उपमुख्यमंत्री अरुण साव, कृषि मंत्री रामविचार नेताम और कलेक्टर के प्रति राजेश ने जताया आभार, देवशरण पैकरा के निलंबन के बाद निशांक कुमार कालेश को जेंजरा का अतिरिक्त प्रभार
कोरबा/कटघोरा। कटघोरा कृषि विभाग में किसानों से जुड़े कार्यों को लेकर भाजपा झुग्गी-झोपड़ी प्रकोष्ठ के प्रदेश सह संयोजक एवं बिलासपुर संभाग प्रभारी राजेश यादव द्वारा उठाए गए सवालों के बाद विभाग ने नई प्रशासनिक व्यवस्था की है। देवशरण पैकरा के निलंबन के बाद जेंजरा क्षेत्र के लिए निशांक कुमार कालेश को अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। नई व्यवस्था के बाद राजेश यादव ने प्रस्तावित आंदोलन स्थगित कर दिया है।
राजेश यादव ने इस त्वरित प्रशासनिक कार्रवाई के लिए उपमुख्यमंत्री अरुण साव, कृषि मंत्री रामविचार नेताम तथा जिला कलेक्टर, कोरबा के प्रति आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि किसानों की समस्या को गंभीरता से लेते हुए समय पर वैकल्पिक व्यवस्था किए जाने से जेंजरा क्षेत्र के किसानों को राहत मिलने की उम्मीद है।
ज्ञात हो कि वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी, कटघोरा के पत्र क्रमांक 327 दिनांक 17.08.2026 के आधार पर उप संचालक कृषि, कोरबा द्वारा आदेश क्रमांक 3921 के तहत ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी देवशरण पैकरा को निलंबित किया गया था। उन पर 01 अगस्त से 17 अगस्त 2026 तक बिना सूचना लगातार अनुपस्थित रहने तथा मोबाइल बंद रहने का मामला सामने आया था। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय पोंड़ी-उपरोड़ा निर्धारित किया गया था।
सवाल उठा तो विभाग ने की नई व्यवस्था
देवशरण पैकरा के पास कटघोरा जेंजरा क्षेत्र का अतिरिक्त प्रभार भी था। उनके निलंबन के बाद जेंजरा क्षेत्र में किसानों से जुड़े कार्यों के संचालन को लेकर राजेश यादव ने तत्काल वैकल्पिक अधिकारी की व्यवस्था की मांग उठाई थी।
राजेश यादव ने बताया कि कृषि विभाग के मीटिंग एजेंडा दिनांक 09.09.2026 में किसानों से जुड़े करीब 20 महत्वपूर्ण विषय शामिल हैं। इनमें फसल विविधीकरण, बीज उत्पादन, KCC, धान के बदले अन्य फसल, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की e-KYC, आधार एवं लैंड सीडिंग, Farmer ID सैचुरेशन, AgriStack, FRA, संदिग्ध प्रकरणों की जांच, भूमिहीन किसानों की सूची, स्प्रिंकलर सेट तथा DMT कोदो के प्रमाण-पत्र एवं भौतिक सत्यापन जैसे कार्य शामिल हैं।
मामले को लेकर उठाए गए सवालों के बाद उप संचालक कृषि, जिला कोरबा डी.पी.एस. कंवर ने 16.09.2026 को आदेश क्रमांक 3950/3961 जारी कर नई व्यवस्था की।
निशांक कुमार कालेश को जेंजरा का प्रभार
नए आदेश के अनुसार निशांक कुमार कालेश को कटघोरा एवं जेंजरा (अतिरिक्त क्षेत्र), विकासखंड कटघोरा का प्रभार सौंपा गया है।
वहीं सुधीर कुमार विंध्यराज को पोंड़ी-उपरोड़ा के साथ बिंझरा एवं नगोईबछेरा का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है।
किसानों की समस्या का समाधान हुआ तो आंदोलन स्थगित
नई व्यवस्था पर राजेश यादव ने कहा, “यह किसानों की जीत है। मेरा उद्देश्य आंदोलन करना नहीं, बल्कि किसानों का काम कराना था। विभाग ने किसानों के हित में जेंजरा के लिए नए अधिकारी की व्यवस्था की है। इसलिए प्रस्तावित आंदोलन को तत्काल स्थगित करता हूं।”
उन्होंने कहा, “उपमुख्यमंत्री अरुण साव, कृषि मंत्री रामविचार नेताम और जिला कलेक्टर, कोरबा का मैं हृदय से आभार व्यक्त करता हूं कि किसानों से जुड़े इस विषय पर त्वरित कार्रवाई हुई। किसान हित सर्वोपरि है।”
राजेश यादव ने कहा, “विष्णु देव साय सरकार सुशासन और किसान कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। अब नवनियुक्त अधिकारी से अपेक्षा है कि जेंजरा और कटघोरा क्षेत्र के किसानों से जुड़े लंबित कार्यों को प्राथमिकता के साथ पूरा किया जाएगा। मैं स्वयं इन कार्यों की प्रगति की जानकारी लेता रहूंगा। यदि भविष्य में फिर लापरवाही सामने आती है, तो किसानों के हित में आंदोलन का रास्ता खुला रहेगा।”
नई डिजिटल व्यवस्था से खाद की उपलब्धता और बिक्री पर रहेगी निगरानी
कोरबा 05 नवंबर 2026। रबी सीजन 2026-27 में रासायनिक उर्वरकों का पारदर्शी और सुव्यवस्थित वितरण सुनिश्चित करने के लिए जिले में आज से ‘फ्रेमवर्क फॉर फर्टिलाइजर सेल’ (एफएफएस) सॉफ्टवेयर के माध्यम से टोकन आधारित व्यवस्था शुरू की गई है। इसके तहत किसान मोबाइल ऐप से खाद की प्री-बुकिंग कर ई-टोकन प्राप्त कर सकते हैं। दुकान पर टोकन का क्यूआर कोड स्कैन करने के बाद उर्वरक दिया जाएगा।
नई व्यवस्था का उद्देश्य किसानों को समय पर उचित मूल्य पर खाद उपलब्ध कराना, वितरण में पारदर्शिता बढ़ाना और कालाबाजारी पर रोक लगाना है। एफएफएस सॉफ्टवेयर के जरिए विक्रेताओं के स्टॉक, उर्वरक की प्राप्ति, दैनिक बिक्री और शेष उपलब्धता का डिजिटल रिकॉर्ड रखा जाएगा। यूरिया, डीएपी, एसएसपी, एमओपी, एनपीके सहित अन्य उर्वरकों की बिक्री और स्टॉक की जानकारी के आधार पर अधिकारी मांग, आपूर्ति और वितरण की नियमित समीक्षा कर सकेंगे। जिले के किसान आधार कार्ड या फार्मर आईडी की सहायता से ऐप में लॉगिन कर सकते हैं। ऐप गूगल प्ले स्टोर पर उपलब्ध है। किसान घर बैठे खाद की प्री-बुकिंग कर सकते हैं। बुकिंग के बाद 48 घंटे के भीतर संबंधित दुकान पर टोकन का क्यूआर कोड स्कैन कराना जरूरी होगा। निर्धारित समय में स्कैन नहीं कराने पर बुकिंग स्वतः निरस्त हो जाएगी। किसान कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) के माध्यम से भी टोकन प्राप्त कर सकते हैं। आज मोबाइल ऐप के माध्यम से ई-टोकन जारी किए गए। नई प्रक्रिया के तहत उर्वरक प्राप्त करने वाले किसानों ने व्यवस्था को सहज बताया। इसके सुचारू संचालन के लिए कृषि विभाग और सहकारी समितियों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है तथा किसानों के बीच जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। उप संचालक कृषि ने जिले के किसानों से एफएफएस ऐप के माध्यम से ही खाद की बुकिंग और खरीदी करने की अपील की है। ऐप पर टोकन बनाने में किसी प्रकार की समस्या आने पर किसान नजदीकी कृषि विभाग कार्यालय या सहकारी समिति के अधिकारियों-कर्मचारियों से संपर्क कर सकते हैं।
आवेदन के तीन दिन में मिला आय प्रमाण पत्र, सेवा सेतु से आसान हुई राह
समय और धन दोनों बचे, तीन दिन में मिल गया प्रमाण पत्र” – सुश्री पायल नेटी
कोरबा 05 नवम्बर 2026। आवश्यक शासकीय दस्तावेज बनवाने के लिए पहले नागरिकों को कार्यालयों के चक्कर लगाने, बार-बार आने-जाने और अपना समय व धन खर्च करने जैसी परेशानियों का सामना करना पड़ता था। छत्तीसगढ़ शासन की सेवा सेतु पहल से शासकीय सेवाओं तक पहुंच आसान हो रही है। अब च्वाइस सेंटर के माध्यम से आवेदन कर आवश्यक प्रमाण पत्र प्राप्त करने की प्रक्रिया अधिक सुविधाजनक बन रही है। पाली तहसील अंतर्गत ग्राम नांनबांका निवासी सुश्री पायल नेटी, पुत्री भगवान सिंह नेटी, को भी इस सुविधा का लाभ मिला। उन्होंने 30 सितंबर को आवश्यक दस्तावेजों के साथ ग्राम सुतर्रा स्थित अशोक च्वाइस सेंटर के माध्यम से आय प्रमाण पत्र के लिए आवेदन किया। आवेदन के महज तीन दिन बाद, 3 अक्टूबर को उनका आय प्रमाण पत्र जारी हो गया। कम समय में प्रमाण पत्र मिलने से उन्हें अनावश्यक भागदौड़ और कार्यालयों के चक्कर लगाने से राहत मिली। पायल नेटी अपने अनुभव साझा करते हुए बताती हैं, “पहले आय प्रमाण पत्र बनवाने के लिए कार्यालयों में जाना पड़ता था। आने-जाने में समय लगता था और पैसे भी खर्च होते थे। अब च्वाइस सेंटर के माध्यम से आवेदन करने पर मुझे केवल तीन दिन में आय प्रमाण पत्र मिल गया। इसके लिए न तो अनावश्यक भागदौड़ करनी पड़ी और न ही बार-बार कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़े। इससे मेरे समय और धन दोनों की बचत हुई है।” पायल के अनुसार, सेवा सेतु के माध्यम से जरूरी शासकीय दस्तावेज प्राप्त करने की प्रक्रिया पहले से अधिक आसान हुई है। च्वाइस सेंटर के जरिए आवेदन की सुविधा मिलने से लोगों को अपने आवश्यक कार्यों के लिए बार-बार कार्यालय जाने की जरूरत नहीं पड़ती। इससे शासकीय सेवाओं तक आम नागरिकों की पहुंच बढ़ रही है और उनका समय भी बच रहा है। सेवा सेतु की इस पहल की सराहना करते हुए पायल नेटी एवं उनके पिता भगवान नेटी ने बताया सेवा सेतु पोर्टल के माध्यम से शासकीय सेवाओं का लाभ लेना पहले की तुलना में काफी सरल हुआ है। आवश्यक दस्तावेजों के साथ आवेदन करने पर महज तीन दिनों में आय प्रमाण पत्र जारी होना उनके लिए सुखद अनुभव रहा। उन्होंने इस सुविधा के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार जताते हुए कहा, “सरकार की इस पहल से आम नागरिकों को बड़ी राहत मिल रही है। कम समय में जरूरी प्रमाण पत्र मिल जाने से भागदौड़ कम हुई है और समय व धन की बचत भी हो रही है। मैं चाहती हूं कि ऐसी सुविधाओं का लाभ अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचे। जनसुविधा को प्राथमिकता देने वाली इस पहल के लिए उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को धन्यवाद दिया।
अस्पताल को नए मरीज भर्ती नहीं करने और योजना से संबंधित प्रचार सामग्री हटाने के निर्देश
कोरबा 05 नवंबर 2026। आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के अंतर्गत मरीजों को गुणवत्तापूर्ण एवं निःशुल्क स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा अस्पतालों की नियमित निगरानी एवं जांच की जा रही है। इसी क्रम में 30 सितंबर 2026 को कटघोरा स्थित हरिकृष्णा केयर हॉस्पिटल ( HOSP22P147364) का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान जांच दल ने अस्पताल में कई अनियमितताएं पाईं। इनमें मरीजों के परिजनों से नगद राशि लिए जाने संबंधी बयान, भर्ती अभिलेखों में गलत मोबाइल नंबर दर्ज होना, भर्ती फाइलों में दर्ज 68 मोबाइल नंबरों का गलत अथवा उपयोग में नहीं होना, नवजात शिशुओं के उपचार से संबंधित अनियमितताएं तथा पैथोलॉजी और अल्ट्रासोनोग्राफी से जुड़े अभिलेख उपलब्ध न होना शामिल है। इन अनियमितताओं के संबंध में अस्पताल को कारण बताओ नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया था। अस्पताल प्रबंधन द्वारा प्रस्तुत स्पष्टीकरण संतोषजनक एवं तथ्यों के अनुरूप नहीं पाया गया। मरीजों से संबंधित अभिलेखों और उपलब्ध साक्ष्यों की जांच में गंभीर वित्तीय एवं प्रक्रियागत अनियमितताएं सामने आईं। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एस. एन. केशरी ने बताया कि अनियमितताओं को गंभीरता से लेते हुए राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण द्वारा जुलाई 2026 में जारी दिशा-निर्देशों की कंडिका 6.4.1 के तहत कार्रवाई की गई है। इसके अंतर्गत हरिकृष्णा केयर हॉस्पिटल, कटघोरा का आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत पंजीयन एक वर्ष के लिए निलंबित किया गया है। इस अवधि में अस्पताल को योजना के तहत नए मरीज भर्ती नहीं करने तथा अस्पताल एवं परिसर से योजना से संबंधित प्रचार-प्रसार सामग्री हटाने के निर्देश दिए गए हैं।