पुलिस विभाग द्वारा ’कहो नशे को अलविदा’ पर दी गई विशेष प्रस्तुति
विभागों की जीवंत झांकी ने दर्शकों का मन मोह लिया
महासमुंद। महासमुंद जिले में 77वें गणतंत्र दिवस समारोह के अवसर पर सांसद श्रीमती रूपकुमारी चौधरी ने जिला मुख्यालय स्थित मिनी स्टेडियम में आयोजित मुख्य गणतंत्र दिवस समारोह में राष्ट्रीय ध्वज फहराकर, राष्ट्रध्वज को सलामी दी। राष्ट्रगान पश्चात राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम का गायन किया गया। सांसद श्रीमती चौधरी ने हर्ष के प्रतीक तीन रंग के गुब्बारें आकाश में छोड़े। इसके पश्चात सांसद श्रीमती चौधरी ने परेड निरीक्षण कर परेड की सलामी ली। तत्पश्चात मुख्यमंत्री का जनता के नाम संदेश का वाचन किया। इस अवसर पर कलेक्टर विनय कुमार लंगेह, पुलिस अधीक्षक प्रभात कुमार उपस्थित रहे।
इसके पश्चात प्लाटून 20वीं वाहिनी छ.ग. सशस्त्र पुलिस बल, जिला पुलिस बल, नगर सेना महिला प्लाटून, सीनियर डिवीजन एन.सी.सी., एन.एस.एस महाविद्यालय, जूनियर डिवीजन एन.सी.सी., गाईड, स्काउट, एन.एस.एस विद्यालय एवं रेडक्रॉस के टुकड़ियों द्वारा अनुशासित मार्च पास्ट एवं सलामी दी गई। इस दौरान कार्यक्रम स्थल देशभक्ति के वातावरण से ओत-प्रोत हो गया।
समारोह के दौरान सांसद श्रीमती रूपकुमारी चौधरी ने जिले के शहीदों के परिजनों से आत्मीय मुलाकात की। इस अवसर पर उन्होंने शहीद परिवारों को शॉल एवं श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया तथा उनके त्याग, बलिदान और राष्ट्रसेवा को नमन किया। तत्पश्चात विभिन्न 16 स्कूलों के 1000 छात्र-छात्राओं द्वारा समन्वय एवं ऊर्जा से भरपूर पी.टी. का प्रदर्शन किया गया तथा इसके पश्चात 6 विद्यालयों के विद्यार्थियों द्वारा देशभक्ति से ओत-प्रोत रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए। वहीं पुलिस विभाग द्वारा “कहो नशे को अलविदा” विषय पर विशेष प्रस्तुति देकर नशामुक्ति का सशक्त संदेश दिया गया।
इसके अलावा वन विभाग, शिक्षा विभाग, स्वास्थ्य विभाग, महिला बाल विकास, उद्यानिकी विभाग, जल संसाधन, मछली पालन, आदिवासी विभाग, पशुपालन, पीएचई, क्रेडा/ विद्युत, कृषि विभाग और खाद्य विभाग द्वारा शासकीय योजनाओं एवं गतिविधियों की जीवंत झांकियों का प्रदर्शन किया गया। इसके साथ ही मुख्य अतिथि द्वारा पुलिस विभाग सहित जिला प्रशासन के विभिन्न विभागों के उत्कृष्ट कार्य करने वाले 109 अधिकारी-कर्मचारियों को प्रशस्ति पत्र एवं शील्ड प्रदान कर पुरस्कृत किया गया। इस अवसर पर विधायक योगेश्वर राजू सिन्हा, छत्तीसगढ़ राज्य बीज निगम के अध्यक्ष चंद्रहास चंद्राकर, पूर्व राज्य मंत्री पूनम चंद्राकर, पूर्व विधायक डॉ. विमल चोपड़ा, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती मोगरा पटेल, जिला पंचायत उपाध्यक्ष भीखम सिंह ठाकुर, नगर पालिका अध्यक्ष निखिलकांत साहू, नगर पालिका उपाध्यक्ष देवीचंद राठी, जनपद अध्यक्ष श्रीमती दिशा दीवान, जनपद उपाध्यक्ष श्रीमती हुलसी चंद्राकर, संदीप घोष, स्थानीय जनप्रतिनिधिगण एवं गणमान्य नागरिक, स्कूली बच्चे एवं बड़ी संख्या में आम नागरिक उपस्थित थे।
गणतंत्र दिवस समारोह में विजेताओं को किया गया पुरस्कृत
सांसद श्रीमती रूपकुमारी चौधरी ने गणतंत्र दिवस समारोह में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले विभागों की झांकियां, सांस्कृतिक कार्यक्रम में शामिल स्कूली विद्यार्थियों, परेड में शामिल होने वाले वरिष्ठ सशस्त्र समूह, परेड वरिष्ठ समूह, परेड कनिष्ठ समूह एवं प्लाटून कमांडरों को प्रशस्ति पत्र एवं स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। इस अवसर पर परेड कमांडर श्रीमती दीप्ति कश्यप एवं सहायक उपनिरीक्षक साइमा अम्बिलकर को मोमेण्टो, कप प्रदान कर सम्मानित किया गया।
सांस्कृतिक कार्यक्रम में प्रथम स्थान सेजेस अंग्रेजी माध्यम महासमुंद, द्वितीय स्थान महर्षि विद्या मंदिर मचेवा और तृतीय स्थान वेडनर मेमोरियल महासमुंद ने प्राप्त किया। इसी प्रकार विभागीय झांकी प्रदर्शन में प्रथम स्थान शिक्षा विभाग (समग्र शिक्षा/साक्षरता), द्वितीय स्थान वन विभाग एवं तृतीय स्थान पशु चिकित्सा एवं कृषि विज्ञान केन्द्र विभाग को मिला।
परेड वरिष्ठ सशस्त्र समूह में प्रथम स्थान 20वीं वाहिनी सशस्त्र बल, द्वितीय स्थान नगर सेना महिला प्लाटून एवं तृतीय स्थान जिला पुलिस बल प्लाटून ने प्राप्त किया। परेड वरिष्ठ समूह में प्रथम स्थान सीनियर डिवीजन एन.सी.सी., द्वितीय स्थान जूनियर डिवीजन एन.सी.सी.एवं तृतीय स्थान एन.एस.एस. महाविद्यालय को मिला। इसी प्रकार परेड कनिष्ठ समूह में प्रथम स्थान स्काउट, द्वितीय स्थान गाइड एवं तृतीय स्थान रेड क्रॉस ने हासिल किया। साथ ही पीटी प्रदर्शन को सराहते हुए विशेष पुरस्कार प्रदान किया गया।
निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर जताई कड़ी नाराजगी, शीघ्र रिपोर्ट प्रस्तुत करने के दिए निर्देश
बच्चों के भविष्य से जुड़ा है विद्यालय निर्माण, गुणवत्ता में लापरवाही बर्दाश्त नहीं -कलेक्टर
सूरजपुर, 25 अक्टूबर 2026। कलेक्टर श्रीमती रेना जमील ने विकासखंड प्रतापपुर अंतर्गत निर्माणाधीन एकलव्य आवासीय विद्यालय एवं छात्रावास का निरीक्षण कर निर्माण कार्य की प्रगति एवं गुणवत्ता का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने पूर्व निरीक्षण जांच में पाई गई कमियों के सुधार की स्थिति की जानकारी ली। निर्माण कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं पाए जाने पर उन्होंने कड़ी नाराजगी जताई। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने विद्यालय परिसर का भ्रमण कर प्रयोगशाला, रसोईघर, शौचालय सहित अन्य कक्षों का अवलोकन किया। उन्होंने निर्माण कार्यों की फिनिशिंग एवं गुणवत्ता में आवश्यक सुधार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जायेगा। कलेक्टर श्रीमती जमील ने निर्माण कार्य की स्थिति पर असंतोष व्यक्त करते हुए संबंधित अधिकारियों को शीघ्र रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए। इस दौरान जिला पंचायत सीईओ विजेंद्र पाटले, अनुविभागीय अधिकारी प्रतापपुर रमेश मोर सहित संबंधित अधिकारी कर्मचारी उपस्थित रहे। गौरतलब है कि 420 सीटर एकलव्य आवासीय विद्यालय के निर्माण से क्षेत्र के आदिवासी विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध होगी। विद्यालय में आवासीय व्यवस्था के साथन अध्ययन-अध्यापन एवं अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध होने से विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त करने में सहायता मिलेगी। साथ ही दूरस्थ ग्रामीण एवं वनांचल क्षेत्रों के विद्यार्थियों को शिक्षा के बेहतर अवसर मिल सकेगा।
सुरजपुर/25 अक्टूबर 2026। कलेक्टर श्रीमती रेना जमील के निर्देशानुसार अवैध खनन एवं परिवहन पर कार्यवाही की जा रही है इसी कड़ी में माइनिंग अधिकारी के नेतृत्व में अवैध परिवहन करते पाए जाने पर 11 गाडि़यों पर कार्यवाही की गई।प्राप्त जानकारी अनुसार जिले के विकासखंड प्रतापपुर अंतर्गत खड़गाँव एरिया में 3 गिट्टी हयवा अवैध परिवहन करते और राजापुर में 8 टिप्पर रेत के अवैध परिवहन करते पाए जाने पर कार्यवाही की गई और जप्त कर थाने में सुपुर्द किया गया है।
जिला पंचायत CEO ने थमाया कारण बताओ नोटिस, मचा हड़कम्प
कोरबा। 15वें वित्त की राशि में निर्धारित प्रक्रिया का पालन किए बगैर लाखों रुपए के फंड का बंदरबाट किए जाने की शिकायत में प्रशासनिक जांच में अनुपस्थित रहकर अभिलेख उपलब्ध नहीं कराने वाले अथवा आधा अधूरा अभिलेख उपलब्ध कराने वाले अनुशासनहीन पाली ब्लॉक के 23 पंचायत सचिवों पर निलंबन की तलवार लटक रही है। उच्च अधिकारियों के आदेश निर्देश की अवहेलना तथा शासकीय कार्य में अनुशासनहीनता / उदासीनता एवं घोर लापरवाही पर जिला पंचायत सीईओ ने सबंधित पंचायत सचिवों का कृत्य छत्तीसगढ़ पंचायत सेवा अनुशासन एवं अपील नियम-1999 के विरुद्ध कदाचार की श्रेणी में पाए जाने पर कारण बताओ नोटिस जारी कर 3 दिवस के भीतर स्पष्टीकरण मांगा है। समय सीमा में संतोषप्रद जवाब प्रस्तुत नहीं करने पर संबंधित पंचायत सचिवों के विरुद्ध एकतरफा निलंबन की अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाएगी। जिला पंचायत सीईओ के नोटिस से सबंधित पंचायत सचिवों में हड़कम्प मचा है।
यहाँ बताना होगा कि जनपद पंचायत पाली के अंर्तगत आने वाले 24 ग्राम पंचायत क्रमशः बतरा, उड़ता, पुलालीकला, केराझरिया, पोटापानी, तिवरता, धौराभांठा, सिरकीखुर्द, नगोई, केराकछार, नुनेरा, खैराडूबान, धतूरा, दमिया, चोढ़ा, चैतमा, सगुना, डोड़की, सेंद्रीपाली, उतरदा, रंगोले, मुरली, बक्साही एवं सराईपाली में वित्तीय वर्ष 2024-25 में 15वें मद से ग्राम पंचायतों में कराए गए कार्यों की व्यापक लोकहित में ग्रामसभा कार्यवाही पंजी, उपस्थिति पंजी, व्यय प्रमाणक, देयक व्हाउचर, इनवाईस बिल, टी.डी.एस. कटौती, जमा राशि एवं गुणवत्ता का परीक्षण कर भौतिक सत्यापन कराए जाने संबंधी शिकायत जिला प्रशासन से की गई थी। ऊक्त शिकायती प्रकरण में जांच दल के समक्ष वांछित अभिलेख उपलब्ध नहीं कराने, आधा/अधूरा अभिलेख उपलब्ध कराने अथवा जांच दल के समक्ष अपना बयान प्रस्तुत नहीं करने वाले 23 ग्राम पंचायतों क्रमशः बतरा, उड़ता, पुलालीकला, केराझरिया, पोटापानी, तिवरता, धौराभांठा, सिरकीखुर्द, नगोई, केराकछार, नुनेरा, खैराडूबान, धतूरा, दमिया, चोढ़ा, चैतमा, सगुना, डोड़की, सेंद्रीपाली, उतरदा, रंगोले, मुरली, बक्साही एवं सराईपाली के जनसूचना अधिकारी पंचायत सचिव के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई करने जनपद पंचायत पाली के सीईओ द्वारा उप संचालक पंचायत को 03.09.,2026 को ही अभिमत समेत प्रतिवेदन भेजा जा चुका है।
उप संचालक पंचायत द्वारा प्रकरण लटकाए रखने आगामी कार्रवाई हेतु सक्षम अधिकारी मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत कोरबा के समक्ष समय पर प्रस्तुत नहीं करने पर राज्यपाल राजभवन एवं मुख्य सचिव छग शासन तक शिकायत पहुंची थी। मीडिया में भी उक्त प्रशासनिक संरक्षण सुर्खियां बनी थी। शासनादेश के बाद जिला प्रशासन भी हरकत में आया है। जिला पंचायत सीईओ ने आधा/अधूरा अभिलेख उपलब्ध कराने अथवा जांच दल के समक्ष अपना बयान प्रस्तुत नहीं करने वाले 8 ग्राम पंचायतों के सचिव क्रमशः बतरा, उड़ता, पुलालीकला, केराझरिया, पोटापानी, तिवरता, धौराभांठा, सिरकीखुर्द व जांच दल को अभिलेख (रिकार्ड)उपलब्ध नहीं कराने, समक्ष अपना कथन बयान दर्ज नहीं कराने वाले 16 पंचायत सचिवों नगोई, केराकछार, नुनेरा, खैराडूबान, धतूरा, दमिया, चोढ़ा, चैतमा, सगुना, डोड़की, सेंद्रीपाली, उतरदा, रंगोले, मुरली, बक्साही एवं सराईपाली का कृत्य घोर अनुशासन हीन पाए जाने पर कारण बताओ नोटिस जारी किया है। नोटिस में उल्लेख किया गया है कि पंचायत सचिवों का यह कृत्य उच्च अधिकारियों के आदेश निर्देश की अवहेलना तथा शासकीय कार्य में अनुशासनहीनता / उदासीनता एवं घोर लापरवाही का प्रतीक है और छत्तीसगढ़ पंचायत सेवा अनुशासन एवं अपील नियम-1999 के विरुद्ध है, जो कि कदाचार की श्रेणी में आता है। अतः आपके विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही करते हुए निलंबन करने की कार्यवाही क्यों न किया जाये ? सचिवों को इस संबंध में अधोहस्ताक्षरकर्ता अधिकारी के समक्ष 03 दिवस के भीतर उपस्थित होकर अपना स्पष्टीकरण जवाब प्रस्तुत करने का आदेश दिया गया है। समय सीमा में संतोषप्रद जवाब प्रस्तुत नहीं करने पर सम्बंधितों के विरुद्ध एकतरफा अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाएगी। बहरहाल निलंबन नोटिस से पूरे जिले में पंचायत विभाग में हड़कम्प मचा है। अगर सभी पंचायत सचिवों पर निलंबन के कार्रवाई की गाज गिरती है तो जिले में अब तक कि यह सबसे बड़ी कार्रवाई होगी। सन्निकट भविष्य में भी यह कार्रवाई एक नजीर बनेगी। एक लोकसेवक के कर्तव्यों के सर्वथा विपरीत कार्य व्यवहार ने 23 पंचायत सचिवों को निलंबन के कगार पर लाकर खड़ा कर दिया है।