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छत्तीसगढ़

जज की पिटाई, ग्रामीणों ने इंजीनियर पर लात-घूंसे बरसाए:छत्तीसगढ़ में मारपीट की 3 घटनाएं, शराब पीने से रोकने पर भिड़े 2 पक्ष

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बिलासपुर/सांरगढ़-बिलाईगढ़, एजेंसी। छत्तीसगढ़ में मारपीट की तीन अलग-अलग घटनाएं सामने आई हैं। बिलासपुर में बिजली ऑपरेटर की मौत के बाद ग्रामीणों ने बिजली विभाग के डिवीजनल इंजीनियर (DE) को घेरकर पीट दिया। वहीं, जन्मदिन पर शोर-शराबे का विरोध करने पर जज और प्रॉपर्टी डीलर के बीच विवाद हो गया। आरोप है कि प्रॉपर्टी डीलर और उसके साथियों ने जज और उनके परिवार से मारपीट की। इधर, सारंगढ़-बिलाईगढ़ में सरपंच के शराब पीने से रोकने पर दो पक्षों के बीच मारपीट हो गई, जिसमें करीब 9 लोग घायल हुए हैं।

तीनों मामलों में पुलिस ने कार्रवाई की है। बिलासपुर में बिजली विभाग के DE की शिकायत पर देर रात FIR दर्ज की गई। वहीं, जज और प्रॉपर्टी डीलर के मामले में दोनों पक्षों की ओर से काउंटर FIR दर्ज कराई गई है। सारंगढ़-बिलाईगढ़ के कुशभाठा में भी दोनों पक्षों की शिकायत पर अलग-अलग FIR दर्ज की गई हैं।

लोगों ने बिजली विभाग के डिवीजनल इंजीनियर (डीई) मिलिंद पांडेय को घेरकर जमकर पीट दिया।

लोगों ने बिजली विभाग के डिवीजनल इंजीनियर (डीई) मिलिंद पांडेय को घेरकर जमकर पीट दिया।

दो आरक्षकों ने किसी तरह डीई को भीड़ से बाहर निकाला।

दो आरक्षकों ने किसी तरह डीई को भीड़ से बाहर निकाला।

चप्पल से इंजीनियर को पीटता युवक।

चप्पल से इंजीनियर को पीटता युवक।

केस 1 – ग्रामीणों ने डिवीजनल इंजीनियर को पीटा

बिलासपुर में बिजली ऑपरेटर की मौत के बाद ग्रामीणों ने जमकर हंगामा किया। मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने की मांग कर रहे लोगों ने बिजली विभाग के डिवीजनल इंजीनियर (डीई) मिलिंद पांडेय को घेरकर जमकर पीट दिया। भीड़ ने उन पर लात-घूंसे बरसाए और चप्पलों से भी हमला किया।

इस दौरान मौके पर मौजूद दो आरक्षकों ने किसी तरह डीई को भीड़ से बाहर निकाला। मारपीट में उनके कपड़े फट गए और शरीर पर चोटें आईं है। मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। वहीं, देर रात डीई की शिकायत पर एफआईआर दर्ज की गई। घटना हिर्री थाना क्षेत्र के ग्राम कुरेली की है।

करंट लगने से ऑपरेटर की मौत, शव उठाने नहीं दिया

जानकारी के मुताबिक, 31 अक्टूबर सुबह कुरेली सब स्टेशन में तैनात ढनढन निवासी अमन साहू (35) की करंट लगने से मौत हो गई। घटना की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन ग्रामीणों ने शव उठाने नहीं दिया। वे मृतक के परिवार को मुआवजा और नौकरी देने की मांग कर रहे थे। ग्रामीणों ने ठेकेदार और बिजली विभाग के अधिकारियों को भी मौके पर बुलाने की मांग की।

इसके बाद डीएसपी राजेश जोशी, डीई मिलिंद पांडेय और विभाग के अन्य अधिकारी गांव पहुंचे। ग्रामीणों ने अधिकारियों से मांगों पर लिखित आश्वासन देने को कहा। दोपहर करीब 3:15 बजे डीई कुछ ग्रामीणों से बातचीत करने थोड़ी दूर गए। इसी दौरान भीड़ ने उन्हें घेर लिया और मारपीट शुरू कर दी।

पिटाई से डीई के कपड़े तक फट गए। भीड़ से बाहर निकालकर ले जाती पुलिस।

पिटाई से डीई के कपड़े तक फट गए। भीड़ से बाहर निकालकर ले जाती पुलिस।

बिना चप्पल पहने सब स्टेशन में काम कर रहा था ऑपरेटर

कोटवार ने पुलिस को बताया कि, ऑपरेटर अमन सब स्टेशन में बिना चप्पल पहने काम कर रहा था। इसी दौरान वह करंट की चपेट में आ गया। कुछ लोगों के मुताबिक, अमन सब स्टेशन में ही रहता था। नहाने के बाद फीडर ट्रिप होने पर वह उसे चालू करने गया था। हालांकि, उसकी मौत किन परिस्थितियों में हुई, इसकी पुलिस जांच कर रही है।

जज के घर के बाहर पटाखे फोड़ने का CCTV सामने आया है।

जज के घर के बाहर पटाखे फोड़ने का CCTV सामने आया है।

केस 2: प्रॉपर्टी डीलर और जज के बीच विवाद

जानकारी के मुताबिक, न्यायाधीश प्रफुल्ल कुमार सोनवानी महासमुंद के कुटुंब न्यायालय में पदस्थ हैं। 31 अक्टूबर की रात में घर में परिवार के सभी सदस्य घर में सो रहे थे। इसी दौरान अचानक तेज आवाज में नगाड़े बजने और पटाखे फोड़ने का सिलसिला शुरू हो गया।

जज की पिटाई का आरोप

थाने में दर्ज शिकायत के मुताबिक, शोर की वजह जानने और उसे बंद कराने के लिए न्यायाधीश घर से नीचे पहुंचे। तभी प्रॉपर्टी डीलर अभय बरुआ और उसके साथी विवाद करने लगे और उनके साथ छीना-झपटी शुरू कर दी। आरोप है कि जज और उनके परिवार वालों को पीटा गया।

दोनों पक्षों की ओर से काउंटर FIR

घटना सरकंडा थाना क्षेत्र के राजकिशोर नगर की है। मामले में दोनों पक्षों की ओर से काउंटर FIR दर्ज कराई गई है। न्यायाधीश प्रफुल्ल कुमार सोनवानी की शिकायत पर प्रॉपर्टी डीलर अभय बरुआ के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। वहीं, मगरपारा निवासी विनय वैद्य की शिकायत पर न्यायाधीश समेत 3 लोगों के खिलाफ केस दर्ज हुआ है।

मारपीट की यह तस्वीर सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले की है।

मारपीट की यह तस्वीर सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले की है।

केस 3: शराब पीने से रोकने पर 2 पक्षों में मारपीट

सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के सलिहा थाना क्षेत्र के ग्राम कुशभाठा में शराब पीने से रोकने की बात को लेकर शुरू हुआ विवाद दो पक्षों के बीच मारपीट तक पहुंच गया। मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा। घटना में दोनों पक्षों के करीब 9 लोगों को चोटें आई है।

मामले में सलिहा पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायतों पर अलग-अलग FIR दर्ज की हैं। दोनों एफआईआर में कुल 16 लोगों को आरोपी बनाया गया है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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छत्तीसगढ़

वोट बचाओ रैली में शामिल हुए भूपेश-सिंहदेव और महंत-बैज:35 विधायक और पूर्व विधायक भी पहुंचे रामलीला मैदान, SIR और चुनाव आयोग के खिलाफ प्रदर्शन

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रायपुर, एजेंसी। दिल्ली के रामलीला मैदान में रविवार को हुई INDIA गठबंधन की ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ रैली में छत्तीसगढ़ कांग्रेस के बड़े नेता शामिल हुए। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज, नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत और पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव ने भी प्रदर्शन में हिस्सा लिया। इनके साथ ही कांग्रेस विधायक, पूर्व विधायक, जिला कांग्रेस कमेटियों के अध्यक्ष और वरिष्ठ नेता भी दिल्ली पहुंचे।

रैली में शामिल होने के लिए छत्तीसगढ़ से 25 बसों में कांग्रेस कार्यकर्ता दिल्ली पहुंचे। इसके अलावा कई नेता और कार्यकर्ता ट्रेन और फ्लाइट से भी गए। रायपुर के अलावा कोरबा, जांजगीर-चांपा, सक्ती, बालोद और राजनांदगांव से भी कार्यकर्ता इस प्रदर्शन में शामिल हुए।

राहुल गांधी के साथ विपक्ष के बड़े नेता भी शामिल

रैली में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा के साथ समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, तेजस्वी यादव, फारूक अब्दुल्ला, महबूबा मुफ्ती, अभिषेक बनर्जी और सुप्रिया सुले समेत INDIA गठबंधन के कई बड़े नेता शामिल हुए।

रैली से पहले विपक्षी नेताओं ने मिंटो रोड से रामलीला मैदान तक मार्च निकाला। राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और अखिलेश यादव समेत कई नेता खुले वाहन में सवार होकर पहुंचे। रास्ते में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और समर्थक भी मार्च में शामिल हुए।

SIR और चुनाव आयोग के खिलाफ प्रदर्शन

रैली में विपक्षी दलों ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) का विरोध किया। प्रदर्शनकारियों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग उठाई।

कांग्रेस की प्रमुख मांगों में मुख्य चुनाव आयुक्त को पद से हटाना, SIR के तहत हटाए गए मतदाताओं के नामों की प्रक्रिया रद्द करना और चुनाव में बैलेट पेपर से मतदान कराना शामिल है।

छत्तीसगढ़ से 25 बसों में पहुंचे कार्यकर्ता

बता दें कि, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने 30 अक्टूबर को रायपुर के बीटीआई मैदान से कार्यकर्ताओं की बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था। प्रदेशभर से कुल 25 बसें दिल्ली भेजी गई थीं। कांग्रेस के मुताबिक, बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं से लेकर वरिष्ठ नेताओं तक ने इस प्रदर्शन में भाग लिया।

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महादेव सट्टे का प्रमोटर सौरभ चंद्राकर गिरफ्तार:ओमान में पकड़ा गया, CBI की टीम लेकर पहुंची भारत, कल रायपुर कोर्ट में पेशी

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रायपुर, एजेंसी। महादेव ऑनलाइन सट्टा ऐप मामले के मुख्य आरोपी और प्रमोटर सौरभ चंद्राकर को CBI ने गिरफ्तार कर लिया है। CBI ने अन्य केंद्रीय एजेंसियों के साथ मिलकर उसे ओमान में पकड़ा और भारत लाया गया है। अब उसे रायपुर की स्पेशल CBI कोर्ट में पेश किया जाएगा।

महादेव सट्टा ऐप से जुड़े मामलों की जांच CBI कर रही है। छत्तीसगढ़ सरकार ने इस मामले से जुड़ी 13 FIR जांच के लिए CBI को सौंपी थीं। इसके अलावा ED के मामले में भी उसके खिलाफ अभियोजन शिकायत (प्रॉसिक्यूशन कंप्लेंट) दाखिल की गई है।

CBI ने अन्य केंद्रीय एजेंसियों के साथ मिलकर सौरभ चंद्राकर को ओमान में पकड़ा।

CBI ने अन्य केंद्रीय एजेंसियों के साथ मिलकर सौरभ चंद्राकर को ओमान में पकड़ा।

रेड कॉर्नर नोटिस में ओमान में पकड़ाया

CBI के मुताबिक, सौरभ चंद्राकर के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया गया था। इसके आधार पर ओमान की रॉयल पुलिस ने उसे पकड़ लिया था। इसके बाद CBI और ED ने भारत सरकार के माध्यम से ओमान को उसके प्रत्यर्पण के लिए औपचारिक प्रस्ताव भेजा। इसमें आरोपी के खिलाफ जुटाए गए सबूत भी दिए गए थे।

भारत सरकार की एजेंसियों, इंटरपोल और ओमान के अधिकारियों के बीच बातचीत के बाद उसके प्रत्यर्पण को मंजूरी मिली। इसके बाद CBI की टीम मस्कट पहुंची और उसे लेकर भारत आई।

CBI की टीम मस्कट से सौरभ चंद्राकर को लेकर भारत आई।

CBI की टीम मस्कट से सौरभ चंद्राकर को लेकर भारत आई।

देशभर में फैला था सट्टेबाजी का नेटवर्क

CBI की जांच में सामने आया कि महादेव ऑनलाइन बुक देश के बड़े अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी नेटवर्क में शामिल था। इसका संचालन भारत के बाहर से किया जा रहा था। इस प्लेटफॉर्म के जरिए क्रिकेट, फुटबॉल, ताश और दूसरे खेलों पर ऑनलाइन सट्टा लगाया जाता था।

इसके लिए देशभर में फ्रेंचाइजी की तरह पैनल और ब्रांच बनाई गई थीं। इनके जरिए लोगों को सट्टेबाजी से जोड़ा जाता था और उनसे पैसे जमा कराए जाते थे।

सौरभ चंद्राकर को कल रायपुर की स्पेशल CBI कोर्ट में पेश किया जाएगा।

सौरभ चंद्राकर को कल रायपुर की स्पेशल CBI कोर्ट में पेश किया जाएगा।

हवाला से विदेश भेजे जाते थे पैसे

जांच एजेंसी के मुताबिक, सट्टेबाजी से मिलने वाली रकम कई बैंक खातों में जमा कराई जाती थी। इन खातों के जरिए अलग-अलग लेनदेन कर पैसे को छिपाया जाता था और हवाला के माध्यम से विदेश भेजा जाता था।

CBI की जांच में यह भी सामने आया कि नेटवर्क को बिना रुकावट चलाने के लिए सरकारी कर्मचारियों को रिश्वत दी जाती थी।

CBI ने इस मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, IPC की आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी और जालसाजी से जुड़ी धाराओं के साथ छत्तीसगढ़ जुआ (प्रतिषेध) अधिनियम के तहत चार्जशीट दाखिल की है। वहीं ED भारत और विदेश में कई संपत्तियां अटैच कर चुकी है।

मेडिकल जांच के बाद रायपुर लाया जाएगा

CBI के मुताबिक, भारत पहुंचने के बाद सौरभ चंद्राकर का मेडिकल परीक्षण कराया जाएगा। इसके बाद ट्रांजिट रिमांड लेकर उसे रायपुर ले जाया जाएगा। 2 नवंबर को उसे रायपुर की विशेष CBI अदालत में पेश किया जाएगा।

देशभर में फैला ऑनलाइन बेटिंग का नेटवर्क

सीबीआई ने बताया कि महादेव ऐप देश में पकड़े गए सबसे बड़े गैर-कानूनी बेटिंग सिंडिकेट में से एक है, जिसे भारत के बाहर से चलाया जाता है। सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल ने इसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए लाखों यूजर्स तक पहुंचने वाला एक देशव्यापी नेटवर्क बनाया।

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रायपुर में करोड़ों का प्रतिबंधित गुटखा जब्त:टैक्स चोरी की आशंका, कारोबार से जुड़े लोगों की तलाश, पुलिस ने GST विभाग को दी सूचना

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रायपुर, एजेंसी। रायपुर में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए करोड़ों रुपए कीमत का प्रतिबंधित गुटखा जब्त किया है। पुलिस ने मुखबिर से मिले इनपुट के बाद संबंधित ठिकानों पर छापा मारा। मौके से बड़ी मात्रा में गुटखा बरामद किया गया है।

GST विभाग को दी सूचना

गुटखा मिलने के बाद पुलिस ने इसकी सूचना राज्य और केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर (GST) विभाग को दी है। पुलिस अब पता लगा रही है कि इस कारोबार के पीछे कौन लोग हैं और गुटखे की सप्लाई कहां-कहां की जा रही थी।

वहीं, गुटखे के भंडारण और परिवहन में टैक्स चोरी हुई है या नहीं, इसकी भी जांच की जाएगी। फिलहाल विभाग की टीम मामले की जांच कर रही है। यह कार्रवाई खमतराई थाना क्षेत्र में की गई।

सितंबर में भी DGGI ने की थी छापेमारी

इससे पहले 26 सितंबर 2026 में डायरेक्टरेट जनरल ऑफ जीएसटी इंटेलिजेंस (DGGI) की टीम ने रायपुर के शदाणी दरबार मार्केट स्थित एक गोदाम में छापा मारा था। महाराष्ट्र से मिले इनपुट के बाद तीन गाड़ियों में अधिकारी कारोबारी के ठिकाने पर पहुंचे थे।

टीम को गोदाम में 50 से ज्यादा बोरे सितार गुटखा मिले थे। अधिकारियों ने गुटखे के स्टॉक और दस्तावेजों की जांच की थी। गोदाम मालिक समेत कुछ लोगों को बुलाकर पूछताछ भी की गई थी। पूरी कार्रवाई की वीडियो रिकॉर्डिंग भी कराई गई थी।

गुटखा कारोबारी बंटी से जुड़े थे तार

DGGI सूत्रों के मुताबिक, सितंबर में जिस गोदाम में छापेमारी हुई थी, वह गुटखा कारोबारी बंटी का बताया गया था। उसके दुर्ग में भी एक पार्टनर होने की जानकारी सामने आई थी।

बताया गया था कि महाराष्ट्र के कल्याण के पास फैक्ट्री से गुटखा बनवाकर छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, मुंबई और उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों में सप्लाई किया जा रहा है।

दुर्ग में भी पकड़ी गई थी गुटखा बनाने की फैक्ट्री

रायपुर की कार्रवाई से पहले दुर्ग जिले के कुम्हारी में सेंट्रल GST इंटेलिजेंस की टीम ने एक फैक्ट्री में छापा मारा था। स्टेशन चौक इलाके में स्थित इस फैक्ट्री में सितार कंपनी का गुटखा बनाया जा रहा था।

कार्रवाई के दौरान टीम ने गुटखा बनाने वाली दो मशीनें और करीब 30 बोरे गुटखा जब्त किए थे।

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