छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के चेन्नई रोड शो में टूर ऑपरेटर्स से सीधा संवाद, छत्तीसगढ़ भ्रमण के लिए पर्यटकों को जोड़ने पर जोर
130 से अधिक टूर ऑपरेटरों ने दिखाई गहरी रुचि
तमिल भाषा में पहली बार हुआ पर्यटन स्थलों का प्रभावी प्रस्तुतीकरण
रायपुर, 2 सितंबर 2026। छत्तीसगढ़ के पर्यटन को दक्षिण भारत के प्रमुख पर्यटन बाजार से जोड़ने और राज्य में पर्यटकों की संख्या बढ़ाने की दिशा में छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड ने चेन्नई में “छत्तीसगढ़ टूरिज्म रोड शो” का भव्य आयोजन किया। फिक्की के सहयोग से आयोजित इस रोड शो में चेन्नई के 130 से अधिक ट्रैवल एजेंट एवं टूर ऑपरेटरों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान आयोजित बिजनेस-टू-बिजनेस (B2B) बैठकों में छत्तीसगढ़ और चेन्नई के पर्यटन व्यवसायियों के बीच सार्थक संवाद हुआ, जिससे भविष्य में पर्यटक समूहों को छत्तीसगढ़ भ्रमण पर भेजने तथा कारोबारी साझेदारी बढ़ाने की संभावनाएं मजबूत हुईं।
दक्षिण भारत के पर्यटन बाजार से छत्तीसगढ़ को जोड़ने की पहल
चेन्नई में आयोजित यह रोड शो छत्तीसगढ़ को दक्षिण भारत के प्रमुख पर्यटन बाजारों से जोड़ने की रणनीतिक पहल के रूप में सामने आया। रोड शो में छत्तीसगढ़ के पर्यटन उत्पादों, प्रमुख पर्यटन स्थलों और निवेश की संभावनाओं को चेन्नई के पर्यटन व्यवसायियों के समक्ष प्रस्तुत किया गया। B2B बैठकों के माध्यम से दोनों राज्यों के स्टेकहोल्डर्स को सीधे संवाद और संभावित व्यावसायिक सहयोग का अवसर मिला। कार्यक्रम में हुई चर्चा में पर्यटन व्यवसायियों की ओर से उत्साहजनक प्रतिक्रिया प्राप्त हुई।
कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के अध्यक्ष श्री नीलू शर्मा प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। उनके संबोधन ने चेन्नई के पर्यटन व्यवसायियों को छत्तीसगढ़ के पर्यटन से जोड़ने और राज्य की पर्यटन संभावनाओं के प्रति प्रोत्साहित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
इस अवसर पर पर्यटन विभाग, छत्तीसगढ़ शासन के सचिव डॉ. एस. भारतीदासन (IAS) तथा छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के प्रबंध संचालक सौमिल रंजन चौबे (IAS) भी उपस्थित रहे। श्री चौबे ने छत्तीसगढ़ के प्रमुख पर्यटन स्थलों, पर्यटन उत्पादों तथा राज्य में उपलब्ध निवेश संभावनाओं पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया।
तमिल भाषा में पहली बार छत्तीसगढ़ पर्यटन का प्रस्तुतीकरण
रोड शो का सबसे खास आकर्षण रहा—छत्तीसगढ़ के पर्यटन स्थलों और संभावनाओं को पहली बार तमिल भाषा में स्थानीय स्टेकहोल्डर्स के समक्ष प्रस्तुत किया जाना। इस पहल ने चेन्नई के पर्यटन व्यवसायियों और स्थानीय पर्यटकों के साथ भावनात्मक जुड़ाव स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
सचिव डॉ. एस. भारतीदासन ने अपने संबोधन में तमिल और अंग्रेजी भाषा में छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक, सांस्कृतिक एवं विरासत संपदा की व्यापक संभावनाओं को रेखांकित किया। उन्होंने राज्य की पर्यटन संपदा को देश के प्रमुख पर्यटन बाजारों से जोड़ने की आवश्यकता पर बल दिया।
तमिलनाडु के पर्यटन क्षेत्र के प्रमुख प्रतिनिधियों की मौजूदगी
रोड शो में भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय की सहायक निदेशक सुश्री एस. पद्मावती, फिक्की छत्तीसगढ़ टूरिज्म कमेटी के चेयरपर्सन एवं फिक्की छत्तीसगढ़ के अध्यक्ष जसप्रीत सिंह भाटिया, फिक्की तमिलनाडु स्टेट काउंसिल के को-कन्वीनर श्रीहरन बालन तथा तमिलनाडु पर्यटन के निदेशक डॉ. वी.पी. जयसीलन (IAS) सहित पर्यटन क्षेत्र के अनेक प्रमुख प्रतिनिधि मौजूद रहे।
चेन्नई में पदस्थ छत्तीसगढ़ कैडर के वरिष्ठ अधिकारियों ने साझा किया आत्मीय जुड़ाव
रोड शो की एक विशेष उपलब्धि यह भी रही कि छत्तीसगढ़ कैडर के वरिष्ठ IAS अधिकारी के.सी. देवासेनापति एवं एलेक्स पॉल मेनन, जो वर्तमान में चेन्नई में पदस्थ हैं, विशेष रूप से कार्यक्रम में शामिल हुए। दोनों अधिकारियों ने छत्तीसगढ़ से अपने आत्मीय जुड़ाव और राज्य की पर्यटन संभावनाओं पर सारगर्भित विचार साझा किए। उनकी सहभागिता ने कार्यक्रम को एक अलग भावनात्मक आयाम प्रदान किया।
व्यापारिक साझेदारी के साथ दिखी सांस्कृतिक निकटता
चेन्नई रोड शो में छत्तीसगढ़ और तमिलनाडु के बीच पर्यटन क्षेत्र में व्यावसायिक साझेदारी के साथ-साथ आत्मीय जुड़ाव और सांस्कृतिक निकटता भी स्पष्ट रूप से दिखाई दी। एक ही मंच पर छत्तीसगढ़ से जुड़े वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों, पर्यटन विभाग, छत्तीसगढ़ के पर्यटन कारोबारियों और चेन्नई के पर्यटन व्यवसायियों की सहभागिता ने आयोजन को विशेष बनाया।
B2B बैठकों ने दोनों राज्यों के पर्यटन स्टेकहोल्डर्स को संभावित व्यापारिक सहयोग, पर्यटक समूहों के आवागमन और पर्यटन उत्पादों के प्रचार-प्रसार के लिए प्रत्यक्ष संवाद का मंच दिया। इससे छत्तीसगढ़ के पर्यटन को दक्षिण भारतीय बाजार में नई पहचान और नए कारोबारी अवसर मिलने की उम्मीद बढ़ी है।
इस प्रकार चेन्नई का “छत्तीसगढ़ टूरिज्म रोड शो” केवल पर्यटन प्रचार का आयोजन नहीं रहा, बल्कि दक्षिण भारत के पर्यटन बाजार के साथ छत्तीसगढ़ के मजबूत व्यावसायिक एवं सांस्कृतिक संबंधों की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बनकर सामने आया।
परंपरागत हुनर के साथ आधुनिक उत्पाद बनाने का प्रशिक्षण,आजीविका के नए अवसर सृजित करने की पहल
कोरबा, 13 सितंबर 2026। कलेक्टर कुणाल दुदावत के निर्देशन एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत कोरबा प्रतीक जैन के मार्गदर्शन में जिले में विशेष पिछड़ी जनजाति (पीवीटीजी) परिवारों को आजीविका से जोड़ने और उनकी पारंपरिक कला एवं कौशल को रोजगार के बेहतर अवसरों में परिवर्तित करने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) के अंतर्गत पोड़ी उपरोड़ा विकासखंड के ग्राम पंचायत कोनकोना के आश्रित ग्राम समेलीभाटा में निवासरत बिरहोर परिवारों को बांस कला का विशेष प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। यह प्रशिक्षण 10 से 19 सितंबर तक ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान(आरसेटी)कोरबा के माध्यम से आयोजित किया जा रहा है।
समेलीभाटा के बिरहोर परिवार लंबे समय से पारंपरिक रूप से बांस शिल्प निर्माण का कार्य करते आ रहे हैं। इनके द्वारा बांस से टोकनी, सूपा, झापी सहित विभिन्न उपयोगी वस्तुएं तैयार कर स्थानीय हाट-बाजारों में विक्रय की जाती हैं। हालांकि पारंपरिक उत्पादों तक सीमित बाजार और उचित मूल्य नहीं मिलने के कारण कारीगरों को अपनी मेहनत के अनुरूप पर्याप्त आमदनी प्राप्त नहीं हो पाती। इसे ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन द्वारा इन परिवारों के पारंपरिक हुनर को आधुनिक बाजार की मांग के अनुरूप विकसित करने की पहल की गई है।
प्रशिक्षण के दौरान बांस शिल्पकारों को पारंपरिक उत्पादों के साथ-साथ आधुनिक एवं आकर्षक सजावटी वस्तुएं तैयार करने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इनमें आकर्षक गुलदस्ते, सीनरी, झालर तथा अन्य उपयोगी एवं सजावटी बांस उत्पाद शामिल हैं। प्रशिक्षण का उद्देश्य बांस शिल्पकारों के कौशल में निखार लाते हुए उनके उत्पादों में विविधता, गुणवत्ता और आकर्षण बढ़ाना है, ताकि वे स्थानीय स्तर से आगे बढ़कर व्यापक बाजार की मांग के अनुरूप उत्पाद तैयार कर सकें।
जिला प्रशासन की इस पहल से बिरहोर परिवारों की पारंपरिक कला को संरक्षित करने के साथ ही उसे आय के स्थायी एवं बेहतर माध्यम के रूप में विकसित करने का प्रयास किया जा रहा है। प्रशिक्षण के पश्चात राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) के माध्यम से इन परिवारों द्वारा तैयार उत्पादों के लिए बाजार उपलब्ध कराने की दिशा में भी कार्य किया जाएगा। इससे बांस शिल्पकारों को अपने उत्पादों के बेहतर मूल्य प्राप्त करने, बाजार से सीधे जुड़ने तथा अपनी आय बढ़ाने के अवसर मिलेंगे।
शांति नगर में गणेशोत्सव समिति द्वारा गणेश चतुर्थी मनाने तैयारी पूरी कोरबा/पाली। कल 14 सितम्बर को पूरे भारत वर्ष में गणेश चतुर्थी की धूम रहेगी। जिले में विभिन्न गणेशोत्सव समितियों द्वारा तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। इसी कड़ी में कल गणेश चतुर्थी पर पाली के राजा का भी भव्य और दिव्य आगमन होगा।
गणेशोत्सव समिति शांति नगर पाली के आयोजकों ने बताया कि कल 14 सितम्बर सोमवार को लालबाग के राजा की प्रतिमा बड़े धूमधाम से मंत्रोच्चार के साथ विराजित की जाएगी। भगवान श्रीगणेश की भव्य प्रतिमा पाली के राजा का शुभ आगमन संध्या 7.00 बजे होगा और पाली मुख्य बाजार से कार्यक्रम स्थल तक रैली की शक्ल में आकर्षक आतिशबाजी, आकर्षक एसएफएक्स एवं धूमाल के साथ लाई जाएगी और पंडित जी के सानिध्य में मंत्रोच्चार के साथ विघ्रहर्ता की प्रतिमा स्थापित की जाएगी। आयोजन समिति ने इस भव्य आयोजन में सभी क्षेत्र वासियों को सादर आमंत्रित किया है और पाली के राजा की आगमन रैली में अधिक से अधिक संख्या में भाग लेने की अपील की गई है।
कोरबा पुलिस की त्वरित कार्रवाई, आपराधिक प्रवृत्ति को देखते हुए गुंडा बदमाश प्रकरण की कार्रवाई भी प्रस्तावित
कोरबा। थाना उरगा क्षेत्र में शराब पीने के लिए पैसे मांगने, पैसे देने से मना करने पर युवक के साथ मारपीट करने तथा बाद में उसके घर पहुंचकर जान से मारने की धमकी देने के मामले में कोरबा पुलिस ने त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है।
शराब के लिए पैसे मांगे, मना करने पर की मारपीट
दिनांक 10.09.2026 की रात्रि लगभग 09:00 बजे प्रार्थी संतोष राठौर निवासी फरसवानी अपने दोस्तों के साथ पार्टी में जाने के लिए निकला था। इसी दौरान आरोपीगण द्वारा उसे रोककर गाली-गलौज करते हुए शराब पीने के लिए पैसे की मांग की गई। प्रार्थी द्वारा पैसे देने से मना करने पर आरोपीगण द्वारा उसके साथ हाथ-मुक्का से मारपीट की गई।घटना के कुछ समय बाद आरोपीगण पुनः रात्रि लगभग 12:30 बजे प्रार्थी के घर पहुंचे और उसके साथ मारपीट करते हुए जान से मारने की धमकी दी। मारपीट की घटना में प्रार्थी के हाथ में चोट आई।प्रार्थी की रिपोर्ट पर थाना उरगा में अपराध क्रमांक 507/2026 धारा 296, 115(2), 351(3), 126(2), 119(1), 3(5) बीएनएस के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ की गई।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई, मुख्य आरोपी गिरफ्तार
मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना उरगा पुलिस द्वारा तत्काल आरोपियों की पतासाजी एवं गिरफ्तारी हेतु पुलिस टीम को सक्रिय किया गया। लगातार पतासाजी के दौरान मुख्य आरोपी के अपने सकुनत पर मौजूद होने की सूचना प्राप्त हुई। सूचना पर पुलिस टीम द्वारा तत्काल दबिश देकर ज्ञान प्रसाद राठौर पिता लखन लाल राठौर, उम्र 21 वर्ष, निवासी फरसवानी, थाना उरगा, जिला कोरबा को गिरफ्तार किया गया। पुलिस द्वारा आरोपी के कब्जे से घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल क्रमांक CG 12 BW 0830 को विधिवत जब्त किया गया।
आपराधिक पृष्ठभूमि को देखते हुए गुंडा बदमाश प्रकरण की कार्रवाई
पुलिस के अनुसार आरोपी ज्ञान राठौर पूर्व में भी आपराधिक प्रकरण में संलिप्त रहा है तथा हत्या के प्रयास के मामले में जेल जा चुका है। आरोपी कुछ दिन पूर्व ही जेल से बाहर आया था और उसके विरुद्ध पूर्व से आपराधिक रिकॉर्ड दर्ज है।वर्तमान घटना में पुनः आपराधिक गतिविधि में संलिप्त पाए जाने तथा उसकी आपराधिक प्रवृत्ति को देखते हुए आरोपी के विरुद्ध गुंडा बदमाश प्रकरण तैयार कर कार्रवाई हेतु प्रस्ताव भेजा गया है। पुलिस द्वारा आरोपी की पूर्व आपराधिक गतिविधियों एवं वर्तमान प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए उसकी गतिविधियों पर निगरानी रखी जा रही है।
आरोपी न्यायिक रिमांड पर
गिरफ्तार आरोपी के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई पूर्ण कर दिनांक 12.09.2026 को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जहां से आरोपी को न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है।प्रकरण में विवेचना जारी है तथा घटना में शामिल अन्य व्यक्तियों की भूमिका के संबंध में भी पुलिस द्वारा जांच की जा रही है।
कोरबा पुलिस की स्पष्ट नीति — अपराध एवं आपराधिक प्रवृत्ति पर प्रभावी कार्रवाई कोरबा पुलिस द्वारा कानून-व्यवस्था बनाए रखने एवं आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध लगातार प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। आपराधिक प्रवृत्ति के व्यक्तियों पर निगरानी रखते हुए उनके विरुद्ध नियमानुसार प्रतिबंधात्मक एवं वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।