मुख्यमंत्री की बड़ी घोषणा : शासकीय इंजीनियरिंग महाविद्यालय, डिगमा का नाम अब ‘अभियंता बाबा कार्तिक उरांव छत्तीसगढ़ इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, अंबिकापुर’ होगा
सीतापुर को मिली 28 करोड़ रुपए से अधिक की लागत से बनने वाली 3.82 किलोमीटर लंबी फोरलेन सड़क की सौगात, मुख्यमंत्री ने किया भूमिपूजन
मुख्यमंत्री ने पुलिस हाउसिंग कॉर्पोरेशन द्वारा निर्मित महिला एनजीओ मेस एवं पुलिस आवासीय भवनों का किया लोकार्पण
बाबा कार्तिक उरांव ने शिक्षा, संगठन और सामाजिक चेतना के माध्यम से जनजातीय समाज को दिखाई प्रगति की राह : मुख्यमंत्री साय
जनजातीय समाज के स्वाभिमान, सांस्कृतिक पहचान और अधिकारों की रक्षा के लिए बाबा कार्तिक उरांव का योगदान सदैव अविस्मरणीय रहेगा : मुख्यमंत्री
जनजातीय महापुरुषों की गौरवशाली विरासत को सहेजने और नई पीढ़ी तक उनके आदर्श पहुँचाने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध
नक्सलवाद के विरुद्ध निर्णायक सफलता से बस्तर में शांति, विश्वास और विकास के नए युग की शुरुआत : मुख्यमंत्री साय
विकसित भारत के निर्माण में छत्तीसगढ़ निभाएगा महत्वपूर्ण भूमिका, प्रदेश को समृद्ध और आत्मनिर्भर बनाना हमारा संकल्प : मुख्यमंत्री
रायपुर/सरगुजा 29 अक्टूबर 2026। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर के सिविल लाइन स्थित मुख्यमंत्री निवास से वर्चुअल माध्यम से सरगुजा अंचल में आयोजित जनजातीय समाज के महान जननायक, प्रख्यात अभियंता एवं पूर्व सांसद बाबा कार्तिक उरांव के जन्मशताब्दी समारोह में शामिल होकर उनकी भव्य आदमकद प्रतिमा का अनावरण किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने जनजातीय समाज की भावनाओं का सम्मान करते हुए शासकीय इंजीनियरिंग महाविद्यालय, डिगमा, अंबिकापुर का नामकरण ‘अभियंता बाबा कार्तिक उरांव छत्तीसगढ़ इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, अंबिकापुर’ करने की महत्वपूर्ण घोषणा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि बाबा कार्तिक उरांव का जीवन शिक्षा, संघर्ष, सामाजिक चेतना और जनजातीय समाज के स्वाभिमान की प्रेरक गाथा है। उनके आदर्श आने वाली पीढ़ियों को शिक्षा के माध्यम से आगे बढ़ने और समाज तथा राष्ट्र की सेवा करने की प्रेरणा देते रहेंगे।
मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर सीतापुर क्षेत्र को अधोसंरचना विकास की महत्वपूर्ण सौगात देते हुए सोनतराई से सूर तक लगभग 3.82 किलोमीटर लंबी फोरलेन सड़क निर्माण कार्य का भूमिपूजन किया। इस सड़क के निर्माण पर 28 करोड़ रुपए से अधिक की राशि व्यय की जाएगी। इसके निर्माण से सीतापुर नगर सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन अधिक सुगम और सुरक्षित होगा तथा व्यापारिक एवं आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ पुलिस हाउसिंग कॉर्पोरेशन द्वारा नवनिर्मित महिला एनजीओ मेस भवन, उदयपुर में 12 अराजपत्रित अधिकारी आवास एवं 12 प्रधान आरक्षक तथा आरक्षक आवास और थाना सीतापुर में 12 प्रधान आरक्षक तथा आरक्षक आवासीय भवनों का लोकार्पण भी किया। उन्होंने कहा कि पुलिस अधिकारियों और जवानों को बेहतर आवासीय सुविधाएँ उपलब्ध कराना राज्य सरकार की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। इन नवीन भवनों से पुलिसकर्मियों और उनके परिवारों को सुविधाजनक वातावरण मिलेगा।
बाबा कार्तिक उरांव का जीवन जनजातीय समाज के स्वाभिमान और उत्थान के लिए रहा समर्पित
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बाबा कार्तिक उरांव की जन्मशताब्दी पर उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन करते हुए कहा कि बाबा कार्तिक उरांव केवल जनजातीय समाज के महान नेता ही नहीं, बल्कि एक दूरदर्शी विचारक, उच्च शिक्षित अभियंता और समाज के अधिकारों के सजग प्रहरी थे। उन्होंने अपना संपूर्ण जीवन जनजातीय समाज में शिक्षा के प्रसार, सामाजिक जागरूकता, संगठन और सांस्कृतिक पहचान के संरक्षण के लिए समर्पित कर दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बाबा कार्तिक उरांव ने उस समय उच्च शिक्षा प्राप्त कर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया, जब जनजातीय समाज के लिए शिक्षा के अवसर अत्यंत सीमित थे। उन्होंने इंजीनियरिंग की शिक्षा प्राप्त की और विदेश में भी उच्च अध्ययन कर अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित की। उनकी यह उपलब्धि पूरे जनजातीय समाज के लिए गौरव और प्रेरणा का विषय है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बाबा कार्तिक उरांव ने शिक्षा को केवल व्यक्तिगत उन्नति का माध्यम नहीं माना, बल्कि इसे समाज में परिवर्तन लाने का सबसे सशक्त साधन बनाया। उनका विश्वास था कि शिक्षा, संगठन और जागरूकता के माध्यम से ही समाज अपने अधिकारों की रक्षा करते हुए विकास की मुख्यधारा में सम्मानजनक स्थान प्राप्त कर सकता है।
उन्होंने कहा कि बाबा कार्तिक उरांव ने जनजातीय समाज को अपनी परंपराओं, संस्कृति और मूल पहचान के प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया। उन्होंने समाज को संगठित करने के साथ नई पीढ़ी को आधुनिक शिक्षा प्राप्त करने और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया। उनका जीवन इस बात का उदाहरण है कि दृढ़ इच्छाशक्ति, परिश्रम और शिक्षा के बल पर विपरीत परिस्थितियों में भी बड़ी उपलब्धियाँ हासिल की जा सकती हैं।
संसद में जनजातीय समाज के अधिकारों की मुखर आवाज बने बाबा कार्तिक उरांव
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बाबा कार्तिक उरांव ने लोकसभा सांसद के रूप में जनजातीय समाज की समस्याओं और अधिकारों को राष्ट्रीय स्तर पर प्रभावशाली ढंग से उठाया। उन्होंने जनजातीय समुदाय के संवैधानिक अधिकारों, सामाजिक हितों और सांस्कृतिक पहचान के संरक्षण के लिए निरंतर प्रयास किए।
मुख्यमंत्री ने उल्लेख किया कि बाबा कार्तिक उरांव ने धर्मांतरण के बाद जनजातीय आरक्षण एवं अन्य संवैधानिक सुविधाओं के लाभ से जुड़े विषयों को भी संसद में प्रमुखता से उठाया था।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बाबा कार्तिक उरांव का मानना था कि जनजातीय समाज की समृद्ध परंपराएँ, रीति-रिवाज और सांस्कृतिक विरासत उसकी मूल पहचान हैं। इनका संरक्षण करते हुए समाज को शिक्षा, तकनीक और आधुनिक विकास के अवसरों से जोड़ना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि बाबा कार्तिक उरांव के विचार आज भी प्रासंगिक हैं और जनजातीय समाज के सर्वांगीण विकास की दिशा में हमारा मार्गदर्शन करते हैं।
बाबा कार्तिक उरांव के नाम पर इंजीनियरिंग महाविद्यालय का नामकरण नई पीढ़ी के लिए बनेगा प्रेरणास्रोत
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बाबा कार्तिक उरांव की जन्मशताब्दी के अवसर पर जनजातीय समाज और क्षेत्रीय सांसद द्वारा शासकीय इंजीनियरिंग महाविद्यालय, डिगमा, अंबिकापुर का नाम उनके नाम पर रखने का आग्रह किया गया है। जनजातीय समाज की भावनाओं और बाबा कार्तिक उरांव के ऐतिहासिक योगदान का सम्मान करते हुए राज्य सरकार ने इस आग्रह को स्वीकार किया है।
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि अब शासकीय इंजीनियरिंग महाविद्यालय, डिगमा, अंबिकापुर ‘अभियंता बाबा कार्तिक उरांव छत्तीसगढ़ इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, अंबिकापुर’ के नाम से जाना जाएगा।
उन्होंने कहा कि बाबा कार्तिक उरांव स्वयं एक प्रतिभाशाली अभियंता थे। इसलिए उनके नाम पर इंजीनियरिंग संस्थान का नामकरण विशेष महत्व रखता है। यह संस्थान न केवल तकनीकी शिक्षा का प्रमुख केंद्र बनेगा, बल्कि यहाँ अध्ययन करने वाले विद्यार्थियों को बाबा कार्तिक उरांव के संघर्ष, उनकी शैक्षणिक उपलब्धियों और समाज के प्रति समर्पण से प्रेरणा भी मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि इस संस्थान से शिक्षा प्राप्त करने वाले युवा अपनी प्रतिभा, ज्ञान और तकनीकी दक्षता के माध्यम से छत्तीसगढ़ सहित पूरे देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान देंगे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का प्रयास है कि प्रदेश के युवाओं, विशेषकर दूरस्थ और जनजातीय क्षेत्रों के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण उच्च एवं तकनीकी शिक्षा के बेहतर अवसर उपलब्ध हों।
जनजातीय महापुरुषों की गौरवशाली विरासत को चिरस्थायी बनाने के लिए सरकार प्रतिबद्ध
मुख्यमंत्री श्री साय ने बाबा कार्तिक उरांव की भव्य आदमकद प्रतिमा के अनावरण पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि एक वर्ष पूर्व इस प्रतिमा की स्थापना के लिए भूमिपूजन किया गया था और आज यह संकल्प साकार हो रहा है। उन्होंने इस कार्य के लिए अंबिकापुर नगर निगम की महापौर श्रीमती मंजूषा भगत, जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों-कर्मचारियों तथा नगरवासियों के प्रयासों की सराहना की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे जनजातीय महापुरुषों ने समाज को जागरूक करने, सांस्कृतिक विरासत की रक्षा करने और देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उनके जीवन और संघर्ष की गाथाएँ नई पीढ़ी तक पहुँचाना हम सभी का दायित्व है। महापुरुषों की प्रतिमाएँ केवल स्मृति के प्रतीक नहीं होतीं, बल्कि वे समाज को उनके आदर्शों, विचारों और योगदान का निरंतर स्मरण कराती हैं।
उन्होंने उल्लेख किया कि एक दिन पूर्व ही सरगुजा अंचल के प्रसिद्ध जनजातीय नेता एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री स्वर्गीय काका लरंग साय की प्रतिमा का उनके गृहग्राम चिरई जसवंतपुर में अनावरण किया गया है। उन्होंने कहा कि काका लरंग साय और बाबा कार्तिक उरांव जैसे महान जननायकों का जीवन जनसेवा, सामाजिक उत्थान और जनजातीय समाज के सशक्तीकरण के लिए समर्पित रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार जनजातीय समाज के महानायकों की स्मृतियों को चिरस्थायी बनाने तथा उनके विचारों और योगदान से नई पीढ़ी को परिचित कराने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। ऐसे प्रयास समाज में अपनी गौरवशाली विरासत के प्रति सम्मान और आत्मगौरव की भावना को और मजबूत करते हैं।
सीतापुर में 3.82 किलोमीटर फोरलेन सड़क से आवागमन होगा सुगम, क्षेत्रीय विकास को मिलेगी नई गति
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सीतापुर में फोरलेन सड़क निर्माण कार्य का भूमिपूजन करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार शहरों के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में भी आधुनिक, सुरक्षित और सुदृढ़ अधोसंरचना विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है। बेहतर सड़क संपर्क किसी भी क्षेत्र के सामाजिक और आर्थिक विकास का महत्वपूर्ण आधार होता है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि सीतापुर में सोनतराई से सूर तक राष्ट्रीय राजमार्ग के लगभग 3.82 किलोमीटर लंबे हिस्से को फोरलेन बनाया जाएगा। इस महत्वपूर्ण निर्माण कार्य पर 28 करोड़ रुपए से अधिक की राशि खर्च की जाएगी। सड़क के चौड़ीकरण से सीतापुर के लगभग पूरे शहरी क्षेत्र में यातायात व्यवस्था बेहतर होगी और नागरिकों को सुगम एवं सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिलेगी।
उन्होंने कहा कि सीतापुर क्षेत्र सरगुजा अंचल का महत्वपूर्ण व्यापारिक और आवागमन केंद्र है। आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में नागरिक शासकीय कार्यों, व्यापार, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं और हाट-बाजार के लिए यहाँ आते हैं। फोरलेन सड़क के निर्माण से इन सभी लोगों को सीधा लाभ मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बेहतर सड़क संपर्क से व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा, स्थानीय बाजारों तक पहुँच आसान होगी और क्षेत्र में रोजगार तथा आर्थिक विकास के नए अवसर सृजित होंगे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य है कि अधोसंरचना विकास का लाभ केवल बड़े शहरों तक सीमित न रहे, बल्कि छोटे नगरों, कस्बों और ग्रामीण क्षेत्रों के नागरिकों को भी समान रूप से प्राप्त हो।
पुलिस अधिकारियों और जवानों को मिलेंगी बेहतर आवासीय सुविधाएँ
मुख्यमंत्री श्री साय ने छत्तीसगढ़ पुलिस हाउसिंग कॉर्पोरेशन द्वारा निर्मित विभिन्न भवनों के लोकार्पण पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि प्रदेश की कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने में पुलिस अधिकारियों और जवानों की महत्वपूर्ण भूमिका है। वे कठिन परिस्थितियों में भी पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करते हैं।
उन्होंने कहा कि पुलिस बल को बेहतर कार्य वातावरण और आवश्यक सुविधाएँ उपलब्ध कराना राज्य सरकार की जिम्मेदारी है। इसी उद्देश्य से पुलिस विभाग की आवासीय एवं अन्य आधारभूत सुविधाओं के विस्तार पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने महिला एनजीओ मेस भवन, उदयपुर में 12 अराजपत्रित अधिकारी आवास एवं 12 प्रधान आरक्षक तथा आरक्षक आवास और थाना सीतापुर में 12 प्रधान आरक्षक तथा आरक्षक आवासीय भवनों का लोकार्पण किया। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इन सुविधाओं से पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को बेहतर आवासीय वातावरण मिलेगा तथा वे और अधिक उत्साह एवं मनोबल के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन कर सकेंगे।
नक्सलवाद के विरुद्ध निर्णायक सफलता से बस्तर में विकास का नया अध्याय
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि राज्य सरकार के तीन वर्ष पूरे होने जा रहे हैं। इस अवधि में प्रदेश में विकास, जनकल्याण और सुशासन की दिशा में अनेक महत्वपूर्ण कार्य हुए हैं। विशेष रूप से नक्सलवाद के विरुद्ध निर्णायक लड़ाई में मिली सफलता ने बस्तर के दूरस्थ अंचलों में शांति, विश्वास और विकास की नई संभावनाओं के द्वार खोले हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर के जनजातीय भाई-बहनों को चार दशकों से अधिक समय तक नक्सलवाद की गंभीर चुनौती का सामना करना पड़ा। नक्सली हिंसा के कारण अनेक दुर्गम क्षेत्रों में सड़क, बिजली, पेयजल, शिक्षा, स्वास्थ्य और संचार जैसी बुनियादी सुविधाएँ पहुँचाना कठिन था। विकास कार्यों में बाधाएँ उत्पन्न होती थीं और स्थानीय नागरिकों को अनेक परेशानियों का सामना करना पड़ता था।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन, केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह के दृढ़ संकल्प तथा सुरक्षाबलों के जवानों के अदम्य साहस और पराक्रम से नक्सलवाद के विरुद्ध बड़ी सफलता प्राप्त हुई है। केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों से अब बस्तर में शांति और विकास का नया वातावरण बन रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन क्षेत्रों में कभी नक्सली हिंसा के कारण विकास कार्यों को आगे बढ़ाना चुनौतीपूर्ण था, वहाँ अब सड़क, बिजली, पेयजल, शिक्षा, स्वास्थ्य और संचार सुविधाओं के विस्तार का कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। दूरस्थ गाँवों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए सरकार पूरी प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य है कि बस्तर के प्रत्येक गाँव तक बुनियादी सुविधाएँ पहुँचें और वहाँ के नागरिकों को शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार एवं आजीविका के बेहतर अवसर प्राप्त हों। विकास की योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचे, इसी संकल्प के साथ सरकार निरंतर कार्य कर रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर के जनजातीय समाज ने कठिन परिस्थितियों के बावजूद अपनी समृद्ध संस्कृति, परंपराओं और जीवन मूल्यों को सहेजकर रखा है। अब समय है कि शांति और विकास के नए वातावरण में बस्तर की युवा पीढ़ी अपनी प्रतिभा और क्षमता के बल पर आगे बढ़े तथा प्रदेश और देश की प्रगति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाए।
छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक संपदा और परिश्रमी लोग विकसित राज्य के निर्माण की सबसे बड़ी शक्ति
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ प्राकृतिक संसाधनों और संभावनाओं से समृद्ध राज्य है। यहाँ प्रचुर खनिज संपदा, विशाल वन क्षेत्र, उपजाऊ कृषि भूमि और औद्योगिक विकास की व्यापक संभावनाएँ हैं। लेकिन प्रदेश की सबसे बड़ी ताकत यहाँ के सरल, सहज, मेहनती और प्रतिभाशाली लोग हैं।
उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के लोगों की आत्मीयता, परिश्रम, सांस्कृतिक समृद्धि और सामाजिक सद्भाव ने प्रदेश को देश में विशिष्ट पहचान दिलाई है। ‘छत्तीसगढ़िया सबले बढ़िया’ केवल एक लोकप्रिय कहावत नहीं, बल्कि हमारे प्रदेश के लोगों के सहज स्वभाव, परिश्रम और गौरवशाली जीवन मूल्यों की अभिव्यक्ति है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का संकल्प लिया है। इस राष्ट्रीय संकल्प को साकार करने में छत्तीसगढ़ महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। राज्य सरकार कृषि, उद्योग, शिक्षा, स्वास्थ्य, अधोसंरचना, तकनीक, रोजगार और जनजातीय विकास सहित सभी क्षेत्रों में निरंतर कार्य कर रही है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश की प्राकृतिक संपदा का समुचित उपयोग, युवाओं की प्रतिभा को अवसर, महिलाओं का सशक्तीकरण, किसानों की समृद्धि और समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुँचाना हमारी सरकार की प्राथमिकता है। विकास की इस यात्रा में जनभागीदारी और प्रदेशवासियों का सहयोग सबसे महत्वपूर्ण है।
मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि प्रदेशवासियों के स्नेह, सहयोग और आशीर्वाद से छत्तीसगढ़ आने वाले वर्षों में विकास की नई ऊँचाइयों को प्राप्त करेगा और विकसित भारत के निर्माण में अग्रणी योगदान देगा।
मुख्यमंत्री श्री साय ने बाबा कार्तिक उरांव की जन्मशताब्दी के अवसर पर आयोजित समारोह तथा विभिन्न विकास कार्यों के शुभारंभ के लिए सरगुजा अंचल सहित समस्त प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं।
इस अवसर पर जनजातीय विकास मंत्री रामविचार नेताम ने कहा कि बाबा कार्तिक उरांव जनजातीय समाज के महान जननायक, प्रखर विचारक और दूरदर्शी नेतृत्वकर्ता थे। उन्होंने जनजातीय समाज में शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने, सांस्कृतिक पहचान के संरक्षण और सामाजिक संगठन को मजबूत बनाने के लिए ऐतिहासिक कार्य किए।
श्री नेताम ने कहा कि बाबा कार्तिक उरांव ने जनजातीय समाज को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक करने के साथ शिक्षा और संगठन की शक्ति का महत्व समझाया। उनके प्रयासों ने समाज में नई चेतना और आत्मविश्वास का संचार किया। उन्होंने कहा कि बाबा कार्तिक उरांव के विचार और आदर्श आज भी जनजातीय समाज को एकजुट होकर प्रगति के पथ पर आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं।
महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि बाबा कार्तिक उरांव ने अपना संपूर्ण जीवन जनजातीय समाज के उत्थान और अधिकारों के संरक्षण के लिए समर्पित कर दिया। उन्होंने शिक्षा, सामाजिक जागरूकता और जनजातीय समुदाय की सांस्कृतिक पहचान को सुदृढ़ बनाने के लिए महत्वपूर्ण योगदान दिया।
श्रीमती राजवाड़े ने कहा कि बाबा कार्तिक उरांव ने संसद में जनजातीय समाज की आवाज को प्रभावशाली ढंग से उठाया और समाज के हितों की रक्षा के लिए निरंतर संघर्ष किया। उनका जीवन नई पीढ़ी को शिक्षा प्राप्त करने, अपनी संस्कृति पर गर्व करने और समाज के विकास में योगदान देने की प्रेरणा देता है।
पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि बाबा कार्तिक उरांव ने शिक्षा की शक्ति से जनजातीय समाज में नई चेतना का संचार किया। उन्होंने सरगुजा अंचल सहित पूरे जनजातीय समाज को शिक्षा, संगठन, सामाजिक जागरूकता और सांस्कृतिक संरक्षण का संदेश दिया।
श्री अग्रवाल ने कहा कि बाबा कार्तिक उरांव ने अपनी प्रतिभा और नेतृत्व क्षमता से राष्ट्रीय स्तर पर विशिष्ट पहचान स्थापित की। उन्होंने जनजातीय समाज की गौरवशाली विरासत के संरक्षण और समाज को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए उल्लेखनीय कार्य किए। उनका योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा।
सांसद चिंतामणि महाराज ने कहा कि बाबा कार्तिक उरांव ऐसे महान जननायक थे, जिन्होंने अपना संपूर्ण जीवन जनजातीय समाज के सम्मान, अधिकारों और विकास के लिए समर्पित कर दिया। उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियाँ हासिल करने के साथ जनजातीय समाज के हितों को राष्ट्रीय स्तर पर प्रभावशाली ढंग से उठाया।
सांसद श्री महाराज ने कहा कि दशकों बाद भी जनजातीय समाज के मन में बाबा कार्तिक उरांव के प्रति गहरी श्रद्धा और सम्मान उनके महान व्यक्तित्व तथा समाज के लिए किए गए ऐतिहासिक कार्यों का प्रमाण है। उनके विचार और आदर्श आज भी समाज को नई दिशा प्रदान करते हैं।
उन्होंने बाबा कार्तिक उरांव की जन्मशताब्दी समारोह में वर्चुअल माध्यम से शामिल होने, उनकी आदमकद प्रतिमा का अनावरण करने तथा शासकीय इंजीनियरिंग महाविद्यालय का नाम उनके नाम पर रखने की घोषणा के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने सीतापुर क्षेत्र को फोरलेन सड़क सहित विभिन्न विकास कार्यों की सौगात देने के लिए भी मुख्यमंत्री का धन्यवाद ज्ञापित किया।
इस अवसर पर विधायक श्रीमती उद्धेश्वरी पैकरा, विधायक रामकुमार टोप्पो, अंबिकापुर नगर निगम की महापौर श्रीमती मंजूषा भगत, अखिल भारतीय वनवासी कल्याण आश्रम के अध्यक्ष सत्येंद्र सिंह, संरक्षक गणेश राम भगत, समिति के अध्यक्ष डॉ. आजाद भगत सहित अन्य जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक, अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी उपस्थित थे।
कोरबा/मडवारानी, 30 अक्टूबर 2026। एन.के.एम. लायंस पब्लिक स्कूल, मडवारानी में आज 13 – बटालियन, कोरबा के सौजन्य से शस्त्र प्रदर्शनी एवं जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को सुरक्षा बलों की भूमिका, अनुशासन, राष्ट्रसेवा और देशभक्ति के महत्व से परिचित कराना था।
इस अवसर पर राकेश शर्मा (कमांडेंट), ओम चंदेल एवं मयंक तिवारी (उप कमांडेंट), विकास कुजूर एवं राम बहादुर शर्मा (सहायक कमांडेंट), शिव कुमार पांडे (कंपनी कमांडर), मदन मोहन ओझा (सूबेदार मेजर) तथा आर. एस. पटेल (प्रभारी स्टेनो) प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। कार्यक्रम में शस्त्र प्रदर्शनी लगाई गई, जिसमें अधिकारियों ने विद्यार्थियों को विभिन्न प्रकार के शस्त्रों, उनके उपयोग एवं सुरक्षा संबंधी महत्वपूर्ण जानकारियाँ प्रदान कीं।
इस अवसर पर कक्षा पहली से आठवीं तक के विद्यार्थियों के लिए चित्रकला प्रतियोगिता तथा कक्षा नौवीं से बारहवीं तक के विद्यार्थियों के लिए निबंध लेखन प्रतियोगिता आयोजित की गई। विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को अधिकारियों द्वारा पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया गया। विद्यालय के अध्यक्ष पी.एम.जे.एफ. लायन डॉ. राजकुमार अग्रवाल ने अपने संबोधन में कहा कि ऐसे आयोजन विद्यार्थियों में अनुशासन, साहस, देशभक्ति और राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करते हैं। उन्होंने सुरक्षा बलों के त्याग एवं समर्पण को विद्यार्थियों के लिए प्रेरणास्रोत बताया। विद्यालय के प्रभारी प्राचार्य सुभाष चंद्र आनंद ने भी अपने उद्बोधन में सभी अधिकारियों का स्वागत एवं आभार व्यक्त किया। उन्होंने विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ अनुशासन, नैतिक मूल्यों और राष्ट्रप्रेम को जीवन में अपनाने की प्रेरणा दी। अंत में विद्यालय परिवार की ओर से 13 – बटालियन, कोरबा के सभी अधिकारियों के प्रति उनके बहुमूल्य समय, मार्गदर्शन एवं सहयोग के लिए हार्दिक आभार व्यक्त किया गया। कार्यक्रम उत्साहपूर्ण एवं प्रेरणादायक वातावरण में संपन्न हुआ।
दुर्ग-भिलाई, एजेंसी। दुर्ग जिले की अहिवारा विधानसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायक डोमनलाल कोर्सेवाड़ा का निधन हो गया है। वे पिछले कुछ दिनों से अस्वस्थ चल रहे थे। वे फेफड़े की बीमारी से पीड़ित थे। उनका हैदराबाद के यशोदा अस्पताल में उपचार चल रहा था। 78 साल की उम्र में उन्होंने अंतिम सांस ली।
उनके निधन की खबर से अहिवारा विधानसभा क्षेत्र सहित दुर्ग-भिलाई और प्रदेश के राजनीतिक गलियारों में शोक का माहौल है। CM विष्णुदेव साय समेत अन्य दिग्गज नेताओं ने शोक व्यक्त किया है।
डोमनलाल कोर्सेवाड़ा छत्तीसगढ़ भाजपा के वरिष्ठ नेताओं में शामिल थे। उनका राजनीतिक जीवन लंबा रहा है। उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में भी अपनी सेवाएं दी थीं। वर्ष 1998 में व्याख्याता पद से रिटायर होने के बाद उन्होंने सक्रिय राजनीति में कदम रखा। वर्ष 1999 में वे दुर्ग लोकसभा क्षेत्र के तत्कालीन सांसद के निजी सहायक के रूप में भी कार्य कर चुके थे।
विधायक लंबे समय से बीमार थे, उनका हैदराबाद में इलाज चल रहा था।
2008 में पहली बार बने थे विधायक
डोमनलाल कोर्सेवाड़ा पहली बार वर्ष 2008 में भाजपा के टिकट पर अहिवारा विधानसभा क्षेत्र से विधायक निर्वाचित हुए थे। 2018 में विधानसभा चुनाव में उन्हें फिर टिक्ट मिला। हालांकि, यह सीट भाजपा के हाथ से निकल गई थी। वर्ष 2018 में कांग्रेस के गुरु रुद्र कुमार यहां से विधायक निर्वाचित हुए थे।
वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने एक बार फिर डोमनलाल कोर्सेवाड़ा पर भरोसा जताया। उन्होंने कांग्रेस प्रत्याशी निर्मल कोसरे को 25,263 मतों के बड़े अंतर से हराकर दूसरी बार विधानसभा में जगह बनाई। उन्हें कुल 96,717 वोट मिले थे, जबकि कांग्रेस प्रत्याशी को 71,454 मत प्राप्त हुए थे।
राजनीतिक सफर में मिलीं कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां
विधायक के रूप में अपने पहले कार्यकाल के दौरान वर्ष 2010 में उन्हें छत्तीसगढ़ विकास प्राधिकरण का अध्यक्ष बनाया गया था। उन्हें कैबिनेट मंत्री का दर्जा भी प्राप्त था। विधानसभा में उन्होंने अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं पिछड़ा वर्ग के कल्याण से संबंधित समितियों में भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं।
वर्ष 2023 में दूसरी बार विधायक निर्वाचित होने के बाद उन्हें छत्तीसगढ़ विधानसभा की विभिन्न समितियों में जिम्मेदारी मिली। इनमें पुस्तकालय समिति के सभापति सहित अन्य समितियों में उनकी भूमिका शामिल रही।
वर्तमान में अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष थे
उनकी वरिष्ठता और राजनीतिक अनुभव को देखते हुए छत्तीसगढ़ सरकार ने अक्टूबर 2025 में उन्हें अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण का उपाध्यक्ष नियुक्त किया था। उन्होंने नवंबर 2025 में इस पद का कार्यभार ग्रहण किया था। इस तरह निधन के समय वे अहिवारा विधानसभा क्षेत्र के भाजपा विधायक होने के साथ-साथ अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी भी संभाल रहे थे।
12 अगस्त 1948 को जन्मे डोमनलाल कोर्सेवाड़ा ने पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय, रायपुर से राजनीति शास्त्र में स्नातकोत्तर की शिक्षा प्राप्त की थी। उन्होंने बीएड की डिग्री भी हासिल की थी।
मुख्यमंत्री से उच्चस्तरीय जांच की मांग, बोले– किसान को न्याय नहीं मिला तो करेंगे आंदोलन
बिलासपुर/कोटा/कोरबा। जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित, शाखा कोटा में एक आदिवासी किसान के बैंक खाते से कथित तौर पर बिना जानकारी और सहमति के रू.2,35,500 की राशि निकाले जाने का गंभीर मामला सामने आया है। मामले को लेकर भाजपा झुग्गी-झोपड़ी प्रकोष्ठ के प्रदेश सह-संयोजक एवं बिलासपुर संभाग प्रभारी राजेश यादव ने कड़ी नाराजगी जताते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को पत्र लिखकर उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच की मांग की है।
प्राप्त शिकायत के अनुसार, पीड़ित किसान न्याय मूर्ति सिंह पिता गजेन्द्र पाल सिंह, निवासी ग्राम मानिकपुर, पोस्ट केन्दा, तहसील कोटा का जिला सहकारी बैंक कोटा में बचत खाता है। किसान ने केन्दा धान खरीदी केंद्र में धान बेचा था, जिसकी राशि उसके बैंक खाते में जमा हुई थी।
दो अलग-अलग तारीखों में राशि निकाले जाने का आरोप
किसान का आरोप है कि 5 मार्च 2026 को उसके खाते से रू.55,500 की राशि निकाल ली गई। इसकी जानकारी मिलने पर जब उसने संबंधित लोगों से पूछताछ की तो राशि गलती से निकल जाने और वापस करने की बात कही गई, लेकिन अब तक रकम वापस नहीं मिली।
इसी तरह 6 मई 2026 को किसान द्वारा किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) के तहत लिए गए ₹2 लाख के ऋण में से ₹1,80,000 की राशि भी कथित तौर पर उसकी जानकारी और सहमति के बिना निकाल ली गई। किसान ने संबंधित कर्मचारियों से जवाब मांगा, लेकिन उसे संतोषजनक जवाब नहीं मिला।
राजेश यादव ने मुख्यमंत्री से की शिकायत
काफी समय से न्याय के लिए भटक रहे आदिवासी किसान ने भाजपा नेता राजेश यादव से मुलाकात कर अपनी समस्या बताई। राजेश यादव ने मामले को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री से शिकायत कर पूरे प्रकरण की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है।
उन्होंने मांग की है कि बैंक के भुगतान वाउचर, निकासी रजिस्टर, चेक, हस्ताक्षर एवं अन्य वित्तीय अभिलेखों की जांच कराई जाए। संबंधित अवधि के CCTV फुटेज सुरक्षित कर उनकी जांच हो तथा आवश्यकता पड़ने पर हस्ताक्षरों की फोरेंसिक जांच कराई जाए। यदि जांच में किसी अधिकारी या कर्मचारी की संलिप्तता सामने आती है तो उसके विरुद्ध FIR सहित कठोर विभागीय एवं कानूनी कार्रवाई की जाए। साथ ही किसान की पूरी ₹2,35,500 की राशि ब्याज सहित वापस दिलाई जाए।
किसान को न्याय नहीं मिला तो करेंगे आंदोलन – राजेश यादव
भाजपा नेता राजेश यादव ने कहा कि एक आदिवासी किसान की मेहनत की कमाई और खेती के लिए लिए गए ऋण की राशि इस तरह कथित रूप से निकाल लिया जाना अत्यंत गंभीर विषय है। किसानों और आदिवासी समाज के लोगों के हितों की रक्षा करना हमारी जिम्मेदारी है। किसान अपनी मेहनत से देश का पेट भरता है, उसके साथ किसी भी प्रकार का अन्याय बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि “पीड़ित किसान को हर हाल में न्याय मिलना चाहिए। उसकी पूरी राशि वापस दिलाई जाए और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई हो। यदि जांच में देरी की गई या किसान को न्याय नहीं मिला तो किसानों के हित में हम आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।”
इस मामले की प्रतिलिपि उपमुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री, सहकारिता मंत्री, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष, पुलिस अधीक्षक बिलासपुर तथा जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को भी भेजी गई है। अब देखना होगा कि संबंधित विभाग इस गंभीर शिकायत पर क्या कार्रवाई करता है।