कोरबा, 18 सितंबर 2026। मध्य भारत में कैंसर उपचार के प्रमुख केंद्र बालको मेडिकल सेंटर (बीएमसी) ने रायपुर में चौथे वार्षिक छत्तीसगढ़ कैंसर कॉन्क्लेव का शुभारंभ स्तन संरक्षण और स्तन पुनर्निर्माण की लाइव सर्जिकल डेमोन्स्ट्रेशन के साथ किया। इस दौरान देशभर से आए 50 से अधिक सर्जन और चिकित्सकों ने आधुनिक सर्जिकल तकनीकों को देखा और स्तन कैंसर के उपचार से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की।
लाइव सर्जिकल डेमोन्स्ट्रेशन का नेतृत्व मुंबई स्थित टाटा मेमोरियल अस्पताल की सर्जिकल ऑन्कोलॉजिस्ट डॉ. शलाका जोशी, प्लास्टिक एवं पुनर्निर्माण सर्जन डॉ. दुष्यंत जायसवाल और कोलकाता स्थित टाटा मेडिकल सेंटर के वरिष्ठ स्तन कैंसर सर्जन डॉ. संजीत कुमार अग्रवाल ने किया।
डेमोन्स्ट्रेशन के दौरान स्तन संरक्षण सर्जरी में ट्यूम र के साथ उसके आसपास के स्वस्थ ऊतक का एक हिस्सा निकालते हुए स्तन के अधिकांश हिस्से को सुरक्षित रखने की प्रक्रिया दिखाई गई। इसमें कैंसर सर्जरी के साथ प्लास्टिक सर्जरी की तकनीकों का भी उपयोग किया गया, जिससे बचे हुए स्तन ऊतक को व्यवस्थित कर उसके आकार और स्वरूप को बनाए रखने में मदद मिलती है।
इसका का उद्देश्य आधुनिक सर्जिकल तकनीकों को साझा करने के साथ चिकित्सकों के बीच अनुभव और ज्ञान का आदान-प्रदान करना था। इस दौरान सर्जिकल योजना, उपचार के विकल्पों और मरीज-केंद्रित निर्णयों पर भी चर्चा हुई।
भारत में स्तन कैंसर के बढ़ते मामलों पर डॉ. शलाका जोशी ने कहा, “स्तन कैंसर आज दुनिया और भारत में महिलाओं में सबसे अधिक पाए जाने वाले कैंसरों में शामिल है। भारत में इस बीमारी से जूझ रही कई महिलाएँ देर से उपचार के लिए पहुँचती हैं, जिससे उपचार अधिक जटिल और परिणाम प्रभावित हो सकते हैं। बेहतर परिणामों के लिए जागरूकता, शुरुआती पहचान, सही निदान, उचित उपचार और पुनर्वास तक देखभाल की निरंतरता जरूरी है। मरीजों के आसपास के क्षेत्रों में स्वास्थ्य विशेषज्ञों की क्षमता को मजबूत करना भी महत्वपूर्ण है। बीएमसी छत्तीसगढ़ कैंसर कॉन्क्लेव जैसे मंच चिकित्सकों को आधुनिक तकनीकों को देखने, जटिल मामलों पर चर्चा करने और अपने अनुभव साझा करने का अवसर देते हैं।”
लाइव सर्जिकल डेमोन्स्ट्रेशन में स्तन पुनर्निर्माण की भूमिका पर भी प्रकाश डाला गया। बालको मेडिकल सेंटर की कंसल्टेंट, प्लास्टिक, पुनर्निर्माण एवं एस्थेटिक सर्जन डॉ. इशिता कात्याल ने कहा, “कैंसर उपचार का उद्देश्य केवल बीमारी को नियंत्रित करना नहीं, बल्कि मरीज के जीवन की गुणवत्ता को बनाए रखना भी है। स्तन पुनर्निर्माण इसी दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। हमारा प्रयास स्तन के प्राकृतिक स्वरूप और संतुलन को यथासंभव बनाए रखना है, ताकि मरीज आत्मविश्वास के साथ अपने जीवन में आगे बढ़ सकें।”
इस अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा ने बीएमसी में स्तन स्वास्थ्य क्लिनिक का शुभारंभ किया। यह पहल क्षेत्र में व्यापक स्तन स्वास्थ्य सेवाओं की पहुँच बढ़ाने के बीएमसी के प्रयासों का हिस्सा है। महिला विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम के नेतृत्व में संचालित यह क्लिनिक विभिन्न विशेषज्ञताओं को एक साथ लाकर स्तन स्वास्थ्य प्रबंधन, कैंसर उपचार, स्तन पुनर्निर्माण और कॉस्मेटिक ब्रेस्ट सर्जरी की सभी सेवाएँ एक ही स्थान पर उपलब्ध कराएगा।
इसके बारे में सर्जन आरती सरीन (सेवानिवृत्त वाइस एडमिरल), पूर्व महानिदेशक, सशस्त्र सेना चिकित्सा सेवाएँ ने कहा, “कैंसर उपचार में शुरुआती पहचान और समय पर उपचार महत्वपूर्ण है। व्यापक स्तन स्वास्थ्य क्लिनिक इस क्षेत्र में स्तन स्वास्थ्य से जुड़ी संपूर्ण सेवाएँ उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इसमें कैंसर की रोकथाम, नियमित जाँच, शुरुआती निदान, समय पर उपचार और पुनर्निर्माण के साथ पोषण, फिजियोथेरेपी और लिम्फेडेमा प्रबंधन जैसी सहायक सेवाएँ भी शामिल होंगी।”
इस पर डॉ. भावना सिरोही, मेडिकल डायरेक्टर एवं वरिष्ठ मेडिकल ऑन्कोलॉजिस्ट, बालको मेडिकल सेंटर ने कहा, “कैंसर उपचार से जुड़ी विभिन्न विशेषज्ञ सेवाओं को एक साथ लाकर हमारा उद्देश्य मध्य भारत में उपचार की निरंतरता को मजबूत करना और महिलाओं को निदान एवं उपचार से लेकर स्वस्थ होने तक उनकी पूरी उपचार यात्रा में आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराना है। यह दृष्टिकोण क्षेत्र में अधिक सुलभ और मरीज-केंद्रित कैंसर उपचार व्यवस्था को मजबूत करने में योगदान देगा।”
चौथा वार्षिक छत्तीसगढ़ कैंसर कॉन्क्लेव क्षेत्र में कैंसर उपचार की विशेषज्ञ क्षमताओं को मजबूत करने, चिकित्सकीय सहयोग और निरंतर सीखने को बढ़ावा देने की बीएमसी की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। देश के अग्रणी विशेषज्ञों और क्षेत्रीय चिकित्सकों को एक मंच पर लाकर यह आयोजन मध्य भारत में कैंसर उपचार से जुड़ी जानकारी और अनुभव साझा करने का अवसर प्रदान कर रहा है।
कोरबा/पाली। प्रज्ञा संजीवनी-वन औषधालय पाली के संचालक एवं पारंपरिक चिकित्सा विशेषज्ञ वैद्यराज रामफल पटेल आरोग्य के देवता भगवान श्री धनवंतरी के अनंत उपासक हैं और उनकी कृपा से ही वैद्यराज रामफल पटेल क्षेत्र में पारंपरिक चिकित्सा के माध्यम से हजारों लोगों को गंभीर बीमारियों से निजात दिलाई। इस वर्ष भी वैद्यराज रामफल पटेल 06 नवम्बर 2026 को आरोग्य के देवता भगवान श्री धनवंतरी जयंती पर पाली बस स्टैण्ड स्थित स्वयं की संस्थान प्रज्ञा संजीवनी-वन औषधालय प्रांगण में विशाल आयुर्वेद चिकित्सा शिविर का आयोजन करने जा रहे हैं। वैद्यराज श्री पटेल ने बताया कि भगवान श्री धनवंतरी विश्व के प्रथम चिकित्सक हैं और सनातन काल में वे देवताओं का ईलाज दुर्लभ जड़ी बुटियों से करते थे। कलयुग में कई गंभीर बीमारियों से निजात दिलाने के लिए ही उन्होंने आयुर्वेद का निर्माण किया, जिसमें सभी रोगों का ईलाज बताया गया है। वैद्यराज रामफल पटेल ने बताया कि आरोग्य के देवता होने के कारण उनकी पूजा मात्र से ही लोगों को आरोग्य की प्राप्ति होती है। शिविर के मुख्य अतिथि होंगे डॉ. पवन सिंह 06 नवम्बर को धनवंतरी जयंती पर पाली बस स्टैण्ड स्थित प्रज्ञा संजीवनी-वन औषधालय परिसर में विशाल आयुर्वेद चिकित्सा शिविर का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें नाड़ी परीक्षण के साथ आवश्यक आयुर्वेद दवाईयों का वितरण किया जाएगा और विभिन्न बीमारियों के बारे में जानकारी दी जाएगी और उनके निदान का उपाय भी वैद्यराज रामफल पटेल द्वारा बताया जाएगा। इस चिकित्सा शिविर का शुभारंभ जिला पंचायत कोरबा अध्यक्ष डॉ. पवन सिंह करेंगे। वैद्यराज रामफल पटेल की अपील वैद्यराज रामफल पटेल ने क्षेत्र के समस्त लोगों से अपील करते हुए चिकित्सा शिविर में शामिल होने का आग्रह किया है और चिकित्सा शिविर का लाभ उठाने की अपील की है। वैद्यराज रामफल पटेल ने बताया कि पारंपरिक चिकित्सा पद्धति से पुरानी से पुरानी बीमारी ठीक हो जाती है। उन्होंने यह भी बताया कि कैंसर जैसी लाईलाज बीमारी का ईलाज पारंपरिक चिकित्सा पद्धति में संभव है।
कोरबा 04 नवंबर 2026। एकीकृत बाल विकास परियोजना पसान अंतर्गत आंगनबाड़ी सहायिका के रिक्त पदों पर भर्ती हेतु आवेदन पत्र 11 नवंबर से 26 नवंबर 2026 तक आमंत्रित किये गये हैं। एकीकृत बाल विकास परियोजना कार्यालय पसान से प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम पसान के आंगनबाड़ी केन्द्र बोकमुड़ी एवं ग्राम तनेरा के आंगनबाड़ी केन्द्र बिलासपुर मोहल्ला में आंगनबाड़ी सहायिका के रिक्त पदों पर भर्ती हेतु आवेदन पत्र मंगाये गये हैं। इच्छुक आवेदिका पोर्टल https://aww.e-bharti.in/ में पंजीयन कर आवेदन कर सकते हैं। निर्धारित तिथि के उपरांत प्राप्त होने वाले आवेदन पत्र स्वीकार नहीं किया जायेगा।इस संबंध में अधिक जानकारी हेतु एकीकृत बाल विकास परियोजना कार्यालय पसान से संपर्क किया जा सकता है।
बुधवारी मैदान के पास रेत से भरे ट्रैक्टर को रोकने के विवाद में दो गुटों के बीच खूनी संघर्ष, सीएसईबी चौकी पुलिस की त्वरित कार्रवाई में दोनों पक्षों के 10 आरोपी गिरफ्तार, भेजे गए जेल
रेत से भरे ट्रैक्टर को रोककर रेत खाली कराने की बात पर आधी रात को भिड़े थे दोनों गुट
ईंट-पत्थर, डंडे, बेल्ट एवं कड़े से एक-दूसरे पर किया गया था प्राणघातक हमला
दोनों पक्षों की रिपोर्ट पर हत्या के प्रयास, बलवा सहित विभिन्न धाराओं में अपराध दर्ज कर सभी आरोपियों को भेजा गया न्यायिक रिमांड पर
रेत खाली कराने की बात पर शुरू हुआ विवाद, दोनों पक्षों में हुई हिंसक झड़प
कोरबा। दिनांक 02 एवं 03 नवंबर 2026 की दरम्यानी रात बुधवारी दशहरा मैदान के पास रेत से भरे ट्रैक्टर को रोकने एवं रेत खाली कराने की बात को लेकर दो पक्षों के बीच विवाद हो गया। विवाद देखते ही देखते हिंसक झड़प में बदल गया। दोनों पक्षों के लोगों ने एक-दूसरे पर ईंट-पत्थर, डंडे, चमड़े के बेल्ट एवं अन्य वस्तुओं से हमला कर दिया, जिसमें कई लोगों को चोटें आईं।
दोनों पक्षों की रिपोर्ट पर काउंटर मामला दर्ज
प्रथम पक्ष के प्रार्थी राजेन दास निवासी ढोढीपारा द्वारा रिपोर्ट दर्ज कराई गई कि उसके ट्रैक्टर चालक को यशवंत कश्यप उर्फ लक्की, संतोष चंद्रा एवं विक्रम कश्यप ने अपने साथियों के साथ रोककर रेत खाली करने की बात पर विवाद एवं गाली-गलौज की। चालक की सूचना पर जब राजेन दास अपने साथियों के साथ बुधवारी मैदान के पास पहुंचा, तो आरोपियों द्वारा एकजुट होकर ईंट-पत्थर, डंडा, चूड़ा एवं पंच से प्राणघातक हमला किया गया, जिससे राजेन दास सहित अन्य लोगों को चोटें आईं।
वहीं, द्वितीय पक्ष के प्रार्थी विक्रम कश्यप निवासी काशीनगर द्वारा भी रिपोर्ट दर्ज कराई गई कि ट्रैक्टर से रेत खाली कराने की बात पर हुए विवाद के दौरान दीपक सिंह, सोहेब अहमद, गौरीलाल चौहान, पुरनदास महंत, आदित्य सिंघानिया, राजेन उर्फ राजेन्द्र दास एवं यश पाटले द्वारा एक राय होकर गाली-गलौज एवं जान से मारने की धमकी देते हुए हाथ-मुक्का, चमड़े के बेल्ट एवं ईंट के टुकड़ों से हमला किया गया।
सीएसईबी चौकी पुलिस की त्वरित कार्रवाई, दोनों पक्षों के 10 आरोपी गिरफ्तार
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस सहायता केंद्र (चौकी) सीएसईबी, थाना सिविल लाइन रामपुर पुलिस द्वारा तत्काल मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया गया। दोनों पक्षों की रिपोर्ट पर पृथक-पृथक अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया।
प्रथम पक्ष की रिपोर्ट पर धारा 109(1), 296, 115(2), 351(3), 126(2), 3(5) बीएनएस तथा द्वितीय पक्ष की रिपोर्ट पर धारा 296, 351(3), 115(2), 109(1), 191(2) बीएनएस के तहत अपराध दर्ज किया गया।
पुलिस द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों पक्षों के कुल 10 आरोपियों को दिनांक 03.11.2026 को विधिवत गिरफ्तार किया गया। आरोपियों के मेमोरेंडम कथन के आधार पर घटना में प्रयुक्त ईंट का टुकड़ा एवं चमड़े का बेल्ट जप्त किया गया। सभी गिरफ्तार आरोपियों को माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
गिरफ्तार आरोपी – प्रथम प्रकरण (03)
यशवंत कश्यप उर्फ लक्की पिता संतोष कश्यप, उम्र 26 वर्ष, निवासी काशीनगर नीलगिरी के पास, थाना सिविल लाइन रामपुर, कोरबा।
विक्रम कश्यप पिता संतोष कश्यप, उम्र 23 वर्ष, निवासी काशीनगर नीलगिरी के पास, थाना सिविल लाइन रामपुर, कोरबा।