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PM मोदी बोले- सदन में ड्रामा नहीं, डिलीवरी चाहिए:खड़गे ने कहा- धनखड़ को फेयरवेल नहीं मिला, इसका दुख, नड्डा बोले- डॉक्टर को तकलीफ बताइए

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नई दिल्ली,एजेंसी। संसद का शीतकालीन सत्र सोमवार से शुरू हो गया। दोनों सदनों में SIR और वोट चोरी के आरोप के मुद्दे पर हंगामा हुआ। सदन की कार्यवाही से पहले पीएम मोदी ने संसद के बाहर मीडिया से 10 मिनट बात की।

उन्होंने कहा, ‘विपक्ष हाल के चुनावों में पराजय की निराशा से बाहर निकले और सदन में मजबूत मुद्दे उठाए। अगर विपक्ष चाहे तो मैं उन्हें टिप्स देने के लिए तैयार हैं कि कैसे परफॉर्म किया जाए।’

PM ने कहा- यह सत्र पराजय की हताशा या विजय के अहंकार का मैदान नहीं बनना चाहिए। नई पीढ़ी के सदस्यों को अनुभव का लाभ मिलना चाहिए। यहां ड्रामा नहीं, डिलीवरी होनी चाहिए। यहां जोर नीति पर होना चाहिए, नारों पर नहीं।

PM ने इसके बाद राज्यसभा में नए सभापति सीपी राधाकृष्णन का स्वागत किया और उनके अभिवादन में स्पीच दी। इसके बाद नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने सभापति का अभिवादन किया। खड़गे ने इस दौरान पूर्व सभापति जगदीप धनखड़ के अचानक इस्तीफे पर सवाल उठाया।

उन्होंने कहा- मुझे इस बात का दुख है कि सदन को पूर्व सभापति को फेयरवेल देने का मौका नहीं मिला। खड़गे की टिप्पणी पर भाजपा अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने पलटवार किया। नड्डा ने कहा- आपको बिहार, हरियाणा, महाराष्ट्र की हार ने काफी तकलीफ पहुंचाई है। आपको अपनी तकलीफ डॉक्टर को बताना चाहिए।

शीतकालीन सत्र के पहले दिन PM मोदी, लोकसभा में हंगामे की तस्वीरें…

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल, किरेन रिजिजू, राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह और राज्य मंत्री एल. मुरगन के साथ मीडिया को संबोधित करने पहुंचे।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल, किरेन रिजिजू, राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह और राज्य मंत्री एल. मुरगन के साथ मीडिया को संबोधित करने पहुंचे।

राज्यसभा में सभापति के तौर पर डॉ.सीपी राधाकृष्णन का आज पहला दिन था। इस मौके पर PM मोदी ने संबोधन के जरिए उनका स्वागत और अभिवादन किया।

राज्यसभा में सभापति के तौर पर डॉ.सीपी राधाकृष्णन का आज पहला दिन था। इस मौके पर PM मोदी ने संबोधन के जरिए उनका स्वागत और अभिवादन किया।

लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी शीतकालीन सत्र के पहले दिन की कार्यवाही में शामिल हुए।

लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी शीतकालीन सत्र के पहले दिन की कार्यवाही में शामिल हुए।

शीतकालीन सत्र के पहले दिन विपक्षी सांसदों ने SIR के मुद्दे पर जमकर हंगामा किया। सांसद अपनी-अपनी जगह पर खड़े होकर नारेबाजी करने लगे।

शीतकालीन सत्र के पहले दिन विपक्षी सांसदों ने SIR के मुद्दे पर जमकर हंगामा किया। सांसद अपनी-अपनी जगह पर खड़े होकर नारेबाजी करने लगे।

किरेन रिजिजू ने ने कहा- सरकार SIR पर चर्चा के लिए तैयार,लेकिन समयसीमा न थोपें

संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने राज्यसभा को बताया कि सरकार SIR और चुनावी सुधारों पर चर्चा के लिए तैयार है, और विपक्ष की बहस की मांग पर विचार किया जा रहा है। उन्होंने विपक्ष से अपील कि वे इस पर कोई समयसीमा न थोपें। उन्होंने कहा, कल सर्वदलीय बैठक में या आज विपक्षी दलों द्वारा उठाए गए किसी भी मुद्दे को कोई नजरअंदाज नहीं कर रहा है। यह सरकार के विचाराधीन है। यदि आप यह शर्त रखते हैं कि इसे आज ही उठाना होगा, तो यह कठिन हो जाता है, क्योंकि आपको थोड़ी गुंजाइश देनी चाहिए। SIR या चुनावी सुधार से जुड़ा मामला हो। आपने जो मांग रखी है उसे खारिज नहीं किया गया है। यह मत मानिए कि सरकार किसी भी मुद्दे पर चर्चा करने के लिए तैयार नहीं है।

प्रियंका वाड्रा बोलीं- ASHA बहनें अपने हक के लिए लड़ रही

कांग्रेस सांसद प्रियंका वाड्रा ने X पोस्ट में लिखा- हमारी ASHA बहनें अपने हक के लिए लड़ रही हैं। उन्हें परमानेंट एम्पलॉई के तौर पर पहचान मिलना चाहिए। वे ग्रामीण हेल्थकेयर सिस्टम की रीढ़ हैं। फ्रंटलाइन वर्कर हैं जो लाखों भारतीयों की सेवा करने के लिए हर मुश्किल का सामना करती हैं।

प्रियंका ने कहा कि उनके काम का दायरा बहुत बड़ा है और उनसे लंबे समय तक काम करने की उम्मीद की जाती है, इसके बावजूद प्रधानमंत्री मोदी की सरकार उन्हें सही एम्पलॉई मानने से इनकार करती है।

उन्होंने कहा कि पार्लियामेंट में मेरे इस सवाल के जवाब में कि क्या केंद्र ASHA वर्कर्स को फॉर्मल एम्प्लॉई के तौर पर पहचान देने और उन्हें सोशल सिक्योरिटी देने का प्लान बना रहा है, सरकार ने बस यही दोहराया कि वे ‘वॉलंटियर’ हैं। यह बहुत बड़ा अन्याय है। ASHA वर्कर हफ्ते में 40 घंटे से ज्यादा समाज की सेवा करती हैं और उन्हें सिर्फ इतना मानदेय मिलता है जो मिनिमम वेज से बहुत कम है। भारत की महिलाएं इससे ज्यादा सम्मान की हकदार हैं। मैं सरकार से ASHA वर्कर्स को रेगुलर करने और उन्हें वह सम्मान और इज्जत दिलाने की गुजारिश करती हूं, जो उनका हक है।

AIADMK सांसद बोलीं- SIR पर चर्चा से सरकार बच रही

स्पेशल इंटेंसिव रिविजन के मुद्दे पर राज्यसभा से विपक्ष के वॉकआउट के बाद AIADMK सांसद कनिमोझी NVN सोमू ने सरकार पर चर्चा से बचने का आरोप लगाया।

कनिमोझी ने कहा- SIR मुद्दा बिजनेस एडवाइजरी कमेटी में उठाया गया था और मंत्री ने इसे चर्चा के लिए स्वीकार भी किया था, लेकिन सदन में आते ही सरकार ने समय देने की बात कहकर मुद्दे को टाल दिया।

उन्होंने कहा कि यह शीतकालीन सत्र बहुत छोटा है। कुल 15 कार्य दिवस, जिनमें से निजी सदस्यों के विधेयकों को छोड़कर केवल 12 दिन ही चर्चा के लिए बचते हैं।

उन्होंने कहा कि जब पहले से 13 बिल सूचीबद्ध हैं, तो SIR पर चर्चा के लिए समय कब मिलेगा? सरकार लगातार समय मांगकर इस मुद्दे से बच रही है।

राज्यसभा 2 दिसंबर की सुबह 11 बजे तक स्थगित

राज्यसभा की कार्यवाही 2 दिसंबर की सुबह 11 बजे तक स्थगित की गई है।

संसदीय समितियों को दो बिलों पर रिपोर्ट पेश करने के लिए और समय मिला

लोकसभा ने सोमवार को दो संसदीय समितियों को दिवाला कानून और जन विश्वास प्रावधान संशोधन बिल पर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए और समय दिया। सदन ने दिवाला एवं शोधन अक्षमता संहिता (संशोधन) विधेयक, 2025 पर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए संसदीय समिति को शीतकालीन सत्र के अंतिम दिन तक का समय दिया है।

यह बिल लोकसभा में पेश किए जाने के तुरंत बाद 12 अगस्त को समिति को भेज दिया गया था। यह बिल दिवाला कानून में संशोधन का प्रयास करता है, जिसमें कई संशोधनों का प्रस्ताव है, जिसमें वास्तविक व्यावसायिक विफलताओं, समूह और सीमा पार दिवालियेपन ढांचों को संबोधित करने के लिए एक अदालत के बाहर तंत्र शामिल है।

लोकसभा ने एक अन्य संसदीय समिति को जन विश्वास (प्रावधानों में संशोधन) विधेयक, 2025 पर अपनी रिपोर्ट पेश करने के लिए शीतकालीन सत्र के दूसरे सप्ताह के अंतिम दिन तक का समय दिया। सरकार ने 18 अगस्त को यह बिल पेश किया था, जिसे बाद में संसदीय समिति को भेज दिया गया था।

इस बिल का मकसद जीवन को आसान बनाने और कारोबारी माहौल में सुधार लाने के लिए विभिन्न कानूनों के तहत छोटे अपराधों से संबंधित 288 प्रावधानों को अपराधमुक्त करना है। यह दूसरा जन विश्वास (प्रावधानों में संशोधन) बिल है। इससे पहले 2023 में, सरकार ने एक समान कानून पारित किया था।

सीतारमण ने तंबाकू-पान मसाला पर सेस लगाने वाले दो बिल पेश किए

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद के शीतकालीन सत्र के पहले दिन राज्यसभा में अपनी बात रखी।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद के शीतकालीन सत्र के पहले दिन राज्यसभा में अपनी बात रखी।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में दो अहम बिल पेश किया। दोनों बिल उन उत्पादों पर नई कर व्यवस्था से जुड़े हैं, जिन पर अभी जीएसटी क्षतिपूर्ति सेस लगता है- जैसे सिगरेट, तंबाकू और पान मसाला।

इसके जरिए केंद्रीय उत्पाद शुल्क एक्ट, 1944 में संशोधन कर सिगरेट और तंबाकू उत्पादों पर क्षतिपूर्ति सेस खत्म होने के बाद एक्साइज ड्यूटी के जरिए राजस्व संग्रह जारी रखा जाएगा। इसे केंद्रीय उत्पाद शुल्क (संशोधन) विधेयक, 2025 नाम दिया गया है।

वित्त मंत्री ने स्वास्थ्य सुरक्षा और राष्ट्रीय सुरक्षा सेस विधेयक, 2025 भी पेश किया। नया सेस उन उत्पादों पर लगेगा जिनसे राष्ट्रीय सुरक्षा और सार्वजनिक स्वास्थ्य से जुड़ा जोखिम माना जाता है। पान मसाला जैसे उत्पादों पर यह सेस लगाया जाएगा।

तंबाकू और पान मसाला जैसी हानिकारक उत्पादों पर अभी 28% जीएसटी लगता है। क्षतिपूर्ति सेस खत्म होने के बाद, तंबाकू और संबंधित उत्पादों की बिक्री पर 40% GST और उत्पाद शुल्क लगेगा, जबकि पान मसाला पर 40% GST और स्वास्थ्य सुरक्षा एवं राष्ट्रीय सुरक्षा सेस भी लगेगा।

केंद्रीय उत्पाद शुल्क संशोधन बिल में सिगार/चुरूट/सिगरेट पर 5,000 रुपए से लेकर 1,000 स्टिक पर 11,000 रुपए तक उत्पाद शुल्क लगाने का प्रस्ताव है। इसके अलावा, इसमें कच्चा तंबाकू पर 60-70% और निकोटीन और सूंघने वाले उत्पादों पर 100% टैक्स लगाने का प्रस्ताव है। अभी सिगरेट पर कीमत के अनुसार 5% क्षतिपूर्ति सेस और 1,000 स्टिक पर 2,076-3,668 रुपए का सेस लगता है।

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खेल

टी-20 वर्ल्डकप में भारत-पाकिस्तान मैच होगा:श्रीलंका के राष्ट्रपति से बातचीत के बाद मानी शहबाज सरकार, 15 फरवरी को मुकाबला

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नई दिल्ली,एजेंसी। टी-20 वर्ल्ड कप में 15 फरवरी को भारत और पाकिस्तान के बीच मुकाबला होगा। पाकिस्तान सरकार ने सोमवार रात अपने X अकाउंट पर पोस्ट कर इसकी पुष्टि की।

पोस्ट में बताया गया कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ को श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके ने फोन कर भारत के खिलाफ मैच खेलने की अपील की थी। इसके अलावा बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड के अध्यक्ष अमीनुल इस्लाम ने भी पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) से मुकाबला खेलने की सिफारिश की थी।

दरअसल, बांग्लादेश को टी-20 वर्ल्ड कप से बाहर किए जाने के विरोध में पाकिस्तान ने 1 फरवरी को भारत के खिलाफ मैच का बहिष्कार करने का ऐलान किया था। हालांकि उसने टूर्नामेंट के बाकी मुकाबले खेलने पर सहमति जता दी थी।

पाकिस्तान सरकार की पोस्ट

पोस्ट की खास बातें

  • पाकिस्तान पीएम शहबाज शरीफ और श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुर कुमार दिसानायके के बीच फोन पर बातचीत हुई। श्रीलंकाई राष्ट्रपति ने श्रीलंका में प्रस्तावित भारत-पाकिस्तान मैच खेलने का अनुरोध किया।
  • श्रीलंका के राष्ट्रपति ने कहा कि आतंकवाद के मुश्किल दौर में पाकिस्तान ने श्रीलंकाई क्रिकेट का पूरा समर्थन किया था। उसी भावना से पाकिस्तान से सहयोग की अपील करते हैं।
  • प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने श्रीलंकाई राष्ट्रपति की भावनाओं का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि सभी पक्षों से चर्चा के बाद अंतिम फैसला श्रीलंका को बता दिया जाएगा। श्रीलंका मुश्किल समय में पाकिस्तान के साथ मजबूती से खड़ा रहा। हाल ही में श्रीलंका टीम ने पाकिस्तान दौरा रद्द न कर अहम सहयोग दिखाया।
  • PCB चेयरमैन मोहसिन नकवी ने पीएम को भारत-पाकिस्तान मैच पर हुई हालिया बैठकों की जानकारी दी। इन बैठकों में ICC और BCB के प्रतिनिधि भी शामिल थे।
  • पाकिस्तान सरकार ने BCB के औपचारिक अनुरोध और श्रीलंका, यूएई सहित अन्य देशों के समर्थन पर विचार किया।
  • सभी पक्षों से चर्चाओं और मित्र देशों के अनुरोधों को देखते हुए पाकिस्तान सरकार ने फैसला लिया। पाकिस्तान टीम 15 फरवरी 2026 को ICC मेंस टी-20 वर्ल्ड कप मैच खेलेगी।

PAK मीडिया का दावा- शर्तें मानी गईं

पाकिस्तान की मीडिया का दावा है कि PCB की शर्तें ICC ने मान ली गई हैं, लेकिन इंडिया टुडे की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि ICC ने पाकिस्तान की तीनों मांगे खारिज कर दी हैं। ICC ने इस पर कोई बयान नहीं दिया है, लेकिन उनकी ओर से जारी विज्ञप्ति में यह कहा गया है कि बांग्लादेश पर कोई जुर्माना नहीं लगेगा। उन्हें भविष्य में एक ईवेंट भी दिया जाएगा।

पाकिस्तान ने ICC के सामने 3 शर्तें रखी थीं

बैठक में ICC की ओर से CEO संजोग गुप्ता वर्चुअल तरीके से जुड़े। भारत से खेलने के मुद्दे पर पाकिस्तान ने तीन शर्तें रखीं। पहली, ICC की कुल कमाई में पाकिस्तान का हिस्सा बढ़ाया जाए। दूसरी, भारत और पाकिस्तान के बीच द्विपक्षीय क्रिकेट सीरीज बहाल कराई जाए। तीसरी, मैदान पर हैंडशेक प्रोटोकॉल को सख्ती से लागू किया जाए।

दरअसल, एशिया कप के दौरान पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारतीय टीम ने पाकिस्तान खिलाड़ियों से हाथ नहीं मिलाया था। फिलहाल ICC रेवेन्यू मॉडल में पाकिस्तान चौथा सबसे बड़ा हिस्सेदार बोर्ड है। उसे कुल कमाई का करीब 5.75 फीसदी हिस्सा मिलता है। इससे ऊपर ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड और भारत के बोर्ड हैं।

हमें रेवेन्यू में भारी नुकसान होगा- SLC

7 फरवरी को श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड (SLC) ने पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) से इस मैच पर दोबारा विचार करने की अपील की थी। इसके बाद श्रीलंका क्रिकेट ने PCB को मेल लिखा। इसमें कहा गया है कि भारत-पाकिस्तान मैच नहीं होने से श्रीलंका क्रिकेट को आर्थिक नुकसान होगा और टूर्नामेंट की इमेज को भी नुकसान होगा।

मेल पर श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड ने PCB से कहा कहा, हम भारत के साथ मिलकर इस टूर्नामेंट को होस्ट कर रहे हैं। अगर भारत-पाकिस्तान मैच नहीं होता है तो हमें रेवेन्यू में भारी नुकसान होगा।

पाकिस्तान सरकार ने कहा था- वर्ल्डकप खेलेंगे, लेकिन भारत से नहीं

पाकिस्तान ने 1 फरवरी को घोषणा की कि वह टी-20 वर्ल्ड कप 2026 में हिस्सा लेगा, लेकिन भारत के खिलाफ मैच का बॉयकॉट करेगा। पाकिस्तान सरकार ने यह फैसला इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) के बांग्लादेश को टूर्नामेंट से हटाने के बाद लिया। बांग्लादेश सरकार ने भारत में खेलने को लेकर सुरक्षा चिंता जताई थी।

सरकार ने X पर एक पोस्ट में कहा, “इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ पाकिस्तान की सरकार, पाकिस्तान क्रिकेट टीम को ICC वर्ल्ड T20 2026 में हिस्सा लेने की मंजूरी देती है। हालांकि, पाकिस्तान क्रिकेट टीम 15 फरवरी 2026 को भारत के खिलाफ होने वाले मैच में मैदान पर नहीं उतरेगी।

भारतीय टीम तय समय पर श्रीलंका जाएगी

टी-20 वर्ल्ड कप को लेकर BCCI सूत्रों ने साफ किया है कि भारतीय टीम तय कार्यक्रम के अनुसार ही श्रीलंका दौरे पर जाएगी। टीम 15 फरवरी से पहले श्रीलंका पहुंचेगी और ICC के सभी प्रोटोकॉल का पूरी तरह पालन करेगी। हालांकि, मैच को लेकर अंतिम फैसला मैदान पर मौजूद मैच रेफरी द्वारा ही लिया जाएगा।

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देश

भारत-PAK मैच, दिल्ली–मुंबई से कोलंबो फ्लाइट 5 गुना महंगी हुई:₹1.45 लाख तक खर्च करने होंगे, होटल का किराया ₹1.13 लाख तक पहुंचा

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नई दिल्ली,एजेंसी। भारत और पाकिस्तान के बीच टी-20 क्रिकेट वर्ल्ड कप 2026 का मैच 15 फरवरी को श्रीलंका के कोलंबो में शाम 7 बजे से खेला जाएगा। अगर आप इस मैच को देखने के लिए 14 और 15 फरवरी को फ्लाइट से कोलंबो जाना चाहते हैं, तो आपको 5 गुना तक किराया चुकाना पड़ेगा।

मेकमायट्रिप की वेबसाइट पर मंगलवार (10 फरवरी) को 14 और 15 फरवरी को दिल्ली-मुंबई से कोलंबो फ्लाइट का किराया एक पैसेंजर के लिए रू.1.45 लाख तक दिखा रहा है। आम दिनों में कोलंबो की डायरेक्ट फ्लाइट का किराया 30 हजार रुपए के आस-पास तक रहता है। वहीं कोलंबो में बड़े होटलों का किराया भी रू.1.14 लाख तक पहुंच गया है।

दिल्ली से कोलंबो फ्लाइट को 4 घंटे लगते हैं

दिल्ली से कोलंबो जाने में डायरेक्ट फ्लाइट से करीब 4 घंटे लगते हैं। मैच से एक दिन पहले 14 फरवरी को एअर इंडिया की नॉनस्टॉप फ्लाइट का किराया रू.90 हजार से रू.1.09 लाख तक है। वहीं श्रीलंकन एयरलाइंस का किराया रू.65 हजार से ₹1.45 लाख तक दिखा रहा है।

मैच के दिन रविवार (15 फरवरी) को शाम 7 बजे से पहले एअर इंडिया की नॉनस्टॉप फ्लाइट का किराया रू.1.09 लाख है। वहीं श्रीलंकन एयरलाइंस का किराया रू.66 हजार दिखा रहा है।

मुंबई से कोलंबो फ्लाइट को 3 घंटे लगते हैं

वहीं मुंबई से कोलंबो तक पहुंचने में डायरेक्ट फ्लाइट को करीब 3 घंटे लगते हैं। 14 फरवरी को एअर इंडिया की नॉनस्टॉप फ्लाइट का किराया रू.90 हजार तक है। वहीं श्रीलंकन एयरलाइंस का किराया रू.56 हजार तक दिखा रहा है।

15 फरवरी को शाम 7 बजे से पहले एअर इंडिया की नॉनस्टॉप फ्लाइट का किराया रू.28 हजार है। वहीं श्रीलंकन एयरलाइंस का किराया रू.66 हजार दिखा रहा है।

होटल का किराया रू.1.14 लाख तक पहुंचा

वहीं अगर आप 14 फरवरी और 15 फरवरी को कोलंबो में 3 स्टार, 4 स्टार या 5 स्टार जैसे बड़े होटलों में 2 लोगों के लिए रूम बुक करते हैं, तो एक नाइट का किराया रू.1.14 लाख तक है। आम दिनों में कोलंबो में बड़े होटलों का किराया रू.40 हजार तक रहता है। हालांकि, छोटे होटलों और गेस्ट हाउस में 2 से 3 हजार रुपए तक में भी रूम मिल जाएगा।

श्रीलंका की टूरिज्म इंडस्ट्री को सपोर्ट मिलेगा

श्रीलंका की टूरिज्म इंडस्ट्री इस समय संकट से गुजर रही है। श्रीलंका के सेंट्रल बैंक की एक रिपोर्ट के मुताबिक, श्रीलंका में पर्यटकों की बढ़ती संख्या के बाद भी कमाई में कमी आई है। रिपोर्ट में बताया गया है कि जनवरी 2026 में श्रीलंका आने वाले पर्यटकों से होने वाली कमाई में सालाना आधार पर करीब 5.6% की गिरावट आई है।

श्रीलंका को जनवरी 2025 में टूरिज्म से 400 मिलियन डॉलर यानी 3,622 करोड़ रुपए की कमाई हुई थी। वहीं जनवरी 2026 में यह कमाई गिरकर 378 मिलियन डॉलर यानी 3,423 करोड़ रुपए रह गई। ऐसे में श्रीलंका को उम्मीद है कि भारत-पाकिस्तान मैच के कारण काफी संख्या में लोग श्रीलंका पहुंचेंगे और वहां की टूरिज्म इंडस्ट्री को सपोर्ट मिलेगा।

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चांदी आज ₹3,759 बढ़ी, कीमत ₹2.57 लाख प्रति किलो:दो दिन में ₹12,495 महंगी; सोना ₹824 बढ़कर ₹1.56 लाख पर पहुंचा

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नई दिल्ली,एजेंसी। चांदी-सोने के दाम में आज 10 फरवरी को लगातार दूसरे दिन तेजी है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार, आज 10 फरवरी को एक किलो चांदी की कीमत 3,759 रुपए बढ़कर 2,57,424 रुपए किलो पर पहुंच गई है। सोमवार को इसका भाव 2,53,665 रुपए किलो था। इससे पहले शुक्रवार को चांदी की कीमत 2,44,929 रुपए किलो थी।

वहीं, आज 10 ग्राम 24 कैरेट सोने की कीमत 824 रुपए बढ़कर 1,55,700 रुपए पर पहुंच गई है। इससे पहले सोमवार को ये 1,54,876 रुपए प्रति 10 ग्राम थी। सर्राफा बाजार में 29 जनवरी को सोने ने 1,76,121 रुपए और चांदी ने 3,85,933 रुपए का ऑल टाइम हाई बनाया था।

IBJA की सोने की कीमतों में 3% GST, मेकिंग चार्ज, ज्वेलर्स मार्जिन शामिल नहीं होता। इसलिए शहरों के रेट्स इससे अलग होते हैं। इन रेट्स का इस्तेमाल RBI सोवरेन गोल्ड बॉन्ड के रेट तय करने के लिए करता है। कई बैंक गोल्ड लोन के रेट तय करने के लिए इसे इस्तेमाल करते हैं।

41 दिन में सोना रू.22,505 और चांदी रू.1,49,568 महंगी हुई

इस साल अब तक सोने की कीमत 22,505 रुपए बढ़ चुकी है। 31 दिसंबर 2025 को 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 1,33,195 रुपए का था, जो अब 1,55,700 रुपए हो गया है।

वहीं, चांदी 27,004 रुपए महंगी हो गई है। 31 दिसंबर 2025 को एक किलो चांदी की कीमत 2,30,420 रुपए थी, जो अब 2,57,424 रुपए प्रति किलो पहुंच गई है।

सस्ते दामों पर खरीदारी कर रहे लोग

पिछले तीन कारोबारी सत्रों में सोने-चांदी की कीमतों में तेज गिरावट आई थी। इस दौरान सोना करीब 15% तक सस्ता हो गया था।अब कीमतें स्थिर होते ही निवेशकों ने निचले स्तर पर खरीदारी शुरू कर दी है। हालांकि, जानकारों का कहना है कि अभी सोने-चांदी में एकमुश्त पैसा लगाने से बचना चाहिए। इसकी जगह धीरे-धीरे निवेश करना ज्यादा फायदेमंद होगा।

2025 में सोना 75% और चांदी 167% महंगी हुई

2025 में सोना 57 हजार रुपए (75%) बढ़ा है। 31 दिसंबर 2024 को 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 76,162 रुपए का था, जो 31 दिसंबर 2025 को 1,33,195 रुपए हो गया।

चांदी इस दौरान 1.44 लाख रुपए (167%) बढ़ी। 31 दिसंबर 2024 को एक किलो चांदी 86,017 रुपए की थी, जो साल के आखिरी दिन 2,30,420 रुपए प्रति किलो हो गई।

सोना खरीदते समय इन 2 बातों का रखें ध्यान

1. सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें: हमेशा ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड (BIS) का हॉलमार्क लगा हुआ सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें। ये नंबर अल्फान्यूमेरिक यानी कुछ इस तरह से हो सकता है- AZ4524। हॉलमार्किंग से पता चलता है कि सोना कितने कैरेट का है।

2. कीमत क्रॉस चेक करें: सोने का सही वजन और खरीदने के दिन उसकी कीमत कई सोर्सेज (जैसे इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन की वेबसाइट) से क्रॉस चेक करें। सोने का भाव 24 कैरेट, 22 कैरेट और 18 कैरेट के हिसाब से अलग-अलग होता है।

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