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कोरबा महापौर का जाति प्रमाण पत्र शून्य घोषित:ओबीसी कोटे से मेयर बने थे राजकिशोर प्रसाद, कहीं इस्तेमाल करने पर भी लगा प्रतिबंध

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कोरबा। भाजपा का शासन आते ही कोरबा में भी उलटफेर दिख रहा है। कोरबा से कांग्रेस महापौर राजकिशोर प्रसाद की तरफ से नगरीय निकाय चुनाव में लगाए गए जाति प्रमाण पत्र शून्य घोषित कर दिया गया है। कोरबा अनुविभागीय दंडाधिकारी ने आदेश जारी कर महापौर राजकिशोर प्रसाद के जाति प्रमाणपत्र को अवैध करार दिया है। चार वर्ष पूर्व नगरीय निकाय चुनाव में राजकिशोर प्रसाद वार्ड क्रमांक 15 पंपहाउस (15 ब्लाक) से पार्षद चुने गए थे और कांग्रेस का शासन होने के कारण अल्पमत के बावजूद भी जोड़ तोड़ के कारण राजकिशोर महापौर बन गए। चुनाव परिणाम आने के बाद भाजपा पार्षद ऋतु चौरसिया ने महापौर के ओबीसी जाति प्रमाण पत्र को चुनौती दी थी। एसडीएम के आदेश के मुताबिक, कोरबा तहसीलदार ने 5 दिसंबर 2019 को अनुमोदित अस्थायी जाति प्रमाण पत्र को प्रथम दृष्ट्या संदेहास्पद और कपट पूर्वक प्राप्त करने के कारण अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए अंतिम जांच होने तक निलंबित कर दिया है।

जाति प्रमाण पत्र के उपयोग पर लगा प्रतिबंध

राजकिशोर प्रसाद को किसी भी तरह से लाभ के लिए इसका उपयोग करने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। बीते चार सालों से ओबीसी कोटे से महापौर बने राजकिशोर प्रसाद के खिलाफ जांच चल रही थी, लेकिन प्रदेश में कांग्रेस का शासन होने के कारण उनका जाति प्रमाण पत्र पर फैसला एक बार उन्हीं के पक्ष में आ गया था और चूंकि राजस्व अधिकारी शासन के अधीन होने के कारण तात्कालीन अनुविभागीय अधिकारियों (राजस्व) ने मामले को उन्हीं के पक्ष में कर देते रहे। भाजपा का शासन आने के बाद कोरबा एसडीएम ने राजकिशोर के जाति प्रमाण पत्र को शून्य घोषित कर दिया। फैसला आने के बाद निगम में विपक्षी पार्षदों के बीच खुशी का माहौल दिखा। निगम नेता प्रतिपक्ष हितानंद अग्रवाल सहित सभी भाजपा पार्षदों ने फैसले का स्वागत किया है।

ओबीसी प्रमाण पत्र के दम पर महापौर बने थे राजकिशोर

कोरबा नगर निगम में ओबीसी के कोटे से राजकिशोर प्रसाद महापौर बने थे। महापौर के खिलाफ बीजेपी पार्षद अविश्वास प्रस्ताव भी ला चुके हैं। खुद नेता प्रतिपक्ष हितानंद अग्रवाल के नेतृत्व में पार्षदों का दल अपर कलेक्टर से मिलकर शिकायत भी कर चुका है।

मामला हाईकोर्ट में भी लंबित

कांग्रेस का शासन आने के बाद पार्षद एवं महापौर प्रत्याशी सुश्री ऋतु चौरसिया ने एसडीएम न्यायालय में याचिका दायर की थी, लेकिन एसडीएम न्यायालय ने उनकी याचिका खारिज कर दी थी, तब उन्होंने हाईकोर्ट का रूख किया। हाई कोर्ट में मामला लंबित है।

हाई पॉवर कमेटी में भी जा सकता है मामला

यदि राजकिशोर प्रसाद एसडीएम न्यायालय के फैसले को चुनौति देते हुए हाईकोर्ट का रूख करेंगे तो भाजपा पार्षद हाई पॉवर कमेटी में मामले को ले जा सकते हैं और यदि हाई पॉवर कमेटी का फैसला राजकिशोर के विरूद्ध आता है तो वे सदा के लिए छत्तीसगढ़ से ओबीसी कोटे से बाहर जा सकते हैं।

राजकिशोर के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज करने और बर्खास्त करने की मांग

एसडीएम न्यायालय से राजकिशोर प्रसाद के जाति प्रमाण पत्र को शून्य घोषित करने के बाद निगम में भाजपा पार्षद कलेक्टर अजीत वसंत को ज्ञापन सौंपा। निगम में नेता प्रतिपक्ष हितानंद अग्रवाल के नेतृत्व में भास्कर पार्षदों ने मांग की है कि राजकिशोर के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कराने का निर्देश दें और तत्काल बर्खास्त करें। उन्होंने पंजाब में सुप्रीम कोर्ट के निर्देश का हवाला दिया, जिसमें कोर्ट ने भाजपा महापौर को बर्खास्त कर दूसरे नंबर पर आये आप केंडिडेट को महापौर बनाया था, उसी तर्ज पर राजकिशोर को बर्खास्त कर ऋतु चौरसिया को महापौर बनाने की मांग की। साथ ही चार साल तक पद का दुरूपयोग करने, शासकीय सेवा का लाभ लेने की राशि का आंकलन कर रिकव्हरी किया जाए और तत्काल शासकीय लाभ से हटाया जाए। ज्ञापन देने वालों में हितानंद अग्रवाल के अलावा ऋतु चौरसिया, सुफलदास महंत, नारायण दास महंत, कमला बरेठ, विकास अग्रवाल, लक्ष्मण श्रीवास, धनश्री साहू,निरज मिश्रा, अजय विश्वकर्मा, जमनीपाली पार्षद श्रीमती कंवर, सकुंदी यादव, अजय कंवर सहित लगभग सभी पार्षद उपस्थित थे।

महापौर ने शासन और जनता को किया गुमराह, सभी शासकीय खर्चों की हो रिकवरी- हितानंद अग्रवाल

महापौर राजकिशोर प्रसाद द्वारा नगरीय निकाल चुनाव के दौरान प्रस्तुत किया गया जाति प्रमाण पत्र शून्य घोषित कर दिया गया है। उक्त फैसले का कोरबा नगर निगम के नेता प्रतिपक्ष हितानंद अग्रवाल ने स्वागत किया है । नेता प्रतिपक्ष हितानंद अग्रवाल ने कहा कि अनुविभागीय अधिकारी राजस्व द्वारा जारी आदेश में उल्लेखित है कि तहसीलदार कोरबा द्वारा पांच दिसंबर 2019 को अनुमोदित अस्थाई जाति प्रमाण पत्र को प्रथम दृष्ट्या संदेहास्पद एवं कपट पूर्वक प्राप्त करने के कारण अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए अंतिम जांच होने तक निलंबित करने तथा अनावेदक राजकिशोर प्रसाद द्वारा किसी भी प्रकार के हित लाभ के लिए उपयोग नहीं किए जाने संबंधी आदेश जारी करने के निर्देश सक्षम अधिकारी को दिया गया है। उक्त आदेश के तहत राजकिशोर प्रसाद द्वारा अस्थाई जाति प्रमाण पत्र को किसी भी प्रकार के हितलाभ के लिए उपयोग करने के लिए प्रतिबंधित कर दिया गया है। गौरतलब है,कि भाजपा पार्षद ऋतु चौरसिया द्वारा राजकिशोर प्रसाद के,अन्य पिछड़ा वर्ग के अस्थाई जाति प्रमाण पत्र को,चुनौती दी गई थी । नेता प्रतिपक्ष हितानंद अग्रवाल ने इस आदेश का स्वागत करते हुए कहा है कि अंतत: सत्य की जीत हुई है। महापौर ने 4 साल से अधिक समय फर्जी जाति प्रमाण पत्र के जरिये महापौर की कुर्सी पर बैठकर पिछड़ा वर्ग के लोगों का हक मारने का काम किया है। निगम नेता प्रतिपक्ष हितानंद ने महापौर द्वारा शासन से जो लाभ प्राप्त किये हैं उसकी रिकवरी की भी मांग की है।

निगम में भी उगेगा सुशासन का सूर्योदय

महापौर राजकिशोर प्रसाद का जाति प्रमाण पत्र शून्य घोषित होने के बाद भाजयुमो महामंत्री एवं भाजपा पार्षद नरेंद्र देवांगन ने हमला बोलते हुए कहा कि कोरबा निगम में मची अंधेर गर्दी का दौर जल्द ही समाप्त होगा और प्रदेश की तरह निगम में भी सुशासन का सूर्योदय होगा। उन्होंने कहा कि राजकिशोर प्रसाद का कार्यकाल झूठ की बुनियाद पर टिकी हुई है, और तब तात्कालीन मंत्री के ईशारे पर फर्जी जाति प्रमाण पत्र तैयार करवाकर उन्हें महापौर बनाया गया था। प्रदेश में सुशासन आने के बाद दूध का दूध और पानी का पानी हो गया है और सत्य के सामने झूठ का पर्दाफाश हो चुका है। महापौर राजकिशोर प्रसाद ने कोरबा की जनता को धोखा दिया है और वे जनता के सामने माफी मांगे।

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कोरबा

धीरेंद्र शास्त्री बोले-जब तक जिएंगे, हिंदुओं को कटने-बंटने-मिटने नहीं देंगे:मुस्लिम परिवार समेत 583 लोगों की घर वापसी, पंडाल में झूपने लगे महिलाएं-पुरुष

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कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की कथा में 583 लोगों की ‘घर वापसी’ हुई। इनमें एक मुस्लिम परिवार भी शामिल है, जिन्होंने सनातन धर्म अपनाया है। वहीं, दरबार में महिलाएं और पुरुष झूमते नजर आए।

पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने धर्मांतरण कराने वालों को चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि, जब तक जिएंगे, हिंदुओं को न कटने देंगे, न बंटने देंगे और न मिटने देंगे। उन्होंने यह भी बताया कि लालच में आकर जिन लोगों ने हिंदू धर्म छोड़कर दूसरा मजहब अपनाया था, उनमें से सैकड़ों लोग अब ‘घर वापसी’ कर रहे हैं।

धीरेंद्र शास्त्री बोले-जब तक जिएंगे, हिंदुओं को कटने-बंटने-मिटने नहीं देंगे।

धीरेंद्र शास्त्री बोले-जब तक जिएंगे, हिंदुओं को कटने-बंटने-मिटने नहीं देंगे।

मुस्लिम परिवार समेत 583 लोगों की घर वापसी।

मुस्लिम परिवार समेत 583 लोगों की घर वापसी।

दावा है कि दरबार में भूत-प्रेत बाधा से पीड़ित लोगों का इलाज किया गया।

दावा है कि दरबार में भूत-प्रेत बाधा से पीड़ित लोगों का इलाज किया गया।

कथा के चौथे दिन लगा दिव्य दरबार

दरअसल, कोरबा के ढपढप में 5 दिवसीय हनुमंत कथा का आयोजन किया गया है। आज चौथे दिन पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के दिव्य दरबार में जनसैलाब उमड़ पड़ा। चौथे दिन 2 लाख से ज्यादा लोग पहुंचे थे।

दावा है कि दरबार में भूत-प्रेत बाधा से पीड़ित लोगों का विशेष इलाज किया गया। पर्चा लिखकर लोगों की समस्याओं का समाधान किया। पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने मंत्रोच्चार शुरू करते ही, दरबार में मौजूद कई महिला-पुरुष असामान्य व्यवहार करने लगे। कुछ लोग जमीन पर लोटते और झूमते हुए दिखाई दिए।

जरूरतमंदों को दो रुपए – धीरेंद्र शास्त्री

दरबार के दौरान धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने एक गरीब बुजुर्ग की मदद के लिए यजमानों और जनप्रतिनिधियों से आगे आने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि, लोग नाचने वाली स्त्रियों पर तो पैसे लुटाते हैं, लेकिन जरूरतमंदों की मदद के लिए भी आगे आना चाहिए।

मंत्रोच्चार शुरू करते ही, दरबार में मौजूद कई महिला-पुरुष असामान्य व्यवहार करने लगे।

मंत्रोच्चार शुरू करते ही, दरबार में मौजूद कई महिला-पुरुष असामान्य व्यवहार करने लगे।

धीरेंद्र शास्त्री ने बुजुर्ग की आर्थिक मदद की

बुजुर्ग ने धीरेंद्र शास्त्री को बताया कि, वो पाली मुनगाडीह का रहने वाला है। अपने घर से पैदल सुबह निकला था। इस दरबार में शामिल हो गया। उसकी आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है। जिस पर धीरेंद्र शास्त्री ने तत्काल 50 हजार दिए।

वहीं, सामने बैठे वीआईपी लोगों को आर्थिक मदद करने को कहा। जिसके बाद कुल 1 लाख 20 हजार रुपए बुजुर्ग को दिए गए। इसके बाद उन्होंने अपने टीम के वाहन से सुरक्षित घर तक छोड़ने को कहा।

धीरेंद्र शास्त्री बोले- हालेलुया वालों की ठठरी मारी जाएगी

इससे पहले कोरबा में ही बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने धर्मांतरण पर कहा था कि, यहां आसपास हालेलुया वाले भी रहते हैं, उनकी भी ठठरी मारी जाएगी। अब यह खेल नहीं चलेगा। उन्होंने कहा कि जो लोग राह भटक गए हैं, उनकी घर वापसी कराई जाएगी। इसके अलावा उन्होंने खुद को छत्तीसगढ़ का भांचा बताया।

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कोरबा

श्री सिद्धेश्वर हनुमान मंदिर, आर.पी. नगर फेज-2 में हनुमान जन्मोत्सव पर विविध धार्मिक आयोजन

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कोरबा। श्री सिद्धेश्वर हनुमान मंदिर, आर.पी. नगर फेज-2 में भगवान श्री हनुमान के पावन जन्मोत्सव के अवसर पर विभिन्न धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है।

मंदिर समिति द्वारा दी जानकारी के अनुसार 1 अप्रैल को दोपहर 2:00 बजे से अखंड रामायण पाठ का शुभारंभ किया जाएगा, जो निरंतर चलता रहेगा।

2 अप्रैल को प्रातः 9:00 बजे से 12:00 बजे तक विशेष पूजा-अर्चना का आयोजन किया जाएगा। इसके पश्चात दोपहर 12:00 बजे से 1:30 बजे तक हवन कार्यक्रम संपन्न होगा। हवन के उपरांत दोपहर 1:30 बजे से श्रद्धालुओं के लिए विशाल भंडारे का आयोजन किया गया है।

मंदिर समिति ने क्षेत्र के सभी श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर धर्मलाभ प्राप्त करें एवं कार्यक्रम को सफल बनाएं।

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कोरबा

एसईसीएल मुख्यालय के 4 कर्मियों को सेवानिवृत्ति पर भावभीनी विदाई दी गयी

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बिलासपुर/कोरबा। 31.03.2026 को एसईसीएल मुख्यालय बिलासपुर से सेवानिवृत्त होने वाले कर्मियों को 30 . 03.2026 को निदेशक (मानव संसाधन) बिरंची दास, निदेशक (वित्त) डी सुनील कुमार, निदेशक तकनीकी (योजना/परियोजना) रमेश चन्द्र महापात्र एवं विभिन्न विभागाध्यक्षों, श्रम संघ प्रतिनिधियों, अधिकारियों और कर्मचारियों की उपस्थिति में मुख्यालय बिलासपुर स्थित सीएमडी कक्ष में शाल, श्रीफल, पुष्पहार से सम्मानित कर समस्त भुगतान का चेक प्रदान कर भावभीनी विदाई दी गयी।

सेवानिवृत्त होने वालों में सी.डी.एन सिंह महाप्रबंधक (वित्त) वित्त विभाग, जी श्यामला राव महाप्रबंधक (मा.सं) कल्याण विभाग, राम विनय कुमार, महाप्रबंधक (उत्खनन) उत्खनन विभाग, राज, सुरक्षा उप निरीक्षक- सुरक्षा विभाग शामिल रहे।

शीर्ष प्रबंधन ने अपने उद्बोधनों में कहा कि सेवानिवृत्त होने वाले अधिकारी-कर्मचारी अपनी कार्यकुशलता और समर्पण से एसईसीएल को सफलता की नई ऊँचाइयों तक लेकर गए हैं। उनके योगदान को सदैव स्मरण किया जाएगा। प्रबंधन ने सभी के उज्ज्वल भविष्य और सुखद पारिवारिक जीवन की कामना की।

सेवानिवृत्त अधिकारियों और कर्मचारियों ने भी कम्पनी के प्रति आभार प्रकट करते हुए कहा कि एसईसीएल में कार्य करना गौरव का विषय रहा। उन्होंने कहा कि यहाँ के अधिकारी और कर्मचारी कंधे से कंधा मिलाकर कार्य करते हैं और किसी भी जिम्मेदारी को पूर्ण निष्ठा से निभाते हैं।
कार्यक्रम का चालन एवं सेवानिवृत्त कर्मियों का परिचय प्रबंधक (राजभाषा) श्रीमती सविता निर्मलकर ने सफलतापूर्वक किया।

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