राज्यपाल डेका ने राष्ट्रीय ध्वज फहरा कर ली परेड की सलामी
विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण का किया आव्हान
रायपुर। राज्यपाल रमेन डेका ने गणतंत्र दिवस के अवसर पर राजधानी रायपुर के पुलिस परेड ग्राउंड में राष्ट्रीय ध्वज फहराया और परेड की सलामी ली। उन्होंने परेड का निरीक्षण किया। इस दौरान मुख्य सचिव विकास शील और पुलिस महानिदेशक अरूण देव गौतम भी उनके साथ थे। इस अवसर पर श्री डेका ने कहा कि गणतंत्र दिवस का शुभ दिन राष्ट्र के लिए नए संकल्प लेने का दिन होता है। आइए यह संकल्प ले कि विकसित छत्तीसगढ़ निर्माण में अपनी पूरी भागीदारी देंगे।
राज्यपाल श्री डेका ने प्रदेशवासियों को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं देते हए कहा कि यह पवित्र अवसर हमें राष्ट्र की एकता और अखण्डता को सहेजते हुए देश के प्रति अपने कर्तव्यों को निभाने की प्रेरणा देता हैं। गणतंत्र दिवस भारतीय लोकतंत्र की महान परंपरा तथा हमारे संवैधानिक मूल्यों की समृद्ध विरासत का प्रतीक है।
राज्यपाल ने अपने संदेश में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी, नेता जी सुभाष चन्द्र बोस, सरदार भगत सिंह, बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर, शहीद वीर नारायण सिंह, वीर गुंडाधुर समेत सभी नायकों का स्मरण किया, जिनके देश प्रेम और त्याग से गणतंत्र प्राप्त हुआ। उन्होंने कहा कि आज के ही दिन हमें एक ऐसा संविधान प्राप्त हुआ, जो देश के सभी नागरिकों को स्वतंत्रता और समानता का अधिकार प्रदान करता है। राज्यपाल ने कहा कि बाबा गुरु घासीदास जी ने मनखे-मनखे एक समान का संदेश दिया। संविधान में समानता का अधिकार इस भावना को अभिव्यक्त करता है। शहीद वीरनारायण सिंह ने लोगों की भूख की पीड़ा देखी थी और इसे मिटाने के लिए अंग्रेजों से संघर्ष किया। श्री डेका ने कहा कि हम लोक कल्याणकारी राज्य में रह रहे हैं, जहां सामाजिक-आर्थिक न्याय के साथ ही शिक्षा, स्वास्थ्य और पोषण जैसी जरूरतों को पूरा किया जा रहा है। छत्तीसगढ़ इन्हें लागू करने में मॉडल राज्य है।
वर्ष 2000 में अटल जी ने छत्तीसगढ़ राज्य का निर्माण किया। रजत जयंती वर्ष में हमने छत्तीसगढ़ को वर्ष 2047 तक विकसित राज्य बनाने का संकल्प लिया है और इसके लिए अंजोर विजन डाक्यूमेंट के रूप में रोडमैप भी तैयार किया है। राज्यपाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ देश के सबसे तेजी से उभरते हुए राज्यों में से एक है। हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के मार्गदर्शन में प्रदेश में तेजी से अधोसंरचना का विस्तार हुआ है।
हमारी नई औद्योगिक नीति ने प्रदेश में निवेश के लिए नई संभावनाएं पैदा की हैं। 7 लाख 83 हजार करोड़ रुपए से अधिक के निवेश प्रस्ताव राज्य को मिले हैं। इनसे बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे।
बरसों तक छत्तीसगढ़ ने माओवादी हिंसा की यातना झेली है। हमारे प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में हमने सुनियोजित रणनीति के माध्यम से माओवाद के विरुद्ध लड़ाई छेड़ी। हमने नक्सलियों के पुनर्वास की नई नीति तैयार की। दो सालो में ही 2500 से अधिक नक्सलियों ने संविधान में आस्था प्रकट की। बस्तर की धरती से हम इस साल के मार्च महीने तक माओवाद को पूरी तरह से समाप्त कर देंगे।
प्रधानमंत्री जी द्वारा धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान एवं प्रधानमंत्री जनमन योजना आदि प्रमुख योजनाओं के माध्यम से जनजातीय क्षेत्रों में व्यापक विकास कार्य कराए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री जनमन योजना एवं आदि कर्मयोगी अभियान के उत्कृष्ट क्रियान्वयन के लिए राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु द्वारा छत्तीसगढ़ को सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले राज्य के रूप में सम्मानित किया गया है।
राज्यपाल ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल नौकरी प्राप्त करना ही नहीं, बल्कि चरित्र निर्माण भी है। बच्चों के समग्र विकास में शिक्षा की अहम भूमिका को देखते हुए राष्ट्रीय शिक्षा नीति को अपनाया गया है। इसके माध्यम से बच्चे भारत के गौरवशाली इतिहास और संस्कृति के साथ ही आधुनिक ज्ञान-विज्ञान भी सीख रहे हैं।
श्री डेका ने कहा कि मुझे इस बात की हार्दिक खुशी है कि छत्तीसगढ़ आधुनिक उद्योगों की स्थापना में भी आगे है। यहां सेमीकंडक्टर प्लांट का काम प्रगति पर है। एआई डाटा सेंटर पार्क अस्तित्व में आ रहा है। आईटी सेक्टर भी तेजी से तरक्की कर रहा है।
श्री डेका ने कहा कि हमारा प्रदेश कृषि प्रधान है। हमारी सरकार किसानों को फसल का सबसे अच्छा मूल्य देती है। हम किसानों से 3100 रुपए प्रति क्विंटल तथा 21 क्विंटल प्रति एकड़ धान खरीदी कर रहे हैं।
हमारी मातृशक्ति के खाते में महतारी वंदन योजना के तहत हर महीने एक हजार रुपए दिए जा रहे हैं। यह उनकी मेहनत का सम्मान है। प्रधानमंत्री जी ने बीते वर्षों में महिला सशक्तीकरण के लिए अनेक बड़े निर्णय लिये, इनमें से एक महत्वपूर्ण लक्ष्य देश में तीन करोड़ लखपति दीदी देश भर में तैयार करने का भी है। छत्तीसगढ़ में भी इस लक्ष्य को लेकर तेजी से कार्य हो रहा है और अब तक प्रदेश में 4 लाख 93 हजार लखपति दीदी बन चुकी हैं।
भविष्य में जल संकट से निपटना भी हमारी महत्वपूर्ण चुनौती है। इसके लिए राज्य सरकार कई स्तर पर काम कर रही है। हम नदियों को जोड़ने के लिए सर्वे आरंभ कर रहे है। इंद्रावती और महानदी जैसी नदियों को जोड़ने से एक-एक बूंद का इस्तेमाल सही तरह से हो सकेगा।
आम जनता को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देने के लिए उपयोगी अधोसंरचना तैयार की गई है। प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत प्रदेश में 81 लाख परिवारों के आयुष्मान कार्ड बनाये गये हैं। 4 लाख 96 हजार से अधिक वरिष्ठ नागरिकों के आयुष्मान वय वंदना कार्ड बनाये गये हैं। स्वास्थ्य से जुड़े हुए सभी कार्यक्रमों में छत्तीसगढ़ ने उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। राज्य के 4106 ग्राम पंचायतें टीबी मुक्त हो गई हैं।
हमारा प्रदेश सिकल सेल की समस्या से जूझता रहा है। इस संकट से जूझने के लिए प्रभावी कार्य किये गये हैं। दो वर्षों में 1 करोड़ से ज्यादा नागरिकों का जेनेटिक कार्ड वितरण हो चुका है और कुल 1 करोड़ 52 लाख लोगों की स्क्रीनिंग कर ली गई है। अंधत्व निवारण कार्यक्रम के तहत 2 लाख 81 हजार से अधिक मोतियाबिंद आपरेशन हुए हैं। मोतियाबिंद आपरेशन के लिए शासन ने एम्स से भी एमओयू किया है। परीक्षा से पूर्व बच्चों का आई टेस्ट कर लिया जाए, इसके पुख्ता इंतजाम किये गये हैं और इसके तहत 1 लाख 62 हजार चश्मों का वितरण स्कूली बच्चों को किया गया है। राज्य की रजत जयंती के अवसर पर हमने छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव का आयोजन किया। हमने बस्तर ओलंपिक और बस्तर पंडुम का आयोजन किया। हमने रायपुर साहित्य उत्सव का आयोजन भी किया। अब ट्राइबल खेलों की मेजबानी भी करने जा रहे हैं।
समारोह में परेड का नेतृत्व भारतीय पुलिस सेवा के परिवीक्षाधीन अधिकारी आदित्य कुमार ने किया। उनके नेतृत्व में सीमा सुरक्षा बल, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल, भारत तिब्बत सीमा बल, केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल, सशस्त्र सीमा बल, उत्तर प्रदेश पुलिस, छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल (पुरुष), छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल (महिला), छत्तीसगढ़ पुलिस (पुरुष), जेल पुलिस (पुरुष), नगर सेना (पुरुष), नगर सेना (महिला), एनसीसी बॉयज, एनसीसी गर्ल्स, डॉग स्क्वॉड, घुड़सवार दल, महिला और बैण्ड प्लाटून की टुकड़ियों ने मार्च पास्ट में भाग लिया।
इसके पश्चात राज्यपाल श्री डेका ने राज्य के पुलिस अधिकारियों को पुलिस वीरता पदक, विशिष्ट सेवा हेतु राष्ट्रपति का पुलिस पदक, सराहनीय सेवा हेतु पुलिस पदक प्रदान कर अलंकृत किया। वीर बच्चों आर्यन खेश, राकेश मिंज, आशु देवांगन, मेहुल देवांगन और कुमारी हेमाद्री चौधरी को उनकी सूझ-बूझ एवं बहादुरीपूर्ण कार्य के लिए राज्य वीरता पुररूस्कार प्रदान किया।
मुख्य समारोह में आकर्षक परेड, हॉर्स शो, डॉग शो, बैगपाइपर बैंड डिस्प्ले, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और विभिन्न विभागों की झांकियां भी प्रस्तुत की गईं, जिन्हें दर्शकों ने सराहा। समारोह में बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, वरिष्ठ अधिकारी, शहीदों के परिजन, विद्यार्थी और नागरिक उपस्थित रहे।
जांजगीर-चांपा। जांजगीर-चांपा जिले के पामगढ़ में शराब पीने के बाद संदिग्ध परिस्थितियों में बसपा पार्षद समेत दो लोगों की मौत हो गई। मृतकों की पहचान बसपा पार्षद रामखिलावन जांगड़े (55) और निजी क्लिनिक संचालक जोहितराम खरे (52) के रूप में हुई है।
दोनों ने शुक्रवार देर शाम अपने दो अन्य साथियों के साथ देशी शराब का सेवन किया था। घर पहुंचने के बाद उन्हें सांस लेने में परेशानी होने लगी और उनकी तबीयत बिगड़ गई। इसके बाद दोनों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पामगढ़ ले जाया गया। हालत गंभीर होने पर उन्हें बिलासपुर रेफर किया गया, जहां इलाज के दौरान दोनों की मौत हो गई।
रामखिलावन जांगड़े ने सिम्स में, जबकि जोहितराम खरे ने अपोलो अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। वहीं, शराब पीने के दौरान साथ रहे कमल नाथ खरे उर्फ राजा की शनिवार को तबीयत बिगड़ने पर उसे इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया। मामले में शराब पीने के दौरान मौजूद मुकेश कश्यप उर्फ गोलू को पुलिस ने हिरासत में लिया है। उससे पूछताछ की जा रही है।
बसपा पार्षद रामखिलावन जांगड़े।
निजी क्लिनिक संचालक जोहितराम खरे
जहरीला पदार्थ मिला होने की आशंका
घटना के बाद शराब में जहरीला पदार्थ मिले होने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, फिलहाल दोनों की मौत की वास्तविक वजह स्पष्ट नहीं हो पाई है। इसकी पुष्टि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही हो सकेगी।
दोनों मृतकों के शवों का बिलासपुर में पोस्टमॉर्टम कराया जाना है। मौत के कारणों का पता लगाने के लिए विसरा सुरक्षित रखकर जांच कराए जाने की जानकारी भी सामने आई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि दोनों की मौत शराब के सेवन से हुई या इसके पीछे कोई अन्य कारण था।
चार लोग साथ बैठकर पी रहे थे शराब
जानकारी के अनुसार, शुक्रवार देर शाम भाजपा पार्षद रामखिलावन जांगड़े अपने तीन साथियों के साथ बैठकर शराब पी रहे थे। इनमें रामखिलावन जांगड़े और जोहितराम खरे की तबीयत अचानक बिगड़ गई। शराब सेवन के बाद दोनों को सांस लेने में परेशानी होने लगी।
हालत खराब होने पर परिजन और आसपास के लोग उन्हें इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पामगढ़ लेकर पहुंचे। वहां शुरुआती इलाज के बाद दोनों की स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें बिलासपुर रेफर कर दिया।
सिम्स में इलाज के दौरान बसपा पार्षद रामखिलावन जांगड़े की मौत हो गई।
सिम्स और अपोलो अस्पताल में हुई मौत
पामगढ़ से बिलासपुर पहुंचने के बाद रामखिलावन जांगड़े को सिम्स अस्पताल में भर्ती कराया गया, जबकि जोहितराम खरे का अपोलो अस्पताल में इलाज चल रहा था। इलाज के दौरान दोनों ने दम तोड़ दिया।
दोनों की मौत के बाद मामले को संदिग्ध माना जा रहा है। शराब में जहरीला पदार्थ मिला होने की आशंका के बीच पोस्टमॉर्टम और अन्य जांच के जरिए मौत की वजह पता लगाने की कोशिश की जा रही है।
फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि दोनों की मौत शराब में किसी जहरीले पदार्थ की मौजूदगी के कारण हुई या इसके पीछे कोई अन्य वजह थी।
सांस लेने में परेशानी के बाद बिगड़ी हालत
एसडीओपी तोपेश वर्मा के अनुसार, दोनों मृतकों ने अपने दो अन्य साथियों के साथ सादी देशी शराब का सेवन किया था। इसके बाद घर पहुंचने पर उन्हें सांस लेने में परेशानी होने लगी। हालत बिगड़ने पर दोनों को बिलासपुर के अस्पतालों में भर्ती कराया गया, जहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई।
एसडीओपी ने बताया कि शराब पीने के दौरान मौजूद दो अन्य साथियों की तलाश की जा रही है, ताकि घटना के संबंध में जानकारी जुटाई जा सके।
पोस्टमॉर्टम और जांच रिपोर्ट से स्पष्ट होगी मौत की वजह
दोनों शवों का बिलासपुर में पोस्टमॉर्टम कराया जाना है। मौत के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए विसरा सुरक्षित रखकर जांच कराए जाने की जानकारी सामने आई है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि दोनों की मौत किस वजह से हुई और क्या शराब में किसी जहरीले पदार्थ की मिलावट थी।
फिलहाल पुलिस मामले से जुड़े तथ्यों की जानकारी जुटा रही है। शराब सेवन के दौरान मौजूद दोनों अन्य साथियों से पूछताछ के बाद घटना के संबंध में और जानकारी सामने आने की उम्मीद है।
रायपुर, एजेंसी। छत्तीसगढ़ में 15 नवंबर 2026 से धान खरीदी की शुरुआत होने जा रही है। सरकार 3100 रुपए समर्थन मूल्य पर किसानों से धान खरीदेगी। पंजीकृत किसानों से 1 एकड़ में अधिकतम 21 क्विंटल धान लिया जाएगा। धान खरीदी का यह अभियान 31 जनवरी 2027 तक चलेगा।
दुर्ग पंडवानी महासम्मेलन में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने तारीख का ऑफिशियल ऐलान किया। राज्य सरकार ने इस सीजन में कुल 160 लाख मीट्रिक टन धान खरीदने का बड़ा लक्ष्य रखा है। पिछले साल 140 लाख मीट्रिक टन धान खरीदा गया था। धान खरीदी का लक्ष्य इस साल 20 लाख मीट्रिक टन बढ़ा है।
पिछले 5 सालों में 63% बढ़ा धान खरीदी का लक्ष्य
2021-22: 98 लाख मीट्रिक टन
2026-27: 160 लाख मीट्रिक टन
5 साल में लक्ष्य 1.63 गुना बढ़ा
कुल बढ़ोतरी: 62 लाख मीट्रिक टन (करीब 63%)
किसानों को इन बातों का रखना होगा ध्यान:
एग्रीस्टैक पंजीयन अनिवार्य: धान बेचने के लिए इस बार किसानों को एग्रीस्टैक पोर्टल पर ऑनलाइन पंजीयन कराना जरूरी किया गया है।
टोकन की व्यवस्था: खरीदी केंद्रों पर टोकन के जरिए तय तारीख पर ही धान की बिक्री हो सकेगी।
बायोमेट्रिक सत्यापन: उपार्जन केंद्रों पर पारदर्शिता बरतने के लिए किसानों का बायोमेट्रिक सत्यापन किया जाएगा।
गुणवत्ता और नमी के मानक: धान में नमी की मात्रा 17 प्रतिशत से अधिक नहीं होनी चाहिए, अन्यथा माल रिजेक्ट हो सकता है।
सूरजपुर, एजेंसी। छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले में टीचर और उनके बेटे की हत्या के आरोपी की पत्नी ने अपने पति को फांसी देने की मांग की है। आरोपी की पत्नी और मृतका एक ही स्कूल में टीचर थीं।
आरोपी की पत्नी ने बताया कि करीब 15 दिन पहले ही उसके पति ने बिना उसकी मर्जी के उसका एक करोड़ रुपए का बीमा कराया था। उसे शक है कि अगला टारगेट वह खुद थी। उसका कहना है कि पति ने घटना वाली रात पेंड्रा जाने की बात कहकर उसे गुमराह किया था। उसे पति के इस हत्याकांड के बारे में कोई जानकारी नहीं थी।
आरोपी की पत्नी ने बताया कि पति ने पुलिस की पूछताछ में टीचर की हत्या इगो में करने की बात कही थी। रजनी ने शायद प्रवेश को ‘नामर्द’ कहा था। आरोपी की पत्नी ने कहा, हो सकता है कि दोनों के बीच अवैध संबंध रहे हों, हालांकि इसकी जानकारी मुझे नहीं है।
मामला जयनगर और विश्रामपुर थाना क्षेत्र का है। आरोपी ने टीचर रजनी बरेट (40) से पैसे मांगे, नहीं देने पर उसका गला घोंट दिया। वहीं, मृतका के बेटे सूजल बरेट (18) को सुनसान जगह ले जाकर पत्थर से उसके सिर और सीने पर वार कर उसकी हत्या कर दी थी। पुलिस ने हत्या के आरोप में परवेश कुमार उर्फ प्रवेश कुमार को गिरफ्तार किया है।
बेटे की लाश सड़क किनारे सुनसान जगह में मिली थी।
महिला सरकारी स्कूल में टीचर थी, उसकी लाश बाथरूम में मिली थी।
पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।
पत्नी ने कहा-बीमा कराया था, अगला टार्गेट मैं थी
दोहरे हत्याकांड के आरोपी प्रवेश कुमार की गिरफ्तारी के बाद उसकी पत्नी सरिता लकड़ा ने पति से सारे रिश्ते तोड़ने की बात कही और उसे जल्द से जल्द फांसी देने की मांग की।
सरिता कैमरे के सामने फूट-फूटकर रोने लगी। उसने बताया कि हत्या की घटना से करीब 15 दिन पहले ही उनके पति प्रवेश ने बिना उनकी मर्जी के टाटा एआईए कंपनी में उनका एक करोड़ रुपए का बीमा कराया था। सरिता ने आशंका जताई कि उनके पति का अगला टारगेट वह खुद थी।
पत्नी बोली- जान का खतरा, पति ने झूठ बोला था
सरिता लकड़ा ने कहा कि अब उसे अपनी जान का डर सता रहा है। पति ने एक करोड़ रुपए का बीमा इसलिए कराया था, ताकि मेरी मौत के बाद बीमा की रकम लेकर वह आसानी से फरार हो सके।
सरिता ने बताया कि घटना वाली रात भी पति ने पेंड्रा जाने की बात कहकर उसे गुमराह किया था। उन्हें इस हत्याकांड की जानकारी बाद में पुलिस के जरिए मिली। सरिता ने प्रशासन से अपनी सुरक्षा की मांग की है।
चार साल से थे लिव इन में
हत्याकांड का आरोपी प्रवेश कुमार मूल रूप से हरियाणा के करनाल जिले का रहने वाला है। वह ऑटो पार्ट्स सप्लाई का कारोबार करता था और विश्रामपुर में रह रहा था। कोरोना काल में उसकी आर्थिक स्थिति खराब हो गई थी। उसने कारोबार के लिए बैंक से 20 लाख रुपए का लोन भी लिया था।
आर्थिक तंगी के कारण उसे अपनी दुकान बंद करनी पड़ी। इसके बाद वह अलग-अलग दुकानों पर ऑटो पार्ट्स की सप्लाई करने लगा। सरिता लकड़ा के संपर्क में आने के बाद दोनों वर्ष 2022 से पति-पत्नी की तरह रह रहे थे। सरिता ने बताया कि इस वारदात के बाद उन्होंने अपनी मांग का सिंदूर मिटा दिया है।
‘नामर्द’कहने पर हत्या, कहा- हो सकता है अवैध संबंध
सरिता ने बताया कि उनके पति प्रवेश कुमार ने पुलिस की पुलिस की पूछताछ में कहा था कि उसने इगो में आकर रजनी की हत्या कर दी। सरिता के मुताबिक, रजनी ने शायद प्रवेश को ‘नामर्द’ कहा था, जिसके कारण उसने हत्या की।
सरिता ने यह भी कहा कि हो सकता है कि प्रवेश और रजनी के बीच अवैध संबंध रहे हों, लेकिन उन्हें इस बारे में कोई जानकारी नहीं है।
टीचर और बेटे की हुई थी हत्या
जानकारी के मुताबिक, 10 अक्टूबर की सुबह जयनगर थाना क्षेत्र के महावीरपुर में नेशनल हाईवे-43 से लगी ग्रामीण सड़क के किनारे एक लड़के का शव मिला था। लड़के की हत्या के बाद शव सड़क किनारे फेंका गया था।
मृतक की पहचान बिश्रामपुर के कार्मल कॉन्वेंट स्कूल में 12वीं के छात्र सुजल बरेठ (18) के रूप में हुई। जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि सुजल की स्कूटी घर से करीब 500 मीटर दूर एक पेट्रोल पंप पर लावारिस हालत में खड़ी थी।
मां का शव बाथरूम में मिला
देर रात पुलिस सुजल के घर पहुंची, तो मुख्य दरवाजे पर ताला लगा मिला। उसकी मां रजनी बरेठ का भी पता नहीं चल रहा था। इसके बाद बिश्रामपुर पुलिस ने सुजल के रिश्तेदारों को मौके पर बुलाया। उनकी मौजूदगी में घर का ताला तोड़ा गया। अंदर बाथरूम में सुजल की मां रजनी बरेठ (40) का शव भी संदिग्ध हालत में मिला।
पति से तलाक के बाद बेटे के साथ रहती थी
रजनी बरेठ बेलटिकरी के सरकारी स्कूल में टीचर थीं। पति से 5 साल पहले तलाक के बाद वह अपने बेटे सुजल के साथ विश्रामपुर थाना क्षेत्र के केशवनगर में किराए के मकान में रहती थीं। घटना के बाद पुलिस ने कई संदेहियों से पूछताछ की।
मामला ब्लाइंड मर्डर का होने के कारण साइबर सेल और सूरजपुर पुलिस की संयुक्त टीम ने कई संदिग्धों से पूछताछ की। आसपास के CCTV फुटेज खंगाले गए और संदिग्धों के मोबाइल की लोकेशन भी निकाली गई।
सहेली के पति पर गया शक
जांच के दौरान रजनी बरेठ के स्कूल में पदस्थ एक महिला टीचर के पति परवेश उर्फ प्रवेश कुमार (36) की भूमिका संदिग्ध मिली। पुलिस को CCTV में एक व्यक्ति टीचर के घर की ओर जाते दिखा था। जांच के बीच संदिग्ध फरार हो गया था। इसके बाद 22 अक्टूबर को पुलिस ने उसे हिरासत में लिया। पूछताछ में आरोपी ने हत्या करना कबूल कर लिया।
पैसे देने से मना करने पर मां की हत्या
पूछताछ में प्रवेश कुमार ने रजनी बरेठ और सुजल बरेठ की हत्या करना स्वीकार किया। आरोपी ने बताया कि उसकी पत्नी और रजनी बरेठ एक ही स्कूल में टीचर थीं, जिसके कारण आरोपी का रजनी बरेठ के घर आना-जाना था।
आरोपी ने मोटर-पार्ट्स के व्यवसाय के लिए 20 लाख रुपये का लोन लिया था और उसे पैसों की जरूरत थी। उसे पता था कि रजनी बरेठ ने भी 19 लाख रुपये का लोन लिया है।
9 अक्टूबर की दोपहर आरोपी पैदल रजनी बरेठ के घर पहुंचा। रजनी शाम को ड्यूटी से लौटीं, तो सुजल ट्यूशन के लिए घर से चला गया। प्रवेश ने रजनी से पैसे मांगे। उन्होंने पैसे देने से मना कर दिया।
बाथरूम में गला दबाकर मार डाला
पैसों के लालच में प्रवेश कुमार ने रजनी बरेठ से झूमाझटकी की। जब रजनी भागने लगीं, तो आरोपी ने उन्हें बाथरूम में खींचकर उनके सिर पर शैंपू की बोतल मारी और गला दबाकर उनकी हत्या कर दी।
आरोपी प्रवेश कुमार
सबूत मिटाने बेटे को मार डाला
आरोपी ने बताया कि बेटे सुजल को पता था कि घर पर उसकी मां और आरोपी मौजूद थे, इसलिए उसने सुजल को भी मारने की प्लानिंग की। वह रजनी के घर जाने वाले रास्ते के तिराहे पर करीब 3 घंटे तक सुजल का इंतजार करता रहा। रात करीब 9 बजे सुजल आया, तो उसने कहा कि तेरी मम्मी मेरे घर पर हैं।
आरोपी सुजल को कार में बैठाकर घुमाते हुए अंबिकापुर लेकर आया और उसे मैगी खिलाई। रात को वे राईं जंगल में बाथरूम जाने के बहाने रुके, जहां आरोपी ने सुजल के गले में स्टॉक कसकर उसे मारने की कोशिश की।
सीमेंट के टुकड़े से सिर-सीने पर मारा
सुजल भागने लगा, तो आरोपी ने सड़क किनारे पड़े सीमेंट के खंभे के टुकड़े से उसके सिर और सीने पर वार कर उसकी हत्या कर दी। इसके बाद शव को कार में रखकर वह कालीघाट पहुंचा, जहां सड़क के किनारे उसने सुजल का शव फेंक दिया।
सूरजपुर एसपी योगेश पटेल ने बताया कि पुलिस ने दोहरे हत्याकांड के आरोपी के कब्जे से मृतका का मोबाइल, ज्वेलरी एवं अन्य सामान बरामद किया है। घटना में प्रयुक्त कार भी जब्त की गई है। आरोपी को कोर्ट में पेश कर दिया गया है।
सूरजपुर एसपी योगेश पटेल ने बताया कि पुलिस ने आरोपी के पास से मृतका का मोबाइल, गहने और अन्य सामान बरामद किया है। जांच में आरोपी की पत्नी की इस हत्याकांड में कोई भूमिका नहीं मिली है।