-कहां भाजपा सरकार….
उत्तर भारत (उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा, हिमाचल, UP, उत्तराखंड)
उत्तर भारत में उत्तर प्रदेश, हरियाणा, UP और उत्तराखंड में BJP की सरकार है। वहीं हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस और पंजाब में AAP सरकार है।
दिल्ली: फाइनल रिजल्ट नहीं आया है।
उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश में बीजेपी की सरकार है। योगी आदित्यनाथ मुख्यमंत्री हैं। वे 2017 में पहली बार और 2022 में दूसरी बार यूपी के सीएम बने थे। तब भाजपा ने 403 सीटों में से 222 पर जीत दर्ज की थी। यूपी में अगला विधानसभा चुनाव 2027 में होगा।
उत्तराखंड: उत्तराखंड में बीजेपी सरकार है। 2022 में हुए विधानसभा चुनावों में 70 सीटों में से भाजपा को 47 सीटों पर जीत मिली थी। पुष्कर सिंह धामी मौजूदा मुख्यमंत्री हैं। राज्य में अगला विधानसभा चुनाव 2027 में होगा।
हरियाणा: 2024 लोकसभा चुनाव के साथ हरियाणा में विधानसभा चुनाव हुए थे। 90 सीटों में से भाजपा ने 48 सीटों पर दर्ज की थी। हरियाणा में भाजपा की लगातार तीसरी बार सरकार है। 2024 में जीत से पहले भाजपा यहां 2014 और 2019 का चुनाव लगातार जीती। नायब सिंह सैनी हरियाणा के 19वें मुख्यमंत्री हैं।
पूर्वी भारत (बिहार, बंगाल, झारखंड, ओडिशा) बिहार में भाजपा गठबंधन की सरकार है, पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस, झारखंड में JMM की सरकार और ओडिशा में BJP की सरकार है। यहां कुल 722 विधायकों में से 152 BJP के हैं, यानी 21%।
बिहार: 243 सीटों वाले बिहार में NDA सरकार है। नीतीश कुमार मुख्यमंत्री हैं। वह लगातार 2015 से बिहार के मुख्यमंत्री हैं। हालांकि नीतीश पहले INDIA गठबंधन के साथ थे। बाद में वह एनडीए के साथ आ गए।
ओडिशा: 2024 में ओडिशा की 147 विधानसभा सीटों पर चुनाव हुए थे। भाजपा ने 78 सीटों पर जीत दर्ज की। ओडिशा के वर्तमान मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी हैं जिन्होंने 12 जून 2024 को मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी।
ओडिशा के वर्तमान मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी हैं जिन्होंने 12 जून 2024 को मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी।
पश्चिम भारत (महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान, गोवा) महाराष्ट्र में शिंदे की शिवसेना के साथ BJP सरकार है। गुजरात में BJP की पूर्ण बहुमत सरकार है और राजस्थान में भी भाजपा सरकार है। इन तीनों प्रदेशों के 710 विधायकों में से 429 BJP के हैं, यानी 60%।
राजस्थान: राजस्थान में 2023 में विधानसभा चुनाव हुए थे। भाजपा ने 200 सीटों में से 115 सीटों पर जीत दर्ज की थी। भजनलाल शर्मा राजस्थान के वर्तमान मुख्यमंत्री हैं। इन्होंने 15 दिसंबर 2023 को राजस्थान के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। आजादी के बाद से अबतक भारतीय जनता पार्टी के राजस्थान में छह बार मुख्यमंत्री रहे हैं।
गुजरात: गुजरात में पिछला विधानसभा चुनाव 2022 में हुआ था। 182 सीटों में से 156 पर भाजपा ने जीत दर्ज की थी। भूपेंद्र पटेल मौजूदा मुख्यमंत्री हैं। 1998 से गुजरात में लगातार बीजेपी की सरकार है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद यहां लगातार तीन बार मुख्यमंत्री रह चुके हैं।
महाराष्ट्र: महाराष्ट्र में NDA सरकार है। 2024 में 288 सीटों पर हुए विधानसभा चुनावों में भाजपा को 132 सीटों पर जीत मिली थी। एकनाथ शिंदे की अगुआई वाली शिवसेना को 57 सीटें मिलीं थीं। देवेंद्र फडणवीस मुख्यमंत्री हैं। शिंदे और अजित पवार को डिप्टी सीएम बनाया गया है।
गोवा: 40 विधानसभा सीटों वाले गोवा में प्रमोद सावंत NDA के मुख्यमंत्री हैं। 2022 में हुए विधानसभा चुनाव में भाजपा को 26 सीटों पर जीत मिली थी। भाजपा के पास यहां एक-एक लोकसभा और राज्यसभा की सीटें हैं। प्रमोद सांवत लगातार दूसरी बार गोवा के मुख्मंत्री बने हैं।
यह तस्वीर 2024 में महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव प्रचार की है। पीएम मोदी के साथ फडणवीस और एकनाथ शिंदे भी मौजूद हैं।
मध्य भारत (मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़) मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ दोनों में BJP सरकार है। यहां कुल 420 विधायक चुने जाते हैं, जिनमें 217 BJP के हैं, यानी 51%।
मध्य प्रदेश: मोहन यादव मध्य प्रदेश के वर्तमान मुख्यमंत्री हैं। उन्होंने 13 दिसंबर 2023 को मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। 2023 विधानसभा चुनाव में भाजपा को 230 में से 163 सीटों पर जीत मिली थी।
छत्तीसगढ़: छत्तीसगढ़ के मौजूदा मुख्यमंत्री विष्णु देव साय हैं। उन्होंने 13 दिसंबर 2023 को मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। पिछले विधानसभा चुनाव में भाजपा ने 90 विधानसभा सीटों में 54 सीटों पर जीत दर्ज की थी। कांग्रेस सिर्फ 35 सीट ही जीत पाई थी।
दक्षिण भारत (आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, कर्नाटक, केरल, तेलंगाना) दक्षिण भारत में सिर्फ आंध्र प्रदेश में भाजपा गठबंधन सरकार है। वहीं तमिलनाडु में स्टालिन सरकार है। कर्नाटक और तेलंगाना में कांग्रेस सरकार है। वहीं केरल में CPI(M) की सरकार है।
आंध्र प्रदेश: आंध्र प्रदेश में NDA की सरकार है। चंद्रबाबू नायडू आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री हैं। उन्होंने 12 जून 2024 को चौथी बार आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। पिछले विधानसभा चुनाव में 175 सीटों पर टीडीपी ने 135 में जीत दर्ज की थी।
चंद्रबाबू नायडू आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री हैं। उन्होंने 12 जून 2024 को चौथी बार आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी।
पूर्वोत्तर राज्यों में BJP+ सरकार असम, अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर और त्रिपुरा में भाजपा की सरकार है। वहीं मेघालय, सिक्किम (राज्य में अलग और केंद्र में गठबंधन) और नगालैंड में एनडीए गठबंधन की सरकारें हैं।
अब अगली परीक्षा बिहार विधानसभा चुनाव
बिहार विधानसभा का कार्यकाल नवंबर 2025 तक है। उससे पहले वहां चुनाव होंगे। विधानसभा की 243 सीटों में आरजेडी के 79, बीजेपी के 78, जेडीयू के 45, कांग्रेस के 19, माले के 12, हम पार्टी के 4, सीपीआई के 2, सीपीएम के दो, एआईएमआईएम के एक और दो निर्दलीय विधायक हैं।
फ्लोर टेस्ट के समय कई विधायक इधर से उधर हुए हैं, लेकिन अभी तक सिर्फ जदयू की बीमा भारती की ही सदस्यता गई है। वह पूर्णिया से राजद के टिकट पर लोकसभा चुनाव लड़ने गई थीं, लेकिन निर्दलीय पप्पू यादव से हार गई हैं। इस लिहाज से जदयू विधायकों की संख्या 44 हो गई है। कांग्रेस के 2 विधायक मुरारी गौतम और सिद्धार्थ सौरव भाजपा खेमे में चले गए। राजद के 5 में से 2 विधायक भाजपा में और 3 जदयू खेमे में गए हैं।
वाराणसी, एजेंसी। पीएम मोदी ने रविवार को वाराणसी के नमो घाट पर एयर शो देखा। शो में 100 विमानों ने हिस्सा लिया। इनमें राफेल और सुखोई जैसे 52 लड़ाकू विमान भी शामिल थे। पीएम मोदी के साथ रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और सीएम योगी ने भी एयर शो देखा।
एयरशो में राफेल विमान ने कम ऊंचाई पर कलाबाजियां दिखाईं। विमान ऊपर जाते-जाते अचानक नीचे मुड़ जाता तो कभी गोल चक्कर लगाने लगता। ऐसे ही सुखोई-30 MKI विमान ने कम ऊंचाई पर हवाई करतब दिखाए। चेतक हेलिकॉप्टर ने फूल बरसाए।
C-17 ग्लोबमास्टर और नौ सूर्यकिरण हौक विमान एक साथ उड़ान भरते हुए मंच के ऊपर से गुजरे। सूर्यकिरण टीम के विमानों ने आसमान में शानदार कलाबाजियां दिखाईं।
राफेल, सुखोई, जगुआर, मिराज-2000, तेजस और मिग-29 ने तीर की नोक के आकार में उड़ान भरी। यह ऑपरेशन सिंदूर जैसा नजारा रहा। करीब 15 लाख लोगों ने वायुसेना की ताकत देखी। एयर शो भारतीय वायुसेना के 94वें स्थापना दिवस पर आयोजित किया गया। इसे ‘विंग्स ओवर गंगा’ नाम दिया गया था।
पीएम मोदी ने इससे पहले रूपापुर में 100 करोड़ रुपए की अरविंद टेक्सटाइल मिल का उद्घाटन किया। फिर पुलिस लाइन से 7 किमी. लंबा रोड शो कर नमो घाट पहुंचे।
C-17 ग्लोबमास्टर और नौ सूर्यकिरण हौक विमानों ने एक साथ उड़ान भरते हुए दशाश्व फॉर्मेशन बनाई।
चिनूक विमान ने अलकनंदा फार्मेशन बनाया। गंगा नदी के पास पहुंचकर नमन किया।
वायुसेना के विमानों ने आकाश में तिरंगा बनाते हुए कलाबाजियां दिखाईं।
सूर्यकिरण टीम के विमानों ने शानदार करतब दिखाए। आसमान को तिरंगे के रंग में रंग दिया।
एक C-295 और दो डोर्नियर विमान विजय के प्रतीक के आकार में मंच के सामने से गुजरकर भैरव फॉर्मेशन बनाया।
100 करोड़ की टेक्सटाइल यूनिट का उद्घाटन किया
PM मोदी सुबह 10 बजे वाराणसी एयरपोर्ट पहुंचे। राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और सीएम योगी ने उनका स्वागत किया। इसके बाद मोदी ने मिर्जामुराद स्थित खोचवां गांव के पास अरविंद लिमिटेड की नई कपड़ा निर्माण इकाई का उद्घाटन किया।
करीब 100 करोड़ रुपए की लागत से बनी इस यूनिट में लगभग 1000 महिलाओं को रोजगार मिलने की उम्मीद है। यहां स्पोर्ट्स वियर और अंडरगारमेंट का उत्पादन होगा। यूनिट में 300 मशीनें लगाई गई हैं और करीब 300 महिलाओं को प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
अरविंद समूह की शुरुआत वर्ष 1931 में गुजरात के अहमदाबाद में हुई थी। यह समूह डेनिम (जींस बनाने में इस्तेमाल होने वाला कपड़ा), सूती और लिनेन के कपड़े, सूट फैब्रिक, स्पोर्ट्सवियर और औद्योगिक उपयोग के विशेष कपड़ों को बनाने और कारोबार के लिए जाना जाता है।
PM मोदी ने अरविंद लिमिटेड की नई कपड़ा निर्माण इकाई का उद्घाटन किया।
पुलिस लाइन से नमोघाट तक 7 किमी रोड शो किया
टेक्सटाइल यूनिट के उद्घाटन के बाद मोदी ने दोपहर करीब 12 बजे पुलिस लाइन से नमो घाट तक करीब 7 किलोमीटर का रोड शो किया। कार्यकर्ता और स्थानीय लोगों ने गुलाब की पंखुड़ियां बरसाईं। मोदी ने कार से बाहर निकलकर लोगों का अभिवादन स्वीकार किया।
पीएम मोदी ने वाराणसी में 7 किमी. लंबा रोड शो किया।
नई दिल्ली, एजेंसी। चुनाव आयोग ने स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के दौरान वोटर लिस्ट में गड़बड़ियां पहचानने के लिए इस्तेमाल किए गए सॉफ्टवेयर की जानकारी देने से इनकार कर दिया है।
हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, आयोग ने RTI के जवाब में कहा- यह जानकारी ट्रेड सीक्रेट और इंटलेक्चुअल प्रॉपर्टी से जुड़ी है। इसे RTI कानून के तहत सार्वजनिक नहीं किया जा सकता।
आयोग ने यह भी साफ नहीं किया कि वोटर लिस्ट में गड़बड़ियां पहचानने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) या मशीन लर्निंग का इस्तेमाल किया गया था या नहीं।
5 सवालों पर चुनाव आयोग के जवाब
1. सॉफ्टवेयर का नाम और वर्जन: आयोग ने नाम और वर्जन बताने से इनकार किया। RTI कानून की धारा 8(1)(d) के तहत ट्रेड सीक्रेट का हवाला दिया। साथ ही कहा कि SIR के लिए नया सॉफ्टवेयर न बनाया गया, न खरीदा गया।
2. क्या सॉफ्टवेयर खुद गड़बड़ियां पहचानता है: आयोग ने स्पष्ट जवाब नहीं दिया। उसने इसे स्पष्टीकरण मांगने वाला सवाल बताते हुए RTI कानून की धारा 2(f) का हवाला दिया।
3. AI या मशीन लर्निंग का इस्तेमाल पर: आयोग ने स्पष्ट नहीं किया कि वोटर लिस्ट की जांच में AI, मशीन लर्निंग या प्रेडिक्टिव एनालिटिक्स का इस्तेमाल हुआ या नहीं।
4. सॉफ्टवेयर से खुद नाम हटाने के सवाल पर: आयोग ने कहा कि वोटर लिस्ट में नाम जोड़ने या हटाने का फैसला संबंधित क्षेत्र का ERO तथ्यों और रिकॉर्ड के आधार पर करता है। आयोग ने सॉफ्टवेयर की भूमिका के बारे में अलग से जानकारी नहीं दी।
5. चिह्नित रिकॉर्ड की समीक्षा और मंजूरी के सवाल पर: चुनाव आयोग ने RTI कानून की धारा 8(1)(g) का हवाला दिया। साथ ही बताया कि जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 13B(1) और 13B(2) के तहत संबंधित विधानसभा क्षेत्र के निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ERO) की वोटर लिस्ट तैयार करने और उसमें संशोधन की जिम्मेदारी होती है।
कांग्रेस का आरोप- सॉफ्टवेयर की जानकारी छिपा रहा आयोग
वहीं, कांग्रेस ने चुनाव आयोग पर ECINET सॉफ्टवेयर से जुड़ी जानकारी छिपाने का आरोप लगाया। जयराम रमेश ने सवाल उठाया कि इस सॉफ्टवेयर को टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) ने विकसित किया, इसकी जानकारी आयोग ने खुद सार्वजनिक क्यों नहीं की। उन्होंने SIR और मतदाता सूची में संशोधन के दौरान आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के इस्तेमाल और उससे जुड़े सुरक्षा उपायों पर भी सवाल उठाए।
रमेश ने दावा किया कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने ECINET सॉफ्टवेयर और चुनाव आयोग के IT डिवीजन को लेकर कई आपत्तियां दर्ज कराई थीं। उनके मुताबिक, ये शिकायतें प्रधानमंत्री के अधीन आने वाले कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT) तक भी पहुंची थीं।
दो चुनाव आयुक्तों ने अफसर के कामकाज पर सवाल उठाए
दो दिन पहले RTI एक्टिविस्ट लोकेश के. बत्रा को RTI के तहत मिले जवाब से पता चला कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने 29 जुलाई को कैबिनेट सचिव टी.वी. सोमनाथन को अलग-अलग पत्र लिखे थे। इनमें उन्होंने डिप्टी इलेक्शन कमीश्नर मनीष गर्ग के कामकाज पर सवाल उठाए थे।
दोनों आयुक्तों ने अधिकारियों के बीच काम बांटने के एक आदेश पर आपत्ति जताई थी। उनका कहना था कि यह आदेश चुनाव आयोग की मंजूरी के बिना जारी किया गया। RTI से मिले दस्तावेजों के मुताबिक, कैबिनेट सचिवालय ने कहा कि ये पत्र पूरे चुनाव आयोग की ओर से भेजी गई आधिकारिक शिकायतें नहीं थीं। इसलिए उसने खुद कार्रवाई करने के बजाय शिकायतें मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के कार्यालय और कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT) को भेज दीं।
कोच्चि, एजेंसी। केरलम के कोच्चि में शनिवार देर रात मर्सिडीज कार ने स्कूटर को पीछे से टक्कर मार दी। हादसे में 55 साल के स्कूटर सवार की मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस के मुताबिक, कार चलाने वाला एडिशनल सेशन जज का बेटा है। उसकी उम्र 17 साल है।
कार जज के नाम पर रजिस्टर्ड थी। हादसा रात 2 से 3 बजे के बीच हुआ। घटनास्थल के एक वीडियो में कार का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त दिखाई दिया।
पीड़ित परिवार ने आरोप लगाया कि पुलिस स्टेशन में जब उन्होंने नाबालिग को कार चलाने देने पर सवाल उठाया, तो जज ने उनसे अपमानजनक लहजे में बात की।
जज के बेटे की कार का आगे का हिस्सा पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया।
कार एडिशनल सेशन जज के नाम पर रजिस्टर्ड है।
30 साल से चला रहे थे खाने का स्टॉल, घर लौटते समय हादसा
हादसे में जान गंवाने शख्स की पहचान जयबालकृष्णन के रूप में हुई है। वह करीब 30 साल से अपनी पत्नी मंजू के साथ सड़क किनारे खाने का स्टॉल चला रहे थे।
रिपोर्ट के मुताबिक, जयबालकृष्णन ने शनिवार रात चित्तूर मंदिर के पास अपना स्टॉल बंद किया था। वह रोज शाम करीब 4 बजे दुकान खोलते थे और वहां मुख्य रूप से डोसा सहित शाकाहारी खाना बेचते थे।
जयबालकृष्णन और उनकी पत्नी रोज स्कूटी से करीब 20 किलोमीटर का सफर तय करके दुकान पहुंचते थे। उनकी पत्नी वैरिकोज वेन्स के इलाज के कारण एक सप्ताह की छुट्टी पर थीं। हादसे के समय जयबालकृष्णन अकेले घर लौट रहे थे।
जयबालकृष्णन अपनी पत्नी के साथ (फाइल फोटो)
आरोपी जज की परमीशन के बिना कार लेकर निकला
पुलिस के मुताबिक, आरोपी अलुवा में रहता है और अपने माता-पिता की जानकारी के बिना मर्सिडीज-बेंज लेकर निकला था। कार वल्लारपदम से कलामस्सेरी की ओर जा रही थी, तभी उसने जयबालकृष्णन की स्कूटी को टक्कर मार दी।
चेरानेल्लूर पुलिस ने किशोर को घटनास्थल से हिरासत में लिया और कार जब्त कर ली। मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 281 और 106(1) के तहत केस दर्ज किया गया है। ये धाराएं सार्वजनिक रास्ते पर लापरवाही से वाहन चलाने और लापरवाही से मौत होने से संबंधित हैं।
पुलिस ने शुरुआती जांच के आधार पर बताया कि हादसे के समय नाबालिग चालक नशे में नहीं था। हालांकि, आगे की जांच के लिए उसके ब्लड सैंपल लिए गए हैं।