कटघोरा-अंबिकापुर एनएच घाट क्षेत्रों में क्रैश बैरियर और पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करने कलेक्टर ने दिए निर्देश
राष्ट्रीय राजमार्ग के संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा इंतजामों को दें सर्वाेच्च प्राथमिकता- कलेक्टर दुदावत
एसपी तिवारी ने ओवरस्पीड, नशे में वाहन चलाने और यातायात नियमों के उल्लंघन पर कड़ी कार्रवाई हेतु किया निर्देशित कोरबा 06 अक्टूबर 2026। कलेक्टर कुणाल दुदावत एवं पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी की अध्यक्षता में जिला स्तरीय सड़क सुरक्षा समिति की बैठक आयोजित हुई। बैठक में जिले में सड़क दुर्घटनाओं की स्थिति, दुर्घटना संभावित क्षेत्रों तथा सड़क सुरक्षा से जुड़े कार्यों की प्रगति पर विस्तार से चर्चा करते हुए सुरक्षित एवं सुगम यातायात व्यवस्था के लिए आवश्यक उपायों को क्रियान्वित करने निर्देशित किया गया। कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक ने राष्ट्रीय राजमार्ग एवं अन्य सड़को पर हुए सड़क हादसों के कारणों एवं संभावित परिस्थितियों की समीक्षा करते हुए संबंधित विभागों को सुरक्षा से जुड़े कार्यों में तत्परता के साथ कार्रवाई करने कहा।
सभाकक्ष में आयोजित बैठक में कलेक्टर दुदावत ने कटघोरा-अंबिकापुर राष्ट्रीय राजमार्ग के चिन्हांकित ब्लैक स्पॉट, तीव्र मोड़ों, घाट क्षेत्रों एवं अन्य दुर्घटना संभावित स्थलों पर सुरक्षा उपायों को प्राथमिकता से पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने एनएचएआई को घाट क्षेत्रों में पूरे हिस्से में क्रैश बैरियर लगाने तथा पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कार्रवाई शीघ्र पूरी करने निर्देशित किया। उन्होंने एनएच के चिन्हांकित स्थानों पर रंबल स्ट्रिप, रोड शोल्डर, क्रैश बैरियर एवं स्पीडोमीटर स्थापित करने की प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए भी कहा। उन्होंने सड़क की संरचनात्मक सुरक्षा को मजबूत करने हेतु आवश्यक स्थानों पर रोड मार्किंग, कर्व वाले क्षेत्रों में कैटआई, क्षतिग्रस्त एवं निम्न स्तर के रोड शोल्डर की मरम्मत, रेडियमयुक्त चेतावनी एवं संकेतक बोर्ड, स्पीड ब्रेकर, रंबल स्ट्रिप और डेलिनेटर की व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए कहा। कलेक्टर श्री दुदावत ने यातायात नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराने हेतु संबंधित विभागों को सड़क सुरक्षा से जुड़े कार्यों में आपसी समन्वय के साथ आवश्यक कदम उठाने तथा संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए कहा। कलेक्टर ने सड़क दुर्घटनाओं में घायल व्यक्तियों को समय पर उपचार उपलब्ध कराने के लिए पीएम राहत योजना के अंतर्गत प्रकरण दर्ज कर उपचार की सुविधा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को जिले के सभी शासकीय एवं निजी अस्पतालों में घायलों को योजना का लाभ दिलाने के लिए आवश्यक व्यवस्था करने कहा। ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य केंद्रों, पंचायत भवनों सहित प्रमुख स्थानों पर बैनर-पोस्टर के माध्यम से योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार करने निर्देश दिए। उन्होंने राहवीर योजना के प्रति भी आमजन में जागरूकता बढ़ाने के लिए प्रभावी प्रयास करने के लिए कहा, ताकि सड़क दुर्घटना के समय घायलों की तत्काल सहायता के लिए लोग आगे आ सकें। बैठक में पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी ने ओवरस्पीड एवं शराब के नशे में वाहन चलाने वालों पर कड़ी कार्रवाई के साथ यातायात नियमों के उल्लंघन की रोकथाम के लिए नियमित अभियान संचालित करने के निर्देश दिए। उन्होंने बिना हेलमेट दोपहिया वाहन चलाने, तीन सवारी बैठाने, बिना नंबर प्लेट वाहन संचालित करने, नो-पार्किंग क्षेत्र में वाहन खड़ा करने सहित ट्रैफिक नियमों का उल्लंघनों पर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए संबंधित अधिकारियों को कहा। नाबालिगों द्वारा वाहन चलाने की स्थिति पर विशेष निगरानी रखते हुए जागरूकता एवं कार्रवाई का अभियान चलाने के निर्देश भी दिए गए। इस अवसर पर वनमण्डलाधिकारी कटघोरा जितेंद्र उपाध्याय, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत प्रतीक जैन, नगर निगम आयुक्त आशुतोष पाण्डेय, ओएसडी तरुण कुमार किरण, सहायक कलेक्टर ईशांत जायसवाल, अपर कलेक्टर देवेंद्र पटेल, जिला परिवहन अधिकारी अतुल कुमार असैय्या सहित लोक निर्माण विभाग, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण, एसईसीएल, बालको एवं विभिन्न औद्योगिक प्रतिष्ठानों के अधिकारी उपस्थित रहे।
नमो सेवा गाथा पर विद्यार्थियों की प्रभावशाली प्रस्तुति, लगभग 495 लोग हुए शामिल कोरबा, 07 अक्टूबर 2026। सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत सेजेस अंग्रेजी माध्यम विद्यालय, पाली में ‘नमो सेवाकृअनकही कहानियां’ कार्यक्रम के तहत नुक्कड़ नाटक का आयोजन किया गया। विद्यार्थियों ने नुक्कड़ नाटक के माध्यम से महिला सशक्तिकरण और नमो सेवा गाथा पर प्रभावशाली प्रस्तुति दी। विद्यार्थियों की शानदार प्रस्तुति से ग्रामीणजन, जनप्रतिनिधि, पालक और छात्र-छात्राएं उत्साहित नजर आए। कार्यक्रम में स्कूली विद्यार्थियों, जनप्रतिनिधियों और पालकों सहित लगभग 495 लोग उपस्थित रहे।
कोरबा, 7 अक्टूबर 2026। समाज कल्याण विभाग द्वारा आज प्रतीक जैन मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत कोरबा, ओएसडी तरुण कुमार किरण की उपस्थिति में पात्र दिव्यांगजनों को मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल वितरित की गई। दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने के उद्देश्य से दी गई इस सहायता से उनके आवागमन में सुविधा होगी और वे दैनिक कार्य अधिक सुगमता से कर सकेंगे। मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल प्राप्त करने वाले हितग्राहियों में रेल्वे कॉलोनी, कोरबा निवासी 55 वर्षीय सैय्यद याकूब, पिता सैय्यद अब्दुल कादर, सुभाष ब्लॉक, कोरबा निवासी 44 वर्षीय श्रीमती सुनीता दास, पिता बाबू राज, शांति नगर, कुसमुंडा निवासी 34 वर्षीय श्रीमती सीमा कुमारी, पिता अदरू, तथा गुरसिया, कटघोरा निवासी 20 वर्षीय प्रदीप कुमार उरांव, पिता हरिराम शामिल हैं। ट्राईसाइकिल मिलने पर हितग्राहियों ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए शासन और समाज कल्याण विभाग के प्रति आभार जताया। उन्होंने कहा कि इस सहायता से उनकी गतिशीलता बढ़ेगी और वे अपने दैनिक कार्यों के लिए दूसरों पर निर्भर रहने के बजाय अधिक आत्मनिर्भर बन सकेंगे।
सुरक्षित छत और रंगीन दीवारों ने बदला माहौल, बरपाली आंगनबाड़ी में बढ़ी नौनिहालों की उपस्थिति कोरबा, 07 अक्टूबर 2026। कभी जर्जर भवन की दीवारों और असुविधाओं के बीच संचालित होने वाला आंगनबाड़ी केंद्र अब बच्चों की खिलखिलाहट और रंग-बिरंगे चित्रों से गुलजार है। जहां पहले पालकों को अपने छोटे बच्चों को केंद्र भेजते समय उनकी सुरक्षा की चिंता रहती थी, वहीं अब ग्राम पंचायत बरपाली का नया आंगनबाड़ी भवन नौनिहालों के लिए सुरक्षित, सुंदर और सहज वातावरण बन गया है। जिला प्रशासन द्वारा डीएमएफ मद से 11.69 लाख की लागत से निर्मित नए भवन में पक्की छत, मजबूत दीवार, पक्का फर्श, रंगीन चित्र और बच्चों के लिए खिलौनों सहित आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध हैं। इसका असर बच्चों की उपस्थिति में भी दिखाई दे रहा है और 3 से 6 वर्ष आयु वर्ग के बच्चे नियमित रूप से आंगनबाड़ी पहुंच रहे हैं। पोड़ी उपरोड़ा विकासखंड के बरपाली स्थित इस आंगनबाड़ी केंद्र में वर्तमान में 30 बच्चे पंजीकृत हैं। इनमें 6 माह से 3 वर्ष आयु वर्ग के 17 तथा 3 से 6 वर्ष आयु वर्ग के 13 बच्चे शामिल हैं। इसके साथ ही 2 गर्भवती महिलाएं, 3 शिशुवती माताएं और 6 किशोरी बालिकाएं भी केंद्र की सेवाओं से लाभान्वित हो रही हैं। नए भवन के बाद बच्चों के लिए उपलब्ध स्थान और वातावरण में आए बदलाव ने केंद्र की गतिविधियों को भी अधिक व्यवस्थित किया है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता श्रीमती शिवकला बताती हैं कि पुराने भवन की स्थिति ऐसी थी कि बच्चों को केंद्र में रखते समय उनकी सुरक्षा को लेकर हमेशा चिंता बनी रहती थी। भवन जर्जर होने के कारण पालक भी बच्चों को आंगनबाड़ी भेजने में सहज महसूस नहीं करते थे। नए भवन के बनने से सबसे बड़ा बदलाव बच्चों की सुरक्षा और उनके सहज वातावरण में आया है। अब पक्की छत, मजबूत दीवार और पक्के फर्श वाले भवन में बच्चे आराम से बैठते हैं, खेलते हैं और विभिन्न गतिविधियों में हिस्सा लेते हैं। श्रीमती शिवकला के अनुसार नए भवन की दीवारों पर बने रंग-बिरंगे चित्र बच्चों को खूब आकर्षित करते हैं। बच्चे चित्रों को देखकर उनके बारे में जानने की उत्सुकता दिखाते हैं और आसपास की वस्तुओं को पहचानने का प्रयास करते हैं। खिलौनों और आकर्षक वातावरण के कारण उनमें केंद्र आने की रुचि भी बढ़ी है। पहले की तुलना में अब बच्चे अधिक संख्या में आंगनबाड़ी पहुंचते हैं और 3 से 6 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों की नियमित उपस्थिति दिखाई देती है। बच्चों के लिए केंद्र अब केवल आने-जाने की जगह नहीं रहा, यहां वे खेलते हुए सीखते हैं और सहज माहौल में अपनी प्रारंभिक शिक्षा की ओर कदम बढ़ा रहे हैं। आंगनबाड़ी सहायिका श्रीमती चमेली बाई बताती हैं कि नए भवन में बच्चों के लिए भोजन तैयार करने और उन्हें भोजन कराने में भी काफी सुविधा हुई है। निर्धारित साप्ताहिक मेन्यू के अनुसार सुबह बच्चों को मीठा या नमकीन दलिया दिया जाता है। इसके बाद दाल, चावल और सब्जी सहित भोजन उपलब्ध कराया जाता है। सुरक्षित और सुविधाजनक भवन में बच्चों को भोजन कराने तथा उनकी देखभाल करने में आसानी होती है। बच्चों का नियमित रूप से केंद्र आना उनके लिए भी उत्साह का विषय है।
कार्यकर्ता श्रीमती शिवकला कहती हैं कि पहले भवन की स्थिति के कारण बच्चों और पालकों में जो संकोच था, वह अब दूर हुआ है। नए भवन ने बच्चों को सुरक्षित जगह दी है और आकर्षक वातावरण ने उनके मन में आंगनबाड़ी के प्रति अपनापन बढ़ाया है। बच्चे सुबह केंद्र आने के लिए उत्साहित रहते हैं और यहां होने वाली गतिविधियों में रुचि के साथ शामिल होते हैं। उन्होंने कहा कि बच्चों के लिए ऐसी बेहतर सुविधा उपलब्ध होने से उन्हें अपने कार्य में भी संतोष और उत्साह मिलता है। नौनिहालों के लिए सुरक्षित और सुविधाजनक वातावरण उपलब्ध कराने की इस पहल के लिए उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद दिया।