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कोरबा

छत्तीसगढ़ में ग्रिड पद्धति की खेती से रिटायरमेंट के बाद रची सफलता की नई कहानी

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किसान रामरतन निकुंज ने की रिकॉर्ड पैदावार कर किसानों के लिए बनाया प्रेरणा का मार्ग

कोरबा। छत्तीसगढ़ की धरती को हमेशा से अन्नदाता किसानों की कर्मभूमि कहा गया है। यहाँ की मिट्टी में परिश्रम, समर्पण और उम्मीद की सुगंध रची-बसी है। वर्षों से प्रदेश के किसान अपनी मेहनत और लगन से खेत खलिहानों को समृद्ध करते आए हैं। समय बदलने के साथ-साथ खेती-बाड़ी की पद्धतियाँ भी बदल रही हैं। परंपरागत खेती के साथ आधुनिक तकनीकों का संगम आज नए-नए चमत्कार कर रहा है। इन्हीं परिवर्तनों के बीच कोरबा जिले के झगरहा गाँव से एक ऐसी प्रेरणादायी कहानी सामने आई जिन्होंने न केवल किसानों को, बल्कि पूरे समाज को यह संदेश दिया है, कि सफलता पाने के लिए उम्र कोई बाधा नहीं होती, बल्कि सही सोच और मार्गदर्शन से असंभव सपने भी साकार किए जा सकते हैं।
यह कहानी है 67 वर्षीय प्रगतिशील किसान रामरतन राम निकुंज की, जिन्होंने सेवानिवृत्ति के बाद खेती को अपनाया और अपनी मेहनत व वैज्ञानिक दृष्टिकोण से वो मुमकिन कर दिखाया जो बहुतों के लिए केवल कल्पना था। उन्होंने यह साबित कर दिया कि यदि इरादा पक्का हो और धरती माँ के प्रति लगाव सच्चा हो, तो खेत सुनहरी फसल से लहलहा उठते हैं और किसान समृद्धि की मिसाल बन जाते हैं।

’निजी परिचय और खेती की शुरुआत’

रामरतन निकुंज पहले दक्षिण पूर्वी कोलफील्ड्स लिमिटेड में फोरमेन इंचार्ज के पद पर कार्यरत थे। वर्ष 2018 में नौकरी से निवृत्त होने के बाद उन्होंने अपने गाँव में ही कृषि कार्य को अपनाने का निर्णय लिया। उनके पास कुल 5 एकड़ भूमि थी, जिसे उन्होंने नई सोच और नई तकनीक से खेती का मॉडल खेत बनाने की ठानी। 67 वर्ष की आयु में जहाँ अधिकांश लोग आराम करना पसंद करते हैं, वहीं निकुंज ने खेती में अपनी नई पारी की शुरुआत की। उनका मानना है कि धरती माँ को अगर अपनापन दो, तो वह अनमोल धन धान्य लौटाती है।

विशिष्ट तरीकाः वर्मी ग्रिड मैथड

शुरुआती वर्षों में किसान निकुंज ने धान की कतार बोनी की पद्धति अपनाई। इसके बाद उन्होंने श्री विधि से धान की उपज प्राप्त की, जिससे उत्पादन में बढ़ोतरी हुई। 2023 में उन्होंने वर्मी ग्रेड मेथड का प्रयोग शुरू किया, जिसने फसल की गुणवत्ता और उपज दोनों में उल्लेखनीय सुधार किया। वर्मी ग्रिड मैथड, यह एक आधुनिक और वैज्ञानिक पद्धति है जिसमें जैविक खाद, विशेषकर वर्मी कम्पोस्ट (केचुआ खाद) का उपयोग कर खेत को कई खंडों में बाँटा जाता है। इस पद्धति में खेत की मिट्टी को उर्वरक बनाने के लिए प्राकृतिक तरीकों का उपयोग किया जाता है। खेत के अलग-अलग ग्रिड में वर्मी कम्पोस्ट डालने से मिट्टी की गुणवत्ता बनी रहती है और पौधों को संतुलित पोषण मिलता है। समय-समय पर खरपतवार नियंत्रण के लिए किसान ने कतारों में वीडर का उपयोग किया, जिससे न केवल खरपतवारों का प्रभावी नाश हुआ बल्कि खरपतवार नाशक और अन्य शारीरिक श्रम में भी महत्वपूर्ण बचत हुई। वर्मी ग्रिड मैथड के फायदे मिट्टी की उर्वरता वर्षों तक बनी रहती है, रासायनिक खाद व कीटनाशक पर निर्भरता कम हो जाती है, धान की पैदावार में उल्लेखनीय वृद्धि होती है, उत्पादन की लागत घटती है और लाभ अधिक होता है, पर्यावरण के लिए सुरक्षित और टिकाऊ खेती की दिशा में यह एक बड़ा कदम है यही कारण है कि इस पद्धति को अपनाकर निकुंज ने छत्तीसगढ़ में पहला स्थान प्राप्त किया।

जिला प्रशासन और कृषि विभाग का मार्गदर्शन

खेती में सफलता पाना केवल एक व्यक्ति की मेहनत भर पर निर्भर नहीं होता, बल्कि सही मार्गदर्शन भी काफी महत्वपूर्ण होता है। इस दिशा में जिला प्रशासन कोरबा तथा कृषि विभाग का अहम योगदान रहा, कृषि विभाग के अधिकारी श्री कंवर व ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी संजय पटेल ने निकुंज को समय-समय पर वर्मी ग्रिड मैथड की तकनीक समझाई और वैज्ञानिक तरीके से खेती करने के लिए प्रोत्साहित किया। उनकी सलाह से खेत की तैयारी, बीज चयन से लेकर पौधे की देखभाल तक हर कदम पर वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाया गया। वर्ष 2024 में इसी प्रद्धति से हाइब्रिड धान की खेती की गई थी जिसमें 106 क्विंटल प्रति हेक्टेयर की उपज प्राप्त हुई थी। इस वर्ष कुछ हिस्सों में सुगंधित और उच्च गुणवत्ता वाली ‘देवमोगरा’ धान किस्म पर सफलतापूर्वक प्रयोग किया गया है, जिससे किसानों के लिए उत्पादन और आमदनी बढ़ाने के नए अवसर खुले हैं। यह पहल खेती में नवाचार और बेहतर संभावनाओं को दर्शाती है। आज उनके गाँव झगरहा सहित आसपास के किसान भी उनसे प्रेरित होकर इस पद्धति को अपनाने के लिए आगे आ रहे हैं।
श्री निकुंज ने केवल अपनी आय ही नहीं बढ़ाई, बल्कि आसपास के किसानों के लिए प्रेरणास्त्रोत भी बने। वे समय-समय पर ग्रामीण किसानों को नए-नए प्रयोग समझाते हैं और उन्हें जैविक खेती की महत्वता बताते हैं। उनका मानना है खेती सिर्फ आजीविका का साधन नहीं है, बल्कि यह प्रकृति और समाज की सेवा भी है। अगर किसान स्वस्थ खेती करेंगे, तो समाज को भी स्वस्थ अन्न मिलेगा। उन्होंने युवा पीढ़ी को भी खेती की ओर आकर्षित करने के पक्षधर हैं। वे कहते हैं कि कृषि आज के समय में केवल परंपरागत काम नहीं, बल्कि स्टार्टअप मॉडल है। आधुनिक तकनीक, वैज्ञानिक तरीका और सरकारी योजनाओं के सहयोग से खेती व्यवसाय बन सकती है। वे कहते हैं कि खेती को बोझ या मजबूरी न समझें, बल्कि इसे अवसर मानें। साथ ही साथ उन्होंने राज्य सरकार द्वारा उपलब्ध कराई गई योजनाओं और अनुदानों का भी लाभ लिया। वर्मी कम्पोस्ट संयंत्र लगाने, उन्नत किस्म के बीज पाने और खेती में प्रशिक्षण लेने में विभाग ने उनका साथ दिया। इससे उन्हें आर्थिक सुविधा मिली और नई तकनीक अपनाना आसान हुआ। उनकी प्रेरणादायक कहानी यह स्पष्ट करती है कि सही दिशा, कठोर परिश्रम और नवीनतम तकनीकों को अपनाने से खेती को एक समृद्ध और सतत व्यवसाय में बदला जा सकता है। उनकी उपलब्धि सिर्फ व्यक्तिगत सफलता नहीं, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ के किसानों के लिए एक उज्जवल उदाहरण है।

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कोरबा

एक हाथ में लाश,दूसरे में सिगरेट और गुनगुनाता रहा गाना:न्यूज एंकर मर्डर-केस में चश्मदीद ने खोले राज,वारदात के पांच साल बाद मिली थी लाश

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कोरबा। गोद में शव…हाथ में सिगरेट…और होंठों पर वही गीत, जो कभी सलमा सुल्ताना का पसंदीदा था-“तुझसे नाराज नहीं जिंदगी, हैरान हूं मैं…”। कोरबा के विशेष सत्र न्यायालय में चल रही सुनवाई के दौरान चश्मदीद गवाह डिंपल सिंह (काल्पनिक नाम) ने जो बयान दिया, उसने अदालत कक्ष को सन्न कर दिया।

गवाह के मुताबिक, साल 2018 में सलमा सुल्तान की गला घोंटकर हत्या करने के बाद जिम ट्रेनर मधुर साहू ने शव को बाएं हाथ से गोद में लिया हुआ था। दाएं हाथ से वह सिगरेट के कश ले रहा था और वही गीत गा रहा था। यह वही गाना था, जिसे सलमा बेहद पसंद करती थी।

2018 में हुई सलमा सुल्तान की हत्या की सुनवाई कोरबा के विशेष सत्र न्यायालय में चल रही है। पुलिस ने घटनास्थल पर मौजूद चश्मदीद गवाह डिंपल को सोमवार को पेश किया। डिंपल ने बताया कि वह प्रोटीन वर्ल्ड जिम में कंप्यूटर ऑपरेटर के रूप में कार्यरत थी, जहां मधुर साहू ट्रेनर था।

गवाह ने कोर्ट में यह भी स्वीकार किया कि मधुर ने उसे भी अपने प्रेमजाल में फंसा लिया था। हालांकि, जब उसने कंप्यूटर में मधुर की अन्य लड़कियों के साथ आपत्तिजनक तस्वीरें देखीं, तो उसने उससे रिश्ता खत्म करने की कोशिश की। इस पर मधुर ने उसे आपत्तिजनक तस्वीरें वायरल करने की धमकी दी और अपनी इच्छा के अनुसार काम करवाता रहा।

बाद में डिंपल को पता चला कि मधुर साहू के सलमा सुल्ताना सहित कई दूसरी लड़कियों से भी संबंध थे। गवाह ने बताया कि सलमा सुल्ताना और मधुर शारदा विहार स्थित घर में लिव-इन रिलेशनशिप में रह रहे थे। सलमा को भी मधुर की इन गतिविधियों पर शक था, जिसके कारण दोनों के बीच अक्सर विवाद होता था।

क्या है पूरा मामला

25 साल की सलमा सुल्ताना कुसमुंडा के एसईसीएल कॉलोनी में रहती थी। वो धीरे-धीरे न्यूज के फील्ड में अपने पांव जमाने की कोशिश कर रही थी। उसका करियर तो परवान चढ़ ही रहा था, साथ ही जिम ट्रेनर मधुर साहू के साथ उसकी नजदीकियां भी। इसके बाद अचानक 2018 से वो लापता हो गई। यहां तक कि 20 जनवरी 2019 को जब उसके पिता की मौत हुई, तो उसमें भी वो शामिल नहीं हुई।

प्रेमी जिम ट्रेनर मधुर साहू और उसके दो सहयोगी गिरफ्तार किए गए हैं।

प्रेमी जिम ट्रेनर मधुर साहू और उसके दो सहयोगी गिरफ्तार किए गए हैं।

युवती लापता, परिजनों ने जिम ट्रेनर पर जताया संदेह

युवती की स्कूटी स्टेशन पर मिली थी, वहीं उसका मोबाइल स्विच ऑफ था। उससे संपर्क करने की हर कोशिश नाकाम हो गई। इसके बाद परिजनों को किसी अनहोनी की आशंका हुई और उन्होंने थाने में गुमशुदगी का मामला दर्ज कराया। परिजन ने पुलिस अधिकारियों से खोजबीन की गुहार लगाते हुए जिम संचालक मधुर साहू पर संदेह जताया था, लेकिन पूछताछ में मधुर साहू पुलिस को गुमराह कर देता था।

पुलिस ने कोहड़िया मार्ग पर फोरलेन के आसपास खुदाई शुरू की थी।

पुलिस ने कोहड़िया मार्ग पर फोरलेन के आसपास खुदाई शुरू की थी।

पार्टनर ने खोला हत्याकांड का राज

कई साल तक सलमा का किसी को पता नहीं चला तो मधुर साहू का एक राजदार भी ओवर कॉन्फिडेंस में आ गया था। उसने नशे में मधुर के पार्टनर के सामने सलमा हत्याकांड का राज खोल दिया था। मधुर और उसके पार्टनर का भी लेनदेन को लेकर विवाद चल रहा था।

लेनदेन को लेकर हुए विवाद के बाद पार्टनर ने मधुर को सबक सिखाने के लिए पुलिस के पास पहुंचकर हत्याकांड का राज खोल दिया। पुलिस के एक अधिकारी के मुताबिक तब एक बैंक से सलमा के नाम से लोन होने और अब तक उसकी किस्त जमा होने का पता चला।

खुदाई में सैटेलाइट इमेज, स्क्रीनिंग मशीन, थर्मल इमेजिंग और ग्राउंड पेनेट्रेशन रडार मशीन का भी सहारा लिया।

खुदाई में सैटेलाइट इमेज, स्क्रीनिंग मशीन, थर्मल इमेजिंग और ग्राउंड पेनेट्रेशन रडार मशीन का भी सहारा लिया।

पुलिस ने जांच आगे बढ़ाई तो मधुर फरार हो गया। पुलिस ने उसके दोस्तों और परिचितों से बयान लिया। 5 साल पहले का सीडीआर एनालिसिस किया, जिसमें अक्टूबर 2018 में शारदा विहार के एक मकान में मधुर साहू और सहयोगी ट्रेनर कौशल श्रीवास ने सलमा का गला घोंटकर हत्या करने और लाश को अतुल शर्मा की मदद से कोहड़िया पुल के आसपास दफनाने का पता चला।

इसके बाद पुलिस ने कोहड़िया मार्ग पर फोरलेन के आसपास खुदाई शुरू की थी।

मुख्य आरोपी मधुर साहू ने बताया कि पैसों के लेनदेन और चरित्र शंका में एंकर की हत्या की गई।

मुख्य आरोपी मधुर साहू ने बताया कि पैसों के लेनदेन और चरित्र शंका में एंकर की हत्या की गई।

साल 2023 में सैटेलाइट इमेज, स्क्रीनिंग मशीन, थर्मल इमेजिंग और ग्राउंड पेनेट्रेशन रडार मशीन का सहारा लिया। इसके बाद सड़क को खोदकर सलमा का कंकाल बरामद किया गया। डीएनए जांच से पुष्टि हुई कि यह कंकाल सलमा का ही था। इसके बाद पुलिस ने मधुर साहू और उसके साथियों को गिरफ्तार कर लिया।

आरोपी मधुर ने बताया कि पैसों के लेनदेन और चरित्र शंका में एंकर की हत्या की गई। आरोपी के पास से हार्ड डिस्क और लैपटॉप जब्त किया गया है। इसकी जांच में कुछ ऑडियो क्लिप के बारे में पता चला। जिस वाहन का इस्तेमाल लाश को दफनाने में किया गया था, उसे भी जब्त किया जा चुका है।

स्थानीय केबल चैनल में एंकर थी सलमा सुल्ताना। 2018 में हुई थी लापता।

स्थानीय केबल चैनल में एंकर थी सलमा सुल्ताना। 2018 में हुई थी लापता।

सलमा ने यूनियन बैंक से लिया था लोन

मार्च 2023 में राज्य स्तरीय ऑपरेशन मुस्कान में गुम इंसान महिलाओं और बच्चों का पता लगाने के लिए अभियान चलाया जा रहा था। इसी कड़ी में थाना कुसमुंडा के गुम इंसान सलमा सुल्ताना की केस डायरी की भी बारीकी से जांच की गई। परिजनों का बयान लेने पर पता चला कि यूनियन बैंक से सुल्ताना ने लोन लिया था। इस संबंध में यूनियन बैंक से पुलिस ने जानकारी ली, तो पता चला कि लोन की EMI समय पर भरी जा रही है।

यह पैसा EMI के तौर पर गंगाश्री जिम का मालिक और इंस्ट्रक्टर मधुर साहू भर रहा था। पुलिस ने जांच तेज की, तो मधुर साहू फरार हो गया। इसके बाद सलमा के दोस्तों और परिचितों का बयान भी लिया गया। साथ ही उसके 5 साल पहले का सीडीआर एनालिसिस भी किया गया।

गंगाश्री जिम का मालिक और इंस्ट्रक्टर है मधुर साहू।

गंगाश्री जिम का मालिक और इंस्ट्रक्टर है मधुर साहू।

पूछताछ में 2 महिलाओं औ 3 पुरुषों के बयान में विरोधाभाष मिलने पर पुलिस ने इन्हें हिरासत में ले लिया। सबसे कड़ाई से पूछताछ करने पर हत्याकांड का राज खुल गया। 21 अक्टूबर 2018 एलजी 17 शारदा विहार में मधुर साहू और कौशल श्रीवास के द्वारा सलमा सुल्ताना की गला घोंटकर हत्या करने का पता चला।

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आबकारी एक्ट में युवक गया जेल,कुछ घंटे बाद मां की मौत:पैरोल पर अंतिम संस्कार में शामिल हुआ बेटा

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कोरबा। कोरबा में आबकारी एक्ट के तहत गिरफ्तार किए गए युवक अरुण उर्फ गोविंदा श्रीवास को जेल भेजे जाने के कुछ ही घंटों बाद उसकी मां सावित्री श्रीवास (45) की मौत हो गई। मां सावित्री श्रीवास सीतामणी वार्ड नंबर 10, शनि मंदिर के पास रहती थी और बताया जा रहा है कि वह पहले से बीमार थी। पुलिस ने मंगलवार शाम को गोविंदा को जेल भेजा था।

बुधवार सुबह घटना की जानकारी मिलने पर बस्ती के लोग और वार्ड पार्षद बड़ी संख्या में गोविंदा के घर पहुंचे। उन्होंने अरुण उर्फ गोविंदा श्रीवास को पैरोल पर रिहा करने और मां के अंतिम संस्कार में शामिल होने देने की मांग की। इस मांग को लेकर वार्डवासी एसपी कार्यालय पहुंचे और पुलिस अधीक्षक से गुहार लगाई।

आरोपी पैरोल पर हुआ रिहा, मां की अंतिम यात्रा में हुआ शामिल

पुलिस अधीक्षक से गुहार के बाद कोर्ट से अरुण उर्फ गोविंदा को पैरोल पर रिहा किया गया। वह अपनी मां की अंतिम यात्रा में शामिल हुआ और मोती सागर स्थित मुक्तिधाम पहुंचा। इस दौरान मौके पर बड़ी संख्या में पुलिस बल मौजूद था।

इस मामले पर वार्ड के पूर्व पार्षद सुफल दास महंत ने घटना को दुखद बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्य मार्ग पर खुलेआम शराब बेची जा रही है और गोविंदा के खिलाफ हुई कार्रवाई की जांच होनी चाहिए।

आरोपी के खिलाफ आबकारी एक्ट में हुई थी कार्रवाई

कोरबा सीएसपी प्रतीक चतुर्वेदी ने बताया कि गोविंदा के खिलाफ आबकारी एक्ट की धारा 34/2 के तहत कार्रवाई की गई थी और उसे जेल भेजा गया था। परिजनों की पैरोल की मांग पर उसे जेल से लाकर मां के अंतिम संस्कार में शामिल कराया गया।

सीएसपी ने यह भी बताया कि सीतामणी में कुछ दिनों पहले हुई चाकूबाजी की घटना के बाद पुलिस नशे की प्रवृत्ति को कम करने के लिए अभियान चला रही है। इसी क्रम में उस दिन तीन लोगों को आबकारी एक्ट के तहत जेल भेजा गया था।

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कोरबा में सजेगा श्री हनुमान जी का दिव्य दरबार— धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के सान्निध्य में श्री हनुमंत कथा, आयोजक स्वयं बजरंग बली

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प्रथम दिन की प्रथम आरती सफाई कर्मीयों द्वारा होगी
कोरबा। अंतरराष्ट्रीय कथा वाचक, हनुमान जी के अनन्य भक्त संत धीरेंद्र शास्त्री के सान्निध्य में कोरबा की पावन धरा पर आयोजित होने जा रही दिव्य श्री हनुमंत कथा को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। बुधवार को जश्न रिसॉर्ट में आयोजित महत्वपूर्ण बैठक में इस विराट आध्यात्मिक आयोजन की विस्तृत रूपरेखा प्रस्तुत की गई। बैठक में समाजसेवी राणा मुखर्जी ने भावुक स्वर में बताया कि इस ऐतिहासिक आयोजन के आयोजक स्वयं श्री बजरंग बली होंगे, जबकि समाज की सेवा में समर्पित कोरबा के सफाई कर्मी इस महायज्ञ में मुख्य यजमान की भूमिका निभाएंगे— जो सामाजिक समरसता और सेवा-भाव का अद्भुत संदेश देगा।

बैठक में यह जानकारी दी गई कि 28 मार्च से 1 अप्रैल तक दिव्य श्री हनुमंत कथा का आयोजन किया जाएगा। इसके पूर्व 27 मार्च को 21 हजार माताओं-बहनों के साथ भव्य कलश यात्रा निकालने का संकल्प लिया गया है, जिससे पूरे नगर में भक्ति, श्रद्धा और उत्साह का वातावरण बनेगा।

इस अवसर पर मंच से मार्गदर्शन करते हुए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के संभागीय सर संघचालक एवं विद्या भारती (मध्य क्षेत्र) के उपाध्यक्ष जुड़ावन सिंह ठाकुर ने कहा कि भगवान श्रीराम के भक्त हनुमान जी ने भक्ति, सेवा और समर्पण का जो आदर्श प्रस्तुत किया है, वही आज के समाज का मार्गदर्शन है। बजरंग बली के अनन्य भक्त धीरेंद्र शास्त्री अपनी वाणी से भारतवर्ष ही नहीं, बल्कि विश्व को सनातन संस्कृति और राष्ट्रभाव की प्रेरणा दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि “राम से बड़ा राम का नाम है और हम से बड़ा हमारा संगठन है। हम सब एक ही विचारधारा के यात्री हैं। श्री हनुमंत कथा का उद्देश्य समाज में समरसता, संगठन और राष्ट्रभाव को सुदृढ़ करना है।” उन्होंने इस पावन कार्य के लिए सभी को चुने जाने पर ईश्वर के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए आयोजन को भव्य बनाने का आह्वान किया।
समाजसेवी सुबोध सिंह ने कहा कि यह आयोजन केवल एक धार्मिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि जनसहभागिता का महायज्ञ है। कोई समय देगा, कोई आर्थिक सहयोग करेगा, कोई अपने अनुभव और श्रम से योगदान देगा— तभी यह आयोजन ऐतिहासिक बनेगा। बैठक में नगर निगम कोरबा के सभापति नूतन सिंह ठाकुर, ऋतु चौरसिया, सुबोध सिंह शिव कश्यप, विश्व हिंदू परिषद के नगर अध्यक्ष गौरव मोदी सहित अनेक गणमान्य जन उपस्थित रहे और अपने सुझाव दिए।

आयोजन की संगठनात्मक रूपरेखा भी घोषित की गई। संयोजक के रूप में अमरजीत सिंह, सचिव डॉ. पवन सिंह तथा कोर टीम में ऋषभ केशरवानी, तपिश, रवि गिडवानी, नवल गुप्ता, ऋषभ शुक्ला को जिम्मेदारी सौंपी गई। श्रद्धालुओं के लिए “भारत मां की रसोई” को सतत एवं निर्बाध रूप से संचालित रखने की जिम्मेदारी समाजसेवी प्रेम मदान ने ग्रहण की।
नगर निगम कोरबा के सभापति नूतन सिंह ठाकुर ने भावुक अपील करते हुए कहा कि कोरबा में श्री हनुमान जी का दिव्य दरबार सजने जा रहा है और वे प्रतिदिन अपनी उपस्थिति सुनिश्चित करेंगे। उन्होंने कहा कि आयोजन के लिए अनुमानित बजट लगभग 2 करोड़ 80 लाख रुपये है। यदि एक लाख धर्मपरायण श्रद्धालु मात्र 280 रुपये का सहयोग दें, तो यह महायज्ञ सहज रूप से सफल हो सकता है। उन्होंने स्वयं जन-जन तक पहुंचकर सहयोग जुटाने का संकल्प लिया।

इस महाआयोजन के प्रमुख समन्वयक अपना घर सेवा आश्रम के अध्यक्ष राणा मुखर्जी ने बताया कि पूरी समय-सारणी तय कर ली गई है और आयोजन को ऐतिहासिक स्वरूप देने के लिए सभी विभागों में जिम्मेदारियां सौंपी जा रही हैं। वरिष्ठ पत्रकार एवं कमला नेहरू महाविद्यालय समिति के अध्यक्ष किशोर शर्मा ने सुझाव दिया कि सहयोग के सभी मार्ग खुले रखे जाएं— बड़ी राशि देने वालों से लेकर सामान्य श्रद्धालु तक अपनी सामर्थ्य अनुसार सहयोग कर सकें। इसके लिए डिजिटल माध्यम (क्यूआर कोड) जैसी सुविधा भी उपलब्ध कराई जा सकती है।
पूर्व पार्षद एवं वरिष्ठ भाजपा नेत्री श्रीमती वैशाली रत्नपारखी ने महिलाओं से संबंधित व्यवस्थाओं की संपूर्ण जिम्मेदारी संभालने का दायित्व लेते हुए हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया।
बैठक के समापन पर यह संकल्प लिया गया कि दिव्य श्री हनुमंत कथा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि सेवा, समरसता और सनातन चेतना का विराट अभियान बनेगी— जिसमें कोरबा का हर श्रद्धालु सहभागी बनेगा और यह आयोजन आने वाले वर्षों तक याद रखा जाएगा।

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