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कोरबा

बॉयफ्रेंड के लिए पैरालाइज्ड पति को जहर देकर मार-डाला:पत्नी की सोशल-मीडिया पर शमशेर से हुई दोस्ती, बेटे से मंगवाया कीटनाशक, पानी में मिलाकर पिलाया

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कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में पत्नी ने लकवाग्रस्त पति को कीटनाशक पिलाकर मार डाला। पत्नी ने फूलों में छिड़काव के बहाने बेटे से कीटनाशक मंगवाया था। बेटे ने पुलिस को बताया कि मां किसी से फोन पर बात करती थी। इस आधार पर पुलिस ने जांच शुरू की।

पुलिस को कॉल डिटेल से पता चला कि महिला अपने बॉयफ्रेंड शमशेर (38) के संपर्क में थी। दोनों मोबाइल पर लगातार बात करते थे और साथ मिलकर नई जिंदगी शुरू करने का प्लान बना रहे थे। इस वजह महिला ने अपने पति को रास्ते से हटाने की साजिश रची।

इस साजिश में उसके बॉयफ्रेंड ने भी साथ दिया। पुलिस ने शमशेर को दुर्ग से गिरफ्तार कर लिया है, जबकि पत्नी पहले ही जेल भेजी जा चुकी है। दोनों की जान-पहचान सोशल मीडिया के जरिए हुई थी। मामला दर्री थाना क्षेत्र का है।

इलाज के दौरान पति की मौत हो गई, पीएम के बाद पुलिस ने परिजनों को शव सौंपा।

इलाज के दौरान पति की मौत हो गई, पीएम के बाद पुलिस ने परिजनों को शव सौंपा।

पूछताछ के बाद पत्नी से हत्या करना स्वीकारा, जिसे जेल भेज दिया गया है।

पूछताछ के बाद पत्नी ने हत्या करना स्वीकारा, जिसे जेल भेज दिया गया है।

पुलिस बच्चों को बयान के लिए थाने ले गई।

पुलिस बच्चों को बयान के लिए थाने ले गई।

क्या है पूरा मामला

जानकारी के मुताबिक अरुण सिंह (38) परिवार के साथ आशा नगर लाटा में रहता था। डेढ़ साल पहले उसे लकवा मार गया था। वह पूरी तरह पत्नी बंटी देवी (35) पर डिपेंड था। 27 जनवरी की शाम पत्नी ने पानी में कीटनाशक मिलाया और पति को पीला दिया।

इस दौरान बेटी ने मां को पानी में कीटनाशक मिलाते देख लिया था। अपने बड़े भाई (13 वर्ष) को इसकी जानकारी दी। बच्चों ने घर में रखी कीटनाशक की शीशी देखी, जो पूरी तरह खाली थी। जब अरुण की तबीयत बिगड़ने लगी तो पत्नी अस्पताल ले जाने में टालमटोल करती रही। रात भर अरुण की हालत गंभीर बनी रही।

28 जनवरी की तड़के अरुण को अस्पताल ले जाया गया। 30 जनवरी को इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। बच्चों से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने पत्नी को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ के दौरान आरोपी पत्नी ने कीटनाशक पिलाकर हत्या करने की बात स्वीकार कर ली।

डेढ़ सालों से पत्नी कर रही थी देखभाल

दरअसल, अरुण सिंह लकवाग्रस्त होने के साथ-साथ टीबी का भी मरीज था। पिछले डेढ़ सालों से पत्नी बंटी देवी देखभाल कर रही थी। परिवार वाले उसे आर्थिक रूप से मदद भी करते थे। 13 साल के बेटे के मुताबिक, मां मोबाइल पर किसी से बात करती थी। इस आधार पर आगे जांच की गई।

मां ने बेटे से फूलों में छिड़काव के लिए के लिए कीटनाशक मंगाया था।

मां ने बेटे से फूलों में छिड़काव के लिए के लिए कीटनाशक मंगाया था।

आरोपी पत्नी को न्यायिक रिमांड पर भेजा गया जेल

शव का पोस्टमॉर्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया गया। आरोपी पत्नी के खिलाफ हत्या की धारा के तहत मामला दर्ज कर कोर्ट में पेश किया गया। जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।

पुलिस ने आरोपी महिला के बॉयफ्रेंड को दुर्ग से गिरफ्तार कर लिया है।

पुलिस ने आरोपी महिला के बॉयफ्रेंड को दुर्ग से गिरफ्तार कर लिया है।

कॉल डिटेल से पकड़ा गया महिला का बॉयफ्रेंड

पुलिस की जांच में पता चला कि सोशल मीडिया से बंटी देवी की जान-पहचान दुर्ग के रहने वाले शमशेर नाम के युवक से हुई। धीरे-धीरे दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं और बात प्यार तक पहुंच गई। पुलिस जांच में सामने आया कि दोनों मोबाइल पर लगातार बात करते थे और साथ मिलकर नई जिंदगी शुरू करने का प्लान बना रहे थे।

इसी दौरान बंटी देवी ने अपने पति को रास्ते से हटाने की साजिश रची। इस दौरान वह लगातार अपने बॉयफ्रेंड शमशेर के संपर्क में थी, जिसकी पुष्टि कॉल डिटेल रिकॉर्ड से हुई है। पुलिस ने बॉयफ्रेंड शमशेर को सह-आरोपी बनाया है। सोमवार को उसे दुर्ग से गिरफ्तार किया गया।

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कोरबा

मिनीमाता बांगो बांध से कुल 12017 Cusec पानी छोड़ा जा रहा हसदेव नदी में

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कोरबा। आज दिनांक 04/09/2026 को 06:00 AM बजे से मिनीमाता बांगो बांध का जलस्तर 358.70M एवं 94.24% होने पर 8:00 AM बजे निम्नानुसार गेटों को कम कर बाढ़ के पानी को नियंत्रित किया जा रहा है
गेट न.1 nil
गेट न.2 nil
गेट न.3 nil
गेट न.4 nil
गेट न.5 को 0.10M
गेट न.6 को 0.30M
गेट न.7 को 0.10M
गेट न.8 n
गेट न.9 nil
गेट न.10 nil
गेट न.11 nil
(Total Gate opening 0.50mtr)
कुल Radial गेट से 3017 Cusec तथा
पॉवर प्लांट हाइडल के द्वारा 9000 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है इस प्रकार बांध से कुल 12017 Cusec पानी हसदेव नदी में छोड़ा जा रहा है तथा Inflow 14992 Cusec दर्ज की गयी है |

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कोरबा

कटघोरा एवं पोड़ी उपरोड़ा में उर्वरक-कीटनाशक दुकानों का औचक निरीक्षण

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अनियमितता मिलने पर कई विक्रेताओं को कारण बताओ नोटिस, महेश राम कृषि केंद्र में कीटनाशक बिक्री पर तत्काल प्रतिबंध

कोरबा, 04 सितंबर 2026। कलेक्टर कुणाल दुदावत के निर्देश पर किसानों को गुणवत्तायुक्त उर्वरक एवं कीटनाशक दवाएं उपलब्ध कराने तथा कृषि आदानों की बिक्री में अनियमितता, कालाबाजारी एवं ओवर-रेटिंग पर प्रभावी नियंत्रण के उद्देश्य से जिला स्तरीय निरीक्षण दल द्वारा आज विकासखंड कटघोरा एवं पोड़ी-उपरोड़ा क्षेत्र में उर्वरक एवं कीटनाशक विक्रय प्रतिष्ठानों का औचक निरीक्षण किया गया।

निरीक्षण के दौरान दुकानों में उपलब्ध उर्वरक एवं कीटनाशकों के स्टॉक, मूल्य सूची, विक्रय अभिलेख, लाइसेंस एवं भंडारण व्यवस्था की बारीकी से जांच की गई। जांच के दौरान कुछ प्रतिष्ठानों में अनियमितताएं एवं कमियां पाए जाने पर कृषि विभाग द्वारा नियमानुसार तत्काल कार्रवाई की गई।

सर्वमंगला खाद भंडार सहित कई दुकानों को नोटिस

निरीक्षण के दौरान सर्वमंगला खाद भंडार, बाकी मोगरा में अनियमितताएं पाए जाने पर संचालक को तत्काल कारण बताओ नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया है। इसी प्रकार सोनी कृषि केंद्र, शिव बीज भंडार एवं अंसारी कृषि केंद्र, कसनियां, पोड़ी उपरोड़ा में भी निरीक्षण के दौरान कमियां पाए जाने पर कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।

दो कार्यदिवस में सुधार नहीं होने पर लाइसेंस निरस्तीकरण की चेतावनी

सोनी कृषि केंद्र कसनियां, शिव बीज भंडार कसनियां एवं अंसारी कृषि केंद्र कसनियां को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि निरीक्षण के दौरान पाई गई अनियमितताओं में दो कार्यदिवस के भीतर सुधार सुनिश्चित करें। निर्धारित अवधि में कमियों का निराकरण नहीं किए जाने पर संबंधित विक्रेताओं के विक्रय लाइसेंस निरस्त करने की नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

महेश राम कृषि केंद्र में कीटनाशक बिक्री पर प्रतिबंध

महेश राम कृषि केंद्र, रंजना में निरीक्षण के दौरान पाई गई खामियों को गंभीरता से लेते हुए उक्त प्रतिष्ठान से कीटनाशकों की बिक्री पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगा दिया गया है।

इसके अलावा निरीक्षण अभियान के तहत राजू कृषि केंद्र, रंजना में भी उर्वरक एवं कीटनाशकों के स्टॉक तथा संबंधित दस्तावेजों की विस्तृत जांच की गई।

किसानों के हितों से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं

जिला प्रशासन एवं कृषि विभाग ने स्पष्ट किया है कि किसानों को गुणवत्तापूर्ण कृषि आदान उपलब्ध कराने में किसी भी प्रकार की लापरवाही अथवा अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उर्वरक एवं कीटनाशकों की कालाबाजारी, ओवर-रेटिंग, अनियमित बिक्री तथा अमानक कृषि आदानों के विक्रय पर प्रभावी नियंत्रण के लिए जिले में निरीक्षण की कार्रवाई आगे भी निरंतर जारी रहेगी।

विभाग द्वारा कृषि आदान विक्रेताओं को नियमानुसार स्टॉक एवं विक्रय अभिलेख संधारित करने, निर्धारित मूल्य पर सामग्री का विक्रय करने तथा किसानों को आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।

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कोरबा

IPS डांगी केस,शासन को 7 दिन में देना होगा जवाब:हाईकोर्ट का आखिरी मौका, लेटलतीफी पर लगाई फटकार, 29 सितंबर को अगली सुनवाई

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बिलासपुर, एजेंसी। छत्तीसगढ़ के सस्पेंडेड IPS अफसर रतनलाल डांगी से जुड़े यौन उत्पीड़न मामले में हाईकोर्ट के निर्देश के बाद भी शासन ने अब तक जवाब और जांच रिपोर्ट पेश नहीं की है। शासन की ओर से देरी पर हाईकोर्ट ने नाराजगी जताई है। जस्टिस एके प्रसाद की बेंच ने शासन को आखिरी मौका देते हुए एक सप्ताह के भीतर जवाब पेश करने का आदेश दिया है।

वहीं, इस मामले में यौन उत्पीड़न का आरोप लगाने वाली SI की पत्नी ने जांच पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने मामले की जांच किसी महिला IAS अधिकारी से कराने की मांग की है। 12 अगस्त 2026 को जारी हाईकोर्ट के आदेश के पालन में शासन की ओर से अब तक जरूरी जानकारी पेश नहीं की जा सकी है।

29 सितंबर को होगी अगली सुनवाई

हाईकोर्ट ने राज्य शासन को जवाब देने के लिए अंतिम मौका देते हुए एक सप्ताह का समय दिया है। कोर्ट ने सख्त हिदायत दी है कि इस दौरान शिकायत पर की गई कार्रवाई की लिखित जानकारी शपथ पत्र के साथ पेश करनी होगी।

ऐसा नहीं करने पर संबंधित अधिकारी को 29 सितंबर को होने वाली अगली सुनवाई में व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में उपस्थित होना पड़ेगा। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता अभिषेक पाण्डेय और ऋषभदेव साहू ने पैरवी की।

क्या है मामला ?

कोरबा की महिला योग टीचर ने आईपीएस रतनलाल डांगी पर ऑनलाइन योग क्लास के दौरान अश्लील बातचीत करने और वीडियो कॉल पर आपत्तिजनक हरकत करने का आरोप लगाया है। महिला का आरोप है कि उसकी बात नहीं मानने पर डांगी ने उसके सब इंस्पेक्टर पति को झूठे आपराधिक मामले में फंसाने और घोर नक्सल प्रभावित इलाकों में ट्रांसफर कराने की धमकी दी।

पीड़िता ने 15 अक्टूबर 2025 को सबूतों के साथ डीजीपी से शिकायत की थी। इसके बाद मार्च 2026 में डांगी को सस्पेंड कर दिया गया। मामले की जांच के लिए डीजीपी ने तत्कालीन आईजी आनंद छाबड़ा और तत्कालीन डीआईजी मिलना कुर्रे को जांच अधिकारी बनाया था।

पीड़िता का कहना है कि एक अधिकारी आरोपी के बराबर रैंक के थे, जबकि दूसरी अधिकारी उनसे जूनियर थीं। इसी वजह से उन्होंने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर दोनों को जांच से हटाकर किसी सीनियर IAS अधिकारी (खासकर महिला IAS अधिकारी) से जांच कराने की मांग की है।

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